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CLASS 11TH COMPLETE PHYSICS MOST EXPECTED MCQS|| BY SAJAD SIR

1h 4m 2s12,489 words1,545 segmentsHindi

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0:00

बच्चों जैसा कि मैंने आपको बताया था कि

0:01

मैं आपके लिए जेके बोस के इंपॉर्टेंट

0:04

एमसीक्यू ले आऊंगा जो बार-बार एग्जाम में

0:07

पूछे जाते हैं। तो यहां पर मैं आपके लिए

0:09

वो एमसीक्यू लेके आ गया हूं। 50 ऐसे

0:12

एमसीक्यू जो बोर्ड में बार-बार पूछे जाते

0:16

हैं। अगर आप ये 50 एमसीक्यू कर लेते हो तो

0:19

मैं गारंटी से कहता हूं कि इन 50 एमसीक्यू

0:22

में से कोई बार एमसीक्यू नहीं आएगा। और जब

0:24

आप ये 50 एमसीक्यू करोगे तो आपके 50

0:27

एमसीक्यू

0:29

और हो जाएंगे। तो आपने क्या करना है कि

0:31

इनको अच्छे से पढ़ना है। ठीक है? तो बगैर

0:33

टाइम वेस्ट किए जो है वो हम अपने एमसीक्यू

0:36

पे आते हैं। तो हमारा पहला एमसीक्यू है द

0:38

नंबर ऑफ सिग्निफिकेंट फिगर इन 23.023।

0:43

अब देखो ये वाला क्वेश्चन जो है ना वो कम

0:45

से कम तीन बार आया हुआ है। बट फिर भी आपको

0:47

सिग्निफिकेंट फिगर के रूल्स आने चाहिए।

0:49

निकालना आना चाहिए। तो आपको ये चीज पता है

0:52

कि किसी भी मेजरमेंट के अंदर जितने भी नॉन

0:56

जीरोज़ होते हैं वो सारे सिग्निफिकेंट फिगर

0:58

होते हैं। तो यहां पे देखो कितने नॉन

0:59

जीरोज़ हैं? एक नॉन जीरोज़ है, दो नॉन जीरो,

1:03

तीन और चार। तो चार नॉन जीरोज़ हैं यहां

1:05

पे। यहां पे टोटल कितने नॉन जीरोज़ हैं?

1:08

चार। तो ध्यान से देखो। दूसरा रूल क्या

1:11

होता है? के जितने भी जीरोज़ दो नॉन जीरोज़

1:14

के बीच में आते हैं वो भी सिग्निफिकेंट

1:16

फिगर होते हैं। तो यहां पे देखो क्या जीरो

1:19

दो नॉन जीरो के बीच में आ रहा है? बिल्कुल

1:21

आ रहा है। तो ये भी सिग्निफिकेंट फिगर

1:23

होगा। तो 4 + 1 हम करेंगे तो हमारा कितना

1:26

आएगा? पांच। तो इसका आंसर क्या हो जाएगा

1:28

हमारा? पांच। तो आपको रूल पता होने चाहिए।

1:31

जितने भी नॉन जीरो है जितने भी हमारे नॉन

1:35

जीरो डिजिट है वो सारे के सारे

1:37

सिग्निफिकेंट फिगर होते हैं। नॉन जीरो

1:39

मतलब 1 2 3 और जितने भी जितने भी जीरो

1:44

जितने भी जीरो हमारे नॉन जीरो नॉन जीरो के

1:48

बिटवीन आते हैं। नॉन जीरो के बिटवीन आते

1:52

हैं। वो भी सिग्निफिकेंट फिगर होते हैं।

1:54

जैसे नॉन ज़ीरो के बीच में आ गया जीरो। और

1:56

उसके बाद आपको एक रूल और पता होना चाहिए

1:58

कि अगर आपके नॉन जीरो के अगर आपके नॉन

2:02

जीरो के पहले जीरो आ रहा है नॉन जीरो के

2:04

पहले जीरो आ रहा है तो वो सिग्निफिकेंट

2:06

फिगर काउंट नहीं होगा और अगर आपका नॉन

2:09

जीरो के बाद में जीरो आ रहा है तो

2:11

सिग्निफिकेंट फिगर काउंट होगा। ठीक है? तो

2:14

नेक्स्ट हमारा जो है वो क्वेश्चन है

2:16

प्लैंक कांस्टेंट प्लैंक कांस्टेंट h हैज़

2:20

सेम डायमेंशन हैज़ दैट ऑफ़। तो डायमेंशन के

2:23

ऊपर हर साल जो है वो क्वेश्चन आता ही आता

2:26

है। आपको ये चीज

2:28

पता होनी चाहिए कि डायमेंशन फार्मूले जो

2:31

है वो बहुत ही इंपॉर्टेंट रोल प्ले करते

2:33

हैं यहां पे फिजिक्स में। तो यहां पे देखो

2:36

प्लैंक कांस्टेंट आपको पता है कि प्लैंक

2:39

ने कहा था कि फोटन की जो एनर्जी होती है

2:42

वो होती है E = E = H टाइम उसकी

2:46

फ्रीक्वेंसी। H टाइम फ्रीक्वेंसी। तो हमें

2:49

h की वैल्यू निकालनी है। h की वैल्यू हो

2:51

जाएगी e डिवाइडेड बाय फ्रीक्वेंसी इज

2:54

इक्वल टू आ गया h बच्चों एनर्जी का

2:57

डायमेंशन फार्मूला आपको पता होना चाहिए जो

2:59

होता है हमारे पास क्या ml²

3:03

t की पावर -2 और नीचे आ गया फ्रीक्वेंसी

3:06

फ्रीक्वेंसी का मतलब क्या होता है?

3:08

फ्रीक्वेंसी का मतलब होता है 1 / t 1 / t

3:12

तो जब इस फ्रीक्वेंसी की जगह पे 1 / t

3:15

आएगा तो यहां पे आ गया 1 / t फिर इस t को

3:18

ऊपर लेके जाएंगे तो ये हो जाएगा कितना ये

3:20

हो जाएगा m l²

3:24

t की पावर - 1 तो प्लैंक कांस्टेंट का जो

3:28

डायमेंशन फार्मूला निकल के आ गया वो निकल

3:30

के आ गया m l² t की पावर -1 अब हमें देखना

3:36

है कि इनमें से किसका डायमेंशन फार्म

3:38

फार्मूला ml² t की पावर -1 है। तो ध्यान

3:41

से देखो। एनर्जी का डायमेंशन फार्मूला

3:44

हमें हमने अभी लिखा m l² t की पावर -2

3:49

जनरली क्या होता है कि फोर्स और एनर्जी का

3:51

आपको रटा रटाया होना चाहिए। और मोमेंटम

3:54

अगर आप ध्यान से देखो तो मोमेंटम जो होता

3:56

है वो होता है मास * वेलोसिटी। मास *

3:58

वेलोसिटी। मास का डायमेंशन फार्मूला मास

4:01

को m में लिखेंगे। वेलोसिटी का होता है lt

4:04

की पावर -1। क्या इसका डायमेंशन फार्मूला

4:06

इससे मिलता है? n नहीं मिलता। उसके बाद आ

4:09

गया फ्रीक्वेंसी। आपको पता है फ्रीक्वेंसी

4:11

का डायमेंशन फार्मूला क्या होता है? t की

4:13

पावर -1 क्योंकि फ्रीक्वेंसी टाइम के

4:15

इन्वर्सली प्रोपोर्शनल होती है। अब आता है

4:17

एंगुलर मोमेंटम। एंगुलर मोमेंटम जो होता

4:19

है वो होता है l = l = लीनियर mv mv और

4:26

साथ में r। तो ध्यान से देखो। तो मास का

4:29

तो मास ही आएगा। वेलोसिटी का होता है lt

4:32

की पावर -1 और r जो है वो एक तरह का

4:35

डिस्टेंस है तो डिस्टेंस की जगह पे आ

4:37

जाएगा l तो यहां से देखो ये हो जाएगा m l

4:40

* l कितना हुआ l² और साथ में t की पावर -1

4:45

तो क्या एंगुलर मोमेंटम का डायमेंशन

4:47

फार्मूला मैच हो गया किसके साथ

4:51

प्लैंक कांस्टेंट के साथ बिल्कुल हो गया

4:53

तो हम कहेंगे कि इसका आंसर क्या आएगा

4:55

एंगुलर मोमेंटम तो सीधा स्टेट जो है वो

4:58

आपको क्या करना है याद याद रखना है कि

5:01

हमारा जो प्लैंक कांस्टेंट होता है उसका

5:03

डायमेंशन फार्मूला किसके साथ मिलता है?

5:05

एंगुलर मोमेंटम के साथ। अब देखो नेक्स्ट

5:08

क्वेश्चन आता है बच्चों। ऐसे क्वेश्चन जो

5:09

है वो बार-बार मैंने देखे हैं जेके बोस

5:11

में पूछे गए हैं कि आपको एक इक्वेशन दे

5:13

देगा और आपको बोलेगा उस इक्वेशन में

5:15

डायमेंशन फार्मूला निकालो। यहां पे

5:17

इक्वेशन क्या गिवन है? यहां पे इक्वेशन

5:19

गिवन है f = f = at

5:24

+ bt²।

5:26

तो बच्चों जब भी आपके पास ऐसी इक्वेशन आ

5:29

जाए तो आपने सबसे पहले क्या करना है?

5:31

प्रिंसिपल ऑफ होमोजेनिटी लगा देना है।

5:33

आपको पता है कि डायमेंशन फार्मूले में

5:35

हमने एक टॉपिक पढ़ा था प्रिंसिपल ऑफ

5:37

होमोजेनिटी उसके अकॉर्डिंग उसके अकॉर्डिंग

5:40

कोई भी अगर आपका एक मैथमेटिकल रिलेशन गिवन

5:43

है इक्वेशन गिवन है तो उसमें जो लेफ्ट

5:45

साइड के डायमेंशन होते हैं वो किसके बराबर

5:48

होते हैं? राइट साइड में। मतलब लेफ्ट साइड

5:50

में जितनी भी टर्म्स हैं उनके डायमेंशन

5:52

किसके बराबर होंगे? जो राइट साइड पे लिखी

5:54

हुई है। तो मुझे बताओ क्या मैं ये कह सकता

5:56

हूं कि AT का डायमेंशन फार्मूला जो है वो

5:58

f के बराबर होगा? बिल्कुल होगा। क्योंकि

6:00

अकॉर्डिंग टू प्रिंसिपल ऑफ़ होमोजेनिटी

6:02

दोनों बराबर होते हैं। तो यहां से मुझे a

6:04

की वैल्यू निकालनी है। तो a की वैल्यू

6:05

क्या हो जाएगी? f / f/ t तो मुझे बताओ f

6:09

का डायमेंशन फार्मूला क्या होता है? ml² t

6:12

की पावर -2 फोर्स का डायमेंशन फार्मूला और

6:15

एनर्जी का फार्मूला रट लो। मैं कहता हूं

6:17

बार-बार आता है फोर्स का डायमेंशन

6:19

फार्मूला होता है ml²

6:21

t की पावर m एक मिनट इसका होता है हमारा

6:26

डायमेंशन फार्मूला क्या ml

6:30

t की पावर - 2 तो ये होता है फोर्स का

6:33

डायमेंशन फार्मूला और नीचे क्या है t तो t

6:36

आ गया अब ये पावर ऊपर जाएगा तो नेगेटिव हो

6:38

जाएगी तो ये हो गया t की पावर -1 उसमें ये

6:41

ऐड होगा तो ये आ जाएगा m l साथ में कितना

6:44

हुआ t की पावर -3 तो ध्यान से देखो देखो

6:46

यहां पे कहां पे आ रहा है? mlt की पावर -3

6:49

चलो एक तो मिल गया हमें। अब साथ में हमें

6:51

एक डायमेंशन फार्मूला और निकालना है। वो

6:53

कौन सा है? हमें निकालना है bt²। तो हम ये

6:56

कहेंगे क्या? अकॉर्डिंग टू प्रिंसिपल ऑफ़

6:58

होमोजेनिटी। bt² इक्वल टू bt² = f। तो

7:03

हमें b की वैल्यू निकालनी है। तो b इक्वल

7:05

टू किसके बराबर हो जाएगा? fेड बाय t का

7:09

स्क्वायर। तो अगर आप ध्यान से देखोगे तो

7:12

यहां पे हमारा जो है वो b किसके बराबर आ

7:14

जाएगा? f की जगह पे आ जाएगा m l ml t की

7:19

पावर -2 और नीचे आ जाएगा कितना t² अब देखो

7:23

ये t² है तो ऊपर जाएगा t की पावर -2 हो

7:26

जाएगा तो b की वैल्यू निकल के आ जाएगी

7:28

कितनी m l की पावर 1 t की पावर -4 तो ये

7:33

कौन है ml t की पावर 4 आंसर हमारा कौन सा

7:36

होगा बी सही होगा ठीक है तो जैसे एक है ना

7:39

इक्वेशन v = u + at तो आपको क्या करना

7:44

करना है। U का डायमेंशन किसके बराबर होगा?

7:46

जो V का होगा और AT का डायमेंशन किसका

7:49

होगा? जो V का होगा। अकॉर्डिंग टू

7:50

प्रिंसिपल ऑफ़ होमोजेनिटी। ज्यादा सोचना ही

7:52

नहीं है। उसके बाद है हमारा

7:55

उसके बाद है हमारा क्वेश्चन

7:58

ए प्रोजेक्टाइल विल कवर द सेम हॉरिजॉन्टल

8:00

डिस्टेंस व्हेन द इनिशियल एंगल ऑफ़

8:02

प्रोजेक्शन आर। इनिशियल एंगल ऑफ़

8:04

प्रोजेक्शन आर। तो याद रखना कि आपको ये

8:06

बोल देगा कि आपके पास दो बॉडीज है। उन दो

8:09

बॉडीज को आप इनिशियली किस एंगल से फेंको

8:12

कि सच दैट कि उनकी उनका जो हॉरिजॉन्टल

8:14

डिस्टेंस है वो सेम रहे। तो याद रखना अगर

8:17

ये दोनों एंगल अगर ये दोनों एंगल आपस में

8:20

कॉम्प्लीमेंट्री पेयर बना रहे हैं।

8:21

कॉम्प्लीमेंट्री पेयर मतलब θ1 + θ2 की

8:25

वैल्यू कितनी होनी चाहिए? 90° होनी चाहिए।

8:28

तो अगर दो एंगल का सम जो है वो

8:29

कॉम्प्लीमेंट्री के बराबर आ रहा है तो हम

8:32

कहेंगे कि वहां पे उनकी हॉरिजॉन्टल रेंज

8:34

क्या रहेगी? सेम रहेगी। जैसे यहां से आप

8:36

किसी बॉडी को फेंक रहे हो। एक बॉडी को ऐसे

8:39

फेंका कितने डिग्री के एंगल पे? 30° पे।

8:41

एक ऐसे को फेंका कितने डिग्री पे एंगल के?

8:44

60° पे। क्या ये दोनों आपस में

8:46

कॉम्प्लीमेंट्री है? बिल्कुल है। तो इसका

8:48

मतलब इनकी हॉरिजॉन्टल रेंज क्या होगी? सेम

8:50

होगी। तो यहां पे देखो ये जो दो है वो आपस

8:53

में क्या बना रहे हैं? कॉम्प्लीमेंट्री

8:54

पेयर बना रहे हैं। यहां पे 1 मिनट।

8:57

यहां पर यह मिस्टेक हो गई है क्योंकि यह

8:59

भी कॉम्प्लीमेंट्री पेयर बना रहे हैं।

9:00

यहां पर आप इसको कर दो कितना मतलब

9:03

कॉम्प्लीमेंट्री नहीं होना चाहिए। यहां पर

9:04

यह इसको हम बोल सकते हैं कि मान लो कि ये

9:06

60° है। ठीक है? तो आपको ये बोलेगा कि

9:09

हॉरिजॉन्टल रेंज सेम होने के लिए क्या

9:11

होना चाहिए? हमारे पास दोनों एंगल का सम

9:13

कॉम्प्लीमेंट्री होना चाहिए। बस आपको इतना

9:15

ध्यान में रखना है। नेक्स्ट आता है हमारे

9:17

पास एक लाइट बॉडी एट हैवी बॉडी। तो याद

9:20

रखना कि मोमेंटम और काइनेटिक एनर्जी के

9:22

ऊपर हमेशा क्वेश्चन पूछता ही पूछता है।

9:24

चाहे जो मर्जी हो जाए कि मोमेंट हमारा जो

9:27

मोमेंटम है वो काइनेटिक एनर्जी के साथ

9:29

कैसे रिलेट करेगा? काइनेटिक एनर्जी

9:30

मोमेंटम के साथ कैसे रिलेट होगी? तो उसके

9:33

लिए आपको एक फार्मूला याद रखना है। कौन

9:34

सा? E इक्वल टू मतलब हमारी एनर्जी जो होती

9:38

है वो किसके बराबर होती है? मोमेंटम का

9:40

स्क्वायर / 2m। तो जब आप क्लास 11th में

9:44

पढ़ते हो ना कौन सा टॉपिक? वर्क पावर

9:46

एनर्जी तो वहां पे आपका एक फार्मूला निकल

9:48

के आता है। कांसेप्ट निकल के आता है

9:49

काइनेटिक एनर्जी और मोमेंटम। तो ये

9:51

डायरेक्ट रिलेशन होता है किसके बीच में?

9:53

काइनेटिक एनर्जी और मोमेंटम। तो यहां पे

9:55

मोमेंटम की वैल्यू निकालो। तो p² जो है वो

9:57

किसके बराबर हो जाएगा? p² बराबर हो जाएगा

10:00

e और साथ में हो जाएगा कितना? टू और साथ

10:02

में हो जाएगा m। ये मोमेंटम इधर स्क्वायर

10:05

है तो उधर जाके रूट हो जाएगा। तो p इक्वल

10:07

टू किसके बराबर हो जाएगा? अंडर रूट e और

10:10

साथ में हो जाएगा 2 और साथ में हो जाएगा m

10:13

तो यहां पर क्वेश्चन में देखो क्या कह रहा

10:15

है लाइट बॉडी एंड हैवी बॉडी हैव इक्वल

10:17

काइनेटिक एनर्जी मतलब इस काइनेटिक एनर्जी

10:19

की वैल्यू सेम है टू की वैल्यू भी सेम है

10:22

तो इसका मतलब यहां पे मैं ये कह सकता हूं

10:24

कि मोमेंटम जो है वो डायरेक्टली

10:26

प्रोपोर्शनल है किसके मास के जिसका मास

10:29

ज्यादा होगा उसकी हमारे पास जो है वो

10:32

मोमेंटम क्या होगा ज्यादा होगा तो हैवी

10:34

बॉडी तो जब भी आपके पास ऐसा क्वेश्चन आए

10:36

तो ये रिलेशन यूज़ करके आप बता सकते हो।

10:40

नेक्स्ट आता है एंगुलर मोमेंटम। अब आपको

10:42

पता है कि एंगुलर मोमेंटम को L से

10:43

रिप्रेजेंट करते हैं L वेक्टर। और इसका

10:45

फार्मूला आता है क्या? P मोमेंटम क्रॉस R।

10:50

ठीक है? अब हमें पूछ रहा है कि ये एंगुलर

10:52

मोमेंटम क्या है? तो आपके दिमाग में जब भी

10:54

एंगुलर मोमेंटम का कांसेप्ट आए ना तो आपको

10:57

सबसे पहले पता ये होना चाहिए कि जब भी कोई

10:58

बॉडी रोटेट करती है तो उस वक्त जो उसके

11:01

पास मोमेंटम होता है उसको बोलते हैं

11:02

एंगुलर मोमेंटम। और एंगुलर मोमेंटम किसका

11:05

पार्ट है? रोटेशनल मोशन का और रोटेशनल

11:08

मोशन में हमेशा कोई बॉडी किसी एक्सिस के

11:11

अबाउट रोटेट करती है। तो ये रेडियस जो है

11:13

वो किसको रिप्रेजेंट कर रहा है? एक्सिस

11:15

को। तो ये हमारा कौन सा वेक्टर होगा?

11:17

एक्सियल वेक्टर होगा। स्केलर तो हो नहीं

11:19

सकता। क्यों? क्योंकि एंगुलर मोमेंटम जो

11:21

है वो एक वेक्टर क्वांटिटी है और पोलर भी

11:24

नहीं हो सकता। तो होगा कौन? एक्सियल।

11:26

क्यों एक्सियल? क्योंकि रोटेशनल मोशन जो

11:29

होता है वो किसी एक्सिस के अबाउट होता है।

11:31

यहां पे इस चीज को दिमाग में रखने के लिए

11:33

आप ऐसे सोच सकते हो। ठीक है? नेक्स्ट आता

11:36

है हमारे पास देयर इज नो एमॉस्फेयर ऑन द

11:38

मून बिक बिकॉज़ अब देखो यह चीज आप ध्यान

11:41

में रखना मून के ऊपर आपको पता है कि किसी

11:45

भी बॉडी को अगर आपने स्पेस में भेजना है

11:47

तो उसको आपको एक मिनिमम वेलोसिटी चाहिए

11:49

होती है उसको प्रोजेक्टाइल करने के लिए

11:51

प्रोजेक्टेड करने के लिए उसको बोलते हैं

11:52

एस्केप वेलोसिटी तो आप ये याद रखोगे कि

11:55

मून के ऊपर मून के ऊपर जो हमारी एस्केप

12:00

वेलोसिटी की वैल्यू होती है वो कम होती है

12:02

क्या होती है कम होती है तो जिसकी वजह से

12:04

क्या होता है कि मॉलिक्यूल वहां पे रुक ही

12:06

नहीं पाता। अगर आप चाहते हो आपका

12:08

मॉलिक्यूल अर्थ के जैसे हमारी गैसेस जो है

12:10

वो अर्थ को सराउंड करके रखी हुई है

12:12

क्योंकि वहां पे एस्केप वेलोसिटी उनके पास

12:13

है। अगर हमारे सेटेलाइट स्पेस में जाते

12:16

हैं क्योंकि हमारे सेटेलाइट के पास क्या

12:18

है कि एस्केप वेलोसिटी है। तो यहां पे मून

12:20

के ऊपर एस्केप वेलोसिटी कम होती है।

12:22

एस्केप वेलोसिटी कम होने की वजह से

12:24

मॉलिक्यूल वहां पे रुकता ही नहीं स्पेस

12:26

में चला जाता है। तो यहां पे क्या इसका

12:28

होगा? ये वाला द एस्केप वेलोसिटी ऑफ़ गैस

12:30

मॉलिक्यूल इज लेस देन कि आप ऐसा कर सकते

12:33

हो कि मून के ऊपर जो गैस के मॉलिक्यूल है

12:35

वो एस्केप वेलोसिटी से ज्यादा वेलोसिटी से

12:37

मूव करते हैं। तो अगर ज्यादा वेलोसिटी से

12:39

मूव करेंगे तो वो स्पेस में चले जाएंगे।

12:41

तो ये क्वेश्चन जो है ना स्टूडेंट मैं

12:43

आपको बार-बार ये कहता हूं कि ये क्वेश्चन

12:45

आप करके जाओ। ये क्वेश्चन जो है वो लास्ट

12:47

15 साल में भी आए हुए हैं। और इसके अलावा

12:49

भी हमने कुछ ऐसे क्वेश्चन डाले जिनमें एक

12:51

क्वेश्चन से तीन चार क्वेश्चन जो है वो

12:53

बराबर निकल के आ जाए।

12:55

फिर डायमेंशन फार्मूले के ऊपर क्वेश्चन आ

12:57

गया। कहता है डायमेंशन फार्मूला ऑफ मोडलेस

13:00

ऑफ इलास्टिसिटी। अब आपको पता है कि जब आप

13:03

स्ट्रेस को जब आप स्ट्रेस को डिवाइड करते

13:07

हो किसके साथ? स्ट्रेन के साथ। जब आप

13:11

स्ट्रेस को स्ट्रेन के साथ डिवाइड करते हो

13:13

तो आपको एक कांस्टेंट मिलता है जिसको

13:14

बोलते हैं यंग मोड्युलस ऑफ इलास्टिसिटी।

13:17

जो हमें ये बताता है कि कोई सॉलिड कितना

13:19

इलास्टिक है। तो हमें हमें ये बताना है कि

13:22

यंग मोड्यूलस ऑफ इलास्टिसिटी का डायमेंशन

13:23

फार्मूला किससे मिलता है। अब आप खुद सोचो

13:26

कि स्ट्रेस की जगह पे तो मान लो मैंने

13:28

स्ट्रेस लिख दिया।

13:30

अब देखो स्ट्रेन का फार्मूला क्या होता

13:32

है? स्ट्रेन का फार्मूला होता है चेंज इन

13:35

लेंथ डिवाइडेड बाय ओरिजिनल लेंथ। अब देखो

13:38

लेंथ की यूनिट क्या होती है? मीटर। नीचे

13:40

लेंथ की यूनिट क्या आएगी? मीटर। मीटर से

13:43

मीटर कट गया। तो यहां पे आंसर क्या आ गया?

13:45

वन। तो यहां से हमें एक और क्वेश्चन पता

13:47

चल गया क्या? कि स्ट्रेन जो होता है वो

13:49

स्ट्रेन जो होता है वो क्या होता है?

13:51

यूनिटलेस होता है। स्ट्रेन जो हमारा कैसा

13:54

होता है? यूनिट लेस। यूनिट लेस है तो जो

13:56

यूनिट लेस है तो वो डायमेंशन लेस भी होगा।

13:59

तो यहां पे देखो इसकी जगह पे आप जब वन

14:01

लिखोगे तो ये वन आएगा। तो यहां पे यंग

14:03

मोडलेस ऑफ़ इलास्टिसिटी की वैल्यू किसके

14:05

बराबर निकल के आएगी? स्ट्रेस के। इसका

14:07

मतलब अगर यंग मोड्युलस की वैल्यू स्ट्रेस

14:10

के बराबर है तो जो डायमेंशन फार्मूला

14:12

स्ट्रेस का होगा वही किसका होगा? यंग

14:14

मोडलेस ऑफ़ इलास्टिसिटी का। तो यहां पे हम

14:17

क्या बोल सकते हैं के जो हमारा मोडलेस ऑफ़

14:20

इलास्टिसिटी है उसका डायमेंशन फार्मूला

14:22

किससे मिलताजुलता है? स्ट्रेस से। ठीक है?

14:25

और अभी आपको पता है स्ट्रेन जो होता है वो

14:27

तो यूनिटलेस होता है। वेलोसिटी का

14:29

डायमेंशन फार्मूला होता है lt की पावर -1

14:32

और सरफेस टेंशन के ऊपर अलग से मैंने

14:34

क्वेश्चन पूछा हुआ है। व्हाट इज द

14:35

डायमेंशन फार्मूला ऑफ़ सरफेस टेंशन? वो हम

14:37

आगे देखेंगे।

14:39

नेक्स्ट आता है ड्यूरिंग द फ्री एक्सपेंशन

14:41

ऑफ़ गैस एंट्रॉपी में क्या होगा? तो याद

14:43

रखना कि एंट्रोपी एंट्रॉपी का मतलब होता

14:47

है डिसऑर्डर। एंट्रॉपी का मतलब होता है

14:49

क्या? डिसऑर्डर। जैसे कमरे में अगर चीजें

14:52

बड़ी संभाल के रखी हुई है तो हम कहेंगे कि

14:54

डिसऑर्डर बहुत कम है। तो अगर कमरे में

14:56

चीजें जो है वो बहुत ज्यादा बिखरी हुई है

14:59

तो हम कहेंगे कि डिसऑर्डर बहुत ज्यादा है।

15:01

ठीक है? तो जहां पे डिसऑर्डर ज्यादा होगा

15:03

तो वहां पे हमारी एंट्रॉपी भी क्या होगी?

15:06

ज्यादा होगी। तो यहां पे आप खुद सोचो कि

15:08

अगर एक गैस जो है वो एक्सपेंड कर रही है

15:10

तो अगर एक गैस एक्सपेंड कर रही है तो गैस

15:12

इधर भी मूव करेगी उधर भी मूव करेगी आगे

15:14

जाएगी पीछे आएगी हर तरफ जाएगी तो जब गैस

15:17

हर तरफ जाएगी तो डिसऑर्डर बढ़ जाएगा तो

15:20

डिसऑर्डर बढ़ेगा तो हमारी एंट्रॉपी भी जो

15:22

है वो क्या होगी इनक्रीस होगी ठीक है चलो

15:28

द एरिया देखो मैंने आपको ये चीज पहले बताई

15:31

थी कि कैनामेटिक में ग्राफ के ऊपर

15:32

क्वेश्चन पूछता है यहां पे देखो क्या कह

15:35

रहा है एक्सीलरेशन टाइम ग्राफ एक्सीलरेशन

15:37

टाइम ग्राफ में आपको पता है कि x एक्सिस

15:39

पे आप किसको लेते हो? टाइम को। y एक्सिस

15:42

पे किसको लेते हो? एक्सीलरेशन को। तो ऐसे

15:44

ग्राफ को हम क्या बोलते हैं? एक्सीलरेशन

15:46

टाइम ग्राफ। कहता है कि एक्सीलरेशन टाइम

15:48

ग्राफ का एरिया क्या आएगा? मान लो कि

15:50

हमारा ग्राफ ऐसा आया तो हमें ये वाला

15:52

एरिया निकालना है। तो मैं आपको एक ट्रिक

15:54

बताता हूं जिसकी मदद से आप एरिया आसानी से

15:56

निकाल देते हो। जब भी आपको एरिया का

15:58

बोलेगा तो आपने सिंपली क्या करना है कि x

16:00

एक्सिस को मल्टीप्लाई कर देना है। किसके

16:02

साथ? y एक्सिस के साथ। x एक्सिस पे क्या

16:04

है? t y एक्सिस पे क्या है? a और आपको पता

16:07

है कि वेलोसिटी जो होती है वो किसके बराबर

16:10

होती है? एक्सीलरेशन डिवाइडेड बाय टाइम।

16:12

तो वहां वहां से एक्सीलरेशन की वैल्यू

16:15

निकालो तो वो हो जाएगी v * t = a तो जब

16:20

वेलोसिटी और टाइम को मल्टीप्लाई करूंगा तो

16:22

क्या पता चलेगा?

16:24

वेलोसिटी और टाइम को जब आपस में

16:26

मल्टीप्लाई करता हूं तो एक्सीलरेशन पता

16:28

चलती है। तो यहां पर देखो t * a 1 मिनट

16:31

हमारा है v = ये है ना v = a/ t तो यहां

16:36

से अगर आप v * t करोगे तो आपका क्या आ

16:38

जाएगा? वेलोसिटी जो होती है वो किसके नहीं

16:41

सॉरी एक मिनट यहां पे गलती हो गई। हमारा

16:44

जो एक्सीलरेशन होती है वो होती है ये

16:47

वेलोसिटी होती है डिस्प्लेसमेंट। जो हमारी

16:49

एक्सीलरेशन होती है वो होती है हमारे पास

16:51

क्या? वेलोसिटी डिवाइडेड बाय टाइम

16:54

एक्सीलरेशन को दिमाग में रखो। एक्सीलरेशन

16:56

किसके बराबर है? वेलोसिटी डिवाइडेड बाय

16:57

टाइम। तो वहां से वेलोसिटी किसके बराबर हो

16:59

जाएगी? एक्सीलरेशन * टाइम इज इक्वल टू

17:03

वेलोसिटी। तो जब एक्सीलरेशन को जब

17:06

एक्सीलरेशन को टाइम से मल्टीप्लाई करते

17:08

हैं तो क्या पता चलता है? वेलोसिटी पता

17:10

चलती है। तो एक्सीलरेशन टाइम ग्राफ जो है

17:12

वो हमें किसके बारे में बताएगा? चेंज इन

17:14

वेलोसिटी के बारे में बताएगा। तो ये आपको

17:16

चीज पता होना चाहिए। और आपको ये भी पूछ

17:18

सकता है कि अगर आपका एक्सीलरेशन टाइम

17:21

ग्राफ ना हो बल्कि वेलोसिटी टाइम ग्राफ हो

17:23

जिसमें आपने y एक्सिस पे वेलोसिटी लिया

17:25

हुआ है और x एक्सिस पे टाइम को लिया हुआ

17:27

है। इसका एरिया क्या बताएगा? तो याद रखना

17:29

इसका एरिया जो है वो आपको एक्सीलरेशन

17:31

देगा।

17:33

17:35

एक्सीलरेशन टाइम ग्राफ। एक्सीलरेशन टाइम

17:38

ग्राफ का एरिया हमें किसके बारे में

17:39

इंफॉर्मेशन देता है? वेलोसिटी के बारे

17:41

में। वेलोसिटी टाइम ग्राफ हमें किसके बारे

17:43

में इंफॉर्मेशन देता है? एक्सीलरेशन के

17:46

बारे में। ठीक है? और पोजीशन टाइम ग्राफ

17:48

के एरिया से हमें कुछ भी पता नहीं चलता।

17:51

ठीक है? तो ये आपको पता होना चाहिए।

17:52

नेक्स्ट है हमारे पास एंगुलर मोमेंटम ऑफ ए

17:55

बॉडी रिमेन कांस्टेंट। अब आपको पता है कि

17:57

जब एक बॉडी लीनियर मोशन में होती है तो

17:59

उसके पास कौन सा मोमेंटम होता है? लीनियर

18:01

मोमेंटम। और जब बॉडी रोटेशनल मोशन में

18:03

होती है तो उसके पास कौन सा मोमेंटम होता

18:06

है? एंगुलर मोमेंटम। और आपने ये चीज पढ़ी

18:08

है कि किसी बॉडी के ऊपर लगने वाली अगर

18:10

टोटल फोर्स जो है वो कितनी है? ज़ीरो है तो

18:13

उस केस में हम कहेंगे कि उसका मोमेंटम जो

18:15

होता है जिसको P से रिप्रेजेंट करते हैं

18:17

वो क्या रहता है? कांस्टेंट रहता है या तो

18:20

सेम रहता है। बट आपको पता है कि रोटेशनल

18:22

मोशन में हम फोर्स को फोर्स नहीं बोलते।

18:25

रोटेशनल मोशन में हम फोर्स को बोलते हैं

18:28

टॉर्क। क्या बोलते हैं? टॉर्क बोलते हैं।

18:31

और टॉर्क को रिप्रेजेंट करते हैं टाऊ से।

18:33

ठीक है? तो आपको पता है कि जब किसी बॉडी

18:36

के ऊपर लगने वाली फोर्स जीरो होती है तो

18:38

उसका लीनियर मोमेंटम कांस्टेंट रहता है।

18:40

बट यहां पे टॉर्क की बात हो रही है। तो जब

18:42

किसी बॉडी के ऊपर लगने वाला टॉर्क जीरो

18:44

होता है। जब किसी बॉडी के ऊपर लगने वाला

18:46

टॉर्क जीरो होता है तो उस केस में हम कहते

18:49

हैं कि उसका जो एंगुलर मोमेंटम रहेगा वो

18:53

क्या रहेगा? कंजर्व रहेगा और एंगुलर

18:54

मोमेंटम सेम रहेगा। ठीक है? और टॉर्क का

18:57

मतलब क्या होता है? एक ऐसी फोर्स जो बॉडी

19:00

को रोटेट करवाने का काम करती है। नेक्स्ट

19:03

आता है हमारे पास मोडलेस ऑफ रिजिडिटी ऑफ़ ए

19:05

लिक्विड। अब एक चीज आप याद रखो दिमाग में

19:09

कि जैसे हमने अभी पढ़ा था यंग मोडलेस ऑफ

19:12

इलास्टिसिटी। हमारा ये जो यंग मोडलेस ऑफ़

19:14

इलास्टिसिटी होता है ना ये सॉलिड के लिए

19:17

डिफाइन होता है। किसके लिए डिफाइन होता

19:19

है? सॉलिड के लिए। ये हमें ये बताता है कि

19:21

कोई भी सॉलिड जो है वो कितना इलास्टिक है।

19:24

इलास्टिक का मतलब जब हमने उसके ऊपर फोर्स

19:26

लगाई तो फोर्स लगा के छोड़ी तो क्या वो

19:29

अपनी ओरिजिनल पोजीशन में कितना जल्दी आ

19:31

रहा है उसका मतलब होता है इलास्टिसिटी।

19:33

चाहे मोडलेस ऑफ रिजिडिटी हो चाहे यंग

19:36

मोडलेस ऑफ़ इलास्टिसिटी हो। ये सारी की

19:38

सारी टर्म सॉलिड के लिए डिफाइन होती है।

19:40

लिक्विड के लिए या गैसेस के लिए डिफाइन

19:43

नहीं होती। आप खुद सोचो कि क्या क्या

19:45

लिक्विड जो होते हैं वो मतलब इलास्टिक

19:47

होते हैं? क्या लिक्विड के ऊपर मैं ऐसे

19:49

फोर्स लगाऊंगा, ऐसे पुश करूंगा अगर मैं

19:51

उसको या पुल करूंगा तो क्या लिक्विड अपनी

19:54

ओरिजिनल स्टेट में दोबारा आ जाएगा?

19:55

डेफिनेट सी बात है कि नहीं आएगा। तो याद

19:58

रखना कि ये जो माउलेस ऑफ़ रिजिडिटी होती

20:01

है, ये लिक्विड के केस में भी हमारे पास

20:03

कितनी होती है? जीरो होती है। और ये गैसेस

20:05

के केस में भी कितनी होती है? जीरो होती

20:07

है। क्योंकि ना तो वो वो क्या नहीं होते?

20:10

वो स्ट्रेच नहीं होते। ना तो आप उसके ऐसा

20:12

नहीं है कि आप उनके ऊपर फोर्स लगाओगे तो

20:14

वो अपनी ओरिजिनल स्टेट में दोबारा से आ

20:16

जाएंगे। तो ये चीज आपको पता होनी चाहिए।

20:18

नेक्स्ट आता है हमारे पास इंटरनल एनर्जी

20:21

ऑफ़ एन आइडियल गैस डिपेंड अपॉन। अब आपको

20:23

पता है कि काइनेटिक थ्योरी ऑफ़ गैस में

20:25

हमने ये चीजें बहुत ही अच्छे से डिस्कस की

20:27

है

20:29

के जो हमारे गैस के मॉलिक्यूल्स होते हैं

20:32

उनके बीच में जो इंटरमॉलिक्यूलर फोर्सेस

20:34

ऑफ़ अट्रैक्शन होती हैं। जो गैस के

20:36

मॉलिक्यूल के बीच में फोर्सर्सेस ऑफ़

20:38

अट्रैक्शन होती है वो जीरो होती है। ये

20:39

कौन कहता है? ये कहता है काइनेटिक थ्योरी

20:42

ऑफ़ गैस। गैसेस के गैसेस का वॉल्यूम जो

20:44

होता है वो नेग्लिजिबल होता है। जीरो के

20:46

बराबर होता है। ये कौन कहता है? काइनेटिक

20:48

थ्योरी ऑफ़ गैस। और काइनेटिक थ्योरी ऑफ़ गैस

20:51

में आपने एक और पॉइंट पढ़ा है कि काइनेटिक

20:53

एनर्जी जो होती है गैस की वो डायरेक्टली

20:55

प्रोपोर्शनल होती है टेंपरेचर की। अगर आप

20:58

टेंपरेचर बढ़ाओगे तो काइनेटिक एनर्जी

21:00

बढ़ेगी। तो आपको ये भी पता होना चाहिए कि

21:03

किसी भी सिस्टम की जो टोटल एनर्जी होती है

21:06

वो किसके बराबर होती है? सम ऑफ़ काइनेटिक

21:08

एनर्जी प्लस पोटेंशियल एनर्जी। अब आप खुद

21:11

सोचो कि टोटल एनर्जी को ही हम क्या बोलते

21:13

हैं? इंटरनल एनर्जी। अब आप खुद सोचो कि

21:16

काइनेटिक एनर्जी अगर चेंज होगी तो टोटल

21:18

एनर्जी चेंज होगी। सिर्फ दिमाग में इतनी

21:20

बात याद रखो कि अगर अगर आप अगर आप गैस का

21:24

क्या अगर आप क्या करोगे? अगर आप टेंपरेचर

21:27

को बढ़ाओगे। अगर आप टेंपरेचर को बढ़ाओगे

21:30

तो इंटरनल एनर्जी बढ़ेगी। और इंटरनल

21:34

एनर्जी के केस में याद रखना आइडियल गैस के

21:36

केस में फोर्स भी जीरो होती है और वॉल्यूम

21:38

भी जीरो होता है।

21:42

नेक्स्ट एट वि एंगल। अब आपको पता है कि जब

21:45

आप बॉडी के प्रोजेक्टाइल मोशन के बारे में

21:48

पढ़ते हो तो प्रोजेक्टाइल मोशन में जो

21:50

रेंज का फार्मूला निकल के आता है वो निकल

21:52

के आता है u² sin u² sin 2 थीटा बाय g अब

21:59

आप खुद सोचो क्या सोचो कि यहां पे थीटा की

22:02

वैल्यू जितनी ज्यादा होगी उतनी रेंज

22:05

ज्यादा होगी रेंज मतलब हाइट ज्यादा होगी

22:08

अब आप खुद सोचो कि sin कितने पे मैक्सिमम

22:11

होता है sin 90 पे मैक्सिमम होता है sin

22:14

90 के ऊपर साइन की वैल्यू जो हमें मिलती

22:16

है वो क्या मिलती है? मैक्सिमम। अब आप खुद

22:19

सोचो कि यहां पे एंगल कितना होगा? 90°। अब

22:21

आप खुद सोचो कि इस स्टाइलस को अगर मैं ऐसे

22:24

फेंक रहा हूं तो ये यहां तक जाएगा। अगर

22:27

मैं इसको ऐसे फेंक रहा हूं ऊपर तो ये यहां

22:29

तक गया। तो किसी भी ऑब्जेक्ट को जब आप

22:31

वर्टिकली फेंकते हो तो वो ज्यादा हाइट

22:33

क्या करता है? अटैन करता है। खत्म। ज्यादा

22:35

सोचने की जरूरत ही नहीं। नेक्स्ट आ गया

22:37

हमारे पास न्यूटन सेकंड लॉ ऑफ़ मोशन। नाइंथ

22:39

क्लास से हम जो है वो ये चीज पढ़ते आए हैं

22:42

कि न्यूटन सेकंड लॉ मोशन हमें क्या बताता

22:44

है कि फोर्स जो होती है वो किसके बराबर

22:47

होती है? मास इन एक्सीलरेशन।

22:50

फोर्स जो है वो किसके बराबर होती है? मास

22:52

इन एक्सीलरेशन। अब आपको न्यूटन के सेकंड

22:55

लॉ से किसके बारे में पता चला? ये जो f

22:57

लिखा हुआ है ये क्या है? फोर्स है। तो

23:00

ध्यान से पढ़ो। न्यूटन सेकंड लॉ ऑफ़ मोशन

23:02

गिव दी मेजर ऑफ़ मेजर ऑफ़ फोर्स। क्योंकि

23:05

न्यूटन के सेकंड लॉ हमें फोर्स के बारे

23:07

में बताता है।

23:10

नेक्स्ट इफ नो एक्सटर्नल फोर्स इज

23:12

एक्सर्टेड ऑन ए सिस्टम द वेलोसिटी ऑफ द

23:15

सेंटर ऑफ मास। अब देखो जैसे मैं इसको अगर

23:17

यहां पे बैलेंस कर रहा हूं। यहां पे ये

23:19

नहीं हो रहा। देखो ये यहां पे मैंने इसको

23:21

बैलेंस किया तो इसका सेंटर ऑफ़ मास क्या

23:23

होगा? यहां पे होगा। कोई भी बॉडी जिस

23:25

पॉइंट के अबाउट क्या होती है कि बैलेंस

23:27

होती है वो उसका सेंटर ऑफ़ मास होता है। अब

23:29

देखो इस बॉडी का मान लो सेंटर ऑफ़ मास यहां

23:31

पे है। तो जब मैं इसको मूव करवाऊंगा तो

23:34

इसका सेंटर ऑफ़ मास ही मूव करेगा। तो जब

23:36

सेंटर ऑफ़ मास मूव करेगा तो सेंटर ऑफ़ मास

23:38

की वेलोसिटी भी चेंज होगी। अब आप खुद सोचो

23:41

कि फिजिक्स में फिजिक्स में कोई बॉडी

23:43

रेस्ट पे कब होती है? या तो या तो वो रुकी

23:47

हुई है या तो वो कांस्टेंट वेलोसिटी के

23:49

साथ चल रही है। किसके साथ? कांस्टेंट

23:51

वेलोसिटी के साथ। जब बॉडी कांस्टेंट

23:53

वेलोसिटी के साथ चलती है तो उसकी

23:55

एक्सीलरेशन जीरो होती है। एक्सीलरेशन ज़ीरो

23:58

का मतलब उसके ऊपर फोर्स जो लग रही है वो

24:00

क्या है? ज़ीरो। तो क्वेश्चन क्या कह रहा

24:02

है? कि अगर आपके सेंटर ऑफ मास के ऊपर कोई

24:05

भी एक्सटर्नल फोर्स नहीं लग रही तो अगर

24:06

एक्सटर्नल फोर्स नहीं लग रही तो उसकी

24:08

वेलोसिटी क्या रहेगी? उसकी वेलोसिटी जो है

24:10

वो कांस्टेंट रहेगी। इसमें क्या सोचना है?

24:12

क्योंकि आपको पता है कि जो एक्सीलरेशन

24:15

क्यों आती है? फोर्स की वजह से आती है।

24:17

बॉडी के ऊपर फोर्स लगेगी तभी एक्सीलरेशन

24:19

आएगी। अगर फोर्स नहीं लग रही तो

24:21

एक्सीलरेशन नहीं आएगी। नेक्स्ट आता है

24:24

हमारे पास नंबर ऑफ़ डिग्री ऑफ़ फ्रीडम। आ

24:26

गया हमाराेंट क्वेश्चन। नंबर ऑफ़ डिग्री ऑफ़

24:28

फ्रीडम। बच्चों अगर आपको डिग्री ऑफ फ्रीडम

24:31

आना निकालना आ जाए ना अगर आपको यह पता चल

24:34

जाए कि मोनो एटॉमिक डाई एटॉमिक ट्राई

24:36

एटॉमिक गैस की डिग्री ऑफ फ्रीडम क्या होती

24:37

है तो आप आसानी से क्या कर सकते हो आपको

24:40

ये तीन नंबर में भी देखने को मिल सकता है

24:42

और एक नंबर में तो हर साल आता ही आता है

24:44

तो याद रखना कि डिग्री ऑफ़ फ्रीडम डिग्री

24:47

ऑफ़ फ्रीडम का फार्मूला याद रखो कि डिग्री

24:49

ऑफ़ फ्रीडम DOF का जो फार्मूला आता है वो

24:53

होता है कितना 3P

24:55

3p - R यहां पे R का मतलब होता होता है

24:59

हमारे पास नंबर ऑफ़ पार्टिकल। R का मतलब

25:02

होता है हमारे पास क्या? नंबर ऑफ़

25:05

पार्टिकल। और R का मतलब होता है उन

25:07

मॉलिक्यूल्स के बीच का रिलेशन। उन

25:10

मॉलिक्यूल के बीच का रिलेशन। ठीक है? अब

25:13

देखो, आपको पता है कि या तो एक सिंगल एटम

25:16

एक्सिस्ट करेगा या तो दो एटम आपस में

25:18

मिलेंगे या तो दो से ज्यादा एटम आपस में

25:20

मिलेंगे। जब एक सिंगल एटम की मैं बात करता

25:22

हूं तो उसको मैं बोलूंगा मोनो एटॉमिक।

25:24

क्या बोलूंगा? मोनो एटॉमिक। जैसे हमारी जो

25:27

नोबल गैस होती है वो क्या होती है? मोनो

25:29

एटॉमिक होती है। जैसे हमारा हीलियम जो है

25:32

वो एक क्या है? नोबल गैस है। तो इसकी

25:34

डिग्री ऑफ़ फ्रीडम कितनी होगी? देखो हीलियम

25:37

नंबर ऑफ़ पार्टिकल कितने हैं? तीन की जगह

25:40

पे तीन आएगा। नंबर ऑफ़ पार्टिकल कितना है?

25:42

एक है। और R कितना है? जीरो। क्योंकि एक

25:45

हीलियम अगर दूसरे के साथ बॉन्ड बनाता, तो

25:47

हम कहते एक रिलेशन है। तो ये ज़ीरो है। तो

25:49

डिग्री ऑफ़ फ्रीडम कितनी आ जाएगी? तीन आ

25:51

जाएगी। आपको सिर्फ इतना याद रखना है कि

25:54

मोनो एटॉमिक गैस की मोनो एटॉमिक गैस की

25:56

डिग्री ऑफ फ्रीडम कितनी होती है? तीन। तो

25:58

अगर हमारे पास डाई एटॉमिक मॉलिक्यूल आ जाए

26:01

डाई एटॉमिक जैसे ऑक्सीजन आ गया हमारा N2 आ

26:04

गया हमारा। ये डाई एटॉमिक है तो इनकी

26:06

डिग्री ऑफ़ फ्रीडम कितनी होती है? पांच

26:08

होती है। आप खुद फार्मूले से भी निकाल के

26:11

ये देख सकते हो। तीसरा आता है हमारे पास।

26:15

तीसरा आता है हमारे पास ट्राई एटॉमिक

26:17

मॉलिक्यूल। ट्राई एटॉमिक मॉलिक्यूल में

26:19

बता दो। जैसे हमारा आ गया ओजोन O3 जैसे

26:22

हमारे पास आ गया CO2 आ गया जैसे हमारा

26:26

वाटर आ गया। ठीक है? अब देखो इसमें भी दो

26:29

कैटेगरी होती है। आपने केमिस्ट्री में पढ़ा

26:30

है कि कुछ मॉलिक्यूल के स्ट्रक्चर लीनियर

26:32

होते हैं। तो जिन मॉलिक्यूल के स्ट्रक्चर

26:34

जो होते हैं वो लीनियर होते हैं उनकी

26:37

डिग्री ऑफ़ फ्रीडम होती है कितनी? सेवन। और

26:40

जिन मॉलिक्यूल की स्ट्रक्चर जो होता है वो

26:42

ट्रायंगुलर होता है। जिन मॉलिक्यूल का

26:45

स्ट्रक्चर जो होता है वो कैसा होता है?

26:47

ट्रायंगुलर। उनकी डिग्री ऑफ फ्रीडम कितनी

26:49

होती है? उनकी डिग्री ऑफ फ्रीडम छह होती

26:51

है। तो याद क्या रखना है कि मोनो एटॉमिक

26:54

की कितनी होती है? तीन होती है। डाई

26:56

एटॉमिक की कितनी होती है? पांच होती है।

26:58

और ट्राई एटॉमिक की सात भी होती है और छह

27:00

भी होती है। क्वेश्चन में डाई एटॉमिक पूछ

27:02

रहा है तो डाई एटॉमिक की कितनी होती है?

27:04

पांच होती है। ठीक है? उसके बाद देखो

27:08

उसके बाद होता है व्हिच टाइप्स ऑफ वेव आर

27:10

प्रोड्यूस इन सितार वायर? अब देखो ये भी

27:13

आपको पूछ सकता है साथ में ये भी पूछ सकता

27:14

है कि ऑर्गन पाइप के अंदर कौन सी आपको पता

27:17

है कि ऑर्गन पाइप वाला एक मोस्ट

27:18

इंपोर्टेंट क्वेश्चन होता है हमारा वेव

27:20

वाला कि ऑर्गन पाइप के अंदर हमारी कौन सी

27:23

वेव बनती है? ये पूछ सकता है। पूछ सकता है

27:26

कि स्ट्रिंग के अंदर हमारी कौन सी वेव

27:28

बनती है? स्ट्रेच स्ट्रिंग के अंदर कौन सी

27:29

वेव बनती है? ठीक है? तो पहले तो आपको ये

27:32

पता होना चाहिए कि सितार वायर के अंदर जो

27:34

हमारी वेव बनती है वो बनती है कौन सी?

27:37

स्टेशनरी ट्रांसवर्स वेव। अब आप खुद

27:39

सोचोगे एक रस्सी को अगर आप ऐसे पकड़ के

27:41

हिला रहे हो तो पार्टिकल ऊपर जा रहा है और

27:44

वेव आगे जा रही है। पार्टिकल ऊपर जा रहा

27:46

है। वेव आगे जा रही है। तो कौन सा हमारे

27:48

पास यहां पे मोशन होगा? ट्रांसवर्स मोशन

27:50

होगा। तो ऑर्गन पाइप के अंदर तो आपको पता

27:53

है कि स्टैंडिंग वेव बनती है। आप ये भी

27:55

पता होना चाहिए आपको कि ऑर्गन पाइप के

27:57

अंदर कौन सी वेव बनती है? स्टैंडिंग वेव

27:59

बनती है। और स्ट्रिंग के अंदर भी हमारे

28:01

पास कौन सी बनती है? ट्रांसवर्स वेव बनती

28:03

है। ठीक है? तो ये आपको पता होना चाहिए और

28:06

साथ में ये भी पता होना चाहिए कि साउंड जो

28:08

है वो कौन सी वेव है? लोंगिट्यूडनल वेव।

28:12

रॉकेट प्रोपेल्शन इज बेस्ड ऑन। ठीक है?

28:15

जैसे मान लो कि ये कोई हमारा रॉकेट है।

28:18

ठीक है? तो यहां से गैसेस जो है वो बाहर

28:21

की तरफ जा रही हैं। और रॉकेट खुद ऊपर जा

28:23

रहा है। तो यहां पे कौन सा जो है वो

28:25

प्रिंसिपल लगेगा? जिस मोमेंटम के साथ

28:28

गैसेस यहां से बाहर निकलती हैं, उसी

28:31

मोमेंटम के साथ हमारा रॉकेट जो है वो ऊपर

28:34

जाता है। तो मोमेंटम की बात हो रही है। तो

28:36

इसका मतलब यहां पे हमारा कौन सा कांसेप्ट

28:38

लगेगा? कंजर्वेशन ऑफ लीनियर मोमेंटम। जिस

28:42

मोमेंटम के साथ गैसें बाहर निकलती हैं,

28:44

गैसें उतना ही मोमेंटम रॉकेट के ऊपर

28:47

अपवर्ड डायरेक्शन में जाती है। और यहां से

28:48

यह भी याद रखना कि रॉकेट के ऊपर जो अपवर्ड

28:51

फोर्स लगती है, उसको थ्रस्ट भी बोलते हैं।

28:53

तो ये भी कई बार पूछ देता है कि रॉकेट के

28:56

ऊपर जो अपवर्ड डायरेक्शन में फोर्स लगती

28:58

है उसको क्या बोलते हैं? नेक्स्ट आता है

29:01

हमारे पास इफ द नॉर्मल रिएक्शन इज डबल।

29:04

आपको पता है कि फोर्स ऑफ़ फ्रिक्शन जो होती

29:06

है वो डायरेक्टली प्रोपोर्शनल होती है

29:08

नॉर्मल रिएक्शन R के। और जब प्रपोशनैलिटी

29:11

का साइन हटाते हैं तो यहां पे कांस्टेंट आ

29:13

जाता है r यहां पे कांस्टेंट एक मिनट

29:18

यहां पे एक कांस्टेंट आता है जिसको बोलते

29:20

हैं μ और साथ में आ जाता है m μ का मतलब

29:23

होता है कोफिशिएंट ऑफ फ्रिक्शन इसको कहते

29:26

हैं क्या कोफिशिएंट ऑफ फ्रिक्शन कहता है

29:28

कोफिशिएंट ऑफ फ्रिक्शन किसके ऊपर डिपेंड

29:30

करेगा अब आप खुद सोचो कि कोफिशिएंट ऑफ

29:33

फ्रिक्शन क्या है कोफिशिएंट ऑफ फ्रिक्शन

29:35

एक कांस्टेंट है क्योंकि फिजिक्स में आप

29:38

ये चीज कितनी बार पढ़ चुके हो कि जब आप एक

29:40

कांस्टेंट को हटा हटाते हो तभी

29:42

प्रोपोर्शनैलिटी का साइन जब प्रोपोशनलिटी

29:44

का साइन हटता है तो कांस्टेंट लग जाता है।

29:46

तो जब आप खुद सोचोगे प्रोपोर्शनलिटी का ये

29:48

f इज डायरेक्टली प्रोपोर्शनल टू n था तो

29:51

इक्वल टू का साइन कब आया होगा जब ये

29:53

कांस्टेंट हुआ तो जब आपका μ कांस्टेंट है

29:55

तो कांस्टेंट को कांस्टेंट को क्या लेना

29:58

देना जो है वो नॉर्मल रिएक्शन से

30:00

कांस्टेंट को नॉर्मल रिएक्शन से कोई लेना

30:02

देना नहीं है वो कांस्टेंट है जैसे

30:04

रेजिस्टिविटी जो होती है वो नेचर ऑफ़ द

30:05

मटेरियल के ऊपर डिपेंड करती है। इसी तरीके

30:07

से जो हमारी फोर्स ऑफ़ फ्रिक्शन होती है वो

30:09

नॉर्मल रिएक्शन R के ऊपर डिपेंड करती है।

30:11

दो सरफेस के बीच में लगने वाली फोर्स के

30:14

ऊपर डिपेंड करती है ना कि हमारे किसके

30:16

ऊपर? कोफिशिएंट ऑफ़ फ्रिक्शन के ऊपर। तो

30:18

यहां पे ये आएगा रिमेन अनचेंज। ठीक है?

30:20

नेक्स्ट अभी-अभी मैंने आपको बताया। देखो

30:23

उसके ऊपर एक क्वेश्चन और आ गया कि मोमेंटम

30:25

और काइनेटिक एनर्जी को आप आपस में कैसे

30:27

रिलेट करते हो? अभी मैंने बताया कि जो

30:30

एनर्जी होती है वो होती है किसके बराबर?

30:31

P² / 2m। अभी मैंने आपको कहा कि एनर्जी

30:35

एनर्जी को हम किसके बराबर लिख सकते हैं?

30:37

एनर्जी को हम किसके बराबर लिख सकते हैं?

30:38

p² / p² / 2m p² / 2m के बराबर जो है वह

30:44

हम एनर्जी को क्या कर सकते हैं? लिख सकते

30:46

हैं। नेक्स्ट मोमेंट ऑफ इनर्शिया इन

30:49

रोटेशनल मोशन इज एनास टू मास इन लीनियर

30:52

मोमेंटम। याद रखना मोशन इन अ स्ट्रेट

30:55

लाइन। मोशन इन अ स्ट्रेट लाइन जिसको हम

30:59

कहते हैं लीनियर मोशन। कि कोई बॉडी जो है

31:02

वो सीधा चल रही है स्ट्रेट लाइन में। तो

31:05

अगर कोई बॉडी जो है वो स्ट्रेट लाइन में

31:07

चल रही है। उस केस में हम क्या बोलेंगे?

31:09

उसके पास क्या है? मास है। क्या है? मास

31:12

है। तो मास को मास बोलते हैं। बट कहां पे?

31:15

लीनियर मोशन में। रोटेशनल मोशन में हम लीन

31:19

मास को मास नहीं बोलते। लीनियर मोशन में

31:23

रोटेशनल मोशन में रोटेशनल मोशन में हम जो

31:27

है RM रोटेशनल मोशन में हम मास को बोलते

31:31

हैं मोमेंट ऑफ मोमेंट ऑफ

31:35

मोमेंट ऑफ इनर्शिया। मोमेंट ऑफ इनर्शिया

31:38

जिसको I से क्या करते हैं? रिप्रेजेंट

31:40

करते हैं। तो लीनियर मोशन में जो काम करता

31:42

है कौन? लीनियर मोशन में जो काम करता है

31:45

कौन? मास। वो काम रोटेशनल मोशन के अंदर

31:48

कौन करता है? मोमेंट ऑफ इनर्शिया। तो यहां

31:50

पे ये ट्रू ही बोलेंगे हम। क्यों? क्योंकि

31:52

मोमेंट ऑफ इनर्शिया इन रोटेशनल मोशन इज़

31:54

एनालॉगी टू मास इन लीनियर मोमेंटम।

31:56

बिल्कुल। क्योंकि वहां पे जो लीनियर

31:58

मोमेंटम में मास का काम करता है यहां पे।

32:00

ये अब फिर डायमेंशन फार्मूले के ऊपर

32:02

क्वेश्चन आ गया। तो डायमेंशन फार्मूला जो

32:04

है वो आपको आना चाहिए निकालना। डायमेंशन

32:06

फार्मूले के लिए पहले आपको ये पता होना

32:08

चाहिए कि वो रिलेशन किसके बराबर है। देखो

32:10

क्वेश्चन देखो।

32:12

क्वेश्चन है द यूनिट ऑफ इंपल्स इज सेम एज

32:14

अब यहां पे डायमेंशन नहीं पूछ रहा है।

32:16

यूनिट पूछ रहा है। ध्यान से देखो।

32:19

हमारा जो इंपल्स होता है I इंपल्स का मतलब

32:23

क्या होता है? वो फोर्स जो किसी बॉडी के

32:25

ऊपर बहुत ही कम टाइम के लिए एक्ट करती है।

32:28

उसको हम क्या बोलते हैं? इंपल्स। और

32:30

इंपल्स का फार्मूला क्या होता है? फोर्स *

32:33

टाइम। फोर्स को टाइम से जब मल्टीप्लाई

32:36

करते हैं तो इंपल्स है। ठीक है? जैसे फॉर

32:37

एग्जांपल फोर्स लगी शॉर्ट टाइम के लिए

32:40

लगी। तो शॉर्ट टाइम के लिए लगी तो हम क्या

32:42

बोलेंगे कि यहां पे हमारा क्या लग रहा है?

32:44

इंपल्स लग रहा है। अब हमें यूनिट निकालनी

32:46

है। अब यूनिट कैसे निकलेगी? देखो फोर्स

32:48

किसके बराबर होती है? मास * एक्सीलरेशन।

32:51

और साथ में कौन आ जाएगा? टाइम आ जाएगा। अब

32:54

आपको पता है कि मास को किससे रिप्रेजेंट

32:56

करते हैं? केजी से। एक्सीलरेशन की यूनिट

32:58

क्या होती है? एक्सीलरेशन की यूनिट होती

33:00

है मीटर पर सेकंड स्क्वायर और टाइम की

33:02

क्या होती है? सेकंड। अब देखो यहां पे ये

33:05

आ जाएगा kg = m यहां पे देखो दोनों के

33:08

बेसिस सेम है तो पावर माइनस हो जाएगी तो

33:11

kgs की पावर कितना हो जाएगा? -1 तो इंपल्स

33:14

की यूनिट क्या निकल के आई? केजी मीटर s

33:16

इनवर्स। ठीक है? अब देखो यहां पे एनर्जी।

33:19

अब एनर्जी की तो यूनिट आपको पता है कि जूल

33:21

होती है। ये तो इंपल्स से मिलती जुलती

33:24

नहीं है। लीनियर मोमेंटम किसके बराबर होता

33:26

है? आपको पता है कि मोमेंटम को P से

33:27

रिप्रेजेंट करते हैं। वो होता है मास *

33:29

वेलोसिटी। मास को किससे रिप्रेजेंट करते

33:32

हैं? केजी से। वेलोसिटी को किससे

33:34

रिप्रेजेंट करते हैं? मीटर पर सेकंड की

33:36

पावर -1। फस गया। अगले ऑप्शन पे जाना ही

33:38

नहीं है। क्यों अगले ऑप्शन पे जाके अपना

33:40

टाइम वेस्ट करें? तो हमारा आंसर क्या

33:41

होगा? लीनियर मोमेंटम। अदरवाइज आपको पता

33:44

है वेलोसिटी की यूनिट क्या होती है? मीटर

33:46

पर सेकंड की पावर -1 और पावर की जो यूनिट

33:49

होती है वो क्या होती है? वाट होती है।

33:51

मैंने बोला था यह स्टार्टिंग में चीज कि

33:53

एक क्वेश्चन से 10-10 क्वेश्चन जो है वो

33:55

निकल के आएंगे। ठीक है ना? ए सो के रात को

33:59

सो के सुबह आपके सामने आके नहीं खड़े हो

34:01

जाते। यहां पे बहुत ही ज्यादा हमारी जो है

34:03

वो मेहनत लगती है। हमें पता है कि

34:05

एग्जामिनर कहां से क्वेश्चन जो है वो क्या

34:07

कर सकता है? अराइज़ कर सकता है। नेक्स्ट

34:09

देखो। नेक्स्ट आता है हमारा द एक्सीलरेशन

34:12

ऑफ़ ए बॉडी। द एक्सीलरेशन ऑफ़ ए बॉडी मूविंग

34:15

विद कॉन्सेंट स्पीड इन अ सर्कल। अब देखो

34:17

ये रोटेशनल मोशन का टॉपिक है। तो यहां पे

34:20

आपको ये पता होना चाहिए कि जब कोई बॉडी

34:22

सर्कुलर मोशन में घूमती है। जब कोई बॉडी

34:25

सर्कुलर मोशन में घूमती है तो उसकी स्पीड

34:27

तो कांस्टेंट रहती है। उसकी स्पीड जो वो

34:30

क्या रहती है? कांस्टेंट मतलब सेम रहती

34:32

है। बट उसकी वेलोसिटी चेंज होती है।

34:34

क्यों? क्योंकि उसकी डायरेक्शन हर पॉइंट

34:36

पे चेंज होती रहती है। तो एक चीज तो आपको

34:38

ये पता चली कि जब कोई बॉडी सर्कुलर मोशन

34:40

में घूम रही है, उसकी स्पीड सेम रहती है।

34:42

वेलोसिटी क्या होती है? चेंज होती है। बट

34:44

यहां पे भी आपको ये पता होना चाहिए कि

34:46

देयर इज़ ए रिलेशनशिप बिटवीन लीनियर

34:49

वेलोसिटी एंड एंगुलर वेलोसिटी। तो वो क्या

34:52

होता है? वो होता है v = v = r ओमेगा

34:56

स्क्वायर। तो ये रिलेशन जो है वो हम

34:58

डिराइव भी करते हैं। बट यहां पे के दो बार

35:00

कम से कम ये क्वेश्चन रिपीट हुआ है और

35:02

कहीं और जगह पे भी मैंने इस क्वेश्चन को

35:04

देखा था। तो अभी ये डिराइव कैसे हुआ वो तो

35:06

हम बता नहीं सकते। बट फिलहाल जो है वो आप

35:09

इतना याद रखो कि जब कोई बॉडी सर्कुलर मोशन

35:11

में घूम रही है तो उसके पास कौन सी

35:12

वेलोसिटी होगी? r ओमेगा स्क्वायर।

35:17

इफ द वेलोसिटी ऑफ़ ए बॉडी इज डबल द

35:20

काइनेटिक एनर्जी बिकम कह रहा है कि अगर

35:23

बॉडी की वेलोसिटी को डबल कर दिया जाए तो

35:25

काइनेटिक एनर्जी के ऊपर क्या फर्क पड़ेगा?

35:27

आपको पता है कि जब कोई बॉडी मोशन में होती

35:29

है तो तब उसके पास जो एनर्जी होती है उसको

35:31

क्या बोलते हैं? काइनेटिक एनर्जी। और

35:34

काइनेटिक एनर्जी का फार्मूला क्या होता

35:35

है? KE = काइनेटिक एनर्जी का फार्मूला

35:39

क्या होता है? KE = 1 / 2 1 / 2mv²

35:45

तो ध्यान से देखो। तो 1 / 2 की जगह पे 1 /

35:48

2 ही बचा। m की जगह पे M ही रहा। तो यहां

35:50

पे क्वेश्चन में वो कह रहा है कि वेलोसिटी

35:52

को डबल कर दिया। डबल का मतलब हो गया v की

35:54

जगह पे टू आएगा। तो जब टू का स्क्वायर

35:56

करेंगे तो वो कितना आ जाएगा? फोर। तो इसका

35:59

मतलब 1 / 2 m और साथ में कितना हो गया?

36:02

फोर। तो 1 / 2 सेम ही रहा। एक्स्ट्रा चीज

36:05

क्या आ गई? फोर। तो इसका मतलब अगर आप

36:08

वेलोसिटी को डबल करोगे। डबल मतलब v का

36:10

स्क्वायर। v का स्क्वायर मतलब 2 का

36:12

स्क्वायर। 2 का स्क्वायर मतलब फोर। तो

36:14

काइनेटिक एनर्जी कितनी हो जाएगी? फोर

36:17

टाइम्स। तो ये चीज आपको अगर काइनेटिक

36:20

एनर्जी का फार्मूला आपको पता था, तो ये

36:22

चीज़ यहां से आप क्वेश्चन उड़ा सकते थे।

36:24

नेक्स्ट

36:26

इफ m इज द मास ऑफ द अर्थ इफ m इज दी मास

36:29

ऑफ दी अर्थ एंड r इज दी रेडियस देन द

36:33

रेश्यो ऑफ़ g कहता है कि अगर m जो है वो

36:36

मास है किसका अर्थ का और उसके बाद r जो है

36:42

वो रेडियस है किसका अर्थ का m जो है वो

36:45

मास है किसका अर्थ का r जो है वो रेडियस

36:48

है किसका अर्थ का तो बताओ g टू g का

36:51

रेश्यो क्या होगा तीन नंबर में भी आया हुआ

36:53

है क्वेश्चन और दो नंबर में भी आया हुआ है

36:55

और एक नंबर में भी ये क्वेश्चन आया हुआ

36:57

है। ठीक है? तो यहां से आपको ये चीज पता

36:59

होनी चाहिए कि यहां पे देखो यहां पे ऊपर आ

37:02

जाएगा स्माल जी और नीचे आ जाएगा कैपिटल g।

37:05

बच्चा-बच्चा जानता है कि स्माल जी की

37:07

वैल्यू जो होती है वो होती है कैपिटल gिटल

37:10

g / r का स्क्वायर एक्सीलरेशन ड्यू टू

37:14

ग्रेविटी। तो नीचे आ जाएगा कैपिटल g। अब

37:16

कैपिटल g से कैपिटल g कैंसिल हो गया। और

37:19

यहां पे ये क्या निकल के आ गया? m / r का

37:22

स्क्वायर। ठीक है? तो कहां पे है? m / r

37:25

का स्क्वायर। ये है m / r का स्क्वायर।

37:28

नेक्स्ट आ गया हमारा द रूट मीन स्क्वेयर

37:31

वेलोसिटी ऑफ़ ए परफेक्ट गैस। अगर एक गैस है

37:34

तो आपको पता है कि गैस के पास तीन तरह की

37:36

वेलोसिटी होती है। पहली वेलोसिटी होती है

37:39

RMS, Vrms और दूसरी होती है VMP

37:44

और चौथी होती है V एवरेज।

37:47

अगर एक गैस का मॉलिक्यूल मूव करता है तो

37:49

उसके पास तीन तरह की वेलोसिटी होती है।

37:51

आरएमएस मतलब रूट मीन स्क्वेयर वेलोसिटी ऑफ़

37:54

गैस मॉलिक्यूल मोस्ट प्रोबेबल वेलोसिटी ऑफ़

37:56

गैस मॉलिक्यूल एवरेज वेलोसिटी ऑफ़ गैस

37:59

मॉलिक्यूल। तो रूट मीन स्क्वायर वेलोसिटी

38:01

का जो फार्मूला होता है वो होता है

38:04

3rt

38:06

3rt/m मोस्ट प्रोबेबल वेलोसिटी का

38:08

फार्मूला होता है

38:11

2rt

38:12

2rt अप mवर वेलोसिटी का जो फार्मूला होता

38:15

है वो होता है

38:17

8rt अंडर 8rt अप पाई और साथ में क्या हो

38:21

गया m तो यहां से ये दो भी आप याद रखो बट

38:24

पूछा है आर एमएस का तो आर एमएस का क्या हो

38:26

जाएगा फार्मूला अंडर रूट अंडर रूट 3rt अप

38:30

m जो है वो हो जाएगा। ठीक है? उसके बाद

38:33

आता है हमारे पास फर्स्ट लॉ ऑफ़

38:34

थर्मोडायनेमिक इज द लॉ ऑफ़। बचपन से सुनते

38:37

आए हैं कि एनर्जी कैन नेदर बी क्रिएटेड नर

38:39

बी डिस्ट्रॉय बट इट कैन बी ट्रांसफर फ्रॉम

38:42

वन फॉर्म टू अनदर। तो किसकी बात करता है?

38:44

फर्स्ट लॉ ऑफ़

38:46

फर्स्ट लॉ ऑफ़ थर्मोडायनेमिक। एनर्जी की

38:48

बात करता है।

38:53

एनर्जी की। ठीक है? द डायमेंशन फिर आ गया

38:56

डायमेंशन फॉर्मूले के ऊपर क्वेश्चन। मैंने

38:57

कहा था कि सरफेस टेंशन का अलग ही बताऊंगा

39:00

आपको। ठीक है? अब देखो आपको पता है कि

39:02

सरफेस टेंशन जो होती है वो होती है सरफेस

39:05

टेंशन का फार्मूला होता है फोर्स पर यूनिट

39:08

लेंथ। ठीक है? पानी का जो अपर सरफेस होता

39:12

है कई बार क्या होता है कि उसमें

39:13

इमंबैलेंस फोर्सेस एक्ट करती है। जिसकी

39:15

वजह से वहां पे टेंशन प्रोड्यूस होती है।

39:17

जिसको सरफेस टेंशन बोलते हैं। फार्मूला

39:19

याद रखो। s = f / l का मतलब हो गया लेंथ।

39:23

f का मतलब हो गया एरिया। बार-बार यह बताया

39:26

है कि एनर्जी का डायमेंशन फार्मूला याद

39:28

रखो डायरेक्ट। ml² ml² t की पावर -2 फोर्स

39:33

का डायमेंशन फार्मूला mlt - 2 क्यों ये दो

39:38

डायमेंशन फार्मूले याद करने को बोल रहा

39:39

हूं? क्योंकि इनसे बहुत सारे डायमेंशन

39:41

फार्मूले निकल के आ जाते हैं। फोर्स का

39:43

डायमेंशन फार्मूला क्या होता है? ml²

39:47

और साथ में हो गया ml² एक मिनट यहां पे

39:51

ml² नहीं आएगा।

39:54

यहां पे आएगा m

39:57

lt की पावर - 2 और नीचे कितना आ जाएगा? l

40:02

अब आपको पता है ये l ऊपर जाएगा तो इस तो l

40:04

की पावर 1 है। इस l की पावर -1 तो l तो

40:07

ज़ीरो हो गया। तो यहां पे बचा m l की पावर

40:10

0 t की पावर -2 तो l की पावर 0 को लिखो ना

40:14

लिखो एक ही फर्क है। देखो m l की पावर 0 t

40:17

की पावर -2 इज द डायमेंशन फार्मूला ऑफ़ द

40:19

सरफेस टेंशन। व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज अ

40:23

सेल्फ एडजस्टिंग फोर्स? एक पहाड़ है बड़ा

40:25

सारा।

40:27

मैं उसके ऊपर फोर्स तो लगा रहा हूं बट वो

40:29

हिल नहीं रहा। क्यों नहीं हिल रहा?

40:31

क्योंकि उसके इंटरनल एक फोर्स एक्ट कर रही

40:34

है। जो उसको जो उसको जो जो मेरे मोशन को

40:37

क्या कर रही है? रेजिस्ट कर रही है। मैं

40:38

चाहता हूं कि पहाड़ मोशन में आ जाए। बट

40:40

पहाड़ अपने अंदर एक ऐसी फोर्स डेवलप कर

40:43

रहा है जो चाहता है कि वो मोशन में ना आए।

40:47

तो आपको पता है कि अगर एक बॉडी रेस्ट पे

40:49

है तो आप उसके ऊपर फोर्स लगा रहे हो। बट

40:51

वो मूव नहीं हो रहा तो उस केस में कौन सी

40:53

फोर्स एक्ट करती है? स्टैटिक फ्रिक्शन।

40:55

ठीक है ना? स्टैटिक फ्रिक्शन इज अ सेल्फ

40:57

एडजस्टिंग फोर्स। और आपको पता है कि जब

40:59

हमारा बॉडी जस्ट मूव होती है मतलब हिलती

41:02

है अपनी जगह से उस वक्त जो फ्रिक्शन आती

41:04

है उसको लिमिटिंग फ्रिक्शन। और जब एक बार

41:06

वो मोशन में आके मूव होना शुरू हो जाए तेज

41:09

तेज तेज तेज़ तो डायनेमिक फ्रिक्शन।

41:11

नेक्स्ट आता है मूवमेंट ऑफ इनर्शिया ऑफ़ ए

41:13

बॉडी डिपेंड अपॉन। तो आपको पता है कि जब

41:15

एक बॉडी रोटेशनल मोशन में होती है तो वो

41:18

चाहती है कि वो अपने रोटेशनल मोशन को

41:20

मेंटेन करके रखे। तो अगर उसके रोटेशनल

41:22

मोशन को आप चेंज करने की कोशिश करोगे तो

41:24

वो उसको क्या करेगी? अपोज करेगी। तो आपको

41:26

डायरेक्ट पता होना चाहिए कि जो हमारा

41:28

मोमेंट ऑफ इनर्शिया होता है वो होता है I

41:31

= mr²।

41:33

तो मोमेंट ऑफ इनर्शिया का क्या फार्मूला

41:35

होता है हमारे पास? मोमेंट ऑफ इनर्शिया का

41:37

फार्मूला होता है हमारे पास I = mr²

41:41

m क्या है हमारा? मास ऑफ़ द सिस्टम। R जो

41:44

है वो हमारा क्या है? रेडियस। ठीक है? तो

41:47

ध्यान से देखो। तो मोमेंट ऑफ इनर्शिया

41:48

किसके ऊपर डिपेंड कर रहा है? मास के ऊपर।

41:50

रेडियस के ऊपर। मास के ऊपर डिपेंड कर रहा

41:52

है। मास के डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़ मास के ऊपर

41:54

भी डिपेंड कर रहा है क्योंकि मास ही है।

41:56

पोजीशन ऑफ़ एक्सिस के ऊपर डिपेंड कर रहा

41:58

है। क्योंकि r का मतलब होता है पोजीशन ऑफ़

42:00

एक्सिस कि वो कितना किसी एक्सिस से कितना

42:03

दूर घूम रहा है। तो यहां पे एंगुलर स्पीड

42:05

की जो है वो कहीं पे बात नहीं हो रही। तो

42:07

मोमेंट ऑफ इनर्शिया जो है वो एंगुलर स्पीड

42:09

के ऊपर डिपेंड नहीं करता। उसके बाद आता है

42:12

व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज इंडिपेंडेंट ऑफ द

42:14

मास ऑफ द अर्थ। अब आपको पता है कि जो

42:18

एक होती है ऑर्बिटल वेलोसिटी मतलब वो

42:21

वेलोसिटी जो हमें चाहिए एक सेटेलाइट को

42:23

अर्थ के ऑर्बिट में इंसर्ट करने के लिए

42:25

उसका जो फार्मूला होता है वो होता है अंडर

42:27

रूट gm/

42:30

r एक होती है एस्केप वेलोसिटी जिसका

42:32

फार्मूला होता है वो वेलोसिटी जिस

42:34

वेलोसिटी से हम सेटेलाइट को अगर स्पेस में

42:36

फेंकेंगे तो वो अर्थ का ग्रेविटेशनल फील्ड

42:39

पार करके स्पेस में चली जाएगी। ठीक है? और

42:41

एस्केप वेलोसिटी का फ़ूला क्या होता है?

42:44

2gm / r अभी-अभी मैंने बताया कि g की

42:49

वैल्यू कितनी होती है? g की वैल्यू होती

42:51

है gmे

42:54

/ r का स्क्वायर। gm / r का स्क्वायर।

42:58

क्या तीनों के तीनों फार्मूलों में मास

43:00

है? बिल्कुल है। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़

43:03

इंडिपेंडेंट ऑफ़ द मास? V तो मास के ऊपर

43:05

डिपेंड कर रहा है क्योंकि इसके फार्मूले

43:06

में मास है। G जो है वो मास के ऊपर डिपेंड

43:09

कर रहा है। याद रखना इसी में जब हम GM

43:11

वगैरह पुट करते हैं ना तो वो 9.8 निकल के

43:14

आता है। तो क्या इसमें मास है? बिल्कुल

43:16

है। तो तीनों के तीनों तो मास के ऊपर

43:18

डिपेंड कर रहे हैं। तो आंसर क्या होगा? नन

43:19

ऑफ दिस। तो एक क्वेश्चन आपको यहां से एक

43:21

और याद रखना है कि एस्केप वेलोसिटी की जो

43:24

वैल्यू होती है वो होती है 11.2

43:27

11.2 कि.मी. पर सेकंड। और जो ऑर्बिटल

43:31

वेलोसिटी की वैल्यू होती है वो होती है

43:33

कितनी? 7.9

43:35

7.9 कि.मी. पर सेकंड। और याद रखना कि जो

43:40

एस्केप वेलोसिटी जो होती है वो होती है

43:43

किसके बराबर? अंडर रूट टू टाइमस ऑफ

43:45

ऑर्बिटल वेलोसिटी। कहा था कि एक क्वेश्चन

43:47

से 10 क्वेश्चन बनाऊंगा। देखो उसके बाद

43:50

आता है हमारे पास व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग कैन

43:52

बी ज़ीरो व्हेन ए पार्टिकल इज़ इन मोशन?

43:54

डिस्प्लेसमेंट वेक्टर है। तो देखने से ही

43:57

पता चल गया कि वेक्टर जीरो हो सकता है। तो

43:59

मैं यहां से चल चलता चलता चलता चलता यहां

44:01

गया। यहां से चलता चलता चलता चलता यहां पे

44:04

आया। तो जो मेरा फाइनल था वही मेरा

44:07

इनिशियल बन गया। तो फाइनल माइनस इनिशियल

44:09

कितना हो जाएगा? ज़ीरो। तो डिस्प्लेसमेंट

44:11

जो है वो ज़ीरो हो सकता है। स्पीड वेक्टर

44:14

है ज़ीरो नहीं हो सकती। डिस्टेंस वेक्टर है

44:16

ज़ीरो नहीं हो सकता। तो नन ऑफ़ दिस तो है ही

44:18

नहीं। चलो। उसके बाद पाथ ऑफ द पाथ ट्रेस्ड

44:22

बाय अ प्रोजेक्टाइल इज कॉल्ड जब हम किसी

44:26

बॉडी को स्पेस में फेंक देते हैं ना कि चल

44:29

उसके बाद सच दैट कि वो ग्रेविटी के

44:30

इन्फ्लुएंस में आके ही मूव करती रहे तब हम

44:33

कहते हैं कि उसके अंदर कौन सा मोशन होता

44:34

है? प्रोजेक्टाइल मोशन। अब देखो यहां से

44:37

मैंने इसको गिराया तो ये यहां पे आया। तो

44:39

ये जो इसने रास्ता ट्रेवल किया ना कहता है

44:41

कि इस रास्ते को फिजिक्स की लैंग्वेज में

44:43

क्या कहेंगे? तो याद रखना इसको बोलते हैं

44:45

ट्रेजेक्टरी।

44:48

उसके बाद आता है व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज

44:50

नॉट एन एग्जांपल ऑफ न्यूटन थर्ड लॉ ऑफ

44:52

मोशन। ठीक है? अब देखो वाकिंग वाकिंग में

44:55

क्या होता है कि एक बंदा अपने पांव जो है

44:57

वो पीछे मारता है। खुद आगे जाता है। तो एक

44:59

फोर्स पीछे लग रही है। एक आगे धकेल रही

45:01

है। यहां पे तो होगा। उसके बाद साइकिलिंग

45:03

में भी आपको पता है न्यूटन का थर्ड लॉ

45:05

मोशन थर्ड लॉ मोशन अवे होता है। स्किडिंग

45:08

में जो है वो आपका न्यूटन का थर्ड लॉ ऑफ़

45:10

मोशन अवे होता है। देखो बोट से अगर आप

45:13

छलांग लगाओगे ना तो देखो कि बोट पीछे

45:15

जाएगी। तो वहां पे तो थर्ड लॉ अप्लाई हो

45:17

जाता है। बट बोट के ऊपर आप वॉक करोगे तो

45:19

एज इट इज आपको नहीं दिखेगा कि मतलब थर्ड

45:21

लॉ अप्लाई हो रहा है या नहीं। नेक्स्ट आता

45:23

है द रोटेशनल काइनेटिक एनर्जी ऑफ ए बॉडी

45:25

इज गिवन बाय कहा था जबेंट क्वेश्चन की

45:28

वीडियो लाई थी तो वहां पे कहा था कि

45:30

रोटेशनल मोशन और जो हमारा लीनियर मोशन

45:34

होता है उनके बीच में कंपैरिजन के ऊपर

45:36

क्वेश्चन पूछ सकता है। तो यहां पे ये

45:38

क्वेश्चन तीन नंबर में भी आया हुआ है और

45:40

ऑब्जेक्टिव टाइप में भी आया हुआ है। ठीक

45:41

है? तो आपको ये पता होना चाहिए कि

45:43

काइनेटिक एनर्जी का फार्मूला होता है KE =

45:47

KE = 1 / 2 1 / 2mv² बट हमें काइनेटिक

45:53

एनर्जी को लिखना है किसमें? रोटेशनल मोशन

45:56

में। आपको पता है रोटेशनल मोशन में मास को

45:58

किससे रिप्रेजेंट करते हैं? मोमेंट ऑफ

46:00

इनर्शिया से। तो इसकी जगह पे I आ गया।

46:02

वेलोसिटी को किससे रिप्रेजेंट करते हैं?

46:04

एंगुलर वेलोसिटी से। तो इसकी जगह पे ओमेगा

46:06

का स्क्वायर आ गया। तो काइनेटिक एनर्जी को

46:08

रोटेशनल मोशन में कैसे लिखेंगे? 1 / 2i

46:10

ओमेगा स्क्वायर 1 / 2i ओमेगा स्क्वायर तो

46:13

ये होगा तो कुछ चीजें आप याद रखो कुछ

46:16

चीजें आप याद रखो क्या कौन सी चीज याद

46:18

रखोगे

46:20

लीनियर मोशन में आपको पता है कि

46:22

डिस्प्लेसमेंट को s बोलते हैं एंगुलर

46:24

रोटेशनल मोशन में डिस्प्लेसमेंट को

46:26

डिस्प्लेसमेंट नहीं बोलते एंगुलर

46:28

डिस्प्लेसमेंट थीटा बोलते हैं लीनियर मोशन

46:31

में वेलोसिटी को वेलोसिटी बोलते हैं।

46:32

रोटेशनल मोशन में वेलोसिटी को एंगुलर

46:34

वेलोसिटी ओमेगा बोलते हैं। लीनियर

46:37

वेलोसिटी में एक्सीलरेशन को एक्सीलरेशन

46:39

बोलते हैं। बट यहां पे एक्सीलरेशन को

46:41

अल्फा बोलते हैं। एंगुलर एक्सीलरेशन। तो,

46:43

यह कंपैरिजन आपको करना आना चाहिए। व्हिच

46:46

लॉ डिस्क्राइब दी ऑर्बिट ऑफ़ प्लनेट अराउंड

46:50

दी सन। तो, न्यूटन तो कोई बात नहीं करता।

46:54

किरचोफ तो मतलब इलेक्ट्रिसिटी में है।

46:56

फराडे तो मतलब इंडक्शन की बात करता है। तो

46:59

कैप्लर लॉ होगा इसका आंसर। क्योंकि आपको

47:01

पता है कि ग्रेविटेशन में कैपिलर लॉ ही है

47:03

जो यह कहता है कि सारे प्लनेट्स जो है वो

47:06

अर्थ के ऑर्बिट में घूमते हैं। जिसमें

47:08

पहले लॉ को आप क्या कहते हो? पहले लॉ को

47:10

आप कहते हो लॉ ऑफ़ पहले लॉ को आप कहते हो

47:13

लॉ ऑफ़ ऑर्बिट जो आपको किसके बारे में

47:15

बताता है? ऑर्बिट के बराबर। दूसरा लॉ को

47:18

कहते हैं लॉ ऑफ़ एरिया। जो एरिया के बारे

47:21

में बताता है। तीसरे लॉ को आप कहते हो लॉ

47:24

ऑफ़ टाइम पीरियड। जो आपको क्या करता है?

47:27

टाइम पीरियड के बारे में बताता है। तो

47:29

आपको क्या करना है कि इन तीनों चीजों को

47:31

याद रखनी है। कई बार डायरेक्ट पेपरों में

47:32

पूछ देता है कि कौन सा लॉ है जो लॉ ऑफ़

47:35

टाइम पीरियड के बारे में बात करता है।

47:37

उसके बाद व्हिच ऑफ़ न्यूटन लॉ हेल्प इन

47:40

फाइंडिंग दी फोर्स। अब देखो इसके ऊपर

47:42

क्वेश्चन बार-बार रिपीट हो रहा था। तो

47:43

इसलिए मैंने इसके ऊपर दो क्वेश्चन लेके आ

47:45

गया मैं। कौन सा? एक है व्हिच ऑफ़ न्यूटन

47:48

लॉ हेल्प इन फाइंडिंग दी फोर्स? तो आपको

47:51

पता है कि सेकंड लॉ ही है जो फोर्स की बात

47:53

करता है क्योंकि अकॉर्डिंग टू न्यूटन

47:55

सेकंड लॉ F जो है वो किसके बराबर होता है?

47:57

ma के बराबर होता है। नेक्स्ट

48:01

लिमिटिंग फ्रिक्शन किसके ऊपर डिपेंड करती

48:03

है? तो आपको पता है कि जो फोर्स ऑफ़

48:05

फ्रिक्शन होती है वो डायरेक्टली

48:06

प्रपोर्शनल होती है। किसके? नॉर्मल

48:08

रिएक्शन R के। अभी बताया नॉर्मल रिएक्शन

48:11

का मतलब क्या होता है? कि दो बॉडीज जब

48:13

कांटेक्ट में होती है तो उनके बीच में जो

48:14

फोर्स एक्ट करती है उसको क्या बोलते हैं?

48:16

नॉर्मल रिएक्शन R। तो नॉर्मल रिएक्शन के

48:19

ऊपर क्या करती है? फोर्स ऑफ फ्रिक्शन

48:20

डिपेंड करती है। एरिया ऑफ कांटेक्ट के ऊपर

48:22

डिपेंड नहीं करती। वॉल्यूम के ऊपर डिपेंड

48:24

नहीं करती। कलर के ऊपर डिपेंड नहीं करती।

48:26

किसके ऊपर डिपेंड करती है? नॉर्मल रिएक्शन

48:28

आर के ऊपर। नेक्स्ट आता है हमारे पास

48:32

व्हिच ऑफ़ टाइप ऑफ हीट ट्रांसफर टेक प्लेस

48:35

व्हेन बोइलिंग वाटर टेक इन ए पॉट। अब देखो

48:38

जैसे फॉर एग्जांपल यहां पे आपने कोई एक

48:41

कंटेनर रखा हुआ है। इस कंटेनर में आपने

48:43

लिया हुआ है पानी। पानी लिया हुआ है। तो

48:46

नीचे से जो है वो आप क्या कर रहे हो कि

48:47

यहां पर मान लो कि आपने आग जला के रखी है।

48:50

यहां से आग जो है वो यहां तक पहुंची और वो

48:52

पानी क्या हुआ? गर्म हुआ। आपने देखा होगा

48:54

कि जब पानी गर्म होता है तो पानी के

48:57

मॉलिक्यूल्स क्या करते हैं? मोशन करते

48:59

हैं। नीचे वाले मॉलिक्यूल ऊपर जाते हैं।

49:01

ऊपर वाले मॉलिक्यूल नीचे आते हैं। ऐसे

49:03

लगता है कि बड़बड़ बड़बड़ पानी पानी क्या

49:05

करता है? आवाज निकालता है, मूव करता है।

49:07

कभी पानी नीचे का ऊपर जाता है, ऊपर का

49:09

पानी नीचे जाता है। तो जब मॉलिक्यूल का

49:11

एक्चुअल मोशन होता है तो उस एक्चुअल मोशन

49:13

को हम क्या बोलते हैं? कन्वेक्शन। तो याद

49:15

रखना कि लिक्विड के केस में लिक्विड के

49:18

केस में कौन सी लिक्विड के केस में जब हीट

49:21

फ्लो करती है तो उसको क्या बोलते हैं?

49:22

कन्वेक्शन। और सॉलिड के केस में जब हीट

49:25

फ्लो करती है तो उसको बोलते हैं कंडक्शन।

49:27

देखो ये कंटेनर है। यहां नीचे से यहां

49:30

नीचे से जो आग यहां नीचे से जो हीट निकल

49:33

के यहां से यहां नीचे से जो हीट निकल के

49:36

कंटेनर तक जा रही है उसको बोलते हैं

49:39

रेडिएशन। क्या बोलते हैं रेडिएशन? या जो

49:41

सन से लाइट हमारे तक पहुंच रही है वो है

49:43

रेडिएशन। तो ये जो हमारा कंटेनर गर्म हो

49:46

रहा है। कंटेनर गर्म होने का मतलब क्या

49:48

है? कि सॉलिड में हीट जा रही है। तो जब

49:50

सॉलिड में हीट फ्लो करती है तो उसको क्या

49:52

बोलते हैं? कंडक्शन। और जब आपकी हीट जो है

49:54

वो लिक्विड तक पहुंच जाती है तो उसको क्या

49:57

बोलते हैं? कन्विक्शन। ठीक है?

50:00

एसआई यूनिट ऑफ एोग। देखो आपको पता है कि

50:02

फिजिक्स में कुछ कांस्टेंट ऐसे होते हैं

50:04

जो डायमेंशन लेस होते हैं। बट यहां पे

50:06

हमारे पास बात कर रहा है किसकी? एोगड्रो

50:08

कांस्टेंट की। तो याद रखना कि एोगड्रो

50:10

कांस्टेंट जो होता है वो डायमेंशन लेस

50:12

नहीं होता। इसकी यूनिट होती है क्या? मोल

50:14

इनवर्स। ठीक है? मोल इनवर्स इसकी क्या

50:17

होती है? यूनिट होती है। नेक्स्ट होता है

50:20

डायमेंशन। फिर आ गया डायमेंशन फार्मूले के

50:21

ऊपर क्वेश्चन। और ये डायमेंशन फार्मूले के

50:24

ऊपर क्वेश्चन जो हमारे पास है ना ये कई

50:26

बार याद रखना कि पेपरों में निकालने के

50:28

लिए तीन नंबर का क्वेश्चन अलग से पूछ देता

50:30

है कि ड्राइव दी एक्सप्रेशन फॉर दी

50:32

फार्मूला फॉर दी डायमेंशनल फार्मूला ऑफ़

50:36

यूनिवर्सल ग्रेविटेशनल कांस्टेंट। आपको

50:38

पता है कि न्यूटन के लॉ से f जो होता है

50:40

वो किसके बराबर होता है? कैपिटल gिटल gm1

50:44

* m2 / r का स्क्वायर अकॉर्डिंग टू न्यूटन

50:49

यूनिवर्सल लॉ ऑफ़ ग्रेविटेशन। तो यहां से

50:51

देखो हमें g की वैल्यू निकालनी है। तो ये

50:53

हो जाएगा f r² ठीक है? तो यहां पे खाली g

50:58

बचना चाहिए। ये m1 m2 नीचे आ जाएगा। m1 और

51:01

m2 जो है वो हमारा क्या आ गया? नीचे आ

51:03

गया। और इधर क्या बच गया हमारा? कैपिटल g।

51:05

तो क्योंकि हमें कैपिटल g का डायमेंशनल

51:07

फार्मूला निकालना है। f का डायमेंशनल

51:09

फार्मूला अभी बताया था। क्या होता है? ml²

51:13

ml की पावर -2 r² का मतलब क्या हो गया?

51:16

रेडियस का स्क्वायर। और रेडियस को किस में

51:18

मेजर करते हैं? लेंथ में। तो ये हो जाएगा

51:20

लेंथ का स्क्वायर और डिवाइडेड बाय क्या आ

51:22

गया हमारा? m1 * m2 m1 * m2 को हम क्या

51:26

लिख सकते हैं? m² क्योंकि इस m का भी

51:29

डायमेंशन फार्मूला m ही होगा। इस मास का

51:31

भी डायमेंशन फार्मूला m ही होगा। तो m *

51:32

mm का स्क्वायर। तो इस m को ऊपर लेके जाओ

51:35

तो ये हो जाएगा m की पावर कुछ नहीं है तो

51:38

m की पावर 1 तो यहां पे l की पावर कितना

51:40

हो गया? l की पावर 1 और l की पावर 2 कितना

51:42

हो गया? l की पावर 3 और यहां पे हो गया t

51:45

की पावर कितना हो गया? -2 t की पावर -2 और

51:48

इस m को ऊपर लेके जाओगे तो ये हो जाएगा m

51:50

की पावर कितना -2 अब देखो m की पावर वन

51:53

उधर बच गया हमारा कौन उधर बच गया हमारा g

51:56

m की पावर 1 में से m की पावर -2 निकाले

51:58

तो कितना बचा m की पावर माइनस वन एल की

52:01

पावर यहां पे कितना बचा थ्री और यहां पे

52:04

क्या बचा t की पावर -2 तो क्या आया m की

52:07

पावर टू ये देखो m की पावर -1 l की पावर 2

52:11

और t की पावर माइनस 3 ठीक है तो ऐसे

52:13

उड़ाते हैं डायमेंशन फार्मूले नेक्स्ट आ

52:15

आगे देखो वैल्यू ऑफ़ एक्सीलरेशन ड्यू टू

52:18

ग्रेविटी। अब देखो केप्लर ने ये कहा था कि

52:20

हमारी प्लनेट जो होती है वो एग्जैक्ट जो

52:22

होती है वो स्फेरिकल नहीं होती बल्कि उसकी

52:24

इलिप्टिकल शेप होती है। तो इलिप्टिकल शेप

52:27

में ये आ गया हमारा उसका कौन सा? पोल। ये

52:29

आ गया पोल। और ये आ गया हमारा कौन सा?

52:32

इक्वेटर। ठीक है? ये आ गया उसका ये आ गया

52:35

अर्थ का इक्वेटर। और ये आ गया हमारा अर्थ

52:38

का सेंटर। तो याद रखना पोल के ऊपर पोल के

52:42

ऊपर g की पोल के ऊपर जो g की वैल्यू होती

52:45

है वो क्या होती है? मैक्सिमम होती है।

52:47

इक्वेटर के ऊपर इक्वेटर के ऊपर जो g की

52:50

वैल्यू होती है वो क्या होती है? मिनिमम

52:52

होती है। क्या होती है? मिनिमम होती है।

52:55

और सेंटर में सेंटर में जो g की वैल्यू

52:58

होती है वो कितनी होती है? ज़ीरो होती है।

53:00

तो तीन क्वेश्चन जो है वो यहीं से बन गए।

53:02

क्या कि अर्थ के सरफेस के ऊपर g की वैल्यू

53:05

9.8 होती है। अर्थ के सरफेस से ऊपर जाओगे

53:08

तो कम होगी। नीचे जाओगे तो कम होगी।

53:11

इक्वेटर पे मिनिमम होगी। पोल पे मैक्सिमम

53:14

होगी। सेंटर पे जीरो होगी। सीधा मतलब इसको

53:18

याद रखो। स्माल g की वैल्यू स्माल g की

53:21

वैल्यू अर्थ के सरफेस पे 9.8 होती है।

53:24

अर्थ के सरफेस से ऊपर जाएंगे घटेगी। नीचे

53:27

जाएंगे घटेगी। सेंटर पे कितनी हो जाएगी?

53:30

जीरो। पोल्स पे क्या होगी? मैक्सिमम।

53:32

इक्वेटर पे मिनिमम। तो मैक्सिमम का पूछ

53:35

रहा है तो मैक्सिमम कहां पे होगी? पोल पे।

53:38

पोटेंशियल एनर्जी ऑफ़ ए सिंपल पेंडुलम। अब

53:40

देखो ये आ गया एक सिंपल पेंडुलम। अब आपको

53:43

पता है कि जब सिंपल पेंडुलम ऑसिलेट करता

53:45

है तो यहां से यहां जाएगा।

53:47

फिर यहां से यहां जाएगा। ये होती है इसकी

53:50

मीन पोजीशन।

53:52

ये होती है इसकी कौन सी पोजीशन? एक्सट्रीम

53:55

पोजीशन। कभी वो मीन पोजीशन से एक्सट्रीम

53:57

पोजीशन पे जाएगा। कभी एक्सट्रीम पोजीशन से

53:59

मीन पोजीशन पे आएगा। अब आप खुद सोचो कि जब

54:02

वो मीन पोजीशन से एक्सट्रीम पोजीशन पे

54:04

जाएगा तो थोड़ी देर के लिए रुकेगा। तो जब

54:07

वो रुकेगा तो उसकी काइनेटिक एनर्जी जीरो

54:09

होगी। तो इसका मतलब एक्सट्रीम पोजीशन पे

54:11

इसकी काइनेटिक एनर्जी क्या हो जाएगी?

54:13

जीरो। बट इसकी कौन सी एनर्जी यहां पे

54:15

मैक्सिमम हो जाएगी? पोटेंशियल एनर्जी। तो

54:17

याद रखना कि एक्सट्रीम पोजीशन पे

54:19

पोटेंशियल एनर्जी क्या होती है? मैक्सिमम

54:21

होती है क्योंकि बॉडी के पास पोटेंशियल

54:23

एनर्जी आती ही उसकी पोजीशन के चेंज होने

54:25

की वजह से है। तो उसकी पोजीशन चेंज होगी

54:28

तो तभी उसके पास पोटेंशियल एनर्जी आएगी।

54:30

नेक्स्ट आता है हमारे पास अकॉर्डिंग टू

54:32

बोइल्स लॉ। अब आपको पता है कि केमिस्ट्री

54:34

में या फिजिक्स में काइनेटिक थ्योरी ऑफ़

54:36

गैस में एक लॉ होता है बोइल्स लॉ। वो

54:38

बोल्स लॉ क्या कहता है? वो बोल्स लॉ ये

54:40

कहता है के गैस का जो वॉल्यूम होता है वो

54:43

इन्वर्सली प्रोपोर्शनल होता है प्रेशर के।

54:45

तो अगर आप प्रेशर बढ़ाओगे अगर आप प्रेशर

54:48

बढ़ाओगे तो आपका वॉल्यूम क्या होगा? कम

54:50

होगा। बट इसके लिए जैसे ओम्स लॉ में हम

54:52

कुछ स्पेसिफिक कंडीशंस लेके चलते हैं। तो

54:55

यहां पे भी हमें कुछ स्पेसिफिक कंडीशन ही

54:57

लेके चलना पड़ता है। वो कौन सी स्पेसिफिक

54:59

कंडीशन होती है कि हमारा टेंपरेचर जो है

55:02

वो क्या रहता है? कांस्टेंट रहता है। ठीक

55:04

है? तो टेंपरेचर जब कांस्टेंट रहेगा तो

55:07

तभी हमारा बोइल लॉ जो है वो क्या होगा?

55:08

अप्लाई होगा। नेक्स्ट कहता है कि इन

55:10

काइनेटिक थ्योरी द एवरेज काइनेटिक एनर्जी

55:13

ऑफ़ अ गैस मॉलिक्यूल। अब आपको पता है कि

55:15

यहां पे अगर हमारे पास बहुत सारे गैस के

55:17

मॉलिक्यूल हैं तो जब आप इन गैस के

55:18

मॉलिक्यूल को हीट करोगे तो हीट करने के

55:21

बाद उनकी उनका उनके पास एनर्जी आ जाएगी।

55:24

तो जब उनके पास एनर्जी आ जाएगी तो वो

55:26

फास्ट मूव करेंगे। फास्ट मूव करेंगे तो

55:28

उनकी काइनेटिक एनर्जी जो है वो क्या हो

55:29

जाएगी? बढ़ जाएगी। ठीक है? तो यहां पे ये

55:32

क्या कह रहा है? इन काइनेटिक एनर्जी

55:33

थ्योरी द एवरेज काइनेटिक एनर्जी ऑफ़ अ गैस

55:35

मॉलिक्यूल प्रोपोर्शनल टू टेंपरेचर। तो ये

55:38

आपको कई बार क्वेश्चन भी पूछता है कि

55:40

काइनेटिक एनर्जी जो है वो कैसे रिलेट होती

55:42

है? तो याद रखना काइनेटिक एनर्जी जो होती

55:44

है वो टेंपरेचर के डायरेक्टली प्रोपोर्शनल

55:47

होती है। तो अगर आप टेंपरेचर बढ़ाओगे तो

55:49

काइनेटिक एनर्जी बढ़ेगी। ठीक है? उसके बाद

55:52

आता है इन सिंपल हार्मोनिक मोशन। तो याद

55:55

रखना कि जब पार्टिकल सिंपल हार्मोनिक मोशन

55:57

करता है। सिंपल हार्मोनिक मोशन कैसे? अपनी

56:00

मीन पोजीशन से एक्सट्रीम पे गया, फिर मीन

56:02

पे आया, एक्सट्रीम पे गया, फिर मीन पे

56:04

आया। टू एंड फ्रॉम मोशन को क्या बोलते

56:06

हैं? सिंपल हार्मोनिक मोशन। तो याद रखना

56:09

जब हमारा पार्टिकल सिंपल हार्मोनिक मोशन

56:11

करता है तो उस केस में जो उसकी एक्सीलरेशन

56:13

होती है वो होती है - ओमेगा स्क्वायर x और

56:18

ये लॉन्ग में भी मैंने इंपॉर्टेंट में

56:19

बताया था कि इसकी एक्सप्रेशन ड्राइव कैसे

56:21

करते हैं आएगा पेपर में तो आप खुद सोचो कि

56:23

एक्सीलरेशन जो है वो किसके ऊपर डिपेंड कर

56:25

रही है पोजीशन के ऊपर। डिस्प्लेसमेंट के

56:28

ऊपर डिस्प्लेसमेंट बढ़ेगा तो एक्सीलरेशन

56:30

बढ़ेगी। तो यहां पे आंसर में क्या आएगा?

56:33

डिस्प्लेसमेंट। उसके बाद होता है द टाइम

56:35

पीरियड ऑफ़ ए सिंपल पेंडुलम। आपको पता है

56:37

कि मैंने आपको यह बताया है कि t इक्वल टु

56:40

होता है हमारे पास किसके बराबर? 2pi t =

56:43

2pi होता है और

56:45

/

56:46

/ g तो आप खुद सोचो कि सिंपल पेंडुलम का

56:49

जो टाइम पीरियड होता है टाइम पीरियड का

56:51

मतलब क्या हो गया कि सिंपल पेंडुलम का बॉब

56:53

अपनी मीन पोजीशन से एक्सट्रीम पे गया। तो

56:55

फिर उसको एक्सट्रीम से मीन में आने में

56:58

कितना टाइम लगा? उसको क्या बोलते हैं?

57:00

टाइम पीरियड। ठीक है? आप खुद सोचोगे टाइम

57:02

पीरियड में एक एल आ रहा है, एक जी आ रहा

57:04

है। तो इसका मतलब जो हमारा टाइम पीरियड

57:06

होता है वो एल के ऊपर भी डिपेंड करता है।

57:08

जी के ऊपर भी डिपेंड करता है। तो मास ऑफ द

57:11

बॉब के ऊपर डिपेंड नहीं करता। लेंथ ऑफ द

57:14

पेंडुलम के ऊपर डिपेंड करता है।

57:16

एंप्लीट्यूड के ऊपर नहीं डिपेंड करता।

57:18

डेंसिटी के ऊपर डिपेंड नहीं करता। जो चीज

57:21

फार्मूले में आएगी उसी के ऊपर डिपेंड करता

57:23

है। एस्केप वेलोसिटी। अभी-अभी बताया कि

57:25

एस्केप वेलोसिटी की वैल्यू होती है 9.8 9

57:29

सॉरी एस्केप वेलोसिटी की वैल्यू होती है

57:31

11.2 कि.मी. पर सेकंड और यहां पे ये देखो

57:35

ये किसकी वैल्यू थी? ये थी ऑर्बिटल

57:37

वेलोसिटी की वैल्यू। ठीक है? तो साथ-साथ

57:39

आपको याद करके डायमेंशन फार्मूला ऑफ़

57:42

प्रेशर। लास्ट क्वेश्चन शुरू डायमेंशन

57:44

फार्मूले से। खत्म भी डायमेंशन फार्मूले

57:47

से। तो सोचो आप खुद कि हमारा डायमेंशन

57:50

फार्मूला जो होता है वो कितना इंपॉर्टेंट

57:53

रोल जो है वो क्या करता है? प्ले करता है।

57:55

आपको पता है कि प्रेशर का मतलब क्या होता

57:56

है? फोर्स

57:59

पर यूनिट एरिया। तो जब आप किसी एरिया के

58:02

ऊपर क्या लगाते हो? फोर्स लगाते हो तो हम

58:05

कहते हैं प्रेशर। जैसे मैं इसको दबा रहा

58:07

हूं यहां पे तो एरिया के ऊपर फोर्स लगी।

58:09

तो मैं बोलूंगा कि यहां पे क्या एग्जर्ट

58:10

हुआ है? प्रेशर। प्रेशर हो गया फोर्स अप

58:13

एरिया। अगेन मैं 10 बार आपको बता चुका हूं

58:15

कि एनर्जी का डायमेंशन फार्मूला होता है

58:17

ml² t की पावर -2 फोर्स का होता है mlt -

58:21

2 ठीक है तो फोर्स का क्या होता है m lt

58:26

की पावर -2 और एरिया का मतलब क्या होता है

58:29

लेंथ * ब्रेड्थ लेंथ * ब्रेड्थ लेंथ को

58:32

लेंथ ही लिखेंगे ब्रेड्थ को भी लेंथ ही

58:34

लिखेंगे तो ये हो जाएगा लेंथ का स्क्वायर

58:37

तो जब आप लेंथ को नीचे से ऊपर लेके जाओगे

58:39

तो इसकी पावर नेगेटिव हो जाएगी तो ये हो

58:40

जाएगा m l तो यहां पे हो जाएगा l की पावर

58:44

-2 और साथ में हो जाएगा t की पावर -2 तो

58:47

ध्यान से देखो तो यहां पे क्या आ जाएगा m

58:50

l की पावर वन में से l की पावर -2 गए तो

58:52

पीछे कितना बचे l की पावर -1 और साथ में

58:55

क्या बचा t की पावर -2 तो l की पावर -1 t

58:59

की पावर -2 m की m की पावर 1 l की पावर -1

59:04

l की पावर -1 t की पावर -2 इज दी डायमेंशन

59:08

फार्मूला। ठीक है? तो इसलिए जो है वो अगर

59:10

आपको डायमेंशन फार्मूले ड्राइव करना आते

59:12

हैं तो ये क्वेश्चन कुछ भी नहीं है। हवा

59:14

में जो है वो आप क्या करोगे? इन

59:15

क्वेश्चनों को अड़ाओगे। तो पेपर से पहले इन

59:17

क्वेश्चनों को एक बार जो है वो जरूर देख

59:19

के जाना। तो एक चीज मैं आपको और बताना भूल

59:22

गया यहां पे कि याद रखना जैसे एनर्जी का

59:24

जो डायमेंशन फार्मूला आता है ना चाहे वो

59:26

जितनी भी टाइप की एनर्जी हो चाहे वो

59:29

काइनेटिक एनर्जी हो

59:32

चाहे वो पोटेंशियल एनर्जी हो चाहे वो

59:35

रोटेशनल एनर्जी हो

59:38

चाहे वो रोटेशनल एनर्जी हो चाहे वो

59:42

ट्रांजिशनल एनर्जी हो कोई सी भी एनर्जी हो

59:45

हर तरह की एनर्जी की जो यूनिट होती है वो

59:47

जूल होती है और हर तरह की एनर्जी की जो

59:50

डायमेंशन फार्मूला होता है वो क्या होता

59:51

है? सेम होता है। तो ये चीज पता होनी

59:53

चाहिए। उसके बाद कई बार मैंने देखा है कम

59:56

से कम पांच साल अगर आज तक 10 साल पेपर हुए

60:00

हैं ना तो उन 10 साल के एग्जाम्स में कम

60:03

से कम पांच बार ये क्वेश्चन जो है वो

60:06

रिपीट हुआ है। आप मना करोगे 2025 के पेपर

60:09

में आता है। फिर

60:11

2025 का विंटर जोोन के पेपर में भी आता

60:13

है। समर ज़ोन के पेपर में भी आता है। 2023

60:16

के अंदर भी आता है। क्योंकि इंटीग्रेशन का

60:18

क्वेश्चन होता है। तो इंटीग्रेशन को टैकल

60:20

करना थोड़ा मुश्किल होता है। तो इस

60:21

क्वेश्चन को मैं आपको बता देता हूं कि

60:23

फोर्स की वैल्यू कितनी गिवन है यहां पे इस

60:25

क्वेश्चन में? फोर्स की वैल्यू गिवन है

60:27

0.5x

60:30

+ 10 तो ये गिवन है किसकी? फोर्स की

60:34

वैल्यू। खुद कह रहा है कि फोर्स = 0.5x

60:38

+ 10 तो किसी बॉडी के ऊपर इतनी फोर्स लगती

60:40

है। किसी पार्टी के ऊपर लगती है। और यहां

60:43

पे फोर्स को हमने न्यूटन में लिया हुआ है

60:45

और x को मीटर में लिया हुआ है। तो हमें

60:47

निकालना है वर्क डन। अब आप खुद सोचो कि जब

60:49

आप किसी बॉडी के ऊपर फोर्स लगाओगे तो जब

60:51

हमने उसके ऊपर फोर्स लगाई तो मान लो कि

60:53

स्टार्टिंग में उसका डिस्प्लेसमेंट था

60:55

कितना? जीरो। और बाद में उसका

60:57

डिस्प्लेसमेंट कितना हो गया? टू।

60:58

स्टार्टिंग में हमारी बॉडी जो थी वो यहां

61:00

पे थी। यहां पे थी। तो जब स्टार्टिंग में

61:03

उसका डिस्प्लेसमेंट कितना था? जीरो। तो

61:06

हमारी बॉडी के ऊपर जब हमने फोर्स लगाई तो

61:08

हमारी बॉडी यहां से यहां पे पहुंच गई। तो

61:11

उसका इनिशियल डिस्प्लेसमेंट था ज़ीरो। तो

61:14

फाइनल डिस्प्लेसमेंट कितना हो गया? टू।

61:15

हमें ये निकालना है कि यहां से यहां तक जो

61:19

उसके ऊपर वर्क डन हुआ है उस वर्क डन की

61:22

वैल्यू हमें कैलकुलेट करनी है। अब आपको

61:25

पता है कि वर्क डन का जो फार्मूला होता है

61:27

वो होता है फोर्स

61:29

* डिस्प्लेसमेंट। वर्क का फार्मूला क्या

61:33

होता है? फोर्स * डिस्प्लेसमेंट। बट ये

61:35

फार्मूला हमारा तभी अप्लाई होता है जब

61:38

फोर्स की वैल्यू क्या हो? सेम हो।

61:41

डिस्प्लेसमेंट की वैल्यू क्या हो? सेम हो।

61:43

अब मुझे आप खुद ये चीज बताओ के यहां पे

61:46

फोर्स की वैल्यू कितनी गिवन है? f = 0.5x

61:50

अब मुझे बताओ कि x = 1 से लेके x = 2 के

61:53

बीच में x की कोई भी वैल्यू हो सकती है।

61:55

जब वन रखोगे तो फोर्स अलग निकल के आएगी।

61:57

टू रखोगे तो फोर्स अलग निकल के आएगी। 1.11

62:01

रखोगे तो फोर्स अलग निकल के आएगी। तो आपको

62:03

पता है कि वेरिएबल फोर्सर्सेस का वर्क डन

62:05

कैसे निकलता है? इंटीग्रेशन से निकलता है।

62:08

तो इंटीग्रेशन वाला फार्मूला लगाओ वर्क डन

62:10

वाला। आपको पता है कि एक तो वर्क डन का

62:12

फार्मूला होता है। वर्क इक्व फोर्स *

62:14

डिस्प्लेसमेंट। ये फार्मूला तभी लगता है

62:16

जब फोर्स की वैल्यू सेम हो। मान लो हमारी

62:18

बॉडी यहां से यहां पे पहुंच गई। यहां पे

62:21

यहां पे पहुंच गई। यहां पे इसके ऊपर फोर्स

62:23

लग रही थी 5 न्यूटन की। यहां तक इसके ऊपर

62:26

फोर्स जो है वो कितनी लगती रही? 5 न्यूटन

62:28

ही लगती रही। तब हमारा ये वाला फार्मूला

62:31

अप्लाई होगा। बट यहां पे तो फोर्स की

62:32

वैल्यू अलग है। यहां पे जब ये आगे बढ़ यहां

62:35

पे फोर्स की वैल्यू अलग है। यहां पे फोर्स

62:37

की वैल्यू अलग है। क्योंकि यहां पे फोर्स

62:39

जो है वो फंक्शन है किसका? x का। तो यहां

62:41

पे हम फार्मूला यूज़ करते हैं इंटीग्रल

62:43

fdx।

62:45

ठीक है? और इंटीग्रेशन के बाहर हम लिमिट

62:47

लिख लिमिट को लगाते हैं कि हम कहां से

62:50

कहां पे जा रहे हैं। तो स्टार्टिंग में

62:51

हमारा डिस्प्लेसमेंट था ज़ीरो और बाद में

62:54

कितना था? टू। ठीक है? तो ये वाला

62:56

फार्मूला लगा के हम इसका आंसर क्या

62:57

करेंगे? कैलकुलेट करेंगे। ठीक है? तो कैसे

63:00

कैलकुलेट करेंगे? देखो

63:03

देखो हमारा जो है वो हमारा वर्क डन का जो

63:08

फार्मूला होता है हमारी फोर्स जो है वो

63:09

कितनी गिवन है f = f = f = 0.5x

63:16

0.5x

63:18

+ 0.5x

63:22

0.5x + 10 0.5x + 10 तो हमारा वर्क डन का

63:28

क्या फार्मूला होता है? वर्क डन का

63:29

फार्मूला होता है इंटीग्रेशन इंटीग्रेशन 0

63:32

टू 0 टू 2 और साथ में क्या हो जाएगा f dx

63:38

स्माल डिस्प्लेसमेंट ठीक है तो वर्क डन

63:40

क्या निकल के आ गया इंटीग्रल यहां पे बाहर

63:43

आएगा इंटीग्रेशन 0 टू 2 अंदर फोर्स की

63:45

वैल्यू रखो फोर्स की वैल्यू क्या है फोर्स

63:48

की वैल्यू है 0.5x

63:51

+ 10 तो इसको ब्रैकेट में रखा और बाहर

63:54

क्या आ गया dx बाहर क्या आ गया हमारा dx

63:58

ठीक है? अब अगर

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