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Kaise Hua Tha Operation Sindoor | 2D Animation

20m 29s3,582 字数466 segmentsEnglish

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7 मई 2025 को पहलगाम में धर्म पूछकर 26

0:04

बेगुनाह लोगों की हत्या करने वाले आतंकी

0:07

जब पाकिस्तान की जमीन पर अपने ठिकानों में

0:09

आराम से सो रहे थे तब उन्हें बिल्कुल

0:11

अंदाजा नहीं था कि ये रात उनके लिए आखिरी

0:14

साबित होने वाली है। रात लगभग 1:05 से

0:17

1:30 मिनिट के बीच पाकिस्तान के सियालकोट,

0:21

मुरीद के और बहावलपुर और साथ ही पोके के

0:24

मुजफराबाद, कोटली और भिम्बर में मौजूद

0:27

आतंकी ठिकानों पर एक साथ हमला किया गया।

0:30

लाशकर ए तैबा, जाइश मोहम्मेद और हिजबुल

0:32

मुजाहदीन के कुल नौ ठिकानों पर 24

0:35

मिसाइलें और कई बम गिराए गए। रात के

0:37

सन्नाटे में चारों तरफ धुएं का गुबार फैल

0:40

गया और कुछ ही मिनटों में आतंक के यह सभी

0:42

अड्डे पूरी तरह तबाह [संगीत] हो गए। यह

0:44

कार्यवाही भारत की तरफ से उन आतंकियों और

0:47

उनके हैंडलर्स के खिलाफ थी जो पाकिस्तान

0:49

[संगीत] में छिप कर भारत में मासूम लोगों

0:52

को मारते रहे हैं। इस मिशन को ऑपरेशन

0:54

सिंदूर नाम दिया गया। यह उन मांओं और

0:56

बहनों के दर्द का जवाब था। जिनकी आंखों के

0:59

सामने पहलगाम में उनके परिवार उजाड़ दिए

1:02

गए थे। ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ

1:04

भारत की अब तक की सबसे बड़ी मिलिट्री

1:07

एक्शन माना जा रहा है। पहली बार भारत ने

1:09

इंटरनेशनल बॉर्डर से करीब 100 किलोमीटर

1:12

अंदर जाकर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।

1:15

इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकियों के

1:17

मारे जाने की जानकारी सामने आई। इनमें

1:20

जॉर्ज ए मोहमेद के चीफ मसूद अजहर के

1:23

परिवार के 10 लोग और उसके चार करीबी

1:25

[संगीत] एसोसिएट्स शामिल थे। यह हमला इतना

1:27

जोरदार था कि सैकड़ों बेगुनाह लोगों की

1:30

मौत [संगीत] का जिम्मेदार मसूद अजहर खुद

1:32

टूट गया और यह कहते हुए सुना गया कि काश

1:35

वह भी इस हमले में मारा गया होता। अब सवाल

1:38

यह था कि भारत ने पाकिस्तान के अंदर इतना

1:40

बड़ा ऑपरेशन कैसे किया? इसकी प्लानिंग

1:43

कैसे हुई? और इसके बाद हालात कैसे बदले?

1:46

आतंकी

1:46

[संगीत]

1:46

ठिकाने तबाह होने के बाद पाकिस्तान ने

1:49

घबराकर भारत के सिविलियन एरियाज और

1:52

मिलिट्री साइट्स को नुकसान [संगीत]

1:54

पहुंचाने की कोशिश की। लेकिन वो इसमें

1:56

पूरी तरह नाकाम रहा। इसके जवाब में इंडियन

1:58

आर्म्ड फोर्सेस ने [संगीत] पाकिस्तान के

2:00

11 एयरबेस पर कड़ी कार्रवाई की। इससे

2:03

पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ और उसे पीछे

2:06

हटने पर मजबूर होना पड़ा। पहलगाम हमले को

2:09

अंजाम देने वाले चार आतंकी हमले के बाद

2:12

जंगलों में भाग गए। लेकिन भारत ने साफ कहा

2:14

कि इस हमले के जिम्मेदार लोगों और इसकी

2:17

साजिश रचने वालों को उनकी सोच से भी बड़ी

2:20

सजा दी जाएगी। भारत ने ये भी साफ किया कि

2:22

ये एक बेहद प्रिसाइस और जॉइंट मिलिट्री

2:25

ऑपरेशन था। जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान

2:27

ऑक्युपाइड जम्मू एंड कश्मीर में मौजूद नौ

2:30

बड़े टेरर कैंप्स को निशाना बनाया गया।

2:33

इसका मकसद सिर्फ पहलगाम हमले के विक्टिम्स

2:36

को जस्टिस दिलाना था। हमले के बाद

2:38

पाकिस्तान की ओर से रात के अंधेरे में

2:40

ड्रोंस भेजे गए। लेकिन इंडियन आर्मी ने

2:42

तुरंत एक्शन लेते हुए करीब 50 [संगीत]

2:44

ड्रोंस को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके

2:46

साथ ही देशवासियों को भरोसा दिलाया गया कि

2:49

मातृभूमि पर किसी भी तरह का हमला सफल नहीं

2:51

होने दिया जाएगा| इसी दौरान लाहौर में

2:53

मौजूद पाकिस्तान का एयर डिफेंस रेडर और

2:56

डिफेंस सिस्टम [संगीत] भी इंडियन फोर्सेस

2:58

की कार्यवाही में पूरी तरह न्यूट्रलाइज कर

3:00

दिया गया।

3:07

इस पूरी कहानी की शुरुआत 22 अप्रैल 2025

3:10

से होती है। जब पाकिस्तान के आतंकी संगठन

3:13

लाशकर ई तबा से जुड़े उसके फ्रंट ग्रुप

3:16

टीआरएफ के पांच से छह आतंकियों ने पहलगाम

3:19

की बैसरण घाटी को पूरी तरह दहशत में बदल

3:22

दिया। आतंकियों ने वहां मौजूद लोगों को

3:24

रोका। उनसे उनका धर्म पूछा और जैसे ही

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किसी ने खुद को हिंदू बताया उसे गोली मार

3:30

दी गई। वो यहीं नहीं रुकी। आतंकियों ने

3:34

पुरुषों से उनकी धार्मिक पहचान साबित करने

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के लिए कलमा पढ़ने को कहा। जो लोग कलमा

3:39

नहीं पढ़ पाए उन्हें बेरहमी से मार दिया

3:41

गया। इस तरह सिर्फ धर्म के आधार पर 26

3:44

बेगुनाह पुरुषों की जान ले ली गई। यह

3:47

पाकिस्तान की तरफ से कराया गया कोई पहला

3:49

आतंकी हमला नहीं था। पिछले दो-तीन [संगीत]

3:52

दशकों में पाकिस्तान स्पों्सर्ड टेररिज्म

3:54

के तहत 2001 पार्लियामेंट अटैक, 2611

3:58

मुंबई अटैक, पथंगकोट, उरी और पुलवामा जैसे

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कई बड़े हमले भारत में कराए जा चुके हैं।

4:05

साल 2024 में भी जम्मू कश्मीर के

4:08

सोनमार्ग, गुलम्ग और रियासी में हमले हुए

4:11

थे। लेकिन पहलगाम का हमला इन सबसे अलग था।

4:14

इस बार आतंकियों ने इंसानियत की हर सीमा

4:17

पार कर दी थी। धर्म के आधार पर की गई इन

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हत्याओं ने भारत की सहनशक्ति की हद भी पार

4:23

कर दी। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान ने हमेशा

4:25

की तरह वही पुराना खेल शुरू कर दिया। कभी

4:28

उसने पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों को

4:31

फ्रीडम फाइटर्स बताया तो कभी भारत पर ही

4:34

आरोप लगाने लगा। इस बार भारत सरकार ने

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पाकिस्तान से सिर्फ बयानबाजी करने के बजाय

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ठोस कदम उठाने का फैसला किया। सबसे पहले

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डिप्लोमेटिक लेवल पर ऐसे फैसले लिए गए जो

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पहले कभी नहीं किए गए थे। भारत ने इंडस

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वाटर ट्रीटी [संगीत] को सस्पेंड कर दिया।

4:50

पाकिस्तान की करीब 80% इति योग्य जमीन

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इंडस रिवर और उसकी सहायक नदियों के पानी

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पर निर्भर है जिसे वहां की लाइफ लाइन माना

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जाता है। भारत के पास अब यह अधिकार था कि

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वह इन नदियों के पानी को रोके या बिना

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किसी वार्निंग के एक साथ पानी छोड़े। इससे

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पाकिस्तान को कभी सूखे और कभी बाढ़

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[संगीत] जैसी स्थिति का सामना करना पड़

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सकता है। इसके अलावा अटारी चेक पोस्ट को

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बंद किया गया। एसवीईएस वीजा रद्द किए गए

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और पाकिस्तान के खिलाफ चार और सख्त फैसले

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लिए गए। पाकिस्तान के सेलिब्रिटीज,

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क्रिकेटर, मीडिया हाउस और सरकार से जुड़े

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सोशल मीडिया अकाउंट्स को इंडिया में बैन

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कर दिया गया। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से भी

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सभी पाकिस्तानी फिल्में, शोज़ और सॉन्ग्स

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हटाने का आदेश दिया गया। इस बार भारत साफ

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तौर पर पाकिस्तान के आतंकवाद पर हमेशा के

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लिए फुल स्टॉप लगाना चाहता था। इसलिए एक

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तरफ जहां पाकिस्तान को इंटरनेशनल लेवल पर

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आइसोलेट करने के लिए डिप्लोमेटिक स्टेप्स

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उठाए जा रहे थे। वहीं दूसरी तरफ आतंकियों

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के खिलाफ मिलिटरी ऑपरेशन की प्लानिंग को

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लेकर हाई लेवल मीटिंग्स लगातार चल रही।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही बिहार

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की एक जनसभा में साफ शब्दों में कह चुके

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थे कि इस हमले में शामिल आतंकियों और इसकी

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प्लानिंग करने [संगीत] वालों को उनकी

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कल्पना से भी कहीं बड़ी सजा दी जाएगी।

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2016 में पूरी सर्जिकल स्ट्राइक और 2019

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में बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद

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पाकिस्तान को अच्छी तरह समझ आ चुका था कि

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भारत जरूरत पड़ने [संगीत] पर सैन्य

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कार्यवाही करने से पीछे नहीं हटता। इसी डर

6:16

की वजह से पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान

6:19

को आशंका थी कि इस बार भी भारत [संगीत]

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जवाबी कार्यवाही करेगा। इसी बीच वो एलओसी

6:24

पर लगातार फायरिंग करके माहौल बिगाड़ने की

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कोशिश करने लगा। उसका मकसद साफ था। तनाव

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बढ़ाकर विदेशी ताकतों का ध्यान खींचना

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ताकि न्यूक्लियर वॉर का डर दिखाकर भारत पर

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दबाव बनाया जा सके और उसे किसी कार्यवाही

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से रोका जा सके। लेकिन भारत ने इन चालों

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की परवाह नहीं की। पहलगाम हमले के बाद

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भारत पूरी गंभीरता से आतंकियों के खिलाफ

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एक बड़े ऑपरेशन की तैयारी में जुट चुका

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था। 19 अप्रैल को दिल्ली में एक हाई लेवल

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मीटिंग हुई। इस मीटिंग में प्रधानमंत्री

6:55

नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,

6:58

नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल, चीफ

7:01

ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों

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सेनाओं के प्रमुख मौजूद थे। इस बैठक में

7:07

प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि आतंकवाद

7:10

को खत्म करने के लिए सेनाएं जो जरूरी समझे

7:13

वह कदम उठाएं। उन्हें पूरी छूट दी गई।

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इसके बाद भारतीय सेनाओं ने फैसला किया कि

7:19

पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले

7:22

जम्मू कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर

7:25

एक बड़ी [संगीत] एयर स्ट्राइक की जाएगी।

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मकसद साफ था उन ठिकानों को खत्म करना जहां

7:30

बैठकर भारत पर हमलों की साजिश रची जाती थी

7:33

और जहां आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी।

7:35

इस काम में खुफिया एजेंसियां भी पूरी ताकत

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से जुट गई। रॉ और एनएटीआरओ ने पाकिस्तान

7:40

और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों की रियल

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टाइम जानकारी जुटानी शुरू कर दी। हर

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एजेंसी हर अफसर अपना सबसे अच्छा देने में

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लगा हुआ था। सभी के मन में एक ही बात

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पहलगाम हमले के दोषियों और उनके अड्डों को

7:54

खत्म करना। ऑपरेशन से जुड़ी कोई भी

7:56

जानकारी बाहर ना जाए इसके लिए पूरी

7:57

गोपनीयता बढ़ती जा रही थी। बहुत कम समय

7:59

में रॉ और एनएटीआरओ ने कुल 21 आतंकी

8:02

ठिकानों की पूरी जानकारी इकट्ठा कर ली और

8:05

ये इनपुट्स प्लानिंग टीम को दे दिए गए। इन

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21 में से नौ सबसे अहम और खतरनाक ठिकानों

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को चुना गया। यही वो जगहें थी जहां से

8:13

पुलवामा, 26 नवंबर और पहलगाम जैसे बड़े

8:16

हमलों की साजिश रची गई थी। इन नौ ठिकानों

8:19

पर लगातार नजर रखी जाने लगी। उन्हें पूरी

8:21

तरह सर्िलांस में रखा गया। एनएसए अजीत

8:23

डोभाल ने इन नौ टारगेट्स को फाइनल किया और

8:26

5 [संगीत] मई तक पूरे ऑपरेशन का

8:27

ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया। इसके बाद

8:30

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर

8:32

ऑपरेशन की मंजूरी मांगी। प्रधानमंत्री

8:34

मोदी ने बिना देर किए इन नौ आतंकी ठिकानों

8:37

पर कारवाई की मंजूरी दे दी। पहलगाम में

8:39

आतंकियों [संगीत] ने हिंदू महिलाओं का

8:41

सुहाग उजाड़ा था। उसी दर्द और उसी इंसाफ

8:43

की भावना से इस मिशन का नाम रखा गया

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