हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान - NCERT Solutions | कक्षा 6 हिंदी मल्हार पाठ 12 | CBSE
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हेलो स्टूडेंट्स कैसे हैं आप सब मैं आपकी
हिंदी अध्यापिका आद्या मैम जुड़ चुकी हूं
मैग्नेट ब्रेस पे जहां आपको मिल रहा है
हाई क्वालिटी एजुकेशन वो भी फ्री ऑफ कॉस्ट
किंडरगार्डन से लेके क्लास 12 तक इंग्लिश
मीडियम स्टूडेंट्स के लिए एंड सिक्स से
लेकर के 12 तक हिंदी मीडियम स्टूडेंट्स के
लिए अगर आप यूपी बोर्ड एमपी बोर्ड
राजस्थान बोर्ड दिल्ली बोर्ड या फिर बिहार
बोर्ड से हैं एंड अगर आप सीबीएसई बोर्ड से
हैं तो भी भाई मैग्नेट ब्रेंस आपका बहुत
अच्छा हमसफर बन रहा है एजुकेशन के मामले
में क्योंकि हम आपको हाई क्वालिटी कंटेंट
दे रहे हैं वो भी फ्री ऑफ कॉस्ट तो अगर
आपको ईबुक या फिर ई नोट्स चाहिए तो लिंक
डिस्क्रिप्शन में है एक बार ओपन करके गो
थ्रू कर लो प्रोसीजर देख लो और अब जहां हम
बात कर रहे हैं क्लास सिक्स्थ की न्यू
एनसीआरटी बुक मलहार जो आई है उसकी और यह
जो पूरा वीडियो है ये हमारे पार्ट 12 का
एनसीआरटी सॉल्यूशन है यहां तक देखो अगर
आपने पार्ट 12 का जो अगर व्याख्या नहीं
पढ़ा है पार्ट वन और पार्ट टू तो एक बार
जरूर देख लें वो अगर आप देख लेंगे ना तो
आपको फिर क्वेश्चन करने में दिक्कत नहीं
होगी चलिए जल्दी से हम एनसीआरटी सॉल्यूशंस
पे देखते
हैं हमारा पहला प्रश्न जो है वो यह है
मेरी समझ से नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक
उत्तर कौन सा है उसके सामने सही का निशान
बनाइए हिरण समूह में क्यों खड़े थे पहला
प्रश्न क्या है हिरण समूह में क्यों खड़े
थे मैंने आपको व्याख्या में यह चीज बताई
थी जल्दी से बताओ यहां पे देखो चार उत्तर
है पहला भागने पर उन्हें सिंह के आक्रमण
का डर था सिंह के डा हां यह हो सकता है हम
इसको पूर्णत काट नहीं सकते हैं यहां प हम
डॉट करके छोड़ रहे हैं वे भाग चुके हिरणों
के लौटने की प्रतीक्षा कर रहे थे बिल्कुल
नहीं यह तो भाई कदापि नहीं होगा दूस तीसरा
क्या है वे बीच खड़े असावधानी जिराफ की
रक्षा कर रहे थे देखो यह भी कहीं से जिक्र
नहीं किया गया है तो यह भी हम इसको नहीं
मान सकते और सिंह उनसे उदासीन थे अतः
उन्हें कोई खतरा नहीं था यह भी बात
बिल्कुल भी गलत है ऐसा तो कुछ भी नहीं था
तो भैया कुल मिला के इन चारों में पहला
वाला जो है वही सही है क्योंकि वहां पर
उन्होंने बोल दिया था ना कि वहां के जैसे
उन्होंने बताया था कि सिंह की प्रवृत्ति
होती है कि वो आक्रमण उन पर करते हैं जो
झुंड से अलग हो जाता है वो कभी भी झुंड का
एक साथ वहां प शिकार नहीं करते हैं समझ
में आया तो इसीलिए और अगर वो भागते हिरण
लोग भागते तो भाई उसमें चांसेस था कि कोई
पीछे रह सकता है और सबसे बड़ी बात उनको ये
नहीं किस तरफ भागने से सिंह से वो बच सकते
थे इसलिए भी भाई हमारा पहला वाला उत्तर
यहां पर सही होगा चलो देख लो दूसरा
मोरिशियस छोटे पैमाने पर भारतवर्ष ही है
कैसे चलो देखते हैं गन्ने की खेती अधिकतर
भारतीयों द्वारा की गई जाती है यह भी यह
बात सही है भाई पर हम इसको अभी टिक नहीं
और भी ऑप्शन देख लेते हैं ना दूसरा अधिकतर
जनसंख्या भारत से जाने वालों की है यह भी
बात सही है मॉरिशस में कितना आई थिंक 67
या फिर 53 पर कुछ ऐसे यहां पे थे 67 पर थे
वहां पे जो हिंदू हैं नहीं जो भारतीय हैं
और उसमें भी 53 पर जो है व हिंदू थे अगर
मैं गलत नहीं हूं तो कमेंट सेक्शन में
बताना जल्दी से वो प्रॉपर आंकड़ा क्या था
तीसरा सभी भारतवासी परी तालाब पर एकत्रित
होते थे यह भी भाई सही है यह भी हम इसको
गलत नहीं कर सकते और चौथा क्या है भारत की
बहुत सी विशेषताएं वहां दिखाई देती हैं
भाई यह जो चौथा वाला है ना ये ऊपर तीनों
को क करते हुए और भी बहुत सारी चीजें ये
कवर कर रहा है तो हमारा भाई सही क्या होगा
चौथा वाला जल्दी से यहां देख लेते हैं हां
क्यों क्योंकि भाई देखो बोल क्या रहा है
मॉरिशस छोटे पैमाने पर भारतवर्ष ी है
उन्होंने तभी तो बोला है ना हिंद महासागर
में छोटा सा हिंदुस्तान किसकी बात की है
मॉरिशस की समझ में आया
चलो अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और
कारण बताइए कि आपने यह उत्तर ही क्यों
चुना जल्दी से भाई कारण बताइए कि आपने य
उतर क्यों चुना अब मैंने क्यों चुना वो
उसका उत्तर मैं आपको बता देती हूं और आप
कमेंट सेक्शन में मुझे बताइए कि आपने ये
उत्तर क्यों चुना भागने पर उन्हें सिंह के
आक्रमण का डर था कारण क्या था हिरणों ने
सिंघ की उपस्थिति को भाप लिया था और
उन्हें डर था कि अगर वे भागेंगे तो शिकार
हो सकते हैं अगर वो भागेंगे तो शिकार हो
सकते हैं भाई सिंह झुंड से अलग हुए जानवर
का शिकार करते हैं उनकी प्रवृत्ति कैसे
होती है वो झुंड से अलग हुए जो जानवर है
उनका शिकार करते हैं इसलिए वे सावधानी से
समूह में खड़े थे इसीलिए वह एक साथ इकट्ठा
होक सावधानी के साथ वहीं पर खड़े थे कि
कोई भाई जब झुंड से दूर जाएगा हीं नहीं तो
उनका शिकार नहीं होगा
आगे भारत की बहुत सी विशेषताएं वहां दिखाई
देती हैं देखो उसका कारण क्याक मॉरिशियस
में भारतीय संस्कृति परंपराएं और
त्यौहारों से भारत के विभिन्न हिस्सों की
झलक मिलती है क्या क्या चीजें भाई
संस्कृति मिलती है परंपराएं मिलती है जैसे
पूजा पाठ का था ना त्यौहार था भाषा मिलती
है भोजपुरी वगैरह और त्यौहार में वहां पर
महाशिवरात्रि मनाए जाता है इस तरह अलग-अलग
त्यौहार है ठीक है तो यह भी मनाया जाता है
और फिर क्या कहता है मिलती है वहां की
गलियों के नाम भी भारतीय शहरों के नाम पर
रखे गए हैं और बड़ी संख्या में भारतीय लोग
बसे हुए हैं वहां पर क्या है भारतीय
संख्या बहुत ज्यादा लोग हैं और सब साथ में
वहां पर बसे हुए हैं कहां पे मॉरिशस में
जिस से यह भारत जैसा लगता है जिससे कि यह
जो है भारत जैसा लगता है क्यों लगता है
देखो बच्चों क्या होता है जब हम भारतीय
लोग बाहर जाते हैं तो हम अपने साथ-साथ
अपने पहनावे अपने संस्कार को भी लेकर जाते
हैं तभी याद है वहां पे जैसे ही वो फ्लाइट
से उतरे थे उन्होंने कहा था इतनी बारिश हो
रही है रात हो रहा है अंधेर फिर भी लोग
उनके स्वागत में खड़े हैं मतलब वहां पर
भारतीय लोग अपनी परंपरा अतिथि देव भव की
परंपरा को लेकर बढ़े हैं समझ में आया आप च
एक बार उसका स्क्रीनशॉट ले
लो चलो समझ समझ में आया आगे बढ़ते हैं अब
दूसरा क्या कह रहा है दूसरा पंक्तियों पर
चर्चा अब हमें क्या करना है पंक्तियों पर
चर्चा करनी है पाठ में से चुनकर कुछ
पंक्तियां नीचे दी गई हैं इन्हें ध्यान से
पढ़िए और इन पर विचार कीजिए आपको इनका
क्या अर्थ समझ में आया अपने विचार अपने
समूह में साझा कीजिए और अपनी लेखन
पुस्तिका में लिखिए तो भैया यह जो पंक्ति
लिखी है हमें इसका केवल अर्थ समझाना है
चलो पंक्ति देखते हैं पहला है भारत में
बैठे-बैठे हम यह नहीं समझ पाते कि जी
भारतीय संस्कृति कितनी प्राण वती और
चिरायु है किंतु मोरिशियस जाकर हम अपनी
संस्कृति की प्राण वक्ता को का ज्ञान
आसानी से प्राप्त कर सकते हैं देखो सबसे
पहले समझो कि प्राण वती और चिरायु क्या
होता है मैंने आपको व्याख्या में भी बताया
था प्राण वती का मतलब होता है पावरफुल ठीक
है ताकतवर और चिरायु का मतलब बहुत ही जो
देखो चिर लगता है मतलब लंबे टाइम से और
आयु मतलब एज मतलब वो चीज जो बहुत ही पहले
से आ रही बहुत लंबी उम्र की हो ठीक है
कहते हैं ना चिरायु भव मतलब बहुत लंबा जी
हो ऐसा ठीक है अब इसका जो है आपको अर्थ
समझाना है तो देखो सबसे पहले भारत में
बैठे-बैठे हम मतलब ये कह रहे है कि जब हम
अपने घर के अंदर रहते हैं देखो बेसिकली जब
हम अपने घर के अंदर रहते हैं तो हमें ये
नहीं पता चलता कि दुनिया में क्या-क्या
चीजें चल रही है द बाहरी दुनिया में हमारा
क्या कह लो कि हम लोगों को लेकर के क्या
बातें हैं क्या नहीं है अब देखो मान लो
अगर आपको कोई बिजनेस स्टार्ट करना है तो
सबसे पहली चीज आपको क्या करना पड़ता है
मार्केट का सर्वे करना पड़ता है मार्केट
में जाके पता करना पड़ता है वहां पे लोग
क्या कह रहे हैं लोगों का जो भी आप
प्रोडक्ट लाने वाले हो उस चीज को लेकर के
क्या एक माइंडसेट है बहुत सारी चीजें आप
पता करोगे वो कैसे पता चलेगा जब आप बाहर
निकलोगे वही यहां पे कह रहे हैं कि जब हम
घर के अंदर रहते हैं मतलब हम भारत में
बैठे रहते हैं तब तक हमें बिल्कुल नहीं
पता चलता है कि हमारे भारत की जो संस्कृति
है वो कितनी प्राण वती है मतलब कितनी
पावरफुल है और वो कितने लंबे टाइम से आ
रही है लेकिन जब हम मोरिशियस जाते हैं तो
हमें अपनी सं सं कृति की प्राण वत्ता का
ज्ञान होता है हमें अपनी संस्कृति के बारे
में बहुत अच्छे से पता चलता है कि व कितनी
पॉपुलर है और कितनी पावरफुल है कि आसानी
से प्राप्त कर लेते मतलब बाहर जाक हमें ये
चीज बहुत अच्छे से समझ आ जाती है कि जो
हमारी भारतीय संस्कृति है वो कितनी अच्छी
है अब देखो इसको अगर हम लिखित तौर पर
देखें तो इसको मैंने अर्थ दिया है फिर
इसका तात्पर्य दिया है इसका क्या तात्पर्य
है चलो सबसे पहला अर्थ देख लेते हैं लेखक
कहते हैं कि हम भारत में रहकर अपनी
संस्कृति की ताक और अमरता को पूरी तरह
नहीं समझ पाते लेकिन जब हम विदेश जैसे
मॉरिशस जाते हैं तो वहां के भारतीयों को
अपनी संस्कृति को जीवित रखते हुए देखकर
हमारी संस्कृति की असली शक्ति का एहसास
होता है और इसके आगे देखो इसका तात्पर्य
क्या है विदेश में हमारी संस्कृति की
जीवंता का अनुभव होता है जब हम बाहर गए तो
उनको क्या हुआ भाई अपनी संस्कृति उनकी
उनको यह दिखा कि भारतीय संस्कृति अभी भी
कितनी जीवंत है देखो बच्चों क्या है अब
मान लो भारत है हम लोग क्या है बहुत हद तक
पाश्चात्य संस्कृति को अपनाते जा रहे हैं
आपको बहुत मतलब बहुत ही कम लोग ऐसे
दिखेंगे जो साड़ी पहनेंगे हां तीज त्यौहार
में सभी साड़ी पहनती हैं स्त्रियां पर
जनरली साड़ी पहनना या फिर एक तरह से साड़ी
तो एक जस्ट उदाहरण ले रहे हैं ठीक है बहुत
मतलब ऐसा है कि बहुत ज्यादा लोग आपको नहीं
दिखेंगे लेकिन अगर मान लो कोई यही कोई
विदेश से यहां पे आया और उसने साड़ी पहनी
है चनिया चोली पहना है हमारे भारतीय
संस्कृति के लेकर आगे बढ़ रहे हो उनके
सांस्कृतिक कह लो पोशाक पहनी हुई है तो हम
लोग देख के उसको हमें समझ में आएगा कि यार
इसने ऐसा पहना है मतलब कि हमें भी अपनी
संस्कृति को लेकर आगे बढ़ना है मतलब
भारतीय संस्कृति कितनी पॉपुलर है देखे
होंगे बड़े-बड़े जगह प लोग वहां प नमस्ते
करते हैं और वहां पे हम पाश्चात्य
संस्कृति क्या है हम लोग क्या करते हैं
हेलो कर रहे हैं तो आप अंतर समझो जब हम
बाहर जाते हैं ना तो हमें पता चलता है कि
कितने ऐसे लोग हैं जो कि हमारे हमारी
संस्कृति को लेकर आगे बढ़ रहे है समझ में
आया चलो यहां से आगे देखते हैं दूसरा
पॉइंट भारतीयों ने मोरिश में अपनी
परंपराओं को बनाए रखा कौन सी परंपराओं को
बनाए रखा है देखो वहां पे आज भी जितने भी
वहां पे शिवरात्रि मनाई जाती है देवालय
हैं और सबसे बड़ी चीज भाई वहां पे आज भी
लोग भोजपुरी समझ रहे हैं यहां पे भारत में
कैसे है यहां पे अगर भोजपुरी बोलो तो लोग
आपको हीन दृष्टि से देखते हैं कि अरे
भोजपुरी है मतलब लोग उस पे ना सरक जम कर
देते हैं कटाक्ष करते हैं लेकिन भाई
भोजपुरी में लोग ये भूल जाते हैं कि अगर
भोजपुरी में कुछ ऐसे गाने हैं जो आपत्ति
जनक होते हैं लेकिन वहीं पर भोजपुरी जैसी
भाषा है जहां पर हमारे छठ जैसे पवित्र जो
त्यौहार है उसके भी भजन होते हैं गाने
होते हैं तो भाई हर चीज का अपना पॉजिटिव
नेगेटिव होता है मतलब वहां प वही कह रहे
है कि मॉरिशस में भी लोग जो है आज भी मतलब
सोचो उनको भोजपुरी समझ में आती है मॉरिशस
में और भारतीयों को भोजपुरी नहीं आती मतलब
आप समझ रहे हो दोनों के बीच में डिफरेंस
चलो तो यहां पे मतलब उन लोगों ने अपनी
संस्कृति को अपनी परंपराओं को बनाए रखा है
आगे इससे हम अपनी सांस्कृतिक विरासत की
महत्ता समझ है इससे क्या होता है हमारी जो
संस्कृति है वह जो हमें विरासत में मिली
हुई है जो हमारे पूर्वजों से हमें मिली
हुई है यह हमें समझ आती है समझ में आया
यहां तक चलो आगे बढ़ते हैं सोच विचार के
लिए अब हमें सोच विचार करना है इस यात्रा
वृत्तांत को एक बार फिर से पढ़िए और
निम्नलिखित के बारे में पता लगाकर अपनी
लेखन पुस्तिका में लिखिए तो भैया एक बार
फिर से वीडियो देख लो अगर अभी तक आपने
वीडियो नहीं देखा है तो और अगर आपको
मैग्नेट ब्रंस का पे अगर आप नए हो तो
प्लीज चैनल को सब्सक्राइब कर दो और अगर
वीडियो पसंद आ रही हो तो भैया लाइक जरूर
कर देना चलो आगे बढ़ते हैं कब नैरोबी का
नेशनल पार्क चिड़िया घर नहीं है नेशनल
पार्क और चिड़िया घर में क्या अंतर है
जल्दी से बताओ बच्चों मैंने ये व्याख्या
के वक्त आपको बता दिया था इसका उत्तर यहां
पे उन्होंने एक वाक्य लिखा था कि नैरोबी
का नेशनल पार्क चिड़िया घर नहीं है तो
चिड़िया घर और नेशनल पार्क में क्या अंतर
है देखो जो चिड़िया घर होता है ना वहां पे
सबसे बड़ी चीज होती है जानवर बंद होते हैं
और नेशनल पार्क में जानवर जो है खुले होते
हैं वो जंगल में रहते हैं अब यहां पे देखो
क्या था नेशनल पार्क क्या है यह शहर से
बाहर बड़ा जंगल होता है यह बेसिकली मैंने
इसको पार्ट से ही उठाया है जो जो चीजें
उसमें नेशनल पार्क के बारे में बताई है वो
चीजें लिखी हैं जानवर खुले में स्वतंत्र
रूप से घूमते हैं यहां सड़कें बनी होती
हैं और पर्यटक गाड़ियों में घूमते हैं ये
सारी चीजें पाठ में बताई गई थी नेशनल
पार्क को लेकर के ये बाकी देखो जनरली क्या
होता है नेशनल पार्क में आपके जो है जानवर
लोगों को कैद नहीं किया जाता है वो आजाद
से घूम रहे हैं कभी यहां कहीं वो कहीं भी
घूम सकते हैं जैसे जंगल में रहते हैं ठीक
है लेकिन जो जू है या फिर चिड़िया घर है
वहां पे जानवरों को कैद किया जाता है कि
मान लो इतने से इतनी दूर में यहां पे शेर
रहेगा यहां से आप जाते नहीं वहां पे बाहर
बोर्ड रहता है लिखा रहता है आपको हर जानवर
का नाम पांडा बियर अलग-अलग आपको ऐसे जानवर
दिख जाएंगे जिराफ तो उनको एक एरिया में
बंद करके रखते हैं लेकिन जंगल में या फिर
जो कह लो नेशनल पार्क में ऐसा बिल्कुल भी
नहीं है समझ में आया दोनों के बीच का
अंतर और चिड़िया घर क्या है देख लो इसमें
जानवर सिमित जगहों पर पिंजरे में रहते हैं
उनके लिए खास निवास स्थान बनाए जाते हैं
जो एक छोटे दायरे में होते हैं देखो आपने
देखा होगा ना कि सांपों को एक जगह में रखा
हुआ है मछली घर हो हो जाता है और या फिर
कह लो कि सर्प घर ऐसे मैंने नाम सुने हैं
एक दो तो ऐसे अलग-अलग होते है लेकिन भाई
नेशनल पार्क में ऐसा कुछ नहीं है सांप
घूमते रहते हैं अपना रोड पर वहां पे आपको
ऐसा नहीं है कि आपको अलग से कैद जगह में
मिलेंगे या एक पर्टिकुलर पॉइंट पे चले जाओ
तो वहां पे आपको वो जानवर मिलेगा ऐसा नहीं
है वो जंगल उनका घर है वो स्वच्छंद होके
घूमते हैं इसको ऐसे समझ लो कि चिड़िया घर
में का मतलब जैसे कि आप लोग अपनी किसी
रिलेटिव के घर गए हो तो होता है ना वहां
एटिकेट से आपको रहना है एक रूम मिला है
उधर ही उस दायरे में रहना है और नेशनल
पार्क कैसा है भाई आपके घर पर कुछ लोग आए
हैं आपसे मिलने के लिए आपके घर पर लोग आए
हैं तो आपका खुले आम है कहीं भी आप जा
सकते हो उठ बैठ सकते हो कोई दिक्कत नहीं
है चीजें समझ में आई उदाहरण आपको समझ में
आ गया दोनों में क्या है आगे बढ़ते हैं हम
लोग पेड़-पौधे और खरपा से भी बदतर समझे गए
भाई यहां पे ये लाइन याद है कब है लेखक ने
खुद को बोला था कि हम लोग पेड़ पौधे और
खरपा मतलब बच्चों वीड होता है जंगली घास
ठीक है से भी बत्तर समझे गए कौन थे
जिन्होंने लेखक और अन्य लोगों को
पेड़-पौधे और खरपा से भी बत्तर समझ लिया
था उन्होंने ऐसा क्यों समझा था भाई जल्दी
से बताइए उन्होंने ऐसा क्यों समझ लिया था
और कौन थे वो लोग आपको याद है वो वो सिंह
थे वो ढेर सारे जो कि सात से आठ सिंह थे
ना एक साथ और उसके चारों ओर मोटर गाड़ियों
पे पर्यटक उनको देख रहे थे पर सिंघो ने एक
बार भी नजर उठा के उन लोगों की ओर नहीं
देखा था तो तो ये उन लोगों को वही बता रहा
है कि मतलब लेखक इतनी बुरी तरह से जो
हमारे सिंघ है उनसे इग्नोर हुए थे तो
उन्होंने ये लाइन उन्होंने पूरे सींग को
समझाते हुए लिखा था इसका लिखित तौर प देखो
क्या है हम लोग पेड़-पौधे और खरपा से भी
बदतर समझे गए लेखक और अन्य लोग जब शेरों
से शेरों को देखने पहुंचे तब शेरों ने
उनकी ओर ध्यान नहीं दिया शेरों ने उन्हें
पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया मानो वे वहां
मौजूद ही ना हो इसी वजह से लेखक को लगा कि
उन्हें पेड़ पौधे या खरपा खर पात वार से
भी बत्तर समझ लिया मतलब उनको इसीलिए ऐसा
क्या लगा कि भाई उन लोग उनको वो इतनी बुरी
तरह इग्नोर हो गए थे कुल मिला के कि उनको
यह लगा कि भाई पेड़ पौधे और इवन जंगली घास
उनसे ज्यादा अच्छी है कि लोग एटलीस्ट शेर
उनको तो देख रहे हैं हम लोगों को तो ध्यान
ही नहीं दिया समझ में आया जल्दी से
स्क्रीनशॉट ले
लो चलो मोरिशियस की असली ताकत भारतीय लोग
ही है पाठ में इस कथन के समर्थन में
कौन-कौन से तर्क दिए हैं जल्दी से बताओ
कौन-कौन से वो तर्क थे उन्होंने बोला था
ना वहां पे एक तो गन्ने की खेती वाली बात
थी और भी ऐसे कई पॉइंट्स थे जो कि यह बता
रहे थे कि जो भार जो मोरिशियस की असली
ताकत क्या है भारतीय लोग ही हैं चलो देख
लेते हैं मॉरिशियस की असली ताकत भारतीय
लोग ही हैं सबसे पहली चीज मॉरिशियस में
67 67 प्र लोग भारतीय मूल के हैं और 53 पर
लोग हिंदू हैं जिसमें मैं आपको अभी बताई
थी ना ये आंकड़ा 67 जो पूरे मोरिशियस की
जो कुल जनसंख्या है उसके 67 प्र लोग कौन
है भाई वहां भारतीय हैं और उनमें भी जो 53
प्र लोग हैं वो कौन है हिंदू है समझ में
आया ऊक की खेती देखो यहां आया ना ये दूसरा
ये इसको पॉइंट वाइज भी आप चाहो तो लिख
सकते हो यह पहला पॉइंट फिर यह दूसरा पॉइंट
ऊक ऊक किसको कहते हैं पता है ईक गन्ना ठीक
है शुगर केन ऊक की खेती में भारतीयों का
बड़ा योगदान है क्यों भाई जो वहां देखो
वहां पे एक चीजें बोली गई थी कि वहां पे
ईक की जो खेती होती है ना ऊक की या गन्ने
की वो वही वहां का मेन कह लो कि आए है ठीक
है वहां पे उन लोग का मेन उद्योग ही इसी
चीज का है एग्रीकल्चर में और इस चीज को
लाने वाले कौन थे भारतीय थे जो वहां पे
भारतीय लोग थे वही लोग ईक की खेती वहां पर
लेकर गए थे अब समझ में आया क्यों बोला गया
है देखो जिसकी वजह से वहां की कृषि सफल
हुई है भारतीय लोगों के का वहां की कृषि
क्या है सफल हुई है इसी कारण मोरिशियस के
असली ताकत भारतीय लोग लोग माने जाते हैं
और इसीलिए मोरिशियस के जो असली ताकत है
कौन माने जाते हैं हम भारतीय लोग माने
जाते हैं समझ में आया चाहो तो स्क्रीनशॉट
ले
लो उस दीप को उन्होंने छोटा सा हिंदुस्तान
बना डाला उस दीप को उन्होंने छोटा सा
हिंदुस्तान बना डाला चलो भारत भारत से गए
लोगों ने मॉरिशस को हिंदुस्तान जैसा कैसे
बना दिया मतलब भाई कुल मिला के ये कह रहा
है कि ऐसे क्या-क्या चीजें आपको वहां पे
दिखी जो कि आप कह सकते हो कि मॉरिशियस
भारत मतलब मिनी इंडिया बन गया या फिर भारत
का एक छोटा सा अंश है देखो इसको मैंने
पॉइंट्स में लिखा हुआ है उस द्वीप को
उन्होंने छोटा सा हिंदुस्तान बना डाला
कैसे पहला मॉरिशियस की राजधानी पोर्ट लुई
की गलियों के नाम भारतीय शहर भारतीय शहर
हो जैसे कोलकाता मद्रास हैदराबाद और मुंबई
थे ठीक है बंबई या मुंबई ऐसा ठीक है ये जो
वहां के जो मेन कैपिटल है मॉरिशियस का
वहां पे जो सिटीज हैं उनके नाम कैसे थे
गलियों के जो नाम थे वो क्या नाम थे भाई
कलकाता मद्रास ऐसे-ऐसे नाम उन्होंने रखे
थे दूसरा वहां एक मोहल्ले का ही नाम काशी
था वहां जो एक मोहल्ला था उसका क्या नाम
था भाई काशी था ठीक है आगे देख लेते हैं
और क्या-क्या पॉइंट थे म मोरिशियस के
प्रत्येक प्रमुख ग्राम में शिवालय था
शिवालय मतलब शिव भगवान का मंदिर वहां के
जो प्रमुख जितने जितने भी ग्राम थे वहां
पर क्या था मंदिर था शिवजी का फिर
मोरिशियस का सर्व सर्वश्रेष्ठ धार्मिक
पर्व क्या है भाई शिवरात्रि है सबसे
ज्यादा वहां का कह लो कि इंपॉर्टेंट
फेस्टिवल क्या है शिवरात्रि है आगे भारतीय
लोगों ने अपने धर्म और संस्कृति परम
सांस्कृतिक परंपराओं को कायम रखा मोरिशियस
के लोगों ने वहां पे अपने जो धर्म है और
सांस्कृतिक परंपराओं को कायम रखा उनकी
भाषा भी उन्होंने उनको भोजपुरी समझ में
आती थी समझ रहे हो आप लोग ये सब कुछ कुछ
पॉइंट्स है जो आप लोग यहां पर लिख सकते हो
इसी तरह मॉरिशियस को एक छोटा हिंदुस्तान
जैसा बना दिया समझ में आया आपने जो बात
बोली उसको एंड में लिख के कंक्लूजन को आप
स्क्रीनशॉट ले लो पहले इस वाले का ले लेना
और फिर इसका
चलो मिलकर करे मिलन आ गया भाई टेबल पाठ
में से कुछ शब्द चुनकर स्तंभ एक में दिए
गए हैं उनसे संबंधित वाक्य स्तंभ दो में
दिए गए हैं अपने समूह में समूह में इन पर
चर्चा कीजिए और रेखा खींचकर शब्दों का
मिलान उपयुक्त वाक्यों से कीजिए ठीक है
इसके लिए आप मैग्नेट ब्रेस की सहायता ले
सकते हैं आगे पढ़ने की जरूरत नहीं चलो ये
स्तंभ एक है और स्तंभ दो है अब हम लोग
जैसे करते आ रहे हैं पहले वाक्य पढ़ेंगे
इससे मिलता-जुलता जो शब्द लगेगा हम लोग
आगे लिख देंगे पहला यह अफ्रीका महाद्वीप
के एक देश केनिया की राजधानी है केनिया की
राजधानी क्या थी बच्चों नैरोबी कहां दिया
है
ये यहां पे है नैरोबी मैंने बताया था ना
नैरोबी से उनकी फ्लाइट थी मॉरिशियस की याद
है अफ्रीका का ये एक है अफ्रीका महाद्वीप
का एक केनिया की जो राजधानी है वो क्या है
नैरोबी चलो दूसरा यह श्री श्री राम के
जीवन पर आधारित अमर ग्रंथ रामचरित मानस
लिखने वाले कवि का नाम है रामचरित मानस
किसने लिखी थी जल्दी से बताओ तुलसीदास जी
ने रामचरित मानस लिखी थी और रामायण किसने
लिखी थी वाल्मीकि जी ने संस्कृत वाले
वाल्मीकि जी हैं ये रामचरित मा तुलसीदास
कहीं दिया है ये सातवें नंबर पे चलो मैं
ऐसे नंबर लिख देती हूं ठीक है और इसका है
दूसरा फिर रक्तचाप कितना अच्छा शब्द है ना
रक्तचाप मैंने आपको उसमें भी बताया है
व्याख्या में रक्तचाप का मतलब क्या होता
है रक्तचाप आपको पता है ब्लड प्रेशर चलो
इसका अभी देखते हैं हम लोग तो सॉरी उल्टा
आ गया इधर हम लोग आ रहे थे ना उधर क्यों आ
गए चलो यह एशिया के बाद दुनिया का सबसे
बड़ा महाद्वीप है सबसे महाद्वीप मतलब सबसे
बड़ा कॉन्टिनेंट है कौन सा है भाई सबसे
एशिया है सबसे पहला दूसरा अफ्रीका अफ्रीका
कहां दिया है पहले पर ही दिया
है तीसरा यह रक्त
वाहिनिच्या रक्त की बात आई ना देखो ब्लड
प्रेशर क्या होता है या फिर रक्तचाप क्या
होता है उसकी हिंदी व्याख्या सुन लो यह
रक्त
वाहिनिच्या बहने बहते रक्त द्वारा उनके
दीवारों पर डाले गए दबाब का नाम है मतलब
ब्लड प्रेशर आप ब्लड कितने ही प्रेशर से
फ्लो कर रहा है आपकी नसों में वो उसको
क्या कहते हैं ब्लड प्रेशर ठीक उसी प्रकार
आपके जो रक्त वाहिनी है जो आपकी नसे हैं
उसमें जो है कितना प्रेशर डाल रहा है उसको
हम क्या बोलेंगे रक्तचाप ठीक है
तीसरा यह दो भाषाओं के मिलन से बनी नई
भाषा का नाम है जल्दी जल्दी से ये बताओ
कौन सी दो भाषाएं थी मैंने आपको व्याख्या
में पढ़ाया था और इसका था क्रोल करके हां
क्रोल ठीक है
आठ फिर है यह ब्रिटिश ओवरसीज एयरवेज
कॉरपोरेशन नाम का छोटा रूप है ये याद है
मैं आपको पूछ रही थी कौन सा था देखो मैंने
ब्रिटिश बता दिया था बी ओएसी जो था वो
फ्लाइट जिससे वो गए थे मैंने ब्रिटिश बता
दिया था एयरवेज और कॉरपोरेशन भी बता दिया
था ओवरसीज मैं भूल रही थी मिल गया ब्रिटिश
ओवरसीज एयरवेज कॉर्पोरेशन समझ में आया यह
क्या था भाई वो फ्लाइट थी कि जो एजेंसी थी
मैंने आपको बताया था इसमें कहीं दिया है
बी ओएसी ये चौथे पर ठीक
है और एक बात और इसमें क्या बोल रहा है यह
एक बहुत पुरानी विदेशी विमान है यह जो है
बहुत ही पुरानी विदेशी विमान है ठीक है
आगे पढ़ते हैं यह पृथ्वी के चारों ओर एक
काल्पनिक वृत है जो पृथ्वी को दो भाग में
बांटता है है उत्तरी भाग और दक्षिण भाग
देखो इसका मैंने आपको बताया था आपको याद
है देखो अगर तुम्हें नहीं भी याद है इसको
ऐसे समझो तुम ऐसे समझ सकते हो यह पृथ्वी
है ठीक है और चारों ओर एक काल्पनिक वृत्त
है जो पृथ्वी को दो भागों में बांटता है
मतलब दो भाग में बांट रहा है चलो दो भाग
में मैंने बांट दिया ठीक है उत्तरी भाग ये
उत्तरी भाग हो गया और ये दक्षिणी भाग हो
गया ये बताओ ग्लोब को दो हिस्सों में कौन
कौन सी लाइन डिस्ट्रीब्यूटर है इक्वेटर और
इक्वेटर को हम हिंदी में क्या कहते हैं
भूमध्य रेखा भूमि के मध्य में जो रेखा है
ये है भूमध्य रेखा अर्थात इक्वेटर इक्वेटर
को ही बच्चों हम हिंदी में क्या कहते हैं
भूमध्य रेखा समझ में आया तो इसका होगा
भूमध्य रेखा क है
पांचवा चलो इसके बाद है यह बांस का एक
मजबूत डंडा होता है जिसे कावड़ या बहंगी
भी कहा जाता है बहंगी याद समझ रहे हो
मैंने आपको बताया था कि एक बांस का एक
पतला डंडा होता है उसके दोनों साइड देखो
ऐसे होता है ये मान लो बांस का एक पतला
डंडा हुआ पहले इसको मिटा देती
हूं
चलो पहले पूरा पढ़ लो इसको यह बांस का एक
मजबूत डंडा होता है जिसे कावड़ या बहंगी
भी कहा जाता है जिसके दो दोनों सिरों पर
बांधी हुई दो टोकरिया या छको में यात्री
गंगाजल या अन्य वस्तु भर कर ले जाते हैं
मतलब पहले तो यह बताओ आपको छको का मतलब
याद है मैंने आपको बताया था मैया मोरी
मैंने माखन खायो में छके मतलब ऐसे बांस का
वो बना हुआ गोल आकार में रहता है जिसमें
लोग कोई भी दूध दही या फिर जो भी चीज वो
बनाते हैं उसको बना करके ऊपर ऊंचाई पर
रखते हैं ताकि कुत्ते बिल्ली आके उसे ना
खा पाए वो टांग हैं ठीक उसी प्रकार बास का
एक ऐसा डंडा और मान लो ये यहां पे यहां पर
टोकरी है या फिर मान लो यहां पर हम यहां
गंगाजल भी रख सकते हैं ये और इसको हम क्या
कहते हैं कावर कावर यात्रा याद है लोग जो
है कावर यात्रा करते हैं यहां सावन में आज
भी कहीं मतलब गंगा जी से जल उठाते हैं और
मिलो चल कर के जाते हैं शिवजी को जल अर्पण
करने वो जो कावर लेते हैं ना उसको यह होता
है कावर और उस उस यात्रा को क्या कहते हैं
हम लोग कावर यात्रा समझ में
आया चलो यहां पे इसका क्या होगा भाई कावर
कावर कहां पे है बहंगी सुने हो बहंगी भी
इसको कहते हैं क्यों कहते हैं आपने गाना
सुना है कि काच ही बा सके बहंगिया बहंगी
लच कच जाए भोजपुरी में है ये छट का गाना
है मतलब जब वो जो डाला होता है ना छट में
वो बहुत भारी हो जाता है तो लोग अधिकतर
क्या करते हैं उसको बास में करके दोनों
साइड बांध देते हैं और फिर उसको लेके जाते
हैं तो वही वो हिलते हुए जाती है तो उसी प
बोलता है कि बहंगी लचक जाए मतलब बहंगी जो
है लचक हुए जा रही है इधर को जा रही है
ऐसा ठीक है तो इसका भाई कावर होगा कहां
नोवा चलो आगे यह ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण
की ओर खींची जाने वाली काल्पनिक रेखाएं
हैं यह उत्तरी ध्रुव को दक्षिण ध्रुव से
मिलाती है बच्चों देखो रुको पहले इसको
मिटा द कावर मिटा दू फिर आपको बताती हूं
क्या कह रहा है शब्द को
पकड़ो मान लो ये हमारा ग्लोब है और उत्तरी
धुव ध्रुव और दक्षिण ध्रुव जानते हो क्या
होता है ये और कुछ नहीं बेटा नॉर्थ पोल और
साउथ पोल है ठीक है यहां पे एक पोल ये
नॉर्थ पोल और ये साउथ पोल वो रेखा जो इसको
ऐसे मिलाती है ऐसे खींची जाती
है और ये काल्पनिक होती है याद है पढ़ा है
लोंगिट्यूड एंड लटटू नहीं पढ़े हो तो
मैग्नेट ब्रेस के चैनल पे जाकर के पढ़ लो
सब चीजें डाउट क्लियर हो जाएगा ये जो है
भाई लोंगिट्यूड कहते हैं और लोंगिट्यूड को
हम हिंदी में क्या कहते हैं देशांतर रेखा
कहीं यहां पे देशांतर लिखा है छठा ठीक है
समझ में आया ये टेबल यह होता है हमारा
लोंगिट्यूड जिसको हम हिंदी में क्या कहते
हैं देशांतर रेखा इक्वेटर क्या हो गया भाई
भूमध्य रेखा समझ में आया भूमि के मध्य में
चलो अब जल्दी से आप इसका स्क्रीनशॉट ले लो
यहां पे वर्ड है और उसके सामने शब्द का
मेन व्याख्या चलो जल्दी से इसका
स्क्रीनशॉट ले
लो आगे बढ़ते
हैं यात्रा वृतांत देखो बच्चों मैं मेरी
कोशिश है मैं पूरा प्रयास कर रही हूं कि
आपको हिंदी से जोड़ सकूं केवल हिंदी पढ़ने
के लिए नहीं हिंदी से जोड़ो ताकि आप अपनी
संस्कृति को आगे लेकर के जाओ आगे बढ़ते
हैं इतने में कोई मील भर भर की दूरी पर
हिरणों का एक झुंड दिखाई पड़ा अब दो जवान
सिंह उठे और दो ओर को चल दिए एक तो थोड़ा
सा आगे बढ़कर एक जगह बैठ गया लेकिन दूसरा
घास के बीच छिपता हुआ मोर्चे पर आगे बढ़ने
लगा भाई यहां पे हमने यह वाली चीज इसकी
पूरी व्याख्या हमने पढ़ा है अगर नहीं देखा
है वीडियो तो जल्दी से देख लो आगे हम लोग
पूछते हैं पढ़ते हैं कि इसमें पूछ क्या
रहा है इन वाक्यों को पढ़कर ऐसा लगता है
मानो हम लेखक की आंखों से स्वयं वह दृश्य
देख रहे हैं हां बिल्कुल मुझे तो लगा भाई
मुझे समझ में आ रहा है कि ऐसे दो सिंह उठे
हैं पहले सब ऐसे बैठे हुए थे उन्होंने फिर
किसी ने जुवाई ली मतलब शरीर को ताना फिर
उसमें से दो सिंह आगे बढ़े और फिर एक क्या
है थोड़ी दूर चल के बैठ गया और एक जो है
घास में छिप हुए आगे की ओर बढ़ रहा था
मोर्चा संभाल रहा था कौन सा मोर्चा शिकार
करने का आगे अ मानो हम स्वयं भी उस स्थान
की यात्रा कर रहे हो जहां जहां का वर्णन
लेखक ने किया है ठीक है यहां तक हमें समझ
में आ गया जो ये चीजें बोल रहे हैं कि
हमें क्या है कि ऐसा पढ़कर हमें ऐसा लग
रहा है कि जो लेखक देख रहे हैं उन्होंने
इस तरीके से उस चीज का चित्रण किया है कि
ये जो ऐसा लग रहा है कि मैंने अपनी आंखों
से देख रही हूं मैं खुद भी वहां लेखक के
साथ गई हुई हूं आगे यह इस यात्रा वृतांत
की एक महत्त्वपूर्ण विशेषता है यदि आप इस
यात्रा वृत्तांत को थोड़ा और ध्यान से
पढ़ेंगे तो आपको और भी बहुत सी विशेषताएं
पता चलेंगी अच्छा अब यहां पे हमें विशेषता
पूछ रहा है कि क्या-क्या चीजें इंपॉर्टेंट
है इसमें क्या-क्या विशेषताएं आपको मिली
देखो यहां पे कह रहा है कि इसको पढ़ने के
बाद हमें ऐसा लग रहा है कि ये सब चीजें हम
अपनी आंखों से देख रहे हैं तो यहां पे अब
यह बहुत बड़ी विश विशेषता है किसकी यात्रा
वृतांत की भाई ब्लॉगिंग में कैसा होता है
जब आप कोई वीडियो देखते हो लोग कहते हैं
ना मैं यहां से ऐसे गया मनाली पे मैं ऐसे
ऊपर चढ़ता जा रहा था वहां से बगल से मान
लो कि मैं ऊपर जा रहा था और वहां से पत्थर
टूट के गिरा मुझे लगा कि पूरा का पूरा
पहाड़ टूटने वाला है तो इस तरह से वो आपको
इस तरीके से बताते हैं दिखाते हैं ना ताकि
आप जो हो उस चीज को फील कर पाओ कि आप खुद
वहां पे हो वो भाई यात्रा वृतांत का यही
तो मतलब है कोई आपको जर्नी क्यों बता रहा
है ताकि आप यहां बैठे-बैठे उस जगह का आनंद
ले सको तो यह पूरी चीजें हमें इस पाठ में
दिखाई दी है है कि नहीं हमें समझ में आया
हमें भी ऐसा लगा कि हमने मोरिशियस घूमा और
यह जो नेशनल पार्क है इसको भी हमने कहीं
ना कहीं घूमा तो यह सब चीजें इन्होंने
इंपॉर्टेंट बताई और क्या दे रहा है इस पाठ
को एक बार फिर से पढ़िए और इसकी रचना पर
ध्यान दीजिए आपको जो विशेष बातें दिखाई
दें उन्हें आपस में साझा कीजिए और लिख
लीजिए भैया जो भी चीजें आपको लग रही है और
क्या-क्या चीजें टेंट है मतलब जो अच्छी इस
इस पूरे पाठ की विशेषताएं हैं वो आप इसमें
लिखिए जैसे लेखक ने बताया कि वह एक स्थान
से दूसरे स्थान तक कैसे और कब पहुंचे याद
है उन्होंने बताया था मैं सोलत को यहां से
गया फिर मुंबई गया मुंबई के बाद फिर मैं
नैरोबी ऐसे अलग-अलग जगह बताए फिर मेरी
फ्लाइट दो दिन बाद थी मेरा डिले था मतलब
वो हर एक चीज उन्होंने बहुत ही बखूबी
दिखाई तो ये वही कह रहा है और क्या-क्या
चीजें हैं तो जल्दी से इसका उत्तर देख लो
सबसे पहली चीज क्या है इसमें क्या है
दृश्याम कता है मतलब जो भी चीजें इसमें
बताई जा रही है वो हमें देख पा रहे हैं
हमें समझ में आ रहा है लेखक ने विवरण इस
प्रकार से प्रस्तुत किया है कि पाठक खुद
से उस दृश्य में महसूस करता है जैसे वह
खुद वहां मौजूद हो भाई ये पूरा ऐसा लग रहा
है कि एक सीन ऐसा बता रहे है कि मान लो
मैं खुद वहां पे हूं मुझे तो ये लगा फिर
विवरण की जीवंतता कैसे लेखक के वर्णन से
ऐसा लगता है कि पाठक हिरणों और सिंघ की
गतिविधियों को सीधा देख रहे हैं जो ये ऊपर
में पंक्तियां लिखी हुई थी उनको देख के
ऐसा लग रहा था ना कि हम लोग मतलब लाइव देख
रहे हैं यहां से हिरण है उनके बीच में
जिराफ है यहां से ऐसे हमारे शेर जा रहे
हैं तो वो सब चीजें मैं ऐसा लग रहा था कि
मैं लाइव देख रही हूं लाइव टेलीकास्ट हो
रहा है जैसे क्रिकेट होता है क्रिकेट में
कैसा होता है मान लो रेडियो में जैसे पहले
के टाइम पे होता था कि हम सुन रहे हैं सुन
कर के हमें दिख रहा है वो बॉल आई और उसने
बहुत ही बैट्समैन ने बहुत ही शानदार तरीके
से बॉल को हिट कर दिया और बॉल बाउंड्री के
बाहर तो समझ में आ रहा हमारे दिमाग में
आया कि बैट्समैन है और वो बॉल मारा और बॉल
बाउंड्री के बाहर तो ये वो चीजें हैं फिर
प्रकृति का अनूठा चित्रण प्रकृति का कैसा
चित्रण है देखते हैं लेखक ने प्राकृतिक
दृश्य को इतनी बारीकी से प्रस्तुत किया है
कि पाठक की कल्पना सजीव हो उठती जो हमारे
उन्होंने हमारे जो लेखक हैं उन्होंने इतने
अच्छे से उसको प्रस्तुत किया है उनका
प्रस्तुतीकरण लेख लिखित तौर प इतना अच्छा
है कि ऐसा लगता है कि दृश्य हमारे सामने
ही हो रहा है और हर एक बारू की प्रस्तुत
हो रही कैसे भाई उन्होंने पहले ही बता
दिया कि मैं कहा नेशनल पार्क गया था वहां
पे कैसा है वहां पे पेड़ कम है घास ज्यादा
है तो हमारे दिमाग में आ गया ना कि पेड़
कम है घास ज्यादा है और उन्हीं के बीच में
से सड़कें हैं जिन पर मोटर गाड़ियां दौड़
रही है तो ये सब बारीकियां है बहुत ही
ज्यादा छोटी-छोटी बारीकियां है जो हमें
बताई गई और हम वो चीज को महसूस कर पा रहे
हैं फिर अ सजीव होट ठीक है और इससे क्या
हुआ ये पूरी जो ऐसा हमने पढ़ा तो ऐसा लगा
कि ये सच में हुआ हुआ है सजीव मतलब इसमें
जान आ गई आगे संवेद संवेदनात्मक जुड़ाव
इससे हमारा जुड़ाव भी हुआ कैसे देखो पाठक
लेखक के साथ उस यात्रा के अनुभव को साझा
करता है जिससे यात्रा का अनुभव और भी
प्रभावशाली बन जाता है और जो पाठक कौन है
भाई हम लोग प जो हम लोग पढ़ रहे हैं पाठक
लेखक के साथ उस यात्रा के अनुभव को इस तरह
से साझा करते हैं मतलब इस तरीके से उसको
हम साझा कर रहे हैं कि हम उसको पढ़ने के
बाद हमें और भी एकदम ऐसा लगता है कि वो
चीजें जीवंत हो रही है हमारे सामने की है
समझ में आया जल्दी से स्क्रीनशॉट ले लो
यहां वालों का भी ले लेना
चलो आगे बढ़ते हैं इसका भी ले लो जल्दी से
आगे अनुमान या कल्पना से भाई मेरे को यह
कल्पना वाले में बड़ा मजा आता है क्योंकि
यहां पे हम स्वच्छंद है हम अपनी कल्पना के
अनुसार सोच सकते हैं चलो अपने समूह में
मिलकर चर्चा कीजिए क्या मोरिशियस वह देश
है जहां बनारस भी है गोकुल भी है और
ब्रह्म स्थल भी मोरिशियस में लोगों ने गली
मोहल्लों के नाम इस तरह के क्यों रखे हो
होंगे जल्दी से मुझे बताइए लोगों ने जो इस
तरह के नाम रखे हैं वो क्यों रखे होंगे
देखो मैंने इसके पॉइंट्स में आंसर लिखे
हैं सबसे पहला क्या है ये सांस्कृतिक
पहचान है भारत में भाई हम भारत वहां पे
जाकर के जो हमारे भारतीय गए तो अपने साथ
जो अपनी संस्कृति को लेकर गए वो उन्होंने
उसको जीवंत रखा है वहां पे जीवंत रखा है
वो ऐसा नहीं कि वो अपनी संस्कृति को छोड़
दिए हैं वहां पे लोग जाकर के उन्होंने
अपनी चीजों का व और प्रचार किया ठीक है
पहचान कैसे भारतीयों ने गली मोहल्ले के
नाम भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों
पर रखे हैं ठीक है यह सब जो नाम है
उन्होंने क्यों रखे हैं भाई अपने
सांस्कृतिक पहचान देने के लिए कि वहां पर
भी जो लोग हैं वो भारत के हैं मान लो आज
से 100 200 साल 100 साल बाद मान लो वहां
पे अब जो लोग जाएंगे तो वो जब यह देखेंगे
कि यहां का नाम काशी है तो उनको लगेगा ना
यार काशी तो यहां पे भारत में भी है तो
कहीं ना कहीं वो कनेक्ट कर पाएंगे कि यहां
पे कभी ना कभी जरूर ही भारत के लोग रहे
होंगे समझ में आया दूसरा विरासत की निरंतर
भाई उन्होंने अपनी विरासत को भी संभाला है
वहां पर जाकर के देखो यह नाम नामकरण
भारतीय संस्कृति को बनाए रखने और उसकी
पहचान को दर्शाने का प्रयास है यहां पे
क्या है भाई वो अपनी विरासत जो उनको मिली
है संस्कृति की जो विरासत है उनको मिली है
उसको वो कायम रखना चाहते हैं और उसको आगे
बढ़ाना चाहते हैं इसलिए उन्होंने ये सब
नाम रखे होंगे और क्या-क्या कारण हो सकता
है देखो सांस्कृतिक सम्मान ये एक तरह से
हम लोग क्या है भाई हम लोग एक तरह से
सम्मान दे रहे हैं अपनी संस्कृत कृति को
भारतीय स्थलों के नाम मॉरिशियस में
भारतीयों की सांस्कृतिक धरोहर और उनके
योगदान को मान्यता देते हैं भाई देखो क्या
होता है नाम बहुत जरूरी होता है किसी का
भी अब मान लो मैंने अगर आपके दिमाग में
बोला काशी तो काशी सुनते के साथ आपके
दिमाग में क्या आई गंगा जी गंगा के किनारे
है ना कि कौन सा तो गाना था तू बन जा गली
बनारस की मैं रा शाम तलक भटक तो ये सब
जैसे है क्यों बने भाई ताकि लोग उसको क
कनेट कर पाए जहां मैंने बोला ऋषिकेश
ऋषिकेश मतलब योग की बात हरिद्वार ऋषिकेश
इसको यहां पे लोग योग से जोड़ते हैं बाहर
से विदेश से लोग आते हैं भारत में योग के
लिए देव भूमि उत्तराखंड ये सब हम तो ऐसे
टर्म देते हैं क्यों देते हैं ताकि लोग जो
हैं उनसे जुड़े रहे और बहुत सारे गाने
बनते हैं इसे सब पे ताकि आप जब वो गाना
सुनो तो आपको आपके मन में इच्छा हो ये देव
भूमि क्या है यह जगह क्या है तो आप उससे
जुड़ वहां पे जानो उस जगह पे क्या हुआ था
ठीक है तो इसीलिए और देखो अभी क्या था कि
जो हमारा भारत था उसमें जब मुगल शासन हुआ
ना तो बहुत सारे चीजें हमारी अस्तव्यस्त
हो गई अस्तव्यस्त कैसे हम मंदिर टूट गई और
उसके बाद लोगों के लोगों ने नाम चेंज कर
दिए जैसे अब मैं उदाहरण के तौर पे लू
प्रयागराज ठीक है इसका नाम प्रयाग था सबसे
पहले क्यों था प्रयाग का मतलब होता है
प्राकृत यज्ञ ऐसा कहा जाता है कि जब
ब्रह्मा जी ने पूरे धरती को बनाया तो सबसे
पहले जो यज्ञ किया प्राक यज्ञ मतलब जो
पहला यज्ञ किया धरती पर वो प्रयाग में
किया गया और इसीलिए उसका नाम प्रयाग पड़ा
था फिर जब मुगल शासन आए वहां पे तो
उन्होंने उसका नाम क्या बदल दिया
अल्लाहाबाद मतलब अल्लाह का बाद ठीक है मैं
यहां पे कुछ वो नहीं कह रही हूं यहां पे
की हिस्ट्री है नाम की मैं वो बता रही हूं
फिर वो बन गया प्राकृत यज्ञ से वो प्रयाग
से क्या बन गया इलाहाबाद हर जगह इलाहाबाद
चला लेकिन अभी जो अब हमारी जो गवर्नमेंट
आई उन्होंने उसका नाम फिर से चेंज करके इस
बार उन्होंने क्या रख दिया प्रयागराज ठीक
है प्रयाग भी हमारे पास कई है चार प्रयाग
है उसमें भी ये राज प्रयाग राज इन्होंने
जोड़ कर के एक अलग बना दिया समझ में आया
तो भाई इससे क्या है अब जब लोगों ने कहा
इसका नाम प्रयागराज क्यों पड़ा तो भाई
लोगों के मन में एक जिज्ञासा जगी ना क्यों
बड़ा तो फिर लोगों ने पता किया अच्छा ये
यहां पे इसका नाम पहले प्रयाग था तो इससे
क्या होता है ये जो हमारी सांस्कृतिक
धरोहर है ये हमारी एक पहचान है वो हम इसको
आगे बढ़ाते हैं समझ में आई आपको कुल मिला
के यहां पे ये बातें क्यों जरूरी है चलो
आगे कोई सात आठ सिंह लेटे या सोए हुए थे
और उन्हें घेर करर आठ 10 मोटर मोटर खड़ी
थी मोटर खड़ी थी मतलब भाई मोटर गाड़ियां
मतलब कार खड़ी हुई थी वहां पे आपने पढ़ा
कि केनिया का राष्ट्रीय पार्क पर्यटकों से
भरा रहता था पर्यटक जंगली जानवरों को घेरे
रहते थे क्या इसका उन पशुओं पर कोई प्रभाव
पड़ता होगा अपने उत्तर के के कारण भी
बताइए संकेत क्या दिया है राष्ट्रीय पार्क
में बंदर बंदरों सिंह का व्यवहार भी बदल
गया देखो इसमें यह पूछ रहा है कि वहां पे
जब लेखक गए थे तो वहां पे जो सिंह लोग
लेटे हुए थे तो उन्होंने उन्होंने अ उनके
आसपास जो है बहुत ढेर सारी मोटर गाड़ियां
उनको घेर कर के खड़ी हुई थी देख रही थी
क्यों क्योंकि भाई वो शेर देखने ही गए थे
वो भी ऐसा शेर नहीं जो चिड़िया घर में हो
जो बंद हो वो शेर तो खुद जंगल में हो तो
यहां पे क्या है अब ऐसे जब हमारे पर्यटक
बढ़ते जाते हैं जो टूरिस्ट बढ़ते जाते हैं
क्या ये कहीं ना कहीं उन जानवरों के ऊपर
भी कोई असर कर रहा है हां भाई बहुत ज्यादा
असर कर रहा है कैसे कर रहा है देखो लंगूर
पे या बंदरों पे कैसे असर कर रहा है जब
पर्यटक वहां जाते हैं तो उनको खाने के लिए
देते हैं जैसे गाड़ी रुकती तो अब क्या है
गाड़ियों लोगों को पता है बंदरों को पता
है कि जहां गाड़ी रुकी वहां पहुंच जाओ
हमें खाने को मिल जाएगा और इसका ये तो चलो
ठीक है नेशनल पार्क है वहां पर समझ में
आता है लेकिन ऐसा ही लोग कहां करते हैं जो
नेशनल हाईवेज हैं जहां पे तेज तेज
गाड़ियां चलती हैं वहां पे भी लोग करते
हैं बस में रोक करके जहां भी बंदर आता है
उसको खाना दे देते हैं तो बंदर को लगता है
यहां पे खाना मिलेगा तो फिर वो हर रोज
वहां आता है और कई बार ऐसा होता है कि
बंदर की इसी में मौत हो जाती है क्योंकि
रात के वक्त आएगा गाड़ी तेज है किसी ने
नहीं देखा तो उससे मौत भी होती है जो कि
उसका नुकसान है तो इसीलिए मैं कहती हूं हर
चीज को सोच समझ के करो ये जो हर जगह देखो
हमारी जो धरती है वो सभी जानवरों के रहने
के लिए है अगर हम पशुओं की जगह पे भी उस
उसको नहीं रहने देंगे वहां घुस घुस के हम
उनको भी परेशान कर रहे हैं तो क्या मतलब
है और सबसे बड़ा सरकस मारा था भाई प्रकृति
पर वहां पर पेड़ कम हो गए थे और सड़कें
बिछी हुई थी ऐसा जंगल जहां पे पेड़ ही कम
हो जंगल का मतलब क्या है बड़े-बड़े घने
घने पेड़ पर वहां पे वही बोले कि वहां
पेड़ कम है और घास ज्यादा है मतलब कितनी
एक लाइन में उन्होंने कितने कितने प्यार
से कह लो कि धो दिया है हम लोगों के ऊपर
समझ में आया देखो इसका उत्तर मैंने लिख
दिया है आप चाहो तो इसका स्क्रीनशॉट ले लो
कि क्या-क्या अंतर आता सबसे पहला चीज
पर्यटकों की बड़ी संख्या से जानवर का
व्यवहार प्रभावित होता है दूसरी सबसे बड़ी
इंपोर्टेंट बात याद है शेर लोग जो वहां पे
थे तो उन्होंने ध्यान ही नहीं दिया कि कौन
उनको देख रहा है मतलब उनके लिए ये बहुत आम
बात हो गई है कि लोग आते हैं उनको देखते
हैं फोटो खींचते हैं वो अपना अपने वो इन
लोगों को पूरी तरह से इग्नोर कर दिया और
ऐसे कहीं अगर जंगल में अगर आप मान लो
प्रॉपर एक जंगल में हो और वहां पे अगर कोई
शेर आ जाए और आप खड़े हो तो भैया आप डरो ग
कि शेर डरेगा पर यहां य पे अब कैसा
परिस्थिति हो गई है यहां पे झुंड में लोग
खड़े हुए हैं उनको देख रहे हैं फोटो खींच
रहे हैं और हमारा शेर डर रहा है उसको मतलब
मतलब ही नहीं डर क्या रहा है उसको मतलब ही
नहीं कौन आ रहा है कौन नहीं आ रहा है मतलब
उसके लिए इतनी आम बात हो गई है कि वो अब
इन सब से परेशान हो चुका है उनको कोई मतलब
ही नहीं है वो ध्यान ही नहीं देता है जब
हमारे अंदर अति हो जाती है ना किसी चीज की
सहते सहते तो फिर हम उसको इग्नोर कर देते
हैं भाई हमारा शेर भी उसी मनोदशा में चला
गया कि इग्नोर करो इंसानों को चलो ठीक है
दूसरा क्या है लगातार देखने और घेरे जाने
की आदत से जानवरों का स्वाभाविक व्यवहार
बदल सकता है जैसे शेरों का पर्यटकों की ओर
ध्यान ना देना समझ में आया तीसरा पॉइंट
लगातार पर्यटकों के संपर्क में आने से
जानवर के प्राकृतिक जीवन और आवास पर भी
असर पड़ सकता है क्यों भाई पड़ रहा है
उनके पेड़ कट रहे हैं बंदर लोगों को भाई
जब पेड़ ही कट जाएगा तो बंदर मोटर कार पे
ही तो आके चढ़ वो कहां जाएंगे उनको भी तो
अपने रहने के लिए जगह चाहिए ना पूरी तरह
से समझ में आया इसीलिए बच्चों बहुत ज्यादा
जरूरी है कि हम लोग जहां पे जानवर हैं
उनको वहां रहने दें हम लोग कहते हैं ना कि
बंदर हमारे घर पे आ रहे हैं नहीं भाई बंदर
हमारे घर पे नहीं आ रहे हैं हम लोग जाकर
के उन बंदरों के घर पर पे पेड़ काटकाट के
अपना घर बनाए हुए हैं बात समझ में आ र
10-10 घर है मेरे घर पर इतना बंगला है ये
है वो है और फिर बोलते हैं बंदर आ रहे हैं
परेशान कर रहे हैं नगर निगम में फोन करते
हैं गायों को हटाओ कुत्तों को हटाओ भाई हम
लोग उनकी जगह पे आ कर के रहे हैं तो हम
जानवर कहां रहेंगे समझ में आया चलो अब आते
हैं नेक्स्ट प्रश्न पे हिरणों का एक झुंड
दिखाई पड़ा जिनके बीच एक जिराफ बिल्कुल
बेवकूफ की तरह खड़ा था सिंघ के आसपास होने
के बाद भी जिराफ क्यों खड़ा रहा होगा
जल्दी से बताओ जिराफ क्यों खड़ा रहा होगा
यहां हिरणों का नहीं पूछ रहा है जिराफ
क्यों खड़ा रहा होगा देखो यहां पे
उन्होंने बताया था कि हिरणों के बीच में
एक जिराफ बेवकूफ सा था क्यों खड़ा था भाई
हि हिरण लोग कैसे होते हैं छोटे-छोटे सते
हैं अब ऐसा समझो कि मान लो ये हिरण का सब
सर सर है और इसके बीच में एक ऐसा सर यहां
पे तुम्हें दिखेगा अजीब सा तो लगेगा ना कि
हिरणों के बीच में एक बे जो जिराफ है वो
कैसा है बेवकूफ सा है समझ में आया चलो
देखते हैं अब इसका उत्तर भी आप इसका चाहो
तो स्क्रीनशॉट ले लो और पहले समझ लो जिराफ
की असावधानी जिराफ क्या है असावधानी था
भाई नहीं देख पाया होगा सिंघो को पता चल
गया आभास हो गया उनकी आहट से चीजों को समझ
में आ गया उनको जो कह लो कि उनकी आभास की
जो शक्ति है वो ज्यादा तेज थी जिराफ से
जिराफ ने सिंघो की उपस्थिति को गंभीरता से
नहीं लिया या वह किसी विशेष खतरे से अनजान
था भाई काल्पनिक है ना सोच सकते हैं भाई
मैंने तो यही समझ में आया मुझे तो ठीक है
आगे देखते हैं सामाजिक संरचना अब यहां पे
देखो क्या है बहुत ही उन लोगों की जो
व्यवहार है उस पर है जैसे सिंघो का
व्यवहार है ना कि वो झुंड में शिकार नहीं
करेंगे जो अकेले बचेगा उसका शिकार करते
हैं जिराफ की प्रवृत्ति होती है कि वे
अन्य जानवरों की तुलना में धैर्य पूर्वक
और कम सतर्क होते हैं धैर्य पूर्वक मतलब
वो अगर मान लो अगर उसको शेर दिख भी गया तो
वो बहुत धैर्य के साथ वहां खड़ा है ये
नहीं डर के भाग रहा है और भाई कहीं ना
कहीं एक ये भी तो रीजन हो सकता है ना कि
उसको भी पता है कि शेर जो किसका वो करता
है शिकार करता है जो समूह में नहीं हो ठीक
है तो इसीलिए वो वहां पे खड़ा था और जिराफ
की एक प्रवृत्ति ये भी होती है कि वो
थोड़ा कम सतर्क होते हैं ठीक है समझ में
आया आप चाहो तो इसका स्क्रीनशॉट ले लो आते
हैं नेक्स्ट प्रश्न पे मोरिशियस के मध्य
में एक झील है जिसका संबंध हिंदुओं ने
परियों से बिठा दिया है और उस झील का नाम
अब परि तालाब हो गया यहां पे याद है मैंने
आपको बताया था वहां पे तालाब वाला जो
जिक्र था परि तालाब था जहां पे पर्यटक आते
थे वहां पे लोग पिकनिक स्पॉट बन गया था
लेकिन फिर भी उसको उस जगह को बहुत ही कह
लो कि पवित्र मानते थे वहां पे मांस मछली
या इस तरीके की चीजें नहीं करते थे तो ये
भाई वहां पे है उस झील का नाम परी तालाब
क्यों पड़ा होगा प्रश्न क्या है उस झील का
नाम परि तालाब क्यों पड़ा होगा जल्दी से
बताओ हमें कल्पना करो देखो इसकी धार्मिक
मान्यता क्या है हिंदुओं ने झील को पवित्र
मानते हुए इस इसे प परि तालाब का नाम दे
दिया देखो बच्चों जो हमारे हिंदू लोग हैं
या फिर जो हमारे जो कह लो कि भारतीय
संस्कृति है उसमें यह है कि प्रकृति की
पूजा करते हैं भाई यहां पे एक धर्म की बात
नहीं करेंगे जैसे इस्लाम धर्म चांद की
पूजा करता है उसी प्रकार जो हिंदू धर्म है
उन लोग सूर्य की पूजा करते हैं और जैसे छठ
होता है तो छट तो पूर्णता वहां पे कोई
तस्वीर नहीं होती वो पूर्णता प्राकृतिक की
पूजा है प्रकृति की पूजा है जल की पूजा
होगी जो अनाज चढ़ाते हैं वो भगवान को
अर्पण करते हैं फिर सूर्यदेव की पूजा है
समझ रहे हो तो हमारे यहां प्रकृति को
पूजने का जो यह परंपरा है ये बहुत ही
पुराना है सीता मैया सतयुग से और त्रेता
युग से ये चीज चली आ रही है कि प्रकृति को
पूजनीय पूजनीय बताया गया है सूर्य भगवान
को जल चढ़ाना प्रकृति के अगर आपने अगर
रामायण देखी होगी तो आपको याद है वो पेड़
से भी बहुत ही विनम्रता से पूजती हैं
पेड़ों की पूजा होती है वट वृक्ष की पूजा
होती है तो ये सब क्या है हमारे भारतीय
संस्कृति है कि हम लोग इंसानों को तो छोड़
दो प्रकृति को भी हम लोग ईश्वर मान के
उनकी पूजा करते हैं तो ये यहां पे यही बोल
रहा है तो इसी प्रकार भाई जब वो झील गए
होंगे वहां पे लोगों ने देखा होगा कि ये
झील है तो लोग लोगों ने वहां पे क्या किया
होगा उसको भी पूजना शुरू कर दिया होगा या
अपने पूजा में होता है ना कि खुले में
स्नान करना जैसे होता है भाई गंगा जी में
स्नान करना उसको पवित्र मानते हैं कोई भी
धार्मिक हम छट करते हैं या फिर मान लो
जुतिया व्रत करते हैं कोई भी व्रत करते
हैं तो हम लोग कहते हैं स्नान करते तो भाई
वहां पे जो लोग होंगे उनके लिए वो झील जो
है वो इजली अवेलेबल होगा तो उन लोगों ने
उसकी पूजा करना शुरू कर दिया अपनी धार्मिक
परंपराओं को उन्होंने आगे लेकर बढ़े आगे
सांस्कृतिक संदर्भ सांस्कृतिक तौर प भी
इसका संबंध है कैसे नामकरण में हिंदू
संस्कृति की धार्मिक मान्यता और लोक कथाओं
को दर्शाया गया है परिणाम रखने से देखो
परि अप्सराएं हमारे यहां जो है कह लो कि
हिंदुओं में इसको माना जाता है कि बहुत ही
अ इसको कैसे बोले कि जैसे मान लो परियों
की कहानी परियो कौन है भाई अप्सराएं ठीक
है अप्सराएं कहां पे इंद्रदेव के पास
इंद्रलोक में तो मतलब परी परी कौन है जो
अच्छी है जो बहुत ही सुंदर है सुंदर का
मतलब ये नहीं कि शारीरिक तौर पर सुंदर हैं
उनका चित और मन दोनों ही सुंदर है उनके
अंदर जो गुण है वो भी सुंदर है और परियों
को क्या होता है ना जब हम बच्चों को
सुनाते हैं तो बच्चे उस तरह बनते हैं कि
नहीं मैं भी परी बनूंगी मतलब मैं परियों
का हमारा रोल कैसा होता है हमेशा मदद करने
वाला मानवीय गुणों को लेकर चलने वाला अगर
आपने कभी भी कोई परियों की स्टोरी सुनी हो
तो तो वही चीज बोल रहे है भाई बच्चों को
सिखाने के लिए हो सकता है कल्पना वाले
क्वेश्चन है ना हो सकता है वो बच्चों को
सिखाने के लिए वहां पे बोला गया परी तालाब
है परी उतरती तालाब में तो यहां कुछ भी
व्याख्या हो सकती है आप मुझे कमेंट सेक्शन
में बताओ आप इसकी क्या व्याख्या देते
हो यहां तक समझ में आया आपको आगे बढ़ते
हैं आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि लगभग
50 साल पहले परी तालाब का नाम बदलकर गंगा
तालाब कर दिया गया है मोरिशियस के लोगों
ने यह नाम क्यों रखा होगा मतलब जो ये परी
तालाब था बच्चों अभी से 50 साल पहले क्या
किया गया है उसका नाम गंगा तालाब रख दि
हैलो इसको और धार्मिक बना दिया हो सकता है
अब तो भाई देखो मुझे कहीं ना कहीं यही लग
रहा है कि पहले बच्चों को बताने के लिए
परी बोला जाता है या तो ऐसा हो जाता हो
सकता है होता हो कि आप में से भी बहुत
सारे बच्चे ना जो नहाते नहीं तो हम लोग
कैसे स्टोरीज बना देते हैं यहां तालाब में
नहाओ परी आती है आपके अंदर सदगुण डालेगी
इस तरह की चीज तो वहां पे उसका नाम बच्चों
को बताने के लिए उन्होंने परी तलाब रखा
होगा लेकिन जैसा अभी यहां पे लिखा हुआ है
कि 50 साल के बाद अभी पहले क्या हुआ उसका
नाम क्या रख दिया है गंगा तालाब मतलब और
पुष्टि कर नदी भाई गंगा हमारे भारतीयों की
कह लो भारत की अ सबसे ज्यादा धार्मिक नदी
हम लोग गंगा को मानते हैं सबसे पवित्र नदी
गंगा को माना जाता है तो लो इन्होंने उस
तालाब का नाम गंगा तालाब रख के उसको और ये
पुष्टि कर दी कि भाई हम भारतीय संस्कृति
को आगे बढ़ा रहे हैं अब इसके देखो
मोरिशियस के लोगों ने यह नाम क्यों रखा
होगा जल्दी से बताओ गंगा तालाब उन्होंने
क्यों रखा होगा तो देखो वही चीज हम करते
हैं धार्मिक प्रतीक कैसे गंगा भारत की
पवित्र नदी है इसलिए नाम बदलकर धार्मिक
महत्व और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाया
गया है ऐसा इसलिए भी किया गया होगा आगे
सांस्कृतिक पहचान क्या है नाम बदलकर
भारतीय संस्कृति और धार्मिक महत्व को
सम्मान दिया नाम को बदल कर के भारतीय
संस्कृति को उन्होंने और सम्मान दे दिया
समझ में आया रहा है आपको यहां तक चलो इसका
स्क्रीनशॉट ले लो जल्दी
से फिर नीचे शब्द शब्दों से जुड़ी कुछ
गतिविधियां दी गई है इन्हें करने के लिए
आप मैग्नेट ब्रेंस की सहायता ले सकते हो
चलो देखते हैं संज्ञा के स्थान पर अच्छा
यहां पे अब देखो ये ग्रामर आ रहा है
व्याकरण आ रहा है ग्रामर तो भाई इंग्लिश
मीडियम वाले हो इसलिए मैंने बोल दिया
ग्रामर को हिंदी में क्या कहते हैं
व्याकरण ठीक है चलो हि हिरणों ने तार लिया
कि उन पर सिंघो की नजर पड़ रही है अत वे
चरना भूलकर चौकन हो उठे इसमें इन्होंने दो
शब्द के नीचे रेखा खींची है एक है उन और
दूसरा है वे इन पंक्तियों में रेखांकित
शब्दों पर ध्यान दीजिए इन वाक्यों में यह
शब्द कित किनके लिए उपयोग किए गए हैं यह
शब्द हिरणों के लिए उपयोग किए गए हैं वो
पहले प्रश्न पूछ रहे हैं फि खुद ही बता
रहे हैं ठीक है ये जो शब्द है ये उन और वे
किसके लिए प्रयोग किए गए हैं हिरणों के
लिए ठीक है ये ऐसे शब्द क्या होते हैं
बच्चों आपने पढ़ा होगा क्लास सिक्स में आ
चुके हैं संज्ञा के बाद आता है सर्वनाम
ठीक है वो शब्द जो संज्ञा की जगत पे उपयोग
होते हैं वो होते हैं सर्वनाम जैसे उन अब
अगर हम इसको पढ़ना हो तो हम ऐसे भी तो पढ़
सकते हैं ना हिरणों ने तार लिया कि हिरणों
पर सिंह की नजर पड़ रही है हिरण हिरण क्या
है हिरण संज्ञा है ठीक है संज्ञा की जगह
हमने कर दिया उन उन पर तो भाई ये सुनने
में अच्छा लगता है ना वैसे क्या है हिरणों
ने तार लिया कि हिरणों पर सिंह की नजर पड़
रही है तो ये दो बार हिरण हिरण सुन कुछ
अटपटा लगता है तो हम लोग इसकी जगह क्या
किए इजी बनाने के लिए हम लोग संज्ञा के
स्थान पर कुछ और शब्द लिख दिए और ये शब्द
क्या कहलाते हैं सर्वनाम ठीक है मतलब नाम
के जो हम जगह पे उपयोग करते हैं वो होता
है सर्वनाम और सर्वनाम बच्चों टोटल कितने
भेद के होते हैं छह इसको मैं याद कराने का
आपको एक छोटा सा भी हिंट दे देती हूं
पुरुष निश्चय अनिश्चय कर रहा है निज संबंध
प्रश्न के लिए समझ में आया अब ये क्या है
ये जो है है हमारा सर्वनाम के भेद हैं
पुरुषवाचक ठीक है पुरुष निश्चय निश्चयवाचक
अनिश्चय अनिश्चयवाचक ठीक है इसमें वाचक
वाचक जोड़ लो यह मंत्र याद कर लो और इसमें
वाचक वाचक जोड़ लो जोड़ लो तो आपका क्या
हो जाएगा सर्वनाम के भेद पूरे हो जाएंगे
अब अगर आपको ऐसा व्याकरण पे वीडियोस चाहिए
तो मुझे कमेंट सेक्शन में बताइए हम सीरीज
बनाएंगे और आपको आपके से जुड़े हर हिंदी
के व्याकरण से जुड़ी कई सारी बातें बताते
हैं चलो अभी हम लोग य इस पर आ जाते हैं
आगे आप जानते हैं कि हिरण यहां एक संज्ञा
शब्द है ठीक है जो शब्द संज्ञा शब्दों के
स्थान पर उपयोग में लाए जाते हैं उन्हें
सर्वनाम कहते हैं हमने यह बात आपको बता दी
हमने उसके भेद भी बता दिए टोटल छह भेद है
पुरुष निश्चय अनिश्चय कर रहा है निज संबंध
प्रश्न के लिए आगे इसमें के लिए तो जस्ट
मैंने ऐड कर दिया है ताकि आपको याद हो जाए
आगे अब नीचे दिए गए वाक्यों में सर्वनाम
शब्दों को पहचानिए और उनके नीचे रेखा
खींचिए देखो ये उनके में भी क्या है
सर्वनाम है बच्चों सर्वनाम के बिना ना
हमारा व्याकरण अधूरा है या व्याकरण क्या
है यार कुछ भी हम पढ़ेंगे ना वो हमें
अधूरा लगेगा एक चीज हम 10 बार रिपीट नहीं
करते हैं नाम को उसकी जगह दोहराव की जगह
क्या करते हैं हम उसके लिए उपयुक्त
सर्वनाम चूज करते हैं चलो यहां पे क्या है
हां बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं लेकिन
गांधी टोपी उस दिन उन्हें भी पहननी पड़ती
है देखो इसमें क्या है उन्हें और यहां पर
ये उस उस भी है कहीं ना कहीं है कि नहीं
उस उन्हें तो ये भाई देखो यहां पर क्या है
सर्वनाम क्या उन्हें दिया है बट यहां प उस
भी है यहां पे ये इसलिए मैंने उस नहीं
लिखा ताकि ये आप बताओ उस किसकी ओर है इसकी
जगह अगर हम प्रयोग करेंगे किसका संज्ञा का
तो वो क्या होगा जल्दी से बताना एक आपको
मैं बता रही हूं एक आप मुझे कमेंट सेक्शन
में बताओगे आगे भारतीयों ने अत्याचार तो
सहे लेकिन प्रलोभन को ठुकरा दिया वे अपने
धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान
ने उन्हें भेज दिया था उस द्वीप को
उन्होंने छोटा सा हिंदुस्थान बना डाला अब
इसमें हमें क्या करना है क्या ढूंढना है
सर्वनाम तो देखो क्या है भारतीयों ने
भारतीयों ने अत्याचार तो सहे लेकिन
प्रलोभन को ठुकरा दिया वे आया वे अपने
धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान
ने उन्हें भेज दिया था उस द्वीप को
उन्होने छोटा सा हिंदुस्तान बना डाला समझ
में आया देखो यहां पर क्याक है और एक यह
भी तो है
उन्हें समझ में आया यह तीन यहां पर
सर्वनाम है चार है बेसिकली यहां तीन दिया
है फिर उसको मैंने छोड़ा जल्दी से बताओ
क्या होगा
इसका और अब क्या है ऊपर दिए गए दोनों
वाक्यों को सर्वनाम की जगह संज्ञा शब्द
बदल कर लिखे और ऊपर जो वाक्य दिए हैं अब
हमें क्या करना है सर्वनाम को निकाल कर के
वहां पे संज्ञा लिख देनी है चलो पहला वाला
देख लेते हैं चलो दोनों ही आ गया क्या है
हां बच्चे हाफ पैट पहन सकते हैं लेकिन
गांधी टोपी उस दिन किस दिन त्यौहार वाले
दिन की बात है यहां पे त्यौहार वाले दिन
बच्चों को भी पहनना पड़ता है यहां पे
बच्चे आ गए ना वहां पे उन्हें भी पहनना
पड़ती है मतलब यहां पे बच्चे आ गए फिर
दूसरा
भारतीयों ने अत्याचार तो सहे लेकिन
प्रलोभन को ठुकरा दिया भारतीय लोग भारतीय
लोग अपने धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप
में भगवान ने भारतीयों को भेज दिया उस
द्वीप को भारतीयों ने छोटा सा हिंदुस्तान
बना लिया ये उस द्वीप किस द्वीप में भाई
मोरिशियस द्वीप की बात हो रही है समझ में
आया आपको उस वहां प त्यौहार है और यहां पे
ये मॉरिशस है यहां पे इसको आप चेंज करके
लिख ले ना समझ में आया यहां तक आपको यहां
तक आपको किसी प्रकार की कोई समस्या
सर्वनाम क्या है सर्वनाम बच्चों वो शब्द
है जो संज्ञा के स्थान पर उपयोग किए जाते
हैं अब एक ही चीज को हम जैसे यहां पे हम
पढ़ रहे हैं ना भारतीय भारतीय भारतीय
भारतीयों दो-तीन बार जब आ रहा है ना तो
हमें वो सुनने में अटपटा लगता है इसीलिए
हम उसको अच्छा साउंड करने के लिए क्या कर
देते हैं सर्वनाम शब्दों का प्रयोग करते
हैं जो जो शब्द जो संज्ञा के जगह पर आते
हैं उसको हम सर्वनाम कहते हैं और अगर हम
इसकी इंग्लिश बताएं तो वो है प्रोनाउन ठीक
है फिर क्या है पहचान पाठ के आधार पर चलिए
देखते हैं आपने इस यात्रा वृत्तांत में
तीन देशों के नाम पढ़े हां हमने पढ़े
कौन-कौन सा सबसे पहला है भारत दूसरा
केनिया और तीसरा है मोरिशियस ठीक है
पुस्तकालय या कक्षा में उपलब्ध मानचित्र
पर भारत को तो आप सरलता से पहचान ही लेंगे
भाई भारत को तो आप अच्छे से पहचान लेंगे
फिर पाठ में दी गई जानकारी के आधार पर
बाकी दोनों देशों को पहचानिए भाई और जो जो
जानकारियां आपको किसके बारे में केनिया के
बारे में और मॉरिशियस के बारे में दी गई
है उसके बारे में और अच्छे से अब आप
पहचानिए भारत को तो आप अच्छे से पहचान
लेंगे बाकी दोनों देशों के बारे में भी
कौन-कौन सी जानकारियां दी गई है उसको क्या
करिए लिखिए और लिख करके उसको पहचानने की
कोशिश
करिए चलो जल्दी से अब अपने आपको प्रिपेयर
कर लिया है कुछ पॉइंट सोचा आपने क्या-क्या
वो तीन देश थे चलो सबसे पहले हम आ जाते
हैं भारत पे ठीक है दक्षिण एशिया में
स्थित है एशिया के जो दक्षिण हिस्सा है
वहां पे स्थित है दूसरा क्या है विशेषता
इसकी क्या है भारत एक बड़ा और विविधता
पूर्ण देश है जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक
भौगोलिक और भाषाएं विविधता एं हैं देखो
बच्चों भारत की सबसे बड़ी विशेषता क्या है
भारत एक बेहतरीन उदाहरण है किस चीज का
विविधता में एकता यहां पे हर 10 किमी पे
आपको यहां भाषा चेंज है यहां खानपान चेंज
है सब कुछ यहां पे इतनी सारी विविधता एं
हैं यहां जितने अलग-अलग राज्य हैं और हर
राज्य के अलग पोशाक वहां के खानपान और तो
और वहां के पहनावे हर चीज अलग-अलग है
लेकिन फिर भी हर त्यौहार अलग है लेकिन फिर
भी जब हम बात आती है 15 अगस्त की या फिर
26 जनवरी की तो सब एक साथ मिलकर के एक
झंडे के नीचे खड़े होते हैं ये सबसे बड़ी
विशेषता है यहां पे अलग-अलग धर्म के लोग
हैं अलग-अलग भाषाओं के लोग हैं लेकिन सबके
साथ मिलक के रहना यह हमारे भार भारतीयों
की सबसे बड़ी पहचान है समझ में आया देश है
यहां संस्कृति यहां पे सब जितनी भी यहां
पे संस्कृति है अलग-अलग है यहां पे हिंदू
भी है मुस्लिम भी हैं सिख भी है ईसाई भी
है जैन भी है बौद्ध भी है हर धर्म के लोग
यहां भारत में हैं और सब अच्छे से रहते
हैं भौगोलिक देखो भौगोलिक कैसे यहां पे
पहाड़ भी है यहां पे समुद्र भी है यहां
मतलब कह लो प्लेटो भी है हर तरह से हमारे
भारत के अंदर हर तरह के जितने भी भौगोलिक
होते हैं ना ज्योग्राफिकल यहां पे बहुत
सारे विविधता एं हैं बट फिर भी सब अच्छे
से रहते हैं हर जगह की अपनी मजा है ऐसा
नहीं कि हमें पहाड़ का मजा लेना है तो फिर
हमें स्विटजरलैंड या कहीं बाहर जाना
पड़ेगा नहीं भाई यहां पे हम खुद में यहां
पे भी ले सकते हैं हिमालय जाकर के और भी
लद्दाख जा सकते हैं अगर थंड का मजा लेना
है तो समुद्र का मजा लेना है तो हम साउथ
में जा सकते हैं मुंबई जा सकते हैं गोवा
जा सकते हैं मतलब हर चीज का मजा लेने के
लिए हमें कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं
हमारे भारत में स्वयं ही कह लो हर तरह से
सक्षम है समझ में आया आगे भौगोलिक
जानकारियां क्याक क्या दी गई है भाई भारत
एक विशाल उपमहाद्वीप है मतलब सबकॉन्टिनेंट
है जो हिमालय से लेकर दक्षिण में समुद्र
तक फैला हुआ है यह बात मैंने आपको बता दी
है कहां से फैला हुआ है भाई स्टार्टिंग
पॉइंट क्या है हिमालय ठीक है और एंड में
क्या है हमारा समुद्र ठीक
है आगे चलो फिर है केनिया केनिया के बारे
में क्या-क्या चीजें हमें पता चली अफ्रीका
महाद्वीप में स्थित है ये कहां पे अफ्रीका
जो महाद्वीप है कॉन्टिनेंट है वहां पे
क्या है केन्या वहां पे स्थित है दूसरा
विशेषता है क्या है यहां पे नैरोबी नामक
प्रमुख शहर है जो कि उसकी राजधानी भी है
और नैरोबी का नेशनल पार्क है नैरोबी में
क्या है भाई एक नेशनल पार्क है जो एक बड़े
जंग जो एक बड़ा जंगल है ना कि चिड़िया घर
ये बात कहां पाठ में बोली गई है ना कि वो
एक बड़ा जंगल है चिड़ियाघर नहीं है ये
यहां की विशेषताएं बताई गई है केनिया में
फिर
भौगोलिक जानकारी क्या है नेशनल पार्क में
घास अधिक और पेड़ कम होते हैं यह बात
उन्होंने हमें बताई है ठीक है कहां से पाठ
से मिला है समझ में आ गया पाठ से मिली हुई
जानकारी के आधार पर ही हम ये चीज बना रहे
हैं आगे हिंद क्या है मोरिशियस के बारे
में क्या है हिंद महासागर में स्थित एक
द्वीप है हिंद महासागर मतलब इंडियन ओशन
में स्थित एक देश है जिसका नाम है
मॉरिशियस और इसको भाई हम लोग मिनी इंडिया
भी कहते हैं वो बोला है ना हिंद महासागर
में छोटा सा हिंदुस्तान कौन है मॉरिशियस
की बात हो रही है फिर विशेषताएं क्या है
इसकी राजधानी पोर्ट लुई है और द्वीप की और
सॉरी और द्वीप की लंबाई 29 मील है और
चौड़ाई 30 मील है उन्होंने उसके लेंथ और
ब्रेथ बता दिया कैसा है उसके बाद क्या कह
रहा है जनसंख्या कैसी है यहां पे 67 प्र
लोग क्या हैं भारतीय खानदान के हैं और 53
प्र लोग कैसे हैं हिंदू हैं उन्होंने उसके
बारे में भी ये देखो ये वही सार
इंफॉर्मेशन मैं निकाल के पॉइंट वाइज की
हूं जो हमें पार्ट से मिली है मैं आपको
इसलिए नहीं बता रही कि आप बाहर से कुछ
लिखो ताकि कई बार ऐसा होता है कई जगह पे
कि टीचर्स उसको काट देते हैं एडिशनल कोई
भी इंफॉर्मेशन आप डालो तो या फिर कहीं
बाहर से ली हुई तो डालो इसीलिए अधिकतर
इसमें वही इंफॉर्मेशन है बच्चों जो आपको
पाठ ने दिया है पाठ से आपको इन तीनों
राज्य के बारे में क्या-क्या सॉरी देश के
बारे में क्या-क्या पता चला वो है यहां पे
ठीक है फिर क्या है भौगोलिक जानकारी क्या
है द्वीप समुद्र से कभी भी 15 मील से अधिक
दूरी तक नहीं है भाई इसकी सबसे बड़ी
विशेषता क्या है किसकी मोरिशियस की कि आप
मोरिशियस की किसी भी जगह जाओगे ना वह शहर
जो है द्वीप से मतलब समुद्र से 15 मील से
ज्यादा दूर नहीं है मतलब चारों ओर से वो
क्या घिरा हुआ है यहां पूरा पानी में मतलब
यहां से जाओगे तो भी यहां से जाओगे मतलब
हर जगह से बहुत अगर अति होगा ना तो 15
किलोमीटर होगा उससे ज्यादा नहीं 15 मील से
दूर नहीं है समझ में आया द्वीप से कोई भी
15 मील से अधिक दूर नहीं 15 मील से दूर
कोई भी जगह नहीं है जहां पे समुद्र ना
मिले कि मतलब हम 15 मील से ज्यादा दूर
चलना पड़े हमें समुद्र जाने के लिए वो
कहीं भी हो ऐसे जैसे मान लो अगर आप भारत
के मध्य में हो जैसे अगर मध्य प्रदेश में
हो तो वहां से आपको समुद्र में जाने के
लिए थोड़ा लंबा जाना पड़ेगा ठीक है लेकिन
जो महा यहां हमारा मॉरिशस है उसकी सबसे
बड़ी विशेषता है उसकी कहीं भी किसी भी आप
सिटी में राज्य में जाओगे तो वहां आपसे 15
मील की दूरी पर ही आपको समुद्र इजली मिल
जाएगा ये चीजें समझ में आई ये वही सारी
जानकारियां है बच्चों जो मैंने पार्ट से
उठा करके डाली हैं चाहो तो स्क्रीनशॉट ले
लो मॉरिशियस का केनिया का और भारत
का चलो यहां तक मैं ऐसी उम्मीद करती हूं
कि आपको पूरा पाठ का जो एनसीआरटी सलूशन है
यह समझ में आया होगा और कहीं ना कहीं जो
पूरा पार्ट है वो भी आप इस इसी वीडियो के
जरिए आप एक तरह से दोहरा लिए होंगे चलो ये
तो हो गई हिंदी की बात हिंदी के जर्नी
आपकी कैसी चल रही है क्या कुछ ऐसा एडिशनल
है मैम जो आपको बता रही हैं और हम नहीं
कवर किए हैं तो कमेंट सेक्शन में हमें
बताइए हमसे जुड़िए आप सोशल मीडिया पे और
हमें बताइए कि मैम हमारे हिंदी में ऐसा चल
रहा है और हमें ये चीज भी पढ़ना है
क्या-क्या चीजें हैं आप हमें जब तक नहीं
बताएंगे हम कैसे आपके अंदर जा पाएंगे है
कि नहीं भाई उसमें बोला था ना कि भारतीय
संस्कृति की पहचान हम तब कर सकते हैं जब
हम बाहर जाएंगे तो भाई आप लोग भी तो
कनेक्ट हो सकते हो ना हमसे हमारे सोशल
मीडिया प्लेटफॉर्म पे और जल्दी से हो जाओ
और हिंदी के साथ-साथ बाकी है अगर कोई भी
वीडियोस में आपको दिक्कत आ रही है बच्चों
हमारी प्लेलिस्ट है और एक्सपर्ट टीचर्स
हैं तो भाई भाई आपको पढ़ाई में बहुत उपयोग
मिलेगा साथ मिलेगा टीचर्स का और भाई ज्ञान
लेना चाहिए बहुत जरूरी है हमारे वेबसाइट
भी आप एक्सेस कर सकते हो और मोबाइल
एप्लीकेशन को डाउनलोड कर लो ना आप ही का
तो फायदा है अभी तक डाउनलोड नहीं किया है
तो उसको जल्दी से डाउनलोड कर लो हिंदी में
अगर आपको वीडियो पसंद आ रही हो तो भाई
वीडियो को लाइक कर दो चैनल को सब्सक्राइब
कर दो अगर नए हो तो अगर आप सीबीएससी बोर्ड
यूपी बोर्ड एमपी बोर्ड राजस्थान बोर्ड
दिल्ली बोर्ड या फिर बिहार बोर्ड से कहीं
से भी हो तो भाई मैग्नेट ब्रेंस आपका बहुत
अच्छा साथी बनेगा क्योंकि आपको ये हाई
क्वालिटी कंटेंट दे र है वो भी फ्री ऑफ
कॉस्ट वो भी क्लास सिक्स से लेकर 12 तक
अगर आप हिंदी मीडियम स्टूडेंट्स हैं और
अगर किंडरगार्डन से लेके 12 तक अगर आप
इंग्लिश मीडियम स्टूडेंट्स हैं तो भैया
परेशान क्यों हो ना जब आपको सारे
सब्जेक्ट्स कवर करा रहा है मैग्नेट ब्रेज
तो भाई जल्दी से सब्सक्राइब कर लो और फिर
मुस्कुराते रहो सबसे ज्यादा जरूरी यही है
जीवन में चलो मिलते हैं अब हम आपसे
नेक्स्ट वीडियो में नए पार्ट के साथ जो
हमारा इस न्यू एनसीआरटी बुक जो है मलहार
उसका वो आखिरी पार्ट होगा मिलते हैं अगर
अभी तक आपने कोई भी पुराने वीडियोस नहीं
देखे हैं तो उसको देख लो जल्दी से और फिर
अब हम मिलते हैं आपसे नेक्स्ट वीडियो में
तब तक के लिए आपकी हिंदी अध्यापिका आद्या
मैम की तरफ से जय हिंद और जय हिंद की
हिंदी ढेर सारी शुभकामनाएं
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