Next Topppers Class 11 Physics Sample Paper With Detailed Solution 2025-26 | 11th Exam Preparation
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हेलो एवरीवन, दिस इज रेवन राव। स्वागत
करता हूं आप सभी का नेक्स्ट ओवर के शानदार
प्लेटफार्म पे। बेटा क्लास 11th सैंपल
पेपर के साथ मैं आज आया हूं सैंपल पेपर सर
क्लास 11th के लिए। अभी तो जस्ट सिलेबस
कंप्लीट ही हुआ है। अभी हम वेल प्रिपयर्ड
नहीं है। तो क्या हम ये सैंपल पेपर कर
सकते हैं? बेटा बिलीव मी शुरुआत करने का
सही समय अभी ही होता है। अगर आप इंतजार
करते रह जाओगे तो कभी शुरुआत नहीं कर
पाओगे। यू बिकम प्रिपयर्ड बाय स्टार्टिंग
नॉट बाय वेटिंग। तो इस सैंपल पेपर के
साथ-साथ हम हमारी एग्जामिनेशन में किस
पैटर्न से क्वेश्चन आने वाले हैं? किस
सीक्वेंस से आने वाले हैं? क्या मार्किंग
सिस्टम रहने वाली है और कैसे टाइप के
क्वेश्चन आने वाले हैं वो समझते जाएंगे।
ये ऐसा नहीं है कि सिर्फ जो क्वेश्चन पूछा
जा रहा है उसी का आंसर हम समझने जा रहे
हैं। ऐसे क्वेश्चन मैंने बहुत सोच समझ के
ऐड किए हैं और बनाए हैं कि ऐसे ही सेम
टाइप के क्वेश्चन आपकी एग्जामिनेशन में
आएंगे और सिर्फ क्वेश्चन नहीं बेटा उसके
आसपास का जो भी कांसेप्ट होगा वो खोद-खोद
के हम समझने जाएंगे। तो शुरुआत करते हैं
इस सैंपल पेपर की। सबसे पहले समझते हैं कि
जब पेपर हाथ में आता है तब कुछ-कुछ ऐसे
इंस्ट्रक्शंस लिखे हुए होते हैं। ये
इंस्ट्रक्शन हमें क्या बताते हैं? कि 3
घंटे का पेपर है। 70 मार्क्स का पेपर है।
3 घंटे 180 मिनट है जिसमें आपको 33
क्वेश्चन टोटल करने हैं। हर एक क्वेश्चन
कंपलसरी होता है। ऑब्लिक में ऑप्शन में जो
क्वेश्चन दिया गया होगा वो बीच-बीच में
लिखा हुआ जाएगा। इस सेक्शन को इस पेपर को
हम पांच सेक्शन में डिवाइड कर सकते हैं।
सेक्शन ए, बी, सी, डी और ई। इसमें से
सेक्शन ए में 12 एमसीक्यू होते हैं। जबकि
चार असरेशन एंड रीजन टाइप के क्वेश्चन
होते हैं। ओके? सेक्शन बी में पांच
क्वेश्चन जो दो-दो मार्क्स के होते हैं।
टोटल बन गए 10 नंबर इसके। सेक्शन ए के 16
नंबर। सेक्शन सी बेटा सात क्वेश्चन अगेन
तीन-तीन मार्क्स के बन गए 21 नंबर। ओके
सर। फिर सेक्शन नंबर डी। ये टू केस स्टडी
बेस्ड क्वेश्चन से बना हुआ सेक्शन है कि
जिसमें बड़े-बड़े एक बड़ा पैराग्राफ और
छोटे-छोटे चार क्वेश्चन होंगे। और ये चार
क्वेश्चन मतलब टू टू टाइम्स हो जाएगा ना
क्योंकि दो केस स्टडी बेस्ड क्वेश्चन है।
तो टोटल आठ नंबर लास्ट डी सेक्शन के होंगे
और ई सेक्शन में तीन बड़े-बड़े क्वेश्चन
होंगे जो हमें 15 नंबर देके जाएंगे तो
टोटल 70 मार्क्स ऐसे बनते हैं। मुझे पता
है आपको? हमेशा गड़बड़ क्या होती है
बच्चों के साथ? जैसे ये सीक्वेंस से
शुरुआत करते हैं ना सेक्शन ई तक आते-आते
थक जाते हैं और टाइम नहीं बचता है। आपके
साथ भी ऐसा हुआ है लोअर स्टैंडर्ड नहीं
आपकी एग्जामिनेशन में बताना मुझे कि
शुरुआत की ए बी सी डी से जब तक ई पर
पहुंचे टाइम अप खत्म बेटा। 15 मार्क्स
आपने ऐसे ही गवा दिए। तो आपको अगर ऐसा
ट्रिक भी चाहिए कि किस सेक्शन से शुरुआत
करनी चाहिए तो आप बताना कमेंट सेक्शन में।
हम उनके ऊपर भी एक ट्रिकी वीडियो बनाएंगे।
ठीक है? स्ट्रेटेजी बताएंगे। आज तो हम
पेपर का सॉल्यूशन समझने वाले हैं और उसके
आसपास के कांसेप्ट समझेंगे तो रिवीजन भी
हो जाएगा पूरे सिलेबस का। तो हम शुरुआत
करेंगे सेक्शन ए से और इसी क्रम में हम
आगे बढ़ने वाले हैं। तो पहला सेक्शन उसका
पहला क्वेश्चन कि डिस्प्लेसमेंट ऑफ़ अ बॉडी
वेरीज़ विद अ टाइम t. द इक्वेशन इज़ गिवन x
= t² - 2t - 3. द डिस्प्लेसमेंट इज़ ज़ीरो।
द गिवन इनेशन इज़ डिस्प्लेसमेंट इज़ ज़ीरो।
फॉर अ पॉजिटिव वैल्यू ऑफ़ अ टाइम t व्हिच
इज़ इक्वल टू मतलब टाइम की वैल्यू कब होगी?
जब डिस्प्लेसमेंट ज़ीरो हो। तो सबसे पहले
जो चीजें बता ही रखी है और जो चीजें पूछी
रखी है, कंडीशन दी गई है उसके बारे में
सोचना चाहिए। डिस्प्लेसमेंट की वैल्यू दे
रखी है। इक्वेशन दे रखी है t² 2t - 3 देखो
यहां से। खुद डिस्प्लेसमेंट को ही ज़ीरो
बोला है कि डिस्प्लेसमेंट ज़ीरो हो तो। तो
यहां पर हमने लिख दिया ज़ीरो। बेटा इक्वेशन
बन गई t² - 2t - 3 बन गई इक्वेशन। अब इसको
सॉल्व करना है। देख मैं बताता हूं। इसको
सॉल्व करके अभी बता दूंगा और टाइम क्या
आएगा वो भी बता दूंगा। लेकिन इसी क्वेश्चन
में अगर वो पूछते कि बेटा डिस्प्लेसमेंट
नहीं इफ वेलोसिटी इज़ ज़ीरो। ऐसा करके बता
देते तो तब उसके लिए टाइम बताइए। तब उसके
लिए क्या टाइम आएगा वो बताइए। ठीक है? ऐसा
भी क्वेश्चन आ सकता है। तो इसको सिंपलीफाई
कैसे किया जाएगा? देख वेलोसिटी होता है dx
/ dt वेलोसिटी इज़ dx / dt देखना इसका
डिेंशिएशन 2 t² है तो 2t बन जाएगा - 2t तो
ये -2 बन जाएगा और -3 का ज़ीरो ही ले
जाएगा। तो 2t - 2 करके बन जाएगा। अब इस
इक्वेशन में वेलोसिटी = 0 करो और टाइम की
वैल्यू निकाल लो। ऐसे एक्सीलरेशन भी पूछा
जा सकता है। ऐसे एक्सीलरेशन भी पूछा जा
सकता है मेरे दोस्तों। क्या पूछा है? उस
हिसाब से इक्वेशन बनाना, डिफरेंशिएशन करना
और फिर टाइम निकाल लेना। जैसे कि इस
इक्वेशन को मुझे सॉल्व करना है। तो
क्वाड्रेटिक इक्वेशन लिख रही है। t² - 2t
माइनस करके थ्री। जैसे ही मैं सॉल्व करता
हूं बेटा, तो t + 1 और t - 3 कॉमन
निकलेंगे और t = 3 इसका पॉजिटिव आंसर बन
जाएगा। टाइम नेगेटिव में नहीं होता है
मेरे दोस्त। तो राइट आंसर बन जाएगा सी
ऑप्शन। ठीक है? छोटी-छोटी कैलकुलेशन
साथ-साथ करते जाना। लेकिन दिमाग को चलाना
है। देखना है इस इस सैंपल पेपर में। मैंने
मतलब ऐसे ट्रिकी क्वेश्चन है। ऐसे ट्रिकी
क्वेश्चन है कि तुम्हें लगेगा यही आंसर है
लेकिन वो गलत होगा। मोए-मोए आपका बहुत बार
होने वाला है। तो पहले समझते जाना क्या
पूछा है और क्या दिया है। क्वेश्चन को
अच्छे से समझना वो पहला कदम होता है
फिजिक्स में। ओके? दूसरा क्वेश्चन है कि
पार्टिकल प्रोजेक्टेड मेकिंग एन एंगल 60°।
ये एंगल दे रखा है बेटा 60°। डायग्राम
जहां कहीं भी रंगीन दिखे बेटा वो डायग्राम
मैंने खुद से ऐड किया है ताकि विजुलाइजेशन
अच्छे से कर सके हम। ठीक है? आपको शब्दों
से विजुअलाइज़ करना है। और वो विजुअलाइज़ेशन
के लिए मैंने डायग्राम पहले से ऐड किए
हैं। फिगर पहले से ऐड कर दिए। ओके? विथ द
हॉरिजॉन विद K अमाउंट ऑफ़ देख यहां पर
इनिशियल वेलोसिटी मैंने u लिखी है लेकिन u
एक्चुअल में दी नहीं है। उन्होंने K यानी
काइनेटिक एनर्जी दी है। ठीक है? तो
काइनेटिक एनर्जी इनिशियल में दैट इज़ इक्वल
टू 1/2 mu² होगी। इनिशियल वेलोसिटी मैंने
u मानी थी इस वजह से। ओके? फिर पूछा है द
काइनेटिक एनर्जी ऑफ अ पार्टिकल एट अ
हाईएस्ट पोजीशन बेटा जी जब ये हाईएस्ट
पोजीशन पे होगा तब बताओ इसकी काइनेटिक
एनर्जी क्या होगी इन टर्म ऑफ के क्या घुमा
के क्वेश्चन पूछा है तो इसके लिए पहले तो
आपको डायग्राम अच्छे से ड्रॉ करना चाहिए
या प्रोजेक्टाइल मोशन का कॉन्सेप्ट उस
टाइम पे याद आना चाहिए हां यार देख कुछ
ऐसा ही होगा और मैक्सिमम हाइट यानी यही
वाली यही वाली हाइट होगी ना हां यार और इस
हाइट पे आपको पता है कि वर्टिकल वेलोसिटी
होती है ज़ीरो। सिर्फ और सिर्फ यहां पर जो
वेलोसिटी होती है वो vx ही होती है। x
डायरेक्शन में ही वेलोसिटी होती है। और x
डायरेक्शन में जो वेलोसिटी होती है वो तो
कांस्टेंट होती है। उसकी कोई डिपेंडेंसी
नहीं होती है g एक्सलरेशन के ऊपर। तो u
cos थीटा एंड cos थीटा = cos 60° cos 60°
की वैल्यू होती है बेटा 1/2 सो इट्स अ u /
2 क्या सुंदर सी बात बताई है तो k फाइनल
कैन बी राइट एज अ k फाइनल कैन बी राइट एज
अ 1/2
m vx² अब vx की वैल्यू बेटा u / 2 आई है
तो 1/2 m u² / 2 का स्क्वायर यानी 4 को
निकाल लीजिए बाहर तो ये बन जाएगा k / 4 k
/ 4 दैट्स व्हाई द राइट आंसर इज़ सी।
प्रोजेक्टाइल मोशन का क्वेश्चन था। लेकिन
इन्होंने साथ-साथ काइनेटिक एनर्जी को भी
ऐड कर दिया है। समझ पा रहे हो ना मेरे
दोस्त? हां फिजिक्स मतलब ऐसा नहीं कि सीधा
थ्योरिटिकल क्वेश्चन पूछेंगे। सीधा
फार्मूला बेस्ड क्वेश्चन पूछेंगे। घुमा
फिरा के पूछ सकते हैं। अगेन तीसरा
क्वेश्चन है। अ लिफ्ट हैविंग अ मास 100 kg
इज़ राइजिंग अप विद द एक्सीलरेशन 4 मीटर पर
सेकंड स्क्वायर। मतलब एक लिफ्ट है। एक रोप
से बंधा हुआ है ये लिफ्ट। ये लिफ्ट है वो
एक रोप से बंधी हुई है और ये रोप इसको ऊपर
खींच रही होगी। ठीक है? पूरी मैकेनिज्म
होगी। ये रोप लिफ्ट को ऊपर खींच रही होगी।
कितने एक्सीलरेशन से लिफ्ट ऊपर जा रही है?
दिस एक्सीलरेशन इज़ इक्वल टू 4 मीटर पर
सेकंड स्क्वायर। 4 मीटर पर सेकंड
स्क्वायर। ओके। द टेंशन इन दिस स्ट्रिंग।
अब थोड़ी देर के लिए सोचो।
ये किस कांसेप्ट से जुड़ा हुआ क्वेश्चन? इस
सैंपल पेपर में आपको खास करके फीलिंग खास
करके समझने वाली बात यह रहेगी कि कैसे
क्वेश्चन को सॉल्व किया जाता है। पहले तो
क्वेश्चन को पढ़ो फिर समझो विजुलाइज करो
फिर कंसेप्ट को याद करो और फिर कॉन्सेप्ट
को अप्लाई करो ये पूरी प्रोसेस होती है।
तो मेरे दोस्त हमें बताया गया है कि ये
स्ट्रिंग बंधी हुई है लिफ्ट से लिफ्ट को
ऊपर खींच रही है। लिफ्ट एक्सीलरेशन से ऊपर
जा रही है। और देख बेटा, अगर मैं इसमें ऐड
कर दूं कि लिफ्ट के अंदर बना बैठा हुआ
अपना गोलू भाई इस लिफ्ट को मतलब इस पूरी
सिस्टम को ऑब्ज़र्व कर रहा है। तो उनके
हिसाब से तो जो अंदर बैठा उनके हिसाब से
तो लिफ्ट है वो रेस्ट पे है। एक्चुअली में
हमें पता है कि ये कुछ एक्सीलरेशन से भाग
रही है। और जब भी ऑब्जर्वर ऑब्जर्वर किसी
एक्सीलरेटेड फ्रेम में बैठा हुआ होता है।
तब हम बोलते हैं एक सूडो फोर्स को
इंट्रोड्यूस करना जरूरी है। तो ये सूडो
फोर्स लग रहा होगा नीचे की डायरेक्शन में।
दैट इज इक्वल टू MA और पहले से ही हमें
पता है कि लिफ्ट के ऊपर तो फोर्स mg नीचे
लग ही रहा होगा। गोलू भाई तो ऑब्जर्वर है
जिसका खुद का कुछ अभी मास हमने कंसीडर
नहीं किया क्योंकि ऑब्जर्वर है। ठीक है?
ऑब्जर्वर है। मतलब हमने खुद से लिया है।
यहां पर कोई ऐसी बात नहीं की है। मेंशन
नहीं की गई। तो हमें खुद ऐसी हड़ींचा नहीं
करना चाहिए। हमने माना है गोलू भाई अंदर
है। गोलू भाई चींटा बन के बैठा हुआ है।
उसका कुछ मास नहीं है। तो mg + सूडो फ़ोर्स
ऐड करेंगे। एंड दैट सूडो फोर्स = ps = m *
a तो मैं इसको लिख देता हूं बेटा ma और इस
गोलू भाई के हिसाब से जो ऊपर स्ट्रिंग में
टेंशन लग रहा है वो टेंशन फोर्स ऊपर वाला
फोर्स और नीचे वाला फोर्स है वो एक दूसरे
को बैलेंस आउट करेंगे तभी तो लिफ्ट रेस्ट
पे दिख रही है गोलू भाई को तो समझ में आया
ये सूडो फ़ोर्स वाला कांसेप्ट था। सो वी
कैन राइट दिस टेंशन फोर्स = mg + ma अब m
को कॉमन निकाल लीजिए g + a g की वैल्यू
होती है 10 और a की वैल्यू चार दे रखी है
10 4 और मास कितना दे रखा है मेरे दोस्त
यहां पर 9.8 वाला आंसर आएगा ठीक है चल
जाएगा काम अपना और ये 100 kg है 100 kg तो
1400 एक्चुअली में ये 9.8 लेना चाहिए
लेकिन मैंने 9.8 लेना चाहिए जी लेकिन
मैंने एप्रोक्समेटली 10 ले लिए 10 + 4 14
हो जाएगा। तो ये मेरे ख्याल से यही ऑप्शन
ज्यादा नजदीक लग रहा है तो ये ऑप्शन
करेक्ट हो जाएगा। देखो ऐसे ट्रिकी कर सकते
हैं। इसमें कोई नहीं है। एमसीक्यूस के
हिसाब से बहुत दूर-दूर है ना ये दूसरे
ऑप्शंस तो चल जाएगा अपना काम जो कि बन रहा
है। 9.8 पुट करोगे तो पहला ऑप्शन
एग्जैक्टली मिलेगा 13 1380 के आसपास। ओके।
सिंपलीफाई कर सकते हो इसको खुद से। ये
आंसर परफेक्ट आएगा आपको। ओके। आगे बढ़ते
हैं। अब बात आ रही है। अरे भाई साहब
थोड़ी-थोड़ी शक्ल मेरी जैसी है। कविता बहन
ने बनाया है। अ साइकिलिस्ट कम कम्स टू अ
स्किडिंग स्टॉप स्टॉप इन अ 20 मीटर।
ड्यूरिंग दिस प्रोसेस द फोर्स ऑन द साइकिल
ड्यू टू अ रोड इज़ 100 न्यूटन एंड
डायरेक्टली अपोज़ द मोशन।" पहले तो क्या
कहा है सुनो।
रवि भैया साइकिल ले जा रहे हैं। ओके जा
रहे हैं। अब सामने कोई दिखा होगा जिसकी
वजह से उन्होंने ब्रेक लगाई। ब्रेक लगाई
होगी। अब ये रोड और साइकिल के पहिए के बीच
में लगने वाले फ्रिक्शन की वजह से यहां
पीछे की डायरेक्शन में एक फोर्स लग रहा
है। ठीक है? ये कौन लगा रहा है? रोड लगा
रहा है। ऐसा समझ लीजिए। रोड ये फोर्स लगा
रहा है। ओके सर। कितना फोर्स लगा रहा है?
100 न्यूटन जितना पीछे की डायरेक्शन में
फोर्स लगा रहा है। दिस फोर्स इज इक्वल टू
100 न्यूटन। फिर भी भाई इतनी स्पीड में
मैं आ रहा था। इतनी स्पीड में जा रहा था।
इतनी स्पीड में जा रहा था कि 100 100 नहीं
20 मीटर तक स्किड हो गया। 20 मीटर तक
घसीटा गया हूं। अरे भाई साहब कितनी स्पीड
से मैं साइकिल चला रहा हूं। देख रहे हो
माइटी राजू से शिवा साइकिल वाले से भी मैं
ज्यादा तेज चलाता हूं मेरे दोस्त। तो कुछ
डिस्टेंस ट्रेवल कर लिया कितना? 20 मीटर।
जबकि पीछे की डायरेक्शन में फोर्स लग रहा
था ये। ओके।
ठीक है? अब क्वेश्चन ये पूछ रहा है, वर्क
डन बाय द रोड ऑन द साइकिल। फोर्स जो रोड
ने लगाया उनके द्वारा कितना कार्य हुआ
होगा? अरे भाई साहब पढ़ी हुई बातें, सुनी
हुई बातें, समझी हुई बातें। वर्क डन कैन
बी राइट एज अ फोर्स डिस्प्लेसमेंट। फोर्स
डॉट डिस्प्लेसमेंट। आप या तो थीटा वाले
फॉर्म में लिखो। तो fs cos थीटा भी लिख
सकते हो। फोर्स कितना लग रहा है मेरे
दोस्त? फोर्स लग रहा है 100 न्यूटन। और
डिस्प्लेसमेंट कितना लग रहा है?
डिस्प्लेसमेंट 20 से 20 मीटर। तो 200 आंसर
आ जाएगा। 200 आंसर जैसे ही आप टिक करोगे
200 2000 हां 2000 हो जाएगा ना 20 है ये
और एक मिनट तो 2000 बन जाएगा। और जैसे ही
आप 2000 आंसर टिक करोगे बेटा मोएम मोए हो
जाएगा। क्यों मोएम-मोए हो जाएगा? द रीज़न
बिहाइंड इज़ फोर्स अपोजिट डायरेक्शन में
डिस्प्लेसमेंट के है। तो दैट्स व्हाई cos
180° लिखा जाएगा। और cos 180° की वैल्यू
होती है माइनस में। तो ये माइनस में
न्यूटन * मीटर के फॉर्म में आएगा या जूल
के फॉर्म में आएगा। जूल लिख लीजिए इसको।
तो ऑप्शन नंबर ए बनेगा नॉट बी। दिमाग में
रखना बेटा ये छोटी-छोटी गलतियां लेकिन
आपके बड़े नंबर्स चुरा के जा सकती है। ये
तो फिर भी एमसीक्यू है। एक मार्क्स ही
जाएगा। लेकिन अगर बड़े क्वेश्चन में ऐसी
गलतियां कर दी बेटा तो बहुत महंगी साबित
होगी। बहुत महंगी साबित होगी। तो सोचना
समझना ऐसी छोटी-छोटी मिस्टेक्स नहीं होने
देनी है। और जिस दिन पेपर होता है ना उसी
दिन होती है। मुझे पता है ये चीज। जब आप
खुद से कैलकुलेशन करते हो तब नहीं होती
है। नहीं होती है जब रेगुलर लाइफ में आप
क्वेश्चन सॉल्व करते हैं। रेगुलर डेज़ में
क्वेश्चन सॉल्व करते हैं। लेकिन जब
एग्ज़ामिनेशन में जाते हैं तब ज़्यादा होती
है। तो इस चीज़ों का प्रेशर नहीं लेना
दोस्त। साथ-साथ सैंपल पेपर करोगे मेरे
साथ-साथ तो ये चीज़ें करेक्ट होती जाएगी
धीरे-धीरे। मतलब इतने इसका रीज़न यही है कि
सैंपल पेपर की प्रैक्टिस ज्यादा करना।
क्वेश्चन पेपर क्वेश्चन पेपर्स ज्यादा
सॉल्व करना। तो धीरे-धीरे धीरे वो हैबिट
में आता जाएगा। ठीक है? ओके। पांचवें नंबर
का क्वेश्चन हमारे पास है। व्हिच ऑफ़ द
फॉलोइंग पॉइंट्स इन दिस लाइकली पोजीशन ऑफ़
अ सेंटर ऑफ़ मास ऑफ़ द सिस्टम शोन इन दिस
डायग्राम। तो एक सिस्टम है बेटा। इस
सिस्टम को समझना बेटा। ये एक होलोस्फीयर
है। क्या है बेटा? एक पूरा का पूरा
होलोस्फीयर है। इस होलोस्फीयर में बीच में
हमने लगा दी है रेत। बीच में भर दी है
रेत। ये होलोस्फीयर। डग ड
इस होलोस्फीयर में बीच में भर दी है रे। ड
यह रेत भर दी है। ऊपर वाला हिस्सा खाली है
जैसे तुम्हारे दिमाग की तरह और नीचे वाला
हिस्सा है वो भरा हुआ है जैसे तुम्हारी
तरह। क्या है नीचे? रेत रेत-रे भरी हुई
है। ऐसा ही होता है ना कुछ-कुछ तुम्हारे
दिमाग जैसा ही। लेकिन ये सर्कुलर फॉर्म
में है। तुम्हारा शायद सर्कुलर फॉर्म में
नहीं होगा। खैर, हो तो कमेंट सेक्शन में
बताना। तो यहां पर चार पॉइंट दिए गए हैं।
एक D, एक बेटा C, एक यहां सेंटर पे B और
ये पॉइंट A दे रखा है। ठीक है? ऐसे चार
पॉइंट दे रखे हैं। ये पूछ रहे हैं।
पूछ रहे हैं हमें कि कहां पर सेंटर ऑफ मास
की लोकेशन होती? होगी। तो बेटा देख अगर ये
होलो होता तो एग्जैक्टली सेंटर B पे होता।
मैं मानता हूं ये बात। अगर ये पूरा का
पूरा होलो होता तो अगर ये पूरा का पूरा
रेत से भरा हुआ होता तब भी मैं सेंटर B को
प्रेफरेंस देता कि हां पूरा का पूरा भरा
हुआ है तब भी सेंटर B को। तब भी सेंटर B.
मतलब तब इसी पे सेंटर ऑफ़ मास होगा। लेकिन
इस अरेंजमेंट में है कि मास नीचे ज्यादा
है, ऊपर कम है। ऊपर वाला हिस्सा खाली
तुम्हारे दिमाग की तरह नीचे भरा हुआ है
मेरे दोस्त। तो नीचे वाले का मास ज्यादा
है ना यहां पर। और हमें पता है कि सेंटर
ऑफ मास है ना वो थोड़ा सा शिफ्ट कर जाता
है। अगर मैं नीचे वाला हिस्सा ऐसे भर दूं
और ऊपर वाला हिस्सा खाली कर दूं। सेंटर ऑफ
मास है वो नीचे आ जाएगा। भारी मास के
नजदीक होता है मेरे दोस्त। क्या? भारी
चीजों के नजदीक। वजनदार चीजों के नजदीक
होगा। जहां पर मास ज्यादा वहां पर सेंटर
ऑफ़ मास नजदीक होगा। तो सी ऑप्शन
एप्रोप्रियट रहेगा। सी ऑप्शन एप्रोप्रियट
रहेगा। समझ पा रहे हो मेरे दोस्त? बात? डी
पॉइंट वापस देखो। बहुत बॉटम पे चला जा रहा
है। ये बहुत बॉटम पे चला जा रहा है। इतना
भी नहीं शिफ्ट कर लेगा ये। इतना भी शिफ्ट
नहीं कर लेगा। थोड़ा सा हल्का सा शिफ्ट हो
जाएगा। यहां कहीं बी और डी के बीच में
मिलेगा। बी और डी के बीच में मिलेगा।
दैट्स व्हाई द आंसर इज़ सी इज़ एप्रोप्रियट।
ओके? आगे एक और क्वेश्चन है सिक्स नंबर
का। इफ द रेडियस ऑफ अ अर्थ इज़ r देन द
एक्सीलरेशन ड्यू टू ग्रेविटी विल बी g / 4
एट अ हाइट फ्रॉम द अर्थ सरफेस। देख होता
यह है बेटा जनता जनार्दन कि अर्थ की सरफेस
पे एक्सीलरेशन ड्यू टू ग्रेविटी हम लिखते
हैं g - me / re² ठीक है? ऐसा ऐसा
फार्मूला होता है। अब किसी हाइट पे
फार्मूला ऐसा होता है मतलब मैंने बहुत बार
डिराइव भी किया है और बहुत बार यूज़ भी
किया है। ग्रेविटेशन वाले वन शॉट में आप
देख सकते हो इस चीज़ को। तो ये पूछ रहे हैं
कि मान लीजिए कि गोलू भैया है वो किसी
हाइट पे चले गए हैं कि जहां पर एक्सीलरेशन
ड्यू टू ग्रेविटी है दैट इज इक्वल टू g /
4 तो ये हाइट की वैल्यू कितनी होगी? ये
हाइट कितनी होगी? ले तो इसके लिए बेटा
पहले तो डायग्राम समझ लिया। अब कांसेप्ट
को
कांसेप्ट को याद करना पड़ेगा। तो बेटा
सावन की घटा बता दी है मैंने तुझे बात कि
वेरिएशन विड्थ हाइट क्या आएगा? याद रख याद
कर बेटा। अगर h हाइट ऊपर गया है तो gh =
gme डिवाइड / re + h²
और अगर h बहुत बहुत कम है एज़ कंपेयर टू आर
देन वी नीड टू राइट GH h = g1 - 2H / re
देखो ये कंडीशन के साथ आता है मैंने मेंशन
किया है यहां पर कि कंडीशन है कंडीशन टू
बी अप्लाइड अगर ये चीज है तो ही। अब यहां
पर हमें पता नहीं है कंडीशन है कि नहीं
है। तो हम इस फॉर्मूले का यूज़ नहीं कर
सकते। हम ऊपर वाले फॉर्मूले का यूज
करेंगे। और विड्थ डेप्थ की बात है तो g 1
- d / डेप्थ। d यानी डेप्थ और डिवाइड /
reीan रेडियस ऑफ़ अर्थ। ये भी चीज मैंने
प्रूव करवाई है गोलू भाई वाले केस से। यू
कैन सी दिस इन अ वन शॉट। ओके? अब बताया है
वेरिएशन ऑफ़ अ G विद रिस्पेक्ट टू हाइट
वाला केस से क्वेश्चन आया हुआ है। तो मैं
पहले इस हिसाब से सॉल्व करूं। देखो एक तो
हमें पता है कि G की वैल्यू होती है ये g
की वैल्यू होती है GME
/ re² या R² ओके? और ये GH की बात हो रही
है। G की बात हो रही है। तो GME
डिवाइड बाय RE ऐसे।
re + h और उसका होल स्क्वायर ये फार्मूला
काम में आएगा। अब इन दोनों के बीच का
रेशियो ले लीजिए। g' / g कर दीजिए। g' / g
देखो दोनों में gm g में भी तो कॉमन आ रहा
है। gr + h² ऊपर r² जैसे ही सिंपलीफाई
करोगे क्योंकि ये gh क्वेश्चन में ही दे
रखा है। दिस इज़ इक्वल टू g / 4 इसको
सिंपलीफाई करोगे 1/4 बन जाएगा। और आंसर
जैसे ही सॉल्व करोगे बेटा दैट इज इक्वल टू
r और ये सेम क्वेश्चन मैंने उल्टी तरीके
से उसी वन शॉट में करवाया हुआ है। यू कैन
सी दिस। देखना वहां पर r / 2 या r लिया
हुआ क्वेश्चन है। r / 2 या r लिया हुआ
क्वेश्चन तो फार्मूला बेस्ड ही है। लेकिन
फार्मूला भी याद आना चाहिए। कौन सा यूज़
करना है वो भी याद आना चाहिए और थोड़ी सी
कैलकुलेशन भी करनी चाहिए। तो यू विल गेट
आंसर आर आर ए ऑप्शन में दे रखा है ना? ए
ऑप्शन इज़ करेक्ट। तो ये ऑप्शन इसका
परफेक्ट हो जाएगा। सातवें नंबर का
क्वेश्चन रिजिडिटी मॉड्यूलस एंड यंग
मॉड्यूलस। ठीक है? मॉड्यूलस ऑफ रिजिडिटी
बोलते हैं उसको। और दूसरा है यंग्स
मॉड्यूलस। इसको ईटा करके रिप्रेजेंट करते
थे। और यंग्स मॉड्यूलस आर रिप्रेजेंट बाय
ईटा एंड यंग। y ठीक है? ये तो चीज़ पता है
हमें। ये चीज़ पता है हमें। वही मेंशन की
है इन्होंने। अ कॉपर वायर लेंथ L एंड
एरिया ऑफ़ अ क्रॉस सेक्शनल इज़ A। ठीक है?
पहले दे रखा है कि कॉपर वायर है जिसकी
लेंथ है A और इसका क्रॉस सेक्शनल एरिया है
A। लेंथ है L और ये क्रॉस सेक्शनल एरिया
है L। फिर पूछ रखा है कि सो पुल दैट लेंथ
बिकम्स 5L मतलब हमने इसको खींचा खींचा
खींचा खींचा बेटा इतना खींचा इतना खींचा
इतना खींचा कि उसकी प्राण बाहर आ गए कितना
खींचा देख लेंथ कर ली हमने 5L जितनी और
क्रॉस सेक्शनल एरिया इसका हो गया a / 5
क्रॉस सेक्शनल एरिया हो गया इसका a / 5 तो
बताइए बेटा किस में चेंज आया होगा यंग
मॉड्यूलस ईटा बड़ा होगा घटा होगा वो चीज
हमें पूछी है देखना इसके लिए भी वापस आपको
याद करना पड़ेगा मैकेनिकल प्रॉपर्टी ऑफ़
सॉलिड का कांसेप्ट। मैकेनिकल प्रॉपर्टी ऑफ़
सॉलिड में मैंने ये चीज़ बताई थी दोस्त
आपको कि यंग मॉड्यूलस इज़ इक्वल टू
लोंगिट्यूडनल स्ट्रेस। मतलब कि जो फोर्स
अप्लाई हुआ है वो डिवाइड बाय क्रॉस
सेक्शनल एरिया ये और लोंगिट्यूडल स्ट्रेन
मतलब डेल्टा LL / L. सो यू विल गेट यंग्स
मॉड्यूलस फार्मूला इज़ इक्वल टू फोर्स *
लेंथ। फिर यहां पर आएगा डेल्टा L और ये
एरिया A. यहां पर शियर स्ट्रेस के लिए हम
यूज़ किया करते थे। पर ये ये पैरेलल एरिया
तो फोर्स डिवाइड बाय एरिया a ओके शयर
स्ट्रेन शयर स्ट्रेन इज़ इक्वल टू
सीधा-सीधा हम लिखते थे ये जो ये जो थीटा
बन रहा है ना वो tan ये tan फाई या फाई के
फॉर्म में लिखा करते थे ओके सर तो टाटा की
वैल्यू कुछ ऐसी हो जाएगी फोर्स डिवाइड बाय
एरिया और इंटू करके फाइव फाइव यानी एंगल
बन जाएगा वो ओके tan 5 को छोटे-छोटे फॉर्म
में फाइव भी लिखा करते हैं। तो यंग
मॉड्यूलस में थोड़ा-थोड़ा देखें बेटा तो
फोर्स डिवाइड बाय लेंथ डिवाइड बाय एरिया आ
रहा है। यहां पर लेंथ ऊपर है, एरिया नीचे
है। लेंथ बेटा क्या हो रही है? लेंथ बढ़
रही है ना? लेंथ बढ़ेगी तो यंग्स मॉड्यूलस
बढ़ेगा। एरिया घट रहा है। एरिया घटेगा।
एरिया घटेगा। सुनना। एरिया घट रहा है ना?
a / a / 4 a / 5 हो गया है। एरिया घटेगा।
तो सीधी सी बात है यहां पर यंग्स मॉड्यूलस
बढ़ेगा। तो अगर आप ऐसा सोच के यंग मॉड्यूलस
कर देते हो टिक तो बन जाती है बेटा अगेन
मुए-मोए। क्यों? क्योंकि ये कोफिशिएंट है।
ये क्या है? कांस्टेंट है। स्ट्रेस डिवाइड
बाय स्ट्रेन के रेश्यो थे। ये डिपेंड नहीं
करते थे। एक बार लिखा हुआ आ गया कि स्टील
के लिए ये तो ये एक बार लिखा हुआ आ गया कि
कॉपर के लिए इतना तो इतना ये चेंज नहीं
करता था मेरे दोस्त नहीं करता था इट्स नॉट
डिपेंड ऑन लेंथ इट्स नॉट डिपेंड ऑन एरिया
इट्स नॉट डिपेंड एंड शेप एंड साइज याद कर
ये यंग्स मॉड्यूलस मॉड्यूलस ऑफ़ रिजिडिटी
लिखा हुआ आ गया उस मटेरियल के लिए तो आ
गया टेंपरेचर के ऊपर डिपेंडेंसी रहती थी
नेचर ऑफ़ मटेरियल पे डिपेंड करती थी लेकिन
शेप एंड साइज पे डिपेंड नहीं करता था तो
वो चाहेंगे तुम्हें फंसा फसा आना। तुमने
क्या दिमाग लगाया देख
हम
दिमाग पूरा लगा लिया। लेकिन भाई सोचना ये
तो लिखी हुई बात है। ये तो मतलब पहले से
लिखा हुआ आ गया। तो इस वजह से ये फिक्स्ड
ही रहेगा बेटा। इट्स नॉट डिपेंड ऑन इट्स
नॉट डिपेंड ऑन
लेंथ और एरिया। मतलब इसके शेप एंड साइज पे
डिपेंड नहीं करता। सीधा अनरिमेन मतलब ये
रिमेंस अनचेंज्ड। ऐसा करके डी ऑप्शन टिक
करके आ जाना मेरे दोस्त। अगर ऐसा कोई
क्वेश्चन पूछा जाए तो। ओके। ये फंसाने के
लिए ऐसे क्वेश्चन होते हैं। तो हमेशा टिक
करके मत आ जाना कि जो तुमने लॉजिक लगाया
वो सही है। सोच सोचना। ओके। अब देखना हम
पढ़ने जा रहे हैं आठवें नंबर का क्वेश्चन
जो कि आ रहा है थर्मोडायनेमिक सेक्शन से।
यहां पर बहुत सुंदर सा क्वेश्चन है।
सुनना। व्हेन अ सिस्टम टेकन। अगर आपने पेन
पेन कॉपी साथ में नहीं लिए तो ले ले
दोस्त। मैं तुम्हें डांट नहीं रहा हूं
दोस्त। जरूरी है। देखो जितना हम कर रहे
हैं उतना साथ-साथ मतलब सिर्फ देखने के लिए
वीडियो नहीं बना हुआ है। अगर आप देखे जा
रहे हो स्किप करते जा रहे हो तो कोई फायदा
नहीं है। जब भी आपके सामने पहले क्वेश्चन
आए तो थोड़ा सा पॉज लीजिए। मैं अगर थोड़ा
फास्ट वे में जा रहा हूं। सर स्टॉप। यू
कैन हैव अ मतलब आपके पास ही तो कंट्रोल है
बेटा। स्टॉप किया बेटा। थोड़ी देर खुद से
कर लिया सॉल्व। बन रहा है तो बहुत बढ़िया।
नहीं बन रहा है तो देख लिया। ठीक है? ये
अप्रोच अपना कीजिए। मतलब जितना टाइम यहां
पर दे रहे हो उतना प्रॉपर्ली दो। सिर्फ
देखने के लिए मत देखो दोस्त।
तो क्वेश्चन में दिया गया है कि व्हेन अ
सिस्टम इज़ टेकन फ्रॉम अ स्टेट वन टू स्टेट
थ्री अलोंग द पाथ वन टू थ्री। मतलब सिस्टम
है वो वन से थ्री ये इसका इनिशियल स्टेट
है। ये इनिशियल स्टेट है। ये है बेटा
इनिशियल स्टेट।
ये इनिशियल स्टेट है। और ये है फाइनल
स्टेट।
ये इसका फाइनल स्टेट। सुनो यहां पर कहानी
क्या हो रही है कि इनिशियल स्टेट से फाइनल
स्टेट की ओर जा रहे हैं बाया टू। तो ये 1
2
कुछ ऐसे
ये वन टू टू
ओके। बढ़िया है। अब देखना ये इस पाथ के
अकॉर्डिंग दे रखा है। फाउंड द डेल्टा Q इज़
60 कैलोरी और W = 10 कैलोरी। पता है क्या
ये? डेल्टाQ = वर्क डन + डेल्टा U ऐसा
लिखा करते थे। ये पहली प्रोसेस के लिए।
ठीक है? अरे फर्स्ट लॉ ऑफ़ थर्मोडायनेमिक्स
मेरे दोस्त भूला।
ठीक है? याद कर ले। याद कर ले। यही फ़ूला
पढ़ा था बेटा। ये फार्मूला नहीं है। लॉ है।
परफेक्ट लॉ है। कि जो एनर्जी हमने दी है
वो कहीं वर्क डन में कन्वर्ट होगी और कहीं
इसका हिस्सा है उस सिस्टम की इंटरनल
एनर्जी बढ़ाने में यूज़ हो जाएगा। ओके।
फिर कहानी में दे रखा है कि अलोंग द पाथ
1/43 मतलब की इस पाथ से ले के जा रहे हैं।
टुकुर टुकुर टुकुर टुकुर टुकुर टुकुर। अगर
इस पाथ से ले के जा रहे हैं। देन वी विल
फाउंड द डेल्टा q = 50 कैलोरी। और वर्क डन
कितना होगा इस प्रोसेस में? वह हमें
क्वेश्चन में से निकाल के बताना है। तो,
इस प्रोसेस के अकॉर्डिंग लिख रहा हूं।
बेटा, ध्यान से देख बेटा। डेल्टाQ = वर्क
डन + डेल्टा u डेल्टा Q क्वेश्चन में दे
रखी है 50। ओके? लिख लिया सर 50। वर्क डन
ही तो हमें निकालना है। और डेल्टा U क्या
रही होगी? तो यहां पर ही तो ट्विस्ट है
बेटा। समझी है तुमने ये बात? जहां पर हमने
इस चैप्टर में बोला था कि भाई डेल्टा u है
वो स्टेट फंक्शन है। डेल्टा U फॉर वन से
लेके 1 2 3 चल रहे हो या डेल्टा U आप चल
रहे हो बेटा 1 4 3 1 4 3 या 1 2 3 कोई
फर्क नहीं पड़ता। इनिशियल पोजीशन फाइनल
पोजीशन सेम दैट मींस दैट मींस इंटरनल
एनर्जी इज़ सेम। तो डेल्टा U इसमें जो आएगी
वो सेम सेम रहेगी। डेल्टा Q इस क्वेश्चन
में दे रखी है 60। यहां पर वर्क डन दे रखा
है कितना? 10 और डेल्टा U निकालनी है तो
डेल्टा U = 50 जूल 50 जूल यहां पर
सब्सीट्यूट की ओ माय गॉड ये कैसे आया
ये कैसे आया 50 जूल ही मिल रही है हां
डेल्टा Q 60 कैलोरी डेल्टा WW 10 कैलोरी
उस तरफ गया माइनस हुआ 50 तो ये 50 अरे भाई
तो 50-50 एक दूसरे को काट देंगे और इस
प्रोसेस के लिए वर्क डन क्या आया ज़ीरो
तो इसका मतलब ये है कि इस 143 वाली
प्रोसेस में जो भी एनर्जी दी जा रही है वो
सीधा इसके इंटरनल एनर्जी में चेंज ला रही
है। वर्क डन में कोई भी इफेक्ट नहीं कर
रही है। तो डेल्टा W अलोंग द पाथ 143 143
के लिए हम तुमसे प्यार करते हैं। तो आंसर
आ जाएगा ज़ीरो बेटा। 143 का आंसर ज़ीरो आ
रहा है इसमें। देख जो क्वेश्चन पूछा था जो
क्वेश्चन दे रखा था उसी हिसाब से हमने
दोनों प्रोसेस पे थर्मोडायनेमिक्स लॉ
अप्लाई किया। फर्स्ट वाला। डेल्टा Q =
डेल्टा U + वर्क डन। खत्म बेटा। ओके? इसको
अच्छे से एक बार रिवाइज़ कर लेना। अगर
थर्मोडायनेमिक्स चैप्टर आपने पढ़ा नहीं है
तो। वन शॉट ऑलरेडी अपलोड है। इसी चैनल पे
बेटा इसी चैनल पे ऑलरेडी अपलोड है। अब आगे
का क्वेश्चन है। अरे भाई साहब ये तो पहले
चैप्टर से आया हुआ क्वेश्चन है।
सिग्निफिकेंट नंबर कितने होंगे इसमें? तो
सर शुरू वाले ज़ीरो को काट दो। जैसा होता
है आपके साथ वैसा ही करते जाओ इसके साथ।
तीनों के तीनों ज़ीरो हो गए खत्म। पॉइंट
आया। लेकिन जब तक कोई एक नंबर ना आ जाए,
नॉन ज़ीरो नंबर ना आ जाए, तब तक के ज़ीरो को
हम काउंट नहीं करेंगे। देखो यहां पर नंबर
आ गया तो ये तो काउंट हो गए होंगे और पीछे
वाले ज़ीरो भी काउंट। देखो मैंने बताया था
वहां पर इस सिग्निफिकेंट नंबर में सारा
खेल किसका होता है? ज़ीरो का होता है। नॉन
ज़ीरो नंबर है वो तो है ही सिग्निफिकेंट।
या यहां पर ज़ीरो का खेल है। कौन से ज़ीरो
सिग्निफिकेंट कहलाएंगे? कौन से ज़ीरो नहीं
कहलाएंगे? तो पीछे वाले दो कहलाएंगे, आगे
वाले दो नहीं कहलाएंगे। क्यों? आगे वाले
दो को हक़ क्यों नहीं मिला? उसका रीज़न
जानना है बेटा। तो आप देख सकते हो लेक्चर
नंबर वन यूनिट एंड मेज़रमेंट में पूरी
चीजें मैंने समझाई। अभी बेसिकली बता दूं
तो जब तक कोई नॉन ज़ीरो नंबर ना आ जाए तब
तक के आगे वाले जीरो को काउंट नहीं किया
जाता एज अ सिग्निफिकेंट। पीछे वाले नंबर
को काउंट किया जाता है। पीछे वाले ज़ीरो को
काउंट किया जाता है। अगर ये पॉइंट के पीछे
दे रखे हैं तो। ओके। ठीक है बढ़िया। तो
मेरे ख्याल से दो तीन तीन तीन और दो पांच।
तो पांच बी ऑप्शन इसका करेक्ट हो जाएगा।
बी ऑप्शन इसका करेक्ट हो जाएगा। मैंने फिर
भी यहां पर लिख दिया है पहले से ही कि
कौन-कौन से रूल का यूज़ किया है। ओके?
लेट्स मूव फॉरवर्ड टू दें 10थ क्वेश्चन। अ
पार्टिकल इज़ एग्जीक्यूटिंग सिंपल
हार्मोनिक मोशन। एसएचएम से जुड़ा हुआ
क्वेश्चन मुझे पता है अब तक कई सारे बच्चे
होंगे जिसका एसएचएम नहीं हुआ है लेकिन फिर
भी समझना। अगर जिसका हो गया उसको समझ में
आएगा। जिसने कवर नहीं किया है तो थोड़ी देर
के लिए समझ लो या फिर स्किप करके आगे बढ़
जाओ। व्हेन इट्स डिस्प्लेसमेंट इज़ X। अगर
डिस्प्लेसमेंट X हुआ है। मतलब एसएचएम क्या
होता है? ऐसे समझ लीजिए कि एक स्प्रिंग से
बंधा हुआ ब्लॉक है। इसको जैसे ही हम
डिस्प्लेस करवाते हैं x तो ये ऊपर नीचे से
आगे पीछे आगे पीछे आगे पीछे नाचता रहता
है। नाचता रहता है। इसी इसी मोशन को हम
एसएचएम भी कहते हैं। आगे पीछे आगे पीछे
आगे पीछे ऐसे नाचता रहता है। इसी प्रोसेस
को हम एसएचएम कहते हैं। इसी मोशन को
एसएचएम कहते हैं। तो इस पूरी प्रोसेस में
बताओ टोटल एनर्जी कितनी होगी? जब वो x
डिस्टेंस पे है तो। x डिस्टेंस पे तो। तो
मैं बताता हूं इसको पार्टिकल फॉर्म में।
देखो यह है ना ऐसे नाचता है। यहां तक a पर
जा सकता है वह।
यह यह यहां से a तक जा सकता है। इसको
पॉजिटिव एक्सट्रीम कह सकते हैं। और यहां
पर भी उतने ही डिस्टेंस पे जा सकता है।
नेगेटिव साइड है इसलिए नेगेटिव एक्सट्रीम।
तो बीच में मान लीजिए इस पोजीशन को नाम
देते हैं कि जहां पर नेट फ़ जीरो होता है
बीच वाली पोजीशन यानी मीन पोजीशन। तो मीन
पोजीशन से वो x तक गया है। तो बताओ इसकी
टोटल एनर्जी कितनी होगी? तो अगर किसी के
दिमाग मतलब किसी को पहले से ये कांसेप्ट
पता है ना तो वो वो लिख देगा 1/2 kx²
1/2 kx² अगर ये 1/2 kx² के हिसाब से ऑप्शन
नंबर सी कर देते हो बेटा तब भी हो जाता है
गलत। क्यों पता है? क्योंकि इन्होंने पूछी
है टोटल एनर्जी। सुनना शब्दों पे ध्यान
देना। ये क्या पूछ रहे हैं? उस पे ध्यान
देना। टोटल एनर्जी पूछी है। तो इसका मतलब
कि हमें काइनेटिक भी निकालनी पड़ेगी और इन
दोनों का समेशन करना पड़ेगा। काइनेटिक
एनर्जी होती है 1 / 2a² - x²। इसका प्रॉपर
डेरिवेशन ऑसिलेशन चैप्टर का वन शॉट आ
जाएगा थोड़े समय में ही वहां पर आपको मिल
जाएगा। ठीक है? तो 1/2 k a² - x² के हिसाब
से हम लिखते हैं। इन दोनों का समेशन करते
हैं तब जाके आपको टोटल एनर्जी मिलती है।
टोटल एनर्जी इज़ नथिंग बट k + u और जैसे ही
समेशन करते हो x वाले टर्म है वो कैंसिल
आउट हो जाते हैं। देख लें? a² - x² kx²
kx² कैंसिल आउट। और 1 / 2k a² a को
एंप्लीट्यूड बोलते हैं कि कितना मैक्सिमम
डिस्प्लेसमेंट हो सकता है उसी को हमने a
बोला है। कितना मैक्सिमम डिस्प्लेसमेंट हो
सकता है? तो ka a एंप्लीट्यूड कांस्टेंट
होता है। तो इट्स नॉट डिपेंड ऑन x ये
तुम्हारे x पे डिपेंड नहीं करता है। 10वें
नंबर का क्वेश्चन देख रहे हो। दिमाग खोल
देने वाला क्वेश्चन है बेटा ये। छोटे
क्वेश्चन है लेकिन दिमाग खोल देने वाले
क्वेश्चन है। ठीक है? ऐसा नहीं कि
फॉर्मूले से पूछ लिया, थ्योरी से पूछ
लिया। कांसेप्ट को याद करो। रटा रटाया
क्वेश्चन नहीं चलता है अब। ओके आगे बढ़ते
हैं। 11वें नंबर का क्वेश्चन। द स्टेशनरी
वेव द डिस्टेंस बिटवीन टू कंजक्यूटिव
नोड्स। अब अगर स्टेशनरी वेव का कांसेप्ट
पढ़ा हुआ है तब की ये बात है। नहीं पढ़ा हो
स्किप करके आगे बढ़ो। ठीक है? लास्ट चैप्टर
है ऑफ़ द क्लास 11th। ओके? पढ़ा हुआ है वो
थोड़ा यहां पर ध्यान देना। और नहीं पढ़ा हुआ
है। अगर स्किप कर दिया तो बहुत बढ़िया।
नहीं किया है तो देखते जाओ। क्या होता है
कि हम स्टेशनरी वेव में क्या होता है पता
है? कि वेव को आग वेव आगे नहीं भागती है।
वेव दो बंधे हुए दो या एक बंधे हुए रीजन
में नाचती रहती है। ऐसे ऊपर नीचे ऊपर
नीचे। देखिए इस वेव को मैं ऐसे ये वेव है।
इसको नचाऊंगा तो ये वेव इसी में नाचती
रहेगी। वेव इसी में नाचती रहेगी। हो सकता
है मैं अपनी स्पीड और बढ़ाऊं। नचाने की
स्पीड और बचाऊं। तो ये बसंती है वो तीन
लूप में नाचती है। बसंती है बेटा इसमें
तीन लूप में नाचती है। ओके? बसंती नाची
तीन लूप में। तीन लूप में नाचती है। अब
सुनो जहां-जहां आपको लग रहा है कि ये
फिक्स्ड पॉइंट है। ऐसे पॉइंट को बोलते हैं
फिक्स्ड। ऐसा लगता है देखने में कि ये
फिक्स बंध गए हैं। यहां पर कील ठोक के
जैसे रस्सी को बांध दिया वैसा प्रतीत हो
रहा है। तो जहां पर ऐसा फील हो रहा है ना
उसको बोलते हैं नोड। इसको बोलते हैं नोड।
इसको बोलते हैं नोड। तो ध्यान से देख
बेटा। तो यह नोड नोड नोड। मतलब कितने मिल
रहे हैं उसकी बात हम नहीं कर रहे। लेकिन
सुनना। दो नोड के बीच का दो कंजक्यूटिव
नोड के बीच का डिस्टेंस कितना है? वह पूछ
रहे हैं। तो सुन। किसी एक वेव को पकड़
लीजिए। किसी एक वेव को देखिए पूरी वेव
यहां पर होती है। ऐसे पूरी वेव होती है।
यहां से शुरुआत हुई ये ट्रू ट्रू टू ऐसे
ऐसे पूरी वेव टू डुक ये पूरी वेव होती है।
ठीक है? तो ये पूरी वेव का डिस्टेंस कितना
होता है? लैम्ब्डा वेवलेंथ के इक्वल। तो
ये तो आधा है ना? दो नोड के बीच का
डिस्टेंस कितना हो जाएगा? लैम्ब्डा / 2 हो
जाएगा। देख पूरा यानी लैम्ब्डा यहां से
यहां तक का पूरा डिस्टेंस लैम्ब्डा उससे
आधा यानी लैम्ब्ड / 2 तो दो क्सक्यूटिव
नोड के बीच का डिस्टेंस पूछे तो लैम्ब्डा
/ 2 याद रखना बेटा दिमाग खोल देने वाला
क्वेश्चन था ये म्ब्डा / 2 इसका सही आंसर
आएगा। अब 12वें नंबर हां मतलब ये लास्ट
क्वेश्चन होगा एमसीक्यू का। इसके बाद
असरेशन एंड रीज़न टाइप के क्वेश्चन आ
जाएंगे। ये क्वेश्चन अगेन थर्मल
प्रॉपर्टीज ऑफ़ मैटर थर्मोडायनेमिक्स नाम
की ब्रांच से आ रहे हैं। 100 ग्राम आइस
लिया बेटा। इसको मिलाने जा रहे हैं। किसके
साथ? उसी के साथ। पानी है रे। गंदा सोच
वाला। 100 ग्राम आइस एट अ 0° मिक्स विद अ
100 ग्र. वाटर। अरे भाई दोनों को इक्वल
अमाउंट में लिया है। आइस ठंडा-ठंडा
कूल-कूल 0° सेल्सियस पे और पानी है थोड़ा
सा गर्म है। 20° सेल्सियस पे। फाइंड द
फाइनल टेंपरेचर। फाइनल टेंपरेचर कितना
होगा? तो देख आइस क्या चाह रहा होगा पता
है? आइस
आइस में से वाटर बनना चाह रहा होगा। पूरी
प्रोसेस तो यही रहेगी। आइस 0° सेल्सियस पे
है। तो आइस 0° सेल्सियस में से ये पहले
प्रोसेस में होगा कि आइस 0°C सेल्सियस में
से क्या बन जाए? 0° सेल्सियस में से बन
जाएगा बेटा ये 0° सेल्सियस वाला वाटर। तो
इसके लिए इसको कितनी एनर्जी चाहिए होगी?
इसको एनर्जी चाहिए होगी। हां? चाहिए होगी।
एनर्जी कुछ एब्जॉर्ब करेगा। और दूसरा ये
पानी का ग्लास है बेटा। ठीक है? ये कुछ
एनर्जी एब्जॉर्ब करेगा। इन दोनों को हमने
एक वेसल में डाला हुआ है। फिर दूसरी कहानी
ये है कि ये एनर्जी कुछ रिलीज करेगा
सराउंडिंग में। पानी है वो कुछ सराउंडिंग
में एनर्जी रिलीज करेगा। कितनी एनर्जी
रिलीज़ करेगा? तो मान लीजिए कि पहला केस
मतलब दूसरे केस में कि ये जो वॉटर दे रखा
है, कितने टेंपरेचर पे? 10 डिग्री
सेल्सियस टेंपरेचर में दे रखा है। वो पहले
तो वॉटर कन्वर्ट होगा खुद 0°C सेल्सियस
वाले पे। 0 डिग्री सेल्सियस वाले वॉटर में
कन्वर्ट होगा। उसके बाद वो कोशिश करेगा कि
कितनी एनर्जी इमिट हो रही है, कितनी
एनर्जी रिलीज हो रही है, उसके हिसाब से
मैनेज करने की। तो ये एनर्जी रिलीज़्ड। और
ये एनर्जी एब्जॉर्ब।
ओके? एनर्जी एब्जॉर्ब ये स्टेट चेंज वाला
केस है। यानी मास * लेटेंट हीट ऑफ़ फ्यूज़।
मास कितना दे रखा है बेटा इसका? 100
ग्राम। और कैलोरी कैलोरी में अगर मैं इसकी
वैल्यू लूं तो 80 आती है। तो 80 मतलब 8000
कैलोरी एनर्जी चाहिए होगी। 8000 कैलोरी
चाहिए होगी इसको आइस में से वाटर में
कन्वर्ट होने के लिए। इतना कन्वर्शन हो
जाएगा। फिर वाटर का टेंपरेचर बढ़ेगा। ठीक
है? दूसरा समझो वाटर 10° सेल्सियस पे है
और उसको ज़ीरो पे जाना है। ये ये अब जाने
की कोशिश करेगा किस पे? ज़ीरो पे जाने की
कोशिश करेगा। तो कितनी एनर्जी बाहर
निकालेगा? Q2 तो Q2 एनर्जी रिलीज़ हो रही
है। MC डेल्टा T के फॉर्म में मैं लिख
सकता हूं मेरे दोस्त। MC डेल्टा T वाटर के
लिए। ओके? मास इसका कितना है? 100
C इसके लिए लिखी जाती है वन। कैलोरी पर
ग्राम में लिखते हैं। और डेल्टा T 0 से 10
तो ये 10° अ मेरे ख्याल से इसकी C की
वैल्यू कितनी? दो होती है। वन ही होती है।
ठीक है? 20° का सेल्सियस है ना? 10 नहीं
है। 10 नहीं है 20 है। 20 डिफरेंस होता है
ना? कहां से कहां? 20° सेल्सियस से ज़ीरो
तक जाना है। तो ये 2000 अरे भाई साहब 2000
जितनी एनर्जी यहां से इमिट हो रही है।
और ये ये निकले थे आइस को पिघलने के लिए।
क्या पिघलेगा? पिघलेगा नहीं बेटा। यह आइस
भी उसके दिल की तरह इतनी जल्दी पिघलने
वाला नहीं है। इसको कितनी एनर्जी चाहिए?
8000 जूल जितनी 8000 कैलोरी जितनी एनर्जी
चाहिए। ऐसे नहीं पिघलेगा बेटा। ऐसे नहीं
पिघलेगा। तो फाइनल टेंपरेचर इक्विलिब्रियम
का कितना रह जाएगा? 0° सेल्सियस हो जाएगा।
क्योंकि ये 2000 से पहुंचेगा। 2000 रिलीज़
कर के 0° पर पहुंचेगा। और ये थोड़ा बहुत
आइस को है वो कन्वर्ट कर पाएगा। मतलब पूरा
पूरा का पूरा कन्वर्ट नहीं होगा। थोड़े
बहुत आइस को थोड़े बहुत ग्राम को ये
कन्वर्ट कर देगा किसमें? वाटर में कन्वर्ट
कर देगा 0 डिग्री सेल्सियस पे। लेकिन उसका
टेंपरेचर नहीं बढ़ा पाएगा। तो ऑल ओवर आपको
एक ऐसा मिक्सचर मिलेगा जिसमें थोड़ा आइस
होगा, थोड़ा पानी होगा। लेकिन दोनों है वो
10° सेल्सियस पे होंगे। तो इक्विलिब्रियम
हो जाएगा 10° सेल्सियस। दैट्स व्हाई द
राइट आंसर इज़ ए। राइट आंसर इज़ अरे भाई
साहब रुक। ए है ना? हां। ए जीरो डिग्री
सेल्सियस। करेक्ट। ठीक है समझो। अब ये
सारे एमसीक्यू का खेल हुआ है समाप्त। अब
शुरू होने जा रहा है चार क्वेश्चन का
सिलसिला 13 से लेकर 16 तक जहां पर असरेशन
एंड रीजन टाइप के क्वेश्चन जिसमें पहला
ऑप्शन बता रहा होगा दोनों सही है और रीज़न
है वो करेक्ट एक्सप्लेनेशन है। दूसरा
ऑप्शन बता रहा है दोनों सही है लेकिन रीज़न
है वो करेक्ट नहीं बताया गया। करेक्ट
एक्सप्लेनेशन नहीं दे रहा है। समझाया गलत
मतलब इसमें समझ समझाने में मजा नहीं आया।
तीसरा बताएगा कि पहला वाला सही है। असरेशन
सही है। रीज़ गलत है। लास्ट ऑप्शन बताएगा
दोनों गलत है बेटा। ठीक है? तो इनमें से
हमें स्टेटमेंट पढ़ना है और फिर आंसर देना
है। डायग्राम यहां पर मैं पहले से लगा के
आया हूं ताकि एक अच्छी सी विजुअलाइजेशन हम
पहले से कर पाए। द साइज एंड द शेप ऑफ अ
रिजिड बॉडी। रिजिड बॉडी रिमेंस अनफेक्टेड
अंडर द इफेक्ट ऑफ एक्सटर्नल फोर्सेस। मेरे
दोस्त चाहे यही बात हम रिजिड बॉडी में भी
पढ़ते हैं कि रिजिड बॉडी ऐसे टाइप की बॉडी
को कहते हैं जैसे तुम नहीं हो रिजिड। कोई
एक्सटर्नल फोर्स लगा दो बेटा। हम तो नहीं
पढ़ेंगे मतलब नहीं पढ़ेंगे। रिजिड बॉडी का
एग्जांपल मैं नहीं चेंज होने वाला। मैं तो
जैसा हूं वैसा ही रहूंगा। मेरे दो
पार्टिकल के बीच का किसी की मजाल है
डिस्टेंस चेंज करके दिखाए। कितना भी फोर्स
लगा लो मैं हिलने वाला नहीं हूं। तो रिजिड
बॉडी होते हैं। नहीं बोल ये तो रिजिड है।
ये बहुत रिजिड है। वो सर बहुत रिजिड है।
तो रिजिड ऐसा एग्जांपल हो जाएगा। ये बात
सही है। ये डेफिनेशन में भी हमने पढ़ी थी
रिजिड बॉडी की डेफिनेशन में रोटेशनल मोशन
चैप्टर से। द डिस्टेंस बिटवीन टू
पार्टिकल्स रिमेन कॉन्सेंट इन अ रिजिड
बॉडी। यह बात सही है। द डिस्टेंस बिटवीन
टू पार्टिकल्स रिमेंस कॉन्स्टेंट इन अ
रिजिड बॉडी। यह भी बात सही है। इसी वजह से
तो चेंज नहीं हो रहा है। इसी वजह से तो
चेंज नहीं हो रहा है। तो अह ऑप्शन ए बन
जाएगा। दोनों बात सही है और आर है वह
करेक्ट एक्सप्लेनेशन है। देखना यह पहले जब
कभी दोनों सही होंगे ना तब कंफ्यूजन होगा।
क्या यह करेक्ट एक्सप्लेनेशन है कि नहीं?
तो वहां पर ज्यादा कंफ्यूजन होगा। सुनो
आगे का क्वेश्चन। एनी मोशन दैट रिपीट्स
इटसेल्फ एट अ रेगुलर इंटरवल्स ऑफ अ टाइम
दैट कॉल पीरियडिक मोशन। बात सही है ना?
जैसे घड़ी का है, कोई भी एक कांटा पड़क
लीजिए रेगुलर टाइम इंटरवल में। सेकंड वाला
है, 1 मिनट में चक्कर लगा लेगा पूरा का
पूरा। मिनट वाला है, 1 घंटे में पूरा का
पूरा चक्कर लगा लेगा। और आवर वाले घंटे की
बात कर रहे हैं, तो बेटा, वो 12 घंटे में
पूरा चक्कर लगा लेगा। अर्थ और सन के बीच
की बात करें, तो अर्थ 365.25
डेज लिखते हैं, लेकिन 365 दिन में एक
चक्कर लगा। तो, यह कंप्लीट एक रेगुलर टाइम
इंटरवल में एक रेगुलर टाइम इंटरवल में
चक्कर लगा लेंगे। और इसी टाइप के मोशन को
हम पीरियडिक मोशन कहते हैं। ओके सर। अब
बात है द स्मालेस्ट इंटरवल ऑफ़ अ टाइम
आफ्टर व्हिच द मोशन इज़ रिपीटली रिपीटेड इज़
कॉल्ड अ टाइम पीरियड। टाइम पीरियड। पीरियड
या टाइम पीरियड लिखते हैं। ओके? तो ये बात
भी सही है। तो दोनों स्टेटमेंट सही है।
लेकिन ऊपर वाले का लॉजिक नहीं बेटर है।
तुम समझ पा रहे हो इसको? ऊपर वाले का कोई
ऐसा लॉजिक नहीं है कि पीरियडिक मोशन टाइम
पीरियड की डेफिनेशन से पीरियडिक मोशन समझा
पाए। तो दोनों बात 100% सही है यहां पर।
लेकिन पीरियडिक मोशन का एक्सप्लेनेशन यहां
पर नहीं दे रहा है। तो नॉट करेक्ट
एक्सप्लेनेशन वरना दोनों बात सही है।
दोनों बात सही है। ऊपर वाले पार्ट से
जुड़ी हुई बात नहीं है। ठीक है? पीरियडिक
पीरियडिक का मीनिंग नहीं समझाया है। ये
टाइम पीरियड की बात की है। ओके? समझ पा
रहे हो इस क्वेश्चन को? समझ पा रहे? देखो
बताने के लिए ऐसा बता सकते हो कि हां ये
पीरियडिक टाइम पीरियड की भी डेफिनेशन बता
दी और टाइम पीरियड से पीरियोडिक को जॉइंट
कर दीजिए। लेकिन सीधा डायरेक्टली पॉइंट
में देखा जाए तो पीरियडिक मोशन को खोल के
नहीं बताया है। ओके? ठीक है? मोशन को खोल
के नहीं बताया है। ओके? तो बी ऑप्शन इसका
हो जाएगा कि नॉट करेक्ट एक्सप्लेनेशन। आगे
बढ़ते हैं। द क्वेश्चन नंबर 15।
एंगल ऑफ अ सॉलिड एंगल एंड सॉलिड एंगल बोथ
आर डायमेंशनलेस क्वांटिटी। क्या ये बात सच
है? क्या होता था ये एंगल एंड सॉलिड एंगल?
एंगल यानी प्लेन एंगल। प्लेन एंगल को
सिंपल रूप से प्ले एंगल ही लिखते हैं। तो
सर 2D में कोई ऑब्जेक्ट को देखते हैं और
एंगल एंगल जो बनता है उसको हम प्लेन एंगल
बोलते हैं। सो इट मींस प्लेन एंगल इज़ देखो
इस भैया ने देखा यहां से यहां तो ये बन गई
होगी आर्क। तो थीटा = आर्क / रेडियस। दिस
इज़ अ प्लेन एंगल। और सॉलिड एंगल क्या होता
है? देख भैया ये पहले लेक्चर का निर्भय की
पहली बैच याद कर वो पहला क्लास फ्री है।
वहां पर एक ये एग्जांपल दिया था। ये बेटा
गोलू भैया गुड़िया को देख रहा है। एक पूरा
सर्कुलर पार्ट सर्कुलर नहीं स्फेरिकल
पार्ट का एक हिस्सा बन रहा है। और ये 3D
में बन रहा है। 3D में बन रहा है। तो 3D
के लिए हम लिखते थे मेरे दोस्त ऐसा कुछ
ध्यान से सुनना कि ये ओमेगा से रिप्रेजेंट
किया जाता है। और जो एरिया एरिया बन रहा
है यहां पर वो एरिया डिवाइड बाय रेडियस का
स्क्वायर। ऐसा फार्मूला होता था। इन दोनों
के आपको याद हो तो डायमेंशन नहीं होते थे।
मैंने बताया था आपको कि यहां पर डायमेंशन
m0 l 0 t की पावर ज़ीरो यहां पर डायमेंशन
m0 l0 t की पावर 0 हां लेकिन यूनिट है एक
का यूनिट रेडियन है दूसरा का यूनिट स्ट्री
रेडियन है तो यही बात है कि सर अरे इधर
इधर इधर इधर इधर इधर हां डायमेंशनलेस
क्वांटिटी है जी हां डायमेंशनलेस
क्वांटिटी है डायमेंशन क्वांटिटीज़ कैन नॉट
हैव अ यूनिट भाई यूनिट है इसका ये जिंदा
है शादी नहीं हुई तो क्या हुआ लड़का है
लड़की है ठीक है तो इनका यूनिट होता है तुम
कहां भाई इसको इसको जनरलाइज़ कर रहे हो।
सबके लिए ये बात वैलिड नहीं है। इसको
इच्छा है शादी करने की वैसी बात है। तो
यहां पर असरेशन इज़ ट्रू बट रीज़न इज़ फॉल्स।
तो सी ऑप्शन करेक्ट हो जाएगा। समझ पा रहे
हो ना? देखो ऐसे टाइप के क्वेश्चन में
पेशेंस चाहिए। जल्दबाजी में करने जाओगे
गलत कर दोगे मेरे दोस्त। तो थोड़ा पेशेंस
से ऐसे क्वेश्चन को डील करना है। 16 नंबर
मिल रहे हैं तो 16 नंबर के लिए तो पेशेंस
रखना चाहिए बेटा। लास्ट क्वेश्चन मतलब
सेक्शन ए का लास्ट क्वेश्चन। अ पर्सन
स्टैंडिंग ऑन अ रोटेटिंग प्लेटफार्म सडनली
स्ट्रेच। मतलब पहले दोनों हाथ को ऐसे रखा
हुआ था। प्लेटफार्म पर खड़ा हुआ था। अब
ऐसे हाथ को स्ट्रेच कर रहा है। द
प्लेटफार्म इज स्लो डाउन। प्लेटफार्म है
बेटा स्लो डाउन हो जाएगा। प्लेटफार्म है।
मतलब पहले ऐसे हाथ थे। अब जैसे ही हाथ
खोलेगा प्लेटफार्म ऐसे रोटेट कर रहा था ना
रोटेटिंग प्लेटफार्म पे। तो अब वो रोटेशन
की स्पीड है वो एंगुलर स्पीड है वो कम हो
जाएगी। द रीज़न बिहाइंड इज़ द पर्सन इज़
स्ट्रेचिंग हिज़ आर्म्स इंक्रीज़ द मोमेंट
ऑफ़ इनर्शिया। मोमेंट ऑफ इनर्शिया है वो
बेटा इनक्रीस कर रही है एंड डिक्रीज द
एंगुलर वेलोसिटी। अब ये क्या माजरा है
बेटा? तो रोटेशनल चैप्टर से कंजर्वेशन ऑफ
एंगुलर मोमेंटम में ये बात पढ़ाई थी कि जब
कभी भी ऐसे रोटेशन हो रहा है। ध्यान से
देखना। पहला केस रोटेशन हो रहा है। दोनों
पास-पास में थे। तो अच्छी खासी ओमेगा थी।
फास्ट थी। ठीक है? फास्ट रोटेशन हो रहा
था। फास्ट रोटेशन हो रहा था। ये हमारे लिए
पहला केस है। हमारे लिए पहला केस है। अब
जैसे ही उसने हाथ खोल दिया। क्या यहां से
मोमेंट ऑफ इनर्शिया बढ़ा? देख ये एक्सिस के
अबाउट घूम रहा है ना बेटे। यह एक्सिस के
अबाउट। यहां पर r बढ़ा। r बढ़ा, तो मोमेंट
ऑफ इनर्शिया
mr² यह भी बढ़ी। मोमेंट ऑफ इनर्शिया बढ़ी,
तो हम ऐसा लिखते थे एंगुलर मोमेंटम L1 =
L2 I1 (omeg1) = I2 ओमेगा। I2 ओमेगा। ठीक
है? तो सुन मेरे दोस्त ये पहला वाला केस
ये दूसरा वाला केस ये R2 ये R1 तो यहां
केस में मोमेंट ऑफ इनर्शिया बेटा क्या हो
रही है? मोमेंट ऑफ इनर्शिया है वो बढ़ रही
है तो omeg2 को घटना होगा। omeg2 को घटना
होगा। तो स्लोअर बात सही है। अब ये कब
होता था? तो उसके लिए ये भी कंडीशन दी थी
कि जब कोई एक्सटर्नल टॉर्क एक्ट नहीं कर
रहा है। देखिए एक बार इसने रोटेशन शुरू कर
दिया। अब दूसरा कोई फोर्स यहां पर नहीं लग
रहा है। दूसरा कोई टॉर्क नहीं लग रहा है।
तब हम ये केस को वैरिएड कर सकते थे। तब
एंगुलर मोमेंटम कंजर्व्ड कर सकते थे। तो
वहां की बात है। एंगुलर मोमेंटम इज़
कंजर्व्ड। तो बताया कि हां ये बात सही है।
एंगुलर मोमेंटम कंजर्व्ड है यहां पर
मोमेंट ऑफ इनर्शिया इंक्रीज हुई। दैट्स
व्हाई प्लेटफार्म है वो। प्लेटफार्म की
एंगुलर वेलोसिटी वो कम हुई। तो ऑप्शन नंबर
ए बोथ एक्सलरेशन एंड रीज़न आर ट्रू। रीज़न
इज़ करेक्ट एक्सप्लेनेशन ऑफ़ दिस स्टेटमेंट।
चमका बेटा 16 क्वेश्चन में से अब आपसे
कितने क्वेश्चन बने हैं? वो एक बार कमेंट
सेक्शन में बताइए। तो अब बेटा सेक्शन बी
की ओर आगे बढ़ते हैं। पहला क्वेश्चन हमारे
सामने आ रहा है। द डिस्प्लेसमेंट ऑफ अ
प्रोग्रेसिव वेव। पहली लाइन सुन के ऐसा लग
रहा है कि आखिरी चैप्टर वेव से हुआ आया
हुआ क्वेश्चन है। रिप्रेजेंटेशन
रिप्रेजेंटेड बाय y = a sin omega - kx
वेट बाय वेट वेट वेट वेट वेट वेट बेटा।
यहां पर इक्वेशन दे रखी है और बताया है कि
x इज़ अ डिस्प्लेसमेंट एंड t इज अ टाइम।
और क्वेश्चन में ये पूछा है लास्ट में कि
डायमेंशनल फार्मूला बताइए इस ओमेगा का और
k का। ले बेटा ये डायमेंशनल फार्मूला।
चैप्टर नंबर वन यूनिट एंड मेजरमेंट का
क्वेश्चन है। ये आखिरी चैप्टर का क्वेश्चन
नहीं है। देख इन्होंने डायमेंशनल फार्मूला
पूछा है। और हमें इस चैप्टर में पढ़ी हुई
बातें हैं कि sin, cos, tan या लॉगरिदम या
एक्सप्पोनेंशियल फंक्शन होते हैं। उनके
ब्रैकेट में जो भी चीज होती है वो
डायमेंशनल लेस होती है। क्या होती है?
डायमेंशनल लेस होती है। इसका मतलब कि
omegat - kx है वो डायमेंशनल लेस होगी।
omegat - kx डायमेंशनल लेस क्वांटिटी
होगी। क्या होगा इसका? कोई भी डायमेंशन
नहीं होगा। ये डायमेंशनल लेस क्वांटिटी
होगी। यानी कि m0 l0 t की पावर ज़ीरो ऐसा
होगा फार्मूला इनका। तो मेरे दोस्त अगर इन
दोनों का कंबाइंड डायमेंशन लेस फार्मूला
हमें मिलेगा। तो इंडिविजुअली भी ये दोनों
डायमेंशनल लेस ही होंगे। तो इसका मतलब ये
है कि omegat
डायमेंशनल लेस होगी। m0 l0 t की पावर 0 और
सेम एज इट इज़ ही ये kx है वो भी डायमेंशनल
लेस बनेगा। m0 l0 t की पावर 0 ले मेरे
दोस्त
और सुन भाई सुन t का तो डायमेंशन है। इट्स
अ t1 टाइम है। तो यहां पर ओमेगा का
डायमेंशन हम ऐसे लिख पाएंगे। देखना है
omeg ब्रैकेट में लिख दो। यहां पर t1 ये आ
जाएगा m0 l0 t ^ 0 आपने ओमेगा का
डायमेंशनल निकाला और जो हमें मिल रहा है
t^ -1 सुन सुन सेम बात यहां पर भी हमें
पता है कि x का डायमेंशन तो कुछ होता है x
का डायमेंशन होता है l1 उस तरफ जाएगा क्या
बन जाएगा m0 l t पावर 0 उस तरफ जाएगा बेटा
ये बन जाएगा k
l - 1 बाकी सब जीरो यहां पर l - 1
डायमेंशनल फॉर्मूला निकल के आ गया तो एक
छोटी सी इनफार्मेशन पता होनी चाहिए थी
क्या कि साइन या sin, cos, tan कोई भी हो
सकता है या लॉगिथम भी हो सकता है। इनके
ब्रैकेट में जो भी चीज़ होती है, वह
डायमेंशनल लेस होती है। डायमेंशनलेस यानी
कि m0, l0, t की ^ ज़ीरो। ले बेटा वहां से
ओमेगा और K की K का डायमेंशन निकल गया।
करेक्ट? ठीक है? बढ़िया देख। देख देख आगे
का क्वेश्चन। दो नंबर तुम्हारे जेब में आ
चुके हैं बेटा। सेक्शन बी 10 मार्क्स का
है। हर एक क्वेश्चन के दो-दो नंबर है।
दूसरा क्वेश्चन इसी में। यानी कि 18वां
क्वेश्चन हमारे सामने। व्हेन द
डिस्प्लेसमेंट ऑफ अ पार्टिकल इन एसएचएम
एसएचएम सिंपल हार्मोनिक मोशन ओसिलेशन
चैप्टर से सेकंड लास्ट चैप्टर से आया हुआ
क्वेश्चन है। ओके ये बता रहे हैं द 1/4 ऑफ
द एंप्लीट्यूड कहीं बताया है कि
डिस्प्लेसमेंट है वो 1/4 है। मतलब ये मीन
पोजीशन बेटा बेटा किसी ने अगर ये चैप्टर
नहीं पढ़ा है तो स्किप कर सकते हो आगे बढ़
सकते हो। लेकिन थोड़ा फील ले लो बेटा। जब
भी पढ़ोगे तब इस क्वेश्चन को याद करोगे
तुम। यह मीन पोजीशन मीन पोजीशन से कुछ
डिस्प्लेसमेंट हुआ है। कितना
डिस्प्लेसमेंट हुआ बेटा? इन्होंने बताया
है कि पूरा का पूरा एंप्लीट्यूड अगर a है।
यहां पर एंप्लीट्यूड अगर a है तो डिस्टेंस
x = a / 4 जितना डिस्प्लेसमेंट हुआ है।
इन्होंने पूछा है व्हाट फ्रैक्शन ऑफ अ
टोटल एनर्जी इज द काइनेटिक एनर्जी? मतलब
कि काइनेटिक एनर्जी कितने फ्रैक्शन में
मतलब टोटल एनर्जी का रेश्यो?
काइनेटिक एनर्जी डिवाइड बाय टोटल एनर्जी
का रेश्यो पूछा है। अब एक एमसीक्यू आया था
वहां पर मैंने आपको याद दिलाया था कि टोटल
एनर्जी का फार्मूला क्या होता है और
काइनेटिक एनर्जी का फार्मूला क्या होता
है। मेरे दोस्त टोटल एनर्जी यानी कि 1 / 2
k² लिखवाई थी। और मैंने यहां पर लिखवाया
था 1 / 2k a² - x² याद कर याद कर याद कर
याद करो। याद कर वो जमाना। जब इसको कैसे
अच्छे से लिखेंगे वो भी बताऊंगा। अभी
लास्ट में लिखा हुआ आ जाएगा। लेकिन अभी तो
सीखो समझो। ये एक फार्मूला बताया था। उस
फ़ॉर्मूले से बेस्ड ये क्वेश्चन है।
फ्रैक्शन समझ में आना चाहिए। क्या होना
चाहिए? और उस टाइम पे याद आना चाहिए कि
काइनेटिक एनर्जी का फार्मूला क्या अप्लाई
करना है। बस 1 / 2 1 / 2 kk कैंसिल आउट
हुआ। ये k काइनेटिक एनर्जी वाला k नहीं है
बेटा। ये k एसएचएम कांस्टेंट वाला k है।
ओके? देखना बेटा a की वैल्यू a ही
लिखेंगे। a² - x² मतलब a² / 16 हो जाएगा।
a² / 16 हो जाएगा। और डिनोमिनेटर में a²
सिंपलीफाई करो। आंसर करो मजा मजा। यू विल
गेट आंसर काइनेटिक एनर्जी डिवाइड बाय टोटल
एनर्जी = 15 /16 15 / 16 कैसे विस्तार से
लिखने हैं? तो एक बार एक्सप्रेशन देना है
कि काइनेटिक एनर्जी इज़ = 1/2ka² - x² टोटल
एनर्जी की एक्सप्रेशन ये होती है। वी नीड
टू फाइंड द फ्रैक्शन ऑफ़ अ टोटल एनर्जी इन
द काइनेटिक एनर्जी इज़ द काइनेटिक एनर्जी।
मतलब वैसे फ्रैक्शन निकालने की बात पूछ
रही है। तो उस हिसाब से हम निकाल लेंगे।
चमक रहा है बेटा। टोटल एनर्जी होती है
कांस्टेंट 1/2 ka a² a यहां पर
एंप्लीट्यूड है और x की वैल्यू हमें दे
रखी थी। 19 नंबर का क्वेश्चन
100 ग्राम ऑफ वाटर इज सुपर कूल्ड टू -10°
सेल्सियस एट दिस पॉइंट ड्यू टू सम
डिस्टरबेंस मैकेनिज्म में कुछ खामी हो रही
है। जिसके कारण ये 100 ग्राम पानी जो कि
-10° पे रखा हुआ था। बेटा अमूमन वो जीरो
से 100 के बीच में होता है। लेकिन ये -10
पे रखा हुआ था। तो मैकेनिज्म की कुछ
डिस्टरबेंस की वजह से उनमें से कुछ हिस्सा
है वो फ्रीज हो जाता है और आइस बन जाता
है। तो बताओ व्हाट विल बी द फाइनल
टेंपरेचर ऑफ द रिजल्टेंट मिक्सचर एंड हाउ
मच मास वुड वी फ्रीज? कितना इसका हिस्सा
होगा वो आइस में कन्वर्ट हो गया होगा। तो
देखिए यहां पर दो प्रोसेस साइमलटेनियसली
होती है। अब तक के इक्वेशन में थर्मल
प्रॉपर्टीज में आप देखते होंगे कहीं पे
टेंपरेचर चेंज, कहीं पे स्टेट चेंज, कहीं
पे फेस चेंज। लेकिन इस क्वेश्चन में दोनों
एक साथ, दोनों एक साथ, देखा। क्या हो रहा
होगा? भाई ये वॉटर है वो चाहता होगा क्या?
वॉटर -10° सेल्सियस मैं नहीं रहना चाहता
इस टेंपरेचर पे। मैं जाना चाहता हूं वॉटर
एट अ 0°। भाई कम से कम 0 पे तो पहुंचा दे।
ये तो मेरी अवस्था है ही नहीं। मैं कभी
-10° पे जा ही नहीं सकता हूं। तुमने मुझे
पता नहीं कौन सी मैकेनिज्म में डाल डाल के
सुपर कूल्ड करके इतने टेंपरेचर पे ले आए
हो। मुझे कुछ एनर्जी चाहिए। मुझे अपने घर
वापस जाना है। मुझे अपने घर वापस जाना है।
कुछ इस हिसाब से वॉटर कन्वर्ट होगा
किसमें? 0° सेल्सियस में। लेकिन इसके लिए
उसको एनर्जी चाहिए। टेंपरेचर बढ़ रहा है
ना? एनर्जी चाहिए। ये एनर्जी कहां से
मिलेगी? सोच सोच सोच। इसी में इन्होंने
डिस्टरबेंस के फॉर्म में बता दिया कि
एनर्जी कहां से मिलेगी? मेरे दोस्त। ये
पहले देख क्वेश्चन को समझना। ठीक है?
कैलकुलेशन अभी आराम से हो जाएगी। समझना
क्वेश्चन को। ये एनर्जी कहां से मिलेगी
उसको? तो ये जो 0 डिग्री सेल्सियस वाली है
वही बताएगी कुछ डिस्टरबेंस की वजह से कुछ
हिस्सा इसका कुछ हिस्सा वाटर का कुछ
हिस्सा है वो बेटा आइस में कन्वर्ट हो जा
रहा है आइस में कन्वर्ट हो जा रहा है तो
क्या ये एनर्जी रिलीज करेगा देख फ्रीज हो
जा रहा है ना फ्रीज हो जा रहा है ठंडा हो
रहा है ऐसा स्टेट चेंज कर रहा है तो क्या
ये एनर्जी कन्वर्ट हो जाएगी एनर्जी है
रिलीज होगी हाई इस प्रोसेस में पूरा रिलीज
नहीं होगा ठीक है कुछ हिस्सा रिलीज होगा
क्योंकि इसको ज्यादा एनर्जी नहीं चाहिए
भाई इसको रिक्वायरमेंट हो रही है ओके
कितनी कितनी रिक्वायरमेंट है बेटा? एक बार
कैलकुलेट कर लेते हैं ms डेल्टा t से। तो
ms डेल्टा t बेटा मास 100 ग्राम है। s
इसकी वन होती है 1 कैलोरी पर ग्राम। और
डेल्टा t कितने का है? -10 से ज़ीरो।
टेंपरेचर डिफरेंस 10 10 और ये 100 तो 1000
1000 कैलोरी चाहिए। 1000 कैलोरी चाहिए। तो
इसको वाटर का कुछ हिस्सा 100 नहीं 1000
कैलोरी का थाउ जितना हिस्सा 1000 कैलोरी
को मैच कर सके उतना हिस्सा फ्रीज हो
जाएगा। ठीक है? तो यहां पर मैं लिख सकता
हूं q कितनी रिलीज हुई होगी? तो q रिलीज़
= m * l लिखते हैं। कितनी रिलीज होनी
चाहिए? 100 1000 इतनी एनर्जी चाहिए। बस
इतनी एनर्जी रिलीज़ हो जाएगी। तो हमारा काम
ये बोल रहा है हमारा काम हो जाएगा। तो
उसमें से कुछ रिलीज़ होगी। तो इसके लिए
कितना मास है वो मेल्ट हो जाएगा? कितना
मास है वो फ्रीज हो जाएगा उसकी बात है।
कितना मास से वो फ्रीज हो जाएगा? तो m * l
m * l ले बेटा। m * l परफेक्ट। m * l अब l
हमें पता है लेटेंट हीट इस क्वेश्चन में
ही दे रखी है 80 80 डिवीजन कर दीजिए बेटा।
ये आठ अह मेरे ख्याल से सिंपलीफाई करोगे।
मास ऑफ अ आइस
इट इज इक्वल टू 12.5 ग्राम के आसपास आएगा।
मतलब कि 12 ग्राम 12.5
ग्राम है वो आइस मिलेगा हमें मिक्सचर में
और बाकी 87 समथिंग समथिंग 87.5 ग्राम हमें
क्या मिलेगा? वाटर मिलेगा। ठीक है? ये
मिक्सचर की पूरी की पूरी कहानी आ जाएगी।
फाइनल आपको मिलेगा रिजल्टेंट मिक्सचर में
0° सेल्सियस। टेंपरेचर सेम होना चाहिए
इसमें। तो ये पूरे वेसल में आपको क्या
मिलेगा? 0° सेल्सियस पे आइस भी मिलेगा। 0°
सेल्सियस पे वॉटर भी मिलेगा। ओके? अब
कितना हिस्सा आइस का होगा और कितना हिस्सा
वाटर का होगा? तो आइस का हिस्सा होगा 12.5
ग्र. एंड वॉटर का हिस्सा होगा। बाकी जितना
भी बच रहा है वाटर का 87.5 समथिंग समथिंग
होगा। बड़ा शानदार क्वेश्चन था बेटा इसको
समझना। दो स्टेप में मैंने यहां पर लिख के
भी समझाया है। कैसे कैलकुलेट करना है,
कैसे लिखना है अच्छी तरीके से और प्रोसेस
पहले समझा ही दी है। अब अगेन नए क्वेश्चन
की ओर आते हैं। प्रूव द फॉलोविंग। हमें
प्रूव करने की बात बता रहे हैं। इसमें तो
हमें पहले से मार रहा था सीधा। देखो। पढ़ो
पहले प्रूव क्या करना है वो पढ़ो। एंगल्स
ऑफ प्रोजेक्शन थीटा एंड 90 - थीटा विद अ
हॉरिजॉन्टल विद सेम वेलोसिटी V रेंज इज़
सेम एंड हाइट इन द रेश्यो tan² थीटा / 1
मतलब हमें रेंज बतानी है कि अगर कोई को
थीटा से फेंका जाए और किसको थीटा माइनस 90
- थीटा से फेंका जाए विद रिस्पेक्ट टू
हॉरिजॉन्टल तो बताइए ये रेंज सेम होगी और
दूसरे केस में हाइट सेम होगी सर। तो देख
बेटा रेंज की कहानी मैं पहले ही बता देता
हूं। आपको याद है मैंने मोशन इन प्लेन
पढ़ाया हुआ है। इसी चैनल पे वन शॉट मिल
जाएगा। वहां पर इस चीज को मैंने बहुत
डिटेलिंग के साथ बताया था। एक पूरा का
पूरी टॉपिक दिया था कॉम्प्लीमेंट्री एंगल।
पहले प्रोजेक्टाइल मोशन समझाया। उसी में
सेक्शन समझाया कि ये ये समझते जाओ। टाइम
पीरियड, रेंज वगैरह सब समझते जाओ। उसी में
आया था कॉम्प्लीमेंट्री एंगल। कि जहां पर
दो एंगल के बीच का समेशन 90° हो रहा हो
ऐसे एंगल को हम कॉम्प्लीमेंट्री एंगल
कहेंगे। एग्जांपल में देखो 37 और 53। 37
कहां पर है? ये रहा 37 नहीं दे रखा है ठीक
है लेकिन 37 और 53° इन दोनों के लिए रेंज
सेम होगी फिर 30° और 60° ये पहले क्वेश्चन
की लैंग्वेज है अब क्वेश्चन क्या प्रूव
करवाना चाहता है 30° और 60° येलो-यलो वाले
देखो दोनों दोनों की रेंज सेम मिलेगी फिर
70 और 20 ये पिंकी पिंकी वाले देखो 70 और
20 इन दोनों के लिए रेंज सेम मिलेगी तो
जिनका समेशन सेम ही कंडीशन में सेम स्पीड
से फेंक रहे हैं उसको एंगल बस डिफरेंट
डिफरेंट है बाकी सेम लेवल पे ही फेंक रहे
हैं मतलब वही हॉरिजॉन्टल के साथ एंगल बना
के ही फेंक रहे हैं सेम जगह वैसे ही फेंक
रहे हैं। तो बेटा फेंकने की बात हो रही
है। खुश क्यों हो रहा है तू? तू ज्यादा
फेंक रहा है ना? नहीं नहीं तेरा दोस्त
ज्यादा फेंक रहा है। ठीक है सुन। तो θ1 +
θ2 वाली कंडीशन सेटिस्फाई होगी तो हमें
पता चलेगा कि ये कॉम्प्लीमेंट्री एंगल और
कॉम्प्लीमेंट्री एंगल के लिए रेंज हमें
मिलती है बेटा सेम। अब रेंज के लिए
इक्वेशन एक बार मैंने वहीं पे प्रूव किया
था लेकिन वापिस एक बार बता देता हूं। देख
u² sin 2 थीटा / g। तो θ1 को हम थीटा बोल
देते हैं। ठीक है? और दूसरे थीटा को 90 -
थीटा का दर्जा दिया है। 90 - थीटा ये ये
फार्मूला होता है किसके लिए? रेंज के लिए।
वही फॉर्म वापस एज़ इट इज़ लिखा है। 90 -
थीटा सिंपलीफाई करोगे वन टू अंदर जाएगा।
180 - 2 थीटा। अब भाई sin 180 - समथिंग एज़
इट इज़ ही फॉर्म आएगा। इस वजह से आपको पता
चल रहा है ये फार्मूला दोनों का सेम सेम
ही होगा। तो पहला पार्ट वहां मैंने प्रूव
भी करवा दिया था। वापस बता भी दिया। इसको
वापस एक बार देख लो अच्छे से। याद आया कि
नहीं आया? एक बार कमेंट सेक्शन में बता कि
भला तो नहीं है ना तू। अब दूसरा इसी में
क्वेश्चन है कि हाइट इन दिस रेश्यो इज़ 10²
/ 1 10² / 1 ऐसा तो हाइट का फार्मूला क्या
होता था? याद कर वो दिन जब हम लिखा करते
थे कि हाइट मैक्सिमम h इज़ मैक्सिमम
uy² ऐसा लिखा करते थे uy²
/ 2g ऐसा फ़ूला था। अब सुन भाई uy² यानी
फार्मूला क्या है? u² sin² दो कॉम्पोनेंट
होते थे ना u मतलब वर्टिकल कंपोनेंट तो
उसके लिए sin आ जाता था u² sin² थीटा बाय
2g अब दोनों के लिए लिख रहे हैं एक बार
थीटा के लिए एक बार 90 - थीटा के लिए या
90 - थीटा के लिए सुनते जा समझते जा h1 h1
= u² sin²
थीटा / 2g बोल हां कि ना h2 = u² स्क्वायर
sin² 90
- थीटा अरे बोल स्वाहा / 2g क्या इन दोनों
का रेश्यो ले सकते हैं जी ऑफ कोर्स ले
सकते हैं h1 / h2 करो क्या मिलेगा हमें सर
u² u² कटा 2g 2g कटा ऊपर बचा क्या sin²
थीटा डिनोमिनेटर में आएगा sin² 90 - थीटा
sin 90 - थीटा होता है cos थीटा तो इट इज
इक्वल टू cos² थीटा बोल स्वाहा sin²
डिवाइड बाय cos² क्या बन जाएगा tan² थीटा
डिनोमिनेटर में कुछ भी नहीं तो हमने भगवान
के नाम पे वन लिख दिया। तो यही तो प्रूव
करना था। यही तो प्रूव करना था। आया क्या?
दूसरा पार्ट बी मैंने यहां पर करवाया है।
आगे का पार्ट है वो मैंने अरे किधर चला?
हां। आगे का पार्ट ऑलरेडी मैंने करवा दिया
हुआ। मतलब वो प्रूव के फॉर्म में आपको
दिखा दिया। ये उसी वन शॉट की स्लाइड है।
ओके? सुनना। नया क्वेश्चन आ रहा है। व्हाट
मीन बाय एस्केप वेलोसिटी? क्या होती है यह
एस्केप वेलोसिटी? ऑब्टेन एन एक्सप्रेशन
फॉर अ एस्केप स्पीड एस्केप वेलोसिटी फॉर अ
ऑब्जेक्ट प्रोजेक्टेड फ्रॉम द सरफेस ऑफ़ अ
अर्थ। अर्थ की धरती से। मतलब इस धरती से
हमने फेंके हुए किसी ऑब्जेक्ट को इतनी
मिनिमम स्पीड से फेंका जाए कि कभी वो वापस
लौट कर यहां पर ना आए। इसी को तो बोलते
हैं एस्केप स्पीड। फुल डेफिनेशन के साथ
वहां पर समझाया था। गोलू भाई के एग्जांपल
से समझाया था कि एस्केप स्पीड इज द मिनिमम
स्पीड रिक्वायर्ड बाय अ बॉडी टू
प्रोजेक्टेड विथ अ वि टू ओवरकम द
ग्रेविटेशनल क्योंकि तुम्हें फेंकना है
इतनी तेजी से या बस उसी इसी हिसाब से
फेंकना है कि वो ग्रेविटेशनल फील्ड को
तोड़ के चला जाए क्योंकि वापस हमें धरती
पे नहीं आने देना है। तुमने फेंका यहां तक
पहुंचा ग्रेविटी ने वापस खींच लिया अपनी
ओर। ऐसा नहीं करने देना है। ग्रेविटेशनल
ज़ोन से बाहर फेंक देना है उसको। तो
ग्रेविटेशनल पुल से बाहर ओवरकम करके बाहर
चला जाए। इतनी स्पीड से इतनी मिनिमम स्पीड
से फेंकना है। और मिनिमम स्पीड से फेंकना
है तो वो जाएगा इनफाइनाइट तक। हम मानेंगे
बहुत दूर चला गया इनफाइनाइट पर चला गया और
वहां पहुंचते-पहुंचते उसकी वेलोसिटी हो गई
जीरो। तो फाइनली वो वेलोसिटी लिख ही लेंगे
वो वेलोसिटी लिख लेंगे ज़ीरो। तो काइनेटिक
एनर्जी भी इनफाइनाइट पे हुई जीरो और
इनफाइनाइट पे पोटेंशियल तो हम जीरो मान के
ही चलते हैं। तो इनिशियल में इसके पास ये
काइनेटिक एनर्जी है और अर्थ की सरफेस से
फेंक रहे हैं तो अर्थ की वजह से उस
मैकेनिज्म उस सिस्टम की वजह से कुछ
पोटेंशियल एनर्जी भी होगी। तो बेटा देख एक
भाई एक बार गोलू भाई ने फेंक दिया। सो
फेंक दिया। ठीक है? किसी वेलोसिटी के साथ।
उसके बाद हम यहां पर कोई भी एक्सटर्नल
फोर्स काउंट ही नहीं कर रहे और ना ही हो
लग रहे हैं। ठीक है? क्या एक फोर्स जो लग
रहा है एक पोटेंशियल जो ग्रेविटेशनल फोर्स
उसको तो पोटेंशियल जी में हमने काउंट किया
है। ठीक है? अब ये फ्री स्पेस में चला जा
रहा है। तो सारी दूसरे ग्रह की जो भी
ग्रेविटेशनल फील्ड होगी उसको नेगलेक्ट
करके जब रिजल्ट की ओर जाते हैं तो हमें
पता चलता है कि इसमें कंजर्वेशन ऑफ
मैकेनिकल एनर्जी हम यूज़ कर सकते हैं। ठीक
है? तो ki ui = kf k इनफाइनाइट k फाइनल u
इनफाइनाइट। ये coएमई यूज़ किया है। कुछ
कंडीशन के साथ यहां पर हालांकि हमने यूज़
किया है। लेकिन एनसीईआरटी के हिसाब से यही
सॉल्यूशन, यही मेथड दे रखी है। तो ki = 1
/ 2m v मिनिमम का स्क्वायर मिनिमम
वेलोसिटी से फेंक रहे हैं तभी इनफाइनाइट
तक जीरो जीरो वेलोसिटी और जीरो काइनेटिक
एनर्जी मिल रही है। पोटेंशियल एनर्जी
ज़ीरो। लिखने का तरीका ये था पोटेंशियल g
इनिशियल में। GME mड / दोनों के बीच का
डिस्टेंस आर। सरफेस से फैकल आईए इसलिए re.
सिंपलीफाई किया हमें वो मिनिमम स्पीड
मिली। अंडर रूट में 2g
/ re आपको पता चल रहा है कि भाई जिस बॉल
को जिस बॉल को मैंने फेंका था उस बॉल के
मास पे इस एस्केप वेलोसिटी की डिपेंडेंसी
नहीं है। मतलब कि गोलू भाई को फेंको गोलू
भाई की ये बॉल को फेंको कोई फर्क नहीं
पड़ता। एस्केप वेलोसिटी सेम आएगी और अर्थ
की सरफेस से किसी को फेंकना है बेटा। तो
11.2
11.2
इसकी वैल्यू आती है 11.2 कैसे आती है?
क्योंकि देख बेटा टू का टू g = 6.67 * 10
टू -1 मास ऑफ़ अर्थ लिखेंगे। रेडियस ऑफ़
अर्थ 6400 कि.मी. होती है उसको मीटर में
कन्वर्ट करके लिखेंगे बेटा जी। तो हमें
वैल्यू मिलती है 11.2 कि.मी. पर सेकंड।
मतलब कि बेटा तुम किसी को भी। किसी को भी
जो तुम्हें नहीं पसंद उन किसी को भी अपने
पड़ोसी को, अपने एक्स को किसी को भी बेटा
11.2 कि.मी. पर सेकंड से फेंक दोगे वो कभी
तुम्हारे अट्रैक्शन ज़ोन में तो छोड़ो बेटा।
अर्थ के अट्रैक्शन ज़ोन में भी कभी नहीं
आएगा। बहुत दूर चला जाएगा। ठीक है? लेकिन
स्पीड कितनी देनी पड़ेगी? 11.2 कि.मी. पर
सेकंड। हां। मीटर नहीं किलोमीटर पर सेकंड
है। ओके? कहानी थी ये एस्केप स्पीड की।
पढ़ाई हुई बात है ग्रेविटेशनल से। तो ये
पांच क्वेश्चन सेक्शन B के। ओके? अब देखिए
ये कुछ-कुछ क्वेश्चन है। ऐसे ही
एग्जामिनेशन में आपकी स्कूल चाहे आप किसी
भी स्कूल से हो लेकिन इस टाइप के
क्वेश्चंस आपको आएंगे। इसी पैटर्न में
आएंगे। पांच क्वेश्चन कोई ऑब्लिक में भी
क्वेश्चन आ सकता है। ठीक है? तो मैंने
पांच क्वेश्चन सीक्वेंस से समझाई। अब आ
सकता है अब इसके बाद आएगा सेक्शन सी
जिसमें सात क्वेश्चन होंगे और सात
क्वेश्चन तीन-तीन तीन-तीन तीन नंबर के
होने वाले हैं। तो पहला क्वेश्चन आ रहा है
रोटेशनल मोशन से। अ स्फीयर ऑफ़ अ रेडियस आर
रोल्स विदाउट अ स्लीपिंग ऑन अ हॉरिजॉन्टल
रोड। ए बी सी डी आर द चार फोर पॉइंट्स ऑन
द वर्टिकल लाइन थ्रू द पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट
A पॉइंट ऑफ कांटेक्ट यहां पर A है और ये A
B C D ऐसे A B C D ऐसे पॉइंट है। ओके।
व्हाट आर द ट्रांसलेशनल वेलोसिटी
ऑफ पार्टिकल ऑफ पार्टिकल एट अ पॉइंट A B
CD इस मतलब ये ये पूरा जो है ना वो रोल भी
कर रहा है आगे भी बढ़ रहा है और रोल भी कर
रहा है ठीक है तो पर्टिकुलर सेक्शन के लिए
इसकी वेलोसिटी कितनी होगी सेंटर ऑफ़ मास की
वेलोसिटी यहां पर vcm दे रखी है इन सारे
पॉइंट्स की वेलोसिटी कितनी होगी वो हमें
क्वेश्चन में बताना है ठीक है इतनी बात
समझ पाए हो आप इतनी बात समझ पाए हो एक
प्योर रोलिंग इन्होंने बताया है कि ये
स्फीयर क्या कर है रोल्स विदाउट स्लीपिंग।
तो इसको बोलते हैं प्योर रोलिंग। इसको
बोलते हैं प्योर रोलिंग। आपको पता है
प्योर रोलिंग के लिए मैंने कभी ना कभी एक
कंडीशन बताई हुई है। सिखाई हुई है। कहीं
ना कहीं मतलब क्या? रोटेशनल मोशन के वन
शॉट में ये चीजें बताई हुई थी। क्या? कि
अगर प्योर रोलिंग का केस है बेटा, तो ये
जितनी स्पीड से फेंक रहा है ना, मतलब ये
देख। ये V ये V आगे की डायरेक्शन में भी
होगी ऐसी। हर पॉइंट पे जितनी सेंटर ऑफ़ मास
की वेलोसिटी होती है ना। जितनी सेंटर ऑफ
मास की वेलोसिटी होती है, उतनी ही स्पीड
से ये सब जाते हैं। उतनी ही स्पीड से ये
सब आगे बढ़ते हैं। उतनी ही स्पीड से ये सब
आगे बढ़ते हैं। ए बी सी डी ओ सब इतनी ही
स्पीड से आगे बढ़ते हैं। और ये साथ-साथ
रोल भी करता है। साथ-साथ ये रोल भी कर रहा
है। मैंने बताई हुई बात है कि बेटा ये अगर
ओमेगा से ऐसे रोल कर रहा है तो हर एक की
स्पीड जैसे कि omeg * r पीछे की डायरेक्शन
में। यहां पर फिर ऐसे omeg * r ऐसे क्रॉस
करो। omeg * r ऐसे पीछे की डायरेक्शन में।
फिर ऐसे यहां पर इस पॉइंट पे चाहिए आपको
omeg * r r डिस्टेंस पे ओमेगा * r
वेलोसिटी हो जाती है। r डिस्टेंस पे ओमेगा
* r हो जाती है। मतलब कहने का तात्पर्य बस
इतना है ओमेगा से घूम रही है तो r
डिस्टेंस पे ओमेगा * r अगर r / 2 डिस्टेंस
हो तो omeg * r / 2 इतनी वेलोसिटी हो जाती
है। तो प्योर रोलिंग के लिए मैंने कंडीशन
बताई थी कि आपको a पॉइंट पे जरा फोकस करो।
एक ट्रांसलेशन मोशन की वजह से v स्पीड आ
रही है। पॉइंट एक पे फोकस करो। ट्रांसलेशन
पॉइंट पे ट्रांसलेशन मोशन की वजह से V
राइटवर्ड साइड आ रही है और पीछे की
डायरेक्शन में ओमेगा आ रही है। और प्योर
रोलिंग की कंडीशन ये होती है कि ये है ना
विद रिस्पेक्ट टू ग्राउंड रेस्ट पे रहता
है। विद रिस्पेक्ट टू ग्राउंड ये रेस्ट पे
रहता है। रेस्ट पे रहता है इसका मतलब ये
होता है प्योर रोलिंग की एक कंडी कंडीशन
है बेटा देखना। रेस्ट पे रहता है इसका
मतलब ये कि v इक्वल टू होगा omeg * r ले
बेटा एक पहली कंडीशन मिल गई। तो पहली
कंडीशन मिल गई। मतलब कि नेट वेलोसिटी एट अ
स्पीड a क्या होनी चाहिए? ज़ीरो होनी
चाहिए। ज़ीरो होनी चाहिए। नेट स्पीड इसकी
ज़ीरो होनी चाहिए। खैर, अब वापस बैक टू द
बेसिक हम सारे पॉइंट पे आते थे। इस चीज़ को
वापस रिया याद दिला देता हूं। देख बेटा
उसी वन शॉट में मैंने समझाया था प्योर
रोलिंग वाला केस कि ट्रांसलेशन मोशन से हम
समझ रहे हैं कि हर पॉइंट की वेलोसिटी
कितनी? अगर सेंटर ऑफ़ मास V स्पीड से आगे
जा रहा है। तो हर एक की हर एक पॉइंट की
स्पीड VV v होगी। ये ट्रांसलेशन मोशन का
एग्जांपल। साथ-साथ वो ओमेगा से ऐसे रोल भी
कर रहा है, रोटेट भी करता है बेटा। तो
ओमेगा * R जैसे डायरेक्शन कैसे निकालेंगे?
R डिस्टेंस पे (omeg) * R वेलोसिटी होगी
वो पता चल गया लेकिन डायरेक्शन कैसे
निकालेंगे? तो अपने राइट हैंड को उठाओ
बेटा। गंदे काम के लिए बहुत यूज़ कर लिया।
अब अब सही काम के लिए यूज़ करो। ओमेगा * R
कर्ल किया पीछे की डायरेक्शन में। यहां पर
देखो omeg * R कर्ल ऊपर की डायरेक्शन में।
यहां पर देखो ओमेगा * R कर्ल आगे की
डायरेक्शन में। यहां पर देखो नीचे की
डायरेक्शन में। ठीक है? अब इन दोनों को
कंबाइन कर दो। क्योंकि ये मोशन है प्योर
रोलिंग। प्योर रोलिंग इज़ कंबाइंड
ट्रांसलेशन प्लस रोटेशनल मोशन। दैट्स
व्हाई यू विल फाउंड इट्स अ कंबाइंड
ट्रांसलेशन प्लस रोटेशन मोशन में दोनों को
ऐड कर दिया। ऐड किया तो d पॉइंट की ओमेगा
* r + v ओके यहां पर कुछ परपेंडिकुलर
डायरेक्शन में दोनों हो रही है और इस वाले
में दोनों की एक दूसरे से कट पिट जाएगी।
अब सुनो ये तो मैंने पढ़ाई हुई बात है।
हमें क्वेश्चन ये पूछा है क्या? जरा भी
नहीं सर। हमें ये क्वेश्चन नहीं पूछा। ये
तो मैंने टॉपिक याद दिला दिया कि प्योर
रोलिंग में ऐसा होता है। तो मैंने टॉपिक
याद दिलाया है। क्वेश्चन हमें ये नहीं
पूछा है। क्वेश्चन में तो हमें ये ये
पॉइंट्स दे रखे हैं। ये पॉइंट्स दे रखे
हैं। जिसमें से A हमें पता चल गया है कि A
की नेट स्पीड हो जाएगी ज़ीरो। ये पता चल
गया है। हमें B निकालना है, C निकालना है
और D निकालना है। ओके? तो बेटा देख हर एक
की स्पीड V तो हमें पहले से पता है। हर एक
की स्पीड V तो हमें पहले से पता है। मैं
बात कर रहा हूं B पॉइंट की। तो बेटा ये
डिस्टेंस कितना है? r / 2 ओमेगा से ये घूम
रहा है। हां जी ओमेगा से ये घूम रहा है।
देखना बेटा सुंदर अक्षरों से लिखता हूं
बेटा। सुंदर अक्षरों से। तो ये omeg * r
से घूम रहा है। तो b पीछे की डायरेक्शन
में आएगी ओमेगा r / 2 omegr / 2 क्यों
omegr / 2 लिखा भाई? क्योंकि ये r / 2
डिस्टेंस पे है। ऐसे ही कर्ल करो बेटा। तो
c पॉइंट पे आगे की डायरेक्शन में आ जाएगी।
कितनी है ये? r / 2 डिस्टेंस है। सेंटर से
r / 2 डिस्टेंस है ये। तो दैट्स व्हाई
ओमेगा r / 2 ओके सर समझ गई ये बात समझ गए
बात d पॉइंट पे वेलोसिटी लिखनी होगी तो d
पॉइंट तो पहले ही हमने हालांकि लिख दिया
है omegr हो जाएगी यहां पर omegr हो जाएगी
ऐसे ओके अब देख मैं ट्रांसलेशन वाली स्पीड
ऐड कर रहा हूं ट्रांसलेशन स्पीड ऐड कर रहा
हूं तो हर जो हर पॉइंट पे यहां पर v ये v
काट दिया इसी वजह से हमें मिला है यहां पर
va0 इसी वजह से va0 मिला है। फिर देखना
बेटा b पॉइंट की बात कर रहा हूं। v आगे की
डायरेक्शन में omegr पीछे की डायरेक्शन
में। तो b की बात कर रहा हूं। देख v आगे
की डायरेक्शन में omegr पीछे की डायरेक्शन
में। V आगे की डायरेक्शन में, omegr पीछे
की डायरेक्शन में। तो V आगे की डायरेक्शन
में, omegr पीछे की डायरेक्शन में, omegr
/ 2 पीछे की डायरेक्शन में। तो आपको पता
है v = omegr पहले इसीलिए प्योर रोलिंग की
कंडीशन तो मैं बता के आया हूं। ये तो पहले
की बता के आया हूं कि v = omegr / 2 तो
omegr को ऐसे v / 2 लिख लेंगे। दैट्स
व्हाई यू विल फाउंड इट्स अ v / 2 तो ये
हमें मिल रही है vcm / 2 किसके लिए? vb के
लिए। c पॉइंट की बात कर रहे हैं बेटा। सुन
बेटा ये c आगे की डायरेक्शन में omegr / 2
और ये v तो v / vr / 2 ऐसा हो जाएगा v + v
/ 2 दैट्स व्हाई 3/ 2 vcm और यहां पर इसी
डायरेक्शन में वापस v भी है प्लस करके v
तो v भी 2 ही हो जाएगा। अच्छा क्वेश्चन था
बेटा। अच्छा क्वेश्चन था। यहां पर हर एक
पॉइंट के आप मार्क्स देख सकते हो। इस
हिसाब से डिस्ट्रीब्यूशन किया जाएगा और
टोटल आपको तीन नंबर मिलेंगे। भले ही दो
नंबर यहां पर तीन नंबर की बात हो रही है।
प्योर रोलिंग की बात है बेटा। बेटा प्योर
रूलिंग एक्सप्लेन भी करना है और उसमें ये
छोटे-छोटे पॉइंट्स भी आपको लिख के बताने
हैं। ठीक है? समझ में आया? प्योर रूलिंग
का एक बड़ा सा अच्छा सा सुंदर सा क्वेश्चन
था। अगेन आ रहे हैं वापस। थर्मोडायनेमिक
सिस्टम इज़ टेकन फ्रॉम एन ओरिजिनल स्टेट D
टू एन इंटरमीडिएट स्टेट E बाय द लीनियर
प्रोसेस शोन इन फिगर। इट्स वॉल्यूम इज देन
रिड्यूस टू ओरिजिनल वॉल्यूम फ्रॉम E टू F
बाय आइसोबारिक प्रोसेस। मतलब समझना है
बेटा हो क्या रहा है? क्या प्रोसेस है
पहले तो कि वॉल्यूम देन रिड्यूस
वगैरह-वगैरह करके दे रखा है D टू E मतलब
प्रोसेस ऐसी है कि ये ये चला D से E
चला D से E फिर आया बेटा E से F ऐसे चल
रहा है। ठीक है? पहले डी से डी से ई फिर
आया ई से एफ ओके सर ओरिजिनल वैल्यू फ्रॉम
द EF बाय एन आइसोबिक प्रोसेस ओके सर
आइसोबारिक यहां पर प्रेशर कांस्टेंट है
इसलिए आइसोबिक प्रोसेस कैलकुलेट द टोटल
वर्क डन बाय द गैस फ्रॉम D टू E
टू F मतलब इस पूरी प्रोसेस पे कितना वर्क
डन हुआ होगा तो सुन मेरे दोस्त पहले अगर
ऊपर वाली प्रोसेस की सिर्फ बात करोगे आप
ऊपर वाली प्रोसेस की बात करोगे तो उसमें
इतना वर्क डन है।
उसमें इतना वर्क डन है। हां यार तो ये कुछ
पूरा वर्क डन मिलेगा। और नीचे वाली
प्रोसेस की बात करोगे तो उसमें इतना वर्क
डन होगा जो नेगेटिव में लिखा जाएगा। तो इन
श्योर ये नीचे वाला हिस्सा तो कट पिट
जाएगा। आपको जो एक्चुअल में मिलेगा वर्क
डन वो यही मिलेगा। वो इसी साइकिल का
हिस्सा मिलेगा। तो जो टोटल वर्क डन मिलेगा
बेटा वो इस साइकिल का हिस्सा होगा। किसका
हिस्सा होगा? ये साइकिल का हिस्सा होगा।
तो नेट वर्क डन नेट वर्क डन इज इक्वल टू
हाफ ये बेस बेस कितना है बेटा? ध्यान से
देखते जा। ये पांच और मतलब इसको बहुत
अच्छी तरीके से सुंदर अक्षरों से लिखना
है। पांच और दो तो 5 - 2 ओके 5 - 2 मीटर
और ये ये विड्थ कितनी है? सर ये 300 600
इन दोनों के बीच का डिस्टेंस तो 300 600
में से 300 निकाला। ले बेटा ले। ले ये
तुम्हारे लिए आंसर मिल जाएगा नेटवर्क डन।
कैसे निकालेंगे और 600 - 300 ये बन जाएगा
300 और पांच में से दो निकाला ये बना तीन
तो 1/2 150 150 सिंपलीफाई करोगे तो 150
और ये तीन 450
जूल अब जो चीजें मैंने यहां पर पहले ओरली
बताई है उस चीज को अच्छे से एक्सप्लेन
करना है और फिर जा के ये प्रोसेस को
अप्लाई करना है कैसे वर्क डन हमें मिलेगा।
ठीक है? जो चीजें पहले बता रखी हैं मैंने
उसको सिंपलीफाई करना है। लिखना है शब्दों
में और फिर जाके इसको सॉल्व करना है। ठीक
है? 22 नंबर मतलब 22 वां क्वेश्चन। अब 22
था या 23 था? 23 था। ठीक है? 24 नंबर का
क्वेश्चन आ रहा है। डिराइव द रिलेशन फॉर द
मैक्सिमम वेलोसिटी विथ व्हिच अ कार कैन
सेफली नेगोशिएट अ सर्कुलर टर्न ऑफ अ
रेडियस r ऑन द रोड बैंग्ड एट अ एंगल थीटा।
यह किसका केस है भाई? ये बता रहे हैं कि
उस एंगल की अगर रोड जैसे नहीं बाइस का केस
करते थे हम। याद आया वो याद आया? अरे भूला
जहां पर हम साइकिल को ऐसे बेंड करते थे।
बेंडिंग ऑफ बाइस करके टॉपिक पढ़ते थे और
वहां पर आपको याद हो तो मैंने बुलेट से वो
कांसेप्ट समझाया था कि साइकिल को हम बेंड
कर सकते हैं। लेकिन कार को कैसे बेंड
करेंगे? तो कार को तेजी से टर्न करवाने के
लिए हम इंजीनियर ऐसे पहले से ही रोड को
कर्व ड्रॉ करते हैं। रोड को बैंक करते
हैं। ठीक है? इसलिए रोड को थीटा एंगल पे
बैंक किया गया है। तब मैक्सिमम कितनी
अच्छी खासी स्पीड से हम कार को टर्न करवा
सकते हैं? तो वो पूछा गया है। वो मैक्सिमम
वेलोसिटी का फार्मूला पूछा गया है। यहां
पर बताया गया है कि एंगल बिटवीन कार
टायर्स एंड द रोड फ्रिक्शन कोफिशिएंट इज़
μ। ओके? और दूसरा भी क्वेश्चन है इसी में
कि क्रिकेटर मतलब ऑब्लिक में है ये कि ये
करो या तो ये करो। ऐसे क्वेश्चंस आपको
मिलेंगे पेपर में भी। तो जो आपको सही लगे
उस हिसाब से आगे बढ़ना है। यहां पर मैं एक
सीक्वेंस से चल रहा हूं। इसलिए दोनों में
समझाऊंगा साथ-साथ ही। तो पहले की बात करते
हैं 24 नंबर की।
भूला तो नहीं इसको। कहां पर पढ़ाई हुई
बातें? लॉज़ ऑफ मोशन में आखिरी-आखिरी के जो
टॉपिक थे वहां पर आया हुआ क्वेश्चन है।
केस नंबर टू था ये। मैंने इसमें तीन
क्वेश्चन, तीन केस समझाए। विदाउट
फ्रिक्शन, विद फ्रिक्शन, मैक्सिमम स्पीड,
विद फ्रिक्शन, मिनिमम स्पीड। तो, वहां पर
रोड को बैंक किया। फिर यहां पर सारे
फोर्सेस को एनालाइज किया। ये फोर्स mg
नीचे की डायरेक्शन में फ्रिक्शन फोर्स
नीचे की डायरेक्शन में ऐसे एंगल पे और
क्योंकि ये कार मैक्सिमम स्पीड से जाना
चाहती है मैक्सिमम से जाएगी तो ऊपर स्किड
कर जाएगी तो उसको रोकने के लिए फ्रिक्शन
नीचे लगेगा ओके और नॉर्मल फोर्स ऐसे सेट
करके परपेंडिकुलर निकल रहा है। अब इसको
एफबीडी से ड्रॉ करोगे कुछ इक्वेशंस
मिलेगी। इक्वेशन जैसे ही मिलेगी आपको पता
चलेगा कोई सेंट्रिपेटल फोर्स का रोल प्ले
कर रहा है और सिंपलीफाई करने के बाद आपको
कुछ ऐसा फार्मूला मिलता है मैक्सिमम स्पीड
के लिए। RG अंडर रूट में ही है सारी की
सारी बातें। tan थीटा - मμ डिनोमिनेटर में
1 - ्यूटा याद कर बेटा ये पूरा डेरिवेशन
करना है आपको। हालांकि इसमें आपको लग रहा
है कि सर कंफ्यूजिंग है तो एक बार वो
लास्ट पार्ट इसको डिटेल में देखना।
डेरिवेशन ये प्योर डेरिवेशन और वहां पर
मैंने बताया था कि ये आईएमपी क्वेश्चन है
बेटा। लास्ट के टॉपिक ऐसा लग रहा है कि सर
छोड़ दो, छोड़ दो, छोड़ दो। लेकिन वो
आईएमपी रहती है क्योंकि उसमें सारे चैप्टर
का सार छुपा हुआ होता है। यहां पर एफबीडी,
फ्रिक्शन, नॉर्मल फोर्स सारी चीजें यहां
पर आपको मिलेगी। ठीक है मेरे दोस्त? तो ये
कहानी किसकी थी? बैक्ड रोड वाले डेरिवेशन
की थी। दूसरा क्वेश्चन इसी में है कि गिव
अ रीज़। ये सस्ता क्वेश्चन है। ऊपर वाला
डेरिवेशन नीचे वाला कॉनसेप्चुअल क्वेश्चन।
कॉनंसेप्चुअल इट मींस कि थ्योरिटिकल
क्वेश्चन। कि क्रिकेटर मूव्स हिज हैंड
बैकवर्ड व्हाइल होल्डिंग द केच। ये चीज
मैंने बताई हुई है। उसी सेशन में बताई हुई
है कि क्रिकेटर क्यों अपने हाथ को ऐसे कैच
आने पे पीछे खींचता है। पता है क्यों?
क्योंकि देखो जैसे ही आया तो उनके हाथों
पे एक मोमेंटम फील होगा। और फोर्स इज़
इक्वल टू होता क्या है? चेंज इन मोमेंटम।
चेंज इन मोमेंटम पर टाइम। पर रेट के हिसाब
से हम फोर्स लिखते हैं। मतलब ऐसा लिखते
हैं। सुनना बात। पहले मैं समझा रहा हूं।
लिखी हुई बातें आपको मिल जाएगी। फोर्स =
डेल्टा p / डेल्टा t। तो मोमेंटम तो उतना
ही चेंज होगा। टक करके वेलोसिटी आए
इनिशियल फाइनली उसको रेस्ट पे आना है बॉल
को अभी कितनी वेलोसिटी से आ रहा है लेकिन
जैसे-जैसे मैं ऐसे हाथ पीछे लूंगा तो टाइम
ऑफ इवेंट बढ़ गया टाइम ऑफ इवेंट बढ़ गया
जैसे टाइम ऑफ़ इवेंट बढ़ा बेटा तो पता चला
है कि फोर्स की वैल्यू है वो एवरेज फोर्स
की वैल्यू है वो कम हो जाएगी क्यों
मोमेंटम एज़ इट इज़ है बेटा फाइनली रेस्ट पे
आ रहा है लेकिन टाइम बढ़ा है इस वजह से तो
वो जानते हैं फिजिक्स बेटा वो भी जानते
हैं फिजिक्स बस तू ही नहीं जान पा रहा है
इसको देखते हैं प्रैक्टिकल लाइफ का
एग्जांपल मतलब इसका यूज़ बताया है। फिर
बताया है
सी ऑप्शन पहले सी वाला पहले पहले देखो। अ
कारपेट इज़ बिटन विथ अ स्टिक टू रिमूव द
डस्ट फ्रॉम इट। कारपेट को नहीं ठक ठक ठक
ठक ठक ठक ठक ऐसा करके हम किया है कि नहीं
किया है कभी? पूछना अपने मम्मी पापा को।
पापा को नहीं। मम्मी को पूछना। शायद पापा
ने भी किया। छोड़ो। कभी पूछना घर पे रहो तो
उनको कि कभी ऐसा किया है कि नहीं किया है?
या कारपेट को ऐसे जोर से झंझारते हैं। ऐसा
ढक ढक ढक ऐसा करते हैं। क्यों? क्यों करते
हैं? डस्ट पार्टिकल को फ्री करने के लिए।
तो क्यों भाई इनके पीछे भी क्या लॉ काम
करता है? तो इनके पीछे काम करता है लॉ ऑफ
इनर्शिया। न्यूटंस फर्स्ट लॉ। वो बताते
हैं जैसे कारपेट मैंने ली है यहां पर। ठीक
है? मान लीजिए यहां पर। ये मैंने कुछ
कारपेट ली है। अब मैंने अभी देखो इनके ऊपर
भी कोई डस्ट पार्टिकल होंगे। एज़ इट इज़ ही
रहे होंगे। लेकिन मैंने जोर से ऐसे किया
तो वो डस्ट पार्टिकल को पता नहीं चला
लेकिन मैंने इनके ऊपर फोर्स लगा के नीचे
खींच लिया। डस्ट पार्टिकल को तो क्या है?
मैं तो जैसा हूं वैसा ही रहना चाहूंगा। तू
वैसा रहे लेकिन मैंने नीचे कर लिया इसको।
तो ये ऑब्जेक्ट नीचे जा रहा है। कारपेट
नीचे जा रही है लेकिन इनके ऊपर के डस्ट
पार्टिकल है वो। थोड़ी देर के लिए ऐसा लग
रहा है कि भाई मैं तो ऐसा ही रहूंगा। तो
मोमेंटली रेस्ट पे रहने की कोशिश करेंगे
और उड़ जाएंगे हवा में। तो ऐसी चीज होती
है क्योंकि वो अपना स्टेट चेंज करने की
कोशिश नहीं कर रहे। वो स्टेट अपना मतलब
जैसे थे वैसे ही रहने की कोशिश करते हैं।
क्यों? ड्यू टू इनर्शिया और वही इनर्शिया
का लो यानी न्यूटंस लॉ न्यूटंस फर्स्ट लॉ।
तो बेटा सुन मम्मी को भी वो फिजिक्स आती
है। बस तुम्हें ही नहीं आती। सीख इसीलिए
तो बोल रहा हूं सीख यहां पर बी पार्ट इट
इज़ इज़ियर टू पुल अलोन मूवर विद हां रादर
देन पुश इट। मतलब ऐसा कि पुल करना होता है
वो आसान। खींचना है वो आसान आसान है। एज़
कंपेयर टू पुश। धक्का देने से किसी को
खींचना बेहतर होता है। फिलॉसोफी में भी
ऐसा बोला जाता है ना कि क्यों किसी को
धक्का देना है? करना है तो उसको खींचो।
खींचो लेकिन खींचने के भी लिए भी तुम्हें
जीवन में आगे जाना पड़ेगा ना। तो ये पूरा
का पूरा डेरिवेशन मैंने करवा रखा है
ऑलरेडी। ये उसी में फ्रिक्शन के एप्लीकेशन
में पढ़ाया था पुशिंग और पुलिंग वाला
पार्ट। ये देखो पुश करते हैं। हालांकि
मैंने रोलर का एग्जांपल नहीं लिया था।
मैंने आपको बताया था ये बक्से वाला
एग्जांपल से कि आज जब आप पुश करते हो किसी
एंगल पे तो उसका एक कंपोनेंट नॉर्म ये mg
की डायरेक्शन में आता है fsin थीटा तो ऐड
हो जाता है और फाइनली नॉर्मल बढ़ जाता है
नॉर्मल की वैल्यू जैसे ही बढ़ेगी बेटा
फ्रिक्शन की वैल्यू बढ़ जाएगी पीछे की
डायरेक्शन में फ्रिक्शन की वैल्यू बढ़
जाएगी इस वाले केस में क्या था कि आप खींच
रहे थे आगे आके खींच रहे थे इसको तो इसका
एक कंपोनेंट है फोर्स का वो ऊपर fsinθ ऊपर
चला जाएगा तो नॉर्मल की ओवरऑल वैल्यू है
वह कम हो जाएगी क्योंकि यह n2 की
डायरेक्शन में है तो n2 2 ऐसा n2 + fsin
थीटा = mg तो fsin थीटा उस तरफ गया तो n2
= mg - fsin थीटा तो n2 की वैल्यू ओवरऑल
नॉर्मल फोर्स की वैल्यू कम हो गई तो
फ्रिक्शन फोर्स कम हो जाएगा प्रॉपर
डेरिवेशन वहां पर करवाया हुआ है लेकिन फिर
भी ये सारी चीजें यहां पर एक बार लिख के
लाया हूं इसको अच्छी तरीके से समझ लेना
बेटा तीन नंबर मिलेंगे सिर्फ समझाने के
पहला डेरिवेशन था इसी में और ये तीन नंबर
बस समझाने के समझाने के तो ये चीज आपको
पहले से हालांकि पता है लेकिन कैसे लिखना
है उस वो मायने भी रखता है यहां पर। ठीक
है? थ्योरिटिकल क्वेश्चन में तो बहुत रखता
है। ओके देन अब एक और क्वेश्चन है जो कि
हालांकि प्योरली
प्योरली बेटा ये एक तरह से डेरिवेशन ही है
कि बर्नुलीस थ्योरम के बारे में बताइए और
उसका डेरिवेशन कीजिए। बहुत आईएमपी। जब भी
आप फ्लूइड चैप्टर पढ़ते हो ना बेटा इसके
बिना आप आगे बढ़ ही नहीं सकते हो। मतलब
बताते हैं कि बर्नूलीस एप्लीकेशन इज़ मोस्ट
मोस्ट मोस्ट आईएमपी टॉपिक कि वहां से
क्वेश्चंस भी आ सकते हैं। वहां से थ्यरीज़
भी आ सकती हैं और छोटे एमसीक्यूस भी आ
सकते हैं। तो बर्नुलीस प्रिंसिपल क्या था?
तो मैंने बताई हुई बात है कि जैसे पानी एक
पाइप में ऊपर चढ़ता है। h1 हाइट से h2
हाइट तक ऊपर चढ़ता है। तो उसकी एनर्जी में
क्या चेंज आता है? तो वी गॉट अ फार्मूला
p1 + रोgh + 1 / 2 नोट्स मिल जाएंगे बेटा।
घबराने की बात नहीं है। नोट्स Telegram
चैनल की आईडी नीचे मिल जाएगी। Telegram
चैनल मिल जाएगा नीचे। वहां पर जाके
डाउनलोड कर सकते हो। तो P1 + रोgh + 1 / 2
रोv1² ये इस स्टेट पे जितनी भी वेलोसिटी
होगी वो लिखिए। 1 / 2 रोv1² इक्वल टू यहां
पर P2 दूसरे पॉइंट पे पहुंचेंगे तो P2 =
P2 + रोgh + 1/2 रोv2²। इसी को बर्नुलीज़
प्रिंसिपल कहते हैं। अब इसकी रही डेरिवेशन
की बात। तो मैंने इसको स्टेप बाय स्टेप
समझाया था। स्टेप वन में मैंने समझाया कि
भाई वर्क एनर्जी थ्योरम का यूज़ करो। ये
स्टेप वन। डेरिवेशन यहां से शुरू होता है।
स्टेप वन वर्क एनर्जी थ्योरम करो। कार्य
कौन कर रहा है यहां पर? कार्य कर रहा है
P1 और P2 प्रेशर्स काम कर रहे हैं। ओके?
काइनेटिक एनर्जी का चेंज प्लस पोटेंशियल
एनर्जी में चेंज। जो भी आएगा वो यहां पर
सब्सीट्यूट करेंगे। लिखेंगे बहुत अच्छी
तरीके से। अब मैंने इंडिविजुअली पहले
डेल्टा U और डेल्टा K लिख लिया। फिर स्टेप
टू में समझाया था मैंने आपको कि बेटा वर्क
डन कुछ ऐसा होगा। वर्क डन इक्वल टू फोर्स
डॉट डिस्प्लेसमेंट। अब फोर्स प्रेशर इंटू
एरिया और डिस्प्लेसमेंट वेलोसिटी डॉट
वेलोसिटी इंटू करके टाइम तो ये
डिस्प्लेसमेंट मिल जाएगा। सेम गोज़ विद द
P2 P2 प्रेशर इंटू एरिया वेलोसिटी डॉट
डेल्टा T ये डिस्प्लेसमेंट मिल जाएगा। बस
खास बात ये थी कि प्रेशर दूसरे केस में
अपोजिट डायरेक्शन में लगता है। पीछे की
डायरेक्शन में लगता है। जबकि ये लिक्विड
आगे भागता है। तो इस वजह से वर्क डन
प्रेशर P2 की वजह से नेगेटिव आता है। इन
दोनों का समेशन किया। काइनेटिक एनर्जी और
पोटेंशियल एनर्जी वाले इक्वेशन में लिखा
थोड़ा सा सिंपलीफिकेशन करने के बाद आपको
ये रिजल्ट मिलता है। अगर इसको और डिटेल
में देखना है बेटा तो बर्नोलीस थ्योरम
आपको मिल जाएगा कहां पर? फ्लूइड मैकेनिकल
प्रॉपर्टीज ऑफ़ फ्लूइड वाले चैप्टर में।
ठीक है? बड़े-बड़े डेरिवेशन ऑलरेडी हमने ये
कर रखे हैं। तो मैं उसके लिए सजेस्ट करता
हूं कि इस चीज को अच्छे से देख लेना वहां
पर। क्योंकि मैं जितना चाहता हूं मतलब
चाहता हूं कि छोटे कंसाइज में मैं आपको एक
पूरे पेपर का एनालिसिस दे के जाऊं और
साथ-साथ आईएमपी क्वेश्चन बता दे के जाऊं
कि ऐसे ऐसे ऐसे क्वेश्चंस आपकी स्कूल
एग्जामिनेशन में आ सकते हैं। अगेन बेटा
फ्रॉम द रिलेशन v = nv / 2l द रिजल्ट
फॉलोज़ रिजल्ट फॉलोज़ द कैलकुलेशन ऑफ
फ्रीक्वेंसी इज़ ऐसा बता रखा होगा यहां पर
हट गया है 1 / 2 1 / 3 ऐसा करके चीज दे
रखी होगी। मतलब ये चीज है वो यहां पर हटाई
गई है। हालांकि शायद हट गई होगी। लेकिन बस
बात ये है कि फ्रीक्वेंसी का जो रेश्यो
होता है ना वो कुछ ऐसा आएगा। बोले लेकिन
ऐसा भी पूछ सकते हैं कि सुन भाई या तो ये
फार्मूला डिराइव करके बता फ्रॉम द रिलेशन
ये फार्मूला ही डिराइव करके बता और
साथ-साथ बता कि फ्रीक्वेंसी का रेश्यो
क्या आएगा? ठीक है? किसके लिए ये बात हो
रही है? एक स्ट्रिंग के लिए बात हो रही
है। स्ट्रिंग स्ट्रिंग
क्लोज्ड एट अ बोथ एंड। क्योंकि फॉर्मूले
से हिसाब से आपको पता चलेगा कि ये
स्ट्रिंग बोथ एंड फिक्स्ड वाला केस है।
कहां पर पड़ी हुई बात है बेटा? वेव्स
चैप्टर में से आई हुई बात है। वेव्स टॉपिक
वेव्स चैप्टर का ये क्वेश्चन है। सुनना
बेटा। वेव्स के लिए एक बात आती है कि
स्ट्रिंग बोथ हैंड से फिक्स है तो वहां पर
ऐसे लूप बनते हैं। अगर ये जो भी ट्यूनिंग
फोक है वो इतनी फ्रीक्वेंसी से वाइब्रेट
करोगे बेटा। टुक डु डक डु ऐसे एक लूप
बनेंगे। फिर फ्रीक्वेंसी और बढ़ाई आपने तो
दो लूप बन जाएगी। फ्रीक्वेंसी और बढ़ाई
आपने तो तीन लूप बन जाएंगे। बेटा क्वेश्चन
की लैंग्वेज को समझना। उन्होंने सिर्फ
इतना सा बताया है हमें कि एक फार्मूला मिल
रहा है। ये फार्मूला मिल रहा है। इसको
बताओ और इससे फ्रीक्वेंसी का रिलेशन
फ्रीक्वेंसी फ्रीक्वेंसी का रेश्यो बताओ।
फ्रीक्वेंसी का रेशियोज़ बताओ। ओके, सर।
तो, मैं बता रहा हूं बेटा कि स्ट्रिंग है,
बोथ एंड से फिक्स्ड है। वह इक्वेशन देखके
आपको आईडिया लग जाना चाहिए। अगर आपने
वेव्स चैप्टर पढ़ा है, तो। ठीक है? दी मतलब
थोड़े समय में वन शॉट इसका आ जाएगा। आप
वहां से भी देख सकते हो। लेकिन यहां पूछा
गया है कि बताओ बेटा फ्रीक्वेंसी का
रेशियोस क्या होगा? तो सुनना मेरे दोस्त
बात। सुन पहली बात कि आपने कंटीन्यूअसली
इसको फ्रीक्वेंसी बढ़ाते गए। एक लूप में से
दो लूप बने, दो लूप में से तीन लूप बने।
ये लूप कैसे बनते हैं? तो जहां पर फिक्स्ड
होती है वहां पर नोड बनता है। इसको बोलते
हैं नोड। फिक्स्ड पॉइंट को बोलते हैं नोड।
जहां पर बंधी हुई है वहां पर नोड बनते
हैं। बाकी बीच-बीच में भी कभी-कभी आपको
नोड दिखाई देंगे। वो पूरा टॉपिक वहां पर
समझाया हुआ है। अभी तो आप बस समझो ये कि
देखो जब एक लूप बनेगा देन वी नीड टू राइट
एक ऐसे आधे लूप की हालांकि है ना लूप बना
एक पूरे लूप की लेंथ होती है हाफ ऑफ
वेवलेंथ तो लेंथ l = लैम्ब्डा / 2 लेंथ l
= लैम्ब्डा / 2 सो लैम्ब्डा यू विल गेट
इट्स अ 2l और फ्रीक्वेंसी होती है
वेलोसिटी डिवाइड बाय लैम्ब्डा तो लैम्ब्डा
की वैल्यू 2l लिखी इसी को बोलते हैं
फर्स्ट हार्मोनिक या फंडामेंटल हार्मोनिक
तो पहले f नॉट मिला या f1 मिला ओके फिर
बात आ रही है दो लूप बन रहे हैं तब तो देख
ये लेंथ
टोटल लेंथ म्ब्डा / 2 प्लस ये लैम्ब्डा /
2 लैम्ब्डा / 2 तो टोटल जो ये पूरी
स्ट्रिंग की लेंथ हो जाएगी दैट लेंथ =
लैम्ब्डा दैट लेंथ = लैम्ब्डा तो
फ्रीक्वेंसी = v / लैम्ब्डा v / l लिखी
जाएगी लेंथ के हिसाब से l लिख लेंगे
स्ट्रिंग तो वही है बोथ एंड मतलब वही
फिक्स्ड एंड है बस हम ट्यूनिंग फ़ोक बढ़ा
रहे हैं ट्यूनिंग फ़ोक से फ्रीक्वेंसी बढ़ा
रहे हैं या ट्यूनिंग फ़ोक अलग लेके
फ्रीक्वेंसी बढ़ा रहे हैं ओके तो यू विल
गेट फ्रीक्वेंसी f2 दूसरा मिला ना सेकंड
हार्मोनिक मिला तो इट इज इक्व = 2F2 थोड़ा
कंफ्यूजिंग इस वजह से होगा क्योंकि आपने
ये टॉपिक पढ़ा नहीं होगा। अभी वेव्स
चैप्टर शायद आपने कवर नहीं किया होगा इस
वजह से। वरना देखो बहुत सिंपल सी बात 2f
नॉट तीसरे वाले में जाओगे बेटा तो देख
कितने लूप बन रहे हैं। इक्का दुक्का और ये
त्का लैम्ब्डा / 2 लैλ / 2 लैम्ब्डा / 2
तीन टाइम्स तो 3λ / 2 लेंथ l = 3λ / 2 बन
रहा है। तो बेटा λ = 2l / 3 फ्रीक्वेंसी
की जगह फ्रीक्वेंसी का फार्मूला v /
लैम्लेम्डा होता है। लैम्ब्डा की जगह पर
हमने लिख लिया 2l / 3 यू विल फाउंड इट्स
3f नॉट। अब इस फ्रीक्वेंसी का रेश्योज़
लेते चलो। अब इस फ्रीक्वेंसी का रेश्योज़
चला जाए तो फंडामेंटल सेकंड हार्मोनिक
थर्ड हार्मोनिक रेश्यो लोगे बेटा देख
इक्का-दुक्का तुक्का। इक्का दुक्का
तुक्का। तो हर एक का एक एक मार्क्स था
यहां पर। ठीक है? हर एक का यहां पर एक एक
मार्क्स था। समझ में आ रही है बात मेरे
दोस्त? सेक्शन सी समझ में आया? हां खत्म
नहीं हो रहा है। अभी क्वेश्चन है इसके।
लेकिन यहां तक की बात समझ में आ रही है
ना? तो हटा सावन की घटाओ और कमेंट सेक्शन
में लिख बेटा स्वाहा। पूरे सिलेबस से
क्वेश्चन है। तो ऐसा मत समझना कि मतलब
तुमने कोई एक टॉपिक पूछा होगा वहीं से
क्वेश्चन आएगा। नहीं बेटा वो टॉपिक से छू
के निकल भी जाएगा। पूरा सिलेबस फिजिक्स का
कितने चैप्टर? 14 15 चैप्टर। कितने
कांसेप्ट? लॉट ऑफ कांसेप्ट। हां। तो इसमें
से कहीं से भी कोई भी क्वेश्चन आ रहा है
उसकी बात कर रहे हैं। मतलब मुझे पता है कि
मेजरली मेजरली कहां-कहां से टॉपिक आते
हैं। लेकिन फिर भी आपको ऐसा लगता है कि सर
हमें फिर भी एक आईएमपी क्वेश्चंस की एक
लिस्ट दे दीजिए कि जहां से क्वेश्चंस आने
की, न्यूमेरिकल्स आने की या थ्योरेटिकल
क्वेश्चन आने की या डेरिवेशन आने की
संभावनाएं सबसे ज्यादा है। तो हम उसके ऊपर
एक वीडियोस भी लाएंगे। ठीक है? वो आपकी
बोली रहेगी। आपके कमेंट सेक्शन के हिसाब
से डील करेंगे कि डेरिवेशंस वाला वीडियो
चाहिए, न्यूमेरिकल्स वाला वीडियो चाहिए या
थ्योरिकल पार्ट वाला वीडियो चाहिए। लेकिन
अभी के हिसाब से गो विथ द फ्लो कि पेपर
कैसा आएगा या फिर पेपर पैटर्न क्या रहती
है या पेपर में क्वेश्चंस सॉल्व करने का
तरीका क्या रहता है? आगे 27 नंबर का
क्वेश्चन है। अ कैरेज ऑफ अ मास 19
900 हां 9000 kg मूविंग विद द स्पीड ये है
ना हमेशा मतलब मुझे ज़ीरो दिखने में पहले
से एक खामी है बेटा। तो कभी यहां से एक
ज़ीरो दिखता है। यहां से एक ज़ीरो नहीं
दिखता है। तो पहले से खामी है। तो कभी मैं
ऐसा बोलूं तो उसमें मतलब कंफ्यूज मत हो
जाना। तुम तो पढ़े हुए पे विश्वास करना
यहां पर। ओके? विथ अ स्पीड 36 कि.मी. पर
आवर कोलाइड विथ अ स्टेशनरी कैरेज सेम मास।
दूसरा भी सेम मास का है उसके साथ कोलाइड
कर रहा है। बेटा इसकी स्पीड है 36 कि.मी.
पर आवर में। अगर इसको मीटर पर सेकंड में
कन्वर्ट करना है तो इसे 36 * 5 / 18. सो
व्हाट यू विल गेट? अह 10 m/s ओके मीटर पर
सेकंड में। लास्ट में आंसर अगर मीटर पर
सेकंड में निकालना है तब की बात है।
अदरवाइज़ चल जाएगा कामना तो। आफ्टर द
कोलीजन कैरज गेट्स कपल्ड। भाई ये तो शादी
हो रही है दोनों की। देखो। एंड मूव
टुगेदर। भाई शादी होने के बाद दोनों
साथ-साथ भी जा रहे हैं। देख आया टकराया
दूसरे के साथ। अब दोनों साथ-साथ जा रहे
हैं। ये तो हम साथ-साथ वाली कहानी हो गई।
फिर क्या पूछा है? व्हाट इज देयर कॉमन
स्पीड आफ्टर द कोलीजन? एंड व्हाट टाइप ऑफ़
कोलीजन इज़ दिस? किस टाइप का कोलीजन? तो
बेटा मैं तो सीधा बता दूंगा कि देख टकराने
के बाद अगर दोनों साथ-साथ चल रहे हैं इट्स
अ इनइलास्टिक कोलीजन प्योरली इन परफेक्टली
कंप्लीटली इनइलास्टिक कोलीजन जिसमें ही
चिपक-चिपक के चलते हैं हम साथ-साथ चलते
हैं। ये फैमिली वाला रिलेशन मैंने वहां पर
बताया किस चैप्टर में? वर्क एनर्जी पावर
चैप्टर में। तो अब सीधी सी बात है। कॉमन
स्पीड से जा रहे हैं बेटा। ये कुछ
डायग्राम ऐसा बनेगा। एक V स्पीड से आ रहा
है। दूसरे रेस्ट पे है। इसकी कोई स्पीड
नहीं है। अब दोनों एक कॉमन स्पीड से जा
रहे हैं। v कॉमन स्पीड से जा रहे हैं। या
V डेज स्पीड से जा रहे हैं। तो आपको याद
है तो परफेक्टली इनइलास्टिक कोलीजन में भी
बेटा हम यूज़ कर सकते हैं। मोमेंटम
कंजर्वेशन। सो m * इनिशियल वेलोसिटी V मान
लीजिए दूसरे वाले का जीरो। अब ये दोनों
साथ-साथ चल रहे हैं इसलिए 2m और ये v डेज।
सो v डेज इक्वल टू। हालांकि फार्मूला तो
ऐसा बन भी जाता है कि m1v1
+ m2v2
/ m1 + m2 ये फार्मूला भी सही है। लेकिन
इस हिसाब से ऊपर वाले हिसाब से भी चलोगे
तब भी आपको रिजल्ट मिल जाएगा। देखो देखना
बेटा mv
/ 2m तो mm कैंसिल आउट हुआ। v / 2 और v की
वैल्यू कितनी दे रखी थी? 10 10 / 2 ये 5
मीटर पर सेकंड। ले बेटा आंसर आया 5 मीटर
पर सेकंड। हमने मीटर पर सेकंड में निकाला।
ठीक है? इस फ़ूले के हिसाब से चलोगे तब भी
यही आएगा क्योंकि प्लस करके ज़ीरो हो जाएगा
ना दूसरे वाला तो इस वजह से आया आया चमका
बेटा चमका फ़ूले के हिसाब से जाओ या
मोमेंटम कंजर्वेशन एक्चुअल मेथड भी अप्लाई
करके देखो तब भी दोनों चीज़ सेम आती है।
अगर फ़ूला अप्लाई कर रहे हो तो वहां पर
पहले लिख देना एक बार कि मोमेंटम कंजर्व
है और उसकी वजह से हमें ये फ़ूला मिल रहा
है क्योंकि तीन मार्क्स का क्वेश्चन है।
इतने बड़े क्वेश्चन में ऐसे ही काट देना
नहीं चाहिए फार्मूला लिख के बेटा लिखना
चाहिए। मार्क्स के अकॉर्डिंग आपको लिखना
आना चाहिए। अगेन एक नया क्वेश्चन तो
क्वेश्चन है कि अ फ्लास्क कंटेन आर्गॉन
एंड क्लोरीन इन द रेशियो 2 / 1 बाय मास
मतलब मास का रेश्यो दे रखा है। अब
टेंपरेचर दोनों का दे रखा है कि इस
मिक्सचर का टेंपरेचर 37° है। ऑब्टेन द
रेश्यो ऑफ़ एवरेज काइनेटिक एनर्जी। बेटा
ध्यान से देख। एवरेज काइनेटिक एनर्जी पर
मॉलिक्यूल पूछी है उन्होंने। तो ये
एक्चुअली में तो है ना। भले ही तुम डिग्री
ऑफ़ फ्रीडम पढ़ चुके हो, लेकिन ये डिपेंड
करती है सीधे ही ट्रांसलेशनल वाली
काइनेटिक एनर्जी पे। जिसका रेश्यो सीधा
लिखेंगे। अगर पर मॉलिक्यूल की बात कर रहे
हैं तो काइनेटिक एनर्जी पर मॉलिक्यूल हां
याद रखना बेटा मॉलिक्यूल। तो मॉलिक्यूल
आती है 3/2 KBT
क्लोरीन के लिए भी सेम और आर्गोन के लिए
भी सेम। और सेम टेंपरेचर पे पूछ रहे हैं
उल्टा। तो ये रेश्यो क्या हो जाएगा? ये
रेश्यो क्या हो जाएगा? हमें रेश्यो पूछा
है इन दोनों का। तो ये रेश्यो क्या हो
जाएगा? वन बाय वन हो जाएगा। ठीक है? क्या
है? एक फ्लास्क है। बेटा लाइक फिजिक्स,
केमिस्ट्री जो भी फ्लास्क तुम समझो इसमें
क्या है? आर्गॉन के मॉलिक्यूल्स भी है और
क्लोरीन के मॉलिक्यूल्स भी हैं। तो इनके
लिए पहला काइनेटिक एनर्जी पर मॉलिक्यूल का
रेश्यो पूछा था। दूसरा रूट मीन स्क्वायर
स्पीड का रेश्यो क्या होगा? तो Vrms याद
है क्या आपको? VRMS अंडर रूट में ऐसे 3RT
डिवाइड बाय मॉलिक्यूलर वेट। ऐसा लिखा करते
थे। और इन्होंने पूछा है भाई मॉलिक्यूल के
लिए। तो सीधी डिपेंडेंसी किसकी चली? ये
डिपेंडेंसी किस पे चली जाएगी? मॉलिक्यूलर
वेट पे चली जाएगी। तो, VRMS
इज़ प्रोपोर्शनल टु 1 / अंडर रूट
मॉलिक्यूलर मास। चाहे तो आप आर्गॉन ना लिख
मतलब एक बार आर्गोन डिवाइड बाय क्लोरीन कर
देना। तो वहां से आपको रेशियो मिल जाएगा।
और वे वो रेश्यो आपको एप्रोक्सीमेटली 1.33
के आसपास मिलेगा। तो ये दोनों पार्ट कैसे
लिखना है वो आपको मैंने यहां बहुत अच्छी
तरीके से बता दिया। तीन मार्क्स का
क्वेश्चन बनेगा बेटे। कितने? तीन मार्क्स
का क्वेश्चन बनेगा। ठीक है? तो ये पूरी
कहानी थी सात नंबर वाले। सात क्वेश्चन की।
सात क्वेश्चन जिस हर एक क्वेश्चन के
मार्क्स थे तीन तीन तीन तीन तीन। ओके।
पूरे सिलेबस की बात की है मैंने बेटा। तो
कोने-कोने से कहीं से भी क्वेश्चन आ सकता
है। मतलब हर चैप्टर से क्वेश्चन आया है।
रोना मत। मेरे चैप्टर से क्वेश्चन नहीं
आया। अब आएगा। सुन। ग्रेविटेशन सब ने पढ़ा
होता है। वहां से केस स्टडी बेस्ड
क्वेश्चन आया है। ये क्वेश्चन दिल्ली 2024
वाले एग्जामिनेशन में भी पूछा गया था।
क्या है? लॉन्चिंग ऑफ सेटेलाइट का
कांसेप्ट है कि सेटेलाइट को लॉन्च करते
हैं तब कुछ एस्केप वेलोसिटी मतलब मान
लीजिए कि यहां से अर्थ की सरफेस से बहुत
नजदीक है और किस किसी स्पीड से फेंकना है
कि एस्केप कर जाए तो v एस्केप होती है
इसकी अंडर रूट
2 gm / re
मतलब रेडियस जो भी है वो अगर r लिखूं
कॉमनली तो ऐसा हो जाएगा कि अ ये मास ऑफ अ
प्लेनेट r जितने डिस्टेंस ऊपर है वो और
अगर इसी ऑर्बिट में इसको घुमाना है, r
ऑर्बिट में इसको घुमाना है, तो ऑर्बिटल
स्पीड मिलती है ऑर्बिटल स्पीड का
एक्सप्रेशन मिलता है
gm / r ऑर्बिटल स्पीड या ऑर्बिट स्पीड की
मिल जाएगी gm / r तो ये एक फार्मूला
हालांकि हमने बहुत पहले भी डिराइव कर लिया
और वापस भी आया है। अब बता रहे हैं इसमें
कि इट नेवर फोल्स ठीक है? ये पूरा का पूरा
केस बता रखा है। मतलब कोई एक पार्ट नहीं
पढ़ता हूं। या तो पूरा पार्ट पढ़ो या छोड़
दो पूरा। केस स्टडी बेस्ड क्वेश्चन करने
का बस तरीका यह होता है कि जो भी टॉपिक
पहले तो दे रखा है वो याद करो कि तुम्हें
आता है कि नहीं आता है। बस एक बार आता है
अंदर से आत्मा ऐसा बोल दे कि थोड़ा-थोड़ा
आता है तब भी कूद जाओ। थोड़ा-थोड़ा आता है
या आता है। ऐसा अंदर की आत्मा एक बार बोल
दे तो बेटा सीधा कूद जाओ क्वेश्चंस के
ऊपर। क्वेश्चंस को देख लो। एक दो रिलेटेबल
फार्मूला याद कर लिए। फिर सीधा क्वेश्चन
पे कूद जाओ। देखना मेरे दोस्त कूद गए
क्वेश्चन पे। अब कूदने के बाद ऐसा लग रहा
है कि बेटा यह तो गलत कूद गया है। यह
क्वेश्चन तो समझ में ही नहीं आ रहा है। तब
जाके आपको केस स्टडी बेस्ड क्वेश्चन का
केस पूरा का पूरा पढ़ना चाहिए। अदरवाइज़
पढ़ने की ज़रूरत नहीं है, बेटा। ओके? तो,
हम पहले कूद रहे हैं क्वेश्चंस के ऊपर।
नहीं समझ में आएगा, तो वापस देख लेंगे
बेटा, कौन से पैसे जा रहे हैं इसमें।
देखना। क्या है क्वेश्चन पहला कि टू
सेटेलाइट ऑफ़ अ मास 10 kg एंड 1000 kg आर
रिवॉल्विंग अराउंड द अर्थ
इंटू सेम ऑर्बिट।
ठीक है? सेम ऑर्बिट पे घूम रहा है। 10 kg
वाला भी घूम रहा है। 1000 kg वाला भी घूम
रहा है। द रेश्यो ऑफ़ देयर ऑर्बिटल अरे हे
ऑर्बिटल स्पीड का रेश्यो पूछा है। ऑर्बिटल
स्पीड तो डिपेंड ही नहीं करता है। चाहे
तुम मास m ले लो, 2m ले लो, 1000 m ले लो,
10 ले लो, 10,000 ले लो, 1 लाख ले लो, कोई
फर्क नहीं पड़ता। ऑर्बिटल स्पीड तो डिपेंड
किस पे करती है? जिस प्लेन के आसपास आप
घूम रहे हो, उस पे डिपेंड करती है मेरे
दोस्त। तो ये रेश्यो क्या आ जाएगा? 1 / 1,
क्या सुंदर सा क्वेश्चन था बेटा। मतलब
छलावा देने के लिए उन्होंने इंफॉर्मेशन भी
दे दी। देख ये मास किसका है? प्लेनेट का
मास लिखेंगे। यहां पर अर्थ की बात हो रही
है तो यहां पर अर्थ का मास लिखेंगे। मास
ऑफ़ ऑब्जेक्ट मास ऑफ़ सेटेलाइट पे
डिपेंडेंसी नहीं रहती है ऑर्बिटल स्पीड की
या एस्केप स्पीड के बीच। दूसरा क्वेश्चन।
एस्केप स्पीड ऑफ बॉडी फ्रॉम सरफेस ऑफ़ अर्थ
इज़ V. मतलब अर्थ की सरफेस से अगर किसी को
ऑब्जेक्ट को छूमंतर करवा देना है। छूमंतर
करवा देना है। ये रेडियस इसकी re है। मास
इसका ME है। कहां से छूमंतर करवाना है?
यहां से चुम अंदर करवाना है। तो एस्केप
स्पीड इज़ इक्वल टू लिखी जाएगी
2g / re. ओके। और अगर इसी ऑर्बिट में
घुमाना है तो VO =
M / R
ओके ठीक है सर। ऑर्बिटल स्पीड भी उन्होंने
बता रखी है कि इट्स अ V नॉट सरफेस के लिए।
तो बताओ इन दोनों के बीच का रिश्ता क्या
कहलाएगा? क्या कहलाएगा इनमें से? तो मेरे
हिसाब से जैसे ही तुम दोनों को जोड़ोगे तो
पता चल जाएगा V एस्केप इट्स अ 2 टाइम्स ऑफ़
अ V नॉट। देखना यहां पर 2GME डिवाइड बाय r
तो ये क्या हो जाएगा?
gm डिवाइड बाय r क्या बन जाएगा? ऐसे। ऐसे
इसको अच्छे से और लिखो। इसी स्टेप को ऐसे
2 अलग कर दो और ये
re अलग कर दो। क्या बन जाएगा? 2 टाइम्स ये
v नोट। ले बेटा फार्मूला मिल गया। तो बी
ऑप्शन सही हो जाएगा। चमक चमक रहा है ना
बेटा? चमक रहा है। केस स्टडी बेस्ड
क्वेश्चन के केस आसान होते हैं। अगर आपको
टॉपिक पहले से आता है तो अदरवाइज़ पता ही
नहीं चलेगा क्या पूछ रहे हैं बेटा। और
एमसीक्यूस है तो सावचती रखना बेटा।
कभी-कभी छोटा एमसीक्यू लेकिन बड़ा दगा देके
जाएगा। तीसरा क्वेश्चन एन एंट, एन एलीफेंट
एंड अ कैट आर टू बी प्रोजेक्टेड। अरे
कुत्ता, बिल्ली, हाथी सबको फेंक रहे हैं
तो। ठीक है? अर्थ ग्रेविटेशनल फील्ड से
इसको दूर फेंक देना है कि कभी वापस लौट के
ना आए। तो उनके लिए किसके लिए ग्रेटेस्ट
स्पीड लगेगी? हाथी के लिए, घोड़े के लिए,
बिल्ली के लिए, चींटी के लिए। किसके लिए
ज्यादा होगी? किसी के लिए नहीं भाई। क्यों
बेवकूफ बना रहे हो? अभी हमने देखा कि
एस्केप स्पीड इट्स नॉट डिपेंड ऑन मास ऑफ़
ऑब्जेक्ट। इट्स डिपेंड्स ऑन मास ऑफ़
प्लेनेट। किस प्लेनेट के ऊपर से फेंकना है
उसपे डिपेंडेंसी? किसको फेंकना है
डिपेंडेंसी नहीं थी। वो गोलू भाई वाले
एग्जांपल में यही तो समझा था। गोलू भाई को
फेंको या गोलू भाई के हाथ में रही उस बॉल
को फेंको। कोई फर्क नहीं पड़ता बेटा एस्केप
स्पीड दोनों के लिए सेम। हां लेकिन जोर
ज्यादा लगाना पड़ेगा। बेटा देख बॉल को
फेंकना है तो 11.2 कि.मी. पर सेकंड अचीव
करना वैसे भी मुश्किल है लेकिन चल ठीक है
अचीव कर भी ली। लेकिन गोलू भाई को अगर
11.2 कि.मी. पर सेकंड की स्पीड से फेंकना
होगा तो मुश्किल हो जाएगा ना। गोलू कितना
भारी है बेटा। अब तो वैसे भी वो खा के ठंड
में बहुत फैल गया है। बहुत भारी है बेटा।
बहुत भारी है। तो एस्केप स्पीड इट्स नॉट
डिपेंड ऑन मास ऑफ़ ऑब्जेक्ट। लेकिन उसके
लिए जो फोर्स लगाना पड़ेगा वो डिपेंड करता
है। लेकिन स्पीड डिपेंड नहीं करती है।
स्पीड तो फिक्स्ड है। 11.2 से फेंको बेटा
चला जाएगा जब जीवन छोड़ के। ठीक है? इसी
में चौथा क्वेश्चन है। द एस्केप स्पीड ऑफ
अ प्रोजेक्टाइल ऑन द सरफेस ऑफ अर्थ इज़ v.
द एस्केप स्पीड ऑफ द प्रोजेक्टाइल ऑन द
सरफेस ऑफ प्लेनेट कि जिसका मास एट टाइम्स
है और उसकी रेडियस है टू टाइम्स। अरे भाई
साहब एक मास ऑफ अर्थ के लिए
रेडियस आर ई। तो इसके लिए एस्केप स्पीड
मिल रही थी अंडर रूट में 2gme डिवाइड बाय
re
प्लेनेट दूसरे प्लेट की बात हो रही है कि
जहां पर मास कितना है 8m है और रेडियस
इसकी है टू टाइम्स ऑफ reस्केप
स्पीड कैसे लिखी जाएगी तो v डेज इज़ इक्वल
टू देखना ध्यान से देख लिखते जाना बेटा
अंडर रूट में 2 g एज़ इट इज़ m के लिए g के
लिए 8me डिनोमिनेटर में लिख लूंगा बेटा 2
देख बेटा 8 / 2 फोर हो जाएगा। फोर को बाहर
निकाल लें क्या? रूट हो जाएगा। फोर का रूट
निकाल के बाहर निकाल दे तो यह टू बन
जाएगा। तो 2 में 2Gme
डिवाइड बाइ तो यह मिल जाएगा अगेन अर्थ के
लिए। तो 2v. 2v ऑप्शन बन जाएगा। vds की
वैल्यू कितनी आएगी? 2v जितनी आएगी। सिंपल
सी कैलकुलेशन है। एक बार अच्छे से देख लो।
समझ में आया बेटा? चमका तो हटा सावन की
घटा। कमेंट सेक्शन में बता बेटा स्वाहा।
तो इसी सेक्शन का दूसरा क्वेश्चन केस
स्टडी बेस्ड क्वेश्चन देखते हैं मेरे
दोस्त कि जो आ रहा है चेंज ऑफ स्टेट ऑफ
मैटर से क्या कहता है? जैसे केस स्टडी
बेस्ड क्वेश्चन करने की मेथड होती है वैसे
ही कि भाई केस को करो इग्नोर। चलो
क्वेश्चन की ओर। अगर क्वेश्चन समझ में आया
तो बल्ले बल्ले नहीं समझ में आया तो वापस
केस की ओर पहुंचेंगे। तो क्वेश्चन पहला
है, व्हाट इज द टर्म यूज्ड टू डिस्क्राइब
द चेंज ऑफ फर्स्ट स्टेट फ्रॉम सॉलिड टू
वेपर? मेरे लाल ये कहानी तो हमने शायद
नहीं पढ़ी हुई है कहीं पे। सॉलिड वेपर से अ
स्टेट चेंज हो रहा है सॉलिड से वेपर। ये
पूरी कहानी कहीं पे नहीं पढ़ी हुई है। याद
कर थर्मल प्रॉपर्टीज ऑफ़ मैटर या
थर्मोडायनेमिक्स। यह शायद केमिस्ट्री में
आप भले ही पढ़ते हो फिजिक्स में नहीं पढ़ा
हुआ है। डिटेल में तो नहीं। हालांकि एक
पैराग्राफ है एनसीईआरटी में। कहीं पर शायद
आपने डिटेल में पढ़ा हो या ना पढ़ा हो
लेकिन एक पैराग्राफ है। इस पैराग्राफ से
पूरा का पूरा केस स्टडी बेस्ड क्वेश्चन
आया हुआ है। और ये सेंट्रल स्कूल में पूछा
गया था। वही क्वेश्चन यहां पर वापस आया
है। सुनना मेरे दोस्त क्या बता रहे हैं कि
वो चेंज ऑफ स्टेट ऑफ मैटर के बारे में बता
रहे हैं कि मैटर नॉर्मली एक्सिस्ट इन अ
थ्री स्टेट। सॉलिड, लिक्विड और गैसियस तीन
स्टेट में होते हैं। अ ट्रांजिशन फ्रॉम अ
वन ऑफ दिस स्टेट अनदर कॉल्ड अ चेंज ऑफ अ
स्टेट। इसके चेंज ना होना। यानी कि सॉलिड
से लिक्विड में जाना, गैसियस में जाना। ये
सारी बात होती है। किस में चेंज होती है?
मतलब ये इसको कहते हैं कि स्टेट चेंज
होना। परफेक्ट सर। फिर है बात यहां पर कि
द चेंज द चेंज ऑफ स्टेट फ्रॉम सॉलिड टू
लिक्विड इज कॉल्ड मेल्टिंग। इसको हम बोलते
हैं मेल्टिंग। अरे ठीक है। मतलब ये ये जो
बात बता रखी है ना कि भाई सॉलिड से
लिक्विड में गया तो उसको मेल्टिंग कहते
हैं। ये बात यहां पर। सॉलिड से लिक्विड
में गया मेल्टिंग। ये पैराग्राफ की बातें
मैंने पढ़ाई हुई है। वन शॉट में पढ़ाई हुई
है। तो वो मैं समराइज़ करके यहां पर बता
देता हूं। देखना ये सारी बातें हैं वो
मैंने ऑलरेडी वन शॉट में पढ़ाई हुई है।
वहां पर से बताई गई बातें पैराग्राफ में
बताई। देखो तो सॉलिड से लिक्विड मेल्टिंग।
फिर लिक्विड से वेपर गैसियस स्टेट यानी
वेपराइज़ेशन। कैलोरीमेट्री का पार्ट है। और
अगर सीधा सॉलिड से बीच वाला स्किप कर रहा
है और सीधा जा रहा है थर्ड स्टेट में।
यानी कि गैसियस फॉर्म में तो सब्लीमिनेशन
कहते हैं। जैसे कपूर हुआ करता है। कपूर
ऐसा ही तो जलने से सीधा हवा-हवा हो जाता
है। तो ये सब्लिमिनेशन कहा जाता है। तो ये
तीनों को एक टेंपरेचर पे को एक्जिस्ट करना
बड़ा मुश्किल होता है। लेकिन कईयों-कों के
ऐसे ग्राफ मिलते हैं। पर्टिकुलर टेंपरेचर
और प्रेशर पे ये तीनों के तीनों सॉलिड,
लिक्विड और गैसियस स्टेट में को एग्जिस्ट
कर सकते हैं। तो इसी का ये ग्राफ है और इस
पॉइंट को कहते हैं ट्रिपल पॉइंट। ट्रिपल
पॉइंट। तो, ये ट्रिपल पॉइंट से बना हुआ
केस स्टडी बेस्ड क्वेश्चन है। ठीक? सुनना
दोस्त। क्या है यहां पर कि देख ये ये
अवस्था कैसी है कि जब तक ये जीरो से
शुरुआत हुआ जीरो से B से देख ले ये O तक
पहुंचा तो ये पूरे रीजन में ये सॉलिड और
वेपर में डिवाइडेड है। ठीक है सर
जैसे-जैसे फिर ऊपर जा रहा है अगर इस
कर्वविलिनियर से इस प्रेशर और टेंपरेचर से
आगे बढ़ रहा है तो लिक्विड और सॉलिड के बीच
में डिवाइडेड है। कोएज़िस्ट करता है। और
बेटा दोस्त, यह अगर बन रहा है लिक्विड और
वेपर में इस लाइन के हिसाब से आगे बढ़ रहा
है, तो लिक्विड और वेपर के फॉर्म में वो
कोएस्ट करता है। ठीक है? तो, ये छोटा सा
एक ग्राफ दे रखा है ट्रिपल पॉइंट का। अब
उसी से रिलेटेबल सारी बातें यहां पर बताई
गई है। एक एक बार इसको पॉज करो। फिर पूरा
का पूरा एक बार पढ़ लो। जो बात मैंने बताई
है, वही है यहां पर। देखो। द रीजन
सेपरेटेड बाय द कर्व्स। एज अ सब्लिमिनेशन
कर्व BO फ्यूजन कर्व AO इस कर्व का नाम भी
दिया गया है वेपराइजेशन कर्व CO द पॉइंट्स
ऑन दिस सब्लिमिनेशन कर्व रिप्रेजेंट्स
व्हिच अ सॉलिड एंड वेपर कोज़िस्ट तो जो बात
मैंने अभी बताई है कि ये ये क्या
रिप्रेजेंट करता है कि सॉलिड और वेपर
कोज़िस्ट करते हैं। ये क्या रिप्रेजेंट कर
रहा है कर्व कि इस टेंपरेचर और प्रेशर के
आसपास लिक्विड और वेपर कोज़िस्ट करते हैं।
ये कर्व ये कर्व क्या बताता है हमें कि
सॉलिड और लिक्विड को एक्ज़िस्ट करते हैं उस
कंडीशन में। तो ये पूरा ग्राफ है। ठीक है?
प्रोसेस बताइए और ये ग्राफ के बारे में
इंफॉर्मेशन बताइए। अगेन बता रहा हूं कोई
बाहर से कांसेप्ट नहीं है। ये खोद के
निकाला हुआ कांसेप्ट है और वो एनसीईआरटी
में पैराग्राफ में दे रखा है। अमूमन ये
नहीं पढ़ाया जाता लेकिन यहां से क्वेश्चन
पूछा है। और जब आप क्लास 12th में आओगे तो
मैं बार-बार बेटा ये चीज बताऊंगा कि
सीबीएसई ऐसे ही क्वेश्चन पूछेगा। कोई भी
बोर्ड्स होता है वो ऐसे ही क्वेश्चन
पूछेगा कि तू जो छोड़ के जाएगा मैं वहीं
से उठाऊंगा। लेकिन आपको डरने की बात नहीं
है दोस्त क्योंकि फिजिक्स से नहीं है डरना
आपके साथ मास्टर रवि बन रहा। तो देख इसी
से जुड़े हुए क्वेश्चंस करते हैं हम। तो
सॉलिड में से लिक्विड में कन्वर्ट होना इस
प्रोसेस का नाम अभी हम सीख के आए हैं
सब्लिमिनेशन। बढ़िया सर। दूसरा क्वेश्चन
इसी से आया हुआ है कि भाई बी ओ कर्व है वो
क्या रिप्रेजेंट करता है? तो देखो पहले तो
बी ओ कर्व कहां पर है? ये रहा बी ओ कर्व।
बी ओ कर्व रिप्रेजेंट रिप्रेजेंट करता है
कि सॉलिड और लिक्विड दोनों एक साथ को
एक्जिस्ट करते हैं। देखो यहां पर सॉलिड और
वेपर फेज को एक्जिस्ट। खतम बेटा। आगे
देखो। व्हाट इज़ द कॉमन टर्म फॉर अ पॉइंट
एट व्हिच एट व्हिच द ऑल द थ्री फेजेस
सब्सटेंस को एएसिस्ट? इस पॉइंट को क्या
नाम दूं मैं? इस रिश्ते को क्या नाम दूं?
मैंने बताया कि इसको ट्रिपल पॉइंट कहा
करते हैं। ट्रिपल पॉइंट। ये केमिस्ट्री
में शायद डिटेल में पढ़ाया जाता है। हमारे
हिसाब से एक पैराग्राफ ही दे रखा है और
वहीं से क्वेश्चन आया हो। बार-बार बोल रहा
हूं बेटा। एक ही छोटा सा पैराग्राफ दे रखा
है। तो ट्रिपल पॉइंट इसको कहते हैं। आप
इसमें पूरे में पढ़ोगे तो आपको ट्रिपल
पॉइंट नज़र भी आ जाएगा। ओके? इसी में चौथा
यानी कि लास्ट क्वेश्चन व्हाट प्रॉपर्टी
ऑफ़ सब्सटेंस रिमेंस कास्टेंट ड्यूरिंग दिस
चेंज ऑफ अ स्टेट? याद करना बेटा ये है ना
अगर आप पैराग्राफ पढ़ते भी नहीं तब भी बता
देते। अगर सॉलिड से लिक्विड में कन्वर्ट
होता है या लिक्विड से गैसियस फॉर्म में
कन्वर्ट होता है तो ये स्टेट चेंज में ये
फेज चेंज में एक क्वांटिटी कांस्टेंट रह
जाती है। और वो क्वांटिटी होती है
टेंपरेचर। याद कर बेटा मैं एम एल लिखूं।
एम एल एफ लिखूं या एम एल वी लिखूं।
कैलोरीमेट्री में हम पढ़ते हैं कि
टेंपरेचर चेंज तो ms डेल्टा t फेज चेंज तो
ml उस दरमियान टेंपरेचर चेंज नहीं होता
है। तो ये पैराग्राफ में भी इनेशन दे रखी
है लेकिन पैराग्राफ अगर नहीं भी पढ़ा होता
तब भी ये क्वेश्चन कर पाते। ठीक है? तो
यहीं के साथ हम सेक्शन डी का करते हैं
स्वाहा। अब लास्ट सेक्शन 15 नंबर का
सेक्शन यानी सेक्शन ई। यहां आते-आते सब
बच्चों के मौत आ जाते हैं और ऐसा लगता है
कि भाई टाइम ही नहीं है। खत्म खत्म सर
खत्म। हमें ऐसा लगता है दो-तीन घंटे तो
ऐसे ही चले जाएंगे सेक्शन डी तक
पहुंचते-पहुंचते। लेकिन फिजिक्स में याद
रखना बेटा सेक्शन ई तक कहानी जाती है। और
सेक्शन ई 15 नंबर का है। पांच पांच पांच
बड़े-बड़े क्वेश्चन हैं। तो कैसे अटेम्प्ट
करना है एक सीक्वेंस भी अगर चाहिए होगा तो
उसपे स्ट्रेटेजी वीडियो बता दूंगा। लेकिन
अभी के लिए सीक्वेंस से आगे बढ़ रहे हैं
मेरे दोस्त। और याद रखना कि इसको इग्नोर
मत करना 15 नंबर का है। जितना टाइम तुमने
अगर दिया होगा उस एमसीक्यूस में 16 नंबर
और ये 15 नंबर। लेकिन हां लिखने वाला
पार्ट है। समझते चलो क्या है? तो ऐसे
सेक्शन ई को है ना हमेशा देखना या तो एक
बड़ा क्वेश्चन दे देंगे उसी में छोटे-छोटे
पांच क्वेश्चन पूछ लेंगे केस स्टडी बेस्ड
क्वेश्चन के टाइप या फिर ऐसे दो-तीन
हिस्सों में काट देंगे जैसे कि दो 2 1 ऐसे
या फिर 3 + 2 ऐसे नंबर में तोड़ दिया
जाएगा तो यहां पर
3 + 2 के हिसाब से डिवाइडेड लिखा नहीं है
लेकिन 3 + 2 के हिसाब से पहला तीन मार्क्स
का दूसरा दो मार्क्स का ऐसे डिवाइडेड है
तो अन ऑटोमोबाइल
टन टन रुकना अन ऑटो ऑटोमोबाइल बैग इज़
लिफ्टेड बाय अ हाइड्रोलिक जैक दैट कंसिस्ट
अ टू पिस्टन। एक हाइड्रोलिक लिफ्ट का
कांसेप्ट है जहां पर दो पिस्टन है। अ
लार्ज पिस्टन 1 मीटर डायमीटर है और दूसरा
छोटा पिस्टन है जिसका 10 सें.मी. का
डायमीटर है। ये कुछ-कुछ पढ़ी हुई बात है
क्या फ्लूइड मैकेनिक्स की? ऐसा ही लग रहा
है या ये कुछ वो पास्कल स्लोप के रिलेटेबल
बात हो रही है। इफ W इज़ द वेट ऑफ़ अ कार,
देन हाउ मच स्मॉलर फोर्स इज़ नीडेड टू अ
स्मॉल पिस्टन टू लिफ्ट अ कार? अरे भाई
साहब ये पास्कल लूप की वो एप्लीकेशन है जो
मैंने आपको पढ़ाई थी मैकेनिकल प्रॉपर्टीज
ऑफ फ्लूइड में कि भाई साहब हमें एक भारी
भरकम कार को उठाना है जिसका वेट मान लीजिए
कि w है उसको उठाने के लिए हमें कितना
छोटा फोर्स यहां पर लगाना पड़ेगा छोटा
एरिया छोटा फोर्स लगाना पड़ेगा। तो
पास्कल्स लॉ के हिसाब से बताता है कि यहां
पर जो चेंज इन प्रेशर आएगा डेल्टा P1 यही
सेम चेंज इन प्रेशर यहां पर भी
एक्सपीरियंस होगा। तो फोर्स डिवाइड बाय
अच्छा मतलब स्मॉल वाले का एरिया
डिनोमिनेटर में आएगा और ऊपर स्मॉल वाले का
फोर्स जो हम अप्लाई कर रहे हैं इज इक्वल
टू w यानी इसका वेट डिवाइड डिवाइड बाय एल
लार्ज एरिया अब वैल्यूज पुट करते हैं बेटा
ध्यान से देखते जाना fs डिवाइड बाय w इस
तरफ लेके जाते हैं स्मॉल एरिया को उस तरफ
लेके जाते हैं दोनों का डायमीटर का रेश्यो
आ जाएगा डायमीटर 1 / मतलब मीटर में कहानी
चल रही है तो वो 1 मीटर दे रखा है और
दूसरा सेंटीमीटर दे रखा है तो सेंटीमीटर
को कन्वर्ट कर लेंगे बेटा किसमें मीटर में
तो तो ये आ जाएगा .1 / 1 और उसका
स्क्वायर। क्योंकि एरिया क्या होता है?
πr² लिखो या फिर π d² / 4 लिखो। तो π d²
वाला रेश्यो लेते हैं। तो हमें पता चलता
है कि fs की वैल्यू आ रही है w / 100 मतलब
कि अगर ये हजार होगा तो हजार /000 होगा या
10,000 होगा? 10,000 मान लीजिए। तो 10,000
डिवाइड बाय 100 मतलब हमें कितना फोर्स
लगाना पड़ेगा? हमें कितना फ़ोर्स लगाना
पड़ेगा? देखा अगर w की वैल्यू 1000 हो रही
है तो000 10,000 हो रही है ऐसा मान लीजिए
10,000 तो 10000 डिवाइड बाय मिडु दो मिनट
दो मिनटू दो मिनटू कैंसिल आउट 100 न्यूटन
हमें सिर्फ 100 न्यूटन का फोर्स अप्लाई
करना पड़ेगा तब तब भी हम 10,000 वेट की
10,000 न्यूटन वेट की हम कार को उठा सकते
हैं। समझ पा रहे हैं मेरे दोस्त? क्या गजब
सा कॉन्सेप्ट है ये? इस कांसेप्ट को
पास्कल्स लॉ कहा जाता है जो हमने मैकेनिकल
प्रॉपर्टी ऑफ़ फ्लूइड में पूछा था। तीन
नंबर का क्वेश्चन था। अगेन, इसी में दो
नंबर का और एक क्वेश्चन है कि कैलकुलेट द
वर्क डन इन ब्लोइंग अ सोप बबल फ्रॉम
रेडियस 2 सें.मी. टू 3 सें.मी. अब इसका
जनरलाइज़ फार्मूला मैंने एक बार बताया हुआ
है। क्या पता है कि सोप बबल की बात हो रही
है तो सोप बबल का एरिया बढ़ा रहे हैं बेटा।
पहले कितना सेंटीमीटर था? 2 सें.मी. वहां
से 8 सें.मी. तक करा जा रहा है। सुनना
मेरे दोस्त। मैंने आपको एक बात बताई है कि
वर्क डन इस प्रोसेस में हमें कुछ वर्क डन
करना पड़ेगा क्योंकि x ये एरिया बढ़ रहा
है। तो वर्क डन है वही इसकी चेंज इन
पोटेंशियल एनर्जी में कन्वर्ट होगा। ओके
सर और चेंज इन पोटेंशियल एनर्जी कैन बी
राइट एज अ सरफेस टेंशन इंटू डेल्टा ए चेंज
इन एरिया मेरे दोस्त इनिशियल में एरिया
कितना है? 1 / 2. ऐसे लिखते हैं बेटा।
4pr².
4pi1². यहां पर लिखते हैं a2 = 4pi r2².
अब कहानी में ट्विस्ट ये है कि सोप बबल
है। क्या है? सोप बबल जिसकी डबल लेयर होती
है। तो एरिया हम टू टाइम्स कर लेते हैं।
टू टाइम्स इसलिए क्योंकि यहां पर डबल लेयर
होती है। डबल लेयर होती है। इस वजह से।
ठीक है? लिक्विड बबल होता तो नहीं करते।
सोप बबल है इसलिए कर रहे हैं। ओके, सर। तो
सरफेस टेंशन को एज़ इट इज़ s लिख लीजिए। ये
आ जाएगा 8 पाई। कॉमन आउट निकाल दिया। फिर
r2² - r1² r2 आपको क्वेश्चन में पता है 3
सें.मी. R1 पता है 2 सें.मी. 8π 8π लिख
देना। S सरफेस टेंशन क्वेश्चन में ही दे
रखा होगा। दे रखा है। सरफेस टेंशन दे रखा
है सोप बबल वगैरह-वगैरह। हां ये दे रखा है
30 डाइन पर सें.मी. अब डाइन में सीजीएस
में सारे यूनिट दे रखे हैं। तो हम सारा
आंसर निकालेंगे और सीजीएस यूनिट में
निकालेंगे। ठीक है? हमें जो आंसर मिलेगा
वो सीजीएस यूनिट में मिलेगा। तो डाइन
इंट सेंटीमीटर में आंसर मिलेगा। जूल में
नहीं हां बेटा देखो उन्होंने जिस हिसाब से
डाटा दिया है हमने उस हिसाब से सॉल्व किया
है। ठीक है? हमने कोई नया बात नहीं की।
उन्होंने डाइन में दिया था। हमने भी डाइन
फेंका। वो अगर न्यूटन फेंकते तो हम भी
न्यूटन फेंकते। जैसा मांगा वैसा पूछा।
जैसा पूछा वैसा दिया। ओके? यही अप्रोच
रखनी है। जितना पूछे जैसा पूछे वैसा एज इट
इज़ बता के आ जाना है। ज्यादा गाने वाने
नहीं लिखने बेटा। वो जमाना गया। जब
100-100 के नोट रखते थे। बोर्ड्स में बात
कर रहा हूं। आप तो स्कूल एग्जामिनेशन में
क्या ही रखोगे बेटा। जब वरना पकड़ लेंगे
ना बेटा तुम्हें तो जानते हैं वो स्कूल
वाले तो वो वो जमाना गया ऐसा कुछ नहीं
करना है बेटा ठीक है एक क्वेश्चन है अ
प्रोग्रेसिव वेव रिप्रेजेंटेड बाय
y = 5 sin 1000 πt -4πx
अब इसमें एंप्लीट्यूड वेवलेंथ फ्रीक्वेंसी
वेव वेलोसिटी मैग्नीट्यूड ऑफ़ पार्टिकल
वेलोसिटी ये सारी चीजें बतानी है क्या
बतानी है ये सारी चीजें हमें बतानी है
सुनना हां कैसे लिखा जाएगा? पहले तो
एंप्लीट्यूड y = a sin ऐसे नहीं लिखते थे।
y = a sin क्या है बेटा ये? omegat - kx
क्या एज़ इट इज़ लिख सकता हूं? y = ये बेटा
देख 5 sin omeg की जगह पे क्या आ जाएगा?
ये 1000 है ना? 100, 100 पाई। 100 पाई।
फिर ये T माइनस K की वैल्यू .4 पाई। .4
पाई और ये आ जाएगा X तो X एज़ इट इज़। सुनते
ही जाओ। एंप्लीट्यूड A इक्वल टू सीधी-सीधी
सी बात है। कंपेयर करो बेटा। फाइव मिल रहा
है। अगर ये मीटर में है कुछ बताएं? हां
बताया है। मीटर में ही है तो सारी बात
मीटर में तो ये मीटर में। वेवलेंथ कितनी
आएगी? याद बेटा? ओमेगा या फिर K दोनों के
हिसाब से निकाल सकते हो। K की इक्वेशन K
यहां से मिल रहा है बेटा कंपेयर करने पे।
k =4
पाई4π
मिल रहा है। ठीक है? ये k की वैल्यू मिल
रही है। ये होता है मीटर इनवर्स में।
क्यों? क्योंकि k की इक्वेशन आपको याद हो
या ना हो मैं बता देता हूं। k = 2π /
लैम्ब्डा होता है। तो 4 इंटू करके π π π
कैंसिल आउट हुआ। ओके? दो से मार दोगे तो
ये 2 हो जाएगा।2 1 / लैम्ब्डा। लैम्ब्डा
इस तरफ आया तो 1 /2 = लैम्ब्डा। सिंपलीफाई
करोगे। यहां 10 से मल्टीप्लाई किया नीचे
भी नीचे दो हो जाएगा। 10 से मल्टीप्लाई
करो मतलब सिंपलीफाई करो। सीधी सी बात है।
यहां पर सिंपलीफाई करो तो ऊपर 10 आ जाएगा।
नीचे दो आ जाएगा। तो लैम्ब्डा = 10 / 2 तो
इट्स इक्वल टू 5 5 मीटर। ओके? तो यहां पर
वेवलेंथ भी कितनी मिल रही है? 5 मीटर मिल
रही है। ओके? सुनते जा कहानी को सुनते जा।
हम क्या निकालना चाह रहे हैं? अब निकालना
चाह रहे हैं ओमेगा को कंपेयर करके कुछ।
ओमेगा = 2p 2p और 2πf ओमेगा इक्वल टु है
100
100 पाई ओमेगा 2p
100 पाई क्या बेटा टू पाई पाई ने मारा टू
के टू ने इस 100 को मारा तो बच जाएगा बेटा
50 हर्ट्ज ले बेटा फ्रीक्वेंसी भी आ गई
कितनी 50 हर्ट्ज ठीक है ये आई 50 हर्ट्ज
करेक्ट यहां तक की बात समझ में आ रही है
अब बात आ रही है बेटा किसकी वेव वेलोसिटी
िटी कितनी होगी? इस वेव की वेलोसिटी कितनी
होगी? तो अगर याद हो तो बहुत अच्छी सी बात
है। नहीं याद हो तो याद कर वो जमाना जब हम
लिखा करते थे वेलोसिटी ऑफ़ अ वेव वेलोसिटी
ऑफ़ वेव इज़ = omeg / k omeg / k याद कर
बेटा omeg / k मैंने लिखवाया हुआ होगा।
वेव्स वाले चैप्टर की बात है बेटा। तो
ओमेगा की वैल्यू है 100 पाई। K की वैल्यू
बेटा है 4 पाई। पाई पाई कैंसिल आउट हुआ।
तो ये 1000 डिवाइड बाय 4 अब जो भी आंसर आए
वो निकाल लेना मीटर पर सेकंड में। ये मीटर
पर सेकंड में हमारा आंसर हो जाएगा। अब
आखिरी बात है कि मैग्नीट्यूड ऑफ़ पार्टिकल
वेलोसिटी। तो बेटा देख जब भी कभी वेव की
बात करते हैं ना तो कौन से पार्टिकल की
बात कर रहे हैं वो आईडेंटिफाई करना जरूरी
होता है। क्योंकि यहां पर हर एक पार्टिकल
वेव में बेटा हर एक पार्टिकल क्या कर रहा
है? एसएचएम कर रहा है। हर एक पार्टिकल
बेटा एसएचएम कर रहा है। तो कौन से
पार्टिकल की बात कर रहे हो भाई? कौन से
पार्टिकल की बात कर रहे हो? तो यहां पर
मैग्नीट्यूड पूछा गया है। इसका मीनिंग
होता नहीं है। लेकिन हम यहां पर अस्यूम
करके जा रहे हैं कि ये मीन पोजीशन पे
वेलोसिटी की बात कर रहे हैं या फिर
मैक्सिमम वेलोसिटी की बात कर रहे हैं।
मैक्सिमम पार्टिकल वेलोसिटी की बात कर रहे
हैं। जिसका एक्सप्रेशन कुछ इस हिसाब से
आएगा। देख एसएचए हम ऐसा लिखते थे ना v =
ऐसे a
ओमेगा
a² - x² तो मीन पोजीशन की बात कर रहे हैं
जहां पर वेलोसिटी कैसी होती है? मैक्सिमम
होती है x = 0 सो यू विल गेट पार्टिकल
वेलोसिटी vp एक्चुअली में इसका एक
फार्मूला स्लोप से डिराइव किया जाता है
लेकिन हमारे सिलेबस में वो नहीं है तो मैं
एसएचएम से करवा रहा हूं तो ओमेगा इंटू
करके a ये मैक्सिमम हालांकि दिया होना ऐसा
चाहिए कि भाई मैक्सिमम पार्टिकल की
वेलोसिटी कितनी हो सकती है तो उस हिसाब से
हम लिखेंगे omeg * a ओमेगा क्वेश्चन से
क्वेश्चन के हिसाब से
कितना दे रखा है बेटा ओमेगा ओमेगा ये रहा
ना 100 पाई हां 100
पाई और a की वैल्यू क्वेश्चन से पांच तो
बन जाएगा बेटा ये 500 पाई
मीटर पर सेकंड और यहां पर मेरे ख्याल से
डिवीज़न करोगे 250 आएगा तो 250 मीटर पर
सेकंड आपको है ना इंडिविजुअली दिखाना कि
ये देखो दूसरे पहले वाले का आंसर बता दिया
ये दूसरे वाले का आंसर ये तीसरे वाले का
आंसर ये चौथे वाले का आंसर ऐसे सब लिखना
है और ये पांचवें नंबर का आंसर मतलब ए बी
सी डी के हिसाब से तो ए बी सी डी के हिसाब
से आपको सारी चीजें डिराइव करके बतानी कुछ
इस हिसाब से आंसर्स मिलेंगे। डिटेल में
लिखना है बेटा। जो एक्सप्रेशन यूज़ करना है
उसको एक दो स्टेटमेंट में बता देना है।
फिर पॉइंट टू पॉइंट लिखना है। डिटेल में
मतलब ऐसा नहीं कि पूरी वार्तालाप कहानी
लिखनी नहीं बेटा। एक दो स्टेटमेंट बता दिए
इसके बारे में। फिर कैलकुलेशन करके दिखा
दी उनको और लास्ट में आंसर के लिए डब्बा
बना दिया। ठीक है? अब इसी में दूसरा
क्वेश्चन। कौन से नंबर का क्वेश्चन गया
एक?
एक हुआ 31। ओके? ये 32 और ये 33। ये बता
रहा है डिफाइन द सेंटर ऑफ मास।
सेंटर ऑफ़ मास डिफाइन करना है। डिराइव एन
एक्सप्रेशन फॉर एन सेंटर ऑफ मास ऑफ ए टू
पार्टिकल सिस्टम। दो पार्टिकल सिस्टम के
लिए सेंटर ऑफ मास का फार्मूला डिराइव करना
है। शो दैट द सेंटर ऑफ मास ऑफ अ टू
पार्टिकल सिस्टम ऑफ इक्वल मासेस लाइज ऑन अ
सेंटर ऑफ लाइन जॉइनिंग। तो इसी में दो
हिस्से मतलब 3 + 2. 3 + 2 के हिसाब से
डिवाइडेड है। तो पहले क्वेश्चन का पहले
आंसर निकालते हैं। सेंटर ऑफ मास क्या होता
है बेटा? सेंटर ऑफ मास ऑफ अ पार्टिकल।
सेंटर ऑफ मास ये क्या होता है कि पूरे
सिस्टम का मास जहां पर कंसंट्रेटेड हम
अस्यूम कर सकें वो और उसके साथ-साथ एक
कंडीशन और रिकट कर रहा हूं कि वहां पर
ट्रांसलेशन मोशन के लिए या फिर मोशन के
सारा फिनोमिना जैसे फोर्स के लिए नहीं f =
ma वगैरह-वगैरह मोमेंटम के फॉर्मूला
अप्लाई कर सकते हैं। वैसे पॉइंट को हम
सेंटर ऑफ मास कहते हैं। यहां पर दो इक्वल
इक्वल मासेस की बात हो रही है। तो इक्वल
मासेस m ठीक है? एक दूसरे से कितने
डिस्टेंस दूर है? x डिस्टेंस दूर है। तो
मैं मान लेता हूं कि ये x = 0 पे है और ये
कुछ पक्का x डिस्टेंस दूर है। तो इनका जो
सेंटर ऑफ़ मास होगा बीच में लाई करेगा वो
हमें प्रूव करना है। तो ये xcm निकालने की
हम कोशिश कर रहे हैं। तो xcm कैन बी m1x1
+ m2x2 / m1 + m2 अब मास यहां पर इक्वल
इक्वल है। m1 = m2 = m और पहला कोआर्डिनेट
तो भाई क्या है?
सुन पहला कोऑर्डिनेट हां चल मान भी लिया
कि पहला कोऑर्डिनेट हमें पता नहीं मैंने
इसको x1 मान लिया मतलब हालांकि मैंने
जनरलाइज किया यहां पर लेकिन अगर आप समझना
चाहते हो तो ऐसे भी बन जाएगा देखना पहला
कोऑर्डिनेट ज़ीरो पे रखा हुआ है पहला ज़ीरो
पे रखा हुआ है तो पहला ज़ीरो हो जाएगा + m
* x दूसरा लिखेंगे m + m यानी 2m तो mx
/ 2mx तो कट कट आउट हुआ यह x / 2 मतलब जो
भी पूरा डिस्टेंस होगा ना उसके आधे
डिस्टेंस पे मिल जाएगा ठीक है और यहां पर
मैंने जनरलाइज करा है। जैसे कि मैंने मान
लिया कि x1 पे है। अलग पेन से लिख रहा हूं
बेटा। सुनना। ये x1 पे है और ये x2 पे है।
तो m1x1 + m2 x2 सबका m कॉमन आउट कैंसिल
आउट। तो x1 + x2 / 2 मतलब ये जो भी
डिस्टेंस होगा दोनों का सम डिवाइड बाय टू
यानी ये सेंटर नहीं मिलेगा। यही सेंटर ऑफ
मास की लोकेशन होगी। दोनों हिसाब से कर
सकते हो। दोनों हिसाब से। आपको तो बताना
है कि इसका सेंटर ऑफ मास कहां पर लाई
करेगा? मिड में लाई करेगा। दोनों के लाइन
जॉइनिंग के सेंटर पे लाइन करेगा। करेक्ट?
ठीक है? आगे बढ़े? इसी में दूसरा क्वेश्चन
था कि अ डिस्टेंस बिटवीन द सेंटर ऑफ
कार्बन एंड ऑक्सीजन एटम कार्बन और ऑक्सीजन
दो एटम दे रखे हैं मेरे दोस्त ओके इन द
कार्बन मोनोऑक्साइड ये है भाई साहब कार्बन
मोनोऑक्साइड C ओ बन रहा है ये C और O बन
रहा है CO को कुछ डायमें मतलब ऐसा ऐसा
फॉर्मेशन है C एंड O ऐसे दे रखे हैं। अब
इन दोनों के बीच की दूरी बेटा, दूरी दे
रखी है R = 1 13 एंगल स्ट्रोम। लोकेट द
सेंटर ऑफ़ अ मास ऑफ़ अ गैस मॉलिक्यूल्स
रिलेटिव टु कार्बन एटम। कार्बन एटम के
रिस्पेक्ट में हमें इसका कितना डिस्टेंस
होगा सेंटर ऑफ़ मास का वो निकालना है। तो,
हम क्या करेंगे बेटा? इसको x = 0 पे
मानेंगे। ओके? अब यहां पर सेंटर ऑफ़ मास
निकालेंगे। तो फार्मूला क्या बनेगा? ऐसे
xcm
= m1 r1 या m1 x1 / m2 x2 / m1 + m2
ओके सर m1 यानी पहले वाला x1 ज़ीरो है ना
इस वजह से पूरा का पूरा ज़ीरो बन जाएगा।
दूसरे वाले की बात करेंगे तो मास ऑफ
ऑक्सीजन प्लस ये कितना डिस्टेंस दूर है? r
डिस्टेंस दूर है। डिनोमिनेटर में लिख
लेंगे m1 + m2 ऑक्सीजन का मास प्लस कार्बन
का मास बस खत्म बेटा। फॉर्मूला अप्लाई
किया और आंसर आप आंसर मिला। तो ये m मास
ऑफ ऑक्सीजन डिस्टेंस हमने r माना था।
डिस्टेंस हमने r माना हुआ है। ये है
ऑक्सीजन। ओ हो हो भाई साहब ये है कार्बन
और ये है ऑक्सीजन। तो दोनों के बीच का
डिस्टेंस r माना हुआ है। कार्बन और
ऑक्सीजन का मास लिखा जो क्वेश्चन में
ऑलरेडी दे रखा है। सिंपलीफाई किया यू विल
गेट आंसर 0.65 एंगस्ट्रोम। मतलब कि ये
कार्बन से 0.65 एंगस्ट्रोम दूर होगा फ्रॉम
द कार्बन एटम टुवर्ड्स द ऑक्सीजन। कार्बन
से ऑक्सीजन की तरफ जाते-जाते ये.65
एंगस्ट्रोम पे मिलेगा हमें सेंटर ऑफ मास।
चमका बेटा। इसको विस्तार से लिखना है यहां
पर कि डिस्क्रीट सिस्टम दे रखी है कार्बन
और एटम दोनों के बीच का डिस्टेंस हमने r
के फॉर्म में यहां पर लिखा है। तो R =
1.13 एंगल स्ट्रोम। याद रखना बेटा। तीन
मार्क्स दो मार्क्स के क्वेश्चन में हमें
सिर्फ फ़ूला लिख के नहीं आ जाना है।
कुछ-कुछ बातें लिख के जाना है कि इनको आता
है। समझ में आता है। सिर्फ फ़ॉर्मूले रट के
नहीं आए हैं। ठीक है मेरे दोस्त? अब इसी
में ऑब्लिक में क्वेश्चंस भी आएंगे। वो
साथ-साथ मैं एक आध करवाते जा रहा हूं।
वरना आपको भी ऐसे होमवर्क में दे सकता
हूं। लेकिन सुनना यहां पर बात। इसको भी
डिवाइड किया गया 3 + 2 में। जरूरी नहीं है
3 + 2 हो बेटा। वो 1 + 1 + 1 + 1 ऐसे भी
पांच दे सकते हैं या 4 + 1 ऐसे भी दे सकते
हैं। लेकिन किसी भी तरह से पांच नंबर का
क्वेश्चन होगा। उसमें ऑब्लिक में भी
क्वेश्चन आ सकता है। तो उस हिसाब से पहले
डील करना कि क्या तुम्हारे ज़ोन में आना हो
आने वाला क्वेश्चन है। तो यहां पर दे रखा
है अ कार वेट 1800 kg। द डिस्टेंस बिटवीन
द फ्रंट एंड बैक एक्सियल इज 1.8 मीटर।
इट्स सेंटर ऑफ अ ग्रेविटी इज़ 1.05 मीटर
बिहाइंड द फ्रंट एक्सेल। अब भाई इसको तो
अज्यूम करना बहुत मुश्किल काम है। मैं सही
बताऊं तो ये एनसीईआरटी का क्वेश्चन है। जी
हां, ये क्वेश्चन एनसीईआरटी का है और
मैंने ये क्वेश्चन वन शॉट में करवाया हुआ
है। रोटेशनल मोशन तुम YouTube की दुनिया
में कहीं भी उठा के देख लीजिए बेटा। जो
क्लास 11th के एनसीईआरटी पे बनाए हुए
वीडियो हैं उसमें कहीं पे तुम्हें इतने
भयंकर क्वेश्चन नहीं दिखेंगे जितने मैंने
करवा रखे हैं। तो वहां से मतलब ये
एनसीईआरटी के ही दिए हुए क्वेश्चन हैं।
कहीं बाहर से नहीं है मेरे दोस्त।
एनसीईआरटी में बहुत ताबड़तोड़ क्वेश्चन
दिए गए हैं। तो उनमें से पूछा गया ये
क्वेश्चन है। कि डिटरमाइन द फोर्स?
एक्सरसाइज का क्वेश्चन है। एनसीईआरटी में
एक्सरसाइज का क्वेश्चन है। डिटरमाइन द
फोर्स एग्जर्टेड बाय द लेवल ऑफ ग्राउंड ऑन
द ईच फ्रंट व्हील एंड बैक व्हील। हवाहवा
हो गया बेटा। कुछ समझ में नहीं आया वैसा
हो गया। तो इसको विजुलाइज़ करो अच्छे से।
समझो अच्छे से। ये आ रहा है टॉर्क वाले
कांसेप्ट, फोर्स वाले कांसेप्ट और
मैकेनिकल इक्विलिब्रियम वाले कांसेप्ट से
कि पहले तो एक पूरी कार सोची। कार के
फ्रंट व्हील से 1.05 मीटर दूर सेंटर ऑफ
ग्रेविटी है। जहां पर नीचे कार का पूरा mg
फोर्स लगता है। तो mg फोर्स नीचे। सेंटर
ऑफ़ ग्रेविटी। अब यहां पर पूछा है कि भाई
कार ऐसे ऊपर नीचे नाच थोड़ी रही है बेटा
नीचे रोड है रोड इसके ऊपर कोई फोर्स लगा
रहा होगा माना वो फोर्स F1 और F2 माना ये
फोर्स F1 और F2 फ्रंट पे लगने वाला फोर्स
F1 ये बैक पे लगने वाला फोर्स F2 ठीक है
मेरे दोस्त तो नीचे लग रहा है mg ऊपर लग
रहा है F1 और F2 दोनों का समेशन क्योंकि
मैकेनिकल इक्विलिब्रियम में है मेरे दोस्त
तो ऊपर नीचे वाले फोर्सेस एक दूसरे को
बैलेंस आउट करेंगे यू विल गेट अ इक्वेशन
F1 + F2 = 17 मतलब मैंने मैंने वैल्यूज़
पुट करके ये ये फार्मूला लिखा है। ये वन
शॉट में करवाई हुई बात है। तो 17640
न्यूटन मिल रहा है। ओके? तो मैकेनिकल
इक्विलिब्रियम की बात थी तो मैंने पहले
टॉर्क नेट जी पहले फोर्स नेट किया। पहली
कंडीशन को यूज़ किया। दूसरी कंडीशन टॉर्क
नेट जीरो। क्या? टॉर्क नेट जीरो। तो कितने
टॉर्क लगेंगे भाई? देखो एक इसकी वजह से
टॉर्क लगेगा। एक इसकी वजह से और एक इसकी
वजह से। तीनों की वजह से कोई-कोई टॉर्क लग
रहा होगा। तो यहां पर दिमाग लगाने वाली
बात है। दिमाग ये है मेरे दोस्त कि पहले
जो अननोन फोर्स है उसके रिस्पेक्ट में
टॉर्क जीरो कर दो। या तो F2 के वाले पॉइंट
के हिसाब से या F1 वाले पॉइंट के हिसाब से
कोई भी दोनों में से कोई भी ले लो छूट है।
समझदारी इसमें है। mg के हिसाब से टॉर्क
ज़ीरो नहीं करना चाहिए। सही वहां पर भी है।
लेकिन सॉल्व नहीं किया सॉल्व नहीं किया जा
सकता। क्यों? क्योंकि वहां पर F1 और F2
थोड़े लंबे हो जाएंगे। सॉल्व तो कर दोगे
लेकिन कैलकुलेशन लंबी चली जाएगी। तो वो
नहीं करना अपने को। दिमाग लगा के कहां? F1
या F2 अननोन फोर्सर्सेस वाले पॉइंट पे
ज़ीरो कर देना है टॉर्क। तो टॉर्क नेट
अबाउट F1 वाले पॉइंट के लिए बोला है हमने।
तो F1 वाले पॉइंट के लिए टॉर्क ज़ीरो। तो
सुन ये MG वाला फोर्स अब नीचे घुमा रहा
होगा। और F2 वाला फोर्स इसे टॉर्क ऊपर
क्रिएट कर रहा होगा। ये F2 की वजह से और
ये mg की वजह से। तो एक नीचे खींच रहा है।
एक ऊपर खींच रहा है। इक्विलिब्रियम वाली
कंडीशन पे दोनों टॉर्क एक दूसरे को बैलेंस
आउट करेंगे। तो हमने दोनों का टॉर्क
कैलकुलेट किया और इक्वल कर दिया। ले बेटा
हमें F2 की वैल्यू मिल गई। जैसे ही F2
मिला इस इक्वेशन में वापस रख दिया। हमें
F1 मिल गया। दोनों मिल गए। फ्रंट व्हील के
ऊपर लगने वाला फोर्स, बैक व्हील के ऊपर
लगने वाला फ़ोर्स और कहानी यहां पर खत्म
नहीं होती है। उन्होंने पूछा कि ईच
ईच फ्रंट व्हील और बैक व्हील। ईच के लिए
गाड़ी में बेटा कितने पहिए होते हैं? चार।
हमने विजुलाइज़ कितने किए हैं? दो। इसके
पीछे भी दो पहिए हैं। तो ये फोर्स जो मिल
रहा है F1 और F2 वो डिवाइडेड हो जाएंगे।
और लास्ट में जो आपको फोर्स मिलेगा वो कुछ
इस हिसाब से होगा। तो क्या सुंदर क्वेश्चन
था। रोटेशनल मोशन का वन ऑफ द बेस्ट
क्वेश्चन। ऐसा एक और पुल्ली टाइप का
क्वेश्चन है। उसको भी देखना। मैंने वन शॉट
पे लास्ट में समझाया हुआ है। पुल्ली ब्लॉक
सिस्टम वाले क्वेश्चंस आया हुआ है। लॉज़ ऑफ
मोशन और रोटेशनल मोशन दोनों का कॉम्बिनेशन
है वो। ओके? बढ़िया। तो ये एक तीन मार्क्स
का क्वेश्चन। इसी में दो नंबर का क्वेश्चन
और है। स्टे स्टेट दैट एंड प्रूव द
प्रिंसिपल ऑफ कंजर्वेशन ऑफ एंगुलर मोमेंटम
एंड एक्सप्लेन इट विद द सूटेबल एग्जांपल।
क्या सुंदर क्वेश्चन बेटा। मतलब इसके तो
एग्जांपल जितने दो उतने खत्म। उतने कम है।
जैसे आपको पता है ना कि डंबेल वाला एक
एक्सपेरिमेंट मेरा ही वीडियो देखा हो या
कहीं और पे भी आपने देखा हो तो चेयर के
चेयर के ऊपर मैं बैठा हूं रोटेट कर रहा
हूं कभी पास में तो स्पीड कम नजदीक ले
लिया स्पीड बढ़ जाती है। ऐसा क्यों होता
है? तो इट इज़ बेस्ड ऑन कंजर्वेशन ऑफ़
एंगुलर मोमेंटम। अब प्रूव आता है कि क्यों
ऐसा होता है? क्या कहता है ये कंजर्वेशन
ऑफ़ एंगुलर मोमेंटम? तो बताता है कि अगर
नेट टॉर्क जीरो है। नेट टॉर्क जीरो है
सिस्टम के ऊपर, देन टोटल एंगुलर मोमेंटम
इज कंजर्व्ड जस्ट लाइक अ पीसीएलएम
प्रिंसिपल ऑफ कंजर्वेशन ऑफ लीनियर
मोमेंटम। जहां लॉज़ ऑफ मोशन में पढ़ते हैं।
ये रोटेशनल मोशन में पढ़ते हैं। टॉर्क नेट
ज़ीरो किया। इट मींस dl / dt = 0 dl / dt
ज़ीरो। तो भाई इसका रीज़न तो यही है ना कि
कोई भी कांस्टेंट टर्म होगा उसका
डिफरेंशिएशन करते हैं तब ज़ीरो आता है। तो
l इज इक्वल टू कांस्टेंट और l कांस्टेंट
है इसका मतलब कि l इनिशियल में जितना होगा
सिस्टम के ऊपर उतना ही फाइनल होगा। अगर
कोई एक्सटर्नल टॉर्क अप्लाइड नहीं है तो
सपोज बताइए कंडीशन। अगर ये है तब की बात
है। ये है तो ये फॉलो होगा। हमें पता है
एंगुलर मोमेंटम I1 एंगुलर मोमेंटम कैन बी
राइट एज़ अ रिजिड बॉडी के लिए I ओमेगा। तो
I1 = I2 ओमेगा। यह देख ले बेटा डंबेल वाला
एग्जांपल। पहले हाथ खुले हुए हैं। तब
स्पीड कम है। क्योंकि मोमेंट ऑफ इनर्शिया
ज़्यादा होगी। mr² r ज़्यादा तो मोमेंट ऑफ
इनर्नर्शिया ज़्यादा। जैसे ही डंबेल को पास
में लिया अब रोटेशन देखना फास्ट हो
जाएंगे। क्यों फ़ास्ट हो जाएंगे? क्योंकि
mr² r छोटा हो गया। R जैसे ही छोटा हुआ
मोमेंट ऑफ इनर्शिया छोटी हुई। तो I1
ओमेगा1 हिसाब से I1 (omega1) = I2 (omeg2)
I2 कम हुई। I2 m मोमेंट ऑफ इनर्शिया जैसे
ही कम हुई, रोटेशन बढ़ गया, ओमेगा बढ़ गया।
ऐसा सेम एग्जांपल होता है बेटा ये कि अर्थ
है वो सन से जब दूर होती है तो MR² के
हिसाब से बेटा मोमेंट ऑफ इनर्शिया वही सेम
फार्मूला है बेटा देख। i1 ओमेगा = I2
omeg2। दूसरे मतलब जब यहां पर पहुंची है।
पहले वाले केस में तो नजदीक ही है। नजदीक
है तो मूवमेंट ऑफ इनर्शिया छोटी। तो ओमेगा
बड़ी बड़ी होगी। इसलिए फास्ट चलती है। जबकि
बहुत ज्यादा दूर है तब मोमेंट ऑफ इनर्शिया
ज्यादा तो ओमेगा की वैल्यू ऑलरेडी कम हो
जाएगी। तो दूर है तब स्लो हो जाती है और
नजदीक है तो फास्ट-फास्ट-फास्ट चलती है।
ऐसा ही होता है बेटा। हां? नजदीक है तो
तेज़ चलती है। दूर है तब धीरे-धीरे धीरे।
इलेक्ट्रिकल ऑर्बिट में घूमते हैं ना?
एग्जांपल पढ़ा होगा। मैंने ही पढ़ाया होगा
वहां पर याद कर। अगर नहीं पढ़ा होगा स्कूल
में कहीं पे पढ़ा होगा। और यहीं पे मैंने
भी एक एग्जांपल दिया था आपको याद हो तो।
कि शक्तिमान फिजिक्स जानता था। उनको पता
था कि सुर करने घूमने में एक फायदा मिलता
है। क्यों? क्यों फायदा मिलता है? क्योंकि
भाई जैसे ही इन्होंने हाथ ऐसे टेढ़े कर
लिए, मोमेंट ऑफ इनर्शिया कम हुई। मोमेंट
ऑफ इनर्शिया जैसे ही कम हुई तो प्रिंसिपल
ऑफ कंजर्वेशन ऑफ एंगुलर मोमेंटम के हिसाब
से ओमेगा बढ़ जाएगी। I कम ओमेगा बढ़
जाएगी। तो ये एग्जांपल वहीं दिया हुआ था
वन शॉट में आपको याद हो तो रिलेट करना
बेटा। तो ये पूरी बात थी सैंपल पेपर की।
अगेन बता रहा हूं बेटा कि ये जरूरी नहीं
है कि सेम एज इट इज़ क्वेश्चन आए। लेकिन
आपको एक ओवरव्यू मिल गया है कि फिजिक्स का
पेपर का स्ट्रक्चर कैसे होता है। क्योंकि
यही स्ट्रक्चर आने वाले एक साल में भी आप
कहीं एक बड़ी एग्जामिनेशन में देने वाले
हो और 33 क्वेश्चन आएंगे तीन घंटे का समय
होगा अपने पास तीन ये 33 क्वेश्चन किस-किस
सेक्शन में डिवाइडेड होंगे और कैसे-कैसे
डिवाइड होंगे और किस टाइप के क्वेश्चंस की
अप्रोच ज्यादा पूछी जाती है वह इस सैंपल
पेपर में आपको समझ में आ चुकी होगी। ठीक
है मेरे दोस्त? तो ये पूरा था सैंपल पेपर
और इस सैंपल पेपर का यहीं पर हम करते हैं
स्वाहा। ऐसे और भी सैंपल पेपर करते जाना।
क्योंकि एक चैप्टर से कुछ नहीं होगा, दो
चैप्टर से कुछ नहीं होगा, तीन चैप्टर से
कुछ नहीं होगा। लेकिन ऐसे चैप्टर का जब
समराइज वे में आप क्वेश्चन प्रैक्टिस
करोगे तो बहुत कुछ हो जाएगा। और जो आप
बोलते हो ना मेरे दोस्त कि जब पेपर करते
हैं ना, सब कुछ आता है। सारे चैप्टर पढ़
लिए हैं। सब कुछ पढ़ लिया है। लेकिन जब
एग्जामिनेशन देने जाते हैं तो भूल जाते
हैं। ऐसा क्यों होता है? तो आपको सैंपल
पेपर में फील आया होगा। क्यों पता है?
क्योंकि एक 3 घंटे के टाइम ड्यूरेशन में
आपको सारे कांसेप्ट वो चंद वो 14 वो 15
चैप्टर के सारे कांसेप्ट सारे फार्मूला एक
साथ याद करने हैं। तो दिमाग के ऊपर सोच
सकते हो कितना ज्यादा प्रेशर होगा। जिस
काम के लिए आपने 3 महीने पढ़ाई की है। 2
महीने पढ़ाई की है। एक महीने भी पढ़ाई की
है। वो 3 घंटे में समराइज करके लिख के आ
जाना बहुत मुश्किल काम होता है। इसके लिए
आपको बहुत प्रैक्टिस की जरूरत होती है। और
वो प्रैक्टिस ऐसे सैंपल पेपर सॉल्व करके
आपको आएगी। तो खुश रहिए बेटा। पढ़ाई करते
रहिए, आगे बढ़ते रहिए। ठीक है? इसी के साथ
करते हैं हम आज के सेशन का स्वाहा।
मिलेंगे अगली बार नई-नई बातों के साथ। तब
तक के लिए बेटा टाटा, बाय-बाय।
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