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Three PVC winners

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0:01

यह मेडल यह पदक देखने में छूटा लेकिन

0:06

मैदान जंग में बहादुरी का सबसे बड़ा इनाम

0:08

माना गया है। यही परमवीर चक्र है। इसे वही

0:13

हासिल करता है जो देश की रक्षा में जान की

0:15

बाजी लगाकर अपनी बहादुरी का जौहर दिखाए।

0:18

नामुमकिन को मुमकिन साबित कर दे।

0:26

वन डे आई विल किल डेथ। इफ डेथ कम्स बिफोर

0:31

मी तो उनको मौत वगैरह से डर नहीं लगता था।

0:36

वही अग्रेसिव स्पिरिट वही नेवर से डाई

0:39

एटीट्यूड जो हम एक परफेक्ट आर्मी मैन में

0:43

देखना चाहते हैं।

0:46

अगर खुद को साबित करने से पहले मुझे मौत आ

0:49

गई

0:51

कसम से मैं मौत को मार डालूंगा। जय मां

0:55

काली

1:06

जब उनका एनडीए में इंटरव्यू हुआ तो उनसे

1:08

ये पूछा गया था कि व्हाई डू यू वांट टू

1:10

जॉइन द आर्म फोर्स तो उन्होंने स्ट्रेट

1:12

फॉरवर्डली ये बात कही थी कि आई वांट टू

1:14

गेट द परमवीर चक्र

1:28

वो हम खुद खत्म कर देंगे और सीओ साहब को

1:30

हम अपना विक्ट्री साइन बता देंगे कि हमने

1:33

खत्म कर दिया और टास्क कंप्लीट हो गई है।

1:36

लेकिन उस यंग लड़के का देखो कितना तगड़ा

1:39

सेंस ऑफ रिस्पांसिबिलिटी था। उसने सबको

1:42

बताया कि नहीं कमांडिंग ऑफिसर साहब ने

1:44

मुझे जो है ड्यूटी सौंपा है कि इसको खत्म

1:47

करना है और उस जवान ऑफिसर ने विदाउट

1:51

हेजिटेशन

1:53

क्रॉल क्रॉल करके नजदीक बंकर की तरफ बढ़ने

1:56

लगा।

2:03

हमने कहा कि तुम अफसर हो जब लड़ाई कहीं

2:06

कुछ होगा तो तुम पीछे रहना अपने जवानों को

2:10

आगे भेजना। तो कहने लगे मम्मी जहां पर

2:13

जैसे हम और आप होंगे तो जहां कोई मुसीबत

2:17

होगी तो आप आगे जाओगी कि हमको आगे कर दोगी

2:20

तो हमने कहा नहीं हम जाएंगे तो कहे वो

2:22

जवान जो मेरे बच्चे की तरह हैं और जब

2:24

लड़ाई होगी तो हम आगे रहेंगे अपने बच्चों

2:27

को आगे क्यों भेजेंगे तब मेरी समझ में आया

2:29

इनको देशभक्ति के लिए और अपने जूनियर के

2:32

लिए कितना प्रेम है

2:45

जिस बेटे के कंधे पर पिता की अस्थियां

2:47

जानी चाहिए उस पिता के कंधे पर बेटे की

2:51

अस्थियां गई है।

2:54

दुख का कोई सीमा नहीं है दोनों के हमारे

2:58

लेकिन साथ-साथ में गर्व भी है कि हमारे

3:01

बेटे ने बहुत चंद समय में इतिहास में अपना

3:05

नाम अंकित करके और समाज की सेवा करी और

3:10

देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का

3:13

उद्धरण कर लिया।

3:34

भारतीय सशस्त्र बलों का इतिहास वीरता के

3:38

अनगिनत कारनामों से भरा पड़ा है। आज हम

3:41

प्रस्तुत हैं इस गौरवशाली इतिहास से

3:45

भारतीय वायु सेना का एक ऐसा अध्याय लेकर

3:49

जो त्याग, शौर्य और सर्वस्व समर्पण की

3:53

महान भावना से ओतप्रूत है। यह कहानी है

3:58

मां भारती के उस वीर सपूत की जिसने 1971

4:02

के हवाई युद्ध में अकेले ही दुश्मन के छह

4:06

सेबर जेट्स का डटकर सामना कर अदम्य साहस

4:10

का परिचय दिया। यह गाथा है भारतीय

4:14

वायुसेना के इकलौते परमवीर चक्र सम्मानित

4:18

फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह से की।

4:30

लुधियाना के छोटे से गांव इससेवाल में

4:33

जन्मे निर्मलजीत बचपन से ही विमान और वायु

4:37

सेना के जीवन से प्रभावित थे और वायु सेना

4:41

में जाने की चाहत रखते थे।

4:45

अपने अडिग और अथक प्रयास के साथ उन्होंने

4:49

इस जुनून और चाहत को सच्चाई में बदल दिया।

4:52

इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में ही छोड़

4:56

अपने सपनों को पंख देकर आसमान में उड़ान

5:00

भरने की तैयारी शुरू कर दी।

5:03

तकरीबन डेढ़ साल उन्होंने इंजीनियरिंग दे

5:05

वि लगाया सी उस पिछो उन्होंनेु सी कि नहीं

5:09

मैं डिफेंस जॉइ करनी है उस टाइम ते नहीं

5:14

सी पता कि एयरफोर्स करनी है या आर्मी करनी

5:16

है पर वो एयरफोर्स लिए उन्होंने अप्लाई उे

5:19

उन्होंने सिलेक्शन हो गई 64 दे वि

5:22

उन्होंने इंजीनियरिंग छडी छन तो पिछो

5:24

उन्होंने एयरफोर्स जॉइ कीती तीन साल दी

5:27

ट्रेनिंग तो पिछो 4 जून 1967 दे उन्होंने

5:31

कमीशन होया कि कमीशन हो तो पीछे फर्स्ट

5:34

पोस्टिंग वाज़ इन अंबाला इन 18 स्क्वाडन।

5:37

वो कहते हैं ना कि पूत के पांव पालने में

5:41

ही नजर आ जाते हैं। कुछ इसी तरह फ्लाइंग

5:44

ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों के हृदय में

5:47

बचपन से ही देश सेवा की भावना प्रबल थी।

5:52

एक चाहत थी कि देश के लिए कुछ कर गुजर

5:56

जाऊं। फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखो

5:59

श्रीनगर स्थित एक नेट टुकड़ी के पायलट थे।

6:04

तो एंड ऑफ नवंबर घर आए थे। घर आए तो ही

6:07

वास वेरी एक्साइटेड कि मैंने इस बार कुछ

6:10

करना है। मैंने कुछ करना है। तो हमने भी

6:13

बहुत समझाया कि नहीं अपना देखना। कहते

6:15

नहीं इस बार तो मतलब हद हो गई। कुछ ना कुछ

6:18

करके दिखाना है।

6:20

पाकिस्तानी वायु सेना के हमलों से कश्मीर

6:23

घाटी की रक्षा का दायित्व सेखों और उनके

6:27

साथी बीएस घुमन के कंधों पर था। खतरा बहुत

6:32

था। पर सेखों का जज्बा और साहस कौन सा कम

6:36

था। लगता यूं था कि शायद जैसे उन्हें डर

6:40

और खौफ जैसी भावनाओं का ज्ञात ही नहीं था।

6:46

14 दिसंबर सुबह 8:02 पर पाकिस्तान वायु

6:51

सेना बेस पेशावर से 26 स्क्वाडन के छह

6:55

पाकिस्तानी F86 जेट विमानों ने श्रीनगर

6:59

एयरफील्ड पर हमला बोल दिया। फ्लाइंग ऑफिसर

7:03

सेखो उस समय रेडिनेस ड्यूटी पर थे। जिस

7:06

बीच दुश्मन ने एयर फील्ड पर बमबारी शुरू

7:09

कर दी। हर तरफ बम गिर रहे थे। खतरा काफी

7:12

था। पहला विमान हमला अपनी आंखों के सामने

7:16

होते देख निर्मल और उनके साथी घुमन

7:19

अपने-अपने नेट एयरक्राफ्ट की ओर बढ़े।

7:21

हमले के दौरान उड़ान भरने में जान का

7:24

जोखिम तो था ही पर इसके बावजूद दोनों

7:28

उड़ान भरने के लिए पूरी तरह से तैयार थे।

7:31

दो नेट जहाजों की फॉर्मेशन में नंबर टू के

7:34

रूप में फ्लाइंग ऑफिसर सेखो तुरंत उड़ान

7:37

नहीं भर सके क्योंकि पहले जहाज की धूल अभी

7:41

भी काफी थी। घातक परिस्थितियों को देख

7:45

फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखो ने

7:47

फैसला किया और समय ना गवाते हुए रनवे बिना

7:51

क्लियर हुए ही उड़ान भर ली पर शायद देर हो

7:56

चुकी थी। दुश्मन के छह विमान हमले के लिए

7:59

आगे बढ़ चुके थे। 18 स्क्वाडन यानि

8:02

फ्लाइंग बुलेट्स के इस शेर ने निडरता के

8:05

साथ अपने विमान को रफ्तार दी और हवाई हमले

8:08

के नापाक मंसूबों को नाकाम करने की तैयारी

8:12

में लग गए। उड़ान भरते ही जांबाज से ने

8:16

दुश्मन के सेबर हमले का मुंहतोड़ जवाब

8:19

देते हुए एक एयरक्राफ्ट को निशाना बना

8:22

लिया और दूसरे को आग के हवाले कर दिया। अब

8:26

एक का मुकाबला चार से था। घिरे होने के

8:30

बावजूद फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह

8:33

सेखों ने चारों को उलझाए रखा। दुश्मन

8:36

बार-बार सेखों के विमान को निशाना बनाने

8:39

में चूक रहे थे। पर सेखों दुश्मन को

8:43

खदेड़ने में पीछे नहीं हटे। लगता था जैसे

8:47

सेखों ने ठान ही लिया है कि दुश्मन के

8:50

खेमे को धराशाई किए बिना वो वापस तो नहीं

8:54

जाने वाले थे।

8:56

अपनी आखिरी सांस तक लड़ने वाले वीज योद्धा

8:59

ने साथी घुमन को आखिरी संदेश में कहा था

9:04

शायद मेरे विमान में भी निशाना लग गया है।

9:08

श्रीनगर एयर फील्ड के इस घातक हवाई युद्ध

9:12

में फ्लाइंग ऑफिसर सेखों का विमान

9:15

दुर्घटनाग्रस्त हो गया और वे वीरगति को

9:19

प्राप्त हुए। भारतीय वायुसेना की परंपरा

9:22

को कायम रखते हुए फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत

9:26

सिंह सेखो ने अनुकरणीय साहस और दृढ़

9:30

संकल्प का प्रदर्शन किया। अकेले दुश्मन के

9:34

छह सेबर जेट के खिलाफ उनकी बहादुरी और

9:38

कौशल के कारण उन्हें भारत के सर्वोच्च

9:41

बहादुरी पदक परमवीर चक्र से नवाजा गया।

9:46

आसमान पर स्वर्ण अक्षरों से नाम सजाए। आज

9:51

50 साल बाद भी फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत

9:55

सिंह सेखों भारतीय वायुसेना के इकलौते

9:58

परमवीर चक्र से सम्मानित योद्धा हैं। सच

10:03

ही कहा गया है। वीर कभी मरा नहीं करते। वे

10:06

तो सदा जिंदा रहते हैं।

10:17

नो सर यू नो माय गद इज स्टिल फायरिंग एंड

10:20

आई कैन नॉट बेल आउट

10:27

द पार्टिंग वर्ड्स वरेड कि बेटा यू नो

10:30

शेरों जैसे लड़के आना

10:35

1971

10:37

एक नए देश का जन्म हुआ

10:40

उस देश की गुहार हार सुन भारत आगे आया उस

10:44

देश को आजादी दिलाने।

10:47

कुछ पराक्रमी महावीरों ने भारत को दिलाई

10:50

उसकी सबसे बड़ी जीत।

10:54

एक बार फिर पलटे इतिहास के वो पन्ने और

10:57

याद करें उस पराक्रमी शूरवीर को जिसने

11:01

इतिहास रच हमारे आज के युवाओं के लिए

11:04

प्रेरणा और प्रोत्साहन प्रदान किया।

11:08

श्री अरुण क्षेत्रपाल

11:18

अरुण वाज़ अ जेंटलमैन ही इज़ वै सॉफ्ट

11:21

स्पोकन

11:24

बट ही वाज़ यू नो ही हैड नर्व्स ऑफ स्टील

11:29

इफ ही डिटरमिन टू डू समथिंग देन नथिंग कुड

11:32

स्टॉप

11:35

अरुण फौज जॉइ करना चाहते थे मतलब रात को

11:41

अगर मेरे पिताजी की वर्दी तैयार होती तो

11:45

वो ड्यूटी पे जब उनकी वर्दी पड़ी होती थी

11:48

और कहीं इत्तेफाक से अगर मेरे फादर को

11:51

कहीं शाम को कहीं बाहर थाने पे जाना

11:53

पड़ता। सो बोथ अरुण एंड आई वुड वेयर दैट

11:56

वर्दी।

11:58

जब ये आईआईटी का रिजल्ट आया अरुण को मतलब

12:02

वहां पे आईआईटी जाने का मौका मिला। पर

12:04

अरुण का दिल नहीं था आईआईटी जाने का। पर

12:07

साथ-साथ में हिम्मत भी नहीं थी कि पिताजी

12:09

से बोल दे कि भाई हम आईआईटी नहीं जाना

12:11

चाहते क्योंकि हमने कहा यार आईआईटी आ गए

12:12

बहुत बढ़िया आईआईटी दो यू नो वेरी गुड

12:15

इंस्टट्यूट

12:18

तो फिर अरुण ने मेरी मदर को मतलब जो है

12:21

कहा कि मम्मा आप पापा को बोलो कि मेरे को

12:23

मतलब जो है इंजीनियर नहीं बनना।

12:27

तो एक दिन डाइनिंग टेबल पे मेरी मदर ने

12:30

हिम्मत करके मेरे फादर से बोला कि

12:34

मदन माय फादर्स फर्स्ट नेम वाज़ मदन कि ये

12:38

अरुण कह रहा है कि इसको आईआईटी नहीं जाना।

12:40

तो फिर मेरे फादर ने अरुण की तरफ देखा कि

12:43

क्यों आप क्या बोल रहे हो? आईआईटी नहीं

12:46

जाओगे।

12:48

तो फिर अरुण ने अपनी धीमी सी आवाज में कहा

12:51

कि नहीं पापा मैं आपके जैसे फौज में जाना

12:55

चाहती हूं। रोज मतलब रो नहीं पापा मुझे

12:58

आर्मी जॉइ करना है। तो फाइनली वन डे माय

13:01

फादर रिलेंटेड एंड टोल्ड अरुण कि अच्छा

13:04

बेटा जो आप करना चाहे यू नो इट इज योर

13:07

डिसजन। आई विल नॉट एंड अरुण वास वै

13:10

हैप्पी। सो ही सेड कि मुझे आईआईटी नहीं

13:13

मतलब जाना है और मैं अब एनडीए जा रहा हूं।

13:21

ही वेंट टू एनडीए ही डीड वेल ही वेंट टू

13:25

आईएमए ही डीड वेल अगेन एंड देन ही वेंट

13:28

एंड जॉइ अ रेजिममेंट व्हिच इज़ यू नो स्टीप

13:31

विथ हिस्ट्री ऑफ़ वेलर

13:39

तो ये वयोस कोस को बीच में ही स्थगित करके

13:43

इनको ऑल द यंग हाउस को ये कहा कि आप लोग

13:47

सब अपने यूनिट पे मतलब वन रिपोर्ट बैक टू

13:50

योर एचटी

13:52

एंड माय फादर सेड दैट आई हैव बीन टू वॉर

13:55

सेल टाइम्स सो हियर इज योर ओपोरर्चुनिटी

13:58

यू आर गोइंग टू बैटल यू नो एंड आई एम

14:00

क्वाइट श्योर दैट यू विल यू नो डिस्चार्ज

14:03

योरसेल्फ ऑनरेबली

14:07

माय मदर वास आल्सो यू नो ऑन द वे टू द

14:10

स्टेशन यू नो दी पार्टिंग वर्ड्स वरेड कि

14:13

बेटा यू नो शेरों जैसे लड़के आना।

14:19

विथ हिज़ थ्री टैंक्स वाज़ लेफ्ट फेसिंग आई

14:22

हैव टोल्ड यू नो सम एट टैंक्स ऑफ यू नो 13

14:26

लंसेस।

14:29

एंड अ फियर्स बैटल टूक प्लेस। यू नो दिस

14:32

टैंक्स ऑफ़ अरुण हिट दी पाकिस्तानी यामा।

14:36

टिल इवेंचुअली

14:38

अरुण टू टैंक्स वर आल्सो हिट एंड अरुणस

14:41

टैंक वाज़ आल्सो ऑन फायर। नाउ आई एम टोल्ड

14:43

दैट यू नो इफ अ टैंक इज ऑन फायर इट्स कैन

14:46

बी वैरी डेंजरस बिकॉज़ इट्स गॉट हाई ओके

14:48

फ्यूल इट गोट आर्म यू नो शेल्स इनसाइड एंड

14:52

द हीट कैन कैन एक्चुअली बर्स्ट द शेल्स ऑर

14:55

यू नो बर्न द वन अ द कॅप्टन यू नो कैप्टन

14:59

मल्होत्रा हुस् डन वाज़ नॉट फायरिंग यूज़ ऑफ़

15:02

द बैग ही टोल्ड अरुण अरुण योर टैंक इज़ ऑन

15:05

फायर यू नो व्हाई डोंट यू यू नो बेल आउट

15:09

एंड टोल्ड अरुण सेड दैट नो सर

15:12

यू नो माय गद इज स्टिल फायरिंग एंड आई कैन

15:15

नॉट बेल आउट। ह ड्राइवर टोल्ड अरुण कि

15:20

साहब थोड़ा सा टैंक को पीछे ले लो। आग बुझा

15:23

लेते हैं फिर आ जाएंगे। एंड अरुण सेड नो

15:26

वी विल नॉट मूव 1 इंच बैक। बिकॉज़ सीओ साहब

15:30

का आर्डर है कि हम 1 इंच भी पीछे नहीं

15:33

मिलेंगे। नाउ यू नो इन दैट प्रोसेस ही

15:37

आल्सो स्विच्ड ऑफ द इंटरकॉन। देयर वास नो

15:40

कम्युनिकेशन एंड दिस बैटल हैपेंड यू नो सो

15:44

दे हिट यू नो हिज़ अदर टैंक्स हेड गॉट हिट

15:47

देन देयर वर थ्री फोर टैंक्स देन हिज टैंक

15:49

हिट टू थ्री मोर बट इवेंचुअली देयर वाज़ यू

15:51

नो दी एनिमी कमांडर्स टैंक एंड हिज के

15:55

टैंक केम विद इन 100 टू ईच अदर

15:58

100 यर्स इज़ नथिंग यू नो फॉर अ टैंक बैटल

16:02

दे वर फेस टू फेस एंड दे फायर्ड इट इच अदर

16:06

किस की रात को यू नो अह हमें फिर यू नो एक

16:11

ये टेलीग्राम

16:15

एंड दिस इज द टेलीग्राम इज स्टिल विद यू

16:18

ओके इट्स हियर

16:22

डीपली रिग्रेट टू इनफॉर्म यू योर सन आईसी

16:26

25067

16:27

सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण केवाल रिपोर्टेड

16:30

किल्ड इन एक्शन 16 दिसंबर प्लीज एक्सेप्ट

16:35

सिंसियर कंडुलेंसेस

16:39

सो ऑन द मॉर्निंग

16:43

व्हेन माय मदर एट 8 ओ क्लॉक इन द मॉर्निंग

16:46

समबडी प्रेस द बेल

16:49

एंड माय मदर वेंट टू द बेल एंड डाकिया था

16:55

यू नो एंड ही हैंडेड दिस टेलीग्राम टू हर

17:02

ऑफ कोर्स माय

17:05

माय मदर यू नो क्राइड इन पेन एंड शी

17:09

कोलप्स्स

17:11

नो शी

17:14

व्हेन वी हर्ड हर क्राई माय फादर एंड आई

17:18

रश्ड आउट एंड

17:21

वी सॉ दिस

17:27

एंड दैट इज हाउ वी केम टू नो दैट अरुण

17:36

ही डिड एट द एज ऑफ़ 21.

17:39

ही वाज़ द यंगेस्ट यू नो पीबीसी विनर ऑफ़ यू

17:43

नो दैट्स एवर हैपन।

17:46

व्हेनएवर आई मीट एनीबडी फ्रॉम द आर्म्ड

17:48

फोर्सेस टुडे एंड आई एम सेइंग यू नो आई

17:50

टेल देम आई मुकेश केतपाल एंड अरुण यंगर

17:54

ब्रदर।

17:56

पीपल वांट टू शेक माय हैंड अगेन।

18:00

लिसन दिस हैपन 50 इयर्स इट्स नॉट यस्टरडे।

18:06

एंड येट पीपल रिमेंबर हिम टुडे

18:10

आई थिंक दैट्स ग्रेट बिकॉज़ व्हाट नॉट

18:13

बिकॉज़ अरुण वास अरुण बट आई थिंक देयर आर

18:15

सो मेनी अरुण्स हियर

18:18

एंड दे कैन ऑल दे शुड ऑल टेक इन यू कैन बी

18:21

एन अरुण नॉट नेसेसरी बाय गोइंग टू बैटल बट

18:24

यू कैन कंट्रीब्यूट टू द सोसाइटी दैट यू

18:26

लिव इन व्हाटएवर प्रोफेशन यू आर डूइंग बी

18:29

एन अरुण पुट योर नेम सो दैट इट्स कार्ड

18:33

एंड स्टोन

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