LangGraph Core Concepts | Agentic AI using LangGraph | Video 4 | CampusX
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हाय गाइस, माय नेम इज नितेश एंड यू आर
वेलकम टू माय YouTube चैनल। इस वीडियो में
भी हम लोग अपना एजेंटिक एआई यूजिंग लंग
ग्राफ प्लेलिस्ट कंटिन्यू करेंगे। आज का
वीडियो इस प्लेलिस्ट का फोर्थ वीडियो है।
अगर आपको याद होगा तो पिछले वीडियो में
हमने एक बहुत डिटेल्ड कंपैरिजन किया था
बिटवीन लैंग चेन एंड लैंग ग्राफ। जहां पे
मैंने आपको थोड़ा बहुत इंट्रोडक्शन भी
दिया था कि लैंग्राफ होता क्या है? और
उसकी कोर कैपेबिलिटीज़ क्या है? और कब आपको
लैंग चेन के साथ काम करना चाहिए और कब
आपको लैंग ग्राफ के साथ काम करना चाहिए।
अब आज का वीडियो विल बी टोटली डेडिकेटेड
टुवर्ड्स लैंग ग्राफ। आज के वीडियो में
मैं क्या करने वाला हूं कि मैं आपको लैंग
ग्राफ में जो कुछ कोर कांसेप्ट्स हैं जो
आपको हर जगह देखने को मिलते हैं उनके बारे
में मैं आपको एक डिटेल्ड डिस्कशन करके
दूंगा। एंड ट्रस्ट मी आज का वीडियो पूरा
देखने पर फायदा यह होगा कि गोइंग फॉरवर्ड
नेक्स्ट वीडियो ऑनवर्ड्स जब हम
प्रैक्टिकली वर्क फ्लोस बनाएंगे यूजिंग
लंग्राफ तो आपको बहुत सारे कांसेप्ट्स
पहले से पता होंगे एंड यू विल फील एट होम
आप बहुत आसानी से सारे कांसेप्ट्स कंज्यूम
कर पाओगे और प्रैक्टिकली उसको कोड में
कन्वर्ट कर पाओगे। सो प्लीज मेक श्योर आप
ये वीडियो एंड तक देखो एंड इफ पॉसिबल
नोट्स बनाओ। ठीक है? और नाउ लेट्स स्टार्ट
द वीडियो। सो लंग ग्राफ के कोर कांसेप्ट्स
डिस्कस करने के पहले आई फील एक बार आपको
मैं क्विक रिवीजन दे देता हूं कि लैंग
ग्राफ होता क्या है? अगर आपको लास्ट
वीडियो याद होगा तो मैंने वहां पे आपको
लैंग चेन और लैंग ग्राफ के बीच में एक
बहुत डिटेल्ड कंपैरिजन करके दिया था। और
उसी प्रोसेस में मैंने आपको ये भी समझाया
था कि लैंग्राफ होता क्या है और उसके कोर
फीचर्स क्या हैं। तो उसी सारी चीज को एक
बार हम लोग समराइज कर लेते हैं स्टार्ट
करने के पहले। ठीक है? तो एकदम सिंपल
शब्दों में अगर बोला जाए तो लैंग ग्राफ इज
नथिंग बट एन ऑर्केस्ट्रेशन फ्रेमवर्क।
क्या मतलब हुआ इसका? इसका मतलब ये हुआ कि
अगर आप लैंग ग्राफ को एक एलएलएम वर्क फ्लो
देते हो एग्जीक्यूट करने के लिए तो लैंग
ग्राफ सबसे पहले उस वर्क फ्लो को एक ग्राफ
के फॉर्म में रिप्रेजेंट करने की कोशिश
करता है। समथिंग लाइक दिस। अब इस ग्राफ की
सबसे बड़ी खासियत क्या है? कि इस ग्राफ का
हर नोड आपके वर्क फ्लो का एक टास्क होता
है। ठीक है? अब एलएलएम वर्क फ्ल्लोस में
बहुत तरह के टास्क हो सकते हैं। एक टास्क
हो सकता है एलएलएम को कॉल करना। सेकंड
टास्क हो सकता है किसी टूल को कॉल करना।
थर्ड टास्क हो सकता है डिसीजन मेकिंग
करना। तो बेसिकली लैंग ग्राफ ने यहां पे
क्या किया? उसने आपके वर्क फ्लो को समझा
और फिर उस वर्क फ्लो को उसने एक ग्राफ का
फॉर्म दे दिया और ये ग्राफ कंस्ट्रक्ट इस
तरीके से किया गया है कि हर नोड आपके पूरे
वर्क फ्लो का एक सबटास्क है। और अच्छी चीज
क्या है कि ये सारे के सारे नड्स आपस में
एजेस के थ्रू कनेक्टेड है। और यह एजेस
हमें बताते हैं कि एक पर्टिकुलर नोड या
टास्क को एग्जीक्यूट करने के बाद नेक्स्ट
कौन सा टास्क एग्जीक्यूट होना चाहिए। ठीक
है? तो इन शॉर्ट लैंग्राफ क्या कर रहा है?
आपको एक फीचर प्रोवाइड कर रहा है जिसकी
हेल्प से आप किसी भी एलएलएम वर्क फ्लो को
एक फ्लो चार्ट के फॉर्म में पहले तो
रिप्रेजेंट कर सकते हो और फिर एग्जीक्यूट
भी कर सकते हो।
ठीक है? सो, जैसे ही आपने एक बार यह ग्राफ
बना लिया, उसके बाद आपको क्या करना है?
इसके फर्स्ट नोड को आपको बस इनपुट
प्रोवाइड करना है और इस वर्क फ्लो को इस
ग्राफ को ट्रिगर कर देना है। ऑटोमेटिकली
क्या होता जाएगा? सारे के सारे नोट्स अपने
सही ऑर्डर में एग्जीक्यूट होते चले जाएंगे
और आपका वर्क फ्लो कंप्लीट हो जाएगा। ठीक
है? यहां पर एग्जैक्टली यही बात लिखी है
कि लैंग ग्राफ इज़ एन ऑर्केस्ट्रेशन
फ्रेमवर्क फॉर बिल्डिंग इंटेलिजेंट,
स्टेटफुल एंड मल्टीस्टेप एलएलएम वर्क
फ्लोस। ठीक है? अब सिर्फ ग्राफ बनाने तक
ही लैंग्राफ रिस्ट्रिक्टेड नहीं है। ये
आपको एडिशनल फीचर्स भी देता है। जैसे यहां
पर अगर आप चाहो तो पैरेलल अ टास्क
एग्जीक्यूट कर सकते हो। जैसे कि यहां पे
आपको दिखाई दे रहा है कि एक नोड के बाद
नेक्स्ट दो नड्स साथ में एग्जीक्यूट
होंगे। आप चाहो तो लूप्स का कांसेप्ट
इंप्लीमेंट कर सकते हो। इस नोड के बाद
वापस आप पीछे वाली नोड पे आ सकते हो। और
ये काम आप साइकिल्स में कर सकते हो। आप
ब्रांचिंग भी कर सकते हो। इस नोड के बाद
किसी कंडीशन पे या तो ये नोड एग्जीक्यूट
होगा या तो ये नोड एग्जीक्यूट होगा। साथ
ही साथ आपको मेमोरी का फीचर मिलता है कि
जो भी यहां पर टास्क एग्जीक्यूट हो रहे
हैं, जो भी कन्वर्सेशन हो रहा है, वो सब
आप रिकॉर्ड कर सकते हो। और यहां पे आपको
रिज्यूमबिलिटी का भी फीचर मिल रहा है कि
कल को कहीं पे किसी एक टास्क में आपका यह
पूरा वर्क फ्लो अगर ब्रेकडाउन कर गया तो
आप वापस उसी पॉइंट से रिज्यूम भी कर सकते
हो। तो ये सारे कोर फीचर्स मिला के आप ऐसा
बोल सकते हो कि लैंग्राफ इज एन आइडियल
कैंडिडेट फॉर बिल्डिंग एजेंटिक एंड
प्रोडक्शन ग्रेड एआई एप्लीकेशनेशंस। ठीक
है? तो यही हमने लास्ट वीडियो में डिस्कस
किया था। अगर आपने लास्ट वीडियो नहीं देखा
है। आई वुड रिकमेंड कि आप प्लीज एक बार
जाके वो वीडियो देखो। बिकॉज़ वहां पर हमने
एक रियल वर्ल्ड यूज़ केस की हेल्प से यह
समझने की कोशिश की थी कि लंग ग्राफ की
जरूरत क्यों है और मैंने वहां पे आपको
सेवन कोर फीचर्स बताए थे लैंग ग्राफ के।
तो वो सब कुछ दोबारा से कवर करना पॉसिबल
नहीं है। बट अगर आप वो वीडियो देखोगे तो
आपको सब कुछ क्लियर हो जाएगा। सो नाउ दैट
यू नो यू अंडरस्टैंड व्हाट लंग ग्राफ इज़।
अब हम क्या करेंगे कि एक-एक करके लैंग
ग्राफ के कुछ कोर कांसेप्ट्स स्टडी
करेंगे। जिनको स्टडी करने के बाद आप किसी
भी तरह का वर्क फ्लो लिख पाओगे। सो गाइस
सबसे पहला जो कांसेप्ट हम डिस्कस करने
वाले हैं वो है एलएलएम वर्क फ्लोस का।
अब थोड़ी देर पहले मैंने आपको लैंग ग्राफ
को डिफाइन करने के प्रोसेस में यही बताया
था कि लैंग ग्राफ इज़ एन ऑर्केस्ट्रेशन
फ्रेमवर्क जिसकी हेल्प से आप किसी भी तरह
का एलएलएम वर्क फ्लो बना लेते हो। राइट?
तो मुझे लगता है एक बार थोड़ा सा इस
पर्टिकुलर टर्म के ऊपर फोकस करते हैं कि
एलएलएम वर्क फ्ल्लोस एग्जैक्टली होते क्या
हैं? ठीक है? सबसे पहले बात करते हैं वर्क
फ्लोस की।
वर्क फ्लो क्या होता है? सो वर्क फ्लो को
आप डिफाइन कर सकते हो एज अ सीरीज ऑफ टास्क
जो आप एग्जीक्यूट करते हो इन ऑर्डर टू
अचीव अ गोल।
राइट? फॉर एग्जांपल हमने लास्ट वीडियो में
जो ऑटोमेटेड हायरिंग वाला एग्जांपल देखा
था। वहां पर हमें एक बंदे को हायर करने के
लिए कुछ सीरीज ऑफ स्टेप्स एग्जीक्यूट करने
थे। सबसे पहले जेडी बनानी थी। फिर उसको
पोस्ट करना था। फिर शॉर्टलिस्टिंग करना
था। फिर इंटरव्यू करना था। फिर ऑनबोर्डिंग
करनी थी। तो जब ये पूरा सीरीज ऑफ़ स्टेप्स
आपने एग्जीक्यूट किया इन द राइट ऑर्डर तभी
जाकर के आपका पूरा हायरिंग का वर्क फ्लो
एग्जीक्यूट हुआ। राइट? तो सिंपल शब्दों
में वर्क फ्लो को आप सीरीज ऑफ टास्क मान
सकते हो जिसको सही ऑर्डर में एग्जीक्यूट
करके आप एक गोल अचीव करते हो। यही होता है
वर्क फ्लो। अब एलएलएम वर्क फ्लो क्या होता
है? एलएलएम वर्क फ्लो एक ऐसा वर्क फ्लो
होता है जहां पे आपके पूरे सीरीज ऑफ टास्क
में बहुत सारे टास्क ऐसे होते हैं जो
एलएलएम्स के ऊपर डिपेंड करते हैं। जैसे
हमारा ऑटोमेटेड हायरिंग वाला जो एग्जांपल
था वो एक एलएलएम वर्क फ्लो था। व्हाई?
बिकॉज़ उसमें मल्टीपल टास्क ऐसे थे जहां पर
आपको एलएलएम की जरूरत पड़ेगी। जैसे कि जेडी
को लिखने के प्रोसेस में आपको एलएलएम की
जरूरत पड़ेगी। हो सकता है शॉर्टलिस्टिंग
करने के प्रोसेस में आपको एलएलएम की जरूरत
पड़े। हो सकता है इंटरव्यूज कंडक्ट करने के
प्रोसेस में आपको एलएलएम्स को यूज़ करना
पड़े। तो इन शॉर्ट कोई भी वर्क फ्लो अगर
अपने एग्जीक्यूशन के स्टेट में एलएलएम्स
को यूज़ करता है तो फिर हम उसको एलएलएम
वर्क फ्लो बुलाते हैं। ठीक है? यहां पे
देखो मैंने चीजें लिख रखी हैं। आप गो थ्रू
कर सकते हो। एलएलएम वर्क फ्ल्लोस आर स्टेप
बाय स्टेप प्रोसेस यूजिंग व्हिच वी कैन
बिल्ड कॉम्प्लेक्स एलएलएम एप्लीकेशनेशंस।
ईच स्टेप इन अ वर्क फ्लो परफॉर्म्स अ
डिस्टिंक्ट टास्क सच एज प्र्प्टिंग,
रीजनिंग, टूल कॉलिंग, मेमोरी एक्सेस और
डिसीजन मेकिंग। ठीक है? और वर्क फ्ल्लोस
कैन बी लीनियर, पैरेलल, ब्रांच और लूप्ड।
अलाउंग फॉर कॉम्प्लेक्स बिहेवियर्स लाइक
रिटाइज मल्टी एजेंट कम्युनिकेशन और टूल
ऑर्गुममेंटेड रीजनिंग। ठीक है? तो आई
रियली होप आपको थोड़ा आईडिया लग गया कि
एलएलएम वर्क फ्ल्लोस क्या होते हैं। अब
ऑनेस्टली
हर एप्लीकेशन का अपना खुद का वर्क फ्लो
होगा। राइट? आपका ऑटोमेटेड हायरिंग का अलग
वर्क फ्लो होगा। कॉल सेंटर को ऑटोमेट करने
जाओगे उसका अलग वर्क फ्ल्लो होगा। तो वर्क
फ्लोस हमेशा अलग-अलग ही होते हैं। बट देयर
आर सर्टेन वर्क फ्लोस जो आपको अलग-अलग
जगहों पे देखने को मिलेंगे। व्हिच आर
काइंड ऑफ कॉमन वर्क फ्लोस। तो मैं आपको
कुछ कॉमन वर्क फ्ल्लोस बताता हूं जो आपको