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Employee Relations and Labour Laws Unit 4, Employee Relations and Labour Laws mba 3rd sem, aktu mba

1h 5m 24s14,244 words1,843 segmentsHindi

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0:00

द कॉन्ट्रैक्ट लेबर रेगुलेशन एंड

0:02

एवोल्यूशन एक्ट 1970 आपने देखा होगा बहुत

0:05

सारे ऑर्गेनाइजेशन में क्या होता है कि

0:07

वहां पर कोई उनको काम कंप्लीट करवाना होता

0:09

है तो उसके लिए वो जो है कॉन्ट्रैक्टर को

0:11

ढूंढते हैं और उन कॉन्ट्रैक्टर के जरिए वो

0:13

अपना काम कराते हैं। जैसे आप सपोज कि

0:15

गवर्नमेंट को रोड जो है बनवाना होता है।

0:17

डिफरेंट-डिफरेंट नेशनल हाईवेज या फिर

0:18

स्टेट हाईवेज जो है स्टेट गवर्नमेंट को

0:20

बनवाना होता है। तो उसके लिए वो क्या करते

0:21

हैं? कॉन्ट्रैक्टर को जो है रोड बनाने की

0:23

जिम्मेदारी दे देते हैं और वह

0:24

कॉन्ट्रैक्टर बहुत सारे एंप्लाइजज़ को

0:26

रिक्रूट करके उस रोड को बनाकर कंप्लीट

0:29

करके जो है वो दे देता है। तो अब

0:31

कॉन्ट्रैक्टर जो है उस काम को कंप्लीट

0:34

करने के लिए जिन भी एंप्लाइजज़ को रिक्रूट

0:35

करता है सपोज कि एक साल का काम है 6 महीने

0:37

का काम है और फिर जो है उसके लिए जो भी

0:39

एंप्लाइजज़ रिक्रूट करेगा उस टास्क को

0:41

कंप्लीट करने के लिए उसको हम कॉन्ट्रैक्ट

0:43

लेबर कहते हैं। क्लियर उनको हम क्या कहते

0:45

हैं? कॉन्ट्रैक्ट लेबर। वो एंप्लई नहीं

0:47

होते हैं कि हर महीने जाएंगे और हर महीने

0:49

सैलरी मिलेगी। वो क्या है? वो किसी

0:50

कॉन्ट्रैक्ट पे लिए गए काम को कंप्लीट

0:53

करने के लिए उनको रिक्रूट किया जाता है।

0:55

तो ऐसे लेबर को हम कॉन्ट्रैक्ट लेबर कहते

0:57

हैं। तो उनको रेगुलेट करने के लिए उनको जो

0:59

है डिफरेंट बेनिफिट्स प्रोवाइड करने के

1:01

लिए ये एक्ट जो है बनाया गया है। क्लियर?

1:03

किन के लिए? ऐसे एंप्लाइजज़ जो कॉन्ट्रैक्ट

1:06

पे काम कर रहे हो। क्लियर? तो एन एक्ट टू

1:08

रेगुलेट दी एंप्लॉयमेंट ऑफ़ कॉन्ट्रैक्ट

1:10

लेबर इन सर्टेन एस्टैब्लिशमेंट। इट

1:12

एक्सटेंड टू होल ऑफ़ इंडिया। तो यह पूरे

1:14

इंडिया पर एप्लीकेबल है। ए वर्कमैन शैल बी

1:17

डीम्ड टू बी एंप्लॉयड एज कॉन्ट्रैक्ट लेबर

1:19

व्हेन ही इज़ हायर्ड इन और इन कनेक्शन विद

1:22

सच वर्क बाय और थ्रू अ कॉन्ट्रैक्टर विद

1:25

और विदाउट दी नॉलेज ऑफ़ द प्रिंसिपल

1:26

एंप्लयर। यानी कि ऐसे एंप्लाइजज़ ऐसे लेबर

1:29

जिनका एंप्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्टर द्वारा

1:31

किया गया है किसी काम को कंप्लीट करने के

1:33

लिए उनको हम कॉन्ट्रैक्ट लेबर कहेंगे।

1:35

चाहे जो प्रिंसिपल एंप्लयर है यानी कि

1:37

जिसने कॉन्ट्रैक्टर को हायर किया है काम

1:39

कंप्लीट करने के लिए उसके नॉलेज में है या

1:41

फिर नहीं है। अगर आपको किसी कॉन्ट्रैक्टर

1:44

ने रिक्रूट किया है किसी काम को कंप्लीट

1:46

करने के लिए तो फिर आप कॉन्ट्रैक्ट लेबर

1:47

कहलाएंगे। सपोज कि गवर्नमेंट है या फिर

1:49

स्टेट गवर्नमेंट है उत्तर प्रदेश

1:50

गवर्नमेंट है तो उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट

1:52

ने एक्स व जेड कॉन्ट्रैक्टर को जो है

1:54

सेलेक्ट किया कि रोड बनानी है 10 कि.मी.

1:56

के। तो अब जो उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट है

1:58

वो ये उसको चाहे ये पता हो चाहे ना पता हो

2:01

कि एंप्लई कौन काम कर रहे हैं। लेकिन अगर

2:03

कॉन्ट्रैक्टर ने किसी एंप्लई को हायर किया

2:05

है तो वो कॉन्ट्रैक्ट लेबर कहलाएगा।

2:07

क्लियर? अब ये अप्लाई कहां होता है? तो इट

2:09

अप्लाई। तो सेक्शन वन में चीज ये कही गई

2:11

है कि इट अप्लाई टू एव्री एस्टैब्लिशमेंट

2:14

इन व्हिच 20 और मोर वर्कमैन आर एंप्लॉयड

2:17

और वेयर एंप्लॉयड ऑन एनी डे ऑफ़ द

2:19

प्रिसीडिंग 12 मंथ एज कॉन्ट्रैक्ट लेबर।

2:22

तो, यह हर एस्टैब्लिशमेंट पे एप्लीकेबल

2:24

होगा यह एक्ट। जहां पर 20 या उससे ज्यादा

2:26

वर्कमैन एंप्लॉयड हैं या फिर पिछले 12

2:28

महीने में 20 या उससे ज्यादा एंप्लॉय हो

2:30

चुके हैं। तो वहां पर जो है ये एक्ट

2:32

एप्लीकेबल होगा। और वहीं पे टू एव्री

2:34

कॉन्ट्रैक्टर हु एंप्लाइजज़ और हु एंप्लॉयड

2:36

ऑन एनी डे ऑफ़ द प्रिसीडिंग 12 मंथ 20 और

2:39

मोर वर्कमैन। यानी कि अगर किसी

2:41

कॉन्ट्रैक्टर ने 20 या 20 से ज्यादा पिछले

2:43

12 महीनों में जो है एंप्लॉय किया है तो

2:45

वो भी उन पर भी जो है ये कॉन्ट्रैक्ट लेबर

2:47

रेगुलेशन एंड एवोल्यूशन एक्ट 1970

2:49

एप्लीकेबल होगा। क्लियर? तो यहां पर क्या

2:51

है कि जो एक डिफरेंट-डिफरेंट स्टेट

2:53

गवर्नमेंट है वो अलग-अलग सेक्शन में वो

2:55

कुछ मॉडिफिकेशन कर लेती है या फिर कोई नया

2:56

सेक्शन ऐड कर देती है। तो उत्तर प्रदेश

2:59

में इस सेक्शन में जो है चेंज किया गया

3:01

है। क्या चेंज किया गया है कि टू एव्री

3:03

एस्टैब्लिशमेंट इन व्हिच 50 और मोर

3:05

वर्कमैन आर एंप्लॉयड और वेयर एंप्लॉयड ऑन

3:07

एनी डे ऑफ़ द प्रिसीडिंग 12 मंथ एज

3:10

कॉन्ट्रैक्ट लेबर। यानी कि उत्तर प्रदेश

3:12

में ऐसे एस्टैब्लिशमेंट जहां पर 50 या

3:14

उससे ज्यादा एंप्लई को रिक्रूट किया गया

3:16

है या फिर पिछले 12 महीने में रिक्रूट

3:17

किया गया था तो उन पे ये एक्ट लागू होगा।

3:19

या फिर ऐसे कॉन्ट्रैक्टर जिन्होंने 50 या

3:22

50 से ज्यादा वर्कमैन जो है पिछले 12

3:24

महीने में रिक्रूट किया है तो उन पर जो है

3:26

ये एक्ट लागू होगा उत्तर प्रदेश में। तो

3:28

जो एक्ट आया उसमें 20 है लेकिन जो उत्तर

3:30

प्रदेश में अमेंडमेंट किया गया उसके

3:31

अकॉर्डिंग 50 का यहां पर क्राइटेरिया फिल

3:34

कर दिया गया है। क्लियर? तो अब जो इस एक्ट

3:36

में द कॉन्ट्रैक्ट लेबर रेगुलेशन एंड

3:38

रेवोल्यूशन एक्ट है तो यहां पर जो है पहले

3:40

एक सेंट्रल एडवाइज़री यानी कि जिसको हम

3:42

सेंट्रल एडवाइज़री कॉन्ट्रैक्ट लेबर बोर्ड

3:44

कहते हैं वो बनाया गया है। फिर स्टेट

3:46

एडवाइज़री कॉन्ट्रैक्ट लेबर बोर्ड बना है।

3:48

उसके बाद फिर रजिस्ट्रेशन होता है यहां पर

3:50

जो एस्टैब्लिशमेंट है उनका द्वारा जो है

3:52

रजिस्ट्रेशन किया जाता है। उसके बाद फिर

3:54

जो कॉन्ट्रैक्टर होते हैं उनको लाइसेंस

3:56

मिलता है। उसके बाद फिर जो है वो

3:58

कॉन्ट्रैक्ट पर लेबर को रिक्रूट कर सकते

4:00

हैं। और फिर जो लाइस कॉन्ट्रैक्टर हैं

4:02

उनको डिफरेंट-डिफरेंट बेनिफिट्स होते हैं

4:04

जो कि को कॉन्ट्रैक्ट लेबर को प्रोवाइड

4:06

करनी पड़ती हैं। और फिर लास्ट में अगर वो

4:08

जो इस एक्ट को फॉलो नहीं करते हैं या फिर

4:10

किसी भी प्रोविजन को ब्रेक करते हैं तो

4:11

उनके ऊपर अगेंस्ट एक्शन लिया जा सकता है।

4:14

तो हम बात कर लें कि सेंट्रल एडवाइज़री

4:16

कॉन्ट्रैक्ट लेबर बोर्ड जो कि सेक्शन थ्री

4:18

में इस एक्ट के सेक्शन थ्री में बताया गया

4:21

है। तो जो सेंट्रल एडवाइज़री कॉन्ट्रैक्ट

4:23

लेबर बोर्ड है ये सेंट्रल गवर्नमेंट को

4:25

एडवाइस करता है। क्लियर? ये जो बोर्ड है

4:27

ये सेंट्रल गवर्नमेंट को एडवाइस करेगा

4:29

कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट को लेकर जो भी

4:30

सजेशंस होते हैं। तो द सेंट्रल बोर्ड शैल

4:33

कंसिस्ट ऑफ ए चेयरमैन टू बी अपॉइंटंटेड

4:35

बाय द सेंट्रल गवर्नमेंट। यानी कि सेंट्रल

4:37

गवर्नमेंट ही रिक्रूटमेंट करेगा। तो

4:38

चेयरमैन होंगे जो कि सेंट्रल गवर्नमेंट

4:40

द्वारा अपॉइंट किया जाएगा। वहीं पे द चीफ

4:42

लेबर कमिश्नर होगा जो कि सेंट्रल

4:44

गवर्नमेंट द्वारा ही अपॉइंट किया जाएगा।

4:45

और वहीं पे सच नंबर ऑफ़ मेंबर्स नॉट

4:48

एक्सीडिंग 17 बट नॉट लेस देन 11। यानी कि

4:51

11 से 17 मेंबर तक जो है कुछ मेंबर 11 से

4:54

17 लोग जो है एज अ मेंबर इस सेंट्रल बोर्ड

4:57

में रहेंगे। तो एक चेयरमैन, एक चीफ लेबर

4:58

कमिश्नर और 11 से 17 मेंबर होंगे इसमें।

5:02

ठीक है? वो मेंबर कौन होंगे? टू

5:04

रिप्रेजेंट दी गवर्नमेंट, द रेलवे, द कोल

5:06

इंडस्ट्री, द माइनिंग इंडस्ट्री, द

5:08

कॉन्ट्रैक्टर, द वर्कमैन एंड एनी अदर

5:10

इंटरेस्ट व्हिच इन द ओपिनियन ऑफ़ द सेंट्रल

5:14

गवर्नमेंट। तो जो 11 से 17 मेंबर होंगे वो

5:16

जो है गवर्नमेंट को रिप्रेजेंट करेंगे।

5:18

कुछ रेलवे को, कुछ कोल इंडस्ट्री को, कुछ

5:19

माइनिंग इंडस्ट्री को, कुछ कॉनंट्रेक्टर

5:21

को और कुछ वर्कमैन को रिप्रेजेंट करेंगे।

5:23

क्लियर? तो यहां पर हम मान लें कि बोर्ड

5:24

सेंट्रल गवर्नमेंट जो है 17 मेंबर रिक्रूट

5:27

करती है, मेंबर को अपॉइंट करती है। एक चीफ

5:29

लेबर और एक चेमन। तो टोटल 19 लोग यहां पर

5:31

सेंट्रल बोर्ड में हो सकते हैं। द नंबर ऑफ

5:33

मेंबर्स नॉमिनेटेड टू रिप्रेजेंट दी

5:35

वर्कमैन शैल नॉट बी लेस देन दी नंबर ऑफ

5:38

मेंबर नॉमिनेटेड टू रिप्रेजेंट दी

5:40

प्रिंसिपल एंप्लयर एंड द कॉन्ट्रैक्टर। तो

5:42

यहां पर ये भी ध्यान रखना है कि जब ये

5:43

सेंट्रल गवर्नमेंट अपॉइंट करती है सेंट्रल

5:45

बोर्ड को यानी कि सेंट्रल एडवाइज़री

5:47

कॉन्ट्रैक्ट लेबर बोर्ड को तो वहां पर जो

5:49

रिप्रेजेंट करते हैं वर्कमैन को उनकी

5:50

संख्या जो है वो प्रिंसिपल एंप्लॉयर और

5:52

कॉन्ट्रैक्टर को जो लोग रिप्रेजेंट कर रहे

5:54

होंगे उनकी संख्या से कम नहीं होनी चाहिए।

5:56

क्लियर? यानी कि जो वर्कमैन के

5:58

रिप्रेजेंटेटिव होंगे वो या तो इक्वल हो

6:00

या फिर ज्यादा हो एंप्लॉयर या फिर

6:02

कॉन्ट्रैक्टर के नंबर से। क्लियर? इसी

6:04

तरीके से स्टेट एडवाइज़री कॉन्ट्रैक्ट लेबर

6:06

बोर्ड जो है वो बनाया जाता है। सेक्शन फोर

6:08

में इसके बारे में बताया गया है कि जो

6:09

स्टेट गवर्नमेंट होगी वो जो है स्टेट

6:11

एडवाइज़री कॉन्ट्रैक्ट लेबर बोर्ड अपने

6:13

यहां पर बनाएगी और इस स्टेट बोर्ड में जो

6:15

है एक चेयरमैन होंगे जो कि स्टेट

6:16

गवर्नमेंट अपॉइंट करेगी। वहीं पे लेबर

6:18

कमिश्नर होगा या फिर उसके एब्सेंस में कोई

6:21

भी ऑफिसर जो कि स्टेट गवर्नमेंट नॉमिनेट

6:23

करती है वो वहां पर काम करेगा। और वहीं पे

6:25

सच नंबर ऑफ़ मेंबर्स नॉट एक्सीडिंग 11 बट

6:27

नॉट लेस दैन नाइन। तो यहां पर 9 से 11 है।

6:30

इससे पहले जो सेंट्रल बोर्ड था वहां पर जो

6:33

है 11 से 17 था और यहां पर 9 से 11 है। तो

6:36

सच नंबर ऑफ मेंबर नॉट एक्सीडिंग 11 बट नॉट

6:39

लेस देन नाइन एज द स्टेट गवर्नमेंट मे

6:41

नॉमिनेट। तो यहां पर कितने हो गए? अगर हम

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मैक्सिमम मेंबर की बात करें तो 11 मेंबर

6:45

एक लेबर कमिश्नर, एक चेयरमैन। यहां पे 13

6:48

लोगों की टीम यहां पर स्टेट बोर्ड में

6:50

होती है। तो यहां पे जो मेंबर होंगे

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सिमिलरली टू रिप्रेजेंट द गवर्नमेंट, द

6:53

इंडस्ट्री, द कॉन्ट्रैक्ट, द वर्कमैन एंड

6:56

एनी अदर इंटरेस्ट इन व्हिच इन द ओपिनियन

6:58

ऑफ़ द स्टेट गवर्नमेंट और टू बी

6:59

रिप्रेजेंटेड ऑन द स्टेट बोर्ड। तो जो

7:02

मेंबर होंगे वो स्टेट गवर्नमेंट से हो

7:04

सकते हैं। वो इंडस्ट्री को रिप्रेजेंट

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करने वाले होंगे। वो कॉन्ट्रैक्टर को

7:06

रिप्रेजेंट करने वाले होंगे। वो वर्कमैन

7:08

को रिप्रेजेंट करने वाले होंगे। वहीं पे

7:10

यहां पे भी सिंपल कंडीशन है कि जो नंबर ऑफ

7:12

नॉमिनेटेड मेंबर होंगे जो वर्कमैन को

7:15

रिप्रेजेंट कर रहे होंगे उनकी संख्या अह

7:17

ऐसे मेंबर जो कि प्रिंसिपल एंप्लॉय या फिर

7:19

कॉन्ट्रैक्टर को रिप्रेजेंट कर रहे होंगे

7:21

उनसे कम नहीं होनी चाहिए। क्लियर? अब तो

7:23

ये बात हो गई एडवाइज़री बोर्ड की। तो

7:25

सेंट्रल गवर्नमेंट ने अपने लिए एडवाइज़री

7:27

बोर्ड बना लिया। स्टेट गवर्नमेंट ने अपने

7:28

लिए एडवाइज़री बोर्ड बना लिया। अब बात आती

7:30

है रजिस्ट्रेशन की। तो यहां पर होगी

7:32

रजिस्ट्रेशन ऑफ़ एस्टैब्लिशमेंट एंप्लॉइंग

7:34

कॉन्ट्रैक्ट लेबर। तो ऐसे एस्टैब्लिशमेंट

7:36

जो कि कॉन्ट्रैक्ट लेबर को एंप्लॉय करते

7:37

हैं उनका रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है। तो

7:39

उसके लिए क्या होता है कि एक रजिस्ट्रिंग

7:41

ऑफिसर को अपॉइंट किया जाता है। उसके लिए

7:43

रजिस्ट्रेशन के लिए एक रजिस्टरिंग ऑफिसर

7:45

को अपॉइंट किया जाता है। जिसके बारे में

7:47

सेक्शन सिक्स में बताया गया है। तो द

7:49

एप्रोप्रियट गवर्नमेंट यानी कि सेंट्रल

7:50

गवर्नमेंट या फिर स्टेट गवर्नमेंट कोई भी

7:52

गवर्नमेंट। तो द एप्रोप्रियट गवर्नमेंट

7:53

अपॉइंट सच पर्सन बीइंग गैजेटेड ऑफिसर ऑफ

7:56

गवर्नमेंट टू बी रजिस्टर्ड रजिस्टरिंग

7:58

ऑफिसर। यानी कि जो स्टेट गवर्नमेंट है या

8:01

फिर जो सेंट्रल गवर्नमेंट है वो किसी

8:02

गैजेटेड ऑफिसर को जो है रजिस्टिंग ऑफिसर

8:05

के रूप में अपॉइंट करेगा और जो भी उसकी

8:07

लिमिट्स होंगी या फिर जो भी उसके पावर

8:09

होंगी वो जो है स्टेट गवर्नमेंट जैसा

8:11

डिफाइन करेगी वैसा होगा। यहां पे बात होगी

8:13

कि रजिस्टिंग ऑफिसर को अपॉइंट किया जाता

8:14

है। उसके बाद फिर क्या होता है?

8:15

रजिस्ट्रेशन होता है। तो सेक्शन सेवन में

8:17

रजिस्ट्रेशन ऑफ़ सर्टेन एस्टैब्लिशमेंट के

8:19

बारे में बताया गया है। तो बाय एव्री

8:21

प्रिंसिपल एंप्लयर विद इन स्पेसिफाइड टाइम

8:23

बाय द एप्रोप्रियट गवर्नमेंट। इफ द

8:25

एप्लीकेशन फॉर रजिस्ट्रेशन इज़ कंप्लीट इन

8:27

ऑल रेस्पेक्ट द रजिस्टरिंग ऑफिसर शैल

8:30

रजिस्टर दी इस एस्टैब्लिशमेंट एंड इशू टू

8:32

दी प्रिंसिपल एंप्लयर ऑफ द एस्टैब्लिशमेंट

8:34

इज़ सर्टिफिकेट ऑफ़ रजिस्ट्रेशन। यानी कि जो

8:36

भी प्रिंसिपल एंप्लयर हैं जो भी इस एक्ट

8:38

के अंदर आते हैं उनको जो है अह अपने

8:41

एप्रोप्रियट गवर्नमेंट के द्वारा जो भी

8:42

रजिस्टिंग ऑफिसर है उसके पास जो है

8:44

एप्लीकेशन देना होगा। का जो भी फॉर्मेट है

8:45

और उसके बाद जब सभी चीजें कंप्लीट होगी

8:47

इन्वेस्टिगेशन होगा उसके बाद उनको जो है

8:49

सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन मिल जाता है।

8:52

यूपी में यहां पर कुछ चेंज किया गया है कि

8:53

ऑन सबमिशन ऑफ़ एप्लीकेशन इन ऑल रेस्पेक्ट द

8:56

रजिस्टरिंग ऑफिसर शैल ग्रांट और रिफ्यूज

8:58

टू ग्रांट और ऑब्जेक्ट टू ग्रांट

9:00

रजिस्ट्रेशन विद इन वन डे फ्रॉम द डेट ऑफ

9:03

सबमिशन ऑफ एप्लीकेशन। तो यहां पे उत्तर

9:04

प्रदेश में क्या है कि जब भी कोई

9:06

इस्टैब्लिशमेंट है वो रजिस्ट्रेशन के लिए

9:08

यहां पे एप्लीकेशन देगा। तो एक दिन के

9:10

अंदर ही जो है वहां पर रजिस्टरिंग ऑफिसर

9:12

को बताना होगा कि उसका एप्लीकेशन अप्रूव

9:14

हुआ है या फिर नहीं हुआ है। विद इन वन डे

9:16

जो है वहां पे बताना होगा। ऑन द

9:17

एक्सपायरेशन ऑफ द सेट पीरियड द

9:19

रजिस्ट्रेशन शैल बी डीम टू बी ग्रांटेड।

9:21

यानी कि अगर सारे डॉक्यूमेंट्स कंप्लीटेड

9:23

हैं और फिर भी रजिस्टिंग ऑफिसर ने जो है

9:25

कंफर्म नहीं किया तो ये माना जाएगा कि

9:27

उसको जो है रजिस्ट्रेशन हो चुका है। उसको

9:29

ग्रांट मिल चुका है। उसको सर्टिफिकेट मिल

9:31

जाएगा। वहीं पे अब जो है रजिस्ट्रेशन हो

9:33

गया प्रिंसिपल एंप्लॉयर की। अब बात आती है

9:34

कॉन्ट्रैक्टर की। तो ये जो कॉन्ट्रैक्टर

9:36

होते हैं जो कॉन्ट्रैक्ट लेबर को एंप्लॉय

9:38

करते हैं उनको लाइसेंस लेना पड़ता है।

9:40

लाइसेंसिंग ऑफ कॉन्ट्रैक्टर। तो

9:42

कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट 1970 के तहत उनको

9:45

जो है लाइसेंस लेना पड़ता है। तभी आप जो

9:46

है कॉन्ट्रैक्ट पे काम कराने के लिए

9:48

एंप्लॉय को लेबर को रिक्रूट कर सकते हैं।

9:50

तो सबसे पहले अब लाइसेंस देने के लिए भी

9:52

क्या है? गवर्नमेंट ने लाइसेंसिंग ऑफिसर

9:54

बनाया। अपॉइंट किया। तो अपॉइंटमेंट ऑफ

9:56

लाइसेंसिंग ऑफिसर। क्लियर? रजिस्ट्रेशन के

9:58

लिए रजिस्टिंग ऑफिसर। लाइसेंस

10:00

कॉन्ट्रैक्टर को लाइसेंस देने के लिए

10:01

लाइसेंसिंग ऑफिसर। सेक्शन 11 में इसकी बात

10:03

कही गई है। तो द एप्रोप्रियट गवर्नमेंट

10:05

यानी कि सेंट्रल गवर्नमेंट या फिर स्टेट

10:06

गवर्नमेंट। द एप्रोप्रियट गवर्नमेंट

10:08

अपॉइंट्स सच पर्सन बीइंग गैजेटेड ऑफिसर ऑफ

10:10

गवर्नमेंट टू बी लाइसेंसिंग ऑफिसर। तो

10:13

यहां पर भी जो लाइसेंसिंग ऑफिसर होगा वो

10:14

क्या होगा? गैजेटेड ऑफिसर होगा। और जो

10:16

एप्रोप्रियट गवर्नमेंट होगी वो जो है उसकी

10:18

लिमिट्स उसकी पावर जो है वो अकॉर्डिंगली

10:20

उसको वहां पर जा बताएगी। वहीं पे जो

10:23

लाइसेंसिंग ऑफिसर होगा वो लाइसेंस देगा

10:26

पहली बार या फिर रिन्यू करेगा अगर जरूरत

10:28

पड़ेगी आफ्टर दी इन्वेस्टिगेशन एज पर दी

10:31

प्रिस्राइब फॉर्मेट या फिर फी यानी कि जो

10:33

भी लाइसेंस के लिए फॉर्मेट होगा जो भी

10:34

उसमें डिटेल्स देनी है जो भी उसके लिए फीस

10:36

देना होगा वो जब कॉन्ट्रैक्टर दे देगा

10:38

उसके बाद उसको इन्वेस्टिगेट करेगा और

10:40

इन्वेस्टिगेशन करने के बाद जो लाइसेंसिंग

10:42

ऑफिसर होगा वो लाइसेंस जो है वो

10:44

कॉन्ट्रैक्टर को दे देगा क्लियर तो

10:46

लाइसेंसिंग से रिलेटेड कहां है सेक्शन 11

10:48

में बात कही गई है क्लियर तो अब अगला आता

10:51

है कि आप जो प्रिंसिपल एंप्लॉय है वो

10:52

रजिस्ट्रेशन हो गया। उसका कॉन्ट्रैक्टर को

10:54

लाइसेंस मिल गया। अब जो कॉन्ट्रैक्ट क्या

10:56

करता है? वो कॉन्ट्रैक्टर जो है लेबर को

10:58

रिक्रूट कर लेता है एज अ कॉन्ट्रैक्ट

11:00

लेबर। तो अब जब आप बीइंग अ कॉन्ट्रैक्टर

11:02

किसी लेबर को एज अ कॉन्ट्रैक्ट लेबर अपने

11:04

यहां पर रिक्रूट करते हो तो आपको उसको कुछ

11:06

वेलफेयर और उसको कुछ हेल्थ से रिलेटेड

11:08

वहां पे बेनिफिट्स देने होते हैं। तो सबसे

11:10

पहली चीज आती है कैंटीन। तो सेक्शन 16 में

11:13

कहा गया है कि वेयर इन कॉन्ट्रैक्ट लेबर

11:16

नंबरिंग 100 और मोर इज ऑर्डिनरी एंप्लॉयड

11:20

बाय अ कॉन्ट्रक्टर वन और मोर कैंटेन शैल

11:22

बी प्रोवाइडेड एंड मेंटेन बाय द

11:24

कॉन्ट्रैक्टर फॉर द यूज़ ऑफ़ सच कॉन्ट्रैक्ट

11:27

लेबर। यानी कि कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट 1970

11:29

के अकॉर्डिंग अगर कॉन्ट्रैक्टर ने रिक्रूट

11:32

किया है कॉन्ट्रैक्ट लेबर पे और वहां पर

11:34

जो लेबरों की संख्या है वो 100 से ज्यादा

11:37

है। कॉन्ट्रैक्ट लेबर नंबरिंग 100 और मोर

11:39

तो उस केस में जो कॉन्ट्रैक्टर है उसको जो

11:41

है कैंटीन की फैसिलिटी वहां पर प्रोवाइड

11:44

करनी होगी और कैंटीन की फैसिलिटी एक या एक

11:46

से ज्यादा कैंटीन वहां पर उसको एज़ पर

11:48

रिक्वायरमेंट वहां पे देनी होगी। क्लियर?

11:50

इसके बाद सेक्शन 17 में कहा गया है रेस्ट

11:52

रूम इन एव्री प्लेस वेयर इन कॉन्ट्रैक्ट

11:54

लेबर इज़ रिक्वायर्ड टू हल्ट एट नाइट इन

11:56

कनेक्शन विद द वर्क ऑफ एन एस्टैब्लिशमेंट।

11:59

यानी कि अगर किसी कॉन्ट्रैक्ट में ऐसा कोई

12:01

काम है जहां पर रात में रुकना पड़ेगा। तो

12:03

उस केस में देयर शैल बी प्रोवाइडेड एंड

12:06

मेंटेनेंड बाय द कॉन्ट्रैक्टर फॉर द यूज़

12:08

ऑफ द कॉन्ट्रैक्ट लेबर। तो रेस्ट रूम जो

12:10

है वहां पर प्रोवाइड किया जाना चाहिए। वो

12:12

भी किसके द्वारा? कॉन्ट्रैक्टर द्वारा। और

12:14

उसी के द्वारा उसको मेंटेन किया जाइए। शैल

12:16

बी सफिशिएंटली लाइटेड एंड वेंटिलेटेड एंड

12:18

शैल बी मेंटेंड इन अ क्लीन एंड कंफर्टेबल

12:21

कंडीशन। तो जो भी रेस्टोरूम्स हैं वो जो

12:23

है वहां पर लाइटिंग की फैसिलिटी होनी

12:25

चाहिए। वेंटिलेशन की फैसिलिटी होनी चाहिए

12:26

और साफ-सुथरा होना चाहिए और कंफर्टेबल

12:29

कंडीशन वहां पर होनी चाहिए। क्लियर? तो

12:31

अगर रात में रुकना पड़ रहा है तो

12:32

रेस्टोरूम भी कॉन्ट्रैक्टर को वहां पर

12:33

देना होगा। इसके अलावा अदर फैसिलिटीज़ में

12:36

सेक्शन 18 में बताया गया है अदर

12:37

फैसिलिटीज़। इट शैल बी द ड्यूटी ऑफ़ एव्री

12:39

कॉन्ट्रक्टर एंप्लॉयंग कॉन्ट्रैक्ट लेबर

12:42

इन कनेक्शन विद दी वर्क ऑफ एन

12:43

एस्टैब्लिशमेंट टू प्रोवाइड एंड मेंटेन।

12:45

तो यहां पे भी किसकी जिम्मेदारी है?

12:47

कॉन्ट्रैक्टर की जिम्मेदारी है कि एक

12:49

सफिशिएंट सप्लाई ऑफ़ होलसम ड्रिंकिंग वाटर

12:51

जो है वहां पर प्रोवाइड करें। ए सफिशिएंट

12:53

सप्लाई ऑफ़ होलसम ड्रिंकिंग वाटर फॉर द

12:55

कॉन्ट्रैक्ट लेबर एट कन्वीनिएंट प्लेसेस।

12:57

तो बीइंग अ कॉन्ट्रैक्टर आपको जो

13:00

कॉन्ट्रैक्ट लेबर है उनके लिए आपको

13:01

ड्रिंकिंग वाटर की फैसिलिटी आपको वहां पर

13:02

मेंटेन रखनी पड़ेगी। इफिशिएंट नंबर ऑफ़

13:05

लैट्रिन एंड यूरिनल्स ऑफ द प्रिस्राइब

13:07

टाइप। सो सिचुएटेड एज टू बी कन्वीनिएंट

13:09

एंड असेसबल टू दी कॉन्ट्रैक्ट लेबर इन द

13:11

एस्टैब्लिशमेंट। यानी कि वहां पर वाशरूम

13:13

की फैसिलिटी भी जो है कॉन्ट्रैक्टर को

13:16

वहां पर जो है मेंटेन रखनी होगी। वहां पर

13:18

अवेल करनी होगी जिससे कि कॉन्ट्रैक्ट लेबर

13:19

उसको एक्सेस कर सके। और वहीं पे वाशिंग

13:21

फैसिलिटीज़ यानी कि हाथ पैर मुंह धोने के

13:23

लिए इन सब की फैसिलिटीज़ भी जो है कपड़े

13:25

धोने के लिए भी वहां पर जो है

13:26

कॉन्ट्रैक्टर को वहां पर अरेंज करना

13:28

पड़ेगा। क्लियर? यह सेक्शन 18 में कहा गया

13:30

है। इसके अलावा भाई कॉन्ट्रैक्ट लेबर हैं,

13:33

काम कर रहे हैं तो चोट लग सकती है। तो

13:34

फर्स्ट एट फैसिलिटीज़ की भी जो है यहां पे

13:37

बात कही गई है। सेक्शन 19 में देयर शैल बी

13:40

प्रोवाइडेड एंड मेंटेन बाय दी

13:41

कॉन्ट्रैक्टर। तो कॉन्ट्रैक्टर ही जो है

13:42

प्रोवाइड करेगा और कॉन्ट्रैक्टर ही फर्स्ट

13:44

एड फैसिलिटीज़ जो है मेंटेन करेगा। एंड

13:46

एक्सेसिबल ड्यूरिंग ऑल वर्किंग आवर्स ए

13:49

फर्स्ट एड बॉक्स इक्विड विद दी

13:50

प्रिस्राइब्ड कंटेंट एट एव्री प्लेस

13:52

व्हेयर कॉन्ट्रैक्ट लेबर इज़ एंप्लॉयड बाय

13:54

हिम। तो कॉन्ट्रैक्टर ने जहां-जहां पे भी

13:56

कांटेक्ट लेबर को एंप्लॉय किया है वहां पर

13:58

फर्स्ट एड बॉक्स जो है वो वहां पर उसको

14:00

रखना होगा जिसको जो कॉन्ट्रैक्ट लेबर है

14:03

वो किसी भी टाइम पे वर्किंग आवर्स में

14:04

उसको एक्सेस कर सके। वहीं पे सेक्शन 20

14:07

कहता है ऑल एक्सपेंसेस इंकर्ड बाय द

14:09

प्रिंसिपल एंप्लयर इन प्रोवाइडिंग दी

14:11

अमिनिटी मे बी रिकवर्ड बाय द कॉन्ट्रैक्टर

14:13

आइदर बाय डिडक्शन फ्रॉम एनी अमाउंट पेएबल

14:16

टू द कॉन्ट्रैक्टर अंडर एनी कॉन्ट्रैक्ट

14:18

और एज़ अ डेप्ट पेएबल बाय दी कॉन्ट्रैक्टर।

14:20

यानी कि अगर इन द केस जो प्रिंसिपल

14:22

एंप्लयर है वो पे करता है कॉन्ट्रैक्टर की

14:24

जगह तो उस केस में जो प्रिंसिपल एंप्लॉयर

14:26

है वो कॉन्ट्रैक्टर से पैसे वसूलेगा

14:28

कॉन्ट्रैक्ट लेबर से नहीं कॉन्ट्रैक्टर से

14:30

पैसे वसूलेगा उनके जो भी पैसा देना होगा

14:32

कॉन्ट्रैक्टर को वो वहां से डिटेक्ट कर

14:34

लेगा क्लियर तो ये जो है बात कही गई है कि

14:36

अगर प्रिंसिपल एंप्लॉयर जो है एक्सपेंस

14:38

इंकर्ड करता है तो उस केस में अब आती है

14:40

रिस्पांसिबिलिटी फॉर पेमेंट ऑफ वेजेज यानी

14:42

कि जो कॉन्ट्रैक्ट लेबर हैं उनको आप वेजेज

14:44

भी दोगे तो इसकी रिस्पोंसिबिलिटी किसकी है

14:46

इसकी रिस्पोंसिबिलिटी होल सोल देखी जाए तो

14:48

कॉन्ट्रैक्ट कॉन्ट्रैक्टर की होती है तो

14:50

सेक्शन 21 में बात कही गई है कि ए

14:52

कॉन्ट्रैक्टर शैल बी रिस्पांसिबल फॉर

14:53

पेमेंट ऑफ वेजेस टू ईच वर्कर एंप्लॉयड बाय

14:56

हिम एज़ कॉन्ट्रैक्ट लेबर एंड सच वेजेस शैल

14:58

बी पेड बिफोर दी एक्सपायरी ऑफ़ सच पीरियड

15:01

एज मे बी प्रिस्क्राइब्ड यानी कि अगर आपने

15:02

उसको दिहाड़ी पे रखा है तो हर दिन आपको जो

15:04

है उसको पेमेंट करना पड़ेगा वेज देना पड़ेगा

15:06

अगर आपने उसको मंथली रखा है तो मंथली के

15:08

बेसिस पे आपको जो है उसको पेमेंट करना

15:10

पड़ेगा और ये कॉन्ट्रैक्ट कॉन्ट्रैक्टर की

15:12

रिस्पांसिबिलिटी होती है लेकिन एव्री

15:15

प्रिंसिपल एंप्लयर शैल नॉमिनेट अ

15:16

रिप्रेजेंटेटिव ड्यूली अथोराइज़्ड बाय हिम

15:19

टू बी प्रेजेंट एट द टाइम ऑफ़ डिस्पर्समेंट

15:21

ऑफ़ वेजेस बाय द कॉन्ट्रैक्टर एंड इट शैल

15:23

बी द ड्यूटी ऑफ़ सच रिप्रेजेंटेटिव टू

15:25

सर्टिफाई द अमाउंट पेड एज वेजेस। यानी कि

15:28

जब कॉन्ट्रैक्टर अपने जो कॉन्ट्रैक्टर

15:31

लेबर हैं उनको वेजेस डिस्ट्रीब्यूट करेगा

15:33

बांटेगा तो उस वक्त जो प्रिंसिपल एंप्लयर

15:35

है उसका एथराइज किया हुआ एक

15:37

रिप्रेजेंटेटिव भी वहां पर मौजूद होगा और

15:39

वो जो है उसको वेरीफाई करेगा सर्टिफाई

15:41

करेगा कि कॉन्ट्रैक्ट लेबर को सही अमाउंट

15:43

मिल रहा है। इट शैल बी द ड्यूटी ऑफ़

15:45

कॉन्ट्रैक्टर टू इंश्योर द डिसबर्समेंट ऑफ़

15:47

वेजेस इन द प्रेज़ेंस ऑफ़ अथोराइज़

15:49

रिप्रेजेंटेटिव ऑफ़ द प्रिंसिपल एंप्लयर।

15:51

तो यह जो है कॉन्ट्रैक्टर की ड्यूटी बनती

15:53

है कि वह जब भी वेजेस डिस्ट्रीब्यूट करे

15:55

तो उस वक्त जो प्रिंसिपल एंप्लॉय का

15:56

रिप्रेजेंटेटिव है वो वहां पे मौजूद हो।

15:58

इन केस द कॉन्ट्रैक्टर फेस टू मेक पेमेंट

16:00

ऑफ वेजेस विद इन द प्रिस्राइब पीरियड और

16:02

मेक शॉर्ट पेमेंट। यानी कि कोई ऐसा केस

16:05

हुआ जहां पर कॉन्ट्रैक्ट जो है पेमेंट

16:06

नहीं कर पाता है या फिर कम अमाउंट पे करता

16:09

है। देन द प्रिंसिपल एंप्लॉयर शैल बी

16:11

लायबल टू मेक पेमेंट ऑफ वेजेस इन फुल और

16:14

दी अनपेड बैलेंस ड्यू। यानी कि तब वहां पर

16:16

प्रिंस प्रिंसिपल एंप्लयर की ये ड्यूटी

16:19

बनेगी कि वो पूरा पेमेंट करें या फिर

16:21

थोड़ा पेमेंट हुआ है तो जो बचा है वो

16:22

पेमेंट करें कॉन्ट्रैक्ट लेबर को एंड

16:25

रिकवर दी अमाउंट सो पेड फ्रॉम द

16:27

कॉन्ट्रैक्टर आइदर बाय डिडक्शन फ्रॉम एनी

16:29

अमाउंट पेबल टू दी कॉन्ट्रैक्टर अंडर एनी

16:31

कॉन्ट्रैक्ट और एज़ अ डेप्ट पेएबल बाय दी

16:33

कॉन्ट्रैक्टर यानी कि ओवरऑल यहां पे क्या

16:36

हो गया कि अगर कॉन्ट्रैक्टर जो है पैसा

16:38

नहीं पे कर पाता है या फिर थोड़ा पैसा पे

16:40

करता है तो उस केस में प्रिंसिपल एंप्लॉयर

16:42

की ये रिस्पांसिबिलिटी बनती है कि वो जो

16:44

है कॉन्ट्रैक्ट लेवल को पूरा पैसा पे या

16:46

फिर जो भी पैसा बचा है वह पे करें और उसके

16:48

बाद फिर कॉन्ट्रैक्टर के अमाउंट से वह जो

16:50

है डिडक्ट कर ले। यानी कि प्रिंसिपल

16:52

एंप्लयर जो है वह किससे काटेगा पैसा?

16:54

कॉन्ट्रैक्टर को जो पैसा देना है उससे

16:56

पैसा वह काट लेगा। अब आता है कि अगर आप

16:58

किसी भी रूल को, किसी भी सेक्शन को,

17:00

प्रोविज़न को अगर आप तोड़ते हैं, तो आपके

17:02

ऊपर क्या पेनल्टीज़ या फिर क्या एक्शन लिया

17:04

जा सकता है? तो, ऑब्स्ट्रक्शन सेक्शन 22

17:07

में कहा गया है कि हु एवर ऑब्स्ट्रक्ट एन

17:10

इंस्पेक्टर इन द डिस्चार्ज ऑफ हिज़ ड्यूटीज़

17:12

अंडर दिस एक्ट। और हु एवर विलफुली

17:15

रिफ्यूसेस टू प्रोड्यूस ऑन द डिमांड ऑफ़ एन

17:17

इंस्पेक्टर एनी रजिस्टर और अदर डॉक्यूमेंट

17:20

केप्ट इन परसेंस ऑफ़ दिस एक्ट। शैल बी

17:22

पनिशेबल विथ इंप्रिज़मेंट ऑफ़ अ टर्म व्हिच

17:24

मे एक्सटेंड टू 3 मंथ। और विद फाइन व्हिच

17:27

मे एक्सटेंड टू ₹500 और विद बोथ। यानी कि

17:30

अगर कोई कॉन्ट्रैक्टर या फिर प्रिंसिपल

17:32

एंप्लयर किसी भी इंस्पेक्टर को उसकी

17:35

ड्यूटीज परफॉर्म करने से रोकता है या फिर

17:37

अड़चनें डालता है या फिर जो कॉन्ट्रैक्टर

17:39

या फिर प्रिंसिपल एंप्लयर हैं वो कोई

17:41

डॉक्यूमेंट जो है नहीं दे रहे हैं या फिर

17:42

उसको छुपा रहे हैं तो उस केस में उनको 3

17:45

साल का जेल हो सकता है या फिर ₹500 का

17:48

उनको फाइन लगेगा या फिर दोनों ही लग सकता

17:50

है उनके ऊपर। तो यहां तो बात हो गई कि अगर

17:52

आप इंस्पेक्टर को डिस्टर्ब करते हो,

17:53

ऑब्सेप्ट करते हो तो उस केस में आपको जो

17:55

है 3 महीने की जेल या फिर ₹500 या फिर

17:56

दोनों ही आपके ऊपर फाइन लग सकता है। वहीं

17:58

पे अगर आप जो है एंप्लॉयमेंट ऑफ

18:00

कॉन्ट्रैक्ट लेबर से रिगार्डिंग जो

18:02

प्रोविज़ंस हैं उसको कॉन्ट्रावेंट करते हैं

18:04

उसको तोड़ते हैं तो उस केस में आपको जो है

18:07

शैल बी पनिशेबल विद इंप्रज़मेंट फॉर अ टर्म

18:09

व्हिच मे एक्सटेंड टू 3 मंथ्स और विथ फाइन

18:11

व्हिच मे एक्सटेंड टू ₹1000 और विद बोथ।

18:15

यानी कि आपको 3 महीने की जेल या फिर आपको

18:17

₹1000 का फाइन या फिर दोनों ही आपको लग

18:19

सकता है। एंड इन द केस ऑफ़ अ कंटिन्यूइंग

18:21

कंट्रावेंशन विथ एन एडिशनल फाइन व्हिच मे

18:24

एक्सटेंड टू ₹100 फॉर एवरीडे। और अगर आप

18:26

जो है फर्दर आप जो है उस प्रोविज़न को तोड़

18:29

रहे होते हो तो उसके ऊपर पर डे के हिसाब

18:32

से आपको ₹100 एक्स्ट्रा देना पड़ेगा। यानी

18:34

कि यहां पर जो जेल है 3 महीने की और ₹1000

18:36

है। उसके अलावा आपको जो है ₹100 पर डे के

18:38

हिसाब से आपके ऊपर फाइन लग जाएगा। क्लियर?

18:40

तो ये बात हो गई कि अगर आप कंट्रावेंट

18:43

करते हैं किसी भी एक्ट को प्रोविजन को तो

18:45

आपके ऊपर ये फाइन लग जाएगा। वहीं पे कुछ

18:47

अदर सेक्शन है जैसे कि इंस्पेक्टिंग

18:49

स्टाफ। तो ये सेक्शन 28 में इसके बारे में

18:51

कहा गया है कि एप्रोप्रियट गवर्नमेंट मे

18:53

बाय नोटिफिकेशन इन द ऑफिशियल गैजेट अपॉइंट

18:56

सच पर्सन एज इट थिंक्स फिट टू बी

18:59

इंस्पेक्टर्स फॉर द पर्पस ऑफ़ दिस एक्ट।

19:01

यानी कि इंस्पेक्टिंग स्टाफ वो स्टाफ होता

19:03

है जो कि डिफरेंट-डिफरेंट को जहां पे भी

19:05

कॉन्ट्रैक्ट लेबर होते हैं वहां पे जाते

19:06

हैं और इंस्पेक्शन करते हैं। बुक्स को चेक

19:08

करेंगे, रजिस्टर को चेक करते हैं। तो ये

19:10

कौन अपॉइंट करेगा? जो ऑफिशियल गैजेट में

19:13

नोटिफिकेशन देके जो एप्रोप्रियट गवर्नमेंट

19:14

है सेंट्रल गवर्नमेंट या स्टेट गवर्नमेंट

19:15

वो जो है अपने यहां पर इंस्पेक्टिंग स्टाफ

19:17

रिक्रूट कर सकती है। वहीं पे सेक्शन 29

19:20

कहता है कि रजिस्टर और अदर रिकॉर्ड्स जो

19:23

है वो मेंटेन करना जरूरी होगा। जो

19:25

प्रिंसिपल एंप्लयर है और जो कॉन्ट्रैक्टर

19:27

हैं उनको रजिस्टर और जो अदर रिकॉर्ड्स हैं

19:30

उसको मेंटेन करना जरूरी है। एव्री

19:32

प्रिंसिपल एंप्लॉयर एंड एव्री

19:33

कॉन्ट्रैक्टर शैल मेंटेन सच रजिस्टर एंड

19:36

रिकॉर्ड गिविंग सच पार्टिकुलर ऑफ

19:38

कॉन्ट्रैक्ट लेबर एंप्लॉयड द नेचर ऑफ़ वर्क

19:41

परफॉर्म्ड बाय द कॉन्ट्रैक्ट लेबर। द रेट

19:42

ऑफ़ वेजेस पे टू द कॉन्ट्रैक्ट लेबर एंड सच

19:45

अदर पार्टिकुलर्स इन सच फॉर्म एज़ मे बी

19:47

प्रिस्राइब्ड। तो ऐसा रजिस्टर या फिर

19:50

रिकॉर्ड जो है प्रिंसिपल एंप्लॉयर और

19:51

एव्री कांट्रेक्टर को मेंटेन करना जरूरी

19:53

है। जहां पर कौन से लोग एंप्लॉय हुए हैं

19:55

एज अ का कॉन्ट्रैक्ट लेबर किस तरीके का

19:57

काम परफॉर्म कर रहे हैं। किस रेट से उनको

19:58

वेजेस दिए जा रहे हैं। और जो अदर डिटेल्स

20:00

हैं एप्लीकेबल डिटेल्स हैं वो जो है वहां

20:03

पर उसके रिगार्डिंग रजिस्टर और रिकॉर्ड

20:04

मेंटेन करना जरूरी है। तो ये ओवरऑल

20:07

ओवरव्यू था कॉन्ट्रैक्ट लेबर रेगुलेशन एंड

20:09

एवोल्यूशन एक्ट 1970 का जहां पर प्रिंसिपल

20:12

एंप्लयर होता है उसको कोई अपना काम

20:13

कंप्लीट करवाना होता है तो वह

20:14

कॉन्ट्रैक्टर को सर्च करता है।

20:16

कॉन्ट्रैक्टर को काम कंप्लीट करने के लिए

20:18

दे देता है। कॉन्ट्रैक्टर उस काम को

20:19

कंप्लीट करने के लिए कुछ लेबर्स को हायर

20:21

करता है जिनको हम कॉन्ट्रैक्ट लेबर कहते

20:23

हैं। तो कॉन्ट्रैक्ट लेबर को हायर करने के

20:26

रिगार्डिंग उसको रेगुलेट करने के लिए जो

20:28

है ये एक्ट आया गया है। और यहां पर जो है

20:30

पहले प्रिंसिपल एंप्लॉयर को अपना

20:32

रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। उसके बाद जो

20:33

है जो कॉन्ट्रैक्टर होते हैं उनको अब

20:35

लाइसेंस लेना होता है। उसके बाद कुछ

20:37

बेनिफिट्स होते हैं जो कि कॉन्ट्रैक्ट

20:39

लेबर को देना होता है। जैसे कैंटीन की

20:40

फैसिलिटी, रेस्टोरूम की फैसिलिटी, वाटर की

20:42

फैसिलिटी, वाशरूम की फैसिलिटी, वाशिंग

20:44

फैसिलिटीज़ और फर्स्ट एड फैसिलिटीज़। इसके

20:47

अलावा जो है उनको वेजेस जो है टाइम पर

20:49

देना होता है और सभी रजिस्टर्स और

20:51

रिकॉर्ड्स जो है मेंटेन करने होते हैं। तो

20:53

यही है जो कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट 1970 में

20:55

इंपॉर्टेंट सेक्शंस होते हैं। एंप्लाइजज़

20:58

स्टेट इंश्योरेंस एक्ट 1948। आपने देखा

21:01

होगा कि आपके आसपास की फैक्ट्रीज में

21:03

शॉप्स हो गए, होटल हो गए, रेस्टोरेंट हो

21:05

गए, सिनेमा, थिएटर्स हो गए या फिर जो

21:08

न्यूज़पेपर इस्टैब्लिशमेंट्स है,

21:09

प्रिंटिंग प्रेस है, प्राइवेट मेडिकल या

21:11

एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन है तो वहां पर बहुत

21:13

सारे एंप्लाइजज़ काम करते हैं। और बहुत

21:15

सारे ऐसे एंप्लाइजज़ काम करते हैं जिनका जो

21:17

वेज होता है वो बहुत कम होता है। क्लियर?

21:20

तो ऐसे में उनको जब कभी इंजरी हो जाए या

21:23

फिर कोई मेडिकल इश्यूज आ जाते हैं

21:25

ऑक्यूपेशनल डिजीज हो गया, बीमारी हो गई या

21:27

फिर मेंटेंटरी लीव पे जाना पड़ता है। कोई

21:29

फिजिकल डिसेबलेंट डिसएबेलमेंट हो गया जॉब

21:32

पे काम करते-करते या फिर ऑक्यूपेशनल डिजीज

21:35

हो गया या फिर डेथ हो जाती है। तो उस केस

21:37

में उनको फाइनेंशियल सपोर्ट प्रोवाइड करने

21:39

के लिए उनको मेडिकल बेनिफिट प्रोवाइड करने

21:41

के लिए उनके डिपेंडेंट्स को कुछ मेडिकल

21:44

केयर या फिर जो है फाइनेंसियल सपोर्ट

21:46

प्रोवाइड करने के लिए ये जो है स्टेट

21:48

इंश्योरेंस जो है वो स्कीम लेकर आया गया।

21:51

तो इसको जो है सबसे पहले इसको इनोगेट किया

21:54

था कानपुर में 24th फरवरी 1952 में जिसको

21:58

हम ईएसआईसी डे के रूप में भी मनाते हैं

22:00

बाय द प्राइम मिनिस्टर पंडित जवाहरलाल

22:03

नेहरू। तो उस वक्त के प्राइम मिनिस्टर

22:05

पंडित जवाहरलाल नेहरू थे। तो उन्होंने जो

22:07

है इस स्कीम को जो है इनोगेट किया था

22:09

कानपुर में 24 फरवरी 1952 में जिसको हम

22:12

ईएसआईसी डे के नाम से जानते हैं। तो ये जो

22:15

है फर्स्ट मेजर लेजिसलेशन था ऑन सोशल

22:18

सिक्योरिटी फॉर वर्कर्स इन इंडिपेंडेंट

22:20

इंडिया। तो सोशल सिक्योरिटी स्कीम के नाम

22:23

से जो है वर्कर्स के लिए ये स्कीम जो है

22:26

लाई गई थी पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा

22:28

24th फरवरी 1952 जिसको हम ईएसआईसी डे के

22:32

नाम से जानते हैं। तो बात कर लें

22:33

ऑब्जेक्टिव की तो ये यानी कि इस स्टेट

22:36

इंश्योरेंस एक्ट एंप्लई स्टेट इंश्योरेंस

22:38

एक्ट 1948 का ऑब्जेक्टिव क्या था? तो

22:40

बेसिक कि टू प्रोवाइड एन इंटीग्रेटेड नीड

22:43

बेस्ड सोशल इंश्योरेंस स्कीम दैट वुड

22:46

प्रोटेक्ट दी इंटरेस्ट ऑफ वर्कर इन

22:48

कॉन्टिजेंसीज सच एज सिकनेस यानी कि बीमारी

22:51

हो गई मैटरनिटी लेव में जाना पड़ गया या

22:54

मिसकैरज हो जाता है टेंपरेरी या परमानेंट

22:56

फिजिकल डिसेबलमेंट हो गया या फिर कोई

22:58

ऑक्यूपेशनल डिजीज हो गई या फिर डेथ हो

23:00

जाती है ड्यू टू एंप्लॉयमेंट इंजरी

23:02

रिजल्टिंग इन लॉस ऑफ़ वेजेस और अर्निंग

23:04

कैपेसिटी यानी कि ऐसी कोई डिजीज हो गई

23:07

जिसकी वजह से अब जो है आप जो है वेज़ नहीं

23:10

अर्न कर सकते हो या फिर अर्न नहीं कर सकते

23:12

हो। तो उस पे आपको जो है इंश्योरेंस जो है

23:15

उसके तहत आपको जो है यहां पे इंश्योरेंस

23:17

मिलता था। दिस एक्ट आल्सो गारंटीज़

23:19

रिज़नेबली गुड मेडिकल केयर टू वर्कर्स एंड

23:22

देयर इमीडिएट डिपेंडेंट्स। तो इस एक्ट के

23:24

जरिए जो है एक अच्छी मेडिकल केयर आपको मिल

23:27

सकती थी। एंप्लाइजज़ को मिल सकती थी और

23:29

फर्दर जो उनके डिपेंडेंट्स होते थे उनको

23:31

भी जो है मेडिकल केयर या फिर फाइनेंसियल

23:32

सपोर्ट इस एक्ट के तहत उनको दिया जाता।

23:35

क्लियर? अब बात कर लें कि नेक्स्ट कि यह

23:38

जो एक्ट है इसकी स्कोप क्या है या फिर

23:40

एप्लीकेबिलिटी किस पे है? तो पहली चीज कि

23:42

ये एक्ट जो है होल ऑफ इंडिया यानी कि पूरे

23:45

इंडिया पर एप्लीकेबल है। द एक्ट एक्सटेंड

23:47

टू दी होल ऑफ इंडिया। और वहीं पे ये जो

23:50

एक्ट है यह सेंट्रल गवर्नमेंट द्वारा

23:51

इनफोर्स किया जाता है। द सेंट्रल

23:53

गवर्नमेंट इज़ एमावर्ड टू इनफोर्स दी

23:55

प्रोविज़ ऑफ द एक्ट बाय नोटिफिकेशन इन द

23:57

ऑफिशियल गैजेट एज़ पर सेक्शन वन सब सेक्शन

24:00

थ्री। तो सेंट्रल गवर्नमेंट ही है जो इसको

24:03

जो है रेगुलेट करती है, एमावर करती है और

24:05

इसके जो भी डिफरेंट प्रोविज़ंस होते हैं वो

24:07

उस एक्ट के वो नोटिफिकेशन के जरिए ऑफिशियल

24:10

गैजेट में सभी जगह पर एप्लीकेबल करवाती

24:13

है। किस लोगों पे किन लोगों पे ये चीज

24:16

एप्लीकेबल है? यानी कि जो एंप्लई स्टेट

24:18

इंश्योरेंस है ये किन लोगों पर एप्लीकेबल

24:20

है? किस टाइप के बिज़नेस पे एप्लीकेबल है?

24:22

तो सबसे पहली चीज़ ऑल फैक्ट्रीज़। ऑल

24:24

फैक्ट्रीज़ एक्सक्लूडिंग सीजनल फैक्ट्रीज़

24:26

एंप्लॉइंग एट लीस्ट 10%। यानी कि वो सभी

24:29

फैक्ट्रीज जो कि कम से कम 10 पर्सन अपने

24:31

यहां पर एंप्लॉयमेंट दे रहे हैं वेज के

24:33

रूप में उनको एंप्लई को रख रहे हैं अपने

24:36

यहां पर तो वहां पर जो है ये एंप्लई स्टेट

24:38

इंश्योरेंस एक्ट लागू होगा। शॉप्स हो गए,

24:40

होटल एंड रेस्टोरेंट्स हो गए, सिनेमाज़ एंड

24:42

थिएटर्स हो गए, रोड, मोटर ट्रांसपोर्ट

24:44

एस्टैब्लिशमेंट हो गए, न्यूज़पेपर

24:46

एस्टैब्लिशमेंट्स हो गए या फिर कोई

24:48

प्राइवेट मेडिकल या एजुकेशनल इंस्टीटशंस

24:50

हो गए जहां पर 20 से अधिक लोग काम कर रहे

24:52

हैं। तो वहां पर यह एक्ट जो है वो

24:54

एप्लीकेबल होगा। अब बात कर लें कि इसमें

24:56

जो एंप्लाइजज़ को बेनिफिट्स दिए जाते हैं

24:58

उसके लिए फंड्स कहां से आते हैं? तो उसके

25:00

लिए क्या होता है कि कंट्रीब्यूशन किया

25:01

जाता है। कॉन्ट्रिब्यूशन क्या होता है कि

25:03

सम ऑफ़ मनी पेएबल टू दी कॉर्पोरेशन।

25:05

कॉर्पोरेशन यानी कि एक फंड बना दिया जाता

25:07

है एंप्लई स्टेट इंश्योरेंस फंड के नाम

25:10

से। और उस फंड्स में जो है एंप्लयर द्वारा

25:13

एंप्लयर का हिस्सा और एंप्लई का हिस्सा जो

25:15

है वह पे किया जाता है। तो कॉनंट्रीब्यूशन

25:17

कहते हैं उसको। ठीक है? ठीक है? तो मींस द

25:19

सम ऑफ़ मनी पेएबल टू दी कॉर्पोरेशन बाय दी

25:22

प्रिंसिपल एंप्लयर इन रिस्पेक्ट ऑफ एन

25:25

एंप्लाइज एंड इंक्लूड एनी अमाउंट पेएबल

25:27

बाय और ऑन बिहाफ ऑफ द एंप्लई इन अकॉर्डेंस

25:30

विद दी प्रोविज़न ऑफ़ दिस एक्ट। तो यहां पर

25:33

क्या होता है कि एंप्लई एक मतलब कि कुछ

25:35

परसेंट जो है गवर्नमेंट द्वारा फिक्स कर

25:36

दिया जाता है। उतना परसेंट जो है एंप्लयर

25:39

को अपना और एंप्लई का हिस्सा जो है

25:42

एंप्लयर द्वारा पे किया जाता है कॉरपोरेशन

25:44

को। क्लियर? द कंट्रीब्यूशन पेएबल शैल

25:46

ऑर्डरली फॉल ड्यू ऑन द लास्ट डे ऑफ़ द वेज

25:49

पीरियड। तो जो वेज पीरियड का लास्ट डे

25:50

होता है उस दिन तक जो है ये कंट्रीब्यूशन

25:52

को कंट्रीब्यूट कर लेना होता है फंड में

25:54

कॉरपोरेशन को। अब बात कर लें कि क्या रेट

25:57

है? तो द कंट्रीब्यूशन शैल बी पेड एट

25:59

रेट्स प्रिस्राइब्ड बाय दी सेंट्रल

26:01

गवर्नमेंट। तो सेंट्रल गवर्नमेंट जो भी

26:02

रेट बताएगा उसके अकॉर्डिंग जो है

26:04

कंट्रीब्यूशन एंप्लयर को करना पड़ेगा। तो

26:06

करेंटली जो कंट्रीब्यूशन रेट है वो 4% है।

26:09

4% में कुछ एंप्लयर का है, कुछ एंप्लई का

26:12

है। तो एंप्लयर का ज्यादा होता है, एंप्लई

26:13

का कम होता है। 3.25% जो है वो एंप्लयर

26:16

कंट्रीब्यूशन होता है और वहीं पे 75 जो है

26:19

वो एंप्लई कंट्रीब्यूशन होता है। याद रहे

26:21

एंप्लई खुद नहीं पे करेगा। एंप्लयर ही

26:23

एंप्लई का हिस्सा भी पे करेगा। तो एंप्लई

26:25

का जितना भी वेज होगा सपोज़ कि 10,000 है

26:27

तो 10,000 का 75% जो है एंप्लयर जो है

26:31

कंट्रीब्यूट कर देगा फंड में। और वहीं पे

26:33

10,000 का 3.25% एंप्लयर अपने साइड से पे

26:36

कर देगा कंट्रीब्यूशन फंड में। क्लियर? तो

26:39

ये जो है कंट्रीब्यूशन रेट हो गया। तो

26:41

अकॉर्डिंग टू सेक्शन 40 ऑफ द एक्ट द

26:43

प्रिंसिपल एंप्लॉयर इज़ लायबल टू पे बोथ द

26:46

एंप्लॉयर्स कॉनंट्रीब्यूशन एंड एंप्लाइजज़

26:48

कॉन्ट्रिब्यूशन। यानी कि सेक्शन 40 जो है

26:51

वो एक्ट का ये कहता है कि जो प्रिंसिपल

26:53

एंप्लॉयर होता है उसकी लायबिलिटी बनती है।

26:56

उसकी जिम्मेदारी बनती है कि जो एंप्लयर का

26:58

कंट्रीब्यूशन है और जो एंप्लई को

27:00

कंट्रीब्यूशन है दोनों ही वो पे करें

27:02

कंट्रीब्यूशन फंड में। ठीक है? इन

27:04

रिस्पेक्ट ऑफ एव्री एंप्लई वेदर

27:06

डायरेक्टली एंप्लॉयड बाय हिम और बाय थ्रू

27:08

एन इमीडिएट एंप्लॉय। तो चाहे उस एंप्लई को

27:10

प्रिंसिपल एंप्लॉय ने डायरेक्टली रिक्रूट

27:13

किया है, एंप्लॉयड किया है या फिर किसी

27:14

इमीडिएट एंप्लॉय ने एंप्लॉय किया है। वो

27:16

प्रिंसिपल एंप्लई की ही जिम्मेदारी बनती

27:18

है कि उसका हिस्सा भी जो है वो

27:20

कंट्रीब्यूशन फंड में पे करेगा। तो जितने

27:23

भी एंप्लई की वेज होगी उसका 3.25% जो है

27:26

एंप्लयर पे करेगा और जितना वेज होगा उसका

27:29

75% वो एंप्लई की वेज से डिडक्ट करके

27:32

कंट्रीब्यूशन में फंड में जो है सबमिट

27:34

किया जाता है। अगर कोई प्रिंसिपल एंप्लयर

27:37

कंट्रीब्यूशन करने से रह जाता है। इफ एनी

27:39

कंट्रीब्यूशन इज़ नॉट पेड बाय द प्रिंसिपल

27:41

एंप्लयर ऑन ड्यू डेट। तो जो भी ड्यू डेट

27:43

है उस तक प्रिंसिपल एंप्लयर द्वारा

27:45

कंट्रीब्यूशन नहीं किया जाता है। तो उससे

27:47

यानी कि एंप्लयर से जो है 12% पर एनम के

27:50

रेट से जो है चार्ज किया जाएगा। ही शैल बी

27:52

लायबल टू पे सिंपल इंटरेस्ट एट 12% पर एनम

27:56

और एट हायर रेट स्पेसिफाइड इन दी

27:58

रेगुलेशन। तो अभी जो है 12% पर एनम है।

28:01

अगर आगे चलके चेंज करके उसको बढ़ाया भी जा

28:03

सकता है। तो अगर कोई प्रिंसिपल एंप्लयर

28:06

ड्यू डेट तक जो है पे नहीं करता है,

28:07

कंट्रीब्यूशन नहीं करता है तो उससे सिंपल

28:09

इंटरेस्ट 12% पर एनम के हिसाब से लिया

28:12

जाएगा एज़ पर सेक्शन 39 सब सेक्शन फाइव के

28:15

अकॉर्डिंग। क्लियर? अब बात कर लें कि

28:17

बेनिफिट्स की कि एंप्लयर एंप्लई स्टेट

28:19

इंश्योरेंस एक्ट 1948 के तहत क्या

28:21

बेनिफिट्स मिलते हैं। तो अंडर दी सेक्शन

28:24

46 ऑफ द एक्ट द इंश्यर्ड पर्सन देयर

28:28

डिपेंडेंट्स आर एंटाइटल्ड टू दी फॉलोइंग

28:30

बेनिफिट्स ऑन प्रिस्राइब्ड स्केल। तो जो

28:33

भी गवर्नमेंट द्वारा प्रिस्राइब किया

28:34

जाएगा उस स्केल के तहत जो बेनिफिट्स हैं

28:37

वो दिए जाएंगे। किसको? इंश्यर्ड पर्सन को

28:39

और उनके डिपेंडेंट्स को भी। पहला

28:42

पीरियडिकल पेमेंट इन केस ऑफ़ सिकनेस

28:44

सर्टिफ़ाइड ब द मेडिकल प्रैक्टिशनर। तो

28:46

यानी कि अगर कोई मेडिकल प्रैक्टिशनर है

28:48

उसने सर्टिफ़ाई कर दिया तो कि इंश्योर को

28:51

या फिर उसके डिपेंडेंट को कोई पर्टिकुलर

28:53

सिकनेस है तो उसके लिए जो है पीरियडिकल

28:55

पेमेंट जो है उसको दिया जाएगा। पीरियडिकल

28:57

पेमेंट टू एन इंश्य्यर्ड वर्कमैन इन केस

28:59

ऑफ़ कनफाइनमेंट और मिसकैरज और सिकनेस

29:02

अराइज़िंग आउट ऑफ प्रेगनेंसी कनफाइनमेंट।

29:04

क्लियर? तो यहां पर जो है पीरियडिकल

29:06

पेमेंट किया जाएगा। अगर किसी फीमेल

29:08

कैंडिडेट को उसको मिसकैरज हो जाता है या

29:10

फिर प्रेगनेंसी की वजह से कोई सिकनेस होती

29:12

है तो उसको जो है यहां पर पीरियडिकल

29:14

पेमेंट किया जाएगा। पीरियडिकल पेमेंट टू

29:16

एन इंश्यर्ड पर्सन सफरिंग फ्रॉम

29:18

डिसेबलमेंट एज अ रिजल्ट ऑफ़ एंप्लॉयमेंट

29:20

इंजरी। यानी कि एंप्लॉयमेंट पे जॉब पे कर

29:23

रहा था उसकी वजह से इंजरी हुई। उसके वजह

29:24

से वो डिसेबल्ड हो गया तो उसको पीरियडिकल

29:26

पेमेंट दिया जाएगा। पीरियडिकल पेमेंट टू

29:29

डिपेंडेंट ऑफ इंश्यर्ड पर्सन। यहां पे जो

29:31

है इंश्यर्ड पर्सन है उसके डिपेंडेंट हो

29:33

गए। उनको भी पीरियडिकल पेमेंट मिलेगा।

29:35

मेडिकल ट्रीटमेंट एंड अटेंडेंस ऑफ

29:37

इंश्यर्ड पर्सन। तो इंश्यर्ड पर्सन का

29:40

मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए जो है यहां पे

29:41

बेनिफिट दिया जाएगा। पेमेंट ऑफ फ्यूनरल

29:43

एक्सपेंसेस ऑन द डेथ ऑफ इंश्यर्ड पर्सन एट

29:46

द प्रिस्राइब्ड रेट ऑफ यानी कि अगर जो

29:48

इंश्यर्ड पर्सन है उसकी डेथ हो जाती है तो

29:50

उसके उसके फ्यूनरल के खर्चे भी जो है वो

29:53

इंश्योरेंस इस स्कीम के तहत जो है उसको

29:55

दिए जाते थे। यानी कि इतने तरीके के

29:57

बेनिफिट जो है वो मिलते हैं इस एंप्लई

29:59

स्टेट इंश्योरेंस एक्ट के तहत। क्लियर? अब

30:02

यहां पर जो है इसके लिए कुछ जनरल प्रोविजन

30:04

है रिलेटिंग टू बेनिफिट। क्या है कि राइट

30:07

टू रिसीव बेनिफिट इज़ नॉट ट्रांसफरल और

30:09

असाइनेबल। यानी कि ये नहीं कि आप इंश्यर्ड

30:12

हो लेकिन आप कह रहे हो कि नहीं मेरी जगह

30:13

किसी और को दे दो। तो ऐसा नहीं होगा। यानी

30:15

कि ट्रांसफरेबल नहीं है ना ही असाइनेबल

30:17

है। वहीं पे दूसरा क्या है कि एन

30:19

इंश्य्यर्ड पर्सन इज़ नॉट एंटाइटल्ड टू

30:21

रिसीव फॉर द सेम पीरियड मोर देन वन

30:23

बेनिफिट। यानी कि यहां पर आप जो है दो

30:25

बेनिफिट एक साथ नहीं ले सकते हो। यानी कि

30:27

बेनिफिट ऑफ सिकनेस कैन नॉट बी कंबाइंड विद

30:29

द बेनिफिट ऑफ मैटरनिटी और डिसेबलमेंट।

30:32

क्लियर? तो आप जो है दो बेनिफिट एक साथ

30:34

सेम पीरियड में नहीं ले सकते हैं। क्लियर?

30:37

तो इस स्कीम की एडमिनिस्ट्रेशन के लिए जो

30:39

है यहां पर तीन लेवल पे क्रिएट किया गया

30:41

है। एंप्लाइजज़ स्टेट इंश्योरेंस

30:42

कॉरपोरेशन, स्टैंडिंग कमिटी और मेडिकल

30:45

बेनिफिट काउंसिल हैव बीन कॉन्स्टिट्यूटेड।

30:48

तो ये तीन चीजें जो है बनाई गई है जो कि

30:50

इस स्कीम को जो है मॉनिटर करती हैं,

30:52

एडमिनिस्टर करती हैं। सेक्शन 26 ऑफ द एक्ट

30:55

प्रोवाइड दैट ऑल कंट्रीब्यूशन पेड अंडर

30:58

दिस एक्ट एंड ऑल द अदर मनीज़ रिसीव्ड ऑन

31:00

बिहाफ ऑफ़ द कॉरपोरेशन शैल बी पेड इंटू अ

31:03

फंड। उसको क्या कहते हैं? एंप्लई स्टेट

31:06

इंश्योरेंस फंड व्हिच शैल बी हेल्ड एंड

31:08

एडमिनिस्टर्ड बाय द कॉरपोरेशन फॉर द पर्पज

31:10

ऑफ़ दिस एक्ट। तो ये जो है एडमिनिस्ट्रेशन

31:12

से रिलेटेड कुछ यहां पे इंफॉर्मेशन हो गई

31:14

कि जो एडमिनिस्ट्रेशन है इस इंश्योरेंस

31:16

स्कीम का वो एंप्लई स्टेट इंश्योरेंस

31:18

कॉरपोरेशन करती है। स्टैंडिंग कमिटी सजेशन

31:20

करती है। मेडिकल बेनिफिट काउंसलिंग होती

31:22

है जो कि फर्दर जो है सजेस्ट करती है। और

31:24

सेक्शन 26 क्या कहता है कि जो भी

31:26

कंट्रीब्यूशन आता है एंप्लयर के साइड से

31:28

और जो भी अदर मनी रिसीव्ड होते हैं

31:31

कॉरपोरेशन के साइड से वो एंप्लाइजज़ स्टेट

31:33

इंश्योरेंस फंड में जो है जाएंगे और जो है

31:36

उसको एडमिनिस्ट्रेशन कौन करेगा? उसको

31:38

एडमिनिस्टर कौन करेगा इस फंड को?

31:40

कॉरपोरेशन ही करेगी इस एक्ट के पर्पस के

31:42

लिए। एंप्लाइजज़ स्टेट इंश्योरेंस एक्ट

31:45

1948 के चैप्टर सिक्स में एजुडिकेशन ऑफ़

31:48

डिस्प्यूट एंड क्लेम्स के बारे में

31:50

डिफरेंट सेक्शन में बताया गया है। तो

31:52

देखिए होता क्या है कि बहुत सारे

31:53

डिस्प्यूट्स आ जाते हैं कि एंप्लयर ने

31:55

अपना कंट्रीब्यूशन नहीं दिया या फिर

31:57

प्रिंसिपल एंप्लॉय ने एंप्लई को

31:58

कंट्रीब्यूशन डिडक्ट नहीं किया। उसको पे

32:00

नहीं किया या फिर जो भी बेनिफिट्स मिलने

32:02

थे, क्लेम्स मिलने थे, उसको लेकर जो है

32:04

डिस्प्यूट्स होते हैं। तो उन डिस्प्यूट्स

32:05

को रिॉल्व करने के लिए ये जो है एंप्लई

32:08

स्टेट इंश्योरेंस एक्ट 1948 के चैप्टर

32:10

सिक्स में एजुडिकेशन ऑफ डिस्प्यूट एंड

32:12

क्लेम्स के अंदर डिफरेंट सेक्शन में बताया

32:14

गया है कि कैसे जो है डिस्प्यूट को

32:16

रिज़ॉल्व करना है या फिर क्लेम्स को

32:18

क्लेम्स को लेकर जो भी डाउट्स हैं, जो भी

32:20

डिस्प्यूट्स हैं, उसको रॉल्व करना है। तो

32:21

एजुडिकेशन का मतलब क्या होता है? द एक्ट

32:24

ऑफ जजिंग अ केस कंपटीशन और आर्गुमेंट और

32:27

ऑफ मेकिंग अ फॉर्मल डिसीजन अबाउट समथिंग।

32:30

तो जो डिस्प्यूट्स हैं, जो क्लेम्स हैं,

32:32

उससे रिलेटेड जो भी कंपटीशन या फिर

32:34

आर्गुमेंट या फिर जो भी डिस्प्यूट्स होता

32:36

है, उसको जज करने के लिए उसको रॉल्व करने

32:38

के लिए इस सेक्शन में बताया गया है। तो

32:40

सबसे पहले कि अगर एंप्लई स्टेट इंश्योरेंस

32:43

एक्ट 1948 के तहत जो भी बेनिफिट्स हैं, जो

32:46

भी कंट्रीब्यूशन है उसको लेकर कोई इशू आता

32:49

है तो उसके लिए जो है एक एंप्लाइजज़

32:51

इंश्योरेंस कोड जो है वो कॉन्स्टिट्यूट

32:54

किया जाएगा। सेक्शन 74 में इसके बारे में

32:56

बताया गया है कि जो स्टेट गवर्नमेंट होगी

32:58

वो गैजेट ऑफिशियल गैजेट नोटिफिकेशन जारी

33:01

करके एंप्लाइजज़ इंश्योरेंस कोर्ट जो है वो

33:04

कॉन्स्टिट्यूट करेगी यानी कि बनाएगी।

33:05

क्लियर? और इसमें जो है कौन होगा ऑफिशियल?

33:08

तो एनी पर्सन हु इज़ और हैज़ बीन अ जुडिशियल

33:11

ऑफिसर और इज़ अ लीगल प्रैक्टिशनर ऑफ़ फाइव

33:14

इयर्स स्टैंडिंग शैल बी क्वालिफाइड टू बी

33:17

अ जज ऑफ द एंप्लाइजज़ इंश्योरेंस कोड। तो

33:19

जो एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट बनाएगी

33:21

गवर्नमेंट स्टेट गवर्नमेंट उसमें जो जज

33:24

होगा वह या तो जुडिशियल ऑफिसर हो या फिर

33:26

लीगल प्रैक्टिशनर हो जो कि फाइव ईयर का

33:28

उसके पास जो है एक्सपीरियंस होना चाहिए।

33:30

क्लियर? तो यहां पे पहली चीज तो क्लियर हो

33:32

गई कि अगर कोई डिस्प्यूट या फिर क्लेम

33:34

होता है एंप्लई स्टेट इंश्योरेंस एक्ट

33:36

1948 के तहत तो उसके एजुडिकेशन के लिए एक

33:38

एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट जो है वो बनता है

33:41

एज़ पर सेक्शन 74। उसके बाद अब सेक्शन 75

33:44

में बताया गया है कि कौन-कौन से मैटर्स

33:46

हैं जो कि एंप्लाइजज़ इंश्योरेंस कोर्ट में

33:49

डील किए जाते हैं। क्लियर? तो वेदर एनी

33:51

पर्सन इज़ एन एंप्लई विद इन द मीनिंग ऑफ़

33:54

दिस एक्ट और वेदर ही इज़ लायबल टू पे द

33:56

एंप्लाइजज़ कंट्रीब्यूशन। तो जो है वो

33:58

एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट में जा सकता है।

34:00

अगर उसके पास डिस्प्यूट है। द रेट ऑफ़

34:02

वेजेस और एवरेज डेली वेजेस ऑफ़ एन एंप्लई

34:05

फॉर द पर्पस ऑफ़ दिस एक्ट। तो इस एक्ट को

34:07

लेके जो भी रेट ऑफ वेजेस है या फिर एवरेज

34:09

डेली वेजेस है उससे लेकर कोई डिस्प्यूट है

34:10

तो इस इंश्योरेंस एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट

34:12

में जा सकता है। द रेट ऑफ कंट्रीब्यूशन

34:14

पेएबल बाय प्रिंसिपल एंप्लयर इन रेस्पेक्ट

34:17

ऑफ एनी एंप्लई एंप्लई के लिए जो प्रिंसिपल

34:19

एंप्लयर को जो भी कंट्रीब्यूशन देना था

34:21

उसके रेट को लेकर अगर कोई डिस्प्यूट है तो

34:23

वहां पर एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट में जा

34:24

सकता है। द पर्सन हु इज़ और वाज़ द

34:27

प्रिंसिपल एंप्लयर इन रेस्पेक्ट ऑफ़ एनी

34:29

एंप्लई वो जो है उसको डील कर सकता है

34:31

एंप्लॉय इंश्योरेंस कोर्ट। वहीं पे द राइट

34:33

ऑफ एनी पर्सन टू एनी बेनिफिट एंड एज टू द

34:35

अमाउंट एंड ड्यूरेशन देयर ऑफ अगर इसको

34:38

लेकर कि मतलब कि आपको क्या बेनिफिट मिलने

34:40

थे या फिर कितना अमाउंट मिलना था या फिर

34:41

ड्यूरेशन को लेकर कोई डिस्प्यूट है तो वो

34:43

एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट में जा सकता है।

34:45

यानी कि एंप्लई स्टेट इंश्योरेंस एक्ट में

34:47

जो भी बेनिफिट्स मिलने हैं उसको लेकर कोई

34:49

डिस्प्यूट है या फिर जो कंट्रीब्यूशन को

34:51

लेकर कोई डिस्प्यूट हो रहा है तो वो कोर्ट

34:53

में एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट में जा सकता

34:55

है उसको लेकर। क्लियर? उसके अलावा एनी अदर

34:58

मैटर व्हिच इज इन डिस्प्यूट बिटवीन अ

35:00

प्रिंसिपल एंप्लयर एंड द कॉरपोरेशन और

35:02

बिटवीन अ प्रिंसिपल एंप्लयर एंड एन

35:05

इमीडिएट एंप्लयर और बिटवीन अ पर्सन एंड द

35:08

कॉरपोरेशन और बिटवीन एन एंप्लई एंड ए

35:11

प्रिंसिपल और इमीडिएट एंप्लॉयर। तो अगर

35:13

किसी भी वजह से कोई भी ऐसा मैटर जो कि इस

35:16

एक्ट में इंक्लूडेड है उसको लेकर

35:18

प्रिंसिपल एंप्लयर और कॉरपोरेशन या

35:20

प्रिंसिपल एंप्लयर और इमीडिएट एंप्लॉयर और

35:23

या फिर इमीडिएट एंप्लॉयर या फिर प्रिंसिपल

35:25

एंप्लॉयर और एंप्लई के बीच में डिस्प्यूट

35:26

है तो वो जो है एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट

35:29

में जाएगा। क्लियर? तो ये सारे मैटर्स हैं

35:31

जो कि डील करता है। क्लियर? नेक्स्ट है कि

35:34

किस टाइप के क्लेम को लेकर जो है एंप्लई

35:36

इंश्योरेंस कोर्ट डिसीजन दे सकती है? तो द

35:38

फॉलोइंग क्लेम शैल बी डिसाइडेड बाय दी

35:40

एंप्लाइजज़ इंश्योरेंस कोर्ट नेमली। पहला

35:43

क्या है? क्लेम फॉर द रिकवरी ऑफ़

35:45

कंट्रीब्यूशन फ्रॉम द प्रिंसिपल एंप्लयर।

35:47

अगर एंप्लयर ने प्रिंसिपल एंप्लॉयर ने

35:49

कंट्रीब्यूशन नहीं पे किया है तो उसके लिए

35:51

क्लेम ले सकता है। इंप्लुएंस इंश्योरेंस

35:54

कोड जो है वो ऑर्डर दे सकता है। क्लेम बाय

35:56

अ प्रिंसिपल एंप्लॉयर टू रिकवर

35:58

कंट्रीब्यूशन फ्रॉम एनी इमीडिएट एंप्लयर।

36:00

तो जो प्रिंसिपल एंप्लॉयर है वो किसी भी

36:02

इमीडिएट एंप्लयर से जो है क्लेम कर सकता

36:05

है कि उससे वो रिकवर करे जो भी उसको

36:07

कंट्रीब्यूशन देना था। क्लेम अंडर सेक्शन

36:10

70 फॉर द रिकवरी ऑफ़ द वैल्यू और अमाउंट ऑफ

36:12

द बेनिफिट्स रिसीव्ड बाय अ पर्सन व्हेन ही

36:15

इज़ नॉट लॉफुल एंटाइटल्ड देयर टू। यानी कि

36:17

सपोज़ कि कोई एंप्लई है। उसने जो है वो

36:19

बेनिफिट अवेल कर लिया जिसके लिए वह

36:21

एलिजिबल नहीं था। तो उसके लिए भी जो है

36:23

रिकवरी ले सकता है प्रिंसिपल एंप्लयर और

36:25

उसके लिए जो है एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट

36:27

ऑर्डर दे सकती है। इफ एनी क्लेम फॉर द

36:29

रिकवरी ऑफ़ एनी बेनिफिट एडमिसिबल अंडर दिस

36:32

एक्ट तो उसके लिए भी जो है एंप्लई

36:34

इंश्योरेंस कोर्ट जो है आर्डर दे सकती है।

36:36

तो यहां पर कहने का मतलब यह है कि अगर

36:38

एंप्लॉयर ने या फिर एंप्लई ने जो

36:40

प्रिंसिपल एंप्लयर है उसने जो है

36:41

कंट्रीब्यूशन पे नहीं किया तो उसके लिए

36:43

क्लेम जो है क्लेम का आर्डर दे सकती है।

36:45

अगर किसी ने गलत तरीके से बेनिफिट ले लिया

36:47

वो एलिजिबल नहीं था तो उसके लिए जो है उसे

36:48

रिकवर करने के लिए जो है आर्डर दे सकती

36:51

है। तो ये जो है मेजर दो इंपॉर्टेंट यहां

36:53

पर डिसीजन है या फिर क्लेम को लेकर

36:55

इंश्योरेंस कोर्ट जो है वो ऑर्डर दे सकती

36:57

है। अब बात कर लें कमेंसमेंट ऑफ

36:59

प्रोसीडिंग तो 77 सेक्शन में कहा गया है

37:01

कि जो प्रोसीडिंग है वो एंप्लॉय

37:03

इंश्योरेंस कोर्ट वो जो है जैसे ही उसको

37:05

एप्लीकेशन मिलेगा तुरंत प्रोसीडिंग

37:07

स्टार्ट हो जाएगी। और एव्री सच एप्लीकेशन

37:09

शैल बी मेड विद इन अ पीरियड ऑफ़ थ्री इयर्स

37:11

फ्रॉम द डेट ऑन व्हिच द कॉज़ ऑफ़ एक्शन

37:14

अरोज़। तो यानी कि जब भी यह कॉज़ हुआ है, जब

37:16

भी वह डिस्प्यूट हुआ है, तो उसके 3 साल के

37:18

अंदर जो है एप्लीकेशन देना होगा। और जब आप

37:20

एप्लीकेशन दोगे तो उसके बाद ही जो है आपकी

37:22

प्रोसीडिंग यानी कि केस की सुनवाई होगी।

37:24

क्लियर? तो ये सेक्शन 77 में कहा गया। अब

37:27

बात कर लें कि पावर ऑफ़ एंप्लाइजज़

37:28

इंश्योरेंस कोर्ट। तो कुछ एंप्लाइजज़

37:31

इंश्योरेंस कोर्ट को पावर दी गई है जो कि

37:32

सेक्शन 78 में कहा गया है कि शैल हैव ऑल

37:35

दी पावर ऑफ अ सिविल कोर्ट फॉर द पर्पस ऑफ़

37:37

समनिंग एंड इनफोर्सिंग दी अटेंडेंस ऑफ

37:40

विटनेस कंपेलिंग द डिस्कवरी एंड प्रोडक्शन

37:43

ऑफ़ डॉक्यूमेंट्स एंड मटेरियल ऑब्जेक्ट्स।

37:45

एडमिनिस्टरिंग ओथ एंड रिकॉर्डिंग एविडेंस

37:47

एंड सच कोर्ट शैल बी डीम्ड टू बी अ सिविल

37:50

कोर्ट। तो यानी कि जो एंप्लाइजज़

37:51

इंश्योरेंस कोर्ट है वो सिविल कोर्ट के

37:53

इक्विवेलेंट माना गया है और उसके पास ये

37:55

पावर है कि वो किसी को भी समन भेज सके।

37:57

किसी को भी विटनेस के लिए बुला सके। कोई

38:00

भी डॉक्यूमेंट है उसको मांगा जा सके कि

38:02

डॉक्यूमेंट आप प्रोवाइड करिए। कोई भी जो

38:04

है वहां पे ओथ मांगा जा सकता है, लिया जा

38:07

सकता है, एविडेंस को रिकॉर्ड किया जा सकता

38:09

है। यानी कि सिविल कोर्ट के जैसा उनके पास

38:11

पावर रहता है। हालांकि रजिस्ट्रेशनंस के

38:13

साथ ये सारे पावर रहते हैं। द एंप्लाइजज़

38:15

इंश्योरेंस कोर्ट शैल फॉलो सच प्रोसीजर एज

38:18

मे बी प्रिस््राइब्ड बाय रूल्स मेड बाय दी

38:20

स्टेट गवर्नमेंट। तो जो भी स्टेट

38:21

गवर्नमेंट रूल बनाती है वो एंप्लई

38:23

इंश्योरेंस कोर्ट को फॉलो करना पड़ेगा।

38:25

वहीं पे जो ऑर्डर एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट

38:27

देगी उसको जो है इनफोर्सिएबल माना जाएगा।

38:29

उसको जो है फॉलो करना पड़ेगा और सिविल

38:31

कोर्ट के इक्विवेलेंट माना जाएगा। एंड

38:33

ऑर्डर ऑफ द एंप्लाइजज़ कोर्ट शैल बी

38:35

इनफोर्सबल एज इफ इट वेयर अ डिग्री पास्ड

38:38

इन अ सूट बाय सिविल कोर्ट। यानी कि जिस

38:40

तरीके से सिविल कोर्ट जो ऑर्डर देता है वो

38:42

इनफोर्सबल होता है उसको फॉलो करना पड़ता

38:44

है। उसी तरीके से जब एंप्लई इंश्योरेंस

38:45

कोर्ट कोई ऑर्डर देगा तो उसको जो है फॉलो

38:47

करना होगा। डिग्री का मतलब होता है एन

38:49

ऑफिशियल ऑर्डर गिवेन बाय गवर्नमेंट और

38:51

ऑफिशियल यानी किसी पर्सन द्वारा। ठीक है?

38:54

अब बात कर लें कि अपील यानी कि अगर जो है

38:56

एंप्लॉय इंश्योरेंस कोर्ट ने कोई केस का

38:58

ऑर्डर दे दिया। उसने क्लेम का ऑर्डर दे

39:00

दिया किसी प्रिंसिपल एंप्लयर को या फिर जो

39:02

है एंप्लई के लिए तो उसके अगेंस्ट आप जो

39:05

है अपील कर सकते हैं। तो सेक्शन 82 में

39:07

कहा गया है कि एन अपील कैन बी मेड टू हाई

39:10

कोर्ट फ्रॉम एन ऑर्डर ऑफ एन एंप्लई

39:12

इंश्योरेंस कोर्ट। तो अगर आप जो है एंप्लई

39:14

इंश्योरेंस कोर्ट के ऑर्डर से खुश नहीं है

39:16

तो आप जो है हाई कोर्ट में अपील कर सकते

39:18

हैं। एन अपील अंडर दिस सेक्शन शैल बी 60

39:20

डेज। यानी कि आपको 60 दिनों के अंदर जो है

39:23

अपील बनाना होगा। एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट

39:25

ने जिस दिन आपको आर्डर दिया उस दिन से

39:27

आपको 60 दिन के अंदर हाई कोर्ट में अपील

39:29

करना होगा। अगर आप जो है एंप्लई

39:31

इंश्योरेंस कोर्ट के ऑर्डर से खुश नहीं

39:32

है। वहीं पे स्टे ऑफ़ पेमेंट पेंडिंग अपील।

39:35

तो सेक्शन 83 में कहा गया है कि व्हेयर द

39:38

कॉरपोरेशन हैज़ प्रेजेंटेड एन अपील अगेंस्ट

39:40

एन ऑर्डर ऑफ़ द एंप्लाइज़ इंश्योरेंस कोर्ट।

39:42

यानी कि जब कोई कॉरपोरेशन जो है एंप्लई

39:45

इंश्योरेंस कोर्ट के आर्डर के अगेंस्ट

39:47

अपील किया हो हाई कोर्ट में तो कोर्ट मे

39:49

एंड इफ सो डायरेक्टेड बाय हाई कोर्ट शैल

39:52

विथोल्ड दी पेमेंट ऑफ एनी सम डायरेक्टेड

39:54

टू बी पेड बाय दी ऑर्डर्ड अपील अगेंस्ट।

39:56

तो यहां पर कहने का मतलब ये है कि अगर जो

39:59

कॉरपोरेशन है उन्होंने एंप्लई इंश्योरेंस

40:01

कोर्ट के अगेंस्ट जो है ऑर्डर के अगेंस्ट

40:03

हाई कोर्ट में अपील की है तो उस केस में

40:05

जो कोर्ट है वो अपने आप से चाहे हाई कोर्ट

40:08

के आर्डर से हाई कोर्ट के डायरेक्शन से उस

40:10

आर्डर को जो है स्टे कर सकती है यानी कि

40:13

रोक सकती है। अब सपोज कि जो एंप्लई

40:15

इंश्योरेंस कोर्ट है उन्होंने कह दिया कि

40:17

कॉरपोरेशन को ₹1 लाख जो है अगले महीने तक

40:20

सबमिट करना है। अब फिर एंप्लई इंश्योरेंस

40:22

कोर्ट की इस ऑर्डर के अगेंस्ट जो है

40:24

कॉर्पोरेशन हाई कोर्ट में अपील कर देता

40:25

है। तो जो 1 महीने के अंदर ₹1 लाख जमा

40:27

करना था कॉर्पोरेशन को उस पे स्टे लगाया

40:29

जा सकता है। यानी कि अब उसने अपील कर दिया

40:32

हाई कोर्ट में तो जो कोर्ट है या फिर हाई

40:34

कोर्ट के डायरेक्शन पे ₹1 लाख जो 1 महीने

40:36

के अंदर जमा करना था वो रुक जाएगा। यानी

40:37

कि अभी आपको ₹1 लाख जमा करने की जरूरत

40:39

नहीं है। जब हाई कोर्ट में सुनवाई हो

40:41

जाएगी उसके बाद जो फाइनल डिसीजन आएगा उसके

40:43

बाद फिर आपको जो है उसके अकॉर्डिंग वहां

40:45

पर एक्टिविटी परफॉर्म करनी पड़ेगी।

40:47

क्लियर? तो ये जो है एंप्लई स्टेट

40:49

इंश्योरेंस एक्ट के से जो है कुछ

40:52

इंपॉर्टेंट सेक्शंस थे। एजुडिकेशन ऑफ

40:55

डिस्प्यूट एंड क्लेम से। तो यहां पर क्या

40:57

होता है कि जब भी इस एक्ट के तहत जो भी

40:59

चीजें डील होती हैं उससे रिलेटेड जब

41:00

डिस्प्यूट्स होते हैं एंप्लयर ने

41:02

कंट्रीब्यूशन नहीं दिया या फिर कोई अदर जो

41:05

है बेनिफिट को लेकर या फिर अमाउंट को लेकर

41:08

डिस्प्यूट होता है तो उसके लिए जो स्टेट

41:10

गवर्नमेंट है वो एंप्लई इंश्योरेंस कोड जो

41:12

है सेक्शन 74 के तहत जो है बनाती है।

41:14

उसमें जो है एक जज होता है। वो जुडिशियल

41:16

ऑफिसर या फिर लीगल प्रैक्टिशनर हो सकता है

41:18

जिसके पास 5 साल का एक्सपीरियंस हो। वहीं

41:20

पे कुछ सेक्शन 75 में कौन-कौन से मैटर डील

41:23

किए जाएंगे एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट में

41:25

उसके बारे में बताया गया। क्लियर? उसके

41:27

बाद फिर क्या-क्या क्लेम से रिलेटेड

41:29

डिसीजन ले सकती है एंप्लई इंश्योर कोर्ट

41:30

उसके बारे में बताया गया। सेक्शन 75 में

41:32

ही सेक्शन 77 में बताया गया कि कमेंसमेंट

41:34

ऑफ प्रोसीडिंग। तो जब एप्लीकेशन मिलेगा

41:36

तभी प्रोसीडिंग स्टार्ट होगी और

41:38

डिस्प्यूट्स होने से 3 साल के अंदर ही जो

41:40

है वहां पर एप्लीकेशन देना होता है। उसके

41:43

बाद फिर इंप्लांसेस कोर्ट की पावर्स के

41:45

बारे में बताया गया सेक्शन 78 में। तो

41:47

वहां पर एक सिविल कोर्ट की जो पावर होती

41:49

है वही पावर एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट को

41:50

भी रहेगी वहां पर क्लियर। वहीं पे उसके

41:53

बाद अगर आप एंप्लई इंश्योरेंस कोर्ट के

41:55

ऑर्डर से नाखुश हैं तो सेक्शन 82 के तहत

41:57

आप जो है हाई कोर्ट में अपील कर सकते हैं

41:59

60 डेज के अंदर। और सेक्शन 83 में बताया

42:02

गया है कि अगर आप हाई कोर्ट में अपील करते

42:04

हैं तो उस केस में जो कोर्ट ने ऑर्डर दिया

42:06

है या फिर हाई कोर्ट के डायरेक्शन के

42:08

बेसिस पे जो भी ऑर्डर रहा होगा क्लेम को

42:11

रिकवर करने के लिए उस पे जो है स्टे लगाया

42:13

जा सकता है। एंप्लाइजज़ स्टेट इंश्योरेंस

42:15

एक्ट 1948 के चैप्टर से में पेनल्टीज के

42:19

बारे में बताया गया है। तो पेनल्टीज़ क्या

42:22

है? कि जब भी कोई एंप्लयर या फिर एंप्लई

42:24

कोई ऑफेंस करता है इस एक्ट के तहत तो उसके

42:26

ऊपर पेनल्टीज लगाया जाता है। यानी कि उसको

42:28

जेल भेज दिया जाएगा या फिर उसके ऊपर फाइन

42:30

लगा दिया जाएगा या फिर दोनों ही उसके ऊपर

42:31

पेनल्टीज लगाई जा सकती है। यानी कि उसको

42:33

जेल के साथ-साथ फाइन भी देना पड़ेगा। तो

42:35

एंप्लयर क्या होता है? एंप्लयर को जो है

42:37

कई बार कंट्रीब्यूशन जो है पे करना पड़ता

42:39

है इस एक्ट के तहत एंप्लयर को। तो एंप्लई

42:41

के वेजेस से जो है एंप्लयर अपना

42:43

कंट्रीब्यूशन का हिस्सा भी डिटेक्ट कर ले

42:44

रहा है या फिर एंप्लई का कोई बेनिफिट है

42:46

वो एंप्लयर उसको नहीं प्रोवाइड कर रहा है

42:48

या फिर एंप्लयर जो है कोई फॉल्स स्टेटमेंट

42:50

दे रहा है या फिर जो इंस्पेक्टर्स होते

42:52

हैं उनको जो है ऑफसेट कर रहा है। उनको

42:54

एक्टिविटीज़ परफॉर्म नहीं करने दे रहा है

42:55

उनको। तो इस केस में क्या होता है कि उनके

42:57

ऊपर पेनल्टीज़ लगा दी जाती हैं। तो सबसे

43:00

पहले बात करेंगे पनिशमेंट फॉर फॉल्स

43:02

स्टेटमेंट अकॉर्डिंग टू सेक्शन 84 ऑफ़ दिस

43:04

एक्ट। तो हु एवर नोइंगली मेक्स और कॉजेस

43:08

टू बी मेड एनी फॉल्स स्टेटमेंट और फॉल्स

43:10

रिप्रेजेंटेशन। यानी कि कोई भी जानबूझकर

43:13

अगर कोई फॉल्स स्टेटमेंट या फिर फॉल्स

43:15

रिप्रेजेंटेशन करता है। फॉर द पर्पस ऑफ़

43:18

कॉजिंग एनी इंक्रीज़ इन पेमेंट और बेनिफिट

43:20

अंडर दिस एक्ट। यानी कि ज्यादा बेनिफिट

43:22

पाने के लिए जो है फॉल्स स्टेटमेंट दिखा

43:24

रहा है। और फॉर द पर्पस ऑफ़ कॉजिंग एनी

43:26

पेमेंट और बेनिफिट टू बी मेड व्हेयर नो

43:28

पेमेंट और बेनिफिट इज़ अथराइज़्ड। यानी कि

43:30

जहां पे कोई पेमेंट नहीं होना था या फिर

43:32

कोई बेनिफिट नहीं मिलना था। वहां पे भी

43:34

आपको जो है पेमेंट या फिर बेनिफिट ले लिया

43:36

आपने फॉल्स स्टेटमेंट की वजह से या फिर

43:38

फॉर द पर्पस ऑफ़ अवॉयडिंग एनी पेमेंट टू बी

43:40

मेड बाय हिमसेल्फ अंडर दिस एक्ट और

43:42

इनेबलिंग एनी अदर पर्सन टू अवॉयड एनी सच

43:45

पेमेंट यानी कि आपको कोई पेमेंट करना था

43:47

लेकिन आपने फॉल्स स्टेटमेंट या फिर फॉल्स

43:49

रिप्रेजेंटेशन करके आपने पेमेंट नहीं किया

43:51

या फिर किसी और को पेमेंट करने से रोक

43:53

दिया तो इस केस में क्या है ये पनिशमेंट

43:55

ये जो है ऑफेंस बनेगा और ऑफेंस बनेगा तो

43:57

इसमें आपको क्या मिलेगा पनिशमेंट मिलेगी

43:59

क्या पनिशमेंट मिलेगी कि अगर आप जो है शैल

44:03

बी पनिशिबल विद इंप्रज़मेंट फॉर अ टर्म

44:05

व्हिच मे एक्सटेंड टू सिक्स मंथ और विद

44:08

फाइन नॉट एक्सीडिंग ₹2000 और विद बोथ।

44:11

यानी कि अगर आपने फॉल्स रिप्रेजेंटेशन या

44:14

फिर फॉल्स जो है वहां पर इंफॉर्मेशन देते

44:16

हो और उसके बेसिस पे या तो आपको पेमेंट

44:18

करना था पेमेंट नहीं किया। आपको जो है

44:20

एक्स्ट्रा बेनिफिट ले लेते हो फॉल्स

44:22

स्टेटमेंट के बेसिस पे। तो उस केस में

44:24

आपको 6 महीने की जेल, 6 महीने तक की जेल

44:27

या फिर आपको जो है ₹2000 तक का फाइन या

44:30

फिर दोनों ही आपके ऊपर लगाया जा सकता है।

44:32

क्लियर? व्हेयर एन इंश्यर्ड पर्सन इज

44:35

कन्विक्टेड। अगर कोई इंश्यर्ड पर्सन है वो

44:37

उसको जो है सजा मिलती है या फिर उसने जो

44:39

है ऑफेंस किया है तो उस केस में ही शैल

44:42

नॉट बी एंटाइटल्ड फॉर एनी कैश बेनिफिट

44:44

अंडर दिस एक्ट। तो उसको क्या मिलेगा कि

44:46

अगर वो इंश्यर्ड पर्सन है तो उसको कोई भी

44:49

बेनिफिट कैश बेनिफिट नहीं मिलेगा इस एक्ट

44:51

के तहत। फॉर सच अ पीरियड एज मे बी प्री

44:53

प्रिस्क्राइब बाय द सेंट्रल गवर्नमेंट। तो

44:55

जो भी पीरियड बताया जाएगा सेंट्रल

44:56

गवर्नमेंट की तरफ से उस पीरियड तक जो है

44:59

उसको कैश बेनिफिट नहीं मिलेगा अगर वो

45:00

कन्विक्टेड होता है तो यानी कि उसने ऑफेंस

45:02

किया है तो फॉल्स स्टेटमेंट देकर जो है

45:05

कोई चीज उसने सर्विस अवेल की है। क्लियर?

45:08

तो अगर फॉल्स स्टेटमेंट देकर आप जो है

45:10

पेमेंट बढ़ा देते हो, बेनिफिट बढ़ा देते

45:12

हो या फिर आपको पेमेंट करना था, आप पेमेंट

45:14

नहीं करते हो, पेमेंट करने से बच जाते हो

45:16

तो उस केस में 6 महीने तक की जेल प्लस

45:20

₹2000 तक का फाइन या फिर दोनों दोनों में

45:22

से कोई एक या फिर दोनों ही आपके ऊपर लगाया

45:24

जा सकता है। और अगर पर्सन इंश्यर्ड है तो

45:26

उस केस में उसको कैश बेनिफिट नहीं मिलेगा।

45:28

क्लियर? अब बात आती है पनिशमेंट फॉर फेलोर

45:31

टू पे कंट्रीब्यूशन। अगर जो है एंप्लयर जो

45:34

है वो कंट्रीब्यूशन को पे नहीं करता है तो

45:37

सेक्शन 85 में बताया गया है कि अगर

45:39

कंट्रीब्यूशन पे नहीं करता है या फिर कुछ

45:41

और चीजें हैं अगर वो वो सारी एक्टिविटीज

45:44

परफॉर्म करता है तो उसके वो ऑफेंस माना

45:46

जाएगा और उसके ऊपर पेनल्टीज लगाई जाएंगी।

45:48

इफ एनी पर्सन फेस टू पे एनी कंट्रीब्यूशन

45:51

व्हिच अंडर दिस एक्ट ही इज़ लायबल टू पे।

45:53

तो अगर कोई भी पर्सन जो है वो

45:56

कंट्रीब्यूशन पे नहीं करता है इस एक्ट के

45:58

तहत जो उसको पे करना चाहिए था तो वो जो है

46:01

ऑफेंस में आएगा। डिडक्ट्स और अटेम्प्ट्स

46:03

टू डिडक्ट फ्रॉम द वेजेस ऑफ़ एन एंप्लई द

46:06

होल और एनी पार्ट ऑफ़ द एंप्लयर

46:07

कंट्रीब्यूशन। यानी कि उस पर्सन ने क्या

46:09

किया कि जो एंप्लॉयर का कंट्रीब्यूशन था

46:11

उसको भी एंप्लई के वेजेस से डिडक्ट कर

46:13

लिया। चाहे पूरा चाहे थोड़ा। तो, यह भी

46:15

क्या है? ऑफेंस है। अब एंप्लयर का

46:17

कंट्रीब्यूशन एंप्लयर खुद देगा। एंप्लॉय

46:19

के वजह से नहीं काटना चाहिए। इन

46:20

कंट्रावेंशन ऑफ़ सेक्शन 72 रिड्यूस दी

46:23

वेजेस और एनी बेनिफिट एडमिसिबल टू एन

46:25

एंप्लई। यानी कि एंप्लई को कोई वेजेज़ या

46:27

फिर बेनिफिट मिलना था सेक्शन 72 के

46:29

अकॉर्डिंग लेकिन उस उसके बेनिफिट को उसने

46:32

रिड्यूस कर दिया। तो वो भी ऑफेंस है। य पे

46:34

डी में बताया गया है कि इन कंट्रावेंशन ऑफ़

46:36

सेक्शन 73 और एनी रेगुलेशन डिसमिसेस,

46:39

डिस्चार्ज, रिड्यूसेस और अदरवाइज़ पनिशेस

46:41

एन एंप्लॉय। किसी एंप्लई को पनिश कर रहा

46:43

है, डिसमिस कर रहा है, डिस्चार्ज कर दे

46:44

रहा है। सेक्शन 73 में जो ऐसा नहीं करना

46:47

चाहिए था तो वो भी ऑफेंस होगा। फेल्स और

46:49

रिफ्यूज टू सबमिट एनी रिटर्न रिक्वायर्ड

46:51

बाय द रेगुलेशंस और मेक ए फॉल्स रिटर्न।

46:54

यानी कि जो पर्सन है वो फॉल्स रिटर्न पे

46:56

कर रहा है या फिर रिटर्न नहीं पे करता है।

46:58

रिटर्न को करने से रिफ्यूज करता है सबमिट

47:01

करने से। तो उस केस में भी क्या है? ये

47:02

ऑफेंस बनेगा। ऑब्स्ट्रक्ट एनी इंस्पेक्टर

47:05

और अदर ऑफिशियल ऑफ द कॉरपोरेशन इन द

47:07

डिस्चार्ज ऑफिस ड्यूटीज़। यानी कि जो भी

47:09

इंस्पेक्टर हैं या फिर जो ऑफिशियल

47:10

कॉरपोरेशन है ऑफिशियल पर्सन है उस

47:12

कॉरपोरेशन के उनको उनकी एक्टिविटीज करने

47:14

से रोकता है। उनकी ड्यूटीज परफॉर्म करने

47:16

से रोकता है। या इज़ गिल्टी ऑफ़ एनी

47:19

कंट्रावेंशन ऑफ और नॉन कॉम्प्लंस विद एनी

47:22

ऑफ़ द रिक्वायरमेंट ऑफ दिस एक्ट और द रूल

47:24

ऑफ द रेगुलेशन इन रिस्पेक्ट ऑफ व्हिच नो

47:27

स्पेशल पेनल्टी इज़ प्रोवाइडेड। यानी कि

47:29

कोई ऐसा इस एक्ट के तहत कोई ऐसी पॉइंट

47:32

जिसका जो है एंप्लयर ने या फिर किसी पर्सन

47:34

ने कॉन्ट्रावेंट किया है या फिर उसको

47:36

कॉम्प्लेंस नहीं किया है नॉन कॉम्प्लेंस

47:38

किया है और जिसके बारे में यहां पर

47:40

पेनल्टी के बारे में नहीं बताया गया है तो

47:42

वो भी इसमें सेक्शन 85 में इंक्लूड हो

47:44

जाएगा। तो सेक्शन 85 में कंट्रीब्यूशन पे

47:46

नहीं किया वो तो आएगा ही। साथ ही साथ जो

47:48

बी, सी, डी, ई, एफ और जी हैं यह भी अगर

47:52

एक्टिविटीज़ परफॉर्म कर रहा है तो ऑफेंस

47:53

माना जाएगा और जो है उसके ऊपर पेनल्टी

47:56

लगेगा। तो यहां पर ए के लिए जो फ्रेज़ टू

47:58

पे एनी कंट्रीब्यूशन व्हिच इज़ अंडर दिस

48:00

एक्ट ही इज़ लायबल टू पे। यानी कि इस एक्ट

48:02

के अंदर उसको पे करना था लेकिन वो जो है

48:04

पे नहीं करता है अपने कंट्रीब्यूशन को। तो

48:06

उसके लिए अलग ऑफेंस है। बाकी बी, सी, डी,

48:09

ई, एफ, जी के लिए अलग ऑफेंसेस हैं। तो

48:11

यहां पर क्या है? शैल बी पनिशेबल ऑफेंस

48:13

अंडर क्लॉज़ ए यानी कि ए वाला अगर वो नहीं

48:16

परफॉर्म करता है, ए वाला ऑफेंस करता है,

48:18

तो उस केस में क्या पेनल्टीज़ होगी उसको?

48:20

तो विद इंप्रज़मेंट फॉर अ टर्म व्हिच मे

48:23

एक्सटेंड टू 3 इयर्स। यानी कि 3 साल तक की

48:25

सजा उसको जेल हो सकती है। बट व्हिच शैल

48:28

नॉट बी लेस देन वन ईयर इन केस ऑफ़ फेलोर टू

48:31

पे दी एंप्लाइजज़ कंट्रीब्यूशन व्हिच हैज़

48:33

बीन डिडक्टेड बाय हिम फ्रॉम द एंप्लाइजज़

48:35

वेज़ एंड शैल आल्सो बी लायबल टू फाइंड ऑफ़

48:38

₹10,000। यानी कि 23 साल तक की मैक्सिमम

48:40

सजा तो होगी। लेकिन एंप्लई को

48:42

कंट्रीब्यूशन नहीं पे किया और एंप्लई के

48:45

वेस्ट से उसको डिडक्ट भी कर लिया। एंप्लई

48:46

के वेस्ट से जो एंप्लई का कंट्रीब्यूशन था

48:48

उसके वेज से डिडक्ट कर लिया। लेकिन

48:50

एंप्लयर ने एंप्लॉयज़ की कंट्रीब्यूशन को

48:52

पे नहीं किया। तो उस केस में कम से कम एक

48:54

साल तक की सजा तो होगी उसको जेल होगी और

48:56

प्लस ₹10,000 का फाइन भी लगेगा। तो

48:59

क्लियर? तो यहां पे ये है कि मैक्सिमम 3

49:01

साल तक की सजा होगी अगर वो ए वाला ऑफेंस

49:04

करता है। ठीक है? मैक्सिमम 3 साल तक की।

49:06

लेकिन एंप्लई का कंट्रीब्यूशन उसने पे

49:08

नहीं किया और एंप्लई की वजह से डिडक्ट कर

49:10

लिया तो उस केस में कम से कम एक साल तक की

49:12

सजा तो होनी ही होनी है उसको और प्लस

49:14

₹10,000 का फाइन लगेगा। वहीं पे दूसरा है

49:16

व्हिच शैल नॉट बी लेस देन सिक्स मंथ इन

49:19

एनी अदर केस एंड शैल आल्सो बी लायबल टू

49:21

फाइन ऑफ़ ₹5000।

49:23

इसके अलावा अगर जो है किसी वजह से वो

49:25

कंट्रीब्यूशन को पे नहीं करता है तो उसको

49:27

कम से कम 6 महीने की जेल होगी और प्लस जो

49:29

है वहां पर ₹5,000 का उसके ऊपर फाइन

49:32

लगेगा। क्लियर? तो ये क्लॉज़ ए के लिए यानी

49:34

कि ए वाला ऑफेंस करता है। तो बाकी जो बी

49:36

से लेके जी तक थे अगर वह वाला ऑफेंस करता

49:38

है कोई भी पर्सन तो वहां पर उसको क्या

49:40

होगा? वन ईयर और बोथ फाइन व्हिच मे

49:43

एक्सटेंड टू ₹4000 और विद बोथ। यानी कि उस

49:46

केस में उसको एक साल तक की जेल होगी। प्लस

49:49

क्या होगा? उसको जो है ₹4000 का फाइन भी

49:52

देना पड़ेगा या फिर दोनों ही लगेगा उसको।

49:54

क्लियर? तो या तो एक साल की ज्यादा या तो

49:57

₹4000 या तो दोनों ही उसके ऊपर पेनल्टीज

50:00

लगाए जा सकते हैं। अगर वो क्लॉज़ बी से जी

50:02

तक के ऑफेंस को करता है। ए वाला ऑफेंस

50:05

करेगा तो 3 साल तक की मैक्सिमम सजा है।

50:07

₹100 ₹10,000 तक का फाइन है। अगर एंप्लई

50:09

के वजह से काट लिया और एंप्लॉयर की

50:11

कंट्रीब्यूशन को पे नहीं किया और वहीं पे

50:13

अगर कोई अदरवाइज से जो है उसने पे नहीं

50:15

किया तो उस केस में ₹5,000 का फाइन प्लस 6

50:17

महीने की जेल उसको होगी। क्लियर? वहीं पे

50:20

बी से जी तक के ऑफेंस को करता है तो 1 साल

50:22

तक की सजा या फिर ₹4000 तक का फाइन या फिर

50:25

दोनों ही उसके ऊपर लगाए जा सकते हैं। अब

50:28

सपोज कि आप जो है जो पर्सन है वो अपनी

50:31

गलती बार-बार दोहरा रहा है। बार-बार कर

50:34

रहा है। पहली बार गलती की थी उसको सजा मिल

50:36

गई। उसके बाद फिर से उसने वही गलती कर दी।

50:38

तो एनहांस्ड पनिशमेंट इन सर्टेन केसेस

50:40

आफ्टर प्रीवियस कन्वेक्शन। यानी कि आपने

50:42

पहले गलती की थी उसके बाद फिर से जो है आप

50:45

गलती कर रहे हो। तो 85 ए में उसके बारे

50:47

में कहा गया। क्या कहा गया? हु एवर कमिट्स

50:49

द सेम ऑफेंस शैल फॉर एव्री सच सबसीक्वेंट

50:52

ऑफेंस बी पनिशेबल विद इंप्रज़मेंट फॉर अ

50:55

टर्म व्हिच मे एक्सटेंड टू 2 इयर्स एंड

50:58

विद फाइन ऑफ़ ₹5000 यानी कि पहले आपने गलती

51:01

की आपको सजा मिल गई उसके बाद फिर आप गलती

51:03

करते हो। तो उस केस में आपको जो है 2 साल

51:05

तक की सजा और प्लस यहां पर ₹5,000 का फाइन

51:08

भी आपको देना पड़ेगा। क्लियर? यहां पे एक

51:10

चीज़ कंडीशन है प्रोवाइडेड दैट व्हेयर सच

51:12

सब्सिक्वेंट ऑफेंसेस इज़ फॉर फेलर बाय द

51:15

एंप्लॉयड टू पे एनी कंट्रीब्यूशन व्हिच

51:17

अंडर दिस एक्ट ही इज़ लायबल टू पे ही शैल

51:20

फॉर एव्री सच सच सबसीक्वेंट ऑफेंस बी

51:23

पनिशेबल विद इंप्रिजमेंट फॉर अटम व्हिच मे

51:25

एक्सटेंड टू फाइव इयर्स बट व्हिच शैल नॉट

51:27

बी लेस देन टू इयर्स एंड शैल आल्सो बी

51:30

लायबल टू फाइन ऑफ ₹25000

51:33

तो यहां पर क्या है कि जो अभी आपने पीछे

51:35

देखा कि क्लॉज़ ए वाला तो यहां पर क्लॉज़ ए

51:37

में जो ऑफेंस था कि अगर जो है वो एंप्लयर

51:40

जो है कंट्रीब्यूशन को पे नहीं करता है तो

51:41

उसको जो है पनिशमेंट मिलेगी। तो अगर पहली

51:44

बार करता है तो उसके हिसाब से उसको जो है

51:46

3 साल से मिनिमम 1 साल से 3 साल तक का

51:48

वहां पे उसको जेल हो जाएगा। प्लस जो फाइन

51:50

था वो देना पड़ेगा। लेकिन अगर दोबारा से

51:52

वही गलती करता है कि एंप्लॉयर जो है वो

51:54

अपना कंट्रीब्यूशन या फिर एंप्लई का

51:56

कंट्रीब्यूशन पे नहीं करता है। अगर दूसरी

51:58

बार, तीसरी बार, चौथी बार भी यही गलती

51:59

करता है तो उस केस में उसको कम से कम 2

52:02

साल से 5 साल तक की सजा मिलेगी और वहीं पे

52:05

उसके ऊपर ₹25,000 का फाइन भी लगाया जाएगा।

52:08

क्लियर? बाकी बी से जी के जो ऑफेंसेस हैं

52:11

उस केस में क्या है कि 2 साल तक की सजा और

52:13

प्लस आपको ₹5,000 का फाइन देना पड़ेगा।

52:16

लेकिन अगर क्लॉज़ ए वाला आप जो है ऑफेंस

52:18

करते हैं कंट्रीब्यूशन पे नहीं करते हैं

52:20

तो उस केस में आपको अगर मतलब ये गलती पहली

52:23

बार गलती कर दी थी उसको सजा मिल गई दूसरी

52:25

तीसरी चौथी बार गलती करते हैं तो उस केस

52:27

में 2 से 5 साल तक की सजा प्लस ₹25000 का

52:31

फाइन लगेगा तो ये जो है इंपॉर्टेंट सेक्शन

52:34

थे क्लॉज़ थे एंप्लई स्टेट इंश्योरेंस एक्ट

52:36

1948 के पेनल्टीज़ के तहत देखिए नाम में ही

52:39

क्लियर है कि चाइल्ड लेबर प्रोहिबिशन

52:40

रेगुलेशन यानी कि क्या होता है कि कई सारे

52:42

ऐसे इंडस्ट्रीज होती हैं ऐसे ऑर्गेनाइजेशन

52:44

होते हैं जहां पे चिल्ड्रन का यूज़ नहीं

52:45

किया जा सकते हैं। वहां से उनसे उनसे वर्क

52:47

नहीं करवाया जा सकता है। वहीं पे कुछ ऐसी

52:49

इंडस्ट्रीज़ होते हैं, कुछ ऐसे

52:50

ऑर्गेनाइज़ेशन होते हैं जहां पे चिल्ड्रन

52:51

को चिल्ड्रन से जॉब करवाया जा सकता है।

52:53

लेकिन उनको रेगुलेट करने की जरूरत है।

52:55

उनको यह डिसाइड करने की जरूरत है कि वो

52:57

कैसे वर्किंग कंडीशन क्या होगी। तो

52:59

कहां-कहां पे उनसे जॉब नहीं करवाया जा

53:00

सकता और कहां-कहां पे जॉब करवाया जा सकता?

53:02

तो किस तरीके से जॉब करवाया जा सकता है।

53:04

इसी को मॉनिटर करने के लिए इसी को जो है

53:06

रेगुलाइज करने के लिए जो है ये एक्ट आया

53:07

है चाइल्ड लेबर प्रोहिबिशन एंड रेगुलेशन

53:10

एक्ट 1986। तो एन एक्ट टू प्रोबिट द

53:12

एंगेजमेंट ऑफ चिल्ड्रन इन सर्टेन

53:14

एंप्लॉयमेंट एंड टू रेगुलेट कंडीशन ऑफ

53:16

वर्क ऑफ चिल्ड्रन इन सर्टेन अदर

53:18

एंप्लॉयमेंट। यानी कि कुछ एंप्लॉयमेंट में

53:20

चिल्ड्रन को जो है एंगेज करने से रोकना और

53:23

कुछ एंप्लॉयमेंट में चिल्ड्रन अगर एंगेज

53:25

हैं तो उसमें जो है वर्किंग कंडीशन कैसी

53:27

होनी चाहिए उसको रेगुलेट करना ही इस एक्ट

53:29

का जो है काम है। चाइल्ड मींस ए पर्सन हु

53:31

हैज़ नॉट कंप्लीटेड हिज 14th ईयर ऑफ़ एज। तो

53:35

चाइल्ड आप किसे कहेंगे इस लॉ के

53:36

अकॉर्डिंग? इस साइड के अकॉर्डिंग चाइल्ड

53:38

वो हो गया जिसने 14 ईयर की ऐज जो है

53:40

कंप्लीट नहीं की है। तो वो चाइल्ड

53:42

कहलाएगा। तो बट ऑब्वियस सी बात है कि 14

53:44

इयर्स का जो है ऐज कंप्लीट नहीं की है तो

53:46

वो चाइल्ड आएगा। और कई सारे ऐसे

53:48

एंगेजमेंट्स होते हैं। कई सारे ऐसे

53:50

एंप्लॉयमेंट्स होते हैं जहां पे उनसे जो

53:51

है वर्क नहीं करवाया जा सकता। उनको जॉब पे

53:53

नहीं रखा जा सकता। तो इस एक्ट का

53:55

ऑब्जेक्टिव क्या है? बैन द एंप्लॉयमेंट ऑफ़

53:57

चिल्ड्रन। सबसे इंपॉर्टेंट चीज़ कि

53:58

एंप्लॉयमेंट ऑफ़ चिल्ड्रन को बैन करना है।

54:00

यानी कि दोज़ हु हैव नॉट कंप्लीटेड देयर

54:02

14थ ईयर इन स्पेसिफाइड ऑक्युपेशन एंड

54:04

प्रोसेस। यानी कि इस एक्ट में कुछ

54:06

ऑक्यूपेशन है, कुछ प्रोसेससेस हैं, कुछ

54:08

जॉब हैं जो कि स्पेसिफाई किया गया है,

54:10

बताया गया है कि वहां पे चिल्ड्रन को जॉब

54:12

नहीं दिया जा सकता। वहां पे उनको

54:14

एंप्लॉयमेंट नहीं दी जा सकती है। जो 14

54:16

इयर्स से नीचे हैं उनको तो उसको जो है बैन

54:19

करना। नेक्स्ट है ले डाउन ए प्रोसीजर टू

54:21

डिसाइड मॉडिफिकेशन टू द शेड्यूल ऑफ बैंड

54:23

ऑक्यूपेशन और प्रोसीजर प्रोसेस। तो यहां

54:25

पे क्या है कि दूसरा ऑब्जेक्टिव ये है कि

54:27

जो बैंड ऑक्यूपेशन और प्रोसेस है जहां पे

54:29

चिल्ड्रन को हम एंप्लॉयमेंट नहीं दे सकते

54:31

हैं। उसके ऊपर रिगार्डिंग जो है

54:33

मॉडिफिकेशन अगर उसमें कुछ करना है तो उसको

54:34

जो है ले डाउन करना। रेगुलेट दी कंडीशन ऑफ

54:37

वर्क ऑफ़ चिल्ड्रन इन एंप्लॉयमेंट व्हेयर

54:38

दे आर नॉट प्रोबिटेड फ्रॉम वर्किंग। कुछ

54:40

ऐसे भी एरिया होते हैं ऐसे जॉब्स होते हैं

54:42

जहां पे चिल्ड्रन को वर्क करने से नहीं

54:44

रोका गया है। तो, वहां पे क्या कंडीशन

54:45

होनी चाहिए, वर्क कंडीशन क्या होनी चाहिए?

54:47

उसको जो है रेगुलेट करना भी ऑब्जेक्टिव

54:49

है। ले डाउन एनहांस पेनल्टीज फॉर

54:51

एंप्लॉयमेंट ऑफ चिल्ड्रन इन वायलेशन ऑफ द

54:52

प्रोविजन ऑफ दिस एक्ट एंड अदर एक्ट व्हिच

54:55

फॉरबिट द एंप्लॉयमेंट ऑफ चिल्ड्रन। तो

54:57

यहां पे क्या है कि ये जो है जो पेनल्टीज

55:00

होती है एंप्लॉयमेंट के ऊपर कि आप अगर

55:01

चिल्ड्रन को एंप्लॉयमेंट दे रहे हो अपने

55:03

यहां पे और वायलेशन करके यानी कि चाइल्ड

55:05

लेबर का जो एक्ट है या फिर कोई दूसरा एक्ट

55:07

है उसको वायलेट करके आप चिल्ड्रन से

55:08

एंप्लॉयमेंट दे रहे हो जिसमें अलाउड नहीं

55:10

है। तो उसके अगेंस्ट आपके ऊपर पेनल्टीज़

55:12

लगाई जाएगी। तो उसको भी ले डाउन करता है

55:14

यह एक्ट चाइल्ड लेबर प्रोविजन एंड

55:16

रेगुलेशन एक्ट 1986 एंड लास्ट टू ऑब्टेन

55:18

यूनिफॉर्मिटी इन द डेफिनेशन ऑफ़ चाइल्ड इन

55:20

द रिलेटेड लॉ। और सबसे इंपॉर्टेंट चीज़ कि

55:22

एक यूनिफॉर्मिटी होते है। कहीं पे 14 ईयर

55:25

से नीचे जो होते हैं उनको चिल्ड्रन माना

55:26

जाता है। कहीं पे 15 इयर्स से नीचे होते

55:27

हैं उनको चिल्ड्रन माना जाता है। तो यहां

55:29

पे एक यूनिफॉर्म ले यूनिफिटी लाने के लिए

55:31

ये एक्ट लाया गया है। जहां पे अब ये है कि

55:33

जो चिल्ड्रन है वो 14 इयर्स से नीचे हैं

55:35

तो उनको चिल्ड्रन माना जाएगा। और वो कौन

55:37

से जॉब में एंप्लॉयमेंट कर सकते हैं, कौन

55:39

से जॉब में वो कौन से एंप्लॉयमेंट में जो

55:41

है वो जॉब पा सकते हैं और कौन से

55:42

एंप्लॉयमेंट में कौन जॉब नहीं कर सकते

55:44

उसके बारे में यहां पे भी बताया गया है।

55:47

नेक्स्ट है चाइल्ड लेवल प्रोविज़ रेगुलेशन

55:48

एक्ट में सेक्शन थ्री है प्रोविजन ऑफ

55:50

एंप्लॉयमेंट ऑफ चिल्ड्रन इन सर्टेन

55:52

ऑक्यूपेशन एंड प्रोसेस। तो ये प्रोविज़न है

55:54

कि यानी कि कुछ एंप्लॉयमेंट कुछ ऑक्यूपेशन

55:56

कुछ प्रोसेस ऐसे हैं जहां पे चिल्ड्रन का

55:58

यूज़ नहीं किया जा सकता। उनसे वर्क नहीं

55:59

लिया जा सकता। नो चाइल्ड शैल बी एंप्लॉयड

56:02

और परमिटेड टू वर्क इन एनी ऑफ द ऑक्युपेशन

56:05

मेंशंड इन दी पार्ट ए ऑफ द शेड्यूल और इन

56:07

एनी वर्कशॉप वेयर इन एनी ऑफ द प्रोसेस दैट

56:10

फोर्थ इन पार्ट बी ऑफ़ द शेड्यूल इज़ कैरिड

56:12

ऑन। तो सेक्शन थ्री में ये चीज़ बताया गया

56:14

है कि इस एक्ट में जो शेड्यूल है उस

56:15

शेड्यूल में पार्ट ए और पार्ट बी में दो

56:17

पार्ट में डिवाइड किया है। पार्ट ए में जो

56:18

है कुछ ऑक्यूपेशन है। और पार्ट बी में कुछ

56:20

प्रोसेस है। जहां पे चिल्ड्रंस को आप जो

56:23

है ऑक्यूपाई ऑक्यूपाइड या एंप्लॉयमेंट

56:25

नहीं दे सकते हैं। एज़ पर सेक्शन थ्री। द

56:27

प्रोविज़न ऑफ़ एंप्लॉयमेंट ऑफ़ चिल्ड्रन इज़

56:29

नॉट एप्लीकेबल टु एनी वर्कशॉप व्हेयर इन

56:31

एनी प्रोसेस इज़ कैरिड ऑन बाय द ऑक्युपायर

56:34

विद द एड ऑफ़ हज़ फैमिली और टु एनी स्कूल

56:36

एस्टैब्लिश्ड बाय और रिसीविंग असिस्टेंस

56:38

और रिकॉग्निशन फ्रॉम गवर्नमेंट। तो यहां

56:40

पे एक चीज़ और इंपॉर्टेंट है कि यहां पे ये

56:42

भी बताया गया है कि वहां ये प्रोविज़न वहां

56:44

पे नहीं लगेगा जहां पे बच्चों के साथ उनके

56:47

पेरेंट्स भी हैं या फिर रिकॉग्नाइज्ड है

56:49

गवर्नमेंट द्वारा। तो वहां पे जो है ये

56:51

एक्ट जो है वो एप्लीकेबल नहीं होगा। ये

56:53

सेक्शन थ्री है। नेक्स्ट है पावर टू अमेंड

56:55

द शेड्यूल। यहां पे सेक्शन फोर में पावर

56:58

दी गई है इस शेड्यूल को अमेंड करने की।

57:00

यानी कि यह जो शेड्यूल है जहां पे

57:01

ऑक्युपेशन का जो कौन-कौन से ऑक्युपेशन है

57:03

और कौन से प्रोसेस है जहां पे चिल्ड्रन को

57:06

एंप्लॉयमेंट नहीं दिया जा सकता उसको अमेंड

57:07

कौन कर सकता है? तो उसको अमेंड सिर्फ और

57:09

सिर्फ ऑफिशियल गैजेट द्वारा सेंट्रल

57:11

गवर्नमेंट जो है वह कर सकती है। तो द

57:12

सेंट्रल गवर्नमेंट आफ्टर गिविंग बाई

57:13

नोटिफिकेशन इन दी ऑफिशियल गैजेट नॉट लेस

57:16

देन थ्री मंथ नोटिस ऑफ इट्स इंटेंस सो टू

57:18

डू। यानी कि अगर सेंट्रल गवर्नमेंट करना

57:20

चाह रही है उसमें अमेंडमेंट, तो 3 महीने

57:22

पहले उसको नोटिस भी देना होगा। उसके बाद

57:23

जो है उसको अमेंडमेंट कर सकती है ऑफिशियल

57:25

गैजेट के थ्रू। तो सिर्फ सेंट्रल

57:27

गवर्नमेंट जो है इसको अमेंड कर सकती है और

57:28

कोई नहीं कर सकता ऑक्यूपेशन और प्रोसेस को

57:30

जहां पे चिल्ड्रन को एंप्लॉयमेंट नहीं

57:32

दिया जा सकता है। नेक्स्ट जो टॉपिक है

57:33

सेक्शन फाइव चाइल्ड लेबर टेक्निकल

57:35

एडवाइज़री कमिटी। तो यहां पे क्या है? इस

57:37

एक्ट में यह भी बताया गया है कि सेंट्रल

57:38

गवर्नमेंट द्वारा चाइल्ड लेबर टेक्निकल

57:40

एडवाइज़री कमिटी भी जो है सेटअप करना

57:42

चाहिए जो कि वह रेगुलर गवर्नमेंट को

57:44

सजेशंस देगी। तो सेक्शन फाइव के सब सेक्शन

57:46

वन में क्या है? कि द सेंट्रल गवर्नमेंट

57:48

मे बाय नोटिफिकेशन इन द ऑफिशियल गैजेट

57:50

कंस्टीट्यूट एन एडवाइज़री कमिटी टू बी

57:52

कॉल्ड द चाइल्ड लेबर टेक्निकल एडवाइज़री

57:54

कमिटी टू एडवाइस दी सेंट्रल गवर्नमेंट फॉर

57:57

द पर्पस ऑफ़ एडिशन टू ऑक्यूपेशन एंड

57:59

प्रोसेस टू द शेड्यूल। तो जो शेड्यूल है

58:01

इस एक्ट में उसमें और ऑक्यूपेशन या

58:03

प्रोसेस को ऐड ऑन करना या फिर उसमें से

58:04

रिमूव करना। उसके लिए सजेशन देने के लिए

58:07

जो सेंट्रल गवर्नमेंट है वो ऑफिशियल गैजेट

58:09

रिलीज़ करके चाइल्ड लेबर टेक्निकल एडवाइज़री

58:11

कमिटी सेटअप कर सकती है। जो कि वो क्या

58:13

करेगी? एडवाइस करेगी सेंट्रल गवर्नमेंट

58:14

को। नेक्स्ट है द कमिटी शैल कंसिस्ट ए

58:16

चेयरमैन एंड सच अदर मेंबर नॉट एक्सीडिंग

58:19

10 एज मे बी अपॉइंटेड बाय द सेंट्रल

58:21

गवर्नमेंट। तो सेंट्रल गवर्नमेंट जो है इस

58:22

कमिटी में एक चेयरमैन और 10 मेंबर जो हैं

58:25

इंक्लूड कर सकते हैं रिक्रूट कर सकते हैं

58:27

इसमें। नेक्स्ट है चाइल्ड लेबर प्रोविजन

58:29

रेगुलेशन एक्ट 1986 में आवर्स एंड पीरियड

58:31

ऑफ़ वर्क। सेक्शन सेवन। तो यहां पे क्या

58:33

कहा गया है? नो चाइल्ड शैल बी रिक्वायर्ड

58:35

टू परमिटेड टू वर्क इन एनी एस्टैब्लिशमेंट

58:37

इन एक्सेस ऑफ़ सच नंबर ऑफ़ आवर्स एज़ मे बी

58:40

प्रिस्क्राइब्ड फॉर सच एस्टैब्लिशमेंट और

58:41

क्लास ऑफ़ एस्टैब्लिशमेंट। यानी कि जो भी

58:43

सेंट्रल गवर्नमेंट द्वारा जो भी

58:44

प्रिस्क्राइब्ड होगा वर्किंग आवर उससे

58:47

ज्यादा वर्क जो है आप किसी भी

58:48

एस्टैब्लिशमेंट में नहीं ले सकते हो उस

58:50

चिल्ड्रन से। द पीरियड ऑफ़ वर्क ऑन इच डे

58:53

शैल बी सो फिक्स्ड दैट नो पीरियड शैल

58:55

एक्सीड थ्री आवर्स एंड दैट नो चाइल्ड शैल

58:57

वर्क फॉर मोर देन थ्री आवर्स बिफोर ही हैज़

58:59

ऐड हैड एन इंटरवेल फॉर रेस्ट ऑफ़ एट लीस्ट

59:03

वन ऑवर। तो यहां पे ये चीज कही गई है कि

59:05

ऐसी जगह पे जहां पे चिल्ड्रन को

59:07

एंप्लॉयमेंट देने से प्रोहिबिशन नहीं है।

59:08

तो वहां पे अगर आप चिल्ड्रन को आप रख रहे

59:10

हो वर्क करने के लिए तो वहां पे जो है

59:12

उनसे तीन घंटे से लगातार ज्यादा काम नहीं

59:14

लिया जा सकता है। और साथ ही साथ 3 घंटे के

59:16

अंदर आप जो है उनको एक घंटे का रेस्ट आवर

59:19

भी देंगे। नेक्स्ट है द पीरियड ऑफ़ वर्क ऑफ़

59:21

अ चाइल्ड शैल बी शो अरेंज्ड दैट इंक्लूसिव

59:24

ऑफ हिज़ इंटरवल फॉर रेस्ट अंडर सब सेक्शन

59:27

टू। इट शैल नॉट बी स्प्रेड ओवर मोर देन

59:30

सिक्स आवर। फॉर इंक्लूडिंग द टाइम स्पेंट

59:31

इन वेटिंग फॉर वर्क ऑन एनी डे। तो यहां पे

59:34

ये चीज कही जा रही है कि जो अगर आप जो है

59:37

किसी जो है चिल्ड्रन को अपने वर्क अपने

59:40

यहां पे जो है एंप्लॉयमेंट दे रहे हो और

59:41

उससे 3 घंटे से ज्यादा आप काम नहीं करवा

59:43

सकते हो और एक घंटे का इंट्रॉल भी आपको

59:45

देना है। तो ये दोनों मिलाके 6 घंटे से

59:47

ज़्यादा नहीं होना चाहिए। यानी कि ये 3

59:49

घंटे प्लस 1 घंटे मिलाके चार या पांच घंटे

59:52

हो सकते हैं। उससे ज़्यादा का जो है

59:53

वर्किंग आवर नहीं होना चाहिए दोनों

59:55

मिलाके। और याद रखिए कि इंक्लुडिंग द टाइम

59:57

स्पेट इन वेटिंग फॉर वर्क ऑन एनी डे। यानी

59:59

कि आपने बोला कि आप बाहर वेट करो। आपका

60:02

टाइम 1:00 से होगा। तो जो वेट कर रहे हैं

60:04

उस टाइम को भी उसमें काउंट करके 6 घंटे से

60:06

ज्यादा नहीं होना चाहिए। ये चीज कही गई

60:08

है। नो चाइल्ड शैल बी परमिटेड और

60:10

रिक्वायर्ड टू वर्क बिटवीन 7:00 pm एंड

60:12

8:00 am। तो इस एक्ट के अकॉर्डिंग क्या है

60:14

कि कोई भी चाइल्ड जो 14 साल से कम है और

60:16

अगर उससे वर्क ले रहे हो तो सात रात को

60:18

7:00 बजे से सुबह 8:00 बजे तक जो है वह

60:20

काम नहीं करेगा। नो चाइल्ड शैल बी

60:22

रिक्वायर्ड और परमिटेड टू वर्क ओवर टाइम।

60:24

किसी भी चिल्ड्रन से चाइल्ड लेबर से आप जो

60:26

है ओवरटाइम काम नहीं करवा सकते। नो चाइल्ड

60:28

शैल बी रिक्वायर्ड और परमिटेड टू वर्क इन

60:30

एनी एस्टैब्लिशमेंट ऑन एनी डे ऑन व्हिच ही

60:33

हैज़ ऑलरेडी बीन वर्किंग इन अनदर

60:35

एस्टैब्लिशमेंट। यानी कि अगर कोई चिल्ड्रन

60:37

है वो किसी दूसरे एस्टेब्लिशमेंट में किसी

60:38

डे पे काम कर रहा है तो उस दिन उससे किसी

60:40

और एस्टैब्लिशमेंट पे काम नहीं करवाया जा

60:42

सकता। यानी कि सपोज़ करिए कि बच्चा है कहीं

60:44

और जो है 3 घंटे काम करके आया उसके बाद

60:46

आपके पास आ गया और आपसे बोल रहा है कि हम

60:48

काम पे रख लिए, तो आप नहीं दे सकते। वहां

60:50

पे वह 3 घंटे काम करके आ गए। अब आप जो है

60:52

3 घंटे उसको उस दिन नहीं करवा सकते हो।

60:53

अगले दिन 3 घंटे करवा सकते हो। तो ये भी

60:55

इस एक्ट में कहा गया है। तो ये कुछ

60:57

इंपॉर्टेंट पोज़ है। अब है वीकली हॉलिडेज़।

60:59

तो यहां पे जो चिल्ड्रंस हैं उनको जो

61:01

चाइल्ड लेबर है उनको भी जो है आपको वीक

61:03

हॉलिडेज़ देना चाहिए। एव्री चाइल्ड

61:04

एंप्लॉयड इन एन एस्टैब्लिशमेंट शैल बी ऑल

61:07

ईच वीक ए हॉलिडे ऑफ़ वन होली डे। यानी कि

61:10

हर वीक में एक फुल डे छुट्टी किसी भी

61:13

बच्चे को मिलना चाहिए जो कि एज़ एंप्लई काम

61:15

कर रहा है। शैल नॉट बी एल्टेड बाय द

61:17

ऑक्यूपायर मोर देन वंस इन 3 मंथ। और उस

61:19

छुट्टी के जो वीक डे वीक ऑफ होता है उसको

61:22

जो है तीन महीने में एक ही बार जो है चेंज

61:24

कर सकता है एंप्लॉयर उससे ज्यादा नहीं जा

61:25

सकता। यानी कि सपोज़ करिए कि कहीं-कहीं जगह

61:28

होता है कि वीक ऑफ जो है मंडे को वो दिया

61:29

जा रहा है। कहीं पे ट्यूसडे को दिया जाता

61:30

है किसी एंप्लॉय को कहीं पे किसी को

61:32

थर्सडे को दिया जा रहा है। तो ये जो वीक

61:34

ऑफ है वो 3 महीने तक होना चाहिए। 3 महीने

61:36

में एक बार जो है एंप्लॉयर चेंज कर सकता

61:37

है। तो वीक ऑफ भी जो है मिलना चाहिए

61:39

चाइल्ड लेबर के केस में। पेनल्टीज की बात

61:41

करते हैं। तो अगर कोई भी एंप्लॉयर है, कोई

61:43

भी एस्टेब्लिशमेंट है, कंट्रीब्यूशन करता

61:45

है इस प्रोविजन को जो भी इस प्रोविजन है

61:47

यहां पे अगर वो करता है, तो उस केस में

61:49

उसको 3 महीने की कम से कम और जिसको बढ़ा के

61:51

एक साल तक का इंप्रिजमेंट यानी जेल किया

61:53

जा सकता है। और साथ ही साथ उसको ₹10,000

61:55

का ₹10,000 से कम नहीं होगा का फ़ाइन लगाया

61:58

जा सकता है और उसको एक्सटेंड करके ₹20,000

62:00

का फ़ाइन भी लगाया जा सकता है। या फिर

62:01

दोनों ही यानी जेल और फ़ाइन दोनों ही लगाया

62:04

जा सकता है। तो, अगर कोई भी

62:05

एस्टैब्लिशमेंट ऐसा काम करता है या

62:07

कंट्रावेंशन करता है इस प्रोविज़न में इस

62:09

जो इस एक्ट में प्रोविज़ंस हैं, उनको तोड़ता

62:11

है, तो उस केस में कम से कम 6 महीने से 1

62:14

साल तक की जेल और ₹10,000 से ₹20,000 तक

62:16

का फाइन या फिर दोनों उस पे लगाया जा सकता

62:18

है। हु एवर कमिट्स ए लाइक ऑफेंस आफ्टर

62:20

वर्ड ही शैल बी पनिशेबल विथ इंप्रज़मेंट

62:23

फॉर ए टर्म व्हिच शैल नॉट बी लेस देन

62:25

सिक्स मंथ बट व्हिच मे बी एक्सटेंड टू

62:26

डियर। यानी कि अगर कोई ऐसा है एक बार उसने

62:29

तोड़ दिया उसको फाइनल लग चुका है। उसके बाद

62:31

भी वह गलती कर रहा है। उसके बाद भी

62:32

प्रोविज़ंस को तोड़ रहा है। तो उस केस में

62:33

उसको छह महीने से 2 साल तक की सजा दी जा

62:37

सकती है। नेक्स्ट है हु एवर फेज टू गिव

62:39

नोटिस एज रिक्वायर्ड बाय सेक्शन नाइन।

62:41

सेक्शन नाइन में जो भी बताया गया है उसके

62:42

अकॉर्डिंग अगर नोटिस नहीं दे पाता है। फेज

62:44

टू मेंटेन अ रजिस्टर एज़ रिक्वायर्ड बाय

62:46

सेक्शन 11। यानी कि जो रजिस्टर मेंटेन

62:47

रखना होता है कि आपके यहां पे कितने

62:48

चाइल्ड काम कर रहे हैं, कब आए, कब गए।

62:50

उसको मेंटेन नहीं कर पाता है। या फिर

62:53

उसमें फॉल्स एंट्री करता है। फेज टू

62:54

डिस्प्ले नोटिस कंटेनिंग एन एब्स्ट्रैक्ट

62:56

ऑफ़ सेक्शन थ्री एंड दिस सेक्शन इज़

62:57

रिक्वायर्ड बाय सेक्शन 12। तो सेक्शन थ्री

63:00

का जो एब्स्ट्रैक्ट है उसको जो है वहां पे

63:01

नोटिस दे बोर्ड पे लगाना चाहिए। अगर उसको

63:04

नहीं लगा पाता है फेस टू कंप्लीट विद और

63:06

कंट्रावेंस एनी अदर प्रोविज़न ऑफ़ दिस एक्ट

63:08

और द रूल मेड देयर अंडर। यानी कि कोई अदर

63:10

प्रोविज़ंस को अगर ये जो है कंप्लीट नहीं

63:12

कर पाता है फिर कंट्रीव करता है तोड़ता है

63:14

तो उस केस में जो है वो पनिशेबल होगा और

63:17

वहां पे जो है सिंपल इंप्रज़मेंट जो है

63:19

दिया जाएगा जो कि एक महीने से एक महीने तक

63:22

का हो सकता है और विद फाइन व्हिच मे

63:24

एक्सटेंड टू ₹10,000 और विद बोथ। यानी कि

63:26

यहां पे एक महीने तक की जेल और ₹5,000 तक

63:28

का जुर्माना लग सकता है और साथ ही साथ

63:30

दोनों भी लगा जा सकता है। यानी कि या तो

63:31

अलग-अलग एक ही चीज लगा दिया या फिर दोनों

63:33

एक साथ लगा दिया। तो अगर ए बी सी डी जो

63:36

सेक्शन थ्री में ए बी सी डी पॉइंट है अगर

63:38

इसको फॉलो नहीं करता है तो। तो सेक्शन 14

63:40

पेनल्टी से रिलेटेड है। जहां पे बताया गया

63:42

है कि सेक्शन थ्री को अगर वो फॉलो नहीं

63:44

करता है, कंट्रीवमेंट करता है तो उस केस

63:45

में उसको 6 महीने से एक साल तक की सजा या

63:47

फिर ₹10,000 से ₹20,000 तक का फाइन या फिर

63:49

दोनों ही लगाए जा सकते हैं। अब आप यहां पे

63:50

देख सकते हैं कि कुछ हेल्थ और सेफ्टी के

63:52

लेकर भी जो है गाइडलाइंस दी गई है सेक्शन

63:54

13 में। तो आप यहां देख सकते हैं ये

63:55

सेक्शन 13 में जो भी गाइडलाइन हैं साफ-साफ

63:58

वही चीजें हैं कि क्लीननेस होना चाहिए,

63:59

डिस्पोजल ऑफ़ वेस्ट और एफिलिएट के लिए होना

64:00

चाहिए, वेंटिलेशन होना चाहिए, टेंपरेचर

64:02

मेंटेन होना चाहिए। डस्ट ऑफ फ्यूम नहीं

64:04

होना चाहिए। आर्टिफिशियल ह्यूमडीिकेशन है

64:06

तो वहां पे आपको है जो गवर्नमेंट का

64:07

नॉर्म्स है उसके अकॉर्डिंग ह्यूमडीिकेशन

64:08

करना होगा। लाइटिंग अच्छी होनी चाहिए,

64:10

ड्रिंकिंग वाटर होना चाहिए। वॉशरूम की

64:11

फैसिलिटी होनी चाहिए। स्पिट्यूस यानी कि

64:13

स्पिट करने के लिए जो है बकेट्स होनी

64:14

चाहिए। फेंसिंग होनी चाहिए। मशीनरी के

64:16

आस-पास अगर वह डेंजरस मशीन्स हैं। वर्क एट

64:18

ऑल नियर मशीनरी इन मोशन। यानी कि कोई मोशन

64:21

वाली मशीनरी है तो वहां पे जो आसपास काम

64:23

कर रहे हैं तो उसको भी जो है सेफ्टी रखनी

64:25

है वहां पे। तो ये हेल्थ एंड सेफ्टी से

64:26

रिलेटेड गाइडलाइंस है। इसी तरीके से यह जो

64:28

आप देख रहे हैं यहां पे शेड्यूल है जहां

64:30

पे ये बताया गया है कि कौन सी जगह पे काम

64:32

कर सकते हैं कौन सी जगह पे काम नहीं कर

64:33

सकते। यहां पे कुछ एग्जांपल्स आपको दिए

64:34

हैं। बहुत सारी लिस्ट है। लंबी लिस्ट है।

64:36

तो नीचे आपको डिस्क्रिप्शन में इस एक्ट का

64:37

जो है लिंक मिल जाएगा। आप वहां से उसको

64:39

डाउनलोड भी कर सकते हैं। तो यहां पे देख

64:40

सकते हैं जैसे ट्रांसपोर्ट ऑफ पैसेंजर

64:42

गुड्स और मेल्स बाय रेलवे सिलेंडर पैकिंग

64:45

हो गया या फिर एयरपोर्ट पोर्ट अथॉरिटी विद

64:47

इन द लिमिट्स ऑफ एनी पोर्ट एबोटियर्स या

64:49

स्लॉटर हाउस हो गया ऑटोमोबाइल वर्कशॉप और

64:51

गार्गेज हो गया फाउंड्रीज हो गया। तो यहां

64:53

पे वो ऑक्यूपेशन ऐसे हैं जहां पे वो काम

64:55

नहीं कर सकते। जैसे कि सिर्फ प्रोसेस में

64:56

है वो पार्ट बी में है। तो वहां पे बीड़ी

64:58

मेकिंग हो गया, कारपेट वेविंग हो गया,

64:59

सीमेंट मैन्युफैक्चर हो गया या मेकअप

65:01

कटिंग और स्प्लिटिंग हो गया, सेलेग

65:02

मैन्युफैक्चर हो गया, सोप मैन्युफैक्चर

65:04

यहां पे बच्चे काम नहीं कर सकते हैं। तो,

65:06

यह वह प्रोविज़न है। यानी कि, यह वह

65:08

प्रोसेस है और यह ऑक्युपेशन है जहां पे

65:09

प्रोहिबिटेड है। यहां पे चिल्ड्रन काम

65:11

नहीं कर सकते हैं। तो, यह आप जो है इसको

65:13

देख लीजिएगा। नॉर्मली इसको आपको याद तो

65:15

नहीं होगा, लेकिन फिर भी आपको एग्ज़ांपल के

65:17

तौर पे लिखने के लिए हेल्प आएगा। विश यू

65:19

ऑल द बेस्ट। कीप वाचिंग। सब्सक्राइब द

65:20

चैनल फ़ॉर मोर वीडियोज़। थैंक यू

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