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Electrochemistry Class 12 Chemistry Chapter 2 One Shot | New NCERT CBSE | Complete chapter

4h 0m 48s39,673 words4,991 segmentsHindi

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0:00

इलेक्ट्रो आया है इलेक्ट्रिसिटी से और

0:02

केमिस्ट्री बोले तो केमिकल चेंजेज

0:03

इलेक्ट्रिसिटी और केमिकल चेंजेज के

0:05

रिलेशनशिप्स को ही पढ़ते हैं हम इलेक्ट्रो

0:08

केमिस्ट्री कोई होगा

0:11

ऑक्सीडेंट तो कोई और होगा रिड्यूस करेगा

0:14

दूसरों को

0:15

ऑक्सीडक्सी देशन रिडक्शन के खेल में जनरेट

0:18

होगा

0:27

इलेक्ट्रिसिटी हेलो एवरीवन मुझे उम्मीद है

0:30

कि आप सभी अच्छे हैं और आज मैं लेकर आई

0:32

हूं इलेक्ट्रो केमिस्ट्री क्लास 12थ

0:34

केमिस्ट्री का एक जबरदस्त वीडियो तो कुल

0:37

मिला के आने वाला है बहुत ही ज्यादा मजा

0:40

और मैं तो इतना ही कह सकती हूं कि इस पूरे

0:42

वीडियो को देखने के बाद इलेक्ट्रो

0:44

केमिस्ट्री के कॉन्सेप्ट्स होंगे क्रिस्टल

0:46

क्लियर तो मैं हूं रोशनी फ्रॉम लनो हब द

0:49

फ्री लर्निंग प्लेटफॉर्म जहां पर आप

0:51

फिजिक्स केमिस्ट्री मैथ्स बायोलॉजी सब कुछ

0:53

पढ़ सकते हो अब्सोल्युटली फॉर फ्री एटन

0:56

hub.com सो तैयार हैं सभी लोग लेट्स गेट

0:59

स्टार्टेड

1:08

तो प्यारे बच्चों गेस करो कि क्या पढ़ने

1:11

वाले हैं हम इलेक्ट्रो केमिस्ट्री में नाम

1:13

पे अगर फोकस करो इलेक्ट्रो बोले तो

1:15

इलेक्ट्रिसिटी से आया होगा केमिस्ट्री तो

1:17

अपना केमिस्ट्री केमिकल रिएक्शंस राइट तो

1:20

यानी कि इलेक्ट्रो केमिस्ट्री के अंदर हम

1:22

पढ़ने वाले हैं इलेक्ट्रिसिटी और केमिकल

1:25

रिएक्शंस के बीच का रिलेशन तो हम कह सकते

1:29

हैं कि इलेक्ट्रो केमिस्ट्री इज द स्टडी

1:31

ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एंड हाउ इट रिलेट्स टू

1:34

केमिकल रिएक्शंस तो कुल मिला के कुल मिला

1:37

के सार यही है कि इस पूरे लेसन के अंदर हम

1:42

दो तरह की कांसेप्ट को पढ़ेंगे दो तरह की

1:45

हम बातें करेंगे एक तो हम यह बात करेंगे

1:48

कि किस तरह से हम एक केमिकल रिएक्शन से

1:51

इलेक्ट्रिसिटी जनरेट कर सकते हैं दूसरा हम

1:54

यह बात करेंगे कि किस तरह से हम

1:56

इलेक्ट्रिसिटी से एक केमिकल रिएक्शन को

1:59

करवा सकते हैं राइट तो यानी कि या तो हम

2:03

केमिकल एनर्जी टू इलेक्ट्रिकल एनर्जी की

2:04

बात कर रहे होंगे या फिर हम इलेक्ट्रिकल

2:06

एनर्जी टू केमिकल एनर्जी की बात कर रहे

2:08

होंगे ठीक अब इलेक्ट्रो केमिस्ट्री का जो

2:11

बेस है मतलब ये जो इलेक्ट्रिकल टू केमिकल

2:14

केमिकल टू इलेक्ट्रिकल ये जो चीजें हो रही

2:16

होंगी ये किस बेसिस पर हो रही होंगी यहां

2:20

पर हमारा जो बेस होगा वो होगा रेडॉक्स

2:23

रिएक्शंस हम देखेंगे कि इनके अंदर जो

2:25

रिएक्शंस एक्चुअली में हो रहे होंगे वो

2:28

किस तरह के रिएक्शंस है रेडॉक्स रिएक्शन

2:30

जिन-जिन बच्चों के कान खड़े हो रहे हैं कि

2:32

यह रेडॉक्स रिएक्शन क्या होता है फटाफट से

2:34

जाओ क्लास 11थ केमिस्ट्री रेडॉक्स रिएक्शन

2:37

का जो वन शॉर्ट वीडियो मैंने बनाया था

2:39

उसको फटाफट से देखो ताकि रेडॉक्स रिएक्शन

2:42

के कांसेप्ट में कोई डाउट ना रह जाए ठीक

2:44

है ओके तो अब जैसा कि मैं कह रही थी कि

2:47

इलेक्ट्रो केमिस्ट्री में हम या तो बात

2:50

करेंगे कि हम केमिकल रिएक्शन से

2:53

इलेक्ट्रिसिटी जनरेट करेंगे ठीक है तो

2:55

यहां पे इस तरह के सिचुएशन में हम किस तरह

2:58

के केमिकल रिएक्शंस की बात करेंगे

3:00

स्पॉन्टेनियस केमिकल रिएक्शंस जो दूसरा

3:04

तरह का सिचुएशन है उसमें हम बात करेंगे कि

3:07

इलेक्ट्रिसिटी से हम एक केमिकल रिएक्शन को

3:10

करवाएंगे तो इस दौरान हम बात करेंगे नॉन

3:14

स्पॉन्टेनियस केमिकल रिएक्शंस की समझ आई

3:18

नहीं आई ढंग से समझते हैं स्पॉन्टेनियस

3:21

एंड नॉन स्पॉन्टेनियस केमिकल रिएक्शंस तो

3:24

बच्चों अगर हम बात करें स्पॉन्टेनियस

3:26

रिएक्शन स्पॉन्टेनियस मतलब यू नो जो खुद

3:29

से ही मोटिवेटेड हो जो खुद से होते रहते

3:31

हैं ऐसे रिएक्शंस यानी कि ये वैसे

3:34

रिएक्शंस हैं जो खुद से ही एक पर्टिकुलर

3:37

डायरेक्शन में प्रोसीड करते रहते हैं और

3:40

इन्हें किसी एक्सटर्नल एनर्जी की जरूरत ही

3:42

नहीं होती है जैसे कि हमारा सेल्फ

3:45

मोटिवेटेड पढ़ाकू बच्चा जो बच्चा खुद से

3:48

मोटिवेटेड है उसे खुद से पढ़ाई करनी है वह

3:50

क्या करेगा उसे ना तो डांट की जरूरत है ना

3:53

धुलाई की जरूरत है ना पिटाई की जरूरत है

3:55

ना एग्जाम का डर का जरूरत है ना लालच

3:57

दिखाने की जरूरत है वो बच्चा खुद ही

3:59

मोटिवेट है तो वो अपना पढ़ाई करते रहेगा

4:02

तो ठीक उस पढ़ाकू सेल्फ मोटिवेटेड बच्चे

4:04

की तरह है हमारा स्पॉन्टेनियस रिएक्शंस

4:07

ठीक है तो अब इन स्पॉन्टेनियस रिएक्शन की

4:10

बात हम कहां पे करते हैं जब मैंने बताया

4:12

था इलेक्ट्रो केमिस्ट्री में हम दो तरह की

4:14

चीजें पढ़ते हैं पहली चीज क्या होती है कि

4:16

केमिकल रिएक्शन से हम इलेक्ट्रिसिटी जनरेट

4:19

करते हैं ठीक है तो वहां पर ये केमिकल

4:22

रिएक्शन जो है ये खुद से होते हैं इनको हम

4:24

जबरदस्ती नहीं करवाते हैं तो यहां पर हम

4:27

बात करते हैं स्पॉन्टेनियस केमिकल रिएक्शन

4:29

की जो रिएक्शंस खुद से होते हैं और उनके

4:32

होने के दौरान जो हमें एनर्जी मिलती है

4:35

उससे हम इलेक्ट्रिसिटी जनरेट करवाते हैं

4:38

क्लियर अब बात करेंगे नॉन स्पॉन्टेनियस

4:41

रिएक्शन की अब सारे बच्चे सेल्फ मोटिवेटेड

4:43

थोड़ी ना होते हैं कुछ ऐसे शैतान वाले

4:46

बच्चे भी तो होते हैं जिन्हें पढ़ने का मन

4:48

ही नहीं करता यार तो ऐसे बच्चों के साथ

4:50

क्या होता है ऐसे बच्चों को कई बार डराया

4:53

जाता है कि कल एग्जाम है और अगर तुम

4:54

एग्जाम में फेल होए तो तुम्हें अगली क्लास

4:56

में प्रमोशन नहीं मिलेगा कई बार लालच

4:58

दिखाया जाता है कि अगर तुम एग्जाम में पास

5:01

हो गए तो तुम्हें नया मोबाइल फोन मिलेगा

5:04

और कई बार तो वही डांट पिटाई धुलाई यही सब

5:07

काम आती है सो ये सारी चीजें किसका काम

5:10

करती है एक एक्सटर्नल पुश का काम करती है

5:12

एक एक्सटर्नल एनर्जी का काम करती है उससे

5:16

वो बच्चा बेचारा कैसे भी बेमन सही सही

5:18

लेकिन रो पीट के वो पढ़ने बैठ जाता है

5:21

राइट तो कुछ ऐसी ही हालत होती है नॉन

5:23

स्पॉन्टेनियस रिएक्शंस की ये खुद से नहीं

5:26

होते हैं लेकिन इनको करवाने के लिए अगर हम

5:29

एक एक्सटर्नल एनर्जी प्रोवाइड करें तो यह

5:31

प्रोसीड करते हैं एक पर्टिकुलर डायरेक्शन

5:34

में ठीक तो नॉन स्पॉन्टेनियस रिएक्शन की

5:37

बात हम तब करेंगे जब हम इलेक्ट्रो

5:39

केमिस्ट्री में उस तरह की चीजों की बात

5:41

करेंगे जहां पर इलेक्ट्रिसिटी से हम किसी

5:44

रिएक्शन को करवाते हैं क्योंकि ये रिएक्शन

5:47

भाई खुद से तो होता नहीं है तो हम

5:49

इलेक्ट्रिकल एनर्जी से इन्हे वो एक्स्ट्रा

5:52

पुश देते हैं हम इन्हें जबरदस्ती करवाते

5:54

हैं तो वहां हम बात करेंगे नॉन

5:56

स्पॉन्टेनियस रिएक्शंस की ठीक है तो अब ये

5:59

स्पॉन्टेनियस और नॉन स्पॉन्टेनियस का मैं

6:01

आपको डे टू डे लाइफ से एक एग्जांपल देती

6:03

हूं और वो एग्जांपल हम लेंगे पानी का ठीक

6:06

है मान लो पहाड़ की एक ऊपर की चोटी में

6:09

मैं पानी रख दूं तो क्या होगा वो पानी जो

6:12

है पानी गिरा दो मान लो तो वो पानी जो है

6:15

खुद से ही ऊपर से नीचे आ जाएगा आएगा डाउन

6:18

द हिल वो खुद से आ जाएगा लेकिन वही अगर

6:21

मान लो मैं उसी हिल के नीचे पानी रख दूं

6:25

तो क्या होगा क्या वो पानी टो ट टट ऊपर

6:27

जाएगा पहाड़ के खुद से तो नहीं जाएगा राइट

6:31

तो यानी कि जब मैंने नीचे से ऊपर जाने की

6:34

बात कर रही हूं तो यह कैसा प्रोसेस है यह

6:36

नॉन स्पॉन्टेनियस प्रोसेस है हालांकि अगर

6:38

मैं एक मोटर फिट कर दूं तो यह पानी नीचे

6:40

से ऊपर भी जा सकता है इनफैक्ट हमारे घरों

6:43

में ग्राउंड फ्लोर से एथ फ्लोर 10थ फ्लोर

6:46

तक पानी कैसे चढ़ता है मोटर से राइट तो

6:48

वहां पर हमने एक एक्सटर्नल एनर्जी

6:51

प्रोवाइड कर रखी है जिसके वजह से वो

6:53

प्रोसेस हो रहा है सो दैट इज नॉन

6:56

स्पॉन्टेनियस बात समझ आई सो कुल मिला के

6:59

बच्चों इलेक्ट्रो केमिस्ट्री में हम ये दो

7:01

चीजें पढ़ेंगे पहली चीज हम पढ़ेंगे कि

7:03

स्पॉन्टेनियस केमिकल रिएक्शन से हम

7:05

इलेक्ट्रिसिटी कैसे जनरेट करते हैं दूसरा

7:08

हम पढ़ेंगे कि इलेक्ट्रिसिटी से हम किस

7:11

तरीके से नॉन स्पॉन्टेनियस केमिकल

7:13

रिएक्शंस को करवाते हैं क्या इलेक्ट्रो

7:15

केमिस्ट्री पढ़ना जरूरी है बिल्कुल जरूरी

7:17

है एक छोटी सी चीज है बैटरी और हम देखेंगे

7:21

अगर बैटरी ना हो तो हमारे आसपास की कितनी

7:24

सारी चीजें काम नहीं करेंगी चाहे आप घड़ी

7:27

ले लो चाहे आप मोबाइल फोन ले लो कैलकुलेट

7:29

ले लो लैपटॉप ले लो कैमरा ले लो

7:31

इलेक्ट्रिक कार ले लो या फिर टॉयज ही ले

7:34

लो इनफैक्ट मेरे घर पे तो मेरी बच्ची के

7:37

90 पर टॉयज में कहीं ना कहीं किसी ना किसी

7:40

रूप में बैटरी यूज होता है राइट तो ऐसा

7:44

नहीं है कि बैटरी ही एक लता एप्लीकेशन है

7:46

इलेक्ट्रो केमिस्ट्री का बट यस बैटरी एक

7:50

बहुत इंपॉर्टेंट एप्लीकेशन जरूर है बट

7:53

इसके अलावा और भी बहुत सारे एप्लीकेशंस है

7:55

जैसे कि एक और अच्छा एप्लीकेशन है

7:57

इलेक्ट्रो प्लेटिंग का ो प्लेटिंग क्या

8:00

होता है क्या आपने कभी भी अपने घरों में

8:02

ऐसी चीजें देखी हैं जैसे कि गोल्ड प्लेटेड

8:05

ज्वेलरी बहुत सारे ऐसे गहने होते हैं जो

8:08

गोल्ड के नहीं होते हैं लेकिन वो बिल्कुल

8:10

गोल्ड के जैसे दिखते हैं क्यों क्योंकि

8:13

उनके ऊपर एक गोल्ड की प्लेट लगा दी गई है

8:16

मतलब एक सोने की परत डाल दी गई है बहुत

8:19

बार होते है कि जो बर्तन होते हैं ना

8:21

बिल्कुल चांदी के दिखते हैं बट वो चांदी

8:23

के होते नहीं है वो सिल्वर प्लेटेड होते

8:25

हैं बहुत बार फर्नीचर्स में आपने देखा

8:28

होगा क्रोम प्लेटेड हैंडल्स हैंडल्स में

8:30

क्रोम की प्लेटिंग लगी होती है तो यह क्या

8:33

है इन सबको हम कहते हैं इलेक्ट्रो

8:35

प्लेटिंग मतलब एक मेटल के ऊपर हम एक दूसरे

8:37

मेटल की लेयरिंग डाल देते हैं और यह भी

8:40

इलेक्ट्रो केमिस्ट्री का ही कांसेप्ट है

8:43

तो अब जब हमें पता ही है कि यार आसपास

8:45

इतने तरीके से इलेक्ट्रो केमिस्ट्री हमें

8:47

काम आ रहा है तो डेफिनेटली अब हम

8:49

इलेक्ट्रो केमिस्ट्री थोड़ा और ज्यादा

8:51

इंटरेस्ट के साथ पढ़ेंगे तो बच्चों

8:53

इलेक्ट्रो केमिस्ट्री में हम दो तरह के

8:55

सेल्स की बा तो बच्चों सबसे पहले हम

8:57

क्लियर करते हैं इलेक्ट्रो केमिस्ट्री के

8:59

बेसिक्स को क्योंकि बेसिक्स सही होंगे तभी

9:01

तो समझ में आएंगे सारे कॉन्सेप्ट्स और

9:03

इलेक्ट्रो केमिस्ट्री का बेसिक्स लाई करता

9:05

है इन रेडॉक्स रिएक्शंस तो इसीलिए फिर से

9:08

कह रही हूं अगर रेडॉक्स रिएक्शन बिल्कुल

9:10

नहीं पता है तो फटाफट से जाके रेडॉक्स

9:12

रिएक्शन का वन शॉर्ट वीडियो देख लो ठीक है

9:15

हालांकि जो जरूरत की चीजें हैं वो मैं

9:17

यहां पर थोड़ा बहुत कवर करती रहूंगी ठीक

9:19

है तो देखो रेडॉक्स रिएक्शन का जो क्या

9:22

बोलूं मैं जो बॉटम लाइन था जो सार था वो

9:25

यही था कि एवरीवन वांट्स टू बी स्टेबल सब

9:28

जो है स्टेबिलिटी

9:40

अटेनोक और कॉपर के इस रिएक्शन को ही देख

9:43

लो यहां पर जिंक अमीर है इसीलिए जिंक देगा

9:46

क्या देगा इलेक्ट्रॉन देगा कॉपर यहां पर

9:49

गरीब है तो वो इलेक्ट्रॉन लेगा सिंपल तो

9:52

देखो जिंक जो है वो इलेक्ट्रॉन देके zn20

9:56

पॉजिटिवली चार्जड बन जा रहा है दूसरी तरफ

9:59

उसी इलेक्ट्रॉन को लेके cu2 प् से स बन जा

10:03

रहा है अब वहीं अगर मैं कॉपर और सिल्वर का

10:06

यह रिएक्शन देखूं तो यहां पर मैं देखती

10:09

हूं कि यहां पर तो कॉपर अमीर है और सिल्वर

10:12

गरीब है तो इसीलिए कॉपर इलेक्ट्रॉन दे रहा

10:14

है और सिल्वर इलेक्ट्रॉन ले रहा है अब आप

10:17

बोलोगे कि मैम ऐसे कैसे पहले रिएक्शन में

10:20

तो कॉपर गरीब था दूसरे रिएक्शन में आपने

10:22

इसको अमीर बना दिया यार गरीब या अमीर तो

10:25

रिलेटिव टर्म है फॉर एग्जांपल अगर हम एकदम

10:28

सुपर रिच एक बंदे की बात करें और उसके साथ

10:31

एक एक मिडिल क्लास बंदा राइट तो अब सुपर

10:35

रिच और मिडिल क्लास इन दोनों के बीच में

10:37

अमीर कौन है सुपर रिच गरीब कौन है मिडिल

10:40

क्लास लेकिन वही अगर ये मिडिल क्लास बंदा

10:43

है और एक बहुत ही गरीब आदमी है ठीक है उस

10:47

केस में अमीर कौन है मिडिल क्लास और गरीब

10:49

कौन है जो एकदम पुअर पर्सन है है ना तो ये

10:52

रिलेटिव टर्म है कि भाई हम किन दोनों को

10:54

कंपेयर करें तो पहले वाले केस में जिंक और

10:56

कॉपर में से जिंक अमीर था कॉपर ग गरीब था

10:59

दूसरे वाले एग्जांपल में कॉपर और सिल्वर

11:02

में कॉपर अमीर है और सिल्वर गरीब है अब आप

11:05

पूछोगे कि हमें पता कैसे चलेगा कि कौन

11:08

अमीर है कौन गरीब है इन रिएक्शंस सो

11:11

बेसिकली वो हमें बताता है मेटल एक्टिविटी

11:14

सीरीज एंड आई नो कि ये कोई नई चीज नहीं है

11:17

ठीक है तो ये हमारी एक सीरीज होती है

11:19

जिसको हमने क्लास 11थ की केमिस्ट्री में

11:21

कई बार पढ़ा है अलग-अलग टॉपिक्स के अंदर

11:24

इसीलिए फिर से कह रही हूं कि अगर आपको ये

11:26

चीजें नहीं पता है बिल्कुल भी तो जाके एक

11:29

बार फटाफट से रेडॉक्स रिएक्शन का वन शॉट

11:31

वीडियो देख डालो ठीक है तो ये जो मेटल

11:33

एक्टिविटी सीरीज है ना ये हमें एक

11:35

सीक्वेंस दे देती है कि यार यह जो है ना

11:38

सबसे ज्यादा अमीर है इससे कम ये इससे कम

11:41

ये इससे कम ये एंड सो ऑन तो इस सीरीज के

11:43

बेसिस पर हम डिसाइड कर सकते हैं कि किसी

11:46

भी रिएक्शन में कौन इलेक्ट्रॉन देगा और

11:48

कौन इलेक्ट्रॉन लेगा इसी कांसेप्ट के ऊपर

11:51

बेस्ड एक छोटा सा एक्सपेरिमेंट करते हैं

11:53

ठीक है मान लो मैंने एक कंटेनर लिया उसके

11:56

अंदर मैंने डाल दिया कॉपर सल्फेट का

11:58

सॉल्यूशन ठीक है cuso4 कॉपर सल्फेट का

12:01

सॉल्यूशन ब्लू कलर का होता है प्राइमर

12:03

कॉपर की वजह से ठीक है अब इसके अंदर मैंने

12:06

जिंक की एक रॉड डाल दी ठीक है जैसे ही

12:11

मैंने ऐसा किया तो क्या होगा रिएक्शन होना

12:13

शुरू हो जाएगा क्या होगा रिएक्शन एक तरफ

12:17

है जिंक और दूसरी तरफ है कॉपर सल्फेट कॉपर

12:19

सल्फेट में कॉपर के किस फॉर्म में है co2

12:22

प के फॉर्म में है ठीक है तो अब जिंक और

12:24

co2 प में क्या रिएक्शन होगा कौन अमीर है

12:28

जिंक अमीर है है तो जिंक इलेक्ट्रॉन देगा

12:31

कॉपर गरीब है तो वह इलेक्ट्रॉन लेने के

12:33

मूड में है उसने वो बोलेगा ठीक है यार

12:35

इलेक्ट्रॉन दे दो मैं भी इलेक्ट्रॉन ले

12:37

लेता हूं मैं भी स्टेबल हो जाता हूं तो एज

12:39

अ रिजल्ट क्या होगा जिंक जो है वो

12:45

zn20 से स हो जाएगा राइट तो

12:49

एक्सपेरिमेंटली हम देखेंगे कि थोड़ी देर

12:51

के बाद वो जो ब्लू कलर का सॉल्यूशन था

12:53

उसका ब्लू कलर फेड होता जा रहा है ब्लू

12:56

कलर गायब होता जा रहा है क्यों क्योंकि

12:58

उसमें से cu2 2 प् जो है वो गायब होता जा

13:00

रहा है cu2 प जो है वो

13:15

cu2 प् स्टेट में चला जा रहा है यानी कि

13:17

वो जो सॉल्यूशन है वो ग्रैजुअली znso4

13:20

होता जा रहा है बात समझ आई तो यहां पर इस

13:24

रिएक्शन में हो क्या रहा था जिंक

13:26

इलेक्ट्रॉन दे रहा था और इसीलिए उसका क्या

13:29

हो रहा था ऑक्सीडेशन दूसरी तरफ कॉपर

13:32

इलेक्ट्रॉन ले रहा था तो उसका क्या हो रहा

13:35

था रिडक्शन और जहां ऑक्सीडेशन और रिडक्शन

13:38

साथ-साथ हो उसी को हम कहते हैं रेडॉक्स

13:41

रिएक्शन ठीक है जस्ट फॉर योर इंफॉर्मेशन

13:43

मैं ये बता दूं कि अगर मान लो मैंने ऐसा

13:46

कहा होता अगर मैंने ऐसा कहा होता कि यहां

13:50

पर जिंक सल्फेट का सॉल्यूशन है और कॉपर की

13:53

रॉड है तब क्या होता जस्ट उल्टा मतलब

13:56

मैंने अगर बोला होता कि जिंक सल्फेट का

13:58

सॉल्यूशन है और जो रॉड है वो कॉपर की है

14:01

यानी कि मैं क्या पूछ रही हूं कि zn20

14:03

प्लस कॉपर इसका रिएक्शन क्या होता बहुत से

14:07

बच्चे बोलेंगे हां यहां भी ऐसा ही हो जाता

14:09

कि zn20 से

14:20

zn20 से

14:29

उसके पास तो देने के लिए है ही नहीं कुछ

14:31

तो जिंक लेगा कैसे बात समझ रहे हो जिंक और

14:35

कॉपर के रिएक्शन में जिंक दे सकता है कॉपर

14:39

ले सकता है बट उल्टा नहीं हो सकता है राइट

14:42

अगर एक बहुत अमीर आदमी है एक बहुत गरीब

14:44

आदमी है तो अमीर जो है वो गरीब को देगा

14:47

गरीब जो है वो अमीर से लेगा तभी तो दोनों

14:50

स्टेबल होंगे अब गरीब के पास ऑलरेडी कुछ

14:52

नहीं है और उसके बावजूद भी उसको अगर देना

14:54

पड़े तो उसकी तो स्टेबिलिटी और खराब हो

14:56

जाएगी राइट तो यह वाला लॉजिक है अब

15:00

इलेक्ट्रो केमिस्ट्री के इस पूरे लेसन के

15:02

दौरान हम बात करते रहेंगे ऑक्सीडेशन

15:05

रिडक्शन की हम बात करते रहेंगे

15:07

इलेक्ट्रोड्स की भी कैथोड एनोड तो इसीलिए

15:10

बहुत जरूरी है कि यह बेसिक सी बात आप अपने

15:12

दिमाग में फिट कर लो ताकि आगे जाके

15:14

कंफ्यूजन ना हो ऑक्सीडेशन हमेशा होता है

15:18

एनोड पे रिडक्शन हमेशा होता है कैथोड पे

15:22

यह बात ही कुछ ऐसी है कि हमेशा हम इसमें

15:25

कंफ्यूज होते रहते हैं कि कहां पे क्या

15:27

होता है इसी के लिए एक बहुत ही पॉपुलर

15:30

बहुत ही पॉपुलर मेमोरी टिप है जिसे हम

15:32

कहते हैं रेड कैट एंड ऑक्स ठीक है रेड कैट

15:37

लाल बिल्ली काली बिल्ली तो सुना होगा बट

15:40

दिस इज रेड कैट तो रेड बोले तो रिडक्शन

15:43

कैट बोले तो कैथोड यानी कि कैथोड में

15:45

हमेशा रिडक्शन एन ऑक्स एन बोले तो एनोड

15:50

ऑक्स बोले तो ऑक्सीडेशन अब इस पिक्चर को

15:54

दिमाग में कर लो सेट ताकि आगे जाके कोई

15:56

कंफ्यूजन ना हो अगर एनोड है तो होगा ऑक्सी

15:59

अगर कैथोड है तो वहां पे होगा रिडक्शन तो

16:02

अब हमारा टारगेट क्या है कि ये जो इस तरह

16:04

के रेडॉक्स रिएक्शंस हैं इनसे हम

16:07

इलेक्ट्रिसिटी जनरेट करना चाहते हैं मतलब

16:10

मेरा टारगेट है केमिकल एनर्जी टू

16:12

इलेक्ट्रिकल एनर्जी कौन करेगा ये टारगेट

16:14

पूरा इलेक्ट्रोकेमिकल सेल तो चलो अब हम

16:17

डिस्कस करेंगे इलेक्ट्रोकेमिकल सेल एक

16:18

स्पेसिफिक इलेक्ट्रोकेमिकल सेल लेंगे हम

16:21

जिसे हम कहते हैं डैनियल सेल तो डैनियल

16:23

सेल में भी हम एक ऐसा सेल लेंगे जो जिंक

16:26

कॉपर का सेल है मतलब एक जिंक और एक कॉपर

16:29

ये दोनों चीजें इसमें इवॉल्वड है चलो

16:31

देखें डैनियल सेल को डिजाइन किया था जॉन

16:34

डेनियल ने और उन्हीं के ऊपर इसका नाम पड़ा

16:36

डैनियल सेल तो सबसे पहले इसका डिजाइन

16:39

देखते हैं कि इसमें होता क्या है तो इसके

16:41

अंदर बच्चों होता है दो कंटेनर ऐसे सिंपल

16:44

शब्दों में समझो एक कंटेनर जिसके अंदर हम

16:46

डाल देते हैं जिंक सल्फेट सॉल्यूशन और

16:49

उसमें हम डिप कर देते हैं एक जिंक का रॉड

16:52

दूसरे वाले कंटेनर में हम डाल देते हैं

16:54

कॉपर सल्फेट सॉल्यूशन और उसमें हम डाल

16:57

देते हैं कॉपर का रॉड

16:59

ठीक अब जिंक और कॉपर में से अमीर कौन है

17:02

जिंक जो अमीर होता है उसे सामान देने की

17:06

लगी पड़ी होती है तो वो इलेक्ट्रॉन देना

17:08

चाहता है ठीक है तो जिंक के साथ भी कुछ

17:10

ऐसा ही होता है तो जो जिंक है रॉड पर जो

17:13

जिंक की जो रॉड है उसमें जो जिंक है वो

17:15

जिंक इलेक्ट्रॉन देके क्या बन जाता है

17:18

zn20 तो ये जो

17:24

zn20 zn20 जो है ये सॉल्यूशन में जाता जा

17:28

रहा है और रॉड के ऊपर क्या बच जा रहा है

17:31

सिर्फ इलेक्ट्रॉन ठीक है क्योंकि वो

17:34

इलेक्ट्रॉन दे रहा है तभी zn20 बन रहा है

17:57

zn20 अब देखो इस एनोड के ऊपर इलेक्ट्रॉन

18:00

जमा होते जा रहे हैं तो ये इलेक्ट्रॉन

18:02

क्या करेंगे अब इलेक्ट्रॉन तो ऐसे ही होते

18:04

हैं फ्री अगर वेल्ले बैठे कोई अगर इसको

18:06

पकड़ के नहीं रखा है तो ये फ्लो करने लगता

18:09

है इधर-उधर भागते रहता है तो ये

18:11

इलेक्ट्रॉन भी कुछ ऐसा ही करेंगे तो ये

18:13

इलेक्ट्रॉन जो है देखो बाहर की जो ये तार

18:15

है जो वायर है इस वायर के थ्रू ये टोए

18:19

करके पहुंच जाते हैं कहां कॉपर वाले

18:22

इलेक्ट्रॉन पे कॉपर वाले रॉड पे ठीक है अब

18:25

जैसे ही वहां पर ये इलेक्ट्रॉन पहुंचते

18:27

हैं हमें क्या पता है कि जो co2 प आयस

18:30

होते हैं जो कॉपर होते हैं वो भूखे होते

18:33

हैं इलेक्ट्रॉन के वो इलेक्ट्रॉन को

18:34

एक्सेप्ट करना चाहते हैं अब co2 प कहां पर

18:37

है इस कंटेनर में सॉल्यूशन में क्योंकि

18:40

सॉल्यूशन किस चीज का है कॉपर सल्फेट

18:42

सॉल्यूशन है इधर वाले कंटेनर में है ना तो

18:45

ये कॉपर सल्फेट का जो co2 प है वो फटाक से

18:49

देखेगा कि अरे वाह इतने इलेक्ट्रॉन आ रखे

18:51

हैं इस रॉड पे तो ये आके इस इनको एक्सेप्ट

18:54

कर लेगा तो co2 प जो है ये इलेक्ट्रॉन को

18:57

एक्सेप्ट करके बना लेगा

19:06

cu2 प् से cu1 रहा है मतलब इलेक्ट्रॉन गेन

19:09

हो रहा है मतलब रिडक्शन हो रहा है रिडक्शन

19:12

कौन से इलेक्ट्रोड पे होता है रेड कैट

19:14

कैथोड पे तो यानी कि ये मेरा कैथोड है सो

19:18

कुल मिला के हो क्या रहा है एनोड में से

19:21

जिंक निकलता जा रहा है और कैथोड में कॉपर

19:25

डिपॉजिट होता जा रहा है मतलब थोड़ी देर के

19:28

बाद सिचुएशन कुछ ऐसा होगा कि जो मेरा

19:30

कैथोड है क्योंकि उसमें कॉपर जमा होता जा

19:32

रहा है तो वो धीरे-धीरे थिक होता जाएगा

19:34

मोटा होता जाएगा दूसरी तरफ जो मेरा जिंक

19:37

है जो एनोड है उसमें से जिंक निकलता जा

19:39

रहा है तो वो धीरे-धीरे धीरे-धीरे पतला

19:41

होता जाएगा ठीक है अब इसके दौरान हुआ क्या

19:46

इस पूरे चीज के दौरान हुआ कुछ यूं कि

19:49

इलेक्ट्रॉन फ्लो किए कहां से कहां एनोड से

19:52

कैथोड की तरफ इलेक्ट्रॉन जब फ्लो करते हैं

19:55

तो क्या होता है इलेक्ट्रिसिटी जनरेट होता

19:58

है तो इलेक्ट्रिक करंट का डायरेक्शन क्या

20:00

हो जाएगा इलेक्ट्रॉन के फ्लो के जस्ट

20:02

अपोजिट वही हमारा वे ऑफ एज्यूमंगा क्शन ऑफ

20:07

करंट होता है है ना तो मेरा करंट का

20:09

डायरेक्शन क्या हो जाएगा फ्रॉम कैथोड टू

20:12

एनोड ठीक है करंट फ्लो कर रहा है इसका

20:15

एविडेंस क्या है कि मेरा बल्ब जो है वो

20:17

ग्लो कर रहा है बल्ब जल रहा है अब यहां पर

20:20

हम कुछ बहुत इंटरेस्टिंग ऑब्जर्व करते हैं

20:23

अब हम देखते हैं कि यार बल्ब ग्लो तो किया

20:26

बट ग्लो करने के थोड़ी ही देर में वो बल्ब

20:29

जो है बुझ गया यानी कि इलेक्ट्रॉन का जो

20:32

फ्लो है ये कंटीन्यूअसली नहीं हो रहा था

20:34

ये थोड़ी देर के बाद बंद हो गया ऐसा क्यों

20:37

हुआ बहुत ध्यान से सुनना एक एकदम स्टोरी

20:40

के जैसे सुनो सो दैट सारे कांसेप्ट क्लियर

20:42

होते जाएंगे देखो हो कुछ यूं रहा था कि जो

20:46

मेरा जिंक वाला कंटेनर था ना उसमें क्या

20:48

हो रहा था कि जिंक 2 प्स zn20 जो है वो

20:52

ऑक्सीडेशन जैसे-जैसे हो रहा था जिंक का

20:55

zn20 मेरा सॉल्यूशन में जमा होता जा रहा

20:58

था था राइट ऐसा ही हो रहा था दूसरी तरफ

21:01

कॉपर का जब रिडक्शन हो रहा था इधर तो क्या

21:04

हो रहा था cu2 प तो भैया रिड्यूस हो जा

21:07

रहा था लेकिन जो सल्फेट आयन था कॉपर

21:09

सल्फेट का जो सल्फेट आयन था वो तो उसी

21:12

सॉल्यूशन में रह जा रहा था तो इसका मतलब

21:15

हो कुछ यूं रहा था कि जो मेरे दो कंटेनर्स

21:17

थे उसमें एक तरफ zn20 जमा होता जा रहा है

21:21

दूसरे तरफ so4 2 माइनस जमा होता जा रहा है

21:24

मतलब एक तरफ पॉजिटिव चार्ज जमा होता जा

21:26

रहा है दूसरी तरफ नेगेटिव चार्ज जमा होता

21:28

जा रहा है पहले क्या था ये सारी कहानी से

21:32

पहले दोनों तरफ न्यूट्रल थे एक तरफ कॉपर

21:35

सल्फेट था एक तरफ जिंक सल्फेट था सो दोनों

21:37

न्यूट्रल थे अब क्या हो रहा है एक तरफ

21:39

पॉजिटिव चार्ज बिल्ड अप हो जा रहा है एक

21:40

तरफ नेगेटिव चार्ज बिल्ड अप हो जा रहा है

21:43

और इन अपोजिट चार्जेस के बिल्ड अप की वजह

21:46

से हो क्या रहा है कि इलेक्ट्रॉन का जो

21:48

फ्लो है वो रोक दिया जा रहा है क्यों रोक

21:51

दिया जा रहा है मान लो जिस तरफ zn20 जमा

21:54

हो जा रहा है वो कह रहे है कि यार इतने

21:56

सारे तो हम ही पॉजिटिव आयन है अब ॉन को

21:59

बाहर जाने की जरूरत क्या है वो इलेक्ट्रॉन

22:00

को पकड़ के रख लेंगे इलेक्ट्रॉन जा ही

22:03

नहीं पाएगा इलेक्ट्रॉन जाएगा ही नहीं तो

22:05

करंट फ्लो ही नहीं करेगा राइट समझ रहे हो

22:07

बात को तो कुल मिला कर के क्योंकि इधर

22:11

पॉजिटिव और इधर नेगेटिव चार्ज का बिल्ड अप

22:13

हो जा रहा है सॉल्यूशन में उसी के वजह से

22:16

मेरा ये करंट फ्लो रुक जा रहा है ठीक यानी

22:20

कि मुझे एक ऐसी चीज की जरूरत है जो इन

22:23

सॉल्यूशंस को न्यूट्रलाइज करें जो ये

22:26

एक्स्ट्रा चार्ज बिल्ड अप हो रहा है

22:28

उन्हें कम करें अब इसी को देखने का एक और

22:32

नजरिया है हम क्या कहते हैं कि भाई करंट

22:35

फ्लो तब करता है जब मेरा सर्किट कंप्लीट

22:38

होता है फिजिक्स में हम पढ़ते हैं राइट कि

22:40

सर्किट कंप्लीट होना चाहिए तभी तो करंट

22:42

फ्लो करेगा तो यहां पर अगर हम देखें तो

22:44

मेरे जो इलेक्ट्रॉन थे वो कैसे फ्लो कर

22:46

रहे थे यूं यूं पूरा सर्किट कंप्लीट नहीं

22:50

हो रहा था जैसे यहां से यहां तो वो आ रहा

22:52

था बट यहां से यहां जाने का कुछ अता-पता

22:55

नहीं है तो हम एक यह भी नजरिया सकता है कि

22:59

भैया सर्किट मेरा कंप्लीट ही नहीं हो रहा

23:01

है तो फिर कैसे बल्ब ग्लो करेगा

23:02

कंटीन्यूअसली सो कुल मिला के अभी यह मेरी

23:05

प्रॉब्लम है और इस प्रॉब्लम को सॉल्व करने

23:07

के लिए मुझे एक ऐसी चीज की जरूरत है जो

23:10

दोनों तरफ के सॉल्यूशन को न्यूट्रलाइज करे

23:13

साथ ही साथ मेरा सर्किट भी कंप्लीट कर दे

23:16

और यहीं पर हम इंट्रोड्यूस करते हैं सॉल्ट

23:19

ब्रिज सॉल्ट ब्रिज बड़ा देखो इंटरेस्टिंग

23:21

सा नाम है ब्रिज क्यों क्योंकि यह इन

23:24

दोनों कंटेनर्स को कनेक्ट करता है अब मैं

23:27

कंटेनर कंटेनर बोल र हूं इन्हें हम

23:29

केमिस्ट्री के टर्म्स में क्या कहते हैं

23:32

हाफ सेल हाफ सेल क्यों क्योंकि यह जो पूरा

23:34

सेटअप है ये एक सेल है राइट डैनियल सेल है

23:37

फॉर एग्जांपल अब इस डैनियल सेल के अंदर ये

23:40

एक कंटेनर जो जिंक वाला कंटेनर है उसके

23:42

अंदर हो रहा है ऑक्सीडेशन उसे हम कहेंगे

23:45

ऑक्सीडेशन हाफ सेल जो कॉपर वाला कंटेनर है

23:48

उसके अंदर हो रहा है रिडक्शन उसे हम

23:50

कहेंगे रिडक्शन हाफ सेल तो यह सॉल्ट ब्रिज

23:53

को ब्रिज इसलिए कहते हैं क्योंकि ये एक यू

23:56

शेप का ग्लास का ट्यूब होता है जो यह

23:59

ऑक्सीडेशन हाफ सेल और रिडक्शन हाफ सेल को

24:01

कनेक्ट करता है ठीक है इसीलिए यह ब्रिज है

24:05

सॉल्ट क्यों है क्योंकि इसके अंदर हम

24:07

डालते हैं सॉल्ट जो कि एक स्ट्रांग

24:09

इलेक्ट्रोलाइट होता है जैसे

24:28

एक चीज होती है जिसे हम कहते हैं अगर अगर

24:30

जेल क्यों होती है क्योंकि हमारा परपस यह

24:33

है कि ये जो सॉल्ट ब्रिज के अंदर जो सॉल्ट

24:35

है ना जैसे मान लो केसी है वो केसी बड़ी

24:38

आसानी से मेरा इलेक्ट्रोलाइट के अंदर चला

24:41

जाए तो इसीलिए हम इसे एक जेल की तरह एक

24:44

चीज सब्सटेंस में रखते हैं जैसे कि अगर

24:46

अगर ताकि वो बड़ी आसानी से उस

24:48

इलेक्ट्रोलाइट में जा सके ठीक है अब इसका

24:52

काम क्या होगा वहां जाके जैसे मान लो कि

24:54

मेरे सॉल्ट ब्रिज में केसी है तो केसी

24:57

कैसे डिसोसिएट करें k+

25:01

cl-1 आयस हैं वो ओबवियसली नेगेटिवली

25:04

चार्जड आयस को अट्रैक्ट करेंगे जैसे कि

25:07

so4 2इ जो सल्फेट आयस है उन्हें अट्रैक्ट

25:10

करेंगे जो

25:16

cl-1 2+ को अट्रैक्ट करेंगे तो आप समझ रहे

25:19

हो सॉल्ट ब्रिज क्या करेगा तो सॉल्ट ब्रिज

25:21

क्या करेगा दोनों तरफ से जिंक इधर से जिंक

25:25

प्लस और उधर से सल्फेट के माइनस आयन इनको

25:29

अपनी तरफ खींचता रहेगा तो बेसिकली अब इससे

25:32

क्या होगा इधर से एक्सेस पॉजिटिव चार्ज

25:35

हटता जाएगा इधर से एक्सेस नेगेटिव चार्ज

25:37

हटता जाएगा तो

25:40

न्यूट्रलिज्म

25:43

कंप्लीट ही दिख रहा था क्योंकि बाहर हमने

25:46

वायर से कनेक्ट कर रखा था अब जो है एक

25:48

इंटरनल सर्किट भी बन गया क्यों बिकॉज ऑफ द

25:51

फ्लो ऑफ दीज पॉजिटिव एंड नेगेटिव आयस ये

25:54

जो जिंक 2 प्लस है ये जो सल्फेट आयस है

25:57

इनके मूवमेंट की वजह से मेरा इंटरनली भी

25:59

जो है इनके आयस का फ्लो होने लग गया सो

26:02

कुल मिला के देखो मेरा पूरा जो सर्किट है

26:04

वो यूं कंप्लीट हो गया है कि नहीं तो

26:08

चूंकि मेरा सर्किट कंप्लीट हो गया है करंट

26:10

कंटीन्यूअसली फ्लो कर रहा है इसीलिए मेरा

26:13

बल्ब जो है वो कंटीन्यूअसली ग्लो कर रहा

26:16

है तो बच्चों कुल मिला के हमने क्या देखा

26:18

सॉल्ट ब्रिज के इंपॉर्टेंट फंक्शंस क्या

26:20

है क्या रोल प्ले करता है सॉल्ट ब्रिज

26:22

सबसे पहले तो ये न्यूट्रलिज्म

26:28

सर्किट को कंप्लीट करता है सर्किट कंप्लीट

26:30

होता है करंट फ्लो होते रहता है बल्ब ग्लो

26:33

होते रहता है है ना और तीसरा है इट

26:36

रिड्यूस जंक्शन पोटेंशियल मतलब ये जो

26:38

दोनों जंक्शन है ना मतलब एक तरफ रिडक्शन

26:41

एक तरफ ऑक्सीडेशन इनका जो जंक्शन है इनके

26:44

बीच का जो पोटेंशियल का डिफरेंस है उसको

26:46

कम करता है क्योंकि जब ये दोनों को

26:47

न्यूट्रल करने की कोशिश करता है तो ये यह

26:50

भी कोशिश करता है कि एक तरफ बहुत पॉजिटिव

26:52

दूसरा तरफ बहुत नेगेटिव ऐसा ना हो ठीक है

26:55

तो ये कुछ सॉल्ट ब्रिज की इंपॉर्टेंट

26:57

फंक्शन होते हैं जिसके वजह से डेनियल सेल

27:00

जो है वो इफेक्टिवली काम कर पाता है तो

27:03

कुल मिला के बच्चों डेनियल सेल के इस पूरे

27:06

सेटअप में फाइनली हमें देखने को क्या

27:08

मिलता है हमें क्या आउटपुट मिलता है इस

27:10

पूरे पिक्चर के बाद पूरे पिक्चर के बाद

27:12

आउटपुट कुछ यूं होता है कि बल्ब जो है वो

27:14

कंटीन्यूअसली ग्लो करता है यानी कि करंट

27:16

जो है वो कंटीन्यूअसली फ्लो करते रहता है

27:19

यानी कि हमने अपने केमिकल एनर्जी से क्या

27:22

जनरेट कर दिया इलेक्ट्रिकल एनर्जी तभी तो

27:24

करंट फ्लो कर रही है तो हमारा जो एम था वो

27:28

पूरा हो गया ठीक है और क्या होते दिखता है

27:30

हमें और हमें ये दिखता है कि जो कॉपर वाली

27:32

इलेक्ट्रोड थी कैथोड वो थिक होते जा रही

27:35

है क्योंकि इस रिएक्शन के होने के दौरान

27:38

कॉपर जो है इस इलेक्ट्रोड में डिपॉजिट

27:40

होती जा रही है तो ये इलेक्ट्रोड थिक हो

27:42

रहा है दूसरी तरफ जो जिंक वाला इलेक्ट्रोड

27:44

था वो पतला होते जा रहा है क्योंकि जिंक

27:46

उसमें से निकल निकल के

27:50

डिजॉल्ड्रिंग

27:53

अभी तक सबको समझ में आ गया ठीक है तो अब

27:56

हम एक और स्टेप आगे बढ़ेंगे ठीक है अभी तक

27:59

हमने क्या देखा डैनियल सेल में हमने यह

28:01

देखा कि यहां पर एनोड और कैथोड के बीच में

28:04

पोटेंशियल का फर्क था और उस पोटेंशियल

28:07

डिफरेंस की वजह से यहां पर इलेक्ट्रॉन मूव

28:10

कर रहे थे करंट फ्लो कर रहा था ठीक है मान

28:13

लो कि यह जो पोटेंशियल था उस सेल के अंदर

28:16

दैट इज़ e अभी के लिए हमने e मान लिया उसे

28:19

अब एक और स्टेप आगे बढ़ के हम कहते हैं कि

28:22

लेट्स से कि अब जो है हम एक एक्सटर्नल

28:25

पोटेंशियल भी अप्लाई करते हैं अपोजिट टू e

28:29

मतलब e की वजह से डैनियल सेल में

28:32

इलेक्ट्रॉन कहां से कहां फ्लो कर रहे थे

28:35

जिंक इलेक्ट्रोड से कॉपर इलेक्ट्रोड की

28:37

तरफ इलेक्ट्रॉन फ्लो कर रहे थे राइट यही

28:40

हो रहा था अभी तक अब हम बोल रहे हैं कि

28:42

नहीं हमने एक और एक्सटर्नल पोटेंशियल लगा

28:45

दिया ऑपोजिट डायरेक्शन में तो ऑपोजिट

28:47

डायरेक्शन में लगाया मतलब ये जो एक्सटर्नल

28:50

पोटेंशियल है e एक्सटर्नल ये चाहेगा कि

28:53

इलेक्ट्रॉन जो है वो कॉपर इलेक्ट्रोड से

28:56

जिंक इलेक्ट्रोड की तरफ मूव करें ऐसा ये

28:58

चाहेगा है ना अब यहां पर देखो तीन सिचुएशन

29:02

आ सकती है एक हो सकता है कि जो मेरा e

29:04

एक्सटर्नल है ये e से कम है मतलब ये जो

29:07

एक्सटर्नल पोटेंशियल हमने लगाया इसकी

29:10

वैल्यू कम है क्योंकि इसकी वैल्यू कम है

29:12

तो इसका इतना चलेगा नहीं राइट क्योंकि जो

29:15

ज्यादा पावरफुल होता है चलता उसी का है है

29:17

ना तो यहां पर चूंकि इसकी वैल्यू कम है तो

29:19

इसका इतना चलेगा नहीं तो मेरा जो

29:21

इलेक्ट्रॉन का फ्लो है वो एज इट इज पहले

29:24

जैसा होता रहेगा यानी कि इलेक्ट्रॉन कहां

29:26

से कहां फ्लो करेगा जिंक इलेक्ट्रॉन से

29:28

कॉपर इलेक्ट्रोड की तरफ मूव करेगा यानी कि

29:30

करंट किस तरफ फ्लो कर रहा है कॉपर

29:32

इलेक्ट्रोड से जिंक इलेक्ट्रोड की तरफ ठीक

29:34

है जैसा चल रहा था वैसे ही चलेगा अब एक

29:37

दूसरा सिचुएशन हो सकता है कि जो e

29:39

एक्सटर्नल है वो e के बराबर है अब क्या

29:43

होगा e की वजह से मेरे इलेक्ट्रॉन जिंक से

29:47

निकल के कॉपर की तरफ जाना चाह रहे हैं

29:48

लेकिन दूसरी तरफ से एक हमने ऑपोजिट एक

29:52

इक्वल एंड ऑपोजिट पोटेंशियल लगा दिया अब

29:54

क्या होगा ये जो मूवमेंट है ये बंद हो

29:57

जाएगी

29:59

राइट क्योंकि एक प्लस e है जो इधर भेजना

30:01

चाह रहा है एक माइनस e है माइनस ही नहीं

30:03

एक e एक्सटर्नल है जो इधर भेजना चाह रहा

30:05

है दोनों इक्वल एंड अपोजिट है तो एज अ

30:07

रिजल्ट क्या होगा कि इलेक्ट्रॉन का फ्लो

30:09

नहीं होगा करंट का फ्लो नहीं होगा केमिकल

30:12

रिएक्शन नहीं होगा ठीक अब एक तीसरा

30:16

सिचुएशन हो सकता है कि जो e एक्सटर्नल है

30:18

वो e से भी ज्यादा हो मतलब हमने जो बाहर

30:22

से जो एक्सटर्नल पोटेंशियल लगाया वो

30:24

ज्यादा है अगर वो ज्यादा है तो उसी का

30:27

चलेगा या

30:28

राइट क्योंकि वो पावरफुल है तो उसी की

30:30

मर्जी चलेगी तो वो क्या कह रहा है क्योंकि

30:33

वो अपोजिट टू e है तो वो कह रहा है कि

30:36

इलेक्ट्रॉन को फ्लो करना पड़ेगा कॉपर

30:38

इलेक्ट्रोड से जिंक इलेक्ट्रोड की तरफ तो

30:41

ऐसे केस में क्या होगा जब इलेक्ट्रॉन कॉपर

30:43

से जिंक की तरफ फ्लो करेंगे तो मेरा पूरा

30:46

जो प्रोसेस था ना डेनियल सेल का वो पूरा

30:48

उल्टा हो जाएगा तो अब क्या होगा हम

30:51

देखेंगे यहां पर जिंक के इलेक्ट्रोड में

30:53

जिंक डिपॉजिट हो रहे होंगे कॉपर के

30:56

इलेक्ट्रोड में से कॉपर निकल के आ रहे

30:58

होंगे व्हिच इज एगजैक्टली द अपोजिट ऑफ

31:01

डेनियल सेल डेनियल सेल में क्या हो रहा था

31:03

कि कॉपर का जो इलेक्ट्रोड था उसमें कॉपर

31:05

डिपॉजिट हो रहे थे तो वो मोटा हो रहा था

31:07

यहां पर क्या होगा कि कॉपर का इलेक्ट्रोड

31:10

पतला होता जाएगा जो जिंक का इलेक्ट्रोड है

31:12

वो मोटा होता जाएगा और इस सिचुएशन को ही

31:15

हम कहते हैं इलेक्ट्रोलिटिक सेल डैनियल

31:20

सेल क्या था इलेक्ट्रोकेमिकल सेल था राइट

31:22

तो ये जो सिचुएशन हो अगर कभी हम बाहर से

31:25

एक एक्सटर्नल ई लगा दें

31:28

तो यह मेरा क्या बन जाएगा इलेक्ट्रोलिटिक

31:31

सेल क्यों बन जाएगा इलेक्ट्रोलिटिक सेल

31:33

में क्या होता है हम इलेक्ट्रिकल एनर्जी

31:35

से केमिकल रिएक्शन को करवाते हैं देखो

31:38

यहां से बाहर एक ई एक्सटर्नल हमने अप्लाई

31:40

किया यानी कि बाहर से इलेक्ट्रिसिटी के

31:43

हेल्प से हम एक ऐसे केमिकल रिएक्शन को

31:46

करवा रहे हैं जो नॉन स्पॉन्टेनियस है राइट

31:50

जिंक 2 प्स से जिंक के स्टेट में जिंक कभी

31:54

खुद से नहीं आएगा जिंक अमीर आदमी है वो

31:56

इलेक्ट्रॉन देता है वो लेना कभी नहीं

31:58

चाहेगा लेकिन जब हम उसको फोर्सफुली

32:01

बोलेंगे कि नहीं तू इलेक्ट्रॉन ले तब उसको

32:04

लेना ही पड़ेगा है ना तो वैसा ही कुछ हो

32:06

रहा है जब हम इलेक्ट्रोलिटिक सेल की बात

32:09

करते हैं ठीक है तो फिलहाल अभी हम

32:11

इलेक्ट्रोलिटिक सेल डिस्कस नहीं करेंगे ये

32:13

मैंने आपको सिर्फ इसलिए बताया ताकि आपके

32:15

कॉन्सेप्ट्स क्लियर हो कि कहां से ये

32:18

इलेक्ट्रोकेमिकल और इलेक्ट्रोलिटिक सेल के

32:20

जो कांसेप्ट है ये आ कहां से रहे हैं राइट

32:23

थोड़े टाइम के बाद इनफैक्ट नेक्स्ट वीडियो

32:25

में हम इलेक्ट्रोलिटिक सेल को डिटेल में

32:26

डिस्कस करेंगे क्लियर है तो बच्चों अभी

32:29

हमारा डिस्कशन रहेगा अराउंड

32:31

इलेक्ट्रोकेमिकल सेल्स इलेक्ट्रोकेमिकल

32:33

सेल्स को हम गलवानिक सेल या वोल्टा सेल भी

32:36

कहते हैं ये नाम रखे गए हैं इनके

32:38

साइंटिस्ट के नाम के ऊपर गलवानी एंड

32:41

वोल्टा तो डेनियल सेल जो कि हम अभी तक

32:43

डिस्कस कर रहे थे वो भी गलवानिक सेल का ही

32:46

एक एग्जांपल है इनफैक्ट गलवानिक सेल्स

32:49

बहुत तरह के हम बना सकते हैं कैसे जैसे

32:52

डेनियल सेल जो है ना ये जॉन डेनियल ने

32:54

डिजाइन किया था जिंक और कॉपर को लेकर के

32:57

तो इसी तरह अगर आप अलग-अलग हाफ सेल के

32:59

कॉमिनेशन लोगे जरूरी नहीं हमेशा जिंक और

33:02

कॉपर ही लो अलग-अलग कॉमिनेशन बना बना के

33:04

आप अलग-अलग गलवानिक सेल्स बना सकते हो ठीक

33:07

तो गनवान सेल का वर्किंग तो हमने ऑलरेडी

33:10

देख लिया क्योंकि डेनियल सेल का

33:11

कंस्ट्रक्शन वर्किंग हमने डिटेल में देखा

33:13

और डेनियल सेल भी एक गलवानिक सेल ही है तो

33:16

अभी हम क्या करेंगे अभी हम कुछ बहुत

33:18

इंपॉर्टेंट टर्म्स और कांसेप्ट समझेंगे

33:21

अबाउट गलवानिक सेल्स तो सबसे पहला टर्म जो

33:24

हम इंट्रोड्यूस करेंगे वो है रेडॉक्स

33:26

कपल्स कपल यानी कि जोड़ी रेडॉक्स जोड़ी

33:30

देखो कौन से हैं यहां पर रेडॉक्स कपल्स तो

33:33

अभी तक हमने क्या देखा कि यह जो गलवानिक

33:35

सेल है इसके अंदर रेडॉक्स रिएक्शन होता है

33:37

ठीक है एक तरफ होते रहता है ऑक्सीडेशन और

33:41

दूसरे तरफ होते रहता है रिडक्शन सो कुल

33:43

मिला के जो नेट इक्वेशन है उसको हम ऐसे

33:47

डिनोट कर सकते हैं ठीक है ये जो कॉपर

33:50

सॉलिड कॉपर जो है यह कहां पर डिपॉजिट हो

33:52

रहा होता है यह डिपॉजिट होते रहता है इस

33:55

कैथोड पर और यह जो जिंक है जो zn20 है ये

33:59

zn20 कहां से आ रहा होता है ये निकलते जा

34:02

रहा होता है यहां से यानी कि एनोड से जिंक

34:06

निकलता जा रहा है और इधर कैथोड में जो है

34:09

कॉपर डिपॉजिट होता जा रहा है ऐसा ही कुछ

34:11

हो रहा है हमारे साथ ठीक है अब अगर हम इस

34:14

इक्वेशन को बड़े ध्यान से देखें तो ये

34:16

क्या है ये कॉमिनेशन है दो हाफ रिएक्शंस

34:19

का कौन से हैं वो दो हाफ रिएक्शंस ये जो

34:23

दो हाफ रिएक्शंस है ये कहां पर हो रहे हैं

34:26

दो हाफ सेल में जैसे यह एक हाफ सेल

34:30

है यह दूसरा हाफ सेल है ठीक है और दोनों

34:35

हाफ सेल मिला के एक सेल बना रहे हैं ठीक

34:37

है कुछ ऐसा है तो हमारे जो दो हाफ

34:40

रिएक्शंस हैं वो कौन-कौन से हैं एक हाफ

34:42

रिएक्शन है कि cu2 प जो है ये दो

34:46

इलेक्ट्रॉन को एक्सेप्ट करके बना रहा है

34:48

कॉपर यहां पर क्या हो रहा है एडिशन ऑफ

34:51

इलेक्ट्रॉन गेन ऑफ इलेक्ट्रॉन यानी कि यह

34:53

क्या है रिडक्शन तो ये रिडक्शन हाफ

34:56

रिएक्शन है जो दूसरा हाफ रिएक्शन है वो

34:59

क्या है उसमें यह हो रहा है कि जिंक जो है

35:01

ये दो इलेक्ट्रॉन लूज करके बना रहा है

35:05

zn20 तो यहां पर क्या हो रहा है यहां पर

35:08

हो रहा है ऑक्सीडेशन तो ये ऑक्सीडेशन हाफ

35:11

रिएक्शन है ठीक है अब अगर बात करें कहां

35:15

हो रहा है तो ये रिडक्शन वाला रिएक्शन

35:17

कहां पे हो रहा है ये हो रहा है कैथोड

35:20

पर ये जो ऑक्सीजन वाले रिएक ऑक्सीडेशन

35:23

वाले रिएक्शन की हम बात कर रहे हैं ये

35:26

कहां पर हो रहा है ये हो रहा है एनोड पर

35:29

राइट कैथोड क्या है जो कॉपर वाला

35:31

इलेक्ट्रोड है वो हमारा कैथोड है एनोड

35:35

क्या है जो जिंक वाला इलेक्ट्रोड है वो

35:37

हमारा एनोड है ठीक है तो ये जो दो पोर्शंस

35:41

हैं हाफ सेल्स ये जो दो पोर्शन है मतलब इस

35:45

पूरे इक्वेशन के जो दो हावस हैं उन्हें ही

35:48

हम कहते हैं हाफ सेल्स या फिर रेडॉक्स

35:52

कपल्स यानी कि ये दो ये जोड़ी में हो रहे

35:55

हैं राइट एक तरफ कॉपर का चल रहा है तो

35:57

दूसरी तरफ तरफ जिंक का चल रहा है तो यह जो

35:59

जोड़ी है यह जो कपल है इसी कपल को हम क्या

36:01

कहते हैं इसे हम कहते हैं रेडॉक्स

36:05

कपल तो बच्चों अब जो दूसरा टर्म हम

36:08

इंट्रोड्यूस करेंगे वह है स्टैंडर्ड

36:10

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल आगे जाके हम इसे

36:12

बहुत फ्रीक्वेंसी

36:14

यहीं पर ढंग से समझ लो इसका कांसेप्ट ठीक

36:17

है तो इलेक्ट्रोड पोटेंशियल क्या होता है

36:21

अभी जब हम डेनियल सेल डिस्कस कर रहे थे तो

36:23

हम देख रहे थे कि जो इलेक्ट्रोड था रा

36:27

चाहे वो कैथोड हो चाहे वो एनोड हो बट उस

36:31

इलेक्ट्रोड और उस इलेक्ट्रोलाइट के बीच

36:34

में एक पोटेंशियल डिफरेंस एजिस्ट करता है

36:36

जिसे हम इलेक्ट्रोड पोटेंशियल कहते हैं

36:39

ठीक है एग्जांपल लेके समझते हैं डेनियल

36:43

सेल में चले जाते हैं हम कैथोड पे कैथोड

36:46

कौन सा था कॉपर रॉड कॉपर का जो रॉड था वो

36:49

हमारा कैथोड था तो उस रॉड की अगर हम कहानी

36:52

देखें तो सिचुएशन क्या था उस रॉड के आसपास

36:55

जो co2 प् आयस थे कॉपर सल्फेट

36:58

इलेक्ट्रोलाइट में उसकी टेंडेंसी क्या थी

37:01

कि इस रॉड पे जैसे ही इलेक्ट्रॉन आए हम इन

37:03

इलेक्ट्रॉन को एक्सेप्ट कर ले राइट तो co2

37:07

प जैसे ही उन इलेक्ट्रॉन को एक्सेप्ट कर

37:09

ले रहा था तो वो उस रॉड में से नेगेटिव

37:12

चार्ज ले ले रहा था यानी कि उस रॉड को वो

37:15

पॉजिटिवली चार्जड छोड़ दे रहा था तो हम कह

37:18

सकते हैं कि जो कैथोड था इट हैड अ पॉजिटिव

37:21

पोटेंशियल विद रेस्पेक्ट टू द

37:23

इलेक्ट्रोलाइट जो सॉल्यूशन था उसके

37:26

रिस्पेक्ट में जो रॉड था वो वो पॉजिटिव

37:28

पोटेंशियल पे था

37:30

करेक्ट अब बात करते हैं एनोड की यानी कि

37:33

जिंक वाले रॉड की बात करते हैं वहां पर

37:36

क्या चक्कर चल रहा था वहां पर तो सिचुएशन

37:38

कुछ ऐसा था कि भैया जिंक तो अमीर है उसे

37:41

इलेक्ट्रॉन लूज करना है तो जिंक क्या कर

37:43

रहा था इलेक्ट्रॉन लूज कर रहा था

37:45

इलेक्ट्रॉन को तो रॉड पे छोड़ दे रहा था

37:46

और zn20 जो है वो सॉल्यूशन पे चला जा रहा

37:50

था यानी कि इस केस में क्या हो रहा था जो

37:53

रॉड है वो नेगेटिवली चार्जड हो जा रहा था

37:56

विद रिस्पेक्ट टू द सॉल्यूशन यानी कि इस

37:59

केस में जो मेरा एनोड है दैट इज एट

38:01

नेगेटिव पोटेंशियल विद रिस्पेक्ट टू द

38:05

इलेक्ट्रोलाइट ठीक तो इसका मतलब डैनियल

38:08

सेल के अंदर हम क्या देख रहे हैं कि जो

38:11

कैथोड है दैट इज एट पॉजिटिव इलेक्ट्रोड

38:14

पोटेंशियल विद रिस्पेक्ट टू द

38:16

इलेक्ट्रोलाइट जो एनोड है दैट इज एट

38:18

नेगेटिव पोटेंशियल विद रिस्पेक्ट टू द

38:21

इलेक्ट्रोलाइट ठीक अब स्टैंडर्ड

38:24

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल क्या होता है

38:27

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल इन स्टैंडर्ड

38:29

कंडीशंस स्टैंडर्ड कंडीशंस बोले तो जब

38:32

टेंपरेचर हो 298 केल्विन जब प्रेशर हो वन

38:35

एटमॉस्फेयर और जब कंसंट्रेशन हो यूनिटी

38:39

यानी कि जब कंसंट्रेशन हो वन मोलर मतलब वन

38:43

मोल्स पर लीटर जब यह वाली सिचुएशन हो तो

38:47

हम इलेक्ट्रोड पोटेंशियल को ऐसी सिचुएशन

38:50

में कहते हैं स्टैंडर्ड इलेक्ट्रोड

38:52

पोटेंशियल ओके अब देखो और भी बहुत सारी

38:55

इंपॉर्टेंट चीजें हैं इलेक्ट्रोड इ

38:57

पोटेंशियल को जनरली हम कैपिटल e से डिनोट

39:00

करते हैं ठीक है लेकिन जब हम स्टैंडर्ड

39:02

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल की बात करते हैं तो

39:04

वहां पर हम एक नॉट लगा देते हैं ऊपर उसे

39:07

हम पढ़ते हैं e नॉ ठीक है अब ये

39:10

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल दो तरह के हो सकते

39:12

हैं ऑक्सीडेशन पोटेंशियल भी हो सकता है

39:15

रिडक्शन पोटेंशियल भी हो सकता है एंड लेट

39:18

मी टेल यू इन्हें रटने की जरूरत बिल्कुल

39:20

नहीं है बहुत से बच्चे सोचेंगे अच्छा मतलब

39:23

ऑक्सीडेशन पोटेंशियल हमेशा पॉजिटिव

39:25

रिडक्शन पोटेंशियल हमेशा नेगेटिव नहीं

39:27

नहीं नहीं नथिंग कुछ भी ऐसा रटना नहीं है

39:30

सिर्फ उतना ही सुनो जो मैं बता रही हूं

39:32

उतना समझ में आ गया तो आप सब कुछ हैंडल कर

39:34

लोगे ठीक है तो मैं क्या कह रही हूं कि ये

39:37

जो इलेक्ट्रोड पोटेंशियल है ये ऑक्सीडेशन

39:39

पोटेंशियल भी हो सकता है ये रिडक्शन

39:42

पोटेंशियल भी हो सकता है ठीक है अब कहां

39:45

पर हम किसकी बात कर रहे हैं वो पता कैसे

39:48

चलेगा उसके एनोट से उसे कैसे डिनोट कर रहे

39:52

हैं ठीक है अगर मैं स्टैंडर्ड ऑक्सीडेशन

39:55

पोटेंशियल की बात कर रही हूं

39:57

ठीक है ध्यान से सुनो स्टैंडर्ड ऑक्सीडेशन

40:01

पोटेंशियल स्टैंडर्ड है तो नॉट लगेगा

40:03

पोटेंशियल है तो e रहेगा e नो तो रहेगा ही

40:07

ऑक्सीडेशन है ऑक्सीडेशन मतलब क्या होता है

40:10

लॉस ऑफ

40:11

इलेक्ट्रॉन यानी कि अगर मेरे पास एक m

40:15

मेटल था तो वो इलेक्ट्रॉन लूज करके बन

40:18

जाएगा लेट्स से m प्लस तो इसे हम डिनोट

40:21

करेंगे e नो और नीचे सब्सक्रिप्ट में

40:23

लिखेंगे m से m प्लस इस पर ध्यान न देना

40:27

है ठीक है अगर मैं रिडक्शन पोटेंशियल की

40:30

बात कर रही हूं इनफैक्ट अगर मैं स्टैंडर्ड

40:32

रिडक्शन पोटेंशियल की बात कर रही हूं तो

40:34

उसे मैं कैसे डिनोट करूंगी उसे मैं डिनोट

40:36

करूंगी e नो बट इस बार मैं नीचे क्या

40:39

लिखूंगी m ए प् से m यानी कि पहले मेरे

40:43

पास पॉजिटिवली चार्जड था बट अब गेन ऑफ

40:46

इलेक्ट्रॉन से मैं बन गया m तो गेन ऑफ

40:49

इलेक्ट्रॉन इज रिडक्शन तो सब्सक्रिप्ट को

40:52

देख कर के तुम्हें ये आईडिया लगेगा कि मैं

40:55

ऑक्सीडेशन पोटेंशियल की बात कर रही हूं

40:57

या मैं रिडक्शन पोटेंशियल की बात कर रही

41:00

हूं ठीक है यहां तक क्लियर है बहुत बढ़िया

41:03

आगे-आगे जैसे-जैसे आगे बढ़ते जाएंगे मैं

41:05

और इंफॉर्मेशन देती जाऊंगी जो आपको

41:07

क्वेश्चन सॉल्विंग में भी काम आएगा तो

41:09

प्यारे बच्चों अब हम इंट्रोड्यूस करेंगे

41:12

थर्ड टर्म व्हिच इज सेल पोटेंशियल सेल

41:15

पोटेंशियल क्या होता है अभी तो इलेक्ट्रोड

41:18

पोटेंशियल समझा था इलेक्ट्रोड पोटेंशियल

41:20

क्या था इलेक्ट्रोड और इलेक्ट्रोलाइट के

41:23

बीच का पोटेंशियल डिफरेंस ठीक है अब मैं

41:25

कह रही हूं सेल पोटेंशियल मतलब इस पूरे

41:28

सेल में पूरे सेल के अंदर दोनों हाफ सेल्स

41:30

आ जाएंगे पूरे सेल का पोटेंशियल क्या हो

41:33

जाएगा पोटेंशियल डिफरेंस बिटवीन द टू

41:36

इलेक्ट्रोड्स दोनों इलेक्ट्रोड के बीच का

41:39

जो पोटेंशियल डिफरेंस है उसको हम कहते हैं

41:42

सेल पोटेंशियल ठीक है बोलने का मतलब है हम

41:46

एगजैक्टली किसके डिफरेंस की बात कर रहे

41:48

हैं हम कह रहे हैं इलेक्ट्रोड पोटेंशियल

41:50

ऑफ द कैथोड और इलेक्ट्रोड पोटेंशियल ऑफ द

41:54

एनोड इन दोनों का

41:56

डिफरेंस बात समझ आई मतलब जो दो रॉड्स थे

42:00

कैथोड और एनोड इसका इलेक्ट्रोड पोटेंशियल

42:02

इसका इलेक्ट्रोड पोटेंशियल और इन दोनों का

42:05

जो डिफरेंस है दैट इज द सेल

42:08

पोटेंशियल समझ आ रही है बात फॉर्मूले

42:11

वगैरह अभी छोड़ दो वो धीरे-धीरे अपने आप

42:13

समझ में आएगी अभी कांसेप्ट समझो ठीक है तो

42:16

सेल पोटेंशियल को हम मेजर करते हैं

42:18

वोल्ट्स में इसको डिनोट करते हैं हम e सेल

42:21

से ई सेल क्यों क्योंकि सेल पोटेंशियल का

42:24

एक और नाम है जिसे हम कहते हैं ईएमएफ ऑफ द

42:27

सेल या फिर सेल ईएमएफ ईएमएफ तो सबको पता

42:30

ही होगा इलेक्ट्रोमोटिव फोर्स ठीक है तो

42:32

इसीलिए इसको डिनोट करते हैं कैपिटल e और

42:35

सब्सक्रिप्ट में लिखते हैं सेल अच्छा यहां

42:38

पर एक और चीज बता दूं जैसे कि मैंने बताया

42:40

कि जो ई सेल होता है वो क्या होता है

42:43

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल ऑफ कैथोड माइनस

42:45

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल ऑफ एनोड बेसिकली

42:47

दोनों इलेक्ट्रोड के इलेक्ट्रोड पोटेंशियल

42:49

का डिफरेंस अब आप पूछोगे कि मैम दोनों का

42:52

ऑक्सीडेशन पोटेंशियल का डिफरेंस या दोनों

42:55

का रिडक्शन पोटेंशियल का डिफरेंस यह

42:57

क्वेश्चन दिमाग में आ ही सकता है राइट

42:59

वैसे तो दोनों में से कुछ भी हो सकता है

43:02

लेकिन हम एक कन्वेंशन फॉलो करते हैं कि जब

43:05

कभी भी हम कहते हैं इलेक्ट्रोड

43:07

पोटेंशियल तो आप उसको रिडक्शन पोटेंशियल

43:11

ही समझ के चलो ऐसा क्यों क्यों का कोई

43:13

रीजन नहीं है दिस इज जस्ट अ कन्वेंशन दैट

43:16

इज बीइंग फॉलो जहां पर भी आपको ऐसा लिखा

43:18

हुआ है कि इलेक्ट्रोड पोटेंशियल ऑफ दिस

43:22

एंड दिस इज दिस तो वो इलेक्ट्रोड

43:25

पोटेंशियल का मतलब ही है वी आर टॉकिंग

43:27

अबाउट रिडक्शन पोटेंशियल तो चलो बच्चों अब

43:29

बात करते हैं रिप्रेजेंटेशन की कैसे

43:32

रिप्रेजेंट करते हैं हम गलवेकर्त लंबी

43:35

कहानी लिखना तो पॉसिबल नहीं है ठीक है तो

43:37

हम क्या करते हैं हम एक वर्टिकल लाइन का

43:40

यूज करते हैं पुटिंग अ वर्टिकल लाइन

43:42

बिटवीन मेटल एंड द इलेक्ट्रोलाइट सॉल्यूशन

43:45

एंड पुटिंग अ डबल वर्टिकल लाइन बिटवीन द

43:48

टू इलेक्ट्रोलाइट्स कनेक्टेड बाय अ सॉल्ट

43:50

ब्रिज तो देखो कैसे हम यूज करेंगे तो अगर

43:54

मैं नॉर्मल अपने इस डेनियल सेल की बात

43:57

करूं ये वाले सेल की तो यहां पर हम कैसे

43:59

दिखाएंगे यहां पर हम दिखाएंगे जिंक जिंक

44:02

से क्या बन रहा है मेटल मेरा जिंक है ठीक

44:04

है तो ये जिंक से क्या बना zn20 ठीक है ये

44:09

किस फॉर्म में है एक्वास फॉर्म में है ठीक

44:12

है अब इस ये क्या हो गया ये एक

44:15

इलेक्ट्रोलाइट हो गया क्योंकि मतलब एक हाफ

44:17

सेल के अंदर znso4 वाले इलेक्ट्रोलाइट

44:19

वाला पार्ट हो गया जो दूसरा पार्ट है उससे

44:22

डिवाइड करने के लिए इसको हम डबल वर्टिकल

44:24

लाइन डाल देंगे और दूसरी तरफ क्या हो रहा

44:26

होता है है कॉपर यानी कि दूसरी तरफ है cu2

44:30

44:31

एक्वास जो कि रिड्यूस हो रहा है किसमें

44:34

कॉपर

44:36

में तो कुछ इस तरीके से हम एक गैलवे सेल

44:39

को रिप्रेजेंट करते हैं ठीक है यहां पर हम

44:42

ये वर्टिकल लाइन यूज करते हैं मेटल और

44:44

इलेक्ट्रोलाइट सॉल्यूशन के बीच में देखो

44:46

ये जिंक क्या है ये मेटल है ये zn20 क्या

44:50

है ये सॉल्यूशन को डिनोट करता है जिंक

44:52

सल्फेट znso4 में ही zn20 के फॉर्म में है

44:55

उसी तरह इधर क्या हो रहा है यह सॉल्यूशन

44:57

है और फिर यह फिर से मेटल है और यह दोनों

45:01

पार्ट जो है यह वाला पार्ट और यह वाला

45:04

पार्ट जो है ये सॉल्ट ब्रिज से कनेक्टेड

45:06

है तो उसे हम कैसे डिनोट करते हैं यह डबल

45:09

वर्टिकल लाइन से ठीक है आई डोंट थिंक कोई

45:12

डाउट है चलो ठीक है एक और एग्जांपल लेते

45:14

हैं तो यहां पर मैं लेती हूं एक एग्जांपल

45:17

टू लेट अस सपोज कि मैं कुछ इस तरीके से एक

45:20

सेल को रिप्रेजेंट करूं कॉपर cu2 प्

45:25

एक्वास ए प्

45:29

एक्स जीी सॉलिड तो यहां पर मैं एक ऐसे सेल

45:34

की बात कर रही हूं जिसमें कौन-कौन से

45:35

मेटल्स इवॉल्वड है कॉपर एंड सिल्वर ठीक है

45:38

अब इस रिप्रेजेंटेशन को देखकर हमारे पास

45:41

क्या क्या इंफॉर्मेशन आ रही है इस

45:44

रिप्रेजेंटेशन को देखकर साफसाफ हमें क्या

45:46

पता चल रहा है कि यहां पर मेरे दो

45:49

इलेक्ट्रोड्स है एक कॉपर का इलेक्ट्रोड और

45:51

एक सिल्वर का इलेक्ट्रोड अगर हम बात करें

45:55

सिल्वर इलेक्ट्रोड की तो इस सिल्वर

45:57

इलेक्ट्रोड में क्या हो रहा है सिल्वर

46:00

इलेक्ट्रोड में मुझे दिख रहा है कि + जो

46:02

है यह इलेक्ट्रॉन लेकर के बना रहा है जी

46:06

ठीक है यानी कि गेन ऑफ इलेक्ट्रॉन हो रहा

46:08

है गेन ऑफ इलेक्ट्रॉन को हम क्या कहते हैं

46:12

रिडक्शन तो यानी कि इधर क्या हो रहा है

46:15

रिडक्शन हो रहा है यानी कि ये जो सिल्वर

46:17

वाला इलेक्ट्रोड है ये किस तरह का

46:19

इलेक्ट्रोड है रिडक्शन कहां पर होता है

46:22

रेड कैट कैथोड में तो यानी कि यह मेरा

46:25

कैथोड है ठीक है अच्छा अब बात करते हैं

46:28

कॉपर इलेक्ट्रोड की तो देखो कॉपर

46:30

इलेक्ट्रोड में क्या हो रहा है और ये देखो

46:32

ये सारी इंफॉर्मेशन मेरे पास कैसे आ रही

46:34

है सिर्फ इस रिप्रेजेंटेशन को देख कर के

46:36

मैं बता रही हूं इसमें क्या हो रहा है

46:38

कॉपर जो है ये बना दे रहा है cu2 प यानी

46:42

कि कैसे बनाएगा cu2 प जब ये दो इलेक्ट्रॉन

46:46

लूज करेगा यानी कि यहां पर क्या हो रहा है

46:49

यहां पर हो रहा है ऑक्सीडेशन यानी कि ये

46:51

जो कॉपर वाला इलेक्ट्रोड है ये किसके जैसे

46:54

बिहेव कर रहा है ये एनोड की तरह बिहेव कर

46:56

रहा

46:58

ठीक है बात समझ में आ गई तो देखो

46:59

रिप्रेजेंटेशन से ही हम इतनी सारी

47:02

इंफॉर्मेशन निकाल लेते हैं ठीक है यहां तक

47:05

भी बात सही है अब हम बात करेंगे सेल ईएमएफ

47:09

की मान लो इसी वाले सेल की अगर मुझे सेल

47:12

ईएमएफ निकालनी हो तो मैं कैसे निकालू मतलब

47:16

की सेल पोटेंशियल अगर मुझे निकालना हो तो

47:19

मैं सेल पोटेंशियल कैसे निकालू ठीक है

47:22

यानी कि ई सेल इससे डिनोट करते हैं हम तो

47:26

इसको लिखने के दो तरीके हैं एक ऑप्शन होता

47:29

है कि आप ऐसे लिखो e राइट माइनस e लेफ्ट

47:32

बहुत लोग इस कन्वेंशन को भी फॉलो करते हैं

47:35

क्यों क्योंकि अगर आप डायग्राम को देखो ना

47:37

तो राइट साइड पे क्या रहता है कैथोड और

47:39

लेफ्ट साइड पे एनोड और जभी भी आप डेनियल

47:42

सेल का पिक्चर देखोगे तो वहां पर यही

47:44

कन्वेंशन फॉलो होता है कि राइट साइड पे

47:46

कैथोड रहता है लेफ्ट साइड पे एनोड रहता है

47:48

सो दैट मींस या तो आप ऐसे याद रखो कि भाई

47:51

e सेल क्या हो जाएगा e कैथोड माइनस e एनोड

47:55

या फिर आप इसे ऐसे याद रखो रखो कि e राइट

47:57

माइनस e लेफ्ट कैसे भी करना है व आपकी

48:00

मर्जी है ठीक है अब यहां पर एक छोटी सी

48:03

बात में फिर से फोकस करूंगी कि जभी भी हम

48:06

कहते हैं ई सेल यानी कि सेल पोटेंशियल बाय

48:10

डिफॉल्ट सेल पोटेंशियल का मतलब क्या होता

48:12

है मैं रिडक्शन पोटेंशियल की बात कर रही

48:15

हूं ठीक है तो हम बाय डिफॉल्ट यही मानते

48:18

हुए चलेंगे कि अगर सेल पोटेंशियल की बात

48:20

हो रही है इसका मतलब रिडक्शन पोटेंशियल की

48:22

ही बात हो रही है दिस इज अगेन जस्ट अ

48:26

कन्वेंशन तो इसका मतलब जब मैं लिख रही हूं

48:28

e कैथोड माइनस e एनोड इसमें मैं कहना यह

48:31

चाह रही हूं कैथोड का क्या रिडक्शन

48:34

पोटेंशियल या ऑक्सीजन ऑक्सीडेशन पोटेंशियल

48:37

रिडक्शन पोटेंशियल तो मैं कहना चाह रही

48:39

हूं e रिडक्शन पोटेंशियल ऑफ

48:44

कैथोड माइनस e रिडक्शन पोटेंशियल ऑफ

48:50

एनोड ठीक है ये बहुत बेसिक चीजें हैं

48:53

बच्चों बट फिर भी मैं इसे क्लेरिफाई करना

48:55

चाहती हूं ताकि डाउट ना जाए दिमाग में ठीक

48:58

है अब देखो रिडक्शन पोटेंशियल और

48:59

ऑक्सीडेशन पोटेंशियल में फर्क क्या होता

49:01

है सिर्फ साइन का मतलब किसी चीज का अगर

49:04

ऑक्सीडेशन पोटेंशियल मान लो + 0.5 है तो

49:07

उसका रिडक्शन पोटेंशियल होगा - 0.5 इतना

49:10

ही फर्क होता है तो अब इसको देखो कई तरीके

49:12

से लिख सकते हैं अब e रिडक्शन पोटेंशियल

49:15

ऑफ कैथोड को तुम ये भी लिख सकते हो माइनस

49:18

e ऑक्सीडेशन पोटेंशियल ऑफ कैथोड ठीक है

49:23

उसी तरह इसको ये जो रिडक्शन पोटेंशियल है

49:26

इसको माइनस e रिडक्शन पोटेंशियल ऑफ एनोड

49:29

इसको क्या लिख सकते हैं हम इसको भी हम लिख

49:31

सकते हैं प्लस e ऑक्सीडेशन पोटेंशियल ऑफ

49:35

एनोड तो अगर ऑक्सीडेशन पोटेंशियल के

49:38

टर्म्स में लिखना हो तब भी हम इसको ऐसे

49:40

लिख सकते हैं सो कुल मिला के मेरे कहने का

49:43

मतलब यह था कि जब कभी भी सेल पोटेंशियल

49:46

निकालना हो बहुत बार डाउट रहता है कि क्या

49:48

फार्मूला होता है तो कंफ्यूज नहीं होना है

49:51

सेल पोटेंशियल मतलब मैं तो यही सजेस्ट

49:53

करूंगी कि सिंपल सा ये याद रखो कि e कैथोड

49:56

माइनस एनोड अब कहीं पर भी अगर बाय डिफॉल्ट

49:59

e बोल रहे हैं तो हम क्या चीज की बात कर

50:01

रहे हैं रिडक्शन पोटेंशियल की ही बात कर

50:04

रहे हैं ठीक है तो चलो वापस मैं अपने इस

50:07

एग्जांपल पे चलती हूं ये वाला जो एग्जांपल

50:10

था ठीक है तो इस एग्जांपल में अगर मैं सेल

50:13

पोटेंशियल का एक्सप्रेशन आपको लिखने कहूं

50:16

तो आप क्या लिखोगे e सेल क्या हो जाएगा e

50:19

सेल विल बी इक्वल टू e कैथोड माइनस e एनोड

50:22

राइट यही होगा यानी कि e कैथोड क्या है

50:25

यहां पर अभी अभी तो निकाला था हमने कैथोड

50:28

कौन सा है सिल्वर वाला तो यानी कि e ऑफ

50:31

सिल्वर वाला इलेक्ट्रोड और उसका क्या

50:33

सिल्वर इलेक्ट्रोड का रिडक्शन पोटेंशियल

50:36

राइट रिडक्शन मतलब जी प्लस से यह हो जा

50:41

रहा है

50:42

जी तभी तो रिडक्शन हो रहा है देखो ना

50:45

चार्ज कम हो रहा है करेक्ट तो

50:48

e+ से ए यानी कि ये मैं क्या बात कर रही

50:51

हूं दिस इज द रिडक्शन पोटेंशियल ऑफ कैथोड

50:55

माइनस रि रिडक्शन पोटेंशियल ऑफ एनोड एनोड

50:59

कौन सा है एनोड है कॉपर तो कॉपर में भी हम

51:02

रिडक्शन पोटेंशियल कंसीडर करेंगे दैट मींस

51:05

cu2 प् स ठीक है तो यहां पर मेरा ई सेल का

51:09

जो एक्सप्रेशन है वो ये हो

51:12

जाएगा नाउ बच्चों बहुत ध्यान देना है कि

51:15

ये जो आप सब्सक्रिप्ट में लिख रहे हो दिस

51:17

इज वेरी इंपोर्टेंट क्योंकि ये बता रहा है

51:19

कि आप रिडक्शन पोटेंशियल की बात कर रहे हो

51:21

या फिर ऑक्सीडेशन पोटेंशियल की बात कर रहे

51:23

हो सो उल्टा सीधा कुछ भी लिख दोगे तो ये

51:25

गलत हो जाएगा ठीक है

51:27

क्लियर हो गया बिल्कुल क्लियर हो गया चलो

51:29

आगे बढ़े तो बच्चों यहां तक हमने यह देखा

51:32

कि ई सेल यानी कि सेल पोटेंशियल को हम

51:34

क्या लिख सकते हैं e कैथोड - e एनोड या

51:37

फिर आप इसे e राइट - e लेफ्ट भी लिख सकते

51:40

हो बिकॉज़ हमने जो डायग्राम को हम फॉलो

51:42

करते आ रहे हैं उसमें कैथोड जो है वो राइट

51:44

की तरफ है और एनोड जो है वो लेफ्ट की तरफ

51:46

है तो ऐसे भी आप लिख सकते हो लेकिन इसमें

51:49

एक प्रॉब्लम है इसमें प्रॉब्लम ये है कि

51:51

यार ये तो ठीक है कि चलो सेल ईएमएफ हम ऐसे

51:54

निकाल सकते हैं लेकिन हमें हाफ सेल का

51:57

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल निकाले कैसे यानी कि

52:00

हम ये e कैथोड या फिर e एनोड की वैल्यू

52:03

कैसे निकाले हाफ सेल का इलेक्ट्रोड

52:05

पोटेंशियल कैसे डिटरमाइंड करें अगेन यहां

52:08

पर आपको मैं ध्यान दिलाऊंगा

52:13

कर रही हूं बाय डिफॉल्ट इट मींस कि मैं

52:16

हाफ सेल के रिडक्शन पोटेंशियल की बात कर

52:18

रही हूं दैट इज द कन्वेंशन दैट वी फॉलो

52:21

ठीक है अब इसी प्रॉब्लम को सॉल्व करने के

52:24

लिए पिक्चर में आ जाता है शी यानी कि

52:27

स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड तो ये एक

52:30

बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक है बहुत इंपॉर्टेंट

52:32

कांसेप्ट है और बहुत यूज़फुल भी है तो

52:35

देखो स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का

52:37

जो भी डिजाइन है कंस्ट्रक्शन है वर्किंग

52:40

है वो अभी हम पढ़ेंगे डिटेल में बट यह काम

52:43

इसलिए आ पाता है क्योंकि हम इसे एक

52:45

पर्टिकुलर वैल्यू असाइन करते हैं इसके

52:47

पोटेंशियल की हम कहते हैं कि स्टैंडर्ड

52:49

हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का जो पोटेंशियल

52:52

होगा यह जरो होगा एट ऑल टेंपरेचर्स ठीक है

52:56

अब देखो किस तरीके से हम स्टैंडर्ड

52:59

हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड को बनाते हैं और किस

53:01

तरह से इसके हेल्प से हम हाफ सेल के

53:04

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल को डिटरमाइंड करते

53:06

हैं चलो देखें तो स्टैंडर्ड हाइड्रोजन

53:08

इलेक्ट्रोड होता है एक रेफरेंस इलेक्ट्रोड

53:11

जिसके हेल्प से हम हाफ सेल्स के

53:13

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल को डिटरमाइंड करते

53:15

हैं ठीक है इसकी सबसे खास बात यह होती है

53:18

कि ये जो है एक कैथोड हाफ सेल की तरह भी

53:21

बिहेव करता है और एक एनोड हाफ सेल की तरह

53:23

भी बिहेव करता है नाउ दैट इज इंटरेस्टिंग

53:26

कैसे जब हम कैथोड हाफ सेल की बात करते हैं

53:29

तो कैथोड में क्या होता है रिडक्शन याद है

53:31

ना रेड कैट एगजैक्टली तो रिडक्शन बोले तो

53:35

गेन ऑफ इलेक्ट्रॉन यानी कि h+ जो है वो

53:39

इलेक्ट्रॉन गेन करके बनाता है

53:41

h2 दूसरी तरफ अगर हम एनोड हाफ सेल की बात

53:44

करें तो एनोड में क्या होता है ऑक्सीडेशन

53:46

एनोक्स याद ही होगा तो यानी कि यहां पर h2

53:51

जो है वो इलेक्ट्रॉन लूज करके क्या बना

53:54

देता है बना देता है h+ तो यानी कि यहां

53:58

पे एक तरफ तो h+ से h2 बन रहा होता है

54:01

दूसरी तरफ h2 से h+ भी बन रहा होता है

54:04

राइट तो यानी कि ये कैथोड और एनोड दोनों

54:07

हाफ सेल्स की तरह काम कर सकते हैं और इससे

54:09

भी ज्यादा खास बात तो यह है इस रेफरेंस

54:12

इलेक्ट्रोड के बारे में कि इसका जो

54:14

स्टैंडर्ड इलेक्ट्रोड पोटेंशियल है मतलब

54:17

चाहे स्टैंडर्ड ऑक्सीडेशन पोटेंशियल हो या

54:19

स्टैंडर्ड रिडक्शन पोटेंशियल हो दोनों ही

54:22

वैल्यू ज़ीरो असाइन है इसे तो इसीलिए आप

54:25

देखो यह दोनों ही चाहे एनोड वाला रिएक्शन

54:27

ले लो या कैथोड वाला रिएक्शन ले लो e न की

54:30

जो वैल्यू है दैट इज जरो इन बोथ द केसेस

54:33

तो बच्चों चलो अब देखते हैं कि स्टैंडर्ड

54:35

हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड के अंदर होता क्या

54:37

है इसका कंस्ट्रक्शन कैसा होता है ठीक है

54:40

तो हम लेते हैं एक ग्लास ट्यूब जैसा कि आप

54:42

देख रहे हो और इस ग्लास ट्यूब के अंदर हम

54:45

डाल देते हैं एक इनर्ट प्लैटिनम

54:47

इलेक्ट्रोड प्लैटिनम क्यों लेते हैं हम

54:49

क्योंकि प्लैटिनम की एक प्रॉपर्टी होती है

54:51

कि ये हाइड्रोजन को जो है अब्जॉर्ब करता

54:53

है ठीक है अब इस ग्लास ट्यूब के ऊपर हम एक

54:56

स्लिट रखते हैं जहां से हम प्योर

54:59

हाइड्रोजन गैस को अंदर भेजते हैं यह प्योर

55:02

हाइड्रोजन गैस जो होता है यह वन बार

55:04

प्रेशर में होता है और इसे हम अंदर बबल

55:06

करते हैं मतलब अंदर इसे हम भेजते हैं जब

55:09

हम इसे अंदर भेजते हैं तो क्या होता है जो

55:11

प्लैटिनम है वो इस हाइड्रोजन को एब्जॉर्ब

55:13

करता है और जो एक्सेस में हाइड्रोजन है

55:16

जितना ये एब्जॉर्ब कर पाता है यह करता है

55:18

और बाकी जो एक्सेस में हाइड्रोजन है वो

55:21

बबल आउट होके निकल जाता है इन द सॉल्यूशन

55:24

अब यहां पर एक खास बात है कि ये सॉल्यूशन

55:27

क्या है तो यह जो सॉल्यूशन है दैट इज

55:29

एसिडिक सॉल्यूशन टू बी मोर स्पेसिफिक

55:31

इसमें होता है हाइड्रोक्लोरिक एसिड

55:44

hclo2 के फॉर्म में दूसरी तरफ क्या हो रहा

55:47

है कि h2 से h+ बन के वो उस सॉल्यूशन में

55:51

निकल जा रहा है समझ रहे हो तो बेसिकली एक

55:55

स्टेज पर आके एक इक्विलियम सेटअप हो जाता

55:57

है बिटवीन h2 एंड h+ एक तरफ h+ से h2 बन

56:02

रहा है दूसरी तरफ h2 से h+ बनके वो

56:05

सॉल्यूशन में चला जा रहा है राइट एंड दिस

56:08

इज वयर वी सी कि एक तरफ ऑक्सीडेशन हो रहा

56:11

है तो दूसरी तरफ रिडक्शन हो रहा है

56:12

अभी-अभी जो हमने कैथोड और एनोड के

56:15

रिएक्शंस देखे थे उसमें भी हमने यही देखा

56:17

था राइट कि एक तरफ तो h+ से h2 दूसरी तरफ

56:20

h2 से h+ तो कुछ इस तरह का सेटअप होता है

56:23

हमारा स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का

56:26

तो अब हमें यह देखना है कि इस इलेक्ट्रोड

56:29

के हेल्प से हम किस तरीके से हाफ सेल्स के

56:32

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल को मेजर करते हैं तो

56:34

बच्चों अब स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड

56:37

क्या होता है यह तो हमने देख लिया अब हम

56:39

ये देखने वाले हैं कि ए यानी कि स्टैंडर्ड

56:42

हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का यूज़ करके हम किस

56:45

तरीके से इलेक्ट्रोड पोटेंशियल्स मेजर

56:47

करते हैं ठीक है तो यहां पर हम देखेंगे

56:49

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल ऑफ मैग्नीशियम

56:52

यूजिंग ए ठीक है तो इसे आमतौर पे

56:56

लेबोरेटरी पे भी परफॉर्म किया जाता है तो

56:58

पहले यहां पर हम कांसेप्ट को समझेंगे कि

57:00

इसका कांसेप्चुअली ये कैसे ये मेजरमेंट की

57:04

जाती है ठीक है अब कांसेप्चुअली समझने के

57:06

लिए सबसे पहले क्या समझना होगा लॉजिक और

57:09

सेटअप को ठीक है अच्छा मुझे क्या निकालना

57:11

है मुझे मैग्नीशियम का इलेक्ट्रोड

57:13

पोटेंशियल निकालना है इसे निकालने के लिए

57:15

हमें एक सेल का सेटअप करना होगा एक

57:18

इलेक्ट्रोकेमिकल सेल का सेटअप करना होगा

57:20

सेल के सेटअप के लिए क्या एक इलेक्ट्रोड

57:22

काफी है नहीं हमें दो इलेक्ट्रोड्स चाहिए

57:25

अब जाहिर सी बात है कि भाई मैग्नीशियम का

57:27

निकालना है तो एक इलेक्ट्रोड तो

57:29

मैग्नीशियम इलेक्ट्रोड होगा जिसको हम

57:31

किसमें डिप कर देंगे लेट अस से कि ये

57:33

हमारा मैग्नीशियम इलेक्ट्रोड है जिसको

57:35

हमने डिप कर दिया है मैग्नीशियम सल्फेट

57:37

सॉल्यूशन में ठीक है लेकिन दूसरा

57:39

इलेक्ट्रोड कौन होगा सो दूसरा इलेक्ट्रोड

57:42

होगा स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड यानी

57:45

कि ये जो दूसरा वाला इलेक्ट्रोड है वो कौन

57:47

होगा वो हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड होगा

57:49

हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का सेटअप हम कैसे

57:51

करते हैं जैसा कि अभी तुरंत हमने पढ़ा ही

57:53

था कि भाई एक प्लैटिनम की वायर होती है

57:55

जिसके थ्रू हम हाइड्रोजन गैस को बबल करते

57:57

हैं और यहां पर हम ले लेते हैं एक एसिड का

58:00

सॉल्यूशन ठीक है तो ये हमारा सेटअप है नाउ

58:04

प्लीज नोट कि यहां पर सारी चीजें

58:06

स्टैंडर्ड कंडीशंस में होंगी क्योंकि हम

58:09

यहां पर स्टैंडर्ड इलेक्ट्रोड पोटेंशियल

58:11

की बात कर रहे हैं यानी कि जो हाइड्रोजन

58:13

गैस होगा वो वन बार एटमॉस्फेरिक प्रेशर

58:16

में होगा यहां पर जो अ सॉल्यूशंस जो हैं

58:20

ये दोनों ही दोनों ही बीकर में जो

58:22

सॉल्यूशन है दे विल बी वन मोलर सॉल्यूशन

58:24

ठीक है अच्छा तो ये तो सेटअप हो गया अब इन

58:27

दोनों को हमने वायर से कनेक्ट कर दिया और

58:29

यहां पे लगा दिया एक वोल्ट मीटर ताकि हम

58:32

रीडिंग नोट कर सके क्योंकि जैसे कि मैंने

58:34

बताया कि ये मेजर करना जो है दिस इज

58:36

बेसिकली एन एक्सपेरिमेंट दैट वी एक्चुअली

58:39

परफॉर्म ठीक है और यहां पर हमने सेट कर

58:42

दिया हमारा सॉल्ट ब्रिज ठीक तो यानी कि

58:44

सेटअप हमारा तैयार है सेटअप हमारा कंप्लीट

58:48

है ठीक है अब ये सेटअप हो जाने के बाद में

58:51

जो सबसे पहला क्वेश्चन आता है जो सबसे

58:54

बड़ा क्वेश्चन आता है वो ये आता है कि भाई

58:56

एक तरफ हाइड्रोजन है दूसरी तरफ मैग्नीशियम

58:59

है अपने को कैसे पता चलेगा कि भाई कौन है

59:02

एनोड और कौन है कैथोड नाउ दैट इज द

59:05

बिगेस्ट क्वेश्चन तो पहले उसको

59:06

कांसेप्चुअली समझते हैं ठीक है अब आप मुझे

59:09

बताओ कि भाई एनोड कौन होगा हमने अभी तक जो

59:12

जो भी चीजें पढ़ी है उससे हमने क्या पढ़ा

59:15

है कि एनोड कौन होगा वो इलेक्ट्रोड जहां

59:18

पर ऑक्सीडेशन हो रहा हो वो होता है एनोड

59:22

एन ऑक्स एनोड में होता है ऑक्सीडेशन ठीक

59:25

है अच्छा एनोड में ऑक्सीडेशन होता है यानी

59:28

कि एनोड में क्या हो रहा होता है जो भी

59:30

इलेक्ट्रोड है वो खुद ऑक्सीडो रहा होता है

59:34

खुद ऑक्सीडो रहा होता है मतलब वो दूसरे को

59:37

रिड्यूस कर रहा होता है एगजैक्टली यानी कि

59:40

ये एक ऐसा एलिमेंट होता है जो दूसरे को

59:44

रिड्यूस कर पाता है यानी कि जो कंपैरेटिव

59:47

स्ट्रांग रिड्यूस एजेंट्स होते हैं यानी

59:50

कि इनका जो रिडक्शन पोटेंशियल का जो

59:53

वैल्यू होता है वो कैसा होता है नेगेटिव

59:56

वैल्यू ऑफ रिडक्शन पोटेंशियल मतलब रिडक्शन

59:58

पोटेंशियल का वैल्यू जितना ज्यादा नेगेटिव

60:00

है वो उतना स्ट्रांग रिड्यूस एजेंट है

60:03

उसका रिड्यूस पावर उतना स्ट्रांग है राइट

60:06

तो यानी कि इनका जो है नेगेटिव वैल्यू ऑफ

60:11

रिडक्शन पोटेंशियल होगा ठीक है तो ये

60:15

बनेगा हमारा एनोड दूसरी तरफ कैथोड में

60:18

क्या होता है अब इसको तो पूरा लिखने की

60:20

जरूरत नहीं है क्योंकि अब एनोड का समझ में

60:23

आ गया तो कैथोड अपने आप ही समझ में आ गया

60:25

भाई कैथोड में होता है रिडक्शन तो ओबवियस

60:27

सी बात है कि कैथोड में वो पर्टिकुलर

60:30

एलिमेंट रहेगा जिसका पोटेंशियल का जो

60:33

वैल्यू है वो पॉजिटिव वैल्यू रहेगा ठीक है

60:36

नाउ दिस इज अ वेरी वेरी क्रुशल कांसेप्ट

60:38

यहां पर इस टॉपिक का सबसे क्रुशल कांसेप्ट

60:41

बच्चों यही है अगर ये समझ में आ गया तो

60:43

बाकी सारी बातें समझ में आ जाएंगी ठीक है

60:46

अच्छा एक्सपेरिमेंट को कैसे करते हैं

60:48

एगजैक्टली लैब में वो हम बाद में डिस्कस

60:51

करेंगे पहले कांसेप्ट को समझेंगे ये बात

60:53

समझ आने के बाद अब हमारा फोकस है हम हमारे

60:56

इस पर्टिकुलर सेटअप में जहां पर हमारे पास

60:59

एक तरफ है मैग्नीशियम

61:02

और दूसरी तरफ है हाइड्रोजन ठीक है अब आप

61:06

मुझे बताओ कि भाई जो स्टैंडर्ड हाइड्रोजन

61:09

इलेक्ट्रोड होता है जिसके बारे में अभी तक

61:11

हम इतनी बातें कर रहे थे तो स्टैंडर्ड

61:13

हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड के केस में इसका जो

61:17

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल की जो स्टैंडर्ड

61:18

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल की जो वैल्यू होती

61:20

है वो कितनी होती है ये मान ली जाती है

61:23

जीरो राइट क्योंकि इसी को हम रेफरेंस

61:26

इलेक्ट्रोड की तरह यूज़ करते हैं ठीक है

61:28

अब अगर हम टेबल को देखें तो वहां पर हमें

61:31

मैग्नीशियम की जो रिडक्शन पोटेंशियल की

61:34

वैल्यू है वो कितनी दिख रही है तो अगर

61:36

फटाफट से अगर आप इस टेबल को याद कर लो एक

61:39

बार अपने दिमाग में जो आपकी एनसीआरटी

61:41

टेक्स्ट बुक में भी दी हुई है यहां पर आप

61:43

देखोगे कि स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड

61:45

0 वोल्ट पर है और अगर मैग्नीशियम को इसमें

61:48

आप ढूंढो तो आपको क्या दिखेगा मैग्नीशियम

61:51

की वैल्यू है -

61:54

2.36 वोल्ट

61:58

ठीक है अब यहां पर तो मैं वैल्यूज टेबल्स

62:01

देख के आपको समझा रही हूं कांसेप्ट बट जब

62:03

आप एक्सपेरिमेंट परफॉर्म करोगे तो ये

62:05

वैल्यूज आपको एक्सपेरिमेंटली मिलेंगी ठीक

62:07

है मतलब ओबवियसली स्टैंडर्ड हाइड्रोजन

62:09

इलेक्ट्रोड का तो जरो ही होता है हम सबको

62:11

पता है ठीक है तो भाई अब हमें क्या पता चल

62:13

गया कि भाई मैग्नीशियम का जो वैल्यू है वो

62:16

नेगेटिव वैल्यू है व्हिच मींस मैग्नीशियम

62:18

का जो इलेक्ट्रोड है यह क्या बनने वाला है

62:21

हमारा यहां पे यह बनने वाला है एनोड और यह

62:26

जो स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड है यह

62:29

किसकी तरह बिहेव करेगा यहां पे यह बिहेव

62:31

करेगा एज अ कैथोड ठीक है यहां तक बात समझ

62:35

में आ गई होगी ठीक है तो यानी कि इस वाले

62:38

सेल को अगर हमें रिप्रेजेंट करना हो तो हम

62:40

इसे कैसे रिप्रेजेंट करेंगे सबसे पहले

62:43

एनोड को लिखेंगे तो एनोड में क्या हो रहा

62:46

होगा कि भाई मैग्नीशियम जो है ये

62:51

mg2 प् में कन्वर्ट हो रहा होगा अब यह

62:54

मैग्नीशियम

62:55

सॉलिड और ये जो मैग्नीशियम आयन है ये वन

62:59

मोलर

63:01

सॉल्यूशन ठीक है ठीक है अब इनके बीच में आ

63:04

जाएगा सॉल्ट ब्रिज इसी तरीके से तो

63:06

रिप्रेजेंट करते हैं हम किसी भी सेल को है

63:08

ना सॉल्ट ब्रिज आ गया अब उधर क्या होगा जो

63:11

h+ है जो कि एक्वसस h+

63:17

एक्वसोर्स

63:19

में हो जाएगा ये कन्वर्ट होने वाला है h2

63:23

में जो कि गैसियस फेज में है कितने में है

63:26

एटमॉस्फेरिक प्रेशर पे है इसका है वन बार

63:30

एटमॉस्फेरिक प्रेशर ठीक है और यह क्या है

63:33

प्लेटिनम सॉलिड क्योंकि ये जो है वो सरफेस

63:36

प्रोवाइड करता है जिसके ऊपर हमारा

63:38

इलेक्ट्रोड प्रेजेंट है ठीक है तो कुछ इस

63:41

तरीके

63:44

से तो कुछ इस तरीके से हम इस पर्टिकुलर

63:47

सेल को रिप्रेजेंट कर सकते हैं तो ये

63:50

हमारे सेल का रिप्रेजेंटेशन हो जाएगा ठीक

63:53

है अब अगर हमें इस सेल का ईएमएफ निकालना

63:56

हो व्हाट विल बी द ईएमएफ ऑफ द

63:59

सेल तो आप बताओ ई सेल से हम डिनोट करेंगे

64:03

तो ईएमएफ क्या होता है e

64:06

कैथोड माइनस e एनोड अब यहां पर हम सब कुछ

64:11

स्टैंडर्ड की बात कर रहे हैं राइट तो

64:14

स्टैंडर्ड कंडीशंस में सब कुछ हो रहा है

64:16

तो सब में हमने e नो डाल दिया ठीक है भाई

64:19

अब देखो यहां पे क्या है ई कैथोड कैथोड

64:23

यहां पे कौन है स्टैंडर्ड हाइड्रोजन

64:25

इलेक्ट्रो तो भाई ये तो हो गया रो माइनस e

64:28

एनोड एनोड की वैल्यू क्या है माइनस 0 -

64:33

2.36 तो यानी कि यहां से हमें क्या मिल

64:36

गया जो ईएमएफ ऑफ द सेल हो जाएगा दैट विल

64:40

बी इक्वल टू +

64:43

2.36 वोल्ट राइट ये मैं क्यों बता रही हूं

64:48

वही सब मिलियन डॉलर क्वेश्चन है यहां पे

64:50

क्योंकि ये कांसेप्ट को समझना ज्यादा

64:52

जरूरी है ठीक है इसके बाद मैं बताती हूं

64:54

हाउ डू वी एक्चुअली द पोटेंशियल तो इससे

64:57

हमें क्या समझ में आया कि जो सेल का जो

65:00

ईएमएफ है ना उसके हेल्प से हम e नॉ कैथोड

65:04

या e नॉ एनोड निकाल सकते हैं अब इस वाले

65:08

सेटअप में मेरा एनोड जो है वो है

65:10

मैग्नीशियम जो हम निकालना चाहते हैं राइट

65:13

लेकिन e नो कैथोड क्या है जीरो किसी और

65:16

केस में हो सकता है कि जो स्टैंडर्ड

65:18

हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड है वो एनोड की तरह

65:20

बिहेव करे राइट और जो हमारा अननोन

65:23

पोटेंशियल है वो कैथोड की तरह बिहेव करें

65:26

बट वहां पर भी जो है हम इस एक्सप्रेशन से

65:28

अपनी वैल्यू निकाल सकते हैं कैसे निकाल

65:30

सकते हैं यानी कि कुल मिला के यहां से

65:33

हमें ये पता चली कि ये जो मेरा एक्सप्रेशन

65:36

है ना इस एक्सप्रेशन में से कैथोड या एनोड

65:40

में से किसी एक की वैल्यू किसी एक e नो की

65:43

वैल्यू जीरो होनी ही है क्योंकि दोनों में

65:46

से कोई एक स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड

65:48

रहेगा और दूसरा वाला हमें निकालना है और

65:51

ये जो ई सेल की जो वैल्यू है ये वैल्यू

65:54

एक्सपेरिमेंटली मुझे मुझे ये वोल्ट मीटर

65:56

दे देगा राइट क्योंकि ये तो

65:58

एक्सपेरिमेंटली हम कैलकुलेट कर रहे हैं

66:00

राइट तो अब आपको लॉजिक समझ में आ रहा है

66:02

कि मैंने क्यों यह सारी कहानी बताई ये

66:04

सारी कहानी इसलिए बताई क्योंकि जब आप

66:06

एक्सपेरिमेंटली इलेक्ट्रोड पोटेंशियल मेजर

66:08

करते हो स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड

66:11

के हेल्प से तो आप ऐसे ही करते हो

66:13

स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड जो है या

66:15

तो कैथोड या फिर एनोड की तरह बिहेव करता

66:17

है तो आपके पास e नो कैथोड या e नॉ एनोड

66:20

में से एक वैल्यू जीरो हो जाती है जो e नॉ

66:23

सेल की जो वैल्यू है वो आपको ये वोल्ट टर

66:25

दे देता है राइट तो इस तरीके से आप दूसरे

66:28

वाले e नो की वैल्यू निकाल लेते हो राइट

66:31

तो यहां पर मैंने रिवर्स करके दिखाया

66:35

क्योंकि यहां पर ये जो मैग्नीशियम की जो

66:37

वैल्यू है ना ये आपको निकालनी थी बेसिकली

66:40

एक्सपेरिमेंटली बट मैंने टेबल से इसकी

66:41

वैल्यू डायरेक्टली ले ली बट जब आप इस

66:43

एक्सपेरिमेंट को परफॉर्म करोगे अब देखो

66:46

यहां पे एक बहुत बड़ा क्वेश्चन आता है आप

66:48

बोलोगे कि मैम आपने तो टेबल में पहले ही

66:50

देख लिया था कि ये - 2.36 है इसीलिए आप

66:53

फटाक से बता दिए कि भाई मैग्नीशियम का

66:55

ट्रोड जो है ये एनोड की तरह बिहेव करेगा

66:57

बट हमें तो पता नहीं होगा कि भाई

66:59

मैग्नीशियम एनोड की तरह बिहेव करेगा ये

67:01

कैथोड की तरह तो हम क्या करें है ना तो

67:04

यहां पर एक बेसिक अंपन आप हमेशा लेके चल

67:07

सकते हो कि हमें नहीं पता कौन एनोड है कौन

67:09

कैथोड है ठीक है तो हमने अज्यू कर लिया कि

67:13

जो स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड है वो

67:14

एनोड है और दूसरा वाला कैथोड है ये अजमन

67:18

के साथ आप चलो ठीक है अगर आप उस अजमन के

67:20

जैसे यहां पर भी अगर हम ये अज्यू कर लेते

67:23

कि भाई ये जो हाइड्रोजन है ना ये हमारा

67:25

एनोड है और अज्यू कर लेते कि जो

67:28

मैग्नीशियम है ये हमारा कैथोड है अगर ऐसा

67:30

अज्यू कर भी लेते तो भी क्या होता e सेल

67:33

की जो वैल्यू यहां पे आती हम वही वैल्यू

67:36

यहां पे लिखते उस केस में भी आप देखते कि

67:38

आपका ये जो मैग्नीशियम का जो वैल्यू निकल

67:41

के आता वो - 2.36 वोल्ट ही निकल के आता

67:45

राइट तो बेसिकली जो साइन जो है ना इसका

67:47

करेक्ट प्लस होगा कि माइनस होगा वो करेक्ट

67:49

साइन आपको मिल जाएगा लास्ट में ऑल यू नीड

67:52

टू रिमेंबर इज e न सेल इज इक्वल टू e

67:55

कैथोड - e एनोड ठीक है ये बात पूरी समझ

68:00

में आ गई अभी हम नॉट टू वरी एक और

68:02

एग्जांपल हम ट्राई करेंगे ठीक है अच्छा

68:04

यहां पर आप देख रहे होंगे कि भाई बोल्ड

68:07

रेड में कुछ लिखा हुआ है और वो क्या लिखा

68:10

है क्यों लिखा है पढ़ लेते हैं इसमें लिखा

68:12

है कि इफ द स्टैंडर्ड इलेक्ट्रोड

68:14

पोटेंशियल इज नेगेटिव अब जैसे यहां पर जब

68:17

हम मैग्नीशियम का स्टैंडर्ड इलेक्ट्रोड

68:18

पोटेंशियल निकालेंगे तो फाइनली हमें क्या

68:21

मिलेगा मैग्नीशियम का जो स्टैंडर्ड

68:24

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल हमें मिलेगा यहां पे

68:27

वो क्या होगा दैट इज -

68:30

2.36 वोल्ट जैसा यहां पे मिला है तो अगर

68:33

यह वैल्यू नेगेटिव होती है इसका मतलब है

68:36

हाइड्रोजन गैस इज मोर स्टेबल दन द

68:38

रिड्यूस्ड फॉर्म ऑफ द स्पीशीज बड़े ध्यान

68:42

से सुनो उसी बात को घुमा फिरा के कहा जा

68:44

रहा है ये वैल्यू नेगेटिव है इसका मतलब

68:47

क्या है ये वैल्यू नेगेटिव है मतलब

68:49

मैग्नीशियम जो है इसका रिड्यूस ंग पावर

68:52

काफी ज्यादा है राइट यानी कि यह खुद क्या

68:56

होगा यह खुद

68:57

ऑक्सीडो खुद यह रिड्यूज नहीं होगा खुद यह

69:01

क्या होगा ऑक्सीडो इसका मतलब है रिड्यूस

69:04

कौन होगा हाइड्रोजन होगा तो बोलने का मतलब

69:06

है जभी भी यह नेगेटिव वैल्यू मिले इसका

69:08

मतलब है कि हाइड्रोजन गैस इज़ मोर स्टेबल

69:12

दन द रिड्यूस्ड फॉर्म ऑफ़ दिस स्पीशीज

69:15

इसीलिए यह रिड्यूस नहीं होगा क्योंकि इसका

69:18

जो रिड्यूस्ड फॉर्म है वह कम स्टेबल है

69:20

हाइड्रोजन से इसीलिए यह रिड्यूज नहीं होगा

69:22

यह क्या होगा यह ऑक्सीडो बोलने का मतलब है

69:25

कि ये टेक्स्ट आपको शायद अपनी टेक्स्ट बुक

69:27

में देखने को मिले तो कंफ्यूज नहीं होना

69:29

है इट इज जस्ट टेलिंग द सेम थिंग इन अ

69:31

डिफरेंट वे अब मैं नाक को ऐसे पकड़ूं या

69:34

ऐसे घुमा के पकड़ूं बात एक ही है राइट सो

69:36

कुछ वैसी ही बात है सो डोंट गेट

69:38

कन्फ्यूज्ड विद कॉम्प्लिकेटेड स्टेटमेंट्स

69:41

बोलने का मतलब है जब कभी भी e नॉ की जो

69:44

वैल्यू है जो पोटेंशियल इलेक्ट्रोड

69:46

पोटेंशियल की वैल्यू नेगेटिव है मतलब उसका

69:48

रिड्यूस ंग पावर ज्यादा है वह दूसरों को

69:51

रिड्यूस करेगा बट वह खुद

69:55

होगा राइट इसका यह भी मतलब है कि

69:58

हाइड्रोजन के मुकाबले उसका रिड्यूस्ड

70:01

फॉर्म कम स्टेबल है इसीलिए वो अपना

70:03

रिड्यूस्ड फॉर्म नहीं बनाएगा क्योंकि वो

70:05

खुद रिड्यूस नहीं होगा दूसरे को रिड्यूस

70:07

करेगा और वो खुद ऑक्सीडो ठीक है कहानी समझ

70:11

में आई आई होप कि आई हैव बीन एबल टू डू

70:13

जस्टिस और आपको मैं ये कांसेप्ट समझा पाई

70:15

होंगी ठीक है तो अगला देखेंगे एक और

70:18

एग्जांपल जहां पर हम मेजर करेंगे

70:20

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल ऑफ कॉपर तो चलो

70:22

बच्चों यहां पर हम निकालने वाले हैं

70:24

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल ऑफ ऑफ कॉपर अब सेटअप

70:26

मुझे फिर से समझाने की जरूरत नहीं है

70:28

हमारा सेटअप में क्या रहेगा एक तरफ कॉपर

70:30

का इलेक्ट्रोड इन कॉपर सल्फेट सॉल्यूशन

70:32

दूसरी तरफ स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड

70:34

बट अपने को फिर से ये नहीं पता है कि भाई

70:37

कौन एनोड है कौन कैथोड है ठीक है तो जैसा

70:39

कि मैंने बताया था हम यहां पर एज्यूम कर

70:42

लेंगे यहां पर अब आप कांसेप्ट चूंकि समझ

70:44

चुके हो तो मैं सीधा-सीधा इसका बता रही

70:46

हूं प्रोसेस कि किस तरीके से हम मेजर करते

70:48

हैं ठीक है तो हमने एज्यूम कर लिया कि भाई

70:51

जो हमारा स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड

70:53

है ये एनोड है यही मैंने आपको बताया था कि

70:56

जभी भी हमें नहीं पता है हम अज्यू कर

70:59

लेंगे कि स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रॉन

71:01

हमारा एनोड है और दूसरा वाला यानी कि कॉपर

71:04

जो है वो हमारा कैथोड है ठीक है प्लीज नोट

71:09

कि ये हमारा अजमन है ये अंपन हमारा लास्ट

71:13

में जाके करेक्ट भी हो सकता है ये अंपन

71:16

हमारा लास्ट में जाके इनकरेक्ट भी हो सकता

71:18

है ठीक है चलो अब आगे बढ़ेंगे तो अब इस

71:21

अंपन को लेते हुए अगर मैं इस सेल को

71:24

रिप्रेजेंट करना चाहूं तो ये कैसे

71:26

रिप्रेजेंट होगा पहले एनोड लिखेंगे

71:29

प्लैटिनम

71:31

सॉलिड हाइड्रोजन जो है यह किसमें

71:34

हाइड्रोजन जो है वह गैस फॉर्म में रहेगा

71:37

ठीक है हाइड्रोजन गैस फॉर्म में रहेगा एट

71:40

वन बार प्रेशर ठीक है ये h+ रहेगा जो कि

71:48

एक्वसोर्स क्योंकि हम सब कुछ स्टैंडर्ड

71:51

कंडीशंस में कर रहे हैं इसके बाद आ जाएगा

71:54

सॉल्ट ब्रिज और और इसके बाद आ जाएगा कॉपर

71:57

सो cu2 प्स जो कि अगेन वन मोलर सॉल्यूशन

72:00

में रहेगा यहां से स ठीक है तो कुछ इस

72:05

तरीके से हम इस सेल को रिप्रेजेंट कर सकते

72:10

हैं अब देखो ये रिप्रेजेंटेशन भी सही है

72:12

कि गलत ये हमें लास्ट में जाके पता चलेगा

72:14

ठीक है अच्छा अब हमने क्या देखा था कि e

72:18

नो सेल जो होता है वो क्या होता है वो

72:21

होता है e नॉ

72:24

कैथोड माइनस e नॉ

72:28

एनोड ठीक है अब यहां पर e नॉ कैथोड क्या

72:33

है जो हमें निकालना है क्योंकि हमने तो

72:36

यहां पे कॉपर को माना है e नो कैथोड राइट

72:39

तो ये हमारा e नो कैथोड हमें नहीं पता है

72:44

e नो एनोड हमारा हो जाएगा जीरो क्योंकि

72:46

स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का

72:48

पोटेंशियल जीरो होता है e नो सेल की जो

72:51

वैल्यू है ये हमें एक्सपेरिमेंटली इस

72:54

वोल्ट मीटर के रीडिंग से मिल जाएगी तो जब

72:57

हम इस पर्टिकुलर एक्सपेरिमेंट को परफॉर्म

72:58

करते हैं तो हमें e नो सेल की वैल्यू

73:00

मिलती है लगभग 0.34 वोल्ट ठीक है तो इसका

73:05

मतलब यहां से हमें e नॉ कैथोड की जो

73:09

वैल्यू मिल रही है दैट इज पॉजिट

73:12

0.34 वोल्ट बहुत ध्यान से बच्चों एक चीज

73:16

देखना पॉजिटिव वैल्यू मिली है व्हिच मींस

73:19

कि यह हमारा कैथोड की तरह बिहेव करेगा अभी

73:22

इसके पिछले स्लाइड में मैंने बताया था कि

73:25

एनोड की तरह कौन बिहेव करेगा जिसका

73:28

पोटेंशियल का वैल्यू नेगेटिव होगा ठीक है

73:30

अब अगर मान लो इसका मतलब है कि यहां पर इस

73:33

पर्टिकुलर क्वेश्चन में एटलीस्ट हमने जो

73:35

अज्यू किया था वो करेक्ट था हमने अज्यू

73:37

किया था कि कॉपर कैथोड है तो हमने देखा

73:40

हां भाई इसकी जो वैल्यू निकल के आई है वो

73:42

पॉजिटिव निकल के आई है यानी कि ये कैथोड

73:43

की तरह बिहेव कर सकता है तो हमने जो अज्यू

73:46

किया था दैट इज करेक्ट हमारा जो सेल का

73:48

रिप्रेजेंटेशन है दैट इज आल्सो करेक्ट ऐसा

73:50

हो सकता था कि भाई जब हमने e नो की वैल्यू

73:53

निकाली तो हमने देखा कि भाई वैल्यू

73:55

नेगेटिव आ रही है नेगेटिव आ रही है मतलब

73:58

ये जो वैल्यू है ये हमें बता रही है कि

74:01

भाई जिसकी वैल्यू तुमने निकाली है वो एनोड

74:04

की तरह बिहेव कर रहा है राइट तो इसका जो

74:06

पिछला वाला क्वेश्चन था जहां पर हम

74:08

मैग्नीशियम का इलेक्ट्रोड पोटेंशियल निकाल

74:10

रहे थे उस केस में इवन इफ अगर हम स्टार्ट

74:13

करते ये अज्यू करके कि भाई मैग्नीशियम

74:14

कैथोड है लास्ट में जाके हम देखते कि e नो

74:17

की जो वैल्यू है ना e नो कैथोड की जो

74:19

वैल्यू आती वो नेगेटिव आती व्हिच मींस कि

74:22

भाई जो नो तुम निकाले हो ना वो कैथोड की

74:24

नहीं है वो एनोड की है राइट बात समझ में आ

74:27

गई तो कैथोड बिहेव कर रहा है कि एनोड

74:30

बिहेव कर रहा है वो यह वैल्यू ही हमें

74:32

लास्ट में बता देती है ठीक है तो यहां पर

74:35

फिलहाल हमने जो कॉपर की जो वैल्यू निकाली

74:39

यहां पे राइट e नॉ कॉपर की जो वैल्यू हमने

74:43

यहां पर एक्सपेरिमेंटली निकाली ये वैल्यू

74:45

अगर आप देखोगे तो जो टेबल में कॉपर की

74:47

वैल्यू दी हुई है उसके साथ भी आपको मैच

74:50

करती हुई दिख रही होगी ठीक है तो

74:52

स्टैंडर्ड इलेक्ट्रोड पोटेंशियल अगर किसी

74:55

इलेक्ट्रोड का ग्रेटर दन 0 है यानी कि अगर

74:59

पॉजिटिव है इसका मतलब है कि उसका

75:00

रिड्यूस्ड फॉर्म इज मोर स्टेबल कंपेयर टू

75:04

हाइड्रोजन गैस यानी कि यहां पे इस केस में

75:07

कॉपर का जो रिड्यूस्ड फॉर्म है वो ज्यादा

75:09

स्टेबल है यानी कि कॉपर यहां पे रिड्यूस

75:12

होगा एगजैक्टली वही तो होगा क्योंकि कॉपर

75:14

यहां पे कैथोड है और कैथोड में क्या होता

75:16

है रिडक्शन होता है इसलिए कॉपर यहां पे

75:18

रिड्यूस होगा ठीक है तो आई गेस अब इस

75:21

एग्जांपल को ले लेने के बाद कांसेप्ट और

75:23

क्लियर हो गया होगा तो चलो बच यहां पर हम

75:25

निकालने वाले हैं इलेक्ट्रोड पोटेंशियल ऑफ

75:27

कॉपर अब सेटअप मुझे फिर से समझाने की

75:30

जरूरत नहीं है हमारा सेटअप में क्या रहेगा

75:32

एक तरफ कॉपर का इलेक्ट्रोड इन कॉपर सल्फेट

75:34

सॉल्यूशन दूसरी तरफ स्टैंडर्ड हाइड्रोजन

75:36

इलेक्ट्रोड बट अपने को फिर से ये नहीं पता

75:38

है कि भाई कौन एनोड है कौन कैथोड है ठीक

75:41

है तो जैसा कि मैंने बताया था हम यहां पर

75:43

एज्यूम कर लेंगे यहां पर अब आप कांसेप्ट

75:45

चूंकि समझ चुके हो तो मैं सीधा-सीधा इसका

75:48

बता रही हूं प्रोसेस कि किस तरीके से हम

75:50

मेजर करते हैं ठीक है तो हमने अज्यू कर

75:52

लिया कि भाई जो हमारा स्टैंडर्ड हाइड्रो

75:55

इलेक्ट्रोड है ये एनोड है यही मैंने आपको

75:58

बताया था कि जभी भी हमें नहीं पता है हम

76:01

एज्यूम कर लेंगे कि स्टैंडर्ड हाइड्रोजन

76:03

इलेक्ट्रोड हमारा एनोड है और दूसरा वाला

76:05

यानी कि कॉपर जो है वो हमारा कैथोड है ठीक

76:09

है प्लीज नोट कि ये हमारा एंप्शन है ये

76:14

अंपन हमारा लास्ट में जाके करेक्ट भी हो

76:17

सकता है ये अंपन हमारा लास्ट में जाके

76:19

इनकरेक्ट भी हो सकता है ठीक है चलो अब आगे

76:22

बढ़ेंगे तो अब इस अजमन को ले देते हुए अगर

76:25

मैं इस सेल को रिप्रेजेंट करना चाहूं तो

76:27

ये कैसे रिप्रेजेंट होगा पहले एनोड

76:30

लिखेंगे प्लैटिनम

76:33

सॉलिड हाइड्रोजन जो है ये किसम हाइड्रोजन

76:37

जो है वो गैस फॉर्म में रहेगा ठीक है

76:39

हाइड्रोजन गैस फॉर्म में रहेगा एट वन बार

76:43

प्रेशर ठीक है ये h+ रहेगा जो कि

76:49

एक्वास और वन मोलर सॉल्यूशन क्योंकि हम सब

76:52

कुछ स्टैंडर्ड कंडीशंस में कर रहे हैं

76:55

इसके बाद आ जाएगा सॉल्ट ब्रिज और इसके बाद

76:58

आ जाएगा कॉपर सो cu2 प जो कि अगेन वन मोलर

77:02

सॉल्यूशन में रहेगा यहां से स ठीक है तो

77:07

कुछ इस तरीके से हम इस सेल को रिप्रेजेंट

77:12

कर सकते हैं अब देखो ये रिप्रेजेंटेशन भी

77:14

सही है कि गलत ये हमें लास्ट में जाके पता

77:16

चलेगा ठीक है अच्छा अब हमने क्या देखा था

77:19

कि e न सेल जो होता है वह क्या होता है वो

77:23

होता है e नो

77:26

कैथोड - e न

77:30

एनोड ठीक है अब यहां पर e नॉ कैथोड क्या

77:35

है जो हमें निकालना है क्योंकि हमने तो

77:38

यहां पे कॉपर को माना है e नॉ कैथोड राइट

77:42

तो यह हमारा e नॉ कैथोड हमें नहीं पता है

77:46

e नॉ एनोड हमारा हो जाएगा ज़ीरो क्योंकि

77:48

स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का

77:51

पोटेंशियल ज़ीरो होता है e नॉ सेल की जो

77:53

वैल्यू है ये हमें एक्सपेरिमेंटली इस

77:56

वोल्ट मीटर के रीडिंग से मिल जाएगी तो जब

77:59

हम इस पर्टिकुलर एक्सपेरिमेंट को परफॉर्म

78:01

करते हैं तो हमें e नॉ सेल की वैल्यू

78:03

मिलती है लगभग 0.34 वोल्ट ठीक है तो इसका

78:07

मतलब यहां से हमें e नॉ कैथोड की जो

78:11

वैल्यू मिल रही है दैट इज पॉजिटिव

78:15

0.34 वोल्ट बहुत ध्यान से बच्चों एक चीज

78:18

देखना पॉजिटिव वैल्यू मिली है व्हिच मींस

78:22

कि ये हमारा कैथोड की तरह बिहेव करेगा अभी

78:25

इसके पिछले स्लाइड में मैंने बताया था कि

78:27

एनोड की तरह कौन बिहेव करेगा जिसका

78:30

पोटेंशियल का वैल्यू नेगेटिव होगा ठीक है

78:33

अब अगर मान लो इसका मतलब है कि यहां पर इस

78:35

पर्टिकुलर क्वेश्चन में एटलीस्ट हमने जो

78:37

अज्यू किया था वो करेक्ट था हमने अज्यू

78:39

किया था कि कॉपर कैथोड है तो हमने देखा

78:42

हां भाई इसकी जो वैल्यू निकल के आई है वो

78:44

पॉजिटिव निकल के आई है यानी कि ये कैथोड

78:46

की तरह बिहेव कर सकता है तो हमने जो अज्यू

78:48

किया था दैट इज करेक्ट हमारा जो सेल का

78:50

रिप्रेजेंटेशन है दैट इज आल्सो करेक्ट ऐसा

78:53

हो सकता था कि भाई जब हमने e नो की वैल्यू

78:56

निकाली तो हमने देखा कि भाई वैल्यू

78:58

नेगेटिव आ रही है नेगेटिव आ रही है मतलब

79:01

ये जो वैल्यू है ये हमें बता रही है कि

79:03

भाई जिसकी वैल्यू तुमने निकाली है वो एनोड

79:06

की तरह बिहेव कर रहा है राइट तो इसका जो

79:08

पिछला वाला क्वेश्चन था जहां पर हम

79:10

मैग्नीशियम का इलेक्ट्रोड पोटेंशियल निकाल

79:12

रहे थे उस केस में इवन इफ अगर हम स्टार्ट

79:15

करते ये अज्यू करके कि भाई मैग्नीशियम

79:17

कैथोड है लास्ट में जाके हम देखते कि e नो

79:20

की जो वैल्यू है ना e नो कैथोड की जो

79:21

वैल्यू आती वो नेगेटिव आती व्हिच मींस कि

79:24

भाई जो नोट तुम निकाले हो ना वो कैथोड की

79:26

नहीं है वो एनोड की है राइट बात समझ में आ

79:29

गई तो कैथोड बिहेव कर रहा है कि एनोड

79:32

बिहेव कर रहा है वो ये वैल्यू ही हमें

79:34

लास्ट में बता देती है ठीक है तो यहां पर

79:37

फिलहाल हमने जो कॉपर की जो वैल्यू निकाली

79:41

यहां पे राइट e नॉ कॉपर की जो वैल्यू हमने

79:45

यहां पर एक्सपेरिमेंटली निकाली ये वैल्यू

79:48

अगर आप देखोगे तो जो टेबल में कॉपर की

79:50

वैल्यू दी हुई है उसके साथ भी आपको मैच

79:52

करती हुई दिख रही होगी ठीक है तो

79:54

स्टैंडर्ड इलेक्ट्रोड पोटेंशियल अगर किसी

79:57

इलेक्ट्रोड का ग्रेटर दन जीरो है यानी कि

80:01

अगर पॉजिटिव है इसका मतलब है कि उसका

80:03

रिड्यूस्ड फॉर्म इज मोर स्टेबल कंपेयर टू

80:06

हाइड्रोजन गैस यानी कि यहां पे इस केस में

80:10

कॉपर का जो रिड्यूस्ड फॉर्म है वो ज्यादा

80:12

स्टेबल है यानी कि कॉपर यहां पे रिड्यूस

80:14

होगा एगजैक्टली वही तो होगा क्योंकि कॉपर

80:17

यहां पे कैथोड है और कैथोड में क्या होता

80:18

है रिडक्शन होता है इसलिए कॉपर यहां पे

80:21

रिड्यूस होगा ठीक है तो आई गेस अब इस

80:23

एग्जांपल को ले लेने के बाद कांसेप्ट और

80:25

क्लियर तो बच्चों अब हम यह पूरे

80:27

कॉन्फिडेंटली कह सकते हैं कि इस टेबल के

80:30

अंदर जितने भी स्टैंडर्ड इलेक्ट्रोड

80:32

पोटेंशियल की वैल्यूज दी हुई है जहां पर

80:35

भी स्टैंडर्ड इलेक्ट्रोड पोटेंशियल की

80:36

वैल्यू पॉजिटिव है इसका मतलब है कि उनका

80:39

जो रिड्यूस्ड फॉर्म है वो हाइड्रोजन से

80:42

ज्यादा स्टेबल है तो बच्चों अभी तक हमने

80:44

जो भी इलेक्ट्रोड पोटेंशियल डिटरमाइंड

80:46

किया वहां पर हम हमेशा एक एंप्शन लेते हुए

80:49

चले और वो अंपन ये था कि जितनी भी स्पीशीज

80:52

इवॉल्वड है उन सब की कंसंट्रेशन क्या क्या

80:54

है यूनिटी वन मोलर कंसंट्रेशन लेकिन क्या

80:58

रियलिटी में हमेशा ऐसा होता है ऐसा नहीं

81:00

होता है तो यहीं पर हमें काम आता है एक

81:03

बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक एक बहुत इंपॉर्टेंट

81:05

इक्वेशन जिसे हम कहते हैं नर्ंस इक्वेशन

81:08

ओबवियसली इट इज नेम आफ्टर द साइंटिस्ट

81:10

जिन्होंने हमें ये इक्वेशन दिया था तो

81:13

नर्नस्ट इक्वेशन कहता है कि तुम

81:15

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल किसी भी कंसंट्रेशन

81:18

में निकाल सकते हो विद द हेल्प ऑफ दिस

81:21

इक्वेशन तो नं इक्वेशन कुछ ऐसा होता है कि

81:23

e इज इक्वल ट e न e और e नॉ क्या है यहां

81:28

पर रिडक्शन पोटेंशियल्स e मतलब रिडक्शन

81:30

पोटेंशियल e नॉ बोले तो स्टैंडर्ड रिडक्शन

81:33

पोटेंशियल ठीक है सो e = e0 -

81:37

rt1 नेचुरल लॉग ऑफ कंसंट्रेशन ऑफ m बाय

81:41

कंसंट्रेशन ऑफ़ m n+ तो देखो यहां पर हमने

81:44

कंसंट्रेशन वाले टर्म्स को भी इस इक्वेशन

81:47

में इंक्लूड कर लिया अब बहुत से बच्चे सोच

81:49

रहे होंगे कि मैम यह कहां से कहां से इतना

81:52

भारी भरकम सा एक इक्वेशन दिख दिया खुद समझ

81:55

नहीं आ रहा है कि t क्या है r क्या है n

81:57

क्या है एफ क्या है समझ में आएगा सो

81:59

धीरे-धीरे अब हम हर एक चीज को समझेंगे इस

82:02

इक्वेशन के एंड लेट मी टेल यू ये सुपर

82:04

डुपर इंपॉर्टेंट है क्योंकि आपके

82:05

कॉम्पिटेटिव एग्जाम्स में आपके स्कूल के

82:08

एग्जाम्स में ये नर्स इक्वेशन के ऊपर

82:10

बेस्ड न्यूमेरिकल्स अक्सर ही पूछे जाते

82:12

हैं छोटे शॉर्ट न्यूमेरिकल्स लॉन्ग

82:15

न्यूमेरिकल्स हर तरह के न्यूमेरिकल्स पूछे

82:17

जा सकते हैं इसीलिए बी एक्स्ट्रा अटेंट

82:20

ठीक है तो चलो नं इक्वेशन को थोड़ा डिटेल

82:22

में समझते हैं तो सबसे पहले तो समझते हैं

82:25

कि नन इक्वेशन में यह जितनी भी चीजें हैं

82:27

यह क्या है ठीक है तो चलो एक-एक करके

82:30

देखते हैं जैसे यहां पर r है r क्या है r

82:33

है गैस कांस्टेंट गैस कांस्टेंट के बारे

82:35

में तो हम काफी टाइम से पढ़ते आ रहे हैं

82:38

इसकी वैल्यू फिक्स होती है व्हिच इज

82:41

8.314 जूल पर केल्विन पर मोल इसके बाद है

82:44

t जो कि है टेंपरेचर इन केल्विन इसके बाद

82:48

है n n क्या डिनोट करता है n डिनोट करता

82:51

है नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन कौन से वा

82:54

इलेक्ट्रोंस देखो चाहे ऑक्सीडेशन हो रहा

82:57

हो या रिडक्शन हो रहा हो जितने नंबर ऑफ

83:00

इलेक्ट्रॉन का लेनदेन हुआ जितने नंबर ऑफ

83:03

इलेक्ट्रॉन हमने लिए या दिए सो दैट इज द

83:06

वैल्यू ऑफ n ठीक है f क्या है f है फराडेज

83:10

कांस्टेंट और फैराडे कांस्टेंट की वैल्यू

83:12

होती है 96 487 कूलम मोल इवर्स फैराडे

83:16

कांस्टेंट के बारे में थोड़ा और डिटेल में

83:19

हम डिस्कस करेंगे जब हम इलेक्ट्रोलिसिस के

83:21

बारे में डिस्कस करेंगे ठीक है तो चलो ये

83:24

f ब हो गया अब क्या बचा अब बचा ये m और

83:31

mn3 ठीक है अब ये कंसंट्रेशन ऑफ m ये तो

83:35

चूंकि सॉलिड है तो कंसंट्रेशन ऑफ सॉलिड इज

83:39

टेकन एज यूनिटी किसी भी सॉलिड का

83:42

कंसंट्रेशन हम वन लेते हैं ठीक है

83:44

mnnit.ac.in

83:54

अब हमें पता है कि न इक्वेशन में कौन-कौन

83:56

सी चीजें है यह तो क्लियर हो गया ग्रेट तो

84:00

इसका मतलब इसी न इक्वेशन को हम ऐसे भी लिख

84:03

सकते

84:05

हैं ए प् ए इ इक्व e न m ए प् ए माइनस आटी

84:15

डिवा बाय ए ए नेचुरल लग ऑफव बाय

84:20

कंसंट्रेशन ऑफ m ए प्स अब मान लो इसी नन

84:24

इक्वेशन को हम अप्लाई करते हैं डेनियल सेल

84:27

में तो डेनियल सेल में क्या होता है

84:29

डेनियल सेल में एक-एक करके बात करेंगे चलो

84:31

पहले बात करते हैं कैथोड कैथोड में रहता

84:34

है कॉपर जहां पर कॉपर का रिडक्शन हो रहा

84:36

होता है ठीक है सो ई कॉपर मतलब ई रिडक्शन

84:40

देखो ये सब रिडक्शन पोटेंशियल है

84:53

mnnit.ac.in बा nf1 क्या हो जाएगा cu2 प

84:57

है यानी कि cu2 प दो इलेक्ट्रॉन और लेगा

85:00

कॉपर बनाने के लिए तो यहां पर n की वैल्यू

85:02

हो जाएगी ू सो 2f नेचुरल लॉग ऑफ 1 बा

85:07

कंसंट्रेशन ऑफ cu2 प ठीक है ऐसे लिख सकते

85:12

हैं हम नस्ट इक्वेशन ठीक इसी तरीके से बात

85:15

करेंगे एनोड की एनोड में क्या है जिंक तो

85:20

एनोड में भी हम रिडक्शन पोटेंशियल की ही

85:22

बात कर रहे हैं ठीक है तो इसीलिए फॉर्मेट

85:24

वही रखेंगे e2 प् z इ इक्व e

85:30

न z2 प् से zn20

85:54

की कोशिश करूं इस पूरे सेल का अगर मैं

85:56

ईएमएफ निकालूं तो वह क्या हो जाएगा वो हो

85:59

जाएगा ई कैथोड यानी कि ई रिडक्शन

86:03

पोटेंशियल ऑफ कैथोड कैथोड बोले तो कॉपर

86:06

वाला पार्ट तो रिडक्शन पोटेंशियल ऑफ कैथोड

86:09

माइनस रिडक्शन पोटेंशियल ऑफ एनोड ठीक है

86:13

यहां तक भी सही है अब कुछ खास बचा नहीं है

86:16

अब इसमें हम यही वाली वैल्यू को पुट कर

86:18

देंगे ठीक है सेम वैल्यू को बस पुट कर

86:21

देंगे तो चलो पुट करते हैं तो इसको हम लिख

86:23

सकते हैं e न स2 प् सय माइ आटी बा 2f

86:31

नेचुरल लॉग ऑफ 1 डिवाइड बाय cu2 प् का

86:36

कंसंट्रेशन माइनस e न

86:42

zn20 बा

86:45

2f नेचुरल लॉग ऑफव बाय कंसंट्रेशन ऑफ z2

86:50

प् ठीक है सिंपल मैथमेटिक्स कुछ खास नहीं

86:53

कर रही हूं अब इसको फर्द हम लिख सकते हैं

86:55

e सेल इ इक्वल टू ये e नॉ वाले पार्ट को

86:59

साथ में डाल देते हैं e न cu2 प् से स - e

87:04

87:09

zn20 बा 2f को कॉमन ले सकते हैं तो अंदर

87:13

क्या बचेगा नेचुरल लॉग ऑफ 1 बा cu2

87:18

प् माइनस नेचुरल लॉग ऑफव बाय कंसंट्रेशन

87:23

ऑफ z 2

87:26

प् ठीक है इज इक्वल टू अब देखो e न कैथोड

87:31

- e न एनोड इसको हम क्या लिख सकते हैं e

87:34

नॉ सेल लिख सकते हैं बिल्कुल लिख सकते हैं

87:36

सो e न सेल -

87:39

rt2 f अंदर हम क्या लिख सकते हैं इसको

87:43

नेचुरल लॉग ऑफ a / b ये a है डिवाइडेड बाय

87:47

b है यानी कि ये हो जाएगा कंसंट्रेशन ऑफ

87:51

zn20 डिवाइडेड बाय कंसंट्रेशन ऑफ cu2

87:56

प् ठीक है तो यह हो जाएगा क्या यह हो

88:00

जाएगा मेरा नर्ड इक्वेशन फॉर डेनियल सेल

88:05

अब यहां पर एक शॉर्टकट देखो अभी तक हम

88:07

किसकी बात कर रहे थे हम बात कर रहे थे

88:09

डेनियल सेल की डेनियल सेल का अगर ओवरऑल

88:12

रिएक्शन देखो तो कुछ ऐसा होता है

88:23

zn20 रिएक्शन को देख के देखो सीधा-सीधा

88:25

नर्ड इक्वेशन लिखना बहुत आसान है e सेल इज

88:28

e न सेल - rt2 f नेचुरल लॉग ऑफ zn20 मतलब

88:33

प्रोडक्ट वाले साइड में जो आयस का

88:35

कंसंट्रेशन है डिवाइडेड बाय रिएक्टेंट

88:37

वाले साइड पे जो आयन का कंसंट्रेशन है ठीक

88:40

है ये समझ में आ गया तो इसको हम और

88:43

जनरलाइज कर सकते हैं सो हम कह सकते हैं इन

88:46

जनरल कि लेट अस सपोज हमारे पास कोई भी

88:49

रिएक्शन है कुछ इस फॉर्मेट का a +

88:54

c स प्

88:56

डी ठीक है जहां पर ये स्मल ए बी सीडी बता

89:00

रहे हैं कितने मोल्स ऑफ वो पर्टिकुलर चीज

89:03

जो है वो कंबाइन हो रही है ठीक है इन जनरल

89:05

अगर हमारे पास कभी भी एक इस तरह के

89:08

फॉर्मेट में रिएक्शन है और मुझे अगर नन

89:11

इक्वेशन लिखना हो तो मैं कैसे लिखूंगी e

89:14

सेल इ इक्वल ट e न सेल माइ आटी बा

89:24

साइड के कंसंट्रेशंस टू द पावर देयर

89:28

कोफिया वाले साइड के कंसंट्रेशंस टू द

89:31

पावर देयर कफिट नाउ इसे याद रखना है याद

89:35

मतलब वैसे रटना नहीं है बट मतलब इस

89:37

कांसेप्ट को याद रखना है क्योंकि क्वेश्चन

89:40

सॉल्व करते टाइम भी ये कई बार काम आता है

89:42

चलो नंस इक्वेशन तो समझ में आया अब ये

89:45

जानना जरूरी है कि नर्सड इक्वेशन को हम

89:47

कहां कहां यूज कर सकते हैं कैसे-कैसे यूज

89:50

कर सकते हैं ईएमएफ ऑफ अ सेल निकालने के

89:52

लिए यूज कर सकते हैं बिल्कुल

89:54

इक्विलियम कांस्टेंट निकालने के लिए यूज़

89:57

कर सकते हैं किसी भी रिएक्शन के गिव्स

89:59

एनर्जी को कैलकुलेट करने के लिए भी यूज़

90:01

कर सकते हैं कैसे चलो एक-एक करके सारे

90:04

कैलकुलेट करते हैं तो चलो सबसे पहले देखते

90:06

हैं कि भाई सेल ईएमएफ निकालते कैसे हैं तो

90:08

य हमने ना यहां पर एक एग्जांपल ही ले लिया

90:10

उससे आसानी होगी रिप्रेजेंट द सेल इन

90:12

व्हिच द फॉलोइंग रिएक्शन टेक्स प्लेस

90:14

कैलकुलेट इट्स सेल पोटेंशियल इफ सेल e इ

90:19

इक्व

90:20

3.17

90:22

वोल्ट ठीक है

90:25

यह सेल क्या है दिस इज बेसिकली e न सेल

90:28

यानी कि स्टैंडर्ड सेल पोटेंशियल ठीक है

90:32

चलो निकाल के देखते हैं सीधा-सीधा डाल

90:34

देंगे क्या नन इक्वेशन सो नन इक्वेशन क्या

90:38

कहता है कि e सेल इज इक्व e न सेल माइ आटी

90:43

बा

90:44

nf1 पर क्या होगा देखो कितने इलेक्ट्रॉन

90:48

का लेनदेन हो रहा है दो सो आटी बा 2f

90:53

नेचुरल लॉग ऑफ प्रोडक्ट वाले साइड के

90:56

कंसंट्रेशंस अब सॉलिड का कंसंट्रेशन तो वन

90:58

होता है तो इसीलिए सॉलिड के कंसंट्रेशंस

91:00

को इग्नोर मारो ठीक है तो प्रोडक्ट वाले

91:03

साइड का कंसंट्रेशन में कंसंट्रेशन ऑफ mg2

91:06

प आ जाएगा रिएक्टेंट वाले कंसंट्रेशन के

91:09

केस में ये + आ जाएगा लेकिन देखो + का

91:14

कोफिया कि ये टू इसके पावर के फॉर्म में आ

91:17

जाएगा राइट अभी जस्ट हमने लिखा था

91:19

जनरलाइज्ड जो एक्सप्रेशन तो बस उसी को

91:21

फॉलो करते हुए हमने ये लिख दिया ठीक है अब

91:24

देखो कितना आसान है e न सेल की वैल्यू दी

91:26

हुई है

91:27

3.17 तो इसको 3.17 डाल देते हैं माइनस अब

91:31

देखो आटी f ये सब कुछ कांस्टेंट है तो इन

91:35

सबके कांस्टेंट वैल्यू अगर हम डाल देते

91:37

हैं अगर नेचुरल लॉग को भी हम लॉग डाल देते

91:40

हैं तो इसकी जो वैल्यू निकल के आती है वह

91:43

क्या होती है यह rt1 f और यह नेचुरल लॉग

91:48

यह सबको अगर साथ में ले लेते हैं तो यहां

91:50

पर आता है यह

91:52

0.059 बा 2 लॉग ऑफ mg2 प्स का कंसंट्रेशन

91:59

यहां पर दिया हुआ है

92:01

0.13 तो ये हो जाएगा

92:04

0.130 डिवाइडेड बाय सिल्वर आयन का

92:08

कंसंट्रेशन भी यहां पर दिया हुआ है

92:12

0.001 इसका होल

92:14

स्क्वायर ठीक है तो जब इसकी वैल्यू

92:16

कैलकुलेट करेंगे तो ये निकल के आएगा 3.17

92:21

-21 दैट इज इक्वल टू 2 96 वोल्ट्स तो इस

92:26

तरीके से हम नर्स इक्वेशन को यूज करके सेल

92:29

ईएमएफ निकाल सकते हैं अब देखना यह है कि

92:32

नर्न इक्वेशन की हेल्प से हम इक्विलियम

92:34

कांस्टेंट कैसे निकालते हैं किसी रिएक्शन

92:36

का बहुत से बच्चों के दिमाग में यह सवाल आ

92:39

रहा होगा कि यार हम इक्विलियम के बारे में

92:42

तो पढ़ ही नहीं रहे थे तो ये इक्विलियम

92:44

कांस्टेंट कहां से आ गया राइट तो सबसे

92:47

पहले तो वो समझते हैं कि ये इक्विलियम आया

92:49

कहां से तो देखो अगर हम डेनियल सेल की बात

92:52

करें तो वहां पर हो क्या रहा रहा था ओवरऑल

92:54

ओवरऑल वहां पर यह हो रहा था कि जिंक जो है

92:58

वो इलेक्ट्रॉन लूज करके बन रहा था zn20

93:01

कॉपर 2 प्स जो है वो इलेक्ट्रॉन को गेन

93:04

करके बन रहा था

93:06

cu-t ये रिएक्शन था ठीक है तो ये रिएक्शन

93:11

जैसे चलते रहता है चलते रहता है चलते रहता

93:13

है जैसे-जैसे ये प्रोसेस चलते ही रहता है

93:15

क्या होता है जो zn20 का कंसंट्रेशन है वो

93:19

बढ़ते रहता है क्योंकि रिएक्शन जो है वो

93:21

फॉरवर्ड डायरेक्शन में प्रोसीड कर रहा है

93:23

तो 2+ बढ़ते जा रहा है co2 प घटते जा रहा

93:27

है जैसे-जैसे ये रिएक्शन प्रोसीड कर रहा

93:29

है ऐसे करते करते एक ऐसा टाइम आता है जब

93:33

हम देखते हैं कि जो मेरा वोल्ट मटर का जो

93:35

रीडिंग है ना वो जीरो रीडिंग है क्यों

93:37

क्योंकि एक टाइम पर आने के बाद अब हम

93:40

देखते हैं कि जिंक 2 प्स आयन का या कॉपर

93:43

टू प्लस आयन के कंसंट्रेशन में कोई चेंज

93:46

नहीं हो रहा है एंड दैट इज व्हेन वी से

93:49

इक्विलियम इज अटेंड बात समझ आई अब जहां

93:53

इक्विलियम अटें हो गया तो वहां पर तो

93:56

पिक्चर में इक्विलियम कांस्टेंट को आना ही

93:58

है एंड आई एम प्रिटी श्यर आप सबको पता है

94:00

कि व्हाट इज इक्विलियम व्हाट इज इक्विलियम

94:02

कांस्टेंट क्लास 11थ इक्विलियम में पढ़ा

94:04

था नहीं पढ़ा था तो जाओ जाके वन शॉर्ट

94:06

वीडियो देखो फिर से तो देखो अब जब हम

94:08

इक्विलियम की बात कर रहे हैं तो एट

94:11

इक्विलियम क्या होगा नर्ड इक्वेशन अभी तो

94:14

हम लिखेंगे बट हम ये देखेंगे इक्विलियम

94:17

में ई सेल की वैल्यू जीरो होगी जो सेल का

94:19

जो पोटेंशियल है जो सेल का ईएमएफ है

94:22

इक्विलियम पर वो जीरो हो होगा ठीक है अभी

94:25

तक हमने जो डेनियल सेल देखा था उस डेनियल

94:28

सेल का अगर मुझे ओवरऑल रिएक्शन लिखना हो

94:31

तो वो रिएक्शन कुछ ऐसा होगा zn20

94:35

गिव्स zn20 +

94:42

cu0 इक्विलियम कांस्टेंट की बात कर रहे

94:44

हैं वहां हम अज्यू कर रहे हैं कि वो स्टेज

94:46

आ चुका है जब इन दोनों आयस के बीच में एक

94:50

इक्विलियम सेटअप हो चुका है ठीक है तो चलो

94:54

अब हम लिखते हैं नस्ट इक्वेशन तो हम इसे

94:57

क्या लिख सकते हैं e सेल इ इक्व e न सेल

95:03

माइनस अब इसे हम

95:23

2 प्लस का कंसंट्रेशन ठीक है अभी-अभी

95:26

मैंने क्या बताया कि e सेल की वैल्यू

95:28

इक्विलियम पे जीरो होगी तो इसको हम जीरो

95:31

लिख सकते हैं ठीक है कुछ और बातें हम चेंज

95:34

कर सकते हैं जैसे यहां पर नेचुरल लॉग है

95:36

इसको हम कन्वर्ट कर सकते हैं तो बेसिकली

95:39

ये हो जाएगा 0 = e नॉ सेल -

95:43

2.303 आटी डिवाइडेड बाय n ए

95:50

लॉग zn20 का कंसंट्रेशन डिवाइडेड बाय cu2

95:55

प का कंसंट्रेशन ठीक है अब देखो यहां पर

95:59

अगर हम ध्यान दें सिर्फ इस इक्विलियम

96:02

रिएक्शन पर ध्यान दो तो इक्विलियम वाले

96:05

चैप्टर में हमने ऑलरेडी यह पढ़ा था कि जब

96:07

एक इस तरह का इक्विलियम सेटअप होता है तो

96:10

इस इक्विलियम का जो इक्विलियम कांस्टेंट

96:13

होता है लेट अस सपोज हम उसे केसी से डिनोट

96:15

करते हैं वो क्या हो जाता है कंसंट्रेशन

96:18

ऑफ द आयस ऑन द प्रोडक्ट साइड बाय

96:21

कंसंट्रेशन ऑफ आयस ऑन द रिएक्टेंट साइड

96:23

यही होता है तो यानी कि इस पूरे टर्म को

96:26

हम

96:29

kc1 सेल को भी इधर ला सकते हैं तो ये हो

96:31

जाएगा e नॉ सेल इज इक्वल टू दोनों साइड का

96:34

माइनस कैंसिल हो जाएगा तो ये हो जाएगा

96:37

2.303

96:40

rt1 l

96:47

kc3 3rt / f ये सारे कांस्टेंट वैल्यूज

96:52

हैं ठीक है तो अगर हम चाहे तो इन सब की

96:55

वैल्यूज डाल के कैलकुलेट करके देख सकते

96:57

हैं सो दिस विल कम आउट टू बी

97:00

0.059 डिवाइड बा n लॉग ऑफ

97:07

kc1 सेल की वैल्यू ठीक है अब अगर हम

97:11

स्पेसिफिकली बात करते हैं डेनियल सेल के

97:14

लिए ठीक है मान लो स्पेसिफिकली हम डेनियल

97:17

सेल की अगर बात करें तो इस e न सेल की जो

97:20

वैल्यू है ये वैल्यू तो हमारी फिक्स्ड है

97:22

राइट क्योंकि हम वोल्ट मीटर रीडिंग से

97:24

एक्सपेरिमेंटली निकाल सकते हैं सो दिस

97:26

वैल्यू कम्स आउट टू बी 1.1 वोल्ट्स ठीक है

97:30

e न सेल की वैल्यू तो यानी कि यहां से हम

97:34

l ऑफ c की वैल्यू

97:43

kc2 इलेक्ट्रॉन का तो ये n की वैल्यू टू

97:45

हो जाएगी तो वेरिएबल क्या बचा सिर्फ

97:49

kc4 क्या हो जाएगा 37.2

97:53

88 कैसे हुआ ये 1.1 * 2 / 0.059 तो इस

97:59

तरीके से हम इक्विलियम कांस्टेंट की

98:01

वैल्यू निकाल सकते हैं तो यहां पर याद

98:04

रखने लायक एस सच तो कुछ याद रखने की जरूरत

98:07

नहीं है बट यस ये जो फार्मूला है बेसिकली

98:10

यही हमने डिराइवर किया जो एक रिलेशनशिप शो

98:13

कर रहा है e नो सेल और केसी के बीच में

98:16

मतलब इक्विलियम कांस्टेंट और सेल

98:20

पोटेंशियल स्टैंडर्ड सेल पोटेंशियल के बीच

98:22

में तो अब न इक्वेशन के हेल्प से हम देखने

98:25

वाले हैं किसको गिव्स फ्री एनर्जी को तो

98:28

बच्चों यह बताओ चलो सबका मेमोरी टेस्ट

98:30

होगा कि गिव्स फ्री एनर्जी इससे पहले हमने

98:32

कहां पढ़ा था क्लास 11थ थर्मोडायनेमिक्स

98:34

पढ़ रहे हो ना मेरे साथी तो क्लास 11थ के

98:37

थर्मोडायनेमिक्स के वन शॉट में हमने गिब्स

98:40

फ्री एनर्जी के बारे में पढ़ा था इन गिब्स

98:42

हेलम होल्स इक्वेशन याद है कौन सी इक्वेशन

98:45

थी डेल्टा g = डेल्टा h - t डेल्टा ए जहां

98:49

पर चेंज इन एंथैल्पी चेंज इन एंट्रॉपिज इन

98:52

फ्री एनर्जी जी ये सारी चीजें इवॉल्वड हैं

98:55

तो अब हम इस इक्वेशन के डिटेल में तो नहीं

98:57

जाएंगे बट सिर्फ यह जान लेंगे कि यहां से

98:59

हमें क्या पता चला था हमें यह पता चला था

99:02

कि अगर डेल्टा g ग्रेटर दन 0 होती है अगर

99:06

फ्री एनर्जी ग्रेटर दन ़ होती है इसका

99:09

मतलब मेरा रिएक्शन नॉन स्पॉन्टेनियस है

99:12

अगर डेल्टा g लेसन 0 है इसका मतलब मेरा

99:14

रिएक्शन स्पॉन्टेनियस है और अगर डेल्टा g

99:17

की वैल्यू इक्वल टू 0 है यानी कि रिएक्शन

99:20

इक्विलियम पर है ठीक है तो ये ये सारी

99:23

बातें हमें डेल्टा जीी के बारे में ऑलरेडी

99:25

पता थी यहां पर हम क्या पता करने आए हैं

99:28

यहां पर हम यह पता करने आए हैं कि डेल्टा

99:30

जी का सेल के ईएमएफ से यानी कि ई सेल से

99:34

डेल्टा जीी का क्या लिंक है क्या

99:36

रिलेशनशिप है तो बेसिकली नर्नस्ट इक्वेशन

99:39

के हेल्प से हम इन दोनों के बीच में एक

99:41

रिलेशनशिप एस्टेब्लिश करते हैं जो कहता है

99:44

कि डेल्टा g इज इक्वल टू - n सेल ठीक है

99:51

एंड दिस इज अ वेरी वेरी इंपोर्टेंट रिलेशन

99:53

जो आपको बहुत काम आएगा क्वेश्चंस में

99:55

न्यूमेरिकल्स में हर जगह पे तो इसीलिए

99:57

ध्यान देना है तो देखो इस रिलेशन से एक

100:00

बहुत मजेदार बात पता चलती है कि जब कभी भी

100:02

डेल्टा g पॉजिटिव होगा e सेल क्या होगा

100:05

नेगेटिव होगा जब कभी भी डेल्टा g नेगेटिव

100:08

होगा e सेल क्या होगा पॉजिटिव होगा है ना

100:11

मतलब दोनों का रिलेशन ही कुछ ऐसा है ठीक

100:13

है अब अगर मैं इसे स्टैंडर्ड फॉर्म में

100:16

बात करूं जैसे कि डेल्टा g नॉ विल बी

100:18

इक्वल टू - n सेल नॉ तो दोनों तरफ नॉट लग

100:22

जाएंगे ठीक है है वो भी क्लियर है अब अगर

100:25

मैं इक्विलियम कांस्टेंट के टर्म्स में

100:27

लिखना चाहूं तो कैसे लिख सकती हूं द

100:30

मोमेंट आई टॉक अबाउट इक्विलियम इसका क्या

100:33

मतलब है अगर नर्नस्ट इक्वेशन को हम लिख दे

100:35

और हम कहे कि भैया इक्विलियम पर है मेरा

100:38

पूरा सिस्टम तो इसका मतलब है e सेल की

100:40

वैल्यू जीरो है तो नस्ट इक्वेशन में अगर

100:42

हम e सेल को जीरो कर देते हैं तो मुझे

100:45

क्या मिलेगा e नॉ सेल विल बी इक्वल टू

100:48

nf2 ए ए ऑफ द रेशो ऑफ द कांस ट्रेशन और

100:54

रेशो ऑफ़ द कंसंट्रेशन को हम इक्विलियम

100:56

कांस्टेंट लिख सकते हैं यानी कि इसे हम

101:06

ln2 एन के जहां पर क्याक है k क्या है

101:10

इक्विलियम कांस्टेंट है ठीक है अब बहुत से

101:13

बच्चों के दिमाग में क्वेश्चंस आ रहे

101:14

होंगे कि मैम आपने ये सब कुछ तो बता दिया

101:16

लेकिन ये n क्या है f क्या है ये क्या है

101:20

यह तो बताओ तो यह तो खैर मैंने पहले भी

101:22

बताया है बट फिर से बता देती हूं सो देखो

101:25

f क्या है f है फैराडे ज कांस्टेंट n क्या

101:27

है नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन यानी कि यहां पर जो

101:31

एक आयन से मेटल में जा रहा है लेट्स से m

101:35

n+ से m बन रहा है तो जितने इलेक्ट्रॉन को

101:39

वो एक्सेप्ट कर रहा है n इलेक्ट्रॉन

101:41

एक्सेप्ट कर रहा है राइट सो दैट इज़ n तो

101:43

जितने भी नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन इवॉल्वड हैं

101:46

वो n है जैसे मान लो अगर मैं एग्जांपल

101:47

लेती हूं लेट्स से al3 प + 3 इलेक्ट्रॉन

101:53

कितने इलेक्ट्रोंस का इवॉल्वमेंट हुआ थ्री

101:55

तो n की वैल्यू हो जाएगी थ्री ठीक है f तो

101:57

फराडेज कांस्टेंट है r t ये सारे

102:00

कांस्टेंट्स हैं जो आपको पता ही है राइट

102:02

तो नथिंग न्यू k इक्विलियम कांस्टेंट है

102:04

डेल्टा जीी गिव्स फ्री एनर्जी का चेंज है

102:08

और ई व्हिच इज ईएमएफ ऑफ द सेल तो यही सारी

102:12

चीजें हैं और अब हम इसी कांसेप्ट के ऊपर

102:15

बेस्ड कुछ न्यूमेरिकल्स ट्राई करेंगे तभी

102:17

यह कांसेप्ट ज्यादा क्लियर होगा तो अब

102:20

बारी है क्वेश्चन की देखते हैं पहला

102:22

क्वेश्चन राइट द न इक्वेशन एंड ईएफ ऑफ द

102:25

फॉलोइंग सेल्स एट 298 केल्विन ठीक है एकएक

102:29

करके देखेंगे तो सबसे पहला वाला देखते हैं

102:33

यहां पर क्या है ए है और हाइड्रोजन है टीन

102:35

है और हाइड्रोजन है ठीक है तो सबसे पहले

102:38

तो हम नस इक्वेशन लिख देते हैं इजी रहेगा

102:40

करने में ठीक है e सेल इ इक्वल टू e न सेल

102:47

-

102:48

0.059 बा n ये 0.059 क्यों लिख दिया

102:52

क्योंकि वो

102:53

2.303 आटी बा f वो सारे कांस्टेंट है तो

102:57

सबकी वैल्यू डाल के कैलकुलेटेड वाली

102:59

वैल्यू लिख देते हैं इजी रहेगा कैलकुलेट

103:01

करने में लॉग ऑफ क्या हो जाएगा देखो इस

103:05

अनाउंसड इक्वेशन लिखने से भी पहले ना इसका

103:08

इक्वेशन लिख लो वो ज्यादा इजी रहेगा

103:10

क्योंकि यहां पर तो क्या दिया हुआ है सेल

103:13

का रिप्रेजेंटेशन दिया हुआ है इस

103:15

रिप्रेजेंटेशन को देखते हुए हम क्या कह

103:17

सकते हैं कि

103:20

sns2 प् में चेंज हो रहा है

103:23

तो इधर sn2 प् में चेंज हो रहा है लेकिन

103:26

साथ ही साथ यहां पर हाइड्रोजन भी है h+ भी

103:30

जो है वो h2 में चेंज हो रहा है तो यानी

103:33

कि इधर हाइड्रोजन भी है जो h2 में चेंज हो

103:37

रहा है ठीक है अब इसको बैलेंस करोगे तो इस

103:40

तरह का कुछ हमारा रिएक्शन होगा अब चाहो तो

103:42

यहां पर ये सब भी डाल दो ये सॉलिड फॉर्म

103:45

में है ठीक है ये गैस फॉर्म में है इस तरह

103:47

की चीजें आप डाल सकते हो ठीक है तो लगभग

103:50

यह मेरा नेट नेट रिएक्शन हो रहा होगा इस

103:53

सेल के अंदर तो अब लॉग ऑफ क्या होगा

103:56

प्रोडक्ट साइड के आयस के कंसंट्रेशन यानी

103:59

कि sn2 प का कंसंट्रेशन डिवाइडेड बाय

104:03

रिएक्टेंट साइड के आयस का कंसंट्रेशन यानी

104:06

कि h+ का कंसंट्रेशन और h के h+ के पहले

104:10

एक कफिट भी है टू तो ये पावर के फॉर्म में

104:13

चला जाएगा ठीक है क्लियर हो गया कैसे लिखा

104:16

हमने नर्स इक्वेशन ओके अब मुझे ईएमएफ भी

104:19

निकालनी है तो ईएमएफ निकालना तो कोई खास

104:22

बात नहीं है इसी में हम बस वैल्यूज पुट

104:24

करते चले जाएंगे ठीक है अब देखो सबसे पहले

104:27

मुझे e नो सेल की वैल्यू चाहिए ठीक है तो

104:30

e न सेल की वैल्यू क्या हो जाएगी यहां पर

104:34

चलो देखते हैं पहले e नो सेल की वैल्यू

104:36

निकाल लेते हैं सो e नो सेल हो जाएगा e न

104:39

कैथोड माइनस e न

104:44

एनोड ठीक है तो यहां पर कैथोड क्या है और

104:47

यहां पर एनोड क्या है देखो समझो कहां पे

104:50

रिडक्शन हो रहा है कहां पे ऑक्सीडेशन तो

104:52

वापस इस पे जाते हैं sns2 प बन रहा है

104:55

यानी कि लॉस ऑफ इलेक्ट्रॉन हो रहा है यहां

104:58

भी यहां पर क्या हो रहा है ऑक्सीडेशन हो

105:00

रहा है ऑक्सीडेशन कहां पर होता है एनोड

105:02

में होता है तो यानी कि ये एनोड है ठीक है

105:06

h+ से बन रहा है ये

105:09

h2 कैसे गेन ऑफ इलेक्ट्रॉन से यानी कि

105:12

यहां पर रिडक्शन हो रहा है और रिडक्शन

105:15

कहां पे होता है कैथोड में ठीक है सो e न

105:19

कैथोड मतलब कैथोड क्या है मेरा हाइड्रोजन

105:23

सो बेसिकली ये हो जाएगा e नॉ क्या

105:25

हाइड्रोजन का भी रिडक्शन पोटेंशियल हम

105:27

लेंगे करेक्ट सो रिडक्शन पोटेंशियल बोले

105:30

तो h+ से h2 - e न एनोड एनोड का भी हम

105:35

रिडक्शन पोटेंशियल ही कंसीडर करेंगे तो ये

105:38

क्या हो जाएगा sn2 प् से

105:48

sn1 का क्या होता है उसी के लिए तो ये

105:51

टेबल को चिपका रखा है यहां पे ढूंढो यहां

105:54

से न का वैल्यू क्या होता है न की वैल्यू

105:57

न न ये रहा न सो न का जो e न का वैल्यू

106:01

होगा दैट इज

106:02

माइनस

106:04

0.14 सो यानी कि e नो सेल की वैल्यू मुझे

106:07

कितनी मिल गई 0.14 वोल्ट ठीक है तो चलो e

106:11

नो सेल तो मिल गया तो एक वैल्यू तो मुझे

106:14

मिल गई और क्या-क्या वैल्यूज चाहिए मुझे n

106:16

की वैल्यू चाहिए n की वैल्यू क्या हो

106:18

जाएगी इस रिएक्शन को देखो कितने

106:20

इलेक्ट्रॉन का यहां पर ट्रांसफर हो रहा है

106:23

दो इलेक्ट्रॉन का राइट तो इसीलिए n की

106:26

वैल्यू यहां पर क्या हो जाएगी n की वैल्यू

106:28

हो जाएगी टू ठीक है sn2 प और h+ का

106:32

कंसंट्रेशन इस क्वेश्चन में दिया हुआ है

106:35

देखो sn2 प का कंसंट्रेशन ये है h+ का

106:38

कंसंट्रेशन ये है तो अब मेरे पास सारी

106:41

वैल्यूज है और मैं कैलकुलेट कर सकती हूं

106:44

तो चलो फिर कैलकुलेट करते हैं तो e सेल

106:47

विल बी इक्वल टू

106:49

0.14 - 0.05

106:53

9/2 l ऑफ

106:57

0.05 /

106:59

0.02 का होल

107:02

स्क्वा ठीक है इसे हम कैलकुलेट करेंगे तो

107:05

सेल पोटेंशियल या सेल ईएमएफ निकल के आएगा

107:08

078 वोल्ट तो ये हो जाएगा हमारा

107:12

आंसर ठीक है समझ आ गया तो अब जो दूसरा

107:16

वाला सवाल है वैसे तो चाहो तो आप खुद से

107:18

भी ट्राई कर सकते हो और अगर चाहो तो मैं

107:20

कुछ हिंट भी दे सकती हूं ठीक है बट ये

107:23

पहला वाला समझ में आ गया राइट अगर ये

107:24

अच्छे से समझ में आ गया तो दूसरा आप खुद

107:26

से कर लोगे आई एम प्रिटी श्यर तो सबसे

107:28

पहले हम इस दूसरे क्वेश्चन का रिएक्शन

107:30

लिखेंगे रिएक्शन लिखे बिना सॉल्व करना इज

107:33

वेरी डिफिकल्ट यहां पर क्या हो रहा है एक

107:35

तो ब्रोमीन के साथ कुछ हो रहा है

107:37

ऑक्सीडेशन या रिडक्शन उसी तरह और क्या हो

107:40

रहा है हाइड्रोजन के साथ हो रहा है तो एक

107:42

तरफ ब्रोमीन है और एक तरफ हाइड्रोजन है

107:45

ठीक है देखो साफ-साफ दिख रहा है कि यहां

107:47

पे क्या हो रहा

107:48

है जो ब्रोमीन है वो ब माइनस से चला जा

107:52

रहा है किस फॉर्म में br2 में ठीक है सो

107:56

मतलब जो रिएक्शन है वो कुछ ऐसा हो रहा है

107:58

जो ब माइनस है इधर और इधर है h+ ब माइन से

108:03

ये बन जा रहा है br2 और h+ से ये बन जा

108:07

रहा है

108:09

h2 ठीक है ऐसा कुछ रिएक्शन हो रहा है अब

108:12

इसको बैलेंस करने के लिए इधर टू डाल देते

108:15

हैं इधर भी टू डाल देते हैं अब ये

108:16

बैलेंस्ड है ठीक है देखो ऑक्सीडेशन और

108:19

रिडक्शन कहां पे हो रहा है अभी से ही देख

108:21

लेते हैं आसान रहेगा ब माइन से यह बन रहा

108:24

है br2 यानी कि यह इलेक्ट्रॉन क्या कर रहा

108:28

है यहां पे माइनस था करेक्ट तो इसने इस

108:32

इलेक्ट्रॉन को लूज कर दिया तभी तो br2 बना

108:35

है कि नहीं तो यानी कि लॉस ऑफ इलेक्ट्रॉन

108:37

यानी कि यहां पर हो रहा है ऑक्सीडेशन यानी

108:40

कि यह ब्रोमीन किस कौन सा वाला बनेगा एनोड

108:43

बनेगा h+ से h2 बनने के लिए गेन ऑफ

108:48

इलेक्ट्रॉन हो रहा है यानी कि रिडक्शन और

108:50

रिडक्शन कहां पर होता है थोड में ठीक है

108:53

अगर इतना काम आपने कर लिया तो अब समझ लो

108:56

आपका क्वेश्चन जो है ना 70 पर तो सॉल्व ही

108:59

हो गया है ज्यादा कुछ बचा नहीं है इस

109:00

क्वेश्चन में ठीक है n की वैल्यू भी निकाल

109:03

लो लगे हाथ देखो कितने इलेक्ट्रॉन की यहां

109:05

पर भी बात हो रही है देखोगे तो दो

109:07

इलेक्ट्रॉन की बात हो रही है सो n की

109:10

वैल्यू क्या है टू है चलो ये भी सॉर्ट आउट

109:13

हो गया अब यहां पर e नो सेल की वैल्यू भी

109:16

निकाल लो क्योंकि वो भी चाहिए होता है तो

109:18

e नो सेल क्या हो जाएगा e नॉ कैथोड कैथोड

109:21

यहां पे हाइड्रोजन है सो हाइड्रोजन का

109:23

रिडक्शन

109:24

पोटेंशियल माइनस e न एनोड एनोड यहां पर

109:28

ब्रोमीन है सो ब्रोमीन का रिडक्शन

109:30

पोटेंशियल तो हाइड्रोजन का जो है e नो ये

109:34

क्या होगा ये तो जीरो होता है सो दिस विल

109:36

बी जीरो और ब्रोमीन का कितना होगा चलो

109:39

ब्रोमीन का यहां से निकालते हैं यहां पर

109:42

ब्रोमीन है इधर और ब्रोमीन का इलेक्ट्रोड

109:46

पोटेंशियल है

109:48

1.09 तो यानी कि e नो सेल की वैल्यू हो

109:50

जाएगी -1.0 09 वोल्ट तो ये अब मैंने सारी

109:55

चीजें निकाल ली ठीक है अब क्या करना है अब

109:58

सिर्फ नस्ट इक्वेशन के फॉर्मूले पे डालना

110:00

है तो यह अगर चाहो तो आप खुद से भी कर

110:03

सकते हो और बोलोगे तो मैं कर देती हूं चलो

110:05

ऊपर कर लेते हैं क्योंकि स्क्रीन पे अब

110:06

जगह बची नहीं है तो यहां ऊपर करते हैं सो

110:09

e सेल की वैल्यू क्या हो जाएगी e नॉ सेल

110:12

यानी कि -

110:13

1.09 -

110:16

0.059 डिवाइड बा n n की वैल्यू 2 है लॉग

110:21

ऑफ क्या हो जाएगा

110:23

देखो लॉग ऑफ प्रोडक्ट के साइड कोई आयन है

110:26

ही नहीं यहां पर देखो br2 है और h2 है आयन

110:29

कुछ भी नहीं है तो सॉलिड वगैरह का तो

110:32

कंसंट्रेशन यूनिट ही होता है तो न्यूमरेशन

110:34

में वन होगा डिनॉमिनेटर पे h+ भी है और

110:37

डिनॉमिनेटर में ब - भी है और दोनों के साथ

110:41

टू कफिट भी है तो यानी कि इनका होल

110:43

स्क्वायर हो जाएगा ठीक है अब देखो h+ का

110:45

कंसंट्रेशन दिया हुआ है

110:48

0.03 ब माइन का कंसंट्रेशन दिया हुआ है

110:51

0.1

110:53

1010 तो यह वाली वैल्यूज डाल के और इसे

110:56

कैलकुलेट कर लो तो आंसर आ जाएगा - 1.29

111:00

वोल्ट आई होप कि आप ये कैलकुलेशन खुद से

111:01

कर लोगे कैलकुलेशन में क्या है कुछ खास तो

111:03

है नहीं मेन क्या चीज इंपॉर्टेंट है

111:06

अप्रोच कि क्वेश्चन को अप्रोच कैसे करना

111:08

है ठीक है वो तो आई एम प्रिटी श्यर ये दो

111:10

एग्जांपल से समझ में आ ही गया होगा बहुत

111:12

बढ़िया आगे बढ़ते हैं देखते हैं क्वेश्चन

111:15

नंबर टू यूजिंग स्टैंडर्ड इलेक्ट्रोड

111:17

पोटेंशियल्स प्रेडिक्शन बिटवीन द फॉलोइंग

111:20

इज फीजिबल तुम्हें बताना है कि ये रिएक्शन

111:22

फीजिबल है भी कि नहीं ठीक है तो रिएक्शन

111:25

की फीजिबिलिटी हम किस बेसिस पर बताते हैं

111:28

कोई भी रिएक्शन अगर हमारे पास एक रिएक्शन

111:31

है और अगर वो रिएक्शन फीजिबल है इसका मतलब

111:36

है कि उसका जो डेल्टा g न है यानी कि

111:38

गिव्स फ्री एनर्जी जो है दैट इज लेस दन

111:41

जीरो तभी क्या होता है वो स्पॉन्टेनियस

111:43

रिएक्शन होता है डेल्टा जीी को हम क्या

111:45

लिख सकते हैं माइनस n ए न सेल सो दिस इज

111:49

लेस दन जीरो ठीक है इसका मतलब

111:53

इस पूरे को जीरो से लेस होने के लिए e नो

111:56

सेल को पॉजिटिव होना पड़ेगा तभी तो यह

111:58

पूरा नेगेटिव ही रहेगा सो दैट मींस e नो

112:01

सेल शुड बी ग्रेटर दन

112:03

0 ठीक है तो ये कंडीशन है कोई भी रिएक्शन

112:07

फीजिबल है कि नहीं यह बताने के लिए मुझे e

112:09

नो सेल की वैल्यू निकालनी पड़ेगी ठीक है

112:12

अब चलो फर्स्ट क्वेश्चन देखते हैं तो देखो

112:15

फर्स्ट क्वेश्चन में मेरे पास क्या-क्या

112:17

दिया हुआ है मेरे पास दिया हुआ है fe3 प

112:20

और i माइन ठीक है अब देखो fe3 प है मतलब

112:24

इसमें ऑलरेडी पॉजिटिव चार्ज है तो ये क्या

112:26

करने की इसकी पॉसिबिलिटी है ये इलेक्ट्रॉन

112:29

गेन कर सकता है गेन ऑफ इलेक्ट्रॉन मतलब यह

112:32

क्या होगा ये रिडक्शन अंडरगो करेगा ठीक है

112:36

इलेक्ट्रॉन गेन कर सकता है ये क्योंकि

112:39

सबको तो स्टेबल होना है ये ऑलरेडी 3 प्लस

112:41

है और इलेक्ट्रॉन लूज कर देगा तो इसका

112:43

पॉजिटिव चार्ज और बढ़ जाएगा तो ये ऐसा कुछ

112:45

तो करेगा नहीं इधर i माइनस है ठीक है तो i

112:48

माइनस है मतलब इसके पास एक्सेस में

112:50

इलेक्ट्रॉन है तो ये अमीर आदमी है ये

112:52

इलेक्ट्रॉन देना चाहेगा तो इसका टेंडेंसी

112:54

क्या रहेगा टू लूज इलेक्ट्रॉन इलेक्ट्रॉन

112:57

लूज करेगा तो यहां पर क्या हो रहा होगा

112:59

यहां पर हो रहा होगा

113:02

ऑक्सीडेशन ठीक है बात समझ में आ गई ओके अब

113:05

जो है हम इस टेबल को रेफर करेंगे ठीक है

113:08

टेबल को रेफर करके हम देखेंगे कि इन दोनों

113:11

के जो इलेक्ट्रोड पोटेंशियल्स हैं उनकी

113:14

वैल्यूज क्या है तभी तो हम e न सेल की

113:16

वैल्यू निकाल सकते हैं राइट तो यहां से

113:19

मुझे ये समझ में आया कि अगर fe3 प जो है

113:22

ये अगर इलेक्ट्रॉन को गेन करता है तो यह

113:24

क्या बना देगा fe2 प् आ माइनस की अगर बात

113:28

करें यह अगर इलेक्ट्रॉन को लूज करता है तो

113:31

यह क्या बना देगा

113:33

i2 ठीक है अब इन दोनों ही केस में e नो की

113:38

वैल्यू क्या

113:40

होगी वो मुझे यह टेबल बताएगा तो चलो टेबल

113:43

में देखो यहां पर है fe3

113:46

प ठीक है तो fe3 प की वैल्यू कितनी है

113:50

0.77

113:55

आ माइनस की अगर हम बात करें तो इसकी

113:58

वैल्यू है

114:00

0.54 ठीक है तो अब यहां पर मैं e नॉ सेल

114:04

की वैल्यू निकाल सकती हूं नो सेल क्या

114:06

होता है e नॉ कैथोड माइनस e न

114:12

एनोड कैथोड कौन होगा जहां पर रिडक्शन हो

114:15

रहा है यानी कि यह वाला यह हो जाएगा

114:19

कैथोड और यह हो जाएगा एनोड

114:23

ठीक है तो ये हो जाएगा e नॉ कैथोड दैट इज

114:27

0.77 -

114:29

0.54 तो ये वैल्यू कितनी आ जाएगी

114:32

0.23 तो नो सेल की वैल्यू क्या आ गई है

114:35

पॉजिटिव यानी कि ये कंडीशन सेटिस्फाई हो

114:38

गई है इसका मतलब यह वाला जो रिएक्शन है

114:41

दिस इज

114:43

फीजिबल समझ आई बात हमने क्या किया अप्रोच

114:46

समझ में आया कि नहीं दैट इज मोर

114:48

इंपोर्टेंट ठीक है अप्रोच समझ में आ गया

114:50

बहुत बढ़िया देखते हैं प्रॉब्लम नंबर थ्री

114:53

तो क्वेश्चन कहता है कि कैलकुलेट

114:55

स्टैंडर्ड सेल पोटेंशियल्स ऑफ गलवानिक सेल

114:57

इन व्हिच फॉलोइंग रिएक्शंस टेक प्लेस

115:00

कैलकुलेट डेल्टा जीी एंड इक्विलियम

115:02

कांस्टेंट ऑफ द रिएक्शन ठीक है सबसे पहला

115:05

काम क्या करना होगा इस रिएक्शन को देख

115:07

केयह पता करना होगा कि ऑक्सीडेशन कहां पर

115:10

हो रहा है और रिडक्शन कहां पर हो रहा है

115:12

ठीक है अगर हम क्रोमियम की बात करें तो

115:14

देखो क्रोमियम स से क्या बन जा रहा है स

115:18

से यह बन जा रहा है cr3

115:21

प 3 प् बन जा रहा है यानी कि यह तीन

115:24

इलेक्ट्रॉन लूज़ कर रहा है लॉस ऑफ

115:26

इलेक्ट्रॉन मतलब यहां पर क्या हो रहा है

115:29

ऑक्सीडेशन ठीक है ऑक्सीडेशन कहां पर होता

115:32

है एनोड में तो इसके e न एनोड की वैल्यू

115:36

नोट कर लेंगे हम तो इसके e न अगेन वही

115:39

टेबल को ही फॉलो करेंगे और टेबल से हम

115:41

देखेंगे कि इसके e न एनोड की वैल्यू है -

115:46

0.74

115:48

वोल्ट ठीक है अब बात करते हैं कैडमियम की

115:51

कैडमियम 2 प्स से चला जा रहा है कैडमियम

115:55

पे ठीक है यानी कि ये क्या कर रहा है

115:57

इलेक्ट्रॉन गेन कर रहा है यानी कि यहां पर

116:00

क्या हो रहा है रिडक्शन रिडक्शन होता है

116:02

कैथोड पे तो इसका भी e नॉट कैथोड हम देख

116:06

लेंगे टेबल में से और इसकी वैल्यू देखते

116:08

हैं हम कितनी है -

116:11

0.40 वोल्ट्स ठीक है ये तो अब पिछले

116:15

क्वेश्चन में भी ऐसा ही कर रहे थे तो ये

116:17

समझने में मुझे नहीं लगता किसी को कोई

116:18

दिक्कत है ये क्लियर है यहां तक बहुत सही

116:22

अब मुझे क्या करना है अब मुझे इसका डेल्टा

116:26

जीी निकालना है डेल्टा जीी निकालने के लिए

116:29

मुझे e सेल की वैल्यू निकालनी पड़ेगी राइट

116:33

तो सबसे पहले मैं क्या करूंगी e नॉ सेल की

116:36

वैल्यू निकालू जो कि होता है e नॉ

116:40

कैथोड माइनस e नॉ

116:45

एनोड तो ये हो जाएगा -

116:48

0.40 माइन - 0.7 4 तो ये हो जाएगा

116:54

0.34 वोल्ट्स ये तो e न सेल निकल गया अब

116:58

हम डेल्टा g न निकाल सकते हैं व्हिच विल

117:01

बी इक्वल टू - n न

117:05

सेल ठीक है अब यहां पर n क्या होगा नंबर

117:09

ऑफ इलेक्ट्रॉन कितने होंगे दो होंगे क्या

117:11

n की वैल्यू अभी तक हमने जितने क्वेश्चन

117:13

किए सब जगह दो था बट यहां दो नहीं है

117:16

कैडमियम में फोकस करो देखो थ्री और यहां

117:19

पे 2 प्लस यानी कि सिक्स इलेक्ट्रॉन की

117:22

बात कर रहे हैं हम यहां पर राइट सिक्स

117:25

इलेक्ट्रॉन का यहां पर क्या हो रहा है गेन

117:29

हो रहा है राइट तो यानी कि n की वैल्यू

117:33

यहां पर सिक्स हो जाएगी तो 6 * f की

117:36

वैल्यू फैराडे कांस्टेंट 9

117:38

6487 * e न सेल दैट इज

117:41

0.34 तो इसका वैल्यू आ जाएगा

117:44

-196 7 कि जूल पर

117:49

मोल ठीक है ये डेल्टा g न की वैल्यू निकल

117:52

गई तो चलो कुछ तो निकल गया डेल्टा g न

117:54

निकल गया अब मुझे निकालना है इक्विलियम

117:57

कांस्टेंट ठीक है इक्विलियम कांस्टेंट

118:00

बोले तो केसी कैसे निकालते हैं हम मुझे

118:03

पता है कि एट इक्विलियम e सेल की वैल्यू

118:07

हो जाती है रो इसीलिए नं इक्वेशन में e नॉ

118:11

सेल जो है ये किसके बराबर हो जाता है

118:14

2.303 आटी डिवाइड बा

118:22

इक्विलियम कांस्टेंट डिस्कस किया था ठीक

118:24

है अब यहां पर यह सब कुछ कांस्टेंट है तो

118:27

इसकी डायरेक्ट वैल्यू भी हम डाल सकते हैं

118:29

चाहे

118:30

तो ठीक है लेकिन अभी चाहे तो ना भी डाले

118:33

क्यों अभी बताती हूं देखो नॉ सेल को हम

118:36

क्या लिख सकते हैं इस वाले एक्सप्रेशन को

118:38

देखो और इस एक्सप्रेशन से हम e नो सेल की

118:41

जगह क्या लिख सकते हैं डेल्टा जीी न

118:44

डिवाइडेड बाय

118:46

n माइनस भी रहेगा सो दिस इज इक्वल टू

118:53

2.303 आटी डिवाइड बाय nfc.gov.in

119:22

e न सेल की वैल्यू भी हमने निकाल रखी थी

119:24

तो डायरेक्ट e नट सेल की वैल्यू डाल दो ये

119:26

सारी चीजें कांस्टेंट है तो

119:29

kc4 की वैल्यू निकाल लोगे जो कि एंटीलॉग

119:33

में आएगा क्योंकि लॉग ऑफ

119:36

kc4 आपका आएगा 34.4 196 मैं पूरे

119:40

कैलकुलेशन नहीं कर रही हूं बच्चों क्योंकि

119:42

फिर उससे बहुत सारा टाइम वेस्ट हो जाएगा

119:44

तो kc4 हो जाएगा एंटीलॉग ऑफ

119:49

34.4 196 अब ये सारी वैल्यूज एग्जैक्ट

119:53

वैल्यूज निकालने के लिए आपको लॉग टेबल

119:55

देखनी आनी चाहिए अगर आपको कंफ्यूजन है

119:58

उसमें तो एक मैंने वीडियो बनाया हुआ है

120:00

हाउ टू रीड अ लॉग टेबल लर्न हब चैनल पे तो

120:03

जाके आप उस वीडियो को भी देख सकते हो ठीक

120:05

है चलो आगे बढ़े तो बच्चों अब हम डिस्कस

120:08

करने वाले हैं एक नया टॉपिक व्हिच इज

120:10

कंडक्टेंस ऑफ इलेक्ट्रोलिटिक सॉल्यूशंस तो

120:13

अब हम इलेक्ट्रोलिटिक सॉल्यूशंस के

120:15

कंडक्टेंस के बारे में डिस्कस करेंगे इसको

120:17

समझने के लिए कंडक्टेंस का बेसिक्स क्लियर

120:20

करना पड़ेगा कंडक्ट केंस वर्ड का मतलब

120:22

होता है एबिलिटी टू कंडक्ट कितना हम करंट

120:26

कंडक्ट कर सकते हैं दैट इज़ कंडक्टेंस अगर

120:28

आप सबको रेजिस्टेंस पता है रेजिस्टेंस तो

120:31

हम फिजिक्स में जम के पढ़ते हैं राइट तो

120:33

रेजिस्टेंस पता ही होगा तो रेजिस्टेंस

120:35

मतलब जो रेजिस्ट करता है करंट को फ्लो

120:38

करने से रोकता है दैट इज रेजिस्टेंट

120:40

कंडक्टेंस मतलब जो करंट को फ्लो करवाता है

120:43

तो एक तरह से आप कह सकते हो कि कंडक्टेंस

120:46

जो है वो रेजिस्टेंस का ही अपोजिट है ठीक

120:49

है तो चलो समझते हैं कंडक्टेंस तो

120:52

कंडक्टेंस को हम रेजिस्टेंस के साथ-साथ

120:54

समझते चलेंगे तो और आसानी होगी हम सभी को

120:57

पता है कि रेजिस्टेंस क्या होता है जो

120:59

करंट के फ्लो को अपोज करें जो करंट के

121:02

फ्लो को रोकने की कोशिश करें दैट इज़

121:04

रेजिस्टेंस इन एनी इलेक्ट्रिकल सर्किट

121:07

रेजिस्टेंस को हम डिनोट करते हैंप r से

121:09

इसे हम मेजर करते हैं ओम्स से और अगर हम

121:13

इसके रिलेशनशिप की बात करें तो हम देखते

121:15

हैं कि रेजिस्टेंस जो है वह हमेशा

121:17

डायरेक्टली प्रोपोर्शनल होता है लेंथ ऑफ़

121:19

द कंडक्टर से एंड इन्वर्सली प्रोपोर्शनल

121:21

होता होता है एरिया से इनफैक्ट हमारे पास

121:23

एक मैथमेटिकल रिलेशन होता है r = रो l / a

121:27

जहां पर रो क्या होता है रेजिस्टिविटीज

121:30

स्पेसिफिक रेजिस्टेंस भी कहा जाता था ठीक

121:33

है अब ठीक इन्हीं लाइंस पे हम डिस्कस करने

121:36

वाले हैं कंडक्टेंस ठीक है क्योंकि हर चीज

121:39

में देखते रहना कंडक्टेंस बस इसका उल्टा

121:41

है कंडक्टेंस क्या है एबिलिटी टू कंडक्ट

121:44

मतलब ये रोकेगा नहीं करंट को यह तो बल्कि

121:46

चाहेगा कि करंट और फ्लो करें सो दैट इज

121:49

कंडक्टेंस तो कंडक्टेंस इज इवर्स ऑफ

121:52

रेजिस्टेंस इन रेजिस्टेंस का जस्ट उल्टा

121:55

है ठीक है तो इसे हम डिनोट करते हैं

121:57

कैपिटल g से तो हम कह सकते हैं कि g = 1 /

122:03

r ठीक है यानी कि रेजिस्टेंस का इवर्स

122:06

यूनिट क्या है कंडक्टेंस का वो भी हम

122:09

इवर्स ही कर देते हैं ठीक है तो जैसे

122:11

रेजिस्टेंस को हम ओम से मेजर करते हैं इसे

122:14

हम मेजर करते हैं ओम इवर्स जिसे कई बार हम

122:17

मोह भी पढ़ते हैं यानी कि m मतलब यूनिट को

122:21

ही पलट के लिख दिया हमने इसका एक और

122:24

अल्टरनेटिव यूनिट है व्हिच इज़ साइमंस

122:26

जिसे हम कैपिटल s से डिनोट करते हैं अब

122:29

बारी है इसके मैथमेटिकल एक्सप्रेशन की तो

122:32

मैथमेटिकली अगर हम देखें तो g दैट इज़

122:34

कंडक्टेंस इज इक्वल ट 1 / r उसे हम लिख

122:37

सकते हैं 1 / रो a / l ठीक है तो 1 / रो

122:41

जो है यानी कि रेजिस्टिविटीज इवर्स है उसे

122:45

हमने एक नया टर्म दे दिया कंडक्टिविटी तो

122:48

1 बा रो को हम डिनोट करते हैं एक नए लेट

122:52

से जिसे हम कहते हैं कप्पा कंडक्टिविटी के

122:54

बेसिस पे हम सब्सटेंसस को तीन कैटेगरी में

122:57

क्लासिफाई कर सकते हैं कंडक्टर्स

122:59

इंसुलेटर्स एंड सेमीकंडक्टर्स कंडक्टर्स

123:02

वो होते हैं जिनकी कंडक्टिविटी बहुत हाई

123:05

होती है जैसे कि मेटल्स और उनके एलॉयज

123:08

इंसुलेटर्स वो होते हैं जिनकी कंडक्टिविटी

123:10

बहुत कम होती है वेरी लो कंडक्टिविटी जैसे

123:13

कि ग्लास सेरेमिक्स और सेमीकंडक्टर्स नाम

123:16

से ही पता चल रहा है कि वो सेमीकंडक्टर

123:19

होते हैं यानी कि उनकी जो कंडक्टिविटी की

123:21

वैल्यू है वो कहीं ना कहीं कंडक्टर्स और

123:24

इंसुलेटर्स के इंटरमीडिएट रेंज में लाई

123:26

करती हैं जैसे कि सिलिकन तो अभी बच्चों हम

123:30

थोड़ा डिटेल में समझेंगे कि मेटल्स में

123:32

कंडक्टेंस कैसे होता है बेसिकली वी विल

123:34

टॉक अबाउट मेटलिक कंडक्टेंस मेटलिक

123:37

कंडक्टेंस की अगर हम बात करें तो यह

123:40

कंडक्टेंस होता क्यों है क्योंकि मेटल्स

123:42

के पास ऐसे चार्ज कैरियर्स होते हैं जो

123:46

इधर से उधर भाग सके और कौन होते हैं वो

123:48

मेटल्स के अंदर मेटल्स के अंदर वो होते

123:51

हैं वैलेंस इलेक्ट्रॉन मतलब जो इलेक्ट्रॉन

123:53

सबसे आउटर मोस्ट वाली शेल में है जो जिसको

123:56

न्यूक्लियस ने कस के पकड़ा हुआ नहीं है

123:58

उसे ज्यादा फ्रीडम है तो वो इधर-उधर भागते

124:01

रहता है ठीक है अब मान लो अगर मैं एक कॉपर

124:04

की चीज की बात करूं मतलब मेरे पास कोई कुछ

124:06

भी सामान है एक कॉपर का ठीक है अब उसके

124:09

अंदर एक कॉपर का एटम तो होगा नहीं बहुत

124:11

सारे ढेर सारे कॉपर के एटम्स होंगे अब इन

124:13

ढेर सारे एटम्स में ढेर सारे वैलेंस

124:16

इलेक्ट्रॉन होंगे हर एक एटम में उसके

124:18

वैलेंस इलेक्ट्रॉन होंगे और ये जो वैलेंस

124:20

इलेक्ट्रॉन हैं ये लूजली हेल्ड है इसीलिए

124:23

यह क्या होंगे यह मूव करते रहेंगे दे आर

124:25

फ्री टू मूव और अगर आप स्क्रीन पर ब बड़े

124:28

ध्यान से देखो तो आप देखो कि ये किस तरीके

124:31

से मल्टीपल एटम्स के ऊपर से ये जो वैलेंस

124:34

इलेक्ट्रॉन हैं ये किस तरह से इनकी

124:35

मूवमेंट चलती रहती है एंड ओवरऑल हमें ऐसी

124:38

फीलिंग आ रही है कि लेफ्ट से राइट की तरफ

124:40

जो है हमारे इलेक्ट्रॉन मूव करते चले जा

124:43

रहे हैं एंड दिस फ्लो ऑफ इलेक्ट्रॉन

124:45

कॉन्स्टिट्यूशन इलेक्ट्रिक करंट और यहीं

124:48

से कंडक्टिविटी की बात होती है यहीं से

124:50

कंडक्टेंस की बात होती है राइट तो मेटलिक

124:53

कंडक्टेंस जो है ये कई सारे फैक्टर्स पे

124:56

डिपेंड करते हैं जैसे कि नेचर ऑफ द मेटल

124:59

स्ट्रक्चर ऑफ द मेटल कि भाई वो मेटल कैसा

125:01

है उसका स्ट्रक्चर कैसा है नंबर ऑफ वैलेंस

125:04

इलेक्ट्रॉन पर एटम जैसे अगर मैं कॉपर की

125:07

बात कर तो कॉपर में कितने वैलेंस

125:09

इलेक्ट्रॉन हैं तीसरा टेंपरेचर जैसे-जैसे

125:12

टेंपरेचर चेंज होता है वैसे-वैसे मेटलिक

125:15

कंडक्टेंस भी चेंज होता है कैसे चलो देखें

125:18

तो बच्चों हम देखते हैं कि मेटलिक

125:19

कंडक्टेंस जो है इट क्रीजस विथ इंक्रीज इन

125:22

टेंपरेचर जैसे-जैसे हम टेंपरेचर बढ़ाते

125:25

हैं मेटल की जो कंडक्टेंस होती है वह कम

125:28

होती जाती है ऐसा क्यों ऐसा इसलिए क्योंकि

125:31

लेट्स टॉक अबाउट रूम टेंपरेचर मतलब मान लो

125:33

अभी मैंने टेंपरेचर नहीं बढ़ाया तो क्या

125:36

कंडीशन है मेटल के अंदर मेटल के अंदर कुछ

125:39

ऐसा हो रहा है कि जो वैलेंस इलेक्ट्रॉन

125:40

हैं वो मूव कर रहे हैं एंड दे आर काइंड ऑफ

125:43

मूविंग इन अ पर्टिकुलर डायरेक्शन एंड

125:47

दैट्ची है अब क्या किया मैंने इसे हीट कर

125:50

दिया टेंपरेचर बढ़ा दिया बढ़ा दिया बढ़ा

125:53

दिया और बढ़ा दिया तो क्या होगा अब जो

125:55

एटम्स हैं राइट आई एम टॉकिंग अबाउट एटम्स

125:58

अभी तक क्या हो रहा था कि एटम्स सब

126:00

करीब-करीब अपनी जगह पर ही थे हल्का-फुल्का

126:02

मूव कर रहे थे लेकिन जैसे ही हम हीट करने

126:05

लगते हैं तो जो एटम्स है ना वो खुद ही

126:08

बहुत रैंडम मूव करने लग जाते हैं तो एटम्स

126:11

खुद ही रैंडम मूव कर रहे हैं तो सोच के

126:13

देखो अब इन एटम्स के जो वैलेंस इलेक्ट्रॉन

126:15

हैं जब वो मूव करने लग रहे हैं तो यार

126:18

इतनी हैफ जर्ड मूवमेंट एटम्स की है ना कि

126:20

वो इलेक्ट ॉन्स कहीं ना कहीं अंदर ही फंसे

126:23

रह जा रहे हैं तो बेसिकली इस केस में हम

126:27

ऐसा नहीं नोटिस कर रहे कि इलेक्ट्रॉन एक

126:29

तरफ से दूसरी तरफ मूव कर रहा है वैसा

126:31

पॉसिबल ही नहीं हो पा रहा है राइट एंड दैट

126:33

इज व्हाई कंडक्टेंस जो है टेंपरेचर के

126:36

बढ़ने से डिक्रीज हो जा रही है तो बच्चों

126:38

अब हम बात करेंगे इलेक्ट्रोलिटिक

126:40

कंडक्टेंस के बारे में ठीक है मेटलिक

126:42

कंडक्टेंस समझ में आ गया कि मेटल्स में

126:44

कैसे होता है कंडक्टेंस अब हम देखेंगे

126:46

इलेक्ट्रोलिटिक कंडक्टेंस बोले तो

126:49

कंडक्टेंस ऑफ इलेक्ट्रिसिटी जहां पर

126:51

कंडक्ट कौन करता है इलेक्ट्रोलाइट या फिर

126:55

आयस सॉल्यूशन के जो आयस हैं वो जब

126:58

इलेक्ट्रिसिटी को कंडक्ट करते हैं तब हम

127:00

उसे कहते हैं इलेक्ट्रोलिटिक कंडक्टेंस तो

127:03

इलेक्ट्रोलिटिक जो है ये इलेक्ट्रोलाइट

127:05

वर्ड से आया है ठीक है तो इसको समझने के

127:08

लिए एक बहुत ही सिंपल साधारण सा एग्जांपल

127:10

लेते हैं पानी का वाटर वाटर में क्या होता

127:13

है h2o इसमें h+ oh-my-zsh

127:21

ठीक है मतलब ये अपने से करंट जो है वो

127:24

बहुत कम पास करती है ठीक है लेकिन जैसे ही

127:28

इसी वाटर में हम कोई इलेक्ट्रोलाइट ऐड कर

127:32

देते हैं जैसे कि सॉल्ट मान लो

127:51

यानी कि

127:53

नमक तो चलो डाल देते हैं इसके अंदर खूब

127:57

सारा

127:58

सॉल्ट और आप जो है अपना ध्यान देते रहना

128:01

बल्ब के ऊपर क्योंकि सॉल्ट के डालते ही

128:04

कुछ मैजिक होने वाला है बल्ब के लाइट की

128:07

इंटेंसिटी पर तो देखो मैं इसे स्टेयर कर

128:09

रही हूं सॉल्ट को पानी के अंदर और आप देखो

128:13

कि जो बल्ब की इंटेंसिटी है ये बहुत

128:15

ज्यादा बढ़ गई है लाइट की इंटेंसिटी बहुत

128:17

बढ़ गई है ये बहुत तेजी से जल रहा है बल्ब

128:21

राइट

128:22

तो इसका क्या मतलब हुआ इसका यह मतलब हुआ

128:25

कि सॉल्ट जो है वाटर में मिलकर यह

128:28

इलेक्ट्रिसिटी को कंडक्ट कर रहा है एंड

128:30

एगजैक्टली यही फैराडे जी ने भी कहा था

128:33

उन्होंने कहा था कि कुछ सब्सटेंसस ऐसे

128:35

होते हैं जो अपने एक्वास सॉल्यूशन में

128:37

इलेक्ट्रिसिटी कंडक्ट करते हैं और उन्हें

128:39

हम कहते हैं इलेक्ट्रोलाइट सो दिस

128:41

एक्सपेरिमेंट शोज दैट सॉल्ट इज एन

128:43

इलेक्ट्रोलाइट तो हमने यहां पर क्या देखा

128:46

हमने यहां पर देखा कि सॉल्ट ऐड करते ही

128:49

कंडक्टिविटी बढ़ गई राइट तो इस तरह के

128:52

कंडक्टेंस को हम कहते हैं इलेक्ट्रोलिटिक

128:54

कंडक्टेंस और इलेक्ट्रोलिटिक कंडक्टेंस भी

128:56

बहुत सारे फैक्टर्स पर डिपेंड करते हैं

128:58

जैसे कि नेचर ऑफ द इलेक्ट्रोलाइट जो हमने

129:01

ऐड किया जैसे यहां पर हमने सॉल्ट ऐड किया

129:03

तो उसका क्या नेचर है नेचर ऑफ द सॉल्वेंट

129:06

यहां पर सॉल्वेंट वाटर था तो उसका कैसा

129:09

नेचर है साइज ऑफ द आयस अब जैसे अगर सॉल्ट

129:12

ऐड किया तो

129:21

हो जाते हैं उसपे भी डिपेंड करेगा

129:23

कंसंट्रेशन ऑफ द इलेक्ट्रोलाइट यानी कि उस

129:26

पूरे सॉल्यूशन में कितना सॉल्ट है बहुत कम

129:28

सॉल्ट है ज्यादा पानी है या बहुत ज्यादा

129:30

सॉल्ट है कम पानी है तो क्या कंसंट्रेशन

129:32

है एंड फाइनली टेंपरेचर तो बच्चों हमने

129:35

मेटलिक कंडक्टेंस और इलेक्ट्रोलिटिक

129:37

कंडक्टेंस दोनों पढ़ा तो चलो टाइम है एक

129:40

क्विक रीकैप और क्विक कंपैरिजन की अगर बात

129:43

करते हैं मेटलिक कंडक्टेंस की तो यहां पर

129:45

करंट कैरियर्स होते हैं इलेक्ट्रॉन और

129:47

वहीं अगर इलेक्ट्रोलिटिक कंडक्टेंस की बात

129:50

करें तो वहां पर करंट करियर्स होते हैं

129:52

आयस मेटलिक कंडक्टेंस हमें देखने को मिलता

129:56

है मेटल्स के केस में इलेक्ट्रोलिटिक

129:59

कंडक्टेंस देखने को मिलता है

130:00

इलेक्ट्रोलाइट्स के केस में मेटलिक

130:03

कंडक्टेंस की अगर बात करें तो टेंपरेचर के

130:06

साथ-साथ इनकी जो कंडक्टेंस है वोह कम होती

130:09

जाती है और वहीं अगर हम इलेक्ट्रोलिटिक

130:12

कंडक्टेंस की बात करें तो टेंपरेचर के

130:14

साथ-साथ यह इंक्रीज होती जाती है मेटलिक

130:17

कंडक्टेंस की बात करें तो इनकी

130:19

कंडक्टिविटी काफी हाई होती है और वहीं

130:21

दूसरी तरफ इलेक्ट्रोलिटिक कंडक्टेंस के

130:24

केस में कंडक्टिविटी कंपैरेटिव काफी लो

130:27

होती है अब एक बहुत अहम सवाल कि किसी भी

130:29

आयोनिक सॉल्यूशन का कंडक्टिविटी हम मेजर

130:33

कैसे करें कैसे मेजर करें हम उस सॉल्यूशन

130:35

का कंडक्टिविटी अब देखो इतनी देर में हमें

130:38

इतना तो समझ आ गया कि कंडक्टिविटी

130:40

कंडक्टेंस रेजिस्टेंस ये सारे लिंक्ड

130:42

चीजें हैं इनमें से किसी एक की भी वैल्यू

130:44

अगर हम मेजर कर लेते हैं तो बाकी वैल्यूज

130:47

हम अपने आप डिटरमाइंड कर सकते हैं बट सवाल

130:49

वही है कि इनमें से कुछ भी हम मेजर करें

130:52

तो कैसे करें क्योंकि हमारे सामने दो बहुत

130:55

बड़ी प्रॉब्लम्स हमें दिखती हैं क्या मान

130:58

लो अगर मैं रेजिस्टेंस कैलकुलेट करना

131:00

चाहूं जैसा कि हमने फिजिक्स में पढ़ा है

131:02

राइट रेजिस्टेंस हम सर्किट्स की कैसे

131:04

कैलकुलेट कर सकते हैं बहुत सारे तरीके हैं

131:07

जैसे कि वट स्टोन ब्रिज एक तरीका है अभी

131:09

हम वट स्टोन ब्रिज के डिटेल में नहीं

131:11

जाएंगे क्योंकि वो हमने फिजिक्स में

131:12

ऑलरेडी पढ़ रखा है बट यहां पर प्रॉब्लम

131:15

क्या आती है पहली प्रॉब्लम तो यह आती है

131:18

कि चूंकि यहां पर हम सॉल्यूशन के साथ डील

131:20

कर रहे हैं हैं राइट तो हम डायरेक्ट करंट

131:23

उसमें से पास नहीं कर सकते क्योंकि हम

131:25

डीसी अगर पास करेंगे तो सॉल्यूशन का

131:27

कंपोजीशन ही चेंज हो जाएगा राइट तो इस

131:30

प्रॉब्लम का तो चलो एक सॉल्यूशन ये निकल

131:32

आता है कि डीसी के बदले में हम यहां पर

131:34

अल्टरनेटिंग करंट यानी कि एसी का यूज करते

131:37

हैं चलो एक प्रॉब्लम सॉल्व हुआ दूसरी

131:39

प्रॉब्लम ये है कि चूंकि हम यहां पर

131:41

सॉल्यूशन के साथ डील कर रहे हैं तो यार

131:44

तार लगा के ऐसे सर्किट कैसे बनाए वो तो

131:46

बना नहीं सकते क्योंकि ये सॉल्यूशन है है

131:48

ना तो क्या करें तो यहां पर हम यूज़ करते

131:51

हैं एक स्पेशली डिजाइंड वेसल जिसको हम

131:54

कहते हैं कंडक्टिविटी सेल तो चलो

131:57

कंडक्टिविटी सेल को थोड़ा और डिटेल में

131:59

समझते हैं तो कंडक्टिविटी सेल के अंदर हम

132:01

डाल देते हैं दो प्लैटिनम के इलेक्ट्रोड्स

132:04

जिनको हम प्लैटिनम बैक ब्लैक से कोटिंग कर

132:07

देते हैं इन दोनों इलेक्ट्रोड्स को हम कुछ

132:09

इस तरीके से अरेंज करते हैं कि इन दोनों

132:11

के बीच का डिस्टेंस होता है l और इन दोनों

132:14

का क्रॉस सेक्शनल एरिया होता है a ठीक है

132:17

तो अब जो इस सेल के अंदर जो सॉल्यूशन है

132:20

वो सॉल्यूशन इन दो दोनों इलेक्ट्रोड्स के

132:22

बीच वाले जगह में ही कन्फाइंड रहता है

132:24

मतलब मान लो यह दो इलेक्ट्रोड्स हैं तो

132:26

इनके बीच का जो जगह है इतने से जगह में वो

132:28

मेरा पूरा सॉल्यूशन रहेगा ठीक है तो अब

132:32

अगर मान लो इस सेटअप के साथ मैं आपको

132:34

पूछती हूं कि ये जो पूरा सेटअप है ये कैसा

132:37

दिख रहा है एक ऐसे सिलेंडर कल ट्यूब के

132:39

जैसा दिख रहा है जिसकी लेंथ है l और जिसका

132:42

क्रॉस सेक्शनल एरिया है a तो इसका अगर इस

132:45

कॉलम का अगर मुझे रेजिस्टेंस निकालना हो

132:48

तो कैसे निकलेगा r = रो l पता है हमें ठीक

132:52

है अब मेरा एम क्या है इस सॉल्यूशन का

132:55

कंडक्टिविटी निकालना तो इसको कंडक्टिविटी

132:58

के फॉर्म में कैसे लिख सकते हैं

132:59

कंडक्टिविटी क्या होता है वन बाय

133:01

रेजिस्टिविटीज

133:09

बा ए है यानी कि इन दोनों इलेक्ट्रोड्स के

133:13

बीच का लेंथ और इनका क्रॉस सेक्शन ये जो

133:15

रेशियो है इसको हम कहते हैं सेल कांस्टेंट

133:19

मतलब कंडक्टिविटी सेल के अंदर यह a / l का

133:22

जो रेशियो है यह कांस्टेंट मेंटेन रहता है

133:25

इसीलिए इसको हमने एक अलग नाम दे दिया है

133:27

सेल कांस्टेंट तो फाइनली एक बार ये

133:30

कंडक्टिविटी सेल का कांसेप्ट आ जाने से अब

133:33

हम व्ट स्टोन ब्रिज का कांसेप्ट लगा के

133:36

इसका रेजिस्टेंस आराम से निकाल सकते हैं

133:38

इनफैक्ट और वहीं से हम इस आयोनिक सॉल्यूशन

133:41

की कंडक्टिविटी भी निकाल सकते हैं तो वट

133:43

स्टोन ब्रिज आई होप सबको पता है क्या होता

133:45

है r1 / r2 = r3 / r4 फिजिक्स में यार

133:49

बहुत बार ी पढ़ा है तो अगर याद नहीं है तो

133:52

आई थिंक यू कैन रेफर द फिजिक्स वीडियोस

133:54

ठीक है तो यहां पर हमारा मुद्दा कुछ और है

133:57

अब कंडक्टिविटी ऑफ आयोनिक सॉल्यूशन हमने

133:59

निकाल लिया इस तरीके से बट उसको ज्यादा

134:03

इफेक्टिव बनाने के लिए हमने एक नया टर्म

134:06

इंट्रोड्यूस किया यहां पर जिसे हम कहते

134:08

हैं मोलर

134:10

कंडक्टिविटी तो बच्चों सबसे पहला जो सवाल

134:13

हमारे दिमाग में आता है कि मोलर

134:15

कंडक्टिविटी को इंट्रोड्यूस कराने की

134:17

जरूरत क्यों पड़ी कंडक्टिविटी तो था ही

134:20

हमारे पास क्या वह काफी नहीं था व इसलिए

134:23

जरूरत पड़ी क्योंकि जो कंडक्टिविटी है

134:25

हमने क्या नोटिस किया कि कंडक्टिविटी ऑफ

134:27

सॉल्यूशंस ऑफ डिफरेंट इलेक्ट्रोलाइट्स इन

134:30

द सेम सॉल्वेंट एट अ गिवन टेंपरेचर डिफर

134:33

करता था क्यों क्योंकि आयस के जो चार्ज है

134:36

वो अलग है उनके साइज अलग हैं आयस के

134:38

कंसंट्रेशन अलग हैं कितनी आसानी से आयस

134:42

मूव कर पा रहे हैं वो भी अलग है तो इन

134:44

सारी चीजों की वजह से हम नोटिस कर रहे थे

134:47

कि इवन दो हम सेम सॉल्वेंट पे एक

134:49

पर्टिकुलर टेंपरेचर पे कंडक्ट टिविटी देख

134:51

रहे थे बट अलग-अलग सॉल्यूशंस की

134:53

कंडक्टिविटी अलग आ रही थी तो हमें लगा

134:56

मोलर कंडक्टिविटी विल बी अ गुड आईडिया ठीक

134:59

है सो मोलर कंडक्टिविटी को बच्चों हम

135:01

डिनोट करते हैं लडा ए से देखो ये लडा

135:03

थोड़ा अलग तरीके से लिखा हुआ है इसको ना

135:05

कैपिटल लडा हम कहते हैं ठीक है तो इसका

135:09

थोड़ा सा मैथमेटिकल एस्पेक्ट देखते हैं

135:12

ठीक है अभी तक हमने क्या देखा था कि

135:15

रेजिस्टेंस क्या होता है रो ए बा ए ये

135:18

सबको पता है ठीक है रेजिस्टेंस क्या होता

135:21

है वन बाय कंडक्टेंस कंडक्टेंस और

135:23

रेजिस्टेंस एक दूसरे के अपोजिट होते हैं

135:26

मतलब इवर्स होते हैं ठीक है तो इसको मैं

135:29

क्या लिख सकती हूं 1

135:32

अपज सो दिस कैन बी रिटन एस मैं इस रो के

135:35

जगह क्या लिख सकती हूं वन बाय कंडक्टिविटी

135:39

कंडक्टिविटी को कप्पा से डिनोट करते हैं

135:41

एल बा

135:42

ए ठीक है यहां तक कोई डाउट कोई डाउट नहीं

135:46

है अब चलो बात करते हैं कंडक्टिविटी की

135:49

अभी मैं किस कौन से कंडक्टिविटी की बात कर

135:51

रही हूं नॉर्मल कंडक्टिविटी जिसे हम कप्पा

135:54

से डिनोट करते हैं सो यह कप्पा क्या हो

135:56

जाएगा अगर यह रिलेशन को देखो सो कप्पा विल

136:00

बी इक्वल टू l डिवाइड बाय

136:04

आ यानी कि / r * l बा a अब ये लेंथ बाय

136:11

एरिया जो है ना लेंथ बिटवीन द

136:13

इलेक्ट्रोड्स और एरिया ऑफ क्रॉस सेक्शन ये

136:15

जो रेशियो है इट रिमेंस कांस्टेंट इसीलिए

136:18

हम इसे सेल कांस्टेंट भी कहते हैं सो दिस

136:21

बिकम इक्वल टू सेल कांस्टेंट डिवाइडेड बाय

136:24

r दैट इज

136:25

रेजिस्टेंस ठीक यह हो गया मेरा नॉर्मल

136:29

कंडक्टिविटी अब बात करते हैं मोलर

136:31

कंडक्टिविटी की जैसा कि मैंने मोला बोला

136:34

इसे हम लडा ए से डिनोट करते हैं इसे कैसे

136:37

डिफाइन करते हैं दिस इज कंडक्टिविटी पर

136:40

यूनिट कंसंट्रेशन मतलब मोलर कंडक्टिविटी

136:44

मतलब

136:44

कंडक्टिविटी फॉर वन मोलर सॉल्यूशन मतलब

136:48

सॉल्यूशन का जो कंसंट्रेशन है पर यूनिट

136:51

कंसंट्रेशन पे जब हम कंडक्टिविटी बताते

136:54

हैं तो उसे हम मोलर कंडक्टिविटी कहते हैं

136:57

ठीक है तो अगर कप्पा की बात करो यानी कि

136:59

कंडक्टिविटी की तो इसका यूनिट होता है

137:02

साइमन मीटर इवर्स कंसंट्रेशन की अगर हम

137:05

बात करें तो इसका यूनिट होता है मोल पर

137:09

मीटर क्यूब ठीक है कई बार ये कंसंट्रेशन

137:12

आपके क्वेश्चन में थोड़ा घुमा के दिया हुआ

137:14

रहता है जैसे फॉर एग्जांपल कंसंट्रेशन की

137:17

बात करें तो कई बार मोलेरिटी आ जाती है

137:19

पिक्चर में सो मोलर क्या होता है नंबर ऑफ

137:22

मोल्स पर यूनिट वॉल्यूम राइट बट मोलेरिटी

137:25

जब डिफाइन करते हैं तो हम वॉल्यूम को लीटर

137:27

में लेते हैं बट यहां पर जो c है ये मीटर

137:30

क्यूब में होता है ठीक है तो इसीलिए यह

137:33

बात ध्यान रखनी है कि ये मीटर क्यूब और

137:35

लीटर के कन्वर्जन के लिए एक 1000 का

137:38

फैक्टर आएगा ठीक है तो उस बात को ध्यान

137:41

में रखनी है तो बेसिकली ये 1 मोल पर मीटर

137:44

क्यूब को आप क्या लिख सकते हो मोलालिटी *

137:48

1000 लीटर पर मीटर क

137:54

ठीक है तो इस तरीके से हम मोलर

137:57

कंडक्टिविटी को पिक्चर में लेकर के आ गए

138:01

तो चलो कंडक्टिविटी के कांसेप्ट के ऊपर एक

138:04

क्वेश्चन देखते हैं इलेक्ट्रिकल

138:05

रेजिस्टेंस ऑफ अ कॉलम ऑफ

138:08

0.05 मोल पर लीटर एओ सॉल्यूशन ऑफ डायमीटर

138:12

1 सेमी एंड लेंथ 50 सेमी इज 5.55 * 10 टू

138:18

पावर 3 ओम्स ठीक है तो यहां पर क्या दिया

138:21

हुआ है रेजिस्टेंस की वैल्यू दी हुई है

138:23

लेंथ की वैल्यू दी हुई है डायमीटर दिया

138:25

हुआ है अब डायमीटर दिया हुआ है तो फिर

138:28

क्रॉस सेक्शन एरिया कितना हो जाएगा पा * r

138:32

स् दैट इज

138:34

1/2 स्क्वायर इतना सेंटीमीटर स्क्वायर

138:37

एरिया हो जाएगा अब मुझे निकालना क्या-क्या

138:40

है फाइंड आउट करना है रेजिस्टिविटीज

138:45

इन सब की वैल्यूज हमें निकालनी है ठीक है

138:49

तो एक-एक करके शुरुआत करते हैं सबसे पहले

138:52

तो बात करेंगे रेजिस्टिविटीज

138:59

r /

139:01

l यहां पे रेजिस्टेंस दिया हुआ है

139:04

5.55 * 10 टू पावर 3 ओम्स एरिया है पा दैट

139:10

इज़ 3.14 * 1/2 को हम लिख सकते हैं

139:14

0.5 स् तो ये एरिया हो गया डिवाइडेड बाय

139:18

लेंथ दिया हुआ है 50 सेमी अब आप पूछोगे कि

139:21

हम यूनिट्स को सेंटीमीटर में क्यों रख रहे

139:23

हैं क्योंकि सब कुछ सेंटीमीटर में है

139:24

डायमीटर भी सेंटीमीटर में है और लेंथ भी

139:27

सेंटीमीटर में है तो हम इसे भी सब कुछ को

139:29

सेंटीमीटर में ही छोड़ देते हैं इसे

139:30

कैलकुलेट करेंगे तो रो की वैल्यू आएगी

139:32

87.325900

139:51

87.325900

140:20

कंसंट्रेशन कौन से यूनिट में चाहिए मुझे

140:23

चाहिए मोल्स पर मीटर क्यूब नहीं मोल्स पर

140:26

सेंटीमीटर क्यूब में चाहिए मुझे क्योंकि

140:28

यहां पर मैं मीटर के साथ डील नहीं कर रही

140:30

हूं सेंटीमीटर के साथ डील कर रही हूं

140:32

करेक्ट तो ये आ जाए मुझे ये चाहिए मोल पर

140:35

सेंटीमीटर क्यूब के टर्म्स में तो ये

140:38

कितना हो जाएगा ये हो जाएगा

140:40

0.05 डिवा बा 1000 मोल पर सेंटीमीटर क तो

140:45

ये वैल्यू यहां पे डाल देंगे कप्पा की

140:46

वैल्यू हो जाएगी

140:48

0148 डिवाइडेड बाय कंसंट्रेशन हो जाएगा 05

140:53

डिवाइड बा

140:56

1000 तो यह वैल्यू आ जाएगी

140:59

29.6 साइमन सेंटीमीटर स्क्वायर मोल

141:04

इवर्स तो बच्चों यहां पर हम एक बहुत

141:06

इंपॉर्टेंट कांसेप्चुअल टॉपिक डिस्कस

141:09

करेंगे कि मेरा जो कंडक्टिविटी है व

141:12

कंसंट्रेशन के साथ कैसे चेंज होता है ठीक

141:15

है मतलब यहां पर हम दो चीजें डिस्कस

141:18

करेंगे एक तो कंडक्टिविटी का

141:21

और दूसरा मोलर कंडक्टिविटी का वेरिएशन

141:23

कंडक्टिविटी बोले तो कप्पा मोलर

141:26

कंडक्टिविटी बोले तो लडा ए ठीक है तो

141:29

दोनों की वेरिएशन देखेंगे एंड वेरी

141:31

इंटरेस्टिंग हम ये देखते हैं कि जो कप्पा

141:34

है यानी कि जो कंडक्टिविटी है चाहे वीक

141:37

इलेक्ट्रोलाइट हो चाहे स्ट्रांग

141:38

इलेक्ट्रोलाइट हो दोनों के ही केस में

141:40

जैसे-जैसे कंसंट्रेशन बढ़ेगा वैसे-वैसे

141:43

कंडक्टिविटी बढ़ेगा जैसे-जैसे कंसंट्रेशन

141:46

घटेगा वैसे-वैसे कंडक्टिविटी घटेगा लेकिन

141:50

जैसे ही हम मोलर कंडक्टिविटी की बात करते

141:52

हैं यानी कि लडा m वहां पर हम देखते हैं

141:56

कि जैसे-जैसे कंसंट्रेशन बढ़ता है

141:58

वैसे-वैसे मोलर कंडक्टिविटी घटता है

142:01

जैसे-जैसे कंसंट्रेशन घटता है वैसे-वैसे

142:03

मोलर कंडक्टिविटी बढ़ता है अब यहां पर

142:07

बहुत से बच्चों के दिमाग में ये क्वेश्चन

142:08

आ रहा होगा कि ऐसा क्यों कंडक्टिविटी और

142:11

मोलर कंडक्टिविटी का जो वेरिएशन है

142:14

कंसंट्रेशन के साथ वो बिल्कुल अपोजिट जा

142:17

रहा है तो इसी को अब हम समझेंगे डिटेल में

142:19

वन आफ आफ्टर अनदर तो बच्चों अब सबसे पहले

142:22

हम देखेंगे कंडक्टिविटी का वेरिएशन विद

142:26

कंसंट्रेशन तो सबसे पहले तो यह देख लो कि

142:29

कैसे वैरी करता है कंडक्टिविटी

142:30

कंडक्टिविटी बोले तो कप्पा कप्पा जो है यह

142:34

कंसंट्रेशन के डायरेक्टली प्रोपोर्शनल

142:36

होता है यानी कि अगर कंसंट्रेशन बढ़ेगा तो

142:39

कंडक्टिविटी बढ़ेगा कंसंट्रेशन घटेगा

142:41

कंडक्टिविटी घटेगा एंड दिस इज ट्रू फॉर

142:44

बोथ स्ट्रांग एंड वीक इलेक्ट्रोलाइट्स

142:46

दोनों स्ट्रांग और वीक इलेक्ट्रोलाइट्स के

142:48

लिए ये ट्रू है ठीक है अब देखना ये है कि

142:51

ऐसा क्यों होता है ठीक है जब मैं कहती हूं

142:55

कि कंसंट्रेशन बढ़ रहा है किसका

142:57

कंसंट्रेशन बढ़ रहा है मतलब उस सॉल्यूशन

142:59

का जो आयस है उनका कंसंट्रेशन बढ़ रहा है

143:03

मान लो मैं बात करती हूं पानी में मैंने

143:05

सॉल्ट डाला अब अगर मैं सॉल्ट और डालती

143:08

जाऊं तो क्या हो रहा है उस सॉल्यूशन के

143:11

अंदर na0

143:20

जदा लोग हैं जो करंट को कैरी कर सके

143:22

ज्यादा लोग हैं तो ज्यादा करंट कैरी

143:24

करेंगे तो मेरी ओबवियसली कंडक्टिविटी

143:27

बढ़ेगी राइट सिंपल सा लॉजिक है ठीक है तो

143:31

समझना यह है कि जो कप्पा होता है जो

143:33

कंडक्टिविटी होता है यह डिपेंड करता है

143:35

नंबर ऑफ आयस पर यूनिट वॉल्यूम पे कि एक

143:39

पर्टिकुलर वॉल्यूम में कितने आयस हैं जो

143:41

करंट को कैरी कर सके वो उसी पे डिपेंड

143:43

करता है तो अगर आप कंसंट्रेशन बढ़ाते

143:45

जाओगे तो कंडक्टिविटी बढ़ेगा कंसंट्रेशन

143:48

घटा दोगे कंडक्टिविटी भी घट जाएगा ठीक है

143:50

सिंपल था यहां तक अब हम इसी चीज को थोड़े

143:53

दूसरे ढंग से देखेंगे अब हम कंसंट्रेशन की

143:56

बात नहीं करेंगे हम बात करेंगे किसकी

143:59

डाइल्यूशन की अब मैं ऐसे कहूंगी कि मान लो

144:04

मैंने डाइल्यूशन बढ़ा दिया मतलब मैंने एक

144:06

सॉल्यूशन को और ज्यादा डाइल्यूट कर दिया

144:09

उसमें और ज्यादा सॉल्वेंट ऐड कर दिया तब

144:12

क्या होगा तो अभी जो है मैं क्या कर रही

144:14

हूं मैं उसमें आयस ऐड नहीं कर रही हूं

144:17

मतलब जो काम करने वाले लोग थे ना उनको ऐड

144:19

नहीं कर रही हूं मैं उसमें बल्कि सॉल्वेंट

144:22

ऐड कर दे रही हूं उससे क्या होगा जो नंबर

144:25

ऑफ आयस पर यूनिट वॉल्यूम है वो घट जाएगा

144:28

क्योंकि वॉल्यूम बढ़ जा रहा है बट आयस तो

144:30

उतने ही हैं तो पर यूनिट वॉल्यूम नंबर ऑफ

144:33

आयस कम हो गए कैसे ये देखो मान लो मेरे

144:36

प्लास यह ग्लास है जिसमें इतना थोड़ा सा

144:39

पानी है और मैंने इसके अंदर देखो चार चने

144:43

डाल दिए हैं ठीक है सो कंसीडर देम एज

144:45

पार्टिकल्स तो फोर पार्टिकल्स हैं अभी

144:48

मेरे पास इस पानी में ठीक है देखो कुछ

144:50

समझाने के लिए बता रही हूं यह मैं अब

144:52

मैंने क्या किया कि इसमें मैंने थोड़ा सा

144:55

और पानी ऐड कर दिया तो मैंने इसको क्या

144:58

किया और डाइल्यूट बना दिया तो डाइल्यूट कर

145:01

देने के बाद क्या हुआ अभी भी इसमें

145:03

पार्टिकल्स चार ही हैं बट पर यूनिट

145:05

वॉल्यूम मेरा पार्टिकल क्या हो गया और कम

145:08

हो गया पहले इतने से पानी में चार

145:10

पार्टिकल था अब इतना पानी में भी चार ही

145:12

पार्टिकल है सो नंबर ऑफ़ आयस पर यूनिट

145:15

वॉल्यूम क्या हो गया कम हो गया और

145:17

कंडक्टिविटी यानी कि कप्पा किस पे डिपेंड

145:19

करता है नंबर ऑफ आयस पर यूनिट वॉल्यूम

145:21

चूंकि वो कम हो गया तो डाइल्यूशन पे

145:24

कंडक्टिविटी भी कम हो जाएगा तो एक तरीके

145:27

से हम यह कंक्लूजन

145:30

सेंट्रेशन बढ़ेगा तो कंडक्टिविटी बढ़ेगा

145:33

कंसंट्रेशन घटेगा कंडक्टिविटी घटेगा

145:36

डाइल्यूशन के टर्म्स में बात करेंगे तो

145:38

डाइल्यूशन बढ़ेगा तो कंडक्टिविटी घटेगा

145:42

डाइल्यूशन घटेगा तो कंडक्टिविटी बढ़ेगा तो

145:45

हम कह सकते हैं कि डाइल्यूशन और

145:47

कंसंट्रेशन ये दोनों जो है इन्वर्सली

145:50

प्रोपोर्शनल है मतलब कभी भी सॉल्यूशन को

145:52

डाइल्यूट कर रहे हैं इसका मतलब उसमें हम

145:55

पानी ऐड करते चले जा रहे हैं तो उस

145:57

सॉल्यूशन का कंसंट्रेशन कम होता चला जा

146:00

रहा है राइट यहां तक क्लियर है अमेजिंग अब

146:04

यहां पर हम स्पेसिफिकली डिस्कस करेंगे

146:06

स्ट्रांग और वीक इलेक्ट्रोलाइट को ठीक है

146:09

तो अगर हम इसे ग्राफिकली देखें तो देखो

146:11

स्ट्रांग इलेक्ट्रोलाइट और वीक

146:13

इलेक्ट्रोलाइट दोनों का ही जो ग्राफ है वो

146:15

साफ-साफ बता रहा है कि कंसंट्रेशन

146:17

जैसे-जैसे बढ़ रहा है वैसे-वैसे कंडक्ट

146:20

विटी बढ़ रही है कंसंट्रेशन घट रहा है

146:22

कंडक्टिविटी घट रही है बट दोनों ग्राफ में

146:25

हमें एक फर्क दिख रहा है और वह है दोनों

146:27

ग्राफ का स्लोप में फर्क है स्ट्रांग

146:30

इलेक्ट्रोलाइट्स के केस में हम देख रहे

146:32

हैं बड़ी तेजी से बढ़ रहा है या बड़ी तेजी

146:34

से घट रहा है जैसे भी आप कह लो मतलब अगर

146:37

हम डिक्रीज इन कंसंट्रेशन की बात करें तो

146:39

हम देखते हैं जैसे-जैसे कंसंट्रेशन कम हो

146:41

रहा है वैसे-वैसे कंडक्टिविटी कम हो रही

146:44

है बड़ी तेजी से इन केस ऑफ स्ट्रांग

146:47

इलेक्ट्रोलाइट ठीक है ऐसा क्यों ओबवियसली

146:50

जब हम डाइल्यूट कर देते हैं कंसंट्रेशन कम

146:52

हो जाता है तो नंबर ऑफ आयस पर यूनिट

146:54

वॉल्यूम कम हो जाता है इसीलिए कंडक्टिविटी

146:57

कम हो जाती है ठीक है तो यह तो समझ आ गया

147:01

सोचने वाली बात है कि वीक इलेक्ट्रोलाइट

147:03

के केस में यह जो डिक्रीज है यह धीरे-धीरे

147:05

क्यों हो रहा है जब आप कंसंट्रेशन को कम

147:08

कर रहे हो तो यह धीरे-धीरे क्यों कम हो

147:10

रहा है वो इसलिए क्योंकि वीक

147:13

इलेक्ट्रोलाइट क्या होता है वीक

147:15

इलेक्ट्रोलाइट स्ट्रांग इलेक्ट्रोलाइट की

147:17

तरह कंपलीटली डिसोसिएट नहीं करते हैं जो

147:20

स्ट्रांग इलेक्ट्रोलाइट होते हैं वो पूरी

147:22

तरह से खुद से डिसोसिएट कर जाते हैं अपने

147:24

आयस में बट वीक इलेक्ट्रोलाइट के केस में

147:26

ऐसा नहीं होता है जैसे मान लो अगर हम एक

147:27

वीक एसिड का एग्जांपल ले एसिटिक एसिड

147:30

ch3cooh ये खुद से पूरा h+ और ch3coo -

147:35

में डिसोसिएट नहीं करता है जब हम इसे

147:38

डाइल्यूट कर देते हैं डाइल्यूशन जब इसका

147:40

होता है तो क्या होता है इसका जो

147:43

डिसोसिएशन है वो भी इंक्रीज होने लगता है

147:46

पहले ये खुद से टूट नहीं रहे थे बट अब

147:48

पानी में लाने से क्या हो रहा है ये टूटने

147:50

भी लग जा रहे हैं तो यहां पर क्या हो रहा

147:52

है इले वीक इलेक्ट्रोलाइट के केस में

147:55

डाइल्यूशन होने पर मेरे जो नंबर ऑफ आयस

147:58

हैं वो पहले से थोड़े बढ़ जा रहे हैं

148:01

हालांकि ओवरऑल नंबर ऑफ आयस पर यूनिट

148:05

वॉल्यूम यहां पर भी रिड्यूस हो रहा है

148:07

क्योंकि जब हम डाइल्यूट कर देते हैं तो

148:08

वॉल्यूम को भी हम बहुत ज्यादा बढ़ा देते

148:10

हैं राइट क्योंकि एकदम से वॉल्यूम बढ़

148:12

जाता है सॉल्यूशन का सो नेट नेट तो यहां

148:15

पर भी नंबर ऑफ आयस पर यूनिट वॉल्यूम

148:17

डिक्रीज ही हो रहा है इसीलिए नेट नेट यहां

148:19

पर कंडक्टिविटी डिक्रीज ही हो रही है बट

148:22

उतनी तेजी से डिक्रीज नहीं हो रही है

148:24

जितनी तेजी से यह स्ट्रांग इलेक्ट्रोलाइट

148:27

के केस में डिक्रीज हो रही थी तो अब ये

148:29

क्लियर हो जाने के बाद हमें अब देखना है

148:32

कि मोलर कंडक्टिविटी का वेरिएशन कैसे होता

148:34

है पहले तो ये समझो मोलर कंडक्टिविटी क्या

148:37

होता है मोलर कंडक्टिविटी बोले तो

148:39

कंडक्टिविटी पर यूनिट मोलर सॉल्यूशन मतलब

148:42

जब हम ये अज्यू करके चल रहे हैं कि उस

148:45

सॉल्यूशन के अंदर 1 मोल ऑफ सॉल्यूट है ठीक

148:49

है यहां पर जो इंटरेस्टिंग चीज हमें देखने

148:52

को मिलती है वह यह है कि यहां पे बिल्कुल

148:54

अपोजिट होता है कंसंट्रेशन जैसे-जैसे

148:56

बढ़ता है मोलर कंडक्टिविटी वैसे-वैसे

148:59

डिक्रीज होती है कंसंट्रेशन जैसे-जैसे

149:01

घटता है मोलर कंडक्टिविटी वैसे-वैसे

149:04

इंक्रीज होती है तो अब यह बहुत ही एक

149:06

इंटरेस्टिंग सा अ फैक्ट है तो इसे समझना

149:09

बहुत जरूरी है कि ऐसा क्यों होता है तो

149:11

चलो देखते हैं तो बच्चों अब हम इसे

149:13

ग्राफिकली देखेंगे फॉर स्ट्रांग एंड वीक

149:15

इलेक्ट्रोलाइट्स अगर आप स्ट्रांग

149:17

इलेक्ट्रोलाइट का ग्राफ देखो तो आप क्या

149:20

देखोगे कि जो मोलर कंडक्टिविटी है वो

149:22

डाइल्यूशन के साथ-साथ इंक्रीज हो रही है

149:25

लेकिन बहुत धीरे-धीरे स्लोली इंक्रीज हो

149:27

रही है वहीं अगर आप वीक इलेक्ट्रोलाइट के

149:30

ग्राफ पे फोकस करो तो आप देखोगे जैसे-जैसे

149:32

डाइल्यूशन हो रहा है तो ग्राफ जो है ना

149:35

मोलर कंडक्टिविटी जो है ये बहुत रैपिड

149:37

इंक्रीज हो रही है राइट तो ऐसा क्यों हो

149:40

रहा है ये वेरिएशन क्यों है चलो समझते हैं

149:42

सबसे पहले बात करेंगे हम स्ट्रांग

149:44

इलेक्ट्रोलाइट के केस में और इसी के दौरान

149:47

हम डिस्कस करेंगे एक बहुत इंपॉर्टेंट लॉ

149:49

जिसे हम कहते हैं कॉल रस्ट लॉ तो बच्चों

149:52

अभी-अभी मैंने बताया था थोड़ी देर पहले कि

149:54

मोलर कंडक्टिविटी जो है यह क्या होता है

149:57

कंडक्टिविटी पर यूनिट कंसंट्रेशन कप्पा

150:00

बाय सी ठीक है अब देखो थोड़ा ध्यान से

150:03

देखो कि यह कंसंट्रेशन क्या होता है

150:05

कंसंट्रेशन बोले तो नंबर ऑफ मोल्स ऑफ याद

150:08

है सॉल्यूशन वाले चैप्टर में पढ़ा था नंबर

150:10

ऑफ मोल्स ऑफ सॉल्यूट डिवाइडेड बाय वॉल्यूम

150:13

पर यूनिट वॉल्यूम जैसे मोलेरिटी वगैरह भी

150:15

हम देखते हैं ना कंसंट्रेशन मेजर करने के

150:17

लिए अब यहां पर हम बात कर रहे हैं वन मोलर

150:21

सॉल्यूशन की तो अगर मैं वन मोलर सॉल्यूशन

150:24

की बात कर रही हूं तो मैं यह कहना चाहती

150:26

हूं कि मेरा कंसंट्रेशन ऐसा होना चाहिए कि

150:29

वन मोलर ऑफ सॉल्यूट तो नंबर ऑफ मोल्स मेरा

150:32

वन है पर यूनिट वॉल्यूम ऑफ द सॉल्यूशन ठीक

150:35

है सो विद दिस लॉजिक लडा ए जो कि मोलर

150:39

कंडक्टिविटी है उसको मैं क्या लिख सकती

150:40

हूं कप्पा * 1 बा c की जगह मैं v लिख सकती

150:44

हूं तो ये हो जाएगा कप्पा * v अब ये जो

150:48

रिलेशन है ना यह बहुत इ ट है यहां पर इस

150:51

कॉन्टेक्स्ट में जब हम मोलर कंडक्टिविटी

150:53

के वेरिएशन को समझने की कोशिश कर रहे हैं

150:56

ठीक है अब इसके वेरिएशन को समझेंगे तो लेट

150:59

अस सपोज कि मैं पहले सिनेरियो की बात कर

151:02

रही हूं जब हम डाइल्यूशन इंक्रीज कर रहे

151:05

हैं ऑन डाइल्यूशन यानी कि ऑन डाइल्यूशन का

151:09

मतलब क्या होता है कि हम एक सॉल्यूशन में

151:11

उसका सॉल्वेंट बढ़ाते चले जा रहे हैं सो

151:14

डाइल्यूशन बढ़ाने का मतलब किसके बराबर

151:17

होता है कंसंट्रेशन को घ घ घटाने के बराबर

151:21

होता है यानी कि उसमें जो सॉल्यूट है उसका

151:24

कंसंट्रेशन घटता जा रहा है क्योंकि मैं

151:26

उसमें पानी ज्यादा मिलाते जा रही हूं राइट

151:29

तो यानी कि हम इसे जब डाइल्यूट ज्यादा कर

151:31

रहे हैं तो इन अ वे हम कह रहे हैं कि इसका

151:33

कंसंट्रेशन जो है उस सॉल्यूशन का जो

151:35

कंसंट्रेशन है दैट इज डिक्रीजिंग ठीक है

151:38

तो डाइल्यूट करने पे होगा क्या अब देखो

151:41

डाइल्यूट करने पे मेरा वॉल्यूम तो फॉर

151:43

श्यर इंक्रीज होगा क्योंकि मैं उसमें और

151:45

सॉल्वेंट मिला रही हूं तो वॉल्यूम फॉर

151:47

श्यर इंक्रीज हो रहा है कप्पा के साथ क्या

151:50

हो रहा है कंडक्टिविटी अभी-अभी डिस्कस

151:52

किया था थोड़ी देर पहले नॉर्मल

151:54

कंडक्टिविटी का वेरिएशन तो हम लोग डिस्कस

151:56

कर चुके हैं राइट तो उसमें हमने क्या देखा

151:59

था कि जब हम इसको डाइल्यूट कर देते हैं तो

152:01

चूंकि कंसंट्रेशन कम हो जाता है तो नंबर

152:04

ऑफ आयस पर यूनिट वॉल्यूम कम हो जाता है तो

152:07

इसीलिए कप्पा भी कम हो जाता है

152:09

कंडक्टिविटी कम हो जाती है राइट तो देखो

152:12

यहां पर एक दुविधा आ गई कि यार ये जो मोलर

152:15

कंडक्टिविटी है ये मोलर कंडक्टिविटी किसके

152:18

किसके ऊपर डिपेंड करता है है कप्पा और v

152:20

पे अब यहां पे हो क्या रहा है डाइल्यूशन

152:23

बढ़ाने पे कप्पा घट रहा है और वॉल्यूम बढ़

152:26

रहा है तो भाई मोलर कंडक्टिविटी के साथ

152:29

क्या होगा यह घटेगा कि बढ़ेगा क्योंकि ये

152:31

दो चीजों पे डिपेंड करता है एक बढ़ रहा है

152:32

और एक घट रहा है तो यहां पर ये डिसीजन

152:36

लेने के लिए हमने एक्सपेरिमेंटल रिजल्ट्स

152:38

का यूज किया तो एक्सपेरिमेंटली ऐसा पाया

152:41

गया है कि जो वॉल्यूम का इंक्रीज करने का

152:45

जो ये फैक्टर है दिस इज मोर इफेक्टिव ठीक

152:49

है मतलब ये ये डिसाइडिंग फैक्टर है मतलब

152:52

वॉल्यूम जो है वो ज्यादा बढ़ रहा है

152:55

कंपेयर्ड टू जितना कि इसका कप्पा घट रहा

152:57

है इन अ वे ठीक है तो मतलब ये मेरा डिसीजन

153:01

मेकर है ये v जो बढ़ रहा है यही मेरा क्या

153:06

है डिसीजन मेकर

153:08

है ये डिसीजन मेकर है इसका मतलब है कि

153:12

यहां पर v अगर बढ़ रहा है तो इसका मतलब

153:15

यहां पर मोलर कंडक्टिविटी क्या होगा

153:18

बढ़ेगा ठीक है तो इसका मतलब हमने क्या

153:20

देखा यहां पर जब हम डाइल्यूशन बढ़ा रहे

153:23

हैं यानी कि जब हम कंसंट्रेशन को घटा रहे

153:26

हैं तो उस समय मोलर कंडक्टिविटी जो है वो

153:29

इंक्रीज हो रही है ठीक है ठीक उसी तरह से

153:33

जब हम डाइल्यूशन को कम करेंगे यानी कि

153:35

कंसंट्रेशन को बढ़ाएंगे तो उस समय मोलर

153:38

कंडक्टिविटी कम हो जाएगी तो चलो अब

153:40

स्पेसिफिकली बात करते हैं ग्राफ की फॉर

153:43

स्ट्रांग इलेक्ट्रोलाइट्स तो अगर स्ट्रांग

153:45

इलेक्ट्रोलाइट के ग्राफ को देखें हम ध्यान

153:48

से जैसे यहां पर ये केसी स्ट्रंग

153:50

इलेक्ट्रोलाइट तो इसके ग्राफ को अगर तुम

153:52

देखो तो कैसा है ग्राफ इट इज अ स्ट्रेट

153:55

लाइन ठीक है बट एट द सेम टाइम हम क्या देख

153:58

रहे हैं कि ग्राफ हमें यह बता रहा है कि

154:00

जो लडा ए है जो मोलर कंडक्टिविटी है इट

154:03

इंक्रीजस स्लोली विद डाइल्यूशन डाइल्यूशन

154:07

मतलब देखो ये जो एक्स एक्सिस है इसके

154:09

अबाउट हमने क्या दिया है सी यानी कि

154:11

कंसंट्रेशन ठीक है डाइल्यूशन इंक्रीज हो

154:14

रहा है मतलब कंसंट्रेशन घट रहा है ठीक है

154:17

तो देखो जैसे-जैसे कंसंट्रेशन घट रहा है

154:20

या फिर डाइल्यूशन इंक्रीज हो रहा है तो

154:23

क्या हो रहा है इसकी जो वैल्यू है यह बढ़

154:25

तो रही है ओबवियसली मोलर कंडक्टिविटी बढ़

154:28

रही है विथ डाइल्यूशन मतलब इस तरफ जाओ तो

154:31

सी इज इंक्रीजिंग कंसंट्रेशन इंक्रीजस

154:35

इसका मतलब अगर इस तरफ आओगे तो क्या होगा

154:38

डाइल्यूशन बढ़ रहा है तो जैसे-जैसे

154:41

डाइल्यूशन को बढ़ा रहे हैं वैसे-वैसे मोलर

154:43

कंडक्टिविटी बढ़ रही है लेकिन स्लोली बहुत

154:46

रैपिड नहीं बढ़ रही है ठीक है अब ये जो

154:49

ग्राफ है ना ग्राफ का अगर हम एग्जैक्ट

154:51

रिलेशन देखें जिसके बेसिस पर यह ग्राफ

154:53

बनाया गया है तो व रिलेशन कुछ ऐसा कहता है

154:56

कि ल m इ इक्व ट कि लन m - ए ू पावर

155:02

1/2 ठीक है तो अगर इस इक्वेशन को थोड़ा

155:06

ज्यादा ध्यान से देखो तो यह इक्वेशन किस

155:09

फॉर्मेट में है y = mx3 वाले फॉर्मेट में

155:14

है ठीक है जहां पर c की वैल्यू क्या है ल

155:18

m0 है और y =

155:25

mx8 लाइन और इसीलिए देखो ग्राफ भी हमें

155:28

कैसा मिला है एक स्ट्रेट लाइन मिला है तो

155:30

c की वैल्यू न है और m यानी कि स्लोप की

155:33

वैल्यू कितनी है यहां पर स्लोप की वैल्यू

155:36

है -

155:38

ए नेगेटिव स्लोप इसीलिए देखो जो लाइन है

155:42

ना वो यूं घट रही है गिरते जा रही है

155:44

क्योंकि इसका नेगेटिव स्लोप है ठीक है बात

155:47

समझ में आई तो ये तो है इसका इक्वेशन अब

155:51

इस इक्वेशन के अंदर कुछ चीजें हैं जो हमें

155:54

नहीं पता कि वो क्या है जैसे कि एक तो यह

155:56

कांस्टेंट ए यह कांस्टेंट ए क्या है चलो

156:00

समझते

156:01

हैं तो यह ए जो है यह एक कांस्टेंट है

156:05

जिसकी वैल्यू डिपेंड करती है

156:07

इलेक्ट्रोलाइट पे सो इट इज अ कांस्टेंट

156:09

दैट डिपेंड्स ऑन द टाइप ऑफ इलेक्ट्रोलाइट

156:13

कि इसकी वैल्यू कितनी होगी ये

156:15

इलेक्ट्रोलाइट के ऊपर डिपेंड करेगा बोलने

156:17

का मतलब है कि अह इलेक्ट्रोलाइट जैसे

156:21

इलेक्ट्रोलाइट क्या है जैसे

156:30

naclo4 की बात कर रहे हैं तो वह एंड ऑफ़ द

156:32

डे तो वह डिसोसिएट होगा राइट तो जैसे मेरे

156:35

पास अलग-अलग टाइप के इलेक्ट्रोलाइट्स हो

156:37

सकते हैं जैसे

156:44

naclo4 टाइप के इलेक्ट्रोलाइट्स हो सकते

156:46

हैं ठीक है और देखो यह सारे अलग-अलग टाइप

156:49

के इलेक्ट्रोलाइट है मतलब अगर मैं

156:59

naclo3 की बात करूं तो ये ca2 प और

157:07

cl-1 टाइप इलेक्ट्रोलाइट कहेंगे अगर मैं

157:11

mgso4 की बात करूं तो ये कैसे टूटेगा mg2

157:14

+ so4 2 - तो यानी कि ये टूट टाइप ऑफ

157:18

इलेक्ट्रोल लाइट है तो इस तरीके से बेस्ड

157:21

ऑन की इसके कैटालन और एनायत कैसे चार्जेस

157:25

हैं डिसोसिएशन होने पे उसके बेसिस पे हम

157:28

उस इलेक्ट्रोलाइट को अलग-अलग टाइप में

157:31

कैटेगरी इज करते हैं ठीक है जैसे यहां पर

157:33

मैंने 1 2 1 2 2 टाइप इलेक्ट्रोलाइट्स में

157:36

कैटेगरी इज किया ठीक है अब वन वन टाइप के

157:39

जितने भी इलेक्ट्रोलाइट्स होंगे इन सब की

157:43

एक ही वैल्यू सेम होगी 21 टाइप के जितने

157:46

भी इलेक्ट्रोलाइट्स होंगे इन सबके a की

157:48

वैल्यू सेम होगी उसी तरह टूटू टाइप के

157:51

जितने भी इलेक्ट्रोलाइट्स होंगे उन सबके

157:53

लिए ए की वैल्यू बराबर

157:56

होगी ठीक है तो यह इंफॉर्मेशन थी इस

158:00

कांस्टेंट ए के बारे में ओके चलो यह भी

158:03

समझ आया अब बात करेंगे हम एक और नई चीज के

158:06

बारे में जो कि है लडा न अब यह भी कुछ नया

158:11

सा दिख रहा है ये लन क्या है लडा एन पता

158:15

है क्या है ये है लिमिटिंग मोलर

158:17

कंडक्टिविटी या फिर टिंग वैल्यू ऑफ मोलर

158:21

कंडक्टिविटी तो यह है

158:23

लिमिटिंग मोलर कंडक्टिविटी अब ये लिमिटिंग

158:28

मोलर कंडक्टिविटी का क्या कांसेप्ट है

158:30

इसका ये कांसेप्ट है कि जब सी की वैल्यू

158:33

लगभग जीरो के बराबर पहुंच जाए मतलब ये

158:36

कंसंट्रेशन जब एकदम घटते घटते घटते घटते

158:39

घटते क्लोज टू जीरो आ जाए इसका मतलब है

158:43

कंसंट्रेशन क्लोज टू जीरो आ गया है इसका

158:46

मतलब इसको हमने

158:49

दिया है मतलब उसमें हमने इतना ज्यादा पानी

158:52

डाल दिया है कि उसमें सॉल्यूट अब नाम के

158:55

वास्ते रह गया है ठीक है तो c टेंड्स टू

158:58

जीरो का मतलब है कि वो इंफाइटिंग

159:03

तो मोलर कंडक्टिविटी की जो वैल्यू है वो

159:07

एक पर्टिकुलर वैल्यू आएगी देखो ये ग्राफ

159:09

को अगर देखो तो ये जो वैल्यू है ना मोलर

159:13

कंडक्टिविटी की व्हिच करेस्पॉन्ड्स टू सी

159:16

टेंडिंग टू जीरो इस वैल्यू को हम कहते हैं

159:19

है लिमिटिंग मोलर कंडक्टिविटी इक्वेशन के

159:22

टर्म्स में समझो जब c की वैल्यू जीरो हो

159:24

जाएगी तो यह पूरा टर्म जीरो हो जाएगा तो

159:26

उस केस में देखो व्हेन c जो है ये लगभग

159:30

जीरो हो जाएगा तो उस केस में मोलर

159:33

कंडक्टिविटी की वैल्यू हो जाएगी लडा नॉट

159:36

राइट सो मोलर कंडक्टिविटी की जो ये

159:38

लिमिटिंग वैल्यू है जब

159:44

इनफाइनों हम लडा m0 से डिनोट करते हैं ठीक

159:48

है जब

159:52

इनफाइकिल में प्रैक्टिकली उस समय क्या

159:55

होता है सो प्रैक्टिकली उस टाइम पर क्या

159:57

हो जाता है हमने चूंकि इतना ज्यादा

159:59

डाइल्यूट कर दिया है कि उसके अंदर के जो

160:01

आयस थे जो कैटा एंस और

160:03

एनायत से बहुत दूर चले गए हैं बहुत ज्यादा

160:07

डाइल्यूट कर देने से वही होगा बहुत ज्यादा

160:09

डाइल्यूट कर दिया है और उसमें दो चार आयस

160:11

पड़े हुए हैं एक दूसरे से बहुत दूर है तो

160:13

चूंकि वो इतने दूर है दैट दे स्टार्ट

160:16

कंट्रीब्यूटिंग

160:17

इंडिपेंडेंटली ठीक है तो यही होता है एट

160:20

इंफाइटिंग

160:22

है

160:23

कलरशो नाम के साइंटिस्ट ने यह जो ईम नॉट

160:27

की वैल्यू है लिमिटिंग मोलर कंडक्टिविटी

160:30

की जो वैल्यू है इसको ऑब्जर्व किया बहुत

160:32

सारे स्ट्रांग इलेक्ट्रोलाइट्स के लिए और

160:35

उन्होंने एक रेगुलेरिटी नोटिस किया एक

160:37

पैटर्न ऑब्जर्व किया और इसी ऑब्जर्वेशन के

160:40

ऊपर बेस करके उन्होंने अपना लॉ निकाला

160:43

जिसे हम कहते हैं कॉलर लॉ ऑफ इंडिपेंडेंट

160:46

माइग्रेशन ऑफ आयस तो चलो देखते हैं यह लॉ

160:49

क्या है

160:51

कॉलरशिप मोलर कंडक्टिविटी ऑफ एन

160:54

इलेक्ट्रोलाइट इज इक्वल टू द सम ऑफ द

160:57

लिमिटिंग मोलर कंडक्टिविटीज ऑफ द

161:02

एनायुम का मतलब है कि किसी भी

161:05

इलेक्ट्रोलाइट का लेट अस सपोज

161:19

है उसका लिमिटिंग मोलर कंडक्टिविटी प्लस

161:22

इसके जितने एना आयस हैं उनका लिमिटिंग

161:24

मोलर कंडक्टिविटी इन दोनों का सम जो है वो

161:27

इस इलेक्ट्रोलाइट का लिमिटिंग मोलर

161:29

कंडक्टिविटी होगा अगर हम किसी ऐसे

161:31

इलेक्ट्रोलाइट की बात कर रहे हैं जिसके

161:33

अंदर लेट्स से न्यू प्लस नंबर ऑफ कटाय हैं

161:37

न्यू माइनस नंबर ऑफ एनायतो उसका जो

161:41

लिमिटिंग मोलर कंडक्टिविटी होगा वो कितना

161:43

होगा टोटल लिमिटिंग मोलर कंडक्टिविटी ऑफ द

161:47

कटाय यानी कि न्यू प् मल्टीप्ला बाय लड नॉ

161:52

प् मतलब एक-एक कटाय का जो लिमिटिंग मोलर

161:55

कंडक्टिविटी है मल्टीप्ला बाय द टोटल नंबर

161:58

ऑफ कटाय उसी तरीके से टोटल नंबर ऑफ

162:07

एनायुम नॉ माइनस और इन दोनों का सम जो है

162:11

दैट विल बी द लिमिटिंग मोलर कंडक्टिविटी

162:14

ऑफ द इलेक्ट्रोलाइट अब यहां पे न्यू लडा

162:17

यूज़ हो रहा है बोलके क कॉम्प्लिकेटेड लग

162:18

रहा है है बट कुछ कॉम्प्लिकेटेड है नहीं

162:20

बोलने का मतलब है जितने उसमें कटाय है

162:23

जितने उसमें

162:24

अनायर कंडक्टिविटी को उन सबके लिमिटिंग

162:28

मोलर कंडक्टिविटी को जब आप ऐड करोगे तब

162:30

आपको उस इलेक्ट्रोलाइट का लिमिटिंग मोलर

162:32

कंडक्टिविटी मिल जाएगा अब बात करने वाले

162:35

हैं हम वीक इलेक्ट्रोलाइट्स के बारे में

162:37

तो वीक इलेक्ट्रोलाइट्स का अगर हम ग्राफ

162:40

देखें तो हम क्या देखते हैं इंफाइटिंग

162:45

इज ऑलमोस्ट जीरो उस केस में देखो ग्राफ

162:48

कहां जा रहा है बिल्कुल ऊपर चला जा रहा है

162:50

तो उस केस में मेरा जो लिमिटिंग मोलर

162:53

कंडक्टिविटी की जो वैल्यू है दैट इज लाइक

162:55

वेरी हाई बहुत हाई वैल्यू है वो राइट अब

162:59

इंफाइटिंग

163:04

हैं मतलब उसमें हमने खूब सारा सॉल्वेंट

163:07

डाल दिया है तो क्या हो गया है वो कंप्लीट

163:09

डिसोसिएट हो चुका होगा बाय द टाइम इट इज

163:12

इंफाइटिंग

163:17

मुझे अगर इसके लिमिटिंग मोलर कंडक्टिविटी

163:20

की वैल्यू निकालनी है इट इज वेरी डिफिकल्ट

163:23

टू फाइंड मेजर इट एक्युरेटली और यहीं पर

163:26

हम फिर से

163:29

कॉलरशिप मोलर कंडक्टिविटी की वैल्यू

163:32

निकालते हैं मान लो हम किसी वीक

163:34

इलेक्ट्रोलाइट का एग्जांपल लेते हैं लेट

163:36

अस टॉक अबाउट

163:38

ch3cooh दैट इज एसिटिक एसिड ठीक है ये एक

163:41

वीक इलेक्ट्रोलाइट है हालांकि जब ये

163:43

डिसोसिएट करेगा तो ये क्या बनाएगा ch3coo

163:47

- + h+ लेकिन चूंकि ये वीक है इसीलिए यह

163:51

खुद से पूरी तरह से डिसोसिएट करता नहीं है

163:54

ठीक है तो मान लो इनिशियली अगर मैंने इसका

163:57

कंसंट्रेशन c रखा इसका रो और इसका

164:01

रो तो कुछ टाइम के बाद क्या होगा यह थोड़ा

164:04

डिसोसिएट कर जाएगा तो ये c * 1 - लडा हो

164:09

जाएगा एजूमिन लैडा मेरा डिसोसिएशन

164:11

कांस्टेंट है डोंट आस्क में दीज क्वेश्चंस

164:13

कि ये कहां से आ रहा है कांसेप्ट ये सब

164:15

हमने इक्विलियम में पढ़ रखा है यहां पर

164:17

मैं एक क्विक रीकैप करा रही हं हो ताकि

164:19

वीक इलेक्ट्रोलाइट्स वाला केस आपको समझ आए

164:22

ठीक है तो कुछ टाइम के बाद ये जितना

164:24

डिसोसिएट कर जाएगा जैसे इसमें कितना घटा

164:27

ये पहले c था अब ये c - c अल्फा हो गया तो

164:31

ये जो माइनस c अल्फा इसमें से हुआ वो c

164:34

अल्फा इधर जाके ऐड होगा इन सबका उतना ही

164:37

बढ़ जाएगा आयोनिक कंसंट्रेशन ठीक है अब

164:40

चूंकि ये इक्विलियम पर है तो इसका

164:43

इक्विलियम कांस्टेंट क्या हो जाएगा c

164:45

अल्फा * स अल्फा दैट मींस कंसंट्रेशन ऑफ

164:49

ऑफ द प्रोडक्ट्स डिवाइडेड बाय c माइ स अफ

164:55

तो इसे हम लिख सकते हैं c स् अल्फा स्क्वा

164:57

डिवाइड बा c * 1 - अल्फा तो c और c कैंसिल

165:02

हो गया तो ये हो जाएगा c अल्फा स्क्वा

165:05

डिवाइडेड बाय 1 - अल्फा तो यहां पर अल्फा

165:08

क्या है अल्फा है डिग्री ऑफ डिसोसिएशन ठीक

165:12

है और सी यहां पर क्या है सी है

165:15

कंसंट्रेशन तो वीक इलेक्ट्रोलाइट के

165:18

डिसोसिएशन के बा बारे में ये इंफॉर्मेशन

165:19

तो हमारे पास ऑलरेडी थी बट यहां पर हमें

165:22

क्या इवॉल्व करना है यहां पर मोलर

165:25

कंडक्टिविटी के कांसेप्ट को तो अल्फा जो

165:28

है जो डिग्री ऑफ डिसोसिएशन है जैसे कि

165:30

मैंने बताया देखो स्ट्रांग इलेक्ट्रोलाइट

165:32

के केस में ना उनके डिसोसिएशन पे कोई फर्क

165:35

नहीं पड़ता है क्योंकि वो तो खुद ही

165:36

डिसोसिएट हो जाते हैं राइट बट वीक

165:38

इलेक्ट्रोलाइट के केस में जैसे-जैसे हम

165:40

उन्हें डाइल्यूट करते हैं तो उनका

165:42

डिसोसिएशन भी थोड़ा बढ़ जाता है तो यहां

165:45

पर जो डिसोसिएशन कांस्टेंट है अल्फा इसको

165:47

हम एप्रोक्सीमेट क्या लिख सकते हैं मोलर

165:50

कंडक्टिविटी डिवाइडेड बाय मोलर

165:52

कंडक्टिविटी व्हेन कंसंट्रेशन इज रो इसको

165:56

हम ऐसे लिख सकते हैं ये लडा ए क्या है

165:59

मोलर कंडक्टिविटी एट एनी कंसंट्रेशन c एंड

166:02

लडा ए न क्या है मोलर कंडक्टिविटी व्हेन

166:05

कंसंट्रेशन टेंड्स टू जीरो यानी कि

166:07

लिमिटिंग वैल्यू ऑफ मोलर

166:09

कंडक्टिविटी ठीक है ऐसा हम इस डिसोसिएशन

166:12

कांस्टेंट को लिख सकते हैं तो अगर इसी

166:14

वैल्यू को हम ऊपर वाले एक्सप्रेशन में पुट

166:17

कर दें तो डिसोसिएशन तो के जो इक्विलियम

166:20

कांस्टेंट है यह क्या हो जाएगा स इन लडा ए

166:25

बाय लम ए न का होल स्क्वायर डिवाइडेड बाय

166:29

1 माइनस

166:32

लडा ए डिवाइडेड बाय लडा ए न तो इसे हम लिख

166:37

सकते हैं सी लडा ए स्क डिवाइडेड बाय लम ए

166:42

166:44

स्क्वा 1 लडा ए न माइनस लडा ए डिवाइडेड

166:50

बाय लडा

166:52

एन तो ये लडा एन और यहां से एक लडा एन कट

166:56

जाएगा तो ये हो जाएगा c ल ए स् डिवाइड बाय

167:01

लम

167:03

एन * लड एन - ल ए तो ये रिलेशनशिप हो जाता

167:09

है के यानी कि इक्विलियम कांस्टेंट के साथ

167:13

मोलर कंडक्टिविटी का चलो एक क्वेश्चन

167:16

देखते हैं कैलकुलेट न फॉर c एंड mgso4 तो

167:20

यहां पर हम सीधा-सीधा कॉल रश लॉ लगाएंगे

167:23

तो कॉल रश लॉ के हिसाब से नॉ ऑफ एनी

167:26

इलेक्ट्रोलाइट जैसे कि cacl2 क्या हो

167:29

जाएगा इनके आयस का टोटल कंडक्टिविटी का सम

167:33

तो इसमें कौन-कौन से आयन है ca2 प् है और

167:36

कौन से आयन है

167:39

cl-cl 2 जब डिसोसिएट करेगा तो ये क्या

167:43

बनाएगा ca2 प + 2cl - ठीक है तो यानी कि

167:48

ये क्या हो जाए आएगा ल m0 ऑफ ca2 प ् 2

167:54

टाइम्स ऑफ ल m0 ऑफ

167:59

c-r का लॉ तो अब देखो यह ल m0 की जो

168:03

वैल्यू है c 2+ के लिए कितना है ca2 प इज

168:07

हियर तो इसकी वैल्यू है 119 और cl-35

168:18

3 सो दिस विल कम आउट टु बी

168:21

2716 साइमन सेमी स् पर मोल अब यहां पर एक

168:27

सवाल और था कि मुझे em0 की वैल्यू निकालनी

168:30

है mgso4 के लिए भी अब mgso4 कैसे

168:34

डिसोसिएट करेगा पहले तो यह देखो यह

168:36

डिसोसिएट करेगा mg2 प + so4 2 इस तरीके से

168:42

तो यह क्या हो जाएगा mg2 प जो आयस है इनकी

168:46

जो लिमिटिंग मोलर कंडक्टिविटी होगी प्लस

168:49

so4 2 - जो आयस है इनकी जो मोलर

168:53

कंडक्टिविटी होगी इन दोनों का सम ठीक है

168:55

तो mg2 प की देखो कितनी है 106 so4 - की

169:00

कितनी है 160 तो ये हो जाएगा 106 +

169:05

1060 यानी कि

169:07

266 साइमन सेंटीमीटर स् पर

169:11

मोल तो है ना कॉल रश लॉ काम की चीज कितनी

169:14

आसानी से हम लिमिटिंग मोलर कंडक्टिविटी की

169:17

वैल्यूज निकाल पा रहे हैं

169:19

अब देखते हैं प्रॉब्लम नंबर टू

169:21

कंडक्टिविटी ऑफ 0.20 मोलर सॉल्यूशन ऑफ

169:27

kc2 48 साइमन सेंटीमीटर इवर्स कैलकुलेट

169:31

इट्स मोलर कंडक्टिविटी तो मुझे यहां पर

169:34

मोलर कंडक्टिविटी निकालनी है हमें क्या

169:37

पता है मोलर कंडक्टिविटी क्या होता है

169:39

नॉर्मल कंडक्टिविटी डिवाइडेड बाय

169:41

कंसंट्रेशन ठीक है तो यहां पर 0.20 मोलर

169:45

सॉल्यूशन यानी कि यह क्या दिया हुआ है

169:47

कंसंट्रे

169:49

और इसकी कंडक्टिविटी की वैल्यू भी दी हुई

169:51

है यानी कि कप्पा की वैल्यू दी हुई है ठीक

169:54

है तो यहां पर करना क्या है कुछ खास नहीं

169:56

करना है ये जो कंसंट्रेशन है ये मोलर के

169:58

फॉर्म में दिया हुआ है मतलब मोलेरिटी के

170:00

फॉर्म में दिया हुआ है बट मुझे यह

170:03

कंसंट्रेशन किस यूनिट में चाहिए होगा

170:06

चूंकि मेरे पास कंडक्टिविटी साइमन

170:08

सेंटीमीटर इनवर्ट में दिया हुआ है इसलिए

170:10

मुझे ये मोलेरिटी भी मोल्स पर सेंटीमीटर

170:12

क्यूब में चाहिए होगा ठीक है तो इसीलिए

170:15

यहां पर एक 1000 का फैक्टर आ जाएगा बस तो

170:18

पपा की वैल्यू तो डाल देंगे

170:21

0.024 डिवाइडेड बाय कंसंट्रेशन हो जाएगा

170:24

0.20 डिवाइडेड बाय

170:28

1000 तो ये हो जाएगा 124 साइमन सेंटीमीटर

170:32

स्क्वा पर

170:35

मोल इलेक्ट्रोलिटिक सेल्स यह वो वाले

170:39

सेल्स होते हैं जिनके अंदर हम इलेक्ट्रिकल

170:41

एनर्जी को कन्वर्ट करते हैं केमिकल एनर्जी

170:44

में आप सभी को याद होगा जब हमने इलेक्ट्रो

170:46

केमिस्ट्री की शुरुआत की थी तो स्टार्टिंग

170:48

में मैंने बताया था कि यहां पर हम ब्रॉडली

170:50

दो तरह की चीजों की बात करेंगे पहला ऐसे

170:53

सेल्स जो कन्वर्ट करते हैं केमिकल एनर्जी

170:56

टू इलेक्ट्रिकल एनर्जी जैसे कि

170:57

इलेक्ट्रोकेमिकल सेल्स दूसरा ऐसे सेल्स जो

171:01

कन्वर्ट करते हैं इलेक्ट्रिकल एनर्जी टू

171:03

केमिकल एनर्जी जैसे कि इलेक्ट्रोलिटिक

171:05

सेल्स जो कि हम पढ़ने वाले हैं ठीक है तो

171:08

यहां पर होता कुछ यूं है कि इलेक्ट्रिसिटी

171:11

से यानी कि एक्सटर्नली इलेक्ट्रिकल एनर्जी

171:14

प्रोवाइड करके हम एक केमिकल रिएक्शन को

171:17

अकर कर ते हैं यानी कि यह किस तरह का

171:20

केमिकल रिएक्शन है जो खुद से नहीं होता है

171:24

यह बिल्कुल उस नौटी बच्चे की तरह है जिसको

171:26

पढ़ने का बिल्कुल मन नहीं करता है खुद से

171:27

तो वो सेल्फ मोटिवेटेड बिल्कुल नहीं होता

171:29

है तो वो पढ़ता कैसे है जब उसके ऊपर एक

171:32

एक्सटर्नल प्रेशर लगाया जाता है चाहे वो

171:34

एग्जाम का डर हो चाहे वो लालच हो चाहे वो

171:37

डाट हो चाहे वो पिटाई हो सम एक्सटर्नल

171:40

फोर्स उसके ऊपर लगाना पड़ता है ताकि वह

171:43

पढ़ाई करे तो ये उसी तरह का केमिकल

171:45

रिएक्शन है और ऐसे रिएक्शंस को हम क्या

171:47

कहते हैं नॉन स्पॉन्टेनियस केमिकल

171:49

रिएक्शंस

171:51

ठीक अब चले जाते हैं थोड़ा सा डेल्टा जी

171:54

की वैल्यू पे यानी कि गिब्स फ्री एनर्जी

171:57

आप मुझे ये बताओ कि अगर ये रिएक्शंस नॉन

171:59

स्पॉन्टेनियस है तो डेल्टा g की वैल्यू

172:02

कैसी होनी चाहिए ग्रेटर दन 0 होनी चाहिए

172:04

बिल्कुल चलो अब आप मुझे ये बताओ कि अगर

172:07

डेल्टा जीी की वैल्यू ग्रेटर दन 0 है तो e

172:11

सेल यानी कि सेल पोटेंशियल या फिर जिसे आप

172:13

ईएमएफ ऑफ द सेल कहते हो उसकी वैल्यू कैसी

172:16

होगी पॉजिटिव या नेगेटिव सो सोचो सोचो

172:19

सोचो डेल्टा g और e सेल इन दोनों में क्या

172:22

रिलेशन है कि डेल्टा g = -

172:27

nf3 पॉजिटिव तो e सेल नेगेटिव तो यानी कि

172:31

इलेक्ट्रोलिटिक सेल्स के केस में e सेल की

172:33

जो वैल्यू होगी वो कैसी होगी वो नेगेटिव

172:36

होगी तो इलेक्ट्रोलिटिक सेल्स के अंदर

172:38

होता है इलेक्ट्रोलिसिस और इलेक्ट्रोलिसिस

172:41

में क्या होता है वही तो पढ़ेंगे अभी

172:42

डिटेल में है ना तो ये जो इलेक्ट्रोलिसिस

172:45

है ये वर्ड को अगर आप ध्यान दो ना इस वर्ड

172:48

को अगर आप तोड़ दो तो आप देखोगे इलेक्ट्रो

172:50

कहां से आया है इलेक्ट्रिसिटी से लिसिस का

172:52

मतलब होता है ब्रेक डाउन कोई चीज को तोड़

172:55

देना तो होता क्या है यहां पर कि

172:57

इलेक्ट्रिसिटी से जो है हम इलेक्ट्रोलाइट

173:00

का ब्रेकडाउन करते हैं इलेक्ट्रोलाइट मतलब

173:03

सपोज

173:18

एक कैथोड रहता है एक एनोड रहता है बट इस

173:21

केस में दोनों को हम सेम सॉल्यूशन के अंदर

173:24

ही डिप करते हैं जैसे अगर आप इलेक्ट्रो

173:26

केमिकल सेल्स को याद करोगे तो वहां पे

173:28

क्या होता था दो अलग-अलग कंटेनर होते थे

173:30

दो अलग-अलग हाफ सेल्स होते थे राइट एक तरफ

173:33

कॉपर का सेटअप एक तरफ जिंक का सेटअप यहां

173:36

पर क्या होगा जो दोनों इलेक्ट्रोड्स होंगे

173:38

वो सेम सॉल्यूशन या फिर सेम इलेक्ट्रोलाइट

173:41

में ही डिप्ड होंगे ठीक है चलो डिटेल में

173:44

समझते हैं इलेक्ट्रोलिसिस इलेक्ट्रोलिसिस

173:45

के प्रोसेस को यूज करके हम काफी सारी

173:47

चीजें कर सकते हैं तो यहां पर हम दो

173:50

एप्लीकेशंस देखेंगे पहला कॉपर

174:07

प्यूरिफाई थी कि इलेक्ट्रो

174:10

पलेटिनस बहुत सारे हमारे घर में डेकर

174:12

आइटम्स होते हैं बहुत सारे ऐसे ज्वेलरी

174:15

होते हैं जो प्लेटेड होते हैं जैसे गोल्ड

174:17

के नहीं होते बट उसमें गोल्ड की प्लेटिंग

174:19

होती है बहुत सारे क्रोम प्लेटेड हैंडल्स

174:21

होते हैं बहुत सारे ऐसे डेकर के आइटम्स

174:23

होते हैं जिनके ऊपर कोई चीज की प्लेटिंग

174:25

या फिर कोई चीज की परत लगी हुई होती है तो

174:28

ये इलेक्ट्रो प्लेटिंग भी जो है वो

174:29

इलेक्ट्रोलिसिस का ही एक एप्लीकेशन है ठीक

174:32

है तो चलो सबसे पहले डिस्कस करेंगे हम

174:41

प्यूरीफाइड सॉल्यूशन अब इसी कंटेनर के

174:44

अंदर हम दोनों इलेक्ट्रोड्स डिप कर देते

174:47

हैं ये दोनों इलेक्ट्रोड्स किस चीज के बने

174:49

होते हैं दोनों कॉपर इलेक्ट्रोड्स हम डिप

174:52

कर देते हैं ठीक है ओके समझ आ गई बात अब

174:55

क्या होगा अब होगा कुछ यूं इसको हम कनेक्ट

174:59

करेंगे एक बैटरी से नाउ दिस इज द मोस्ट

175:02

इंपॉर्टेंट पार्ट क्योंकि इलेक्ट्रोकेमिकल

175:03

सेल में हम ऐसा नहीं करते थे क्योंकि वहां

175:05

पर हम अपनी तरफ से पोटेंशियल प्रोवाइड

175:08

नहीं करते थे राइट इलेक्ट्रिसिटी हम

175:10

प्रोवाइड नहीं करते थे राइट वहां तो जनरेट

175:13

होती थी बट यहां पर क्या है इलेक्ट्रिकल

175:16

एनर्जी हम प्रोवाइड करेंगे तो कैसे

175:18

प्रोवाइड करेंगे बैटरी से तो इसीलिए हमने

175:20

क्या किया दोनों इलेक्ट्रोड्स को कनेक्ट

175:22

कर दिया एक बैटरी से इस तरह से कनेक्ट

175:24

किया कि एनोड जो है वो पॉजिटिव टर्मिनल से

175:27

कनेक्टेड है कैथोड जो है वो नेगेटिव

175:29

टर्मिनल से कनेक्टेड है क्लियर है यहां तक

175:31

तो यही सेटअप है हमारा अब जो कैथोड है वो

175:35

नेगेटिव टर्मिनल से कनेक्टेड है तो कैथोड

175:37

के ऊपर क्या है नेगेटिव चार्जेस हैं चूंकि

175:39

नेगेटिव चार्जेस हैं तो कैथोड की तरफ कौन

175:42

अट्रैक्ट होगा पॉजिटिव चार्जेस ऑब् वियस

175:45

अब देखो हमारा जो सॉल्यूशन है उसमें क्या

175:47

है कॉपर से सल्फेट यानी कि उसमें cu2 प

175:50

आयस हैं और सल्फेट आयस है so4 2 - ठीक है

175:53

तो पॉजिटिव आयस कौन से हैं cu2 प ये किसकी

175:56

तरफ अट्रैक्ट होंगे कैथोड की तरफ क्योंकि

175:58

उनमें नेगेटिव चार्ज है राइट अब ये co2 प

176:01

क्या करना चाहेगा यार सबको स्टेबिलिटी

176:04

चाहिए ना हमें तो पता ही है स्टेबिलिटी की

176:06

कहानी तो co2 प हमेशा यही चाहेगा कि यार

176:09

मुझे ना कहीं पे तो दो इलेक्ट्रॉन मिल जाए

176:11

और मैं cu1 जाऊं हमें कॉपर बन जाऊं स्टेबल

176:14

हो जाऊं राइट तो बस वही हो रहा है कैथोड

176:16

में क्या हो रहा है ये co2 प् कैथोड जा

176:18

रहा है उससे इलेक्ट्रॉन ले रहा है और कॉपर

176:21

बन जा रहा है और कॉपर बनके वह कैथोड में

176:24

डिपॉजिट हो जा रहा है ठीक है ये है कहानी

176:27

कैथोड की तो इसका मतलब कैथोड में हो क्या

176:30

रहा है cu2 प जो है इलेक्ट्रॉन गेन कर रहा

176:34

है गेन ऑफ इलेक्ट्रॉन बोले तो रिडक्शन और

176:37

हमें तो पहले से ही पता था रेड कैट यानी

176:39

कि कैथोड में हमेशा रिडक्शन होता है तो

176:41

देखो सारी बातें मिलती जा रही है तो कैथोड

176:44

में कॉपर डिपॉजिट होते जा रहा है कैथोड

176:46

में रिडक्शन हो रहा है क्लियर है पूरा

176:49

पिक्चर ग्रेट अब देखते हैं एनोड की कहानी

176:52

एनोड में क्या होता है एन ऑक्स यानी कि

176:55

ऑक्सीडेशन तो क्या होगा एनोड में एनोड का

176:58

जो कॉपर है वो क्या करेगा वो दो

177:00

इलेक्ट्रॉन लूज करेगा दो इलेक्ट्रॉन वो दे

177:04

देगा और दो इलेक्ट्रॉन देके वो क्या बन

177:06

जाएगा cu2 प और ये cu2 प कहां जाएगा

177:09

ओबवियसली सॉल्यूशन में तो मतलब पिक्चर

177:12

क्या हो रहा है एनोड में हो रहा है

177:14

ऑक्सीडेशन कैथोड में हो रहा है रिडक्शन वो

177:16

तो है बट ओवरऑल यहां पर कहानी क्या हो रही

177:19

है कहानी कुछ ऐसी हो रही है कि एनोड में

177:21

से cu2 प निकल रहा है सॉल्यूशन में और वही

177:25

co2 प दो इलेक्ट्रॉन लेके कैथोड में जाके

177:28

डिपॉजिट हो जा रहा है राइट तो अगर बहुत

177:31

सिंपल शब्दों में सोचो तो कुछ यूं हो रहा

177:34

है कि इधर का एनोड का कॉपर निकल के आ जा

177:36

रहा है और कैथोड में कॉपर जमा होता जा रहा

177:39

है तो विथ टाइम क्या होगा मेरा जो कैथोड

177:42

है वो और थिक होता जाएगा उधर कॉपर जमा हो

177:45

रहा है जो मेरा एनोड है वो थिन होता जाएगा

177:47

क्योंकि वहां से जो है cu2 प निकलता जा

177:50

रहा है यहां तक समझ आई अब देखो कि यह कॉपर

177:54

के

178:10

प्यूरिफाईज हैं ठीक है तो मैं क्या करूंगी

178:13

कि उस इंपोर कॉपर को अपना एनोड बना दूंगी

178:16

एनोड बना देने से क्या क्या होगा कि उसमें

178:19

से जितना भी कॉपर है ना वह कॉपर निकल के आ

178:21

जाएगा और कहां चला जाएगा कैथोड में चला

178:24

जाएगा तो इसका मतलब इस ये रिएक्शन

178:27

जैसे-जैसे होता रहेगा उस इंपोर कॉपर में

178:30

से सारा कॉपर निकल के आता रहेगा और कैथोड

178:33

में जमा होता जाएगा तो बेसिकली जो मेरा

178:35

कैथोड रहेगा वो क्या हो जाएगा वो बिल्कुल

178:38

प्योर कॉपर रहेगा तो इस तरीके से हम इंपोर

178:41

कॉपर से प्योर कॉपर निकाल सकते हैं एंड

178:43

दैट इज हाउ वी डू

178:48

इलेक्ट्रोलिसिस में होता क्या है वो तो

178:49

समझ में आ गया है अब एग्जांपल लेते हैं

178:51

इलेक्ट्रो प्लेटिंग का जैसा कि मैंने

178:53

बताया इलेक्ट्रो प्लेटिंग में क्या होता

178:55

है किसी एक चीज के ऊपर हम एक दूसरे मेटल

178:58

की कोटिंग डाल देते हैं ठीक है एग्जांपल

179:01

लेते हैं लेट अस सपोज मेरे हाथ में ये

179:03

ग्लास है ठीक है अब मैं चाह रही हूं कि इस

179:06

ग्लास के ऊपर मैं एक कॉपर की कोटिंग डाल

179:10

दूं ठीक है तो उससे क्या होगा ये ग्लास

179:12

कॉपर का तो नहीं होगा बट ये देखने में

179:14

बिल्कुल एक तांबे के ग्लास जैसा लगेगा एक

179:17

कॉपर के ग्लास जैसा देखने में लगेगा चाहे

179:19

तो हम इसके ऊपर सिल्वर की कोटिंग भी डाल

179:21

सकते हैं गोल्ड की कोटिंग भी डाल सकते हैं

179:23

राइट तो उसमें हम करेंगे क्या तो हम चाहते

179:26

क्या है हम बेसिकली यह चाहते हैं कि जो

179:27

कॉपर है ना वो इसके ऊपर आके डिपॉजिट हो

179:30

जाए और अपनी एक लेयर बना दे यही हम चाहते

179:34

हैं राइट तो इसका मतलब है मैं क्या करूंगी

179:37

जिसके ऊपर मुझे कॉपर को डिपॉजिट कराना है

179:41

उसे मैं कौन सा इलेक्ट्रोड बनाऊंगी उसे

179:44

मैं कैथोड बनाऊंगी क्योंकि कैथोड में आकर

179:46

के मेरे कॉपर डिपॉजिट होते रहते हैं है ना

179:49

तो इसीलिए जिस भी ऑब्जेक्ट की प्लेटिंग

179:51

करनी है चाहे वो ग्लास हो चम्मच हो की हो

179:55

कोई भी डेकर आइटम हो उसको हम बनाते हैं

179:57

कैथोड ठीक है और एनोड में हम क्या लेते

180:00

हैं जिसकी कोटिंग डालनी है यानी कि जैसे

180:03

अगर मुझे इसके ऊपर कॉपर की कोटिंग डालनी

180:05

है तो एनोड में हम कॉपर लेंगे अब सवाल ये

180:08

उठता है कि सॉल्यूशन क्या लेंगे

180:10

इलेक्ट्रोलाइट क्या लेंगे वो हम उसी मेटल

180:13

का कोई सॉल्ट सॉल्यूशन लेंगे जिसकी हम

180:15

कोटिंग डाल रहे हैं जैसे यहां पर मैं कॉपर

180:18

की कोटिंग डालना चाह रही हूं तो सॉल्यूशन

180:20

भी मैं कॉपर सल्फेट ही लूंगी या फिर कॉपर

180:22

का कोई भी सॉल्ट सॉल्यूशन लूंगी ठीक है ले

180:25

लिया होगा क्या अब होगा तो वही एनोड में

180:29

ऑक्सीडेशन और कैथोड में रिडक्शन सिंपल

180:32

देखो प्रोसेस वही रहेगा यहां पर क्या होगा

180:34

एनोड में ऑक्सीडेशन होगा ऑक्सीडेशन होगा

180:37

तो क्या होगा कॉपर क्या करेगा इलेक्ट्रॉन

180:40

लूज करेगा और बन जाएगा cu2 प तो वो

180:43

सॉल्यूशन में आ जाएगा कैथोड में क्या होगा

180:46

ये cu2 प कैथोड के पास जाएगा कैथोड के पास

180:49

नेगेटिव चार्जेस होंगे क्योंकि कैथोड

180:51

किससे कनेक्टेड है नेगेटिव टर्मिनल ऑफ द

180:53

बैटरी तो उसके वजह से ये उस नेगेटिव चार्ज

180:56

को एक्सेप्ट करेगा और बन जाएगा कॉपर और इस

180:59

तरह से कॉपर जो है कैथोड में डिपॉजिट होता

181:02

रहेगा और जिस भी ऑब्जेक्ट के ऊपर मुझे

181:04

लेयर डालनी है उसके ऊपर कॉपर की एक लेयर

181:07

डल चुकी होगी अब इलेक्ट्रोलिसिस का

181:10

कांसेप्ट तो हमें समझ में आ गया बट अब

181:12

सवाल ये था कि इलेक्ट्रोलिसिस के इस

181:15

कांसेप्ट को हम क्वांटिफाई कैसे करें इसको

181:18

हम मेजरेबल कैसे बनाए इन द सेंस कि

181:21

इलेक्ट्रोलिसिस के कांसेप्ट से मुझे यह

181:23

समझ में आ गया कि हां भाई ठीक है कैथोड

181:25

में मेरा कॉपर जो है वो डिपॉजिट होते रहता

181:27

है मतलब फॉर एग्जांपल कोई भी मेटल मेरा

181:29

डिपॉजिट होते रहता है ठीक है वो बात समझ

181:31

में आ गई बट कितना कॉपर डिपॉजिट हो रहा है

181:34

कितना कॉपर डिपॉजिट होगा यह कौन से

181:37

फैक्टर्स पे डिपेंड करता है उसका क्या तो

181:40

माइकल फैराडे ने कुछ लॉज दिए थे उन्होंने

181:43

फराडेज फर्स्ट लॉ और सेकंड लॉ दिया था जो

181:46

इन क्वेश्चंस का आंसर करता है इनफैक्ट

181:48

माइकल फैरड ये पहले ऐसे साइंटिस्ट थे

181:50

जिन्होंने इलेक्ट्रोलिसिस के क्वांटिटेशन

181:52

एस्पेक्ट को स्टडी किया सबसे पहले देखेंगे

181:55

फराडेज फर्स्ट लॉ फराडेज फर्स्ट लॉ ये

181:58

कहता है कि द अमाउंट ऑफ केमिकल रिएक्शन

182:01

दैट हैपेंस एट एन इलेक्ट्रोड किसी भी एक

182:04

इलेक्ट्रोड पे कितना केमिकल रिएक्शन हो

182:07

रहा है दैट इज डायरेक्टली प्रोपोर्शनल टू

182:09

द अमाउंट ऑफ इलेक्ट्रिसिटी दैट इज पास्ड

182:12

थ्रू द इलेक्ट्रोलाइट यानी कि अब

182:15

इलेक्ट्रोड जो है वो किसी इलेक्ट्रोलाइट

182:16

में ही डिप किया हुआ है ठीक है अब उस

182:19

इलेक्ट्रोड में कितना केमिकल रिएक्शन होगा

182:22

उसमें कितना कॉपर डिपॉजिट होगा यह डिपेंड

182:25

करता है कि हमने कितना इलेक्ट्रिसिटी पास

182:28

किया है उस इलेक्ट्रोलाइट के थ्रू ठीक है

182:32

तो अगर हम यह कॉपर वाला ही सेटअप का

182:34

एग्जांपल लेते हैं तो लेट अस सपोज कि हमने

182:37

इलेक्ट्रिसिटी पास किया हमने करंट पास

182:39

किया बहुत थोड़े सी देर के लिए जरा सी देर

182:41

के लिए करंट पास किया तो उस केस में मेरे

182:44

कैथोड में कॉपर भी जरा सा ही डिपॉजिट होगा

182:47

राइट क्योंकि मेरा ये जो रिएक्शन है ये

182:49

हुआ ही थोड़ी देर के लिए अगर मैंने बहुत

182:52

देर तक इसमें करंट पास किया तो क्या होगा

182:55

कॉपर भी ज्यादा डिपॉजिट होगा राइट तो

182:57

बेसिकली ये दो चीजों पे डिपेंड कर रहा है

183:00

कि कितना करंट पास किया और कितनी देर के

183:03

लिए करंट पास किया राइट तो इन अ वे हम ये

183:07

कह सकते हैं कि कितना वेट ऑफ कॉपर डिपॉजिट

183:10

होगा दैट इज डायरेक्टली प्रोपोर्शनल टू q

183:14

दैट इज चार्ज और चार्ज मतलब करंट इंटू

183:16

टाइम दैट इज़ i * t राइट और ये ड क्या है

183:20

यहां पर कितना कॉपर का वेट इस इलेक्ट्रोड

183:23

में डिपॉजिट होगा ठीक है तो ये तो था

183:26

फैराडे का फर्स्ट लॉ अब चलो देखते हैं

183:28

सेकंड लॉ में उन्होंने क्या कहा अब मान लो

183:30

हमारे पास कुछ ऐसा सेटअप है जिसमें दो

183:33

डिफरेंट मेटल्स या दो डिफरेंट चीजों को

183:36

हमने ले रखा है लेट अस सपोज एक कंटेनर के

183:39

अंदर कॉपर के इलेक्ट्रोड्स हैं और कॉपर

183:41

सल्फेट का सॉल्यूशन है दूसरे कंटेनर के

183:43

अंदर सिल्वर के इलेक्ट्रोड्स हैं और

183:45

सिल्वर का सॉल्यूशन है लेकिन इन दोनों को

183:49

हमने कनेक्ट कर रखा है सेम बैटरी से तो

183:51

इसका मतलब है दोनों तरफ जो है सेम

183:54

क्वांटिटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी जा रही है बट

183:56

क्या इसका यह मतलब है कि इस तरफ कैथोड में

183:59

जितना कॉपर डिपॉजिट होगा और इस तरफ कैथोड

184:03

में जितना सिल्वर डिपॉजिट होगा वह दोनों

184:05

सेम होगा बिल्कुल नहीं बिल्कुल नहीं ऐसा

184:09

क्यों हालांकि सेम इलेक्ट्रिसिटी पास हो

184:12

रही है दोनों के इलेक्ट्रोलिटिक सॉल्यूशन

184:14

पे लेकिन यार कॉपर और सिल्वर यह दोनों तो

184:17

दो अलग अलग ही चीजें हैं दोनों की

184:19

प्रॉपर्टीज अलग हैं दोनों का रिएक्शन करने

184:22

का जो टेंडेंसी है वह अलग है दोनों को

184:24

रिएक्ट करने की जो स्पीड है जो नेचर है जो

184:27

प्रॉपर्टी है वो अलग है तो इसीलिए दोनों

184:29

को हम सेम क्वांटिटी में तो एक्सपेक्ट

184:31

नहीं कर सकते हैं और इसी के बारे में था

184:33

फैराडे का सेकंड लॉ तो फैराडे सेकंड लॉ ये

184:36

कहता है कि द अमाउंट ऑफ डिफरेंट सब्सटेंसस

184:41

लिबरे व्हेन सेम अमाउंट ऑफ इलेक्ट्रिसिटी

184:44

इज पास्ड थ्रू द इलेक्ट्रोलिटिक सॉल्यूशन

184:46

इज डायरेक्ट ली प्रोपोर्शनल टू देयर

184:49

केमिकल इक्विवेलेंट वेट्स यानी कि कितना

184:52

कॉपर और कितना सिल्वर डिपॉजिट होगा यह

184:55

डिपेंड करेगा इनके इक्विवेलेंट वेट पर मान

184:58

लो कॉपर डिपॉजिट हो रहा है w1 मतलब w1 वेट

185:02

ऑफ कॉपर इज गेटिंग डिपॉजिटेड w2 वेट ऑफ

185:05

सिल्वर इज गेटिंग डिपॉजिटेड तो w1 / w2

185:08

क्या हो जाएगा e1 / e2 जहां पर e1 और e2

185:11

क्या है इक्विवेलेंट वेट ऑफ कॉपर एंड

185:13

सिल्वर ठीक है अब बहुत से बच्चे पूछेंगे

185:16

कि मैम ये इक्विवेलेंट वेट क्या होता है

185:18

तो मैं बताऊंगी कि इक्विवेलेंट वेट तो

185:19

मैंने क्लास 11थ में पढ़ाया था राइट बट

185:22

एनीवेज एक बार रीकैप कर देती हूं

185:24

इक्विवेलेंट वेट होता है एटॉमिक वेट

185:26

डिवाइडेड बाय वैलेंसी फैक्टर अब आप पूछोगे

185:28

वैलेंसी फैक्टर क्या होता है कोई भी मेटल

185:31

आयन जितने इलेक्ट्रॉन एक्सेप्ट करता है वो

185:35

जो नंबर होता है दैट इज वैलेंसी फैक्टर

185:37

फॉर एग्जांपल अगर मैं बात करूं zn20 जिंक

185:40

2+ आयन की तो यह दो इलेक्ट्रॉन एक्सेप्ट

185:43

करके जिंक बनाता है तो इसका वैलेंसी

185:45

फैक्टर हो जाएगा टू अगर मैं बात करूं al3

185:49

प की ये तीन इलेक्ट्रॉन एक्सेप्ट करके

185:51

बनाएगा एलुमिनियम तो इसका वैलेंसी फैक्टर

185:54

हो जाएगा थ्री ठीक है तो ये था फराडेज

185:57

सेकंड लॉ तो फराडेज लॉज को समझने के लिए

186:01

थोड़ा एग्जांपल लेके कुछ और डिटेल समझते

186:03

हैं जैसे कि एक एग्जांपल लेते हैं मान

186:05

लेते हैं कि ये सिल्वर आयन है सिल्वर के

186:09

सॉल्यूशन में जो आयन है दैट इज + ये

186:12

इलेक्ट्रॉन को एक्सेप्ट करके बना देता है

186:15

सिल्वर ठीक है अब यहां पर हम इसके

186:18

क्वांटिटेशन एस्पेक्ट की बात करेंगे कि यह

186:21

बनने में कितना चार्ज चाहिए होगा कितनी

186:24

इलेक्ट्रिसिटी चाहिए होगी हम उस एस्पेक्ट

186:27

में बात करेंगे ठीक है तो यहां पर हम क्या

186:29

देखते हैं कि न मोल ऑफ इलेक्ट्रॉन इज

186:33

रिक्वायर्ड फॉर रिडक्शन ऑफ 1 मोल

186:38

+ यहां पर + से ए बन रहा है तो बेसिकली हो

186:42

क्या रहा है यहां पर हो रहा है रिडक्शन तो

186:45

1 मोल + को रिड्यूस करने के लिए मुझे

186:48

कितना इलेक्ट्रॉन चाहिए न मोल इलेक्ट्रॉन

186:50

चाहिए ठीक है अब अगर मैं यह कैलकुलेट कर

186:54

लू कि इस न मोल इलेक्ट्रॉन में टोटल चार्ज

186:59

कितना है इस न मोल इलेक्ट्रॉन में कितना

187:01

चार्ज है अगर वो कैलकुलेट कर लिया इसका

187:04

मतलब उतना चार्ज मुझे पास करवाना है इस

187:07

रिडक्शन को करवाने के लिए ठीक है तो यानी

187:10

कि अब मेरा टारगेट क्या है टू कैलकुलेट

187:13

चार्ज ऑन न मोल इलेक्ट्रॉन

187:17

तो बच्चों ये बताओ एक इलेक्ट्रॉन में

187:19

कितना चार्ज होता है 1.6 * 10 टू द पावर

187:22

-1 कूलम और 1 मोल में कितने इलेक्ट्रॉन

187:26

होते हैं

187:27

6.022 * 10 टू पावर 23 तो इसे अगर हम

187:32

कैलकुलेट करें तो यह वैल्यू निकल के आती

187:34

है 96 487 कूलम पर

187:37

मोल और इनफैक्ट इसी वैल्यू को चार्ज ऑन 1

187:41

मोल इलेक्ट्रॉन जो ये वैल्यू है इस वैल्यू

187:45

को ही हम कहते हैं इतनी क्वा ऑफ

187:47

इलेक्ट्रिसिटी को हम कहते हैं फैराडे और

187:50

इस वैल्यू को हम कहते हैं फैराडे

187:53

कांस्टेंट जिसे हम ए से डिनोट करते हैं

187:55

चकि ये पूरा कांसेप्ट फैराडे ने दिया था

187:58

इसीलिए इस कांस्टेंट को हमने फैराडे के

188:00

ऊपर ही इसका नाम रख दिया तो इसीलिए आप

188:02

देखोगे कि 1f को जो है हमेशा हम उसकी

188:05

वैल्यू कितनी डालते हैं नाइ कई बार हम इसे

188:08

एप्रोक्सीमेट कर देते हैं ताकि कैलकुलेशन

188:10

थोड़ा इजी हो जाए इसे हम

188:12

96500 कूलम पर मोल भी ले सकते हैं फॉर

188:16

इजियर कैलक ले ठीक है अब यहां पर एक

188:19

एग्जांपल और लेते हैं अब हम एग्जांपल लेते

188:21

हैं एलुमिनियम का लेट अस सपोज एलुमिनियम

188:24

3+ जो है ये तीन इलेक्ट्रॉन लेकर के बना

188:28

देता है सॉलिड एलुमिनियम ठीक है तो अगर

188:31

मैं आपसे पूछूं कि इस रिएक्शन को होने के

188:34

लिए यहां पर क्या हो रहा है गेन ऑफ

188:36

इलेक्ट्रॉन यानी कि यहां पर भी हो रहा है

188:38

रिडक्शन अब मैं अगर आपसे पूछूं कि इस

188:40

रिडक्शन को होने के लिए कितनी

188:43

इलेक्ट्रिसिटी चाहिए होगी कितना चार्ज पास

188:46

करवाना पड़ेगा इलेक्ट्रॉन लाइट के थ्रू

188:48

कैसे बताओगे देखो साफ-साफ दिख रहा है कि 1

188:51

मोल एलुमिनियम को रिड्यूस करने के लिए

188:54

मुझे 3 मोल्स ऑफ इलेक्ट्रॉन चाहिए राइट तो

188:57

यहां पर मुझे क्या कैलकुलेट करना पड़ेगा

189:00

मुझे कैलकुलेट करना पड़ेगा चार्ज ऑन 3

189:03

मोल्स ऑफ इलेक्ट्रॉन और शॉर्टकट सब कुछ

189:07

इतना डिटेल में करने की जरूरत नहीं है 1

189:09

मोल इलेक्ट्रॉन में कितना चार्ज होता है f

189:12

3 मोल इलेक्ट्रॉन में कितना चार्ज होगा

189:15

3f सिंपल यानी कि 3f दैट इज़ 3 * 96

189:22

487 इतना कूलंब ऑफ़ चार्ज जो है मुझे इसके

189:26

थ्रू पास करवाना होगा ताकि यह रिडक्शन हो

189:29

सके तो चलो बच्चों देखते हैं एक क्वेश्चन

189:32

अस सॉल्यूशन ऑफ़ कॉपर सल्फेट इज़

189:34

इलेक्ट्रोलाइज्ड फॉर 10 मिनट्स विथ अ करंट

189:37

ऑफ़ 1.5 एंपियर व्हाट इज़ द मास ऑफ़ कॉपर

189:40

डिपॉजिटेड एट द कैथोड तो फैरेज फर्स्ट लॉ

189:44

को याद करो कितना मास डिपॉजिट हो कॉपर का

189:48

ये किस पर डिपेंड करेगा यह चार्ज पर

189:50

डिपेंड करेगा ठीक है और चार्ज क्या होता

189:53

है चार्ज होता है करंट इनटू टाइम ठीक है

189:58

तो यहां पर क्या दिया हुआ है टाइम दिया

190:00

हुआ है सो टाइम इज 10 मिनट्स इसे सेकंड्स

190:03

में कन्वर्ट कर ले तो यह हो जाएगा

190:07

600 सेकंड्स करंट यहां पर दिया हुआ है 1.5

190:12

एंपियर ठीक है तो यानी कि हम चार्ज बड़ी

190:15

आसानी से निकाल सकते हैं तो चार्ज कितना

190:17

कितना हो जाएगा i * t दैट इज 1.5 * 600

190:22

दैट इज इक्वल टू 900 कूलम तो इतना चार्ज

190:25

निकल गया अब मुझे निकालना क्या है कि

190:27

कितना मास ऑफ कॉपर डिपॉजिट होगा कैथोड पे

190:31

ठीक है रिएक्शन क्या हो रहा है cuso4 का

190:33

सॉल्यूशन है यानी कि कॉपर जो है cuso4 में

190:36

cu2 प के फॉर्म में है ये दो इलेक्ट्रॉन

190:39

लेकर के बना देगा कॉपर तभी तो यह वाला

190:42

कॉपर कैथोड में डिपॉजिट होगा है कि नहीं

190:46

तो अब इस रिएक्शन को होने के लिए इस

190:48

रिडक्शन को होने के लिए मुझे कितने कितना

190:51

चार्ज चाहिए मुझे चाहिए 2f चार्ज क्योंकि

190:55

मुझे ू मोल इलेक्ट्रॉन चाहिए राइट तो यानी

190:58

कि मुझे

190:59

2f के बराबर इलेक्ट्रिसिटी या फिर चार्ज

191:03

चाहिए कुछ भी कह लो इतनी इलेक्ट्रिसिटी या

191:06

फिर इतना चार्ज मुझे पास करवाना

191:09

होगा ठीक है तो हम एक तरीके से यह कह सकते

191:14

हैं कि 2f चार्ज

191:17

कराने से या 2f इलेक्ट्रिसिटी पास कराने

191:20

से कितना कॉपर डिपॉजिट हो रहा है न मोल ऑफ

191:24

कॉपर इज डिपॉजिटेड ठीक है जैसे कैथोड में

191:27

जो कॉपर डिपॉजिट हो रहा है एक मोल कॉपर

191:30

कैथोड में तब डिपॉजिट हो रहा है जब हम 2f

191:32

के बराबर चार्ज पास करवा रहे हैं ठीक है

191:36

यहां पर हमारे पास कितना चार्ज है 900

191:39

कूलम तो फिर जब हम 900 कूलम चार्ज पास

191:42

करवाएंगे तो क्या

191:44

होगा तो कितना मोल ऑफ कॉपर डिपॉजिट होगा

191:48

राइट हमें यही कैलकुलेट करना है तो कितना

191:51

हो जाएगा ये हो जाएगा 1 डिवाइडेड बाय 2f ए

191:55

की जगह हम फैराडे कांस्टेंट की वैल्यू डाल

191:58

देंगे दैट इज 96 487 इन 900 कूलम ठीक है

192:03

अब देखो यहां पर मैंने क्या लिखा है न मोल

192:06

कॉपर ठीक है अब इस न मोल की जगह आप क्या

192:09

कर सकते

192:10

हो अब इससे जो आपको आंसर मिलेगा दैट विल

192:14

एक्चुअली टेल यू कि कितना मोलस ऑफ

192:18

कॉपर डिपॉजिट होगा ठीक है 2f पास कराने से

192:22

1 मोल कॉपर डिपॉजिट होगा 900 कूलम पास

192:25

कराने से इतना मोल्स ऑफ कॉपर डिपॉजिट होगा

192:28

अब नंबर ऑफ मोल्स मिल गया तब तो आप बता ही

192:30

सकते हो कि मास कितना होगा राइट क्योंकि

192:32

नंबर ऑफ मास मोल्स क्या होता है गिवन मास

192:35

डिवाइडेड बाय एटॉमिक मास उतना तो आप कर ही

192:37

लोगे है कि नहीं तो इस तरीके से आप इसको

192:39

फर्द कैलकुलेट करके आंसर निकाल सकते हो

192:42

एंड आई होप आप ये आंसर अब निकाल लोगे राइट

192:44

तो इससे आपको मिल जाएगा कितने मोल्स ऑफ

192:47

कॉपर डिपॉजिट होंगे और उसके बाद आप निकाल

192:49

लोगे कितना मास ऑफ कॉपर डिपॉजिट होगा अब

192:52

इलेक्ट्रोलिसिस के प्रोसेस को तो हमने समझ

192:54

लिया अब देखने की बारी है कि

192:55

इलेक्ट्रोलिसिस के प्रोडक्ट्स कैसे बनते

192:57

हैं और कौन से फैक्टर्स के ऊपर डिपेंड

193:00

करता है इलेक्ट्रोलिसिस के प्रोडक्ट्स तो

193:02

यहां पर हम तीन ऐसे फैक्टर्स डिस्कस

193:04

करेंगे पहला फैक्टर है नेचर ऑफ द मटेरियल

193:06

गेटिंग इलेक्ट्रोलाइज्ड मतलब जो चीज

193:08

इलेक्ट्रोलाइजर है उसका नेचर कैसा है मतलब

193:11

इलेक्ट्रोलिटिक सेल के अंदर जो भी चीजें

193:14

हैं उसका रिड्यूस ंग पावर

193:17

है जितने इलेक्ट्रोड्स है उनके इलेक्ट्रोड

193:19

पोटेंशियल्स कितने हैं राइट तो इसके ऊपर

193:21

डिपेंड करेगा दूसरा फैक्टर है नेचर ऑफ द

193:25

इलेक्ट्रोड अब जो इलेक्ट्रोड है व इनर्ट

193:27

किस्म का भी हो सकता है यानी कि जो रिएक्ट

193:30

ना करे जो रिएक्शन में पार्टिसिपेट ना करे

193:32

जैसे कि प्लैटिनम का इलेक्ट्रोड दूसरी तरफ

193:35

कुछ रिएक्टिव इलेक्ट्रोड्स भी हो सकते हैं

193:37

जो खुद भी रिएक्शन में पार्टिसिपेट करें

193:40

अब डिपेंडिंग ऑन कि मेरा इलेक्ट्रोड इनर्ट

193:43

है या रिएक्टिव मेरा प्रोडक्ट में इंपैक्ट

193:45

आ जाएगा राइट

193:47

तीसरा फैक्टर है काइनेटिक्स ऑफ द रिएक्शन

193:50

कई बार कुछ ऐसे प्रोसेसेस होते हैं जो एस

193:54

सच तो फीजिबल होते हैं जो एस सच पॉसिबल

193:56

होते हैं लेकिन वो इतने स्लो होते हैं

193:59

काइनेटिकली कि वो ऑलमोस्ट ना के बराबर हो

194:02

रहे होते हैं मतलब वो इतने ही स्लो होते

194:04

हैं और ऐसे केसेस में क्या होता है कि

194:06

हमें बाहर से बहुत सारा एक्स्ट्रा

194:08

पोटेंशियल भी अप्लाई करना पड़ता है जिसे

194:10

हम ओवर पोटेंशियल कहते हैं तो यह भी एक

194:13

फैक्टर होता है जो डिसाइड करता है कि

194:15

इलेक्ट्रोलिसिस का प्रोडक्ट कैसा होगा

194:17

क्योंकि बहुत सारे ऐसे रिएक्शंस जो होने

194:19

चाहिए थे बट इस ओवर पोटेंशियल के चक्कर

194:24

में वह एक्चुअली में होते नहीं है तो कोई

194:27

रिएक्शन होने वाला था बट हुआ नहीं तो

194:29

ओबवियसली मेरे प्रोडक्ट में तो फर्क पड़

194:31

जाएगा राइट तो ये कुछ ऐसे फैक्टर्स हैं

194:34

जिसके ऊपर बेस करके हम बता सकते हैं कि

194:36

इलेक्ट्रोलिसिस के प्रोडक्ट्स क्या होंगे

194:39

तो चलो एक एग्जांपल लेते हैं बात करते हैं

194:41

मोल्टन

194:47

क्या प्रोडक्ट्स बनने की पॉसिबिलिटीज है

194:49

ठीक है तो मेरे पास क्या है सिर्फ मोल्टन

195:17

होने के लिए ये एक इलेक्ट्रॉन लेके ए बना

195:19

देगा यानी कि गेन ऑफ इलेक्ट्रॉन तो ये

195:22

क्या है क्या हो रहा है फिलहाल ये हो रहा

195:25

है रिडक्शन चकि ये रिडक्शन हो रहा है तो

195:28

यह कहां पर होगा यह होगा कैथोड

195:31

पर बचा क्या स माइ स माइ को अगर हम देखें

195:35

इसके पास एक इलेक्ट्रॉन एक्स्ट्रा है तो

195:37

ये क्या करेगा इलेक्ट्रॉन को लूज करके

195:40

क्लोरीन गैस बना

195:42

देगा ठीक है तो यहां पर क्या हो रहा है

195:45

यहां पर हो रहा है ऑक्सीडेशन चूंकि

195:48

ऑक्सीडेशन हो रहा है तो ऑक्सीडेशन कहां पर

195:50

होगा ये होगा एनोड में ठीक है सो कुल मिला

195:54

के अगर हम इन दोनों रिएक्शंस को देखें तो

195:58

हमारे प्रोडक्ट्स क्या बन रहे हैं ए बन

196:00

रहा है एक प्रोडक्ट cl2 बन रहा है दूसरा

196:03

प्रोडक्ट तो यानी कि इस इलेक्ट्रोलिसिस के

196:06

जो पॉसिबल प्रोडक्ट्स है वो क्या-क्या है

196:08

सोडियम और

196:10

cl2 सिंपल था चलो अब इसी को थोड़ा सा और

196:14

घुमाते हैं अब मैंने बोला कि लेट्स से कि

196:17

मैं इलेक्ट्रोलिसिस करती हूं एक्वास

196:46

पॉसिबिलिटी है पहले बात करेंगे कैथोड की

196:50

कैथोड में क्या होगा रिडक्शन तो पहले तो

196:53

यह देखेंगे कि यहां पे ना कैथोड में एक से

196:55

ज्यादा पॉसिबिलिटीज पॉसिबल है ठीक है एक

196:59

तो पॉसिबल ये है कि na0 जो है ये एक

197:02

इलेक्ट्रॉन गेन करके बना ले ए ठीक है ये

197:06

एक पॉसिबिलिटी है स माइ इलेक्ट्रॉन गेन तो

197:09

करेगा नहीं क्योंकि वो ऑलरेडी नेगेटिव है

197:12

लेकिन h+ जो है ये भी इलेक्ट्रॉन गेन कर

197:15

सकता है और गेन करके बना लेगा h2

197:19

गैस

197:21

राइट तो इस तरह से मेरे पास ये दो

197:24

पॉसिबिलिटीज है अब यार डिसाइड ये करना है

197:27

कि अब दोनों चीजें तो होंगी नहीं तो इन

197:29

दोनों में से कौन सा रिएक्शन एक्चुअली में

197:31

होगा कैथोड में अब वो बताने के लिए मुझे

197:34

इन दोनों रिएक्शन के e नॉ की वैल्यू देखनी

197:37

पड़ेगी तो सोडियम अब हाइड्रोजन के केस में

197:40

स्टैंडर्ड हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड याद है ना

197:42

इसके केस में तो इलेक्ट्रोड पोटेंशियल

197:44

क्या होगा जीरो क्योंकि हम इसको रेफरेंस

197:47

मानते हैं सोडियम की अगर हम बात करें तो

197:49

इसका जो इलेक्ट्रोड पोटेंशियल होगा दैट इज

197:52

- 2.71 वोल्ट्स कहां से आया टेबल से आया

197:56

ओबवियसली हम रट के तो बैठेंगे नहीं ये

197:58

सारी वैल्यूज है ना तो इसका e नो - 2.71

198:03

है ठीक है अब e नो की वैल्यू दे देने के

198:05

बाद क्या आप बता सकते हो कि कौन सा

198:07

रिएक्शन एक्चुअली में होगा कैथोड पे e नो

198:11

की वैल्यू अगर नेगेटिव होती है तो क्या

198:13

होता है इसका क्या मतलब होता है इसका मतलब

198:16

होता है कि इसका जो रिड्यूस्ड फॉर्म है

198:19

जैसे सोडियम का जो रिड्यूस्ड फॉर्म है वो

198:23

क्या होगा दैट इज लेस स्टेबल देन

198:26

हाइड्रोजन e नो की वैल्यू जभी भी नेगेटिव

198:29

आती है इसका मतलब ही यही होता है कि इसका

198:31

यानी कि यहां पर सोडियम का जो रिड्यूस्ड

198:33

फॉर्म होगा वो हाइड्रोजन से कम स्टेबल

198:36

होगा तो जो जिसका रिड्यूस्ड फॉर्म कम

198:39

स्टेबल है वो रिडक्शन अटर गो क्यों करेगा

198:41

यानी कि इस केस में इसका नेगेटिव वैल्यू

198:44

ये शो कर रहा है कि इसका जो रिड्यूस्ड

198:48

फॉर्म

198:50

है वह लेस स्टेबल

198:54

होगा चूंकि लेस स्टेबल होगा तो फिर भैया

198:56

मैं रिड्यूस्ड फॉर्म में जाऊ क्यों राइट

198:59

सबको तो स्टेबल होना है राइट तो यानी कि

199:01

सोडियम जो है रिडक्शन अंडरगो नहीं करेगा

199:05

तो कौन सा रिएक्शन ज्यादा फेवरेबल होगा ये

199:07

वाला ठीक है तो कैथोड में कौन सा वाला

199:09

रिएक्शन होगा ये हाइड्रोजन वाला रिएक्शन

199:12

विल एक्चुअली टेक प्लेस इन कैथोड ठीक है

199:16

अच्छा अब अगर मुझे कैथोड का नेट रिएक्शन

199:19

लिखना हो तो कैसे लिखेंगे ये नेट रिएक्शन

199:22

नहीं है क्योंकि हमने शुरुआत h+ से थोड़ी

199:25

ना की थी h+ तो h2o के अंदर था राइट वो तो

199:28

मैंने यहां पर ऐसे लिखा था बट एक्चुअली

199:30

हमने शुरुआत किस चीज से की थी

199:40

naclo3 है h2o से मुझे क्या मिल जाएगा

199:44

मुझे मिल जाएगा हाफ

199:47

h2 गैस ठीक है प्लस

199:51

- कैसे इलेक्ट्रॉन को एक्सेप्ट करके मतलब

199:55

इस h2o में क्या था h+ प्स - ओ माइन एज इट

199:59

इज रहेगा h+ के बदले में h+ ने इलेक्ट्रॉन

200:03

एक्सेप्ट करके यह बना दिया तो यह मेरा

200:06

कैथोड का नेट रिएक्शन हो जाएगा ठीक है यह

200:08

बात समझ में आ गई बहुत सही अब बात करेंगे

200:12

हम एनोड की तो एनोड की भी सबसे पहले हम

200:15

डिस्कस करेंगे पॉसिबिलिटी क्योंकि यहां पर

200:18

भी एक से ज्यादा पॉसिबिलिटीज

200:21

है एक पॉसिबिलिटी यह हो सकती है कि जो स

200:25

माइनस है यह इलेक्ट्रॉन लूज करके बना दे

200:29

cl2 दूसरी पॉसिबिलिटी यह हो सकती है य ओ

200:33

माइनस यह भी इलेक्ट्रॉन लूज कर सकता है इन

200:36

द सेंस दूसरा पॉसिबिलिटी कुछ ऐसा हो सकता

200:39

है कि जो वाटर है ना यह बना दे o2 प्स ए

200:44

प् प्स फ इले

200:47

ऐसी भी एक पॉसिबिलिटी है ठीक है तो अब ये

200:50

दोनों पॉसिबिलिटी है मेरे पास लेकिन इसमें

200:53

से कौन सा वाला रिएक्शन होगा फिर से वही

200:56

सवाल तो उसके लिए फिर से मुझे e नो की

200:58

वैल्यू चाहिए इन दोनों के लिए ठीक है तो

201:02

अगर मैं स माइन की बात करूं तो इसके e नो

201:05

की जो वैल्यू है दैट इज 1.36 वोल्ट और अगर

201:09

मैं h2o की बात करूं तो यहां पर e नो की

201:12

जो वैल्यू है दैट इज

201:14

1.23 वोल्ट्स

201:17

ठीक है ये दोनों वैल्यूज है अब ये बताओ इन

201:21

वैल्यूज के पता होने के बाद हम कैसे

201:23

डिसाइड करेंगे कि एनोड में इन दोनों में

201:26

से कौन सा प्रोसेस होगा अब चूंकि एनोड है

201:29

तो एनोड में क्या होगा रिडक्शन तो होगा

201:31

नहीं एनोड में होगा

201:34

ऑक्सीडेशन ठीक है तो इसका मतलब इन दोनों

201:38

में से देखो e नो की वैल्यू जिसकी कम है

201:43

उसका रिड्यूस्ड फॉर्म जो है कम स्टेबल

201:46

होगा राइट दैट इज व्हाट वी अंडरस्टैंड

201:48

जैसे यहां पर भी देखो हाइड्रोजन का जीरो

201:50

था ये इसका सोडियम का जीरो से कम था तो

201:52

इसीलिए इसका रिड्यूस्ड फॉर्म लेस स्टेबल

201:54

था तो यहां पर भी जिसकी वैल्यू कम है इस

201:58

उसका रिड्यूस्ड फॉर्म जो है वो लेस स्टेबल

202:00

होगा यानी कि वो रिडक्शन अंडर गो नहीं

202:02

करेगा तो वो क्या अंडरगो करेगा ऑक्सीडेशन

202:05

तो यानी कि दोनों में से जिसकी वैल्यू कम

202:08

है वो ऑक्सीडेशन अंडरगो करेगा यानी कि

202:11

जिसकी वैल्यू कम है वो एनोड पे रिएक्शन

202:15

होगा तो वैल्यू कम किसकी है इसकी कम है तो

202:18

यानी कि यही वाला जो रिएक्शन है आइडियल

202:22

यही वाला रिएक्शन जो है होना

202:24

चाहिए ठीक है यहां तक क्लियर है यह

202:27

रिएक्शन होना चाहिए अभी तक लेकिन यहां पर

202:31

एक प्रॉब्लम आ जाती है और वो प्रॉब्लम यह

202:34

आ जाती है कि यह वाला जो रिएक्शन है जो

202:37

हमें लग रहा है कि होना चाहिए इस वाले

202:39

रिएक्शन में ऑक्सीजन इवॉल्वड है और हम

202:43

नोटिस करते हैं कि ऑक्सीजन के साथ जो है

202:46

पोटेंशियल का इशू है यानी कि ये एक ऐसा

202:48

रिएक्शन है मैंने बताया था याद

202:50

इलेक्ट्रोलिसिस प्रोडक्ट के तीसरे फैक्टर

202:52

में कि कभी-कभी क्या होता है कि रिएक्शन

202:54

फीजिबल तो होता है बट काइनेटिकली वो इतने

202:57

स्लो होते हैं कि उनको मतलब रिएक्शन को

203:00

करवाने के लिए हमें खूब सारा एक्स्ट्रा

203:02

पोटेंशियल डालना पड़ता है जिसे हम ओवर

203:04

पोटेंशियल कहते हैं तो इस रिएक्शन के साथ

203:07

वही ओवर पोटेंशियल वाली प्रॉब्लम है तो

203:11

हालांकि e नो के वैल्यू के हिसाब से इसी

203:13

रिएक्शन को होना चाहिए था एनोड पर बट व

203:16

पोटेंशियल की प्रॉब्लम की वजह से यह वाला

203:18

रिएक्शन जो है वो एनोड पर नहीं होगा तो

203:22

एनोड पर कौन सा रिएक्शन होगा एनोड पर ये

203:25

वाला रिएक्शन होगा तो इसका मतलब अगर हम

203:28

ओवरऑल कैथोड एनोड सबको कंसीडर करते हुए

203:32

अगर हम ओवरऑल नेट रिएक्शन की बात करें

203:35

ओवरऑल रिएक्शन कैसा होगा ओवरऑल रिएक्शन

203:39

मेरा कुछ ऐसा होगा ये स माइ कहां से आया

203:41

है

203:46

कि वहां पर h2o था ठीक है तो

203:55

naclo4 h2 मिला था प्लस - मिला था एनोड के

204:00

अंदर हमें क्या प्रोडक्ट्स मिले हमें cl2

204:04

मिले हाफ cl2 मिला हमें और इस

204:16

फाइनली प्रोडक्ट्स मुझे क्या-क्या मिले

204:18

मुझे cl2 मिला प्रोडक्ट

204:21

में मुझे h2 मिला एज अ प्रोडक्ट और मुझे

204:25

क्या मिला

204:39

na-k में लिख दिया राइट तो देखो जब मोल्टन

204:46

मोमेंट हमारे पास ज्यादा रिएक्टेंट्स हैं

204:49

इसका मतलब हमारे पास ज्यादा आयस के ऑप्शन

204:51

है इसका मतलब हमारे पास ज्यादा

204:53

पॉसिबिलिटीज हैं कैथोड और एनोड पे ठीक है

204:55

बट इन प्रोडक्ट्स को

205:01

प्रेडिक्शन ट्राई करते हैं प्रॉब्लम नंबर

205:04

वन हाउ मच चार्ज इज रिक्वायर्ड फॉर द

205:06

फॉलोइंग रिडक्शंस 1 मोल ऑफ al3 + 2al अब

205:10

al3 प से

205:13

al0 तीन इलेक्ट्रॉन एक्सेप्ट करके ही

205:15

बनाएगा

205:17

तो यानी कि इस केस में मुझे कितने चार्ज

205:20

की जरूरत पड़ रही है इस रिडक्शन के लिए 3

205:23

मोल इलेक्ट्रॉन चार्ज की यानी कि 3f चार्ज

205:27

की दैट इज 3 * 96

205:30

487 दैट इज इक्वल टू 28 9461 कूलम इतने

205:35

चार्ज की मुझे जरूरत पड़ेगी वही 1 मोल ऑफ

205:38

cu2 प2 स cu2 प् से स कैसे बनेगा दो

205:42

इलेक्ट्रॉन लेकर के तो इस रिडक्शन के लिए

205:45

मुझ कितने चार्ज की जरूरत पड़ेगी इसके लिए

205:48

मुझे जरूरत पड़ेगी 2 मोल इलेक्ट्रॉन में

205:51

जितना चार्ज है यानी कि 2f दैट इज 2 * 96

205:56

487 दैट इज इक्वल टू

205:59

192 974 कूलम इतने चार्ज की जरूरत पड़ेगी

206:04

देखते हैं प्रॉब्लम नंबर टू हाउ मच

206:06

इलेक्ट्रिसिटी इन टर्म्स ऑफ फैराडे इज

206:08

रिक्वायर्ड टू प्रोड्यूस 20 ग्राम्स ऑफ

206:10

कैल्शियम फ्रॉम मोल्टन cacl2 अब देखो

206:14

cacl2 डिसोसिएट कैसे कर cacl2 से मुझे अगर

206:18

कैल्शियम चाहिए cacl2 में कैल्शियम किस

206:21

फॉर्म में है ca2 प फॉर्म में ca2 प्लस जब

206:24

दो इलेक्ट्रॉन लेगा तभी वो कैल्शियम

206:27

बनाएगा ठीक है अब मुझे बताना है कि कितना

206:30

इस अब देखो इस रिएक्शन को होने के लिए

206:33

कितने इलेक्ट्रिसिटी की जरूरत है इस

206:35

रिएक्शन को होने के लिए 2f इलेक्ट्रिसिटी

206:39

की जरूरत है ठीक है अब 2f इलेक्ट्रिसिटी

206:43

प्रोवाइड करने से कितना कैल्शियम बन रहा

206:45

है मोल कैल्शियम

206:49

न मोल कैल्शियम मतलब कितना ग्राम कैल्शियम

206:52

जितना इसका एटॉमिक वेट है च इज 40

206:56

ग्रामस ठीक है तो इसका मतलब जब

207:01

हम 40 ग्रामस ऑफ कैल्शियम को पा रहे हैं

207:05

तो हम कितनी इलेक्ट्रिसिटी दे रहे हैं 2f

207:08

चार्ज हम पास करवा रहे हैं तो अगर मुझे 20

207:12

ग्राम ऑफ कैल्शियम चाहिए तो मुझे कितना

207:15

चार्ज पास कराना होगा 2f बा 40 *

207:20

20 दैट इज इक्वल टू f दैट इज 96 487 कूलम

207:25

ऑफ चार्ज मुझे पास कराना होगा या इतना

207:28

इलेक्ट्रिसिटी मुझे पास कराना होगा तो

207:31

बच्चों फाइनली हमने इलेक्ट्रोकेमिकल सेल्स

207:33

और इलेक्ट्रोलिटिक सेल्स दोनों ही डिटेल

207:36

में समझ लिया है तो चलो फटाफट देखते हैं

207:38

एक कंपैरिजन बिटवीन द टू और उसी के साथ हो

207:41

जाएगा एक क्विक रीकैप तो अगर हम बात करें

207:44

गलवानिक सेल्स यानी कि इलेक्ट्रो केमिकल

207:46

सेल्स की तो ये कन्वर्ट करते हैं केमिकल

207:48

एनर्जी टू इलेक्ट्रिकल एनर्जी दूसरी तरफ

207:51

इलेक्ट्रोलिटिक सेल्स कन्वर्ट करते हैं

207:53

इलेक्ट्रिकल एनर्जी टू केमिकल एनर्जी अगर

207:56

बात करें हम गलवानिक सेल्स की तो यहां पर

207:58

वर्क इज डन बाय द सेल सेल जो है वो काम

208:02

करता है और इलेक्ट्रिसिटी प्रोड्यूस करता

208:04

है दूसरी तरफ अगर हम बात करें

208:06

इलेक्ट्रोलिटिक सेल्स की तो यहां पर वर्क

208:09

इज डन ऑन द सेल सेल काम नहीं करता है यहां

208:12

पर हम बाहर से जो एक्सटर्नल इलेक्ट्रिकल

208:15

एनर्जी प्रोवाइड करते हैं वह सेल के ऊपर

208:18

काम करता है और केमिकल रिएक्शंस अकर

208:21

करवाता है अगर बात करें डेल्टा g की

208:24

वैल्यू की तो इलेक्ट्रोकेमिकल सेल्स यानी

208:27

कि

208:33

गैल्वेनोमीटर

208:35

तरफ अगर हम इलेक्ट्रोलिटिक सेल्स की बात

208:38

करें तो यहां पर हम डील कर रहे होते हैं

208:40

विथ नॉन स्पॉन्टेनियस रिएक्शंस देयर फॉर

208:43

डेल्टा g इज ग्रेटर दन 0 अगर सेटअप की बात

208:47

करें तो इलेक्ट्रोकेमिकल सेल यानी कि

208:49

गैलवे एक सेल में दो सेपरेट हाफ सेल्स

208:52

होते हैं तो दो इलेक्ट्रोड्स दो सेपरेट

208:55

हाफ सेल्स में डिप्ड होते हैं दूसरी तरफ

208:58

अगर हम इलेक्ट्रोलिटिक सेल्स की बात करें

209:00

तो यहां पर दोनों इलेक्ट्रोड सेम सेल के

209:03

अंदर ही डिप्ड होते हैं अगर बात करें

209:05

गलवानिक सेल की तो यहां पर हम देखते हैं

209:08

कि एनोड नेगेटिव होता है क्यों क्योंकि इट

209:11

हैज अ नेगेटिव पोटेंशियल विद रेस्पेक्ट टू

209:14

द सॉल्यूशन

209:16

तो यहां पर गैल्वेद में एनोड होता है

209:18

नेगेटिव और कैथोड होता है पॉजिटिव दूसरी

209:22

तरफ अगर हम बात करते हैं इलेक्ट्रोलिटिक

209:24

सेल की तो यहां पर कैथोड होता है नेगेटिव

209:27

क्यों क्योंकि यह नेगेटिव टर्मिनल ऑफ़ द

209:29

बैटरी से कनेक्टेड होता है और एनड होता है

209:32

पॉजिटिव तो बच्चों अब हम बात करने वाले

209:35

हैं बैटरी की याद है जब इलेक्ट्रो

209:37

केमिस्ट्री बिल्कुल शुरुआत की थी मैंने तो

209:39

मैंने सबसे पहला एप्लीकेशन बताया था बैटरी

209:42

का क्योंकि बैटरी से हमारे आसपास की बहुत

209:45

सारी चीजें चाहे क्लॉक है चाहे मोबाइल है

209:48

चाहे लैपटॉप है चाहे कैमरा है ऐसी बहुत

209:50

सारी हमारी डे टू डे लाइफ की चीजें ऑपरेट

209:53

होती हैं तो इट इज वेरी इंपॉर्टेंट कि हम

209:55

बैटरी के वर्किंग को समझे तो बैटरी होता

209:58

क्या है अ सेल और मोर दन अ सेल कनेक्टेड

210:02

इन सीरीज जब एक या एक से ज्यादा सेल्स

210:05

सीरीज में कनेक्टेड होते हैं तो हमें

210:07

मिलता है एक बैटरी तो अगर बैटरी के बात

210:10

करें तो यह क्या करते हैं मतलब बेसिकली यह

210:13

करते क्या हैं तो यह इलेक्ट्रिसिटी जन रेट

210:16

करते हैं राइट यानी कि ये किस तरह के सेल

210:18

है यह

210:27

गैल्वेनोमीटर

210:42

रिचार्जेबल होना चाहिए अ बैटरी लॉन्ग

210:46

लास्टिंग होना चाहिए एनवायरमेंटल पोल्यूशन

210:48

क्रिएट नहीं करना चाहिए तो इस तरह की आपकी

210:50

एक लंबी सी विश लिस्ट होगी जिसके अंदर एक

210:53

बहुत इंपॉर्टेंट फीचर जो हम बैटरी में

210:55

चाहते हैं वो ये भी होगा कि इसकी जो

210:58

वोल्टेज है ये वैरी नहीं करनी चाहिए जब हम

211:01

इसे यूज कर रहे हैं ठीक है तो इस तरह के

211:05

जो फीचर्स हमारे लिए डिजायरेबल है किसी भी

211:08

बैटरी में इनको ध्यान में रखते हुए बहुत

211:10

तरह के बैटरीज डिजाइन किए गए हालांकि हर

211:13

जगह जो बेसिक कांसेप्ट है वो वही है

211:15

रेडॉक्स रिएक्शन के थ्रू जो एनर्जी जनरेट

211:18

होगी उससे हम इलेक्ट्रिसिटी जनरेट करेंगे

211:21

एंड

211:23

दैट्ची है तो चलो देखते हैं बैटरीज दो तरह

211:27

के होते हैं प्राइमरी बैटरीज एंड सेकेंडरी

211:30

बैटरीज तो सबसे पहले समझते हैं प्राइमरी

211:32

बैटरी तो प्राइमरी बैटरीज क्या होती हैं

211:35

यह वैसी बैटरीज होती हैं जिनके अंदर

211:37

रिएक्शन एक ही बार होता है और उसको आप एक

211:41

पीरियड ऑफ़ टाइम के लिए यूज़ कर लेने के

211:43

बाद आप दोबारा रीयूज नहीं कर सकते हो इसका

211:47

यह मतलब है कि जैसे आपने देखा होगा बहुत

211:49

बार क्या होता है जो बैटरीज आप लेते हो

211:51

मार्केट से उसको आपने जैसे घड़ी के अंदर

211:53

जो बैटरी होती है आपने घड़ी में लगाया कुछ

211:55

टाइम तक वो चलता है कुछ महीने वो बैटरी

211:58

आराम से चलती है यूज़ होते रहती है होते

212:00

रहती है होते रहती है बट एक बार जैसे ही

212:03

उसका वो पूरा पीरियड खत्म हो गया पीरियड

212:05

इन द सेंस एक बार जैसे ही वो पूरा रिएक्शन

212:08

जितना हो सकता था वो खत्म हो गया उसके बाद

212:10

हम उसको दोबारा रीयूज नहीं कर सकते हैं तो

212:13

उसके बाद आपको बैटरी चेंज करनी पड़ती है

212:15

ठीक है तो ये होती है प्राइमरी बैटरीज तो

212:17

यहां पर कोई भी बैटरी को रिचार्जिंग वाला

212:19

फंडा होता नहीं है तो प्राइमरी बैटरीज के

212:22

वर्किंग को समझने के लिए कुछ एग्जांपल्स

212:24

लेते हैं प्राइमरी बैटरीज का तो एक बहुत

212:26

बढ़िया एग्जांपल है ड्राई सेल जो हम अपने

212:28

आसपास बहुत सारी चीजों में यूज़ करते हैं

212:31

दूसरा एग्जांपल डिस्कस करेंगे हम मरकरी

212:33

सेल जो जो भी कई सारी चीजों में यूज़ होता

212:36

है तो चलो सबसे पहले डिस्कस करते हैं

212:38

ड्राई सेल जिसे हम ले क्लच सेल भी कहते

212:41

हैं नेम आफ्टर द साइंटिस्ट जिन्होंने इसे

212:43

डिजाइन किया था तो किसी भी सेल के वर्किंग

212:47

को समझने के लिए सबसे पहले तो हमें ये

212:49

जानना होता है कि उस सेल के अंदर कैथोड

212:51

एनोड और इलेक्ट्रोलाइट कौन-कौन से हैं ठीक

212:54

है तो यहां भी हम वही करेंगे ड्राई सेल को

212:57

समझने के लिए जो सबसे इजी चीज आप सोच सकते

213:01

हो वो है जो बैटरीज हम अपने आसपास यूज

213:03

करते हैं ये ये बैटरीज कुछ ऐसी दिखती हैं

213:06

राइट अगर ये बैटरी का स्ट्रक्चर आपके

213:08

दिमाग में है तो देखो ड्राई सेल बड़ी

213:10

आसानी से समझ में आएगा तो ड्राई सेल के

213:12

अंदर एनोड होता है जिंक का एक कंटेनर इसी

213:16

शेप का ऐसे सिलेंडर कल शेप का एक जिंक

213:18

कंटेनर होता है जो एनोड की तरह काम करता

213:21

है और इसके बीच में एक रॉड होती है कार्बन

213:24

की जिसके आसपास मैंगनीज ऑक्साइड और कार्बन

213:28

का पाउडर होता है वो काम करता है कैथोड की

213:31

तरह ठीक है अब आप पूछोगे कि यहां पर

213:33

इलेक्ट्रोलाइट क्या होता है इलेक्ट्रोलाइट

213:36

यह कैथोड और एनोड के बीच में फीड होता है

213:39

और यहां पर इलेक्ट्रोलाइट होता है एक

213:42

पेस्ट जो कि बना होता है nh4cl और z zncl2

213:46

इन दोनों को मिलाकर मतलब अमोनियम क्लोराइड

213:49

और जिंक क्लोराइड का पेस्ट जो है वो यहां

213:51

पर इलेक्ट्रोलाइट की तरह काम करता है ठीक

213:54

तो लगभग सेटअप समझ में आ गया ओके अब

213:58

रिएक्शन की बात करते हैं तो वैसे तो देखो

214:00

यहां भी वही होता है एनोड पे ऑक्सीडेशन

214:02

कैथोड पे रिडक्शन ठीक है लेकिन जो एक्चुअल

214:05

रिएक्शंस होते हैं वो काफी

214:07

कॉम्प्लेक्शन के अंदर तो अभी हम नहीं घुस

214:10

बट एटलीस्ट एक सिंपलर फॉर्म में हम चीजों

214:13

को समझ सकते हैं एनोड की अगर बात करें तो

214:15

वहां होता है ऑक्सीडेशन यानी कि लॉस ऑफ

214:17

इलेक्ट्रॉन एनोड क्या था मेरा बताओ जिंक

214:21

का कंटेनर तो जिंक क्या होता है

214:23

इलेक्ट्रॉन लूज करके बना देता है zn20 ठीक

214:27

है तो हो गया ऑक्सीडेशन जिंक का ओके अब

214:30

बात करते हैं कैथोड की कैथोड क्या था मेरा

214:33

कार्बन का रॉड जिसके आसपास क्या था mno2

214:36

मैंगनीज ऑक्साइड का पाउडर तो रिड्यूस कौन

214:39

होता है मैंगनीज मैंगनीज ऑक्साइड में

214:42

मैंगनीज जो है वो + 4 ऑक्सीडेशन स्टेट में

214:45

है और जब यह रिडक्शन अंडरगो करता है उसके

214:48

बाद इसका ऑक्सीडेशन स्टेट हो जाता है + 3

214:51

क्योंकि यह बना लेता है

214:56

mno2 पे होता है रिडक्शन तो लगभग

214:59

ऑक्सीडेशन रिडक्शन समझ में आ गया लेकिन

215:03

जैसा कि मैंने बताया यहां पे चीजें इतनी

215:05

सिंपल होती नहीं है बहुत

215:07

कॉम्प्लेक्शन से मुझे zn20 मिला दूसरे

215:10

रिएक्शन से मुझे nh3 यानी कि अमोनिया मिला

215:13

अब ये अमोनिया और zn20

215:15

आपस में मिलक के

215:19

कॉम्प्लेक्टेड में नहीं जाएंगे तो अभी के

215:22

लिए एक और बात जाननी जरूरी है कि ये जो

215:24

ड्राई सेल होता है इसका पोटेंशियल इज नियर

215:27

1.5 वोल्ट्स इनफैक्ट मेरे हाथ में जो ये

215:30

बैटरी है अगर इसमें भी आप फोकस करो तो आप

215:33

देखोगे कि इसमें मेंशन रहता है कि दिस इज

215:35

1.5 वोल्ट आप चाहो तो ये आप अपने घर पे भी

215:38

किसी बैटरी पे चेक कर सकते हो एक और

215:40

प्राइमरी बैटरी की बात करेंगे जो कि है

215:42

मरकरी सेल तो मरकरी सेल अक्सर ही जो लो

215:46

करंट

215:47

डिवाइसेज कि रिस्ट वॉचेस जैसे कि हियरिंग

215:51

एड्स तो ऐसी जगहों पे हम मरकरी सेल का

215:53

यूज़ करते हैं तो सबसे पहले देखेंगे यहां

215:55

पर एनोड कैथोड और इलेक्ट्रोलाइट क्या होते

215:58

हैं तो बात करते हैं एनोड की तो एनोड यहां

216:01

पर होता है जिंक मरकरी अमलगम एलॉय ठीक है

216:05

कैथोड की अगर बात करें तो कैथोड यहां पर

216:08

होता है h यानी कि मरकरी का ऑक्साइड और

216:11

कार्बन ये दोनों एक्ट करते हैं ये दोनों

216:14

साथ में मिलकर के एक्ट करते हैं एज कैथोड

216:17

अब बात करते हैं इलेक्ट्रोलाइट की तो

216:19

इलेक्ट्रोलाइट यहां पर भी एक पेस्ट होता

216:21

है उस पेस्ट में क्या-क्या होता है k यानी

216:24

कि पोटेशियम हाइड्रोक्साइड और

216:30

zno2 हो ग तो अगर एक बार पता चल गया एनोड

216:33

कैथोड और इलेक्ट्रोलाइट क्या है उसके बाद

216:35

वी आर रेडी टू सी द रिएक्शंस रिएक्शंस

216:38

जैसा कि मैंने पहले भी बताया है काफी

216:39

कॉम्प्लेक्टेड में नहीं जाएंगे बट यस

216:41

ओवरऑल रिएक्शन जरूर देखेंगे तो मैंने

216:44

बताया एनोड मेरा जिंक था कैथोड मेरा

216:50

hg1 +

217:14

hgoals.in क्शन हो रहा है उसका रिएक्शन

217:17

कुछ ऐसा हो रहा है राइट तो कुछ इस तरीके

217:20

से यह मरकरी सेल काम करती है इसके बारे

217:23

में खास बात यह है कि इसका जो पोटेंशियल

217:26

होता है दैट इज अराउंड 1.35 वोल्ट्स और

217:29

इसके लाइफ टाइम में यह वोल्टेज कांस्टेंट

217:32

रहती है ये 1.35 वोल्ट्स रिमन कांस्टेंट

217:35

एक जाहिर सा सवाल जो सबके दिमाग में आता

217:37

है कि ये पोटेंशियल कांस्टेंट क्यों रह

217:39

रहा है जब हम सेल को यूज कर रहे हैं तो यह

217:42

वैरी क्यों नहीं कर रहा है राइट तो आपने

217:45

ध्यान या होगा कि ये जो हम बना रहे हैं

217:47

सेल जैसे मरकरी सेल भी हमने बनाया यहां पर

217:50

हम इनका कंस्ट्रक्शन कुछ ऐसे ही करते हैं

217:52

कि आयन का इवॉल्वमेंट ही ना हो जैसे

217:55

सॉल्यूशन में आयन होते हैं राइट और

217:57

जैसे-जैसे रिएक्शन प्रोसीड करता है तो उन

218:00

आयस का कंसंट्रेशन चेंज होते रहता है राइट

218:02

किसी आयन का कंसंट्रेशन घट रहा होता है

218:04

किसी का बढ़ रहा होता है बट यहां पर ना वो

218:07

सॉल्यूशन के अंदर आयन का इवॉल्वमेंट है ही

218:09

नहीं और उसी वजह से जो है हमारा पोटेंशियल

218:12

कांस्टेंट रहता है तो बच्चों अब बात

218:14

करेंगे हम सेकेंडरी बैटरीज की आई एम

218:16

प्रिटी श्यर प्राइमरी बैटरीज के बारे में

218:18

जानने के बाद आपने गेस कर ही लिया होगा कि

218:21

सेकेंडरी बैटरीज क्या होती हैं यह वैसे

218:23

बैटरीज होती हैं जिनको हम रीयूज कर सकते

218:26

हैं जैसे एक बार हमने यूज किया वो पूरा

218:29

बैटरी डिस्चार्ज हो गया उसके बाद हम उस

218:31

बैटरी को चार्ज कर सकते हैं कैसे चार्ज कर

218:34

सकते हैं करंट पास करके इन द ऑपोजिट

218:36

डायरेक्शन और हम उसे वापस से चार्ज कर

218:38

सकते हैं वापस से रीयूज कर सकते हैं तो

218:41

यानी कि जब हम सेकेंडरी बैटरीज की बात

218:43

करेंगे तो यहां पर हम चार्जिंग और

218:45

डिस्चार्ज ंग इन दोनों साइकिल्स की बात

218:48

करेंगे तो चलो अब एक सेकेंडरी बैटरी का

218:50

एग्जांपल लेते हैं और यहां पर हम एग्जांपल

218:53

लेंगे लेड स्टोरेज बैटरी का कहां पर काम

218:55

आती है इस तरह की बैटरीज जैसे कि

218:57

ऑटोमोबाइल्स में जैसे कि इनवर्टर्स में हम

219:00

लोग कई बार घर पे इन्वर्टर रखते हैं राइट

219:02

पावर बैकअप के लिए तो आपने देखा होगा कि

219:04

इन इनवर्टर्स को हम चार्ज कर सकते हैं

219:07

राइट रिचार्ज होते हैं ये ठीक है तो यहां

219:10

पर भी सबसे पहले वही बातें करेंगे कि एनोड

219:12

क्या है कैथोड क्या है इलेक्ट्रोलाइट क्या

219:14

है तो एनोड की अगर हम बात करें तो यहां पर

219:17

एनोड होता है लेड कैथोड की बात करें तो

219:20

कैथोड में होता है अ ग्रिड ऑफ लेड मतलब

219:23

बहुत सारे लेड अलोंग विद लेड ऑक्साइड pbo2

219:27

ये एक्ट करता है एज कैथोड इलेक्ट्रोलाइट

219:30

की अगर बात करें तो यहां पर हम एक एसिड का

219:32

सॉल्यूशन लेते हैं व्हिच इज सल्फ्यूरिक

219:34

एसिड इनफैक्ट उसका भी एक फिक्स्ड

219:36

कंसंट्रेशन होता है लगभग 38 पर सॉल्यूशन

219:39

ऑफ सल्फ्यूरिक एसिड यहां पर इलेक्ट्रोलाइट

219:41

का काम करता है ठीक है तो चलो अब रिएक्शंस

219:44

देखते हैं तो चलो सबसे पहले बात करेंगे कि

219:46

ये जो लेड स्टोरेज बैटरी है इसके

219:48

डिस्चार्ज और चार्जिंग के दौरान होता क्या

219:51

है तो जब इसके डिस्चार्ज ंग हो रही होती

219:53

है इसका मतलब है द बैटरी इज इन यूज जब हम

219:56

उस बैटरी को यूज कर रहे होते हैं तो वो

219:57

डिस्चार्ज होते रहता है क्वाइट लॉजिकल

220:00

राइट अब जब हम इसे यूज कर रहे होते हैं तो

220:03

ये कैसे बिहेव करता है ये बिहेव करता है

220:05

जस्ट लाइक अ गलवानिक सेल या फिर

220:07

इलेक्ट्रोकेमिकल सेल क्योंकि जब हम इसे

220:09

यूज कर रहे होते हैं तो क्या होता है इसके

220:11

अंदर केमिकल रिएक्शंस हो रहे होते हैं और

220:13

उन केमिकल रिएक्शन से इलेक्ट्रिसिटी जनरेट

220:16

हो रही होती है और हम उसी इलेक्ट्रिसिटी

220:18

को यूज़ कर रहे होते हैं फॉर सो मेनी ऑफ

220:21

आवर डिवाइसेज ठीक है बात क्लियर है अब

220:24

रिएक्शंस की बात करते हैं रिएक्शन बच्चा

220:26

वही सेम कहानी एनोड पे ऑक्सीडेशन कैथोड पे

220:29

रिडक्शन एनोड क्या था मेरा लेड था देखो

220:32

लेड से ये क्या बन गया ऑक्सीडो के लेड

220:34

सल्फेट रिडक्शन की बात करें अगर कैथोड पे

220:37

क्या हो रहा है pbo2 लेड ऑक्साइड था कैथोड

220:40

पे वो भी देखो क्या बना दिया लेड सल्फेट

220:43

तो ये ऑक्सीडेशन रिडक्शन की रिएक्शन हो

220:45

रही हैं अब इन रिएक्शंस को अगर आप थोड़ा

220:48

गौर से देखो तो आप देखोगे कि हर जगह हम

220:50

क्या यूज कर रहे हैं सल्फेट आयस हाइड्रोजन

220:53

आयस ये चीजें यूज़ हो रही है और ये मुझे

220:55

कहां से मिल रही हैं इलेक्ट्रोलाइट से

220:58

क्योंकि इलेक्ट्रोलाइट में है सल्फ्यूरिक

220:59

एसिड व्हिच इज h2so 4 ठीक है अब जैसे-जैसे

221:03

ये रिएक्शंस होते रहेंगे मेरा सल्फ्यूरिक

221:06

एसिड जो है वो डीकंपोज होता रहेगा होता

221:08

रहेगा होता रहेगा एक ऐसा टाइम आएगा जब

221:11

मेरा सल्फ्यूरिक एसिड ऑलमोस्ट डीकंपोज हो

221:14

चुका होगा और उसे रिप्लेस करने की जरूरत

221:16

होगी करेक्ट और यहीं पर हम बात करते हैं

221:21

चार्जिंग की यानी कि जैसे ही वो

221:23

सल्फ्यूरिक एसिड का स्टॉक खत्म हो जाएगा

221:25

तो फिर मेरा बैटरी यूज करने लायक ही नहीं

221:28

रहेगा वो एफिशिएंसी शो ही नहीं करेगा

221:30

क्योंकि वो रिएक्शंस हो नहीं रहे होंगे

221:32

राइट तो अब क्या करें अब शुरू होगा हमारा

221:36

चार्जिंग का प्रोसेस चार्जिंग के प्रोसेस

221:38

के दौरान हम क्या करेंगे एगजैक्टली अपोजिट

221:41

रिएक्शन करवाएंगे अगर इन्हीं रिएक्शन को

221:44

मैं उल्टा उल्टा कर दूं मतलब प्रोडक्ट को

221:46

रिएक्टेंट की तरफ ले आऊ रिएक्टेंट को

221:48

प्रोडक्ट की तरफ ले आऊ ऑलमोस्ट ठीक है अगर

221:50

एगजैक्टली उल्टा कर दूं इन रिएक्शंस को तो

221:52

क्या होगा मेरा सल्फ्यूरिक एसिड का स्टॉक

221:54

फिर से बन जाएगा है कि नहीं यहां पर

221:57

सल्फ्यूरिक एसिड को यूज कर लिया था उल्टा

221:59

कर दूंगी तो सल्फ्यूरिक एसिड फिर से बन

222:01

जाएगा बट यह रिवर्स में कैसे कर रही हूं

222:05

रिवर्स मैं बेसिकली ऐसे कर रही हूं कि अब

222:08

मैं इलेक्ट्रिक करंट को पास करके ये

222:11

रिवर्स रिएक्शंस को अकर करवा रही हूं

222:14

क्योंकि देखो ना डिस्चार्ज ंग के टाइम पे

222:16

जो रिएक्शंस हो रहे थे वो तो स्पॉन्टेनियस

222:18

रिएक्शंस थे वो खुद से हो रहे थे बट अब

222:20

मुझे इन रिएक्शंस को उल्टे डायरेक्शन में

222:22

करवाना है बट वो क्यों होंगे हम तो ऐसे ही

222:25

होते हैं तो उल्टे डायरेक्शन में कराने के

222:27

लिए मुझे एक एक्सटर्नल सोर्स से

222:29

इलेक्ट्रिसिटी देनी पड़ेगी मुझे

222:31

इलेक्ट्रिक करंट पास कराना होगा एंड दिस

222:33

इज एगजैक्टली व्हाट हैपेंस ड्यूरिंग

222:36

चार्जिंग इसीलिए देखो चार्जिंग के जो

222:38

रिएक्शंस हैं वो डिस्चार्ज के रिएक्शंस के

222:41

ठीक उल्टे हैं तो इसका मतलब चार्जिंग के

222:44

टाइम पर

222:45

मेरा यह जो बैटरी है यह किस तरह के सेल की

222:48

तरह काम कर रहा है एब्सलूट इट इज वर्किंग

222:51

लाइक एन इलेक्ट्रोलिटिक सेल क्योंकि

222:54

चार्जिंग के टाइम पर क्या हो रहा है कि हम

222:56

इसमें से करंट पास करवा के नॉन

222:59

स्पॉन्टेनियस केमिकल रिएक्शंस को अकर करवा

223:01

रहे हैं इनफैक्ट अगर मैं प्रैक्टिकल एक

223:04

एग्जांपल से रिलेट करूं जैसा कि मैंने

223:06

बताया कि इस तरह की लेड स्टोरेज बैटरीज को

223:08

हम ऑटोमोबाइल्स में भी यूज करते हैं तो

223:10

ऑटोमोबाइल में भी जब चार्जिंग की बारी आती

223:13

है तो यह एक्स्ट टर्नल सोर्स क्या होता है

223:17

कार का इंजन कार के इंजन से मुझे यह

223:20

एक्सटर्नल जो इलेक्ट्रिकल एनर्जी चाहिए वो

223:23

मुझे मिलती है जिससे मेरा यह पूरा

223:26

चार्जिंग का प्रोसेस चलते रहता है ठीक है

223:28

सो आई होप विद दिस चार्जिंग और

223:30

डिसचार्जिंग ऑफ अ लेड स्टोरेज बैटरी इज

223:33

क्लियर तो बच्चा पाटी अब हम डिस्कस करने

223:35

वाले हैं फ्यूल सेल्स अब ये फ्यूल सेल्स

223:38

क्या होते

223:39

हैं नाम से पता चल रहा है कि यह फ्यूल से

223:43

कुछ तो फ्यूल का यूज कर ते हैं तो देखो यह

223:46

एक तरह के

223:49

गैल्वेद ऐसे केमिकल रिएक्शंस होंगे जिससे

223:52

हम इलेक्ट्रिसिटी जनरेट करेंगे ये केमिकल

223:55

रिएक्शंस यहां पर क्या होंगे इन केमिकल

223:57

रिएक्शंस को यहां पर हम करेंगे यूजिंग

224:00

फ्यूल्स कुछ ऐसे फ्यूल्स जैसे कि

224:02

हाइड्रोजन जैसे कि मीथेन जैसे कि मेथेनॉल

224:05

जिनके कंबशन से खूब सारी एनर्जी रिलीज

224:08

होती है इनके कंबशन कराएंगे हम इन केमिकल

224:11

रिएक्शंस में और फिर उससे जो एनर्जी रिलीज

224:15

होगी उससे हम इलेक्ट्रिसिटी जनरेट करेंगे

224:17

और यही काम होता है फ्यूल सेल्स का ठीक है

224:20

फ्यूल सेल्स इतने पॉपुलर क्यों हैं मतलब

224:23

इनके बारे में हम इतना क्यों पढ़ रहे हैं

224:25

दैट इज बिकॉज़ ऐसे तो हम इन फ्यूल से

224:28

इलेक्ट्रिसिटी जनरेट थर्मल पावर प्लांट्स

224:30

में भी करते हैं वहां पर भी हम वही करते

224:32

हैं कोल वगैरह से हम इलेक्ट्रिसिटी जनरेट

224:34

करते हैं बट उसका एक बहुत बड़ा

224:36

डिसएडवांटेज यह होता है कि उससे

224:38

एनवायरमेंटल पोल्यूशन बहुत ज्यादा होता है

224:41

और फ्यूल सेल्स के केस में पोल्यूशन फ्री

224:43

है सो सबसे बड़ा एडवांटेज ये है दूसरा

224:46

एडवांटेज ये भी है कि जो फ्यूल सेल्स की

224:48

जो एफिशिएंसी है वो थर्मल पावर प्लांट्स

224:50

के मुकाबले काफी ज्यादा है मतलब अगर एक

224:53

थर्मल पावर प्लांट की एफिशिएंसी 40 पर है

224:55

तो एक फ्यूल सेल की एफिशिएंसी इज ऑलमोस्ट

224:58

70 पर तो इतना ज्यादा एफिशिएंसी का भी

225:00

फर्क है तो चलो समझते हैं कि एक फ्यूल सेल

225:03

कैसे काम करता है तो यहां पर हम डिस्कस

225:05

करेंगे एक ऐसे फ्यूल सेल की जो हाइड्रोजन

225:08

और ऑक्सीजन को यूज करके प्रोड्यूस करता है

225:10

इलेक्ट्रिसिटी तो चलो देखते हैं कि ये

225:12

फ्यूल सेल काम कैसे करता है तो फ फल सेल

225:15

में हम कुछ यूं करते हैं कि जो एनोड है उस

225:17

एनोड के अंदर हम डाल देते हैं फ्यूल को

225:20

फॉर एग्जांपल यहां पर मेरा फ्यूल

225:22

हाइड्रोजन है तो हाइड्रोजन फ्यूल को हम

225:24

डाल देते हैं एनोड में ठीक है अच्छा एनोड

225:27

और कैथोड के बीच में हम एक पार्टीशन बना

225:30

देते हैं एक मेंब्रेन बना देते हैं बट वो

225:32

भी एक खास तरीके का मेंब्रेन होता है जिसे

225:34

हम कहते हैं प्रोटॉन एक्सचेंज मेंब्रेन

225:36

यानी कि ये ऐसा मेंब्रेन है जो सिर्फ

225:39

प्रोटॉन को अपने थ्रू जाने देता है दैट इज

225:41

सिर्फ h+ को अपने थ्रू जाने देगा और किसी

225:44

को जाने नहीं देगा ठीक है अब क्या होगा

225:46

मैंने हाइड्रोजन को एनोड के थ्रू अंदर

225:49

घुसाया ठीक है अब इन हाइड्रोजन में से

225:52

इलेक्ट्रॉन निकल जाएगा ठीक है क्यों क्यों

225:56

निकल जाएगा इलेक्ट्रॉन एनोड में क्या होता

225:58

है ऑक्सीडेशन होता है ऑक्सीडेशन मतलब लॉस

226:00

ऑफ इलेक्ट्रॉन करेक्ट तो हाइड्रोजन जो है

226:02

इलेक्ट्रॉन लूज करेगा तो हाइड्रोजन क्या

226:05

बन जाएगा h+ ये h+ जो है इस मेंब्रेन के

226:10

थ्रू पार होके कहां पहुंच जाएगा कैथोड में

226:13

पहुंच जाएगा लेकिन बेचारा इलेक्ट्रॉन ॉन

226:15

का क्या वो तो नहीं पार हो सकता है

226:16

क्योंकि ये मेंब्रेन इलेक्ट्रॉन को तो

226:17

अलाव नहीं करेगा तो इधर जो है एनोड की तरफ

226:20

इलेक्ट्रॉन जमा होते जाएंगे तो ये

226:22

इलेक्ट्रॉन कहेगा कि ठीक है मैं तो

226:24

इलेक्ट्रॉन हूं अगर मुझे किसी ने पकड़

226:26

नहीं रखा है तो मैं वायर के थ्रू सर्किट

226:29

के थ्रू फ्लो कर जाऊंगा तो इलेक्ट्रॉन वही

226:31

करता है जो सर्किट बना हुआ है उस सर्किट

226:34

के थ्रू इलेक्ट्रॉन फ्लो करके चला जाता है

226:36

और इलेक्ट्रॉन भी वापस जाके पहुंचता कहां

226:39

पर है कैथोड पर ठीक है तो इसका मतलब

226:41

मेंब्रेन के थ्रू h+ पहुंचा बाहर वायर के

226:45

थ्रू इलेक्ट्रॉन पहुंचा और कैथोड का जो

226:48

इनलेट था उसमें हमने क्या डाल रखा था

226:50

उसमें हमने ऑक्सीजन डाल रखा था इसीलिए

226:52

मैंने बोला था ये फ्यूल सेल क्या यूज करता

226:54

है h2 और o2 तो कैथोड में एनीवेज हमने o2

226:58

डाल रखा था तो अब कैथोड में क्या होगा ये

227:01

ऑक्सीजन ये इलेक्ट्रॉन ये h+ ये सारे मिल

227:05

कर के क्या बना देंगे वाटर h2o बनाएंगे और

227:08

साथ में खूब सारी हीट एनर्जी रिलीज होगी

227:11

एंड दिस इज एगजैक्टली हाउ द फ्यूल सेल

227:14

वर्क्स तो यहां पर देखो इलेक्ट्रिसिटी

227:16

कैसे जनरेट हुई इलेक्ट्रॉन के फ्लो से

227:18

इलेक्ट्रॉन के मूवमेंट से इलेक्ट्रिक करंट

227:21

जनरेट हुआ राइट तो ओवरऑल अगर फ्यूल सेल के

227:24

रिएक्शन को देखें तो द रिएक्शन इज़ प्रिटी

227:26

सिंपल h2 + o2 गिव्स h2o यही हो रहा था

227:30

एंड साथ में खूब सारी हीट एनर्जी भी रिलीज

227:32

हो रही थी तो फाइनली बच्चा पार्टी हमारी

227:35

इलेक्ट्रो केमिस्ट्री का आखिरी टॉपिक

227:36

व्हिच इज़ कोरोजन कोरोजन के बारे में हमने

227:39

जूनियर क्लासेस में भी पढ़ रखा है लेकिन

227:40

एक बार फिर से इनके रिएक्शंस को इलेक्ट्रो

227:43

केमिस्ट्री के नजरिए से देख लेंगे कोरोजन

227:45

क्या होता है मेटलिक ऑब्जेक्ट्स के ऊपर कई

227:48

बार हम देखते हैं किसी दूसरे चीज के

227:51

ऑक्साइड की या सल्फेट की एक लेयर आ जाती

227:53

है स्पेशली हम लोहे के सामान में ये अक्सर

227:56

नोटिस करते हैं जैसे आपके घर में अगर कोई

227:58

पुरानी लोहे की बाल्टी हो या कोई भी लोहे

228:01

का सामान हो जिसको बहुत टाइम से आपने बाहर

228:03

छोड़ दिया हो मतलब व्हिच वाज एक्सपोज्ड टू

228:06

एयर या वाटर फॉर अ लॉन्ग टाइम तो हम क्या

228:09

देखते हैं कि उसके ऊपर ना एक रेडिश

228:11

ऑरेंजिश ब्राउनिश टाइप के कलर की ना एक

228:14

लेयर पड़ जाती है जिसे हम रस्ट कहते हैं

228:17

तो इसीलिए हम कहते हैं रस्टिंग ऑफ आयरन

228:19

इनफैक्ट आपने देखा होगा कि अगर आपके घर

228:21

में कोई चांदी का सामान हो जिसको आप

228:23

रेगुलरली यूज करते हो धीरे-धीरे धीरे-धीरे

228:25

जो शाइन है उसकी वो कम होने लगती है और

228:28

उसके ऊपर भी ना एक ब्लैकिश टाइप की लेयर आ

228:31

जाती है जिसे हम कहते हैं टर्निंग ऑफ

228:34

सिल्वर मतलब सिल्वर जो है वो टर्निया है

228:37

तो इन सब में होता क्या है इन सब में होता

228:39

ये है कि मेटल के ऊपर जो है एक और लेयर आ

228:42

जाती है और वो लेयर किससे बनती है मेटल के

228:45

ऑक्साइड से कई बार मेटल के सल्फेट से वो

228:48

लेयर बन जाती है और इसी प्रोसेस को हम

228:50

कहते हैं कोरोजन ठीक है तो चलो अब कोरोजन

228:53

के रिएक्शंस को देखते हैं थोड़ा सा

228:55

इलेक्ट्रो केमिस्ट्री के नजरिए से तो अब

228:58

रिएक्शंस के साथ देखते हैं कोरोजन को तो

229:00

मान लो कोई भी मेरा एक ऑब्जेक्ट है जिस

229:02

परे कोरोजन हो रहा है तो उस ऑब्जेक्ट के

229:05

किसी एक पर्टिकुलर स्पॉट पे जस्ट समझने के

229:09

लिए समझो एक पर्टिकुलर स्पॉट पर क्या होता

229:12

है एक स्पॉट पर होता है ऑक्सी डेशन ठीक है

229:16

और उस स्पॉट को हम क्या कहेंगे वो स्पॉट

229:18

जो है वो एनोड की तरह बिहेव करेगा क्योंकि

229:21

एनोड में ही तो ऑक्सीडेशन होता है तो

229:23

बेसिकली उस एनोड में किस तरह का रिएक्शन

229:26

हो रहा होगा लेट्स सपोज कि हम आयरन की बात

229:28

कर रहे हैं ठीक है तो वहां पर आयरन जो है

229:32

वो ऑक्सीडो यानी कि आयरन जो है इलेक्ट्रॉन

229:35

लूज करके बना देगा fe2 प ठीक है तो एनोड

229:39

में कुछ इस तरह का रिएक्शन चल रहा होगा अब

229:42

आयरन के ऑक्सीडो से जो इलेक्ट्रॉन लूज हुए

229:46

जो इलेक्ट्रॉन रिलीज हुए उनका क्या वो

229:48

इलेक्ट्रॉन क्या करेंगे अब यह जो

229:50

इलेक्ट्रॉन हैं यह इलेक्ट्रोंस अ इस मेटल

229:54

के अंदर से ट्रेवल करके किसी और स्पॉट पे

229:57

चले जाएंगे ठीक है लेट अस सपोज ये किसी और

230:00

स्पॉट पे चले गए जस्ट इमेजिनरी इसको समझने

230:02

के लिए कांसेप्ट को समझो तो जो इलेक्ट्रॉन

230:04

एनोड के स्पॉट में रिलीज हुए थे वो मेटल

230:07

से मूव करते हुए चले जाएंगे किसी एक दूसरे

230:11

स्पॉट पे जहां पर जाके वो क्या करेंगे वो

230:14

जो दूसरा स्पॉट है ना वो स्पॉट एक्चुअली

230:16

है कैथोड वहां पर यही वाले इलेक्ट्रॉन

230:20

जाएंगे और वहां पर क्या करेंगे वहां पर

230:23

ऑक्सीजन है ठीक है ऑक्सीजन को ये कर देंगे

230:26

रिड्यूस सो बेसिकली ऑक्सीजन

230:29

प् 4h प प्लस फर इलेक्ट्रॉन ये सारे मिलकर

230:34

के बना देंगे 2 h2o एक सेकंड बहुत से

230:37

लोगों को समझ नहीं आया होगा कि क्या हुआ

230:39

मैं समझाती हूं ठीक है तो बेसिकली क्या

230:42

हुआ कि एक पर्टिकुलर स्पॉट पे जो जो आयरन

230:45

है वो ऑक्सीडो गया ठीक है ऑक्सीडो जैसे ही

230:49

ऑक्सीडो नि इलेक्ट्रॉन लूज किया अब ये जो

230:52

इलेक्ट्रॉन लूज किया अब इस इक्वेशन को ना

230:55

बैलेंस करने के लिए लेट अस से इसको भी मैं

230:57

टू से मल्टीप्लाई कर देती हूं अब जिन

230:59

इलेक्ट्रॉन सस को आयरन ने लूज किया ये

231:02

इलेक्ट्रॉन मेटल के थ्रू ट्रेवल कर कर के

231:04

एक दूसरे स्पॉट पे पहुंच गए तो देखो ये

231:07

इलेक्ट्रॉन ये वाले इलेक्ट्रॉन है ठीक है

231:10

अब ये कैथोड वाले स्पॉट पे पहुंच गए वहां

231:12

पर कौन बैठा हुआ था वहां पर था ऑक्सीजन और

231:15

वहां पर कौन था h+ ये h+ कहां से आया ये

231:19

एक बहुत इंपॉर्टेंट बात है h+ कहां से आया

231:21

अब देखो ये कोरोजन किसी भी ऑब्जेक्ट में

231:24

कब होता है व्हेन इट इज एक्सपोज्ड टू एयर

231:27

राइट व्हेन इट इज एक्सपोज्ड टू वाटर व्हेन

231:29

इट इज एक्सपोज्ड टू एयर तभी होता है इसमें

231:31

कोरोजन ऑक्सीडेशन तभी होता है ठीक है तो

231:33

ये h+ कहां से आया एयर में जो co2 है वो

231:38

co2 जब वाटर के साथ मिलता है ये कार्बन

231:42

डाइऑक्साइड कहां पर था एयर में था तो एयर

231:45

के अंदर जो कार्बन डाइऑक्साइड है वो जब

231:48

मॉइश्चर के साथ मिलता है तो वह बनाता है

231:50

h2co 3 और इस h2co 3 के अंदर ही क्या होता

231:55

है h+ hco3 - तो ये जो h+ है वो इस h2co 3

232:01

के अंदर से आता है तो यहां पर ना कोई एक

232:05

रिएक्शन नहीं हो रहा होता है राइट क्योंकि

232:07

एयर में क्या है ऑक्सीजन भी है कार्बन

232:09

डाइऑक्साइड है मॉइश्चर भी है इतनी सारी

232:11

चीजें हैं राइट और सभी लोग अपना-अपना काम

232:13

कर रहे हैं तो कैथोड पे जो दूसरा पॉइंट है

232:16

कैथोड के पॉइंट पर क्या हो रहा है यह वाले

232:18

इलेक्ट्रॉन आ रहे हैं वहां पर यह h+ भी हो

232:21

रहे होते हैं ठीक है और वहां पर ऑक्सीजन

232:24

भी हो रहा होता है और यह सब लोग मिला कर

232:26

के क्या बना देते हैं h2o बना देते हैं तो

232:30

इस तरह से कोरोजन के दौरान एनोड में

232:32

ऑक्सीडेशन हो रहा होता है और कैथोड में हो

232:35

रहा होता है

232:37

रिडक्शन ठीक है तो इसीलिए मैंने बोला

232:39

कोरोजन के भी जो रिएक्शंस होते हैं दे आर

232:42

बेसिकली दीज रेडॉक्स रिएक्शंस जो हम

232:44

इलेक्ट्रो केमिस्ट्री में पढ़ रहे हैं सो

232:46

नेक नेट अगर मुझे कोरोजन का रिएक्शन लिखना

232:49

हो नेट रिएक्शन ठीक है एनोड कैथोड नहीं

232:51

पूरा का पूरा अगर एक साथ में लिखना हो तो

232:54

क्या हो रहा है आयरन जो है वो ऑक्सीजन के

232:57

साथ मिल कर के और h+ के साथ मिल कर के ठीक

233:01

है ऑक्सीजन कहां से आया एयर में है तभी तो

233:04

ऑक्सीडो रहा है h+ कहां से आया कार्बन

233:07

डाइऑक्साइड और वाटर के मिलने से जो h2co 3

233:10

बनता है उसमें से h+ आया ठीक है तो ये

233:13

सारी चीजें मिलकर के क्या बनाते हैं fe2 प

233:18

+

233:19

h2o ठीक है तो अब इसे बैलेंस कर देते हैं

233:23

हम तो कुछ इस तरीके से मैंने इसको बैलेंस

233:26

कर दिया ठीक है ये मेरा नेट नेट रिएक्शन

233:29

है जो कोरोजन के दौरान हो रहा है लेकिन

233:31

यहीं पे रुक नहीं रहा है इसका भी फर्द

233:33

ऑक्सीडेशन हो रहा है ठीक है फर्द

233:35

ऑक्सीडेशन कैसे अब जैसे मान लो यहां पर ये

233:38

जो f 2+ बना इस fe2 प का क्या हो रहा है

233:41

ये fe2 प फर्द एटमॉस्फेरिक ऑक्सीजन के साथ

233:44

मिलक के ऑक्सीडो रहा है ठीक है सो मतलब ये

233:47

जो fe2 प यहां पर

233:50

बना जो 22o यहां पर बना ये सब कुछ

233:54

एटमॉस्फेरिक ऑक्सीजन के साथ फिर से मिल

233:57

रहा है और ये क्या बना रहा है fe2 o3 + 4h

234:02

प और ये जो है इसी को हम देखते हैं एज अ

234:07

लेयर ऑफ रस्ट ऑन आयरन आर्टिकल्स आयरन की

234:09

चीजों के ऊपर जो रस्ट होता है वो रस्ट

234:11

बेसिकली यही होता है ठीक ठीक है बात समझ

234:15

में आईगी हो क्या रहा है मतलब ओबवियसली ये

234:17

प्रोसेसेस बहुत सिंपल प्रोसेस तो नहीं है

234:19

कि भाई दो चीजें मिली और तीसरा चीज बन गया

234:21

ऐसा तो नहीं है यहां पे दो तीन चार चीजों

234:24

का मतलब वो रहता है मतलब रिएक्शंस रहते

234:27

हैं उनके आपस में बट एटलीस्ट ओवरऑल आपको

234:29

समझ में आना चाहिए कि किस तरह से कोरोजन

234:31

में रेडॉक्स रिएक्शन हो रहा है एक स्पॉट

234:34

पर हो रहा है ऑक्सीडेशन आयरन का तो दूसरे

234:37

स्पॉट पर हो रहा है रिडक्शन ऑक्सीजन का

234:39

ठीक है तो इस तरह से ये एक रेडॉक्स

234:41

रिएक्शन की तरह बिहेव अब भाई कोरोजन क्या

234:44

होता है ये तो आपने समझ लिया बच्चों लेकिन

234:46

कोरोजन को प्रिवेंट करना बहुत क्रुशल होता

234:49

है क्यों क्योंकि इससे बहुत सारे

234:51

एक्सीडेंट्स हो सकते हैं एक्सीडेंट्स बोले

234:53

तो अब देखो कोरोजन मेटल्स में होता है अब

234:55

मेटल्स को हम ढेर सारे कंस्ट्रक्शन पर्पसस

234:58

के लिए यूज करते हैं अब जैसे मान लो कि

235:00

कोई बहुत बड़ा सा ब्रिज बना हुआ है अब वो

235:03

जिन मेटल्स से उसके पार्ट्स बने हुए हैं

235:05

अगर वो कोरोट कर जाए तो क्या हो सकता है

235:07

ब्रिज का कोलैक्स हो सकता है मशीनरी

235:09

फेलियर हो सकती है राइट तो इस तरह के

235:12

एक्सीडेंट्स को प्रिवेंट करने के लिए हमें

235:14

मेटल्स को कोरोड़ करने से प्रिवेंट करना

235:17

होगा अब इसे हम कैसे कर सकते हैं तो

235:19

प्रिवेंशन ऑफ कोरोजन जो है इज वेरी वेरी

235:21

इंपोर्टेंट तो अभी हम देखेंगे तीन ऐसे

235:23

तरीके जिससे हम मेटल्स को कोड करने से बचा

235:27

सकते हैं सबसे पहला तरीका है कि भाई उस

235:30

मेटल के ऊपर पेंट कर दो ठीक है जैसे ही एक

235:32

पेंट का लेयर आ गया तो क्या हो जाएगा कि

235:35

वो जो मेटल है वो सराउंडिंग एयर या वाटर

235:38

के साथ रिएक्ट नहीं कर पाएगा तो कोरोजन

235:40

नहीं होगा राइट तो या तो उसे पेंट कर दो

235:42

या फिर उसे किसी केमिकल से उसके ऊपर एक

235:45

लेयर डाल दो ये पहला तरीका हो गया दूसरा

235:48

तरीका हुआ कि भाई उस मेटल के ऊपर किसी

235:51

दूसरे मेटल का लेयर डाल दो सच दैट वो

235:54

दूसरा मेटल जो है वो इनर्ट हो इनर्ट मतलब

235:57

जो रिएक्ट ना करता हो एगजैक्टली जैसे मान

236:00

लो कि जिंक है टीन है ये जो है ये वाटर या

236:04

एयर के साथ रिएक्ट नहीं करते हैं तो इस

236:06

तरह के मेटल्स का एक लेयर डाल दो इससे

236:09

क्या होगा कि भाई जो जिस मेटल को मुझे

236:11

बचाना था वो तो अंदर है उसके ऊपर जिंक का

236:13

लेयर अब जिंक जो है यह तो रिएक्ट करेगा

236:16

नहीं तो इसका मतलब कोरोजन होने से बच गया

236:19

इनफैक्ट जिंक के इस तरह की लेयरिंग डालने

236:21

की इस प्रोसेस को हम कहते हैं

236:28

गैल्वो केमिकल प्रोसेस मतलब अभी ये जो हम

236:31

पूरा जो इलेक्ट्रोकेमिकल सेल का जो

236:33

कांसेप्ट पढ़ रहे थे उसी कांसेप्ट के ऊपर

236:35

बेस्ड है ये प्रोसेस जहां पर हम एक

236:37

सैक्रिफिशियल एनोड का यूज करते हैं अब आप

236:40

बोलोगे ये कौन सा एनोड है एक ऐसा एनोड जो

236:44

काफी सैक्रिफाइस करता है कोरोजन को

236:47

प्रिवेंट करने के लिए क्या सैक्रिफाइस

236:48

करता है तो समझते हैं हम क्या करते हैं एक

236:52

ऐसे मेटल को चूज करते हैं एनोड बनाने के

236:55

लिए जिसका इलेक्ट्रोड पोटेंशियल नेगेटिव

236:58

हो ठीक है बड़े ध्यान से सुनना एक ऐसा

237:00

मेटल चुनते हैं जैसे कि जिंक मैग्नीशियम

237:03

इस तरह का एक ऐसा मेटल चुनते हैं जिसका

237:05

इलेक्ट्रोड पोटेंशियल का वैल्यू क्या हो

237:08

नेगेटिव हो इसका मतलब क्या है बताओ इसका

237:11

क्या मतलब है इसका रिडक्शन पोटेंशियल जो

237:13

है वो नेगेटिव है इसका मतलब क्या है कि

237:16

इनका रिड्यूस ंग पावर जो है वो काफी

237:18

ज्यादा है यानी कि ये दूसरों को रिड्यूस

237:21

कर सकते हैं यानी कि ये खुद क्या होंगे ये

237:24

खुद

237:25

ऑक्सीडो राइट यानी कि इनका खुद का

237:27

ऑक्सीडेशन हो रहा होगा राइट तो इस तरह के

237:30

मेटल को हम एनोड बना देते हैं ऐसे भी हमें

237:33

पता है कि एनोड में क्या होता है

237:34

ऑक्सीडेशन एन ऑक्स एनोड में ऑक्सीडेशन

237:36

होता है ठीक है तो इस तरह के मेटल को हमने

237:39

एनोड बना दिया अब इनका ऑक्सीडेशन होता रहा

237:42

मान लो कि हमने जिंक को चूज किया ठीक है

237:44

अब जिंक इलेक्ट्रोड जो है वो आपका एनोड बन

237:47

गया जैसे ही एनोड बन गया तो क्या होने लगा

237:50

जिंक का ऑक्सीडेशन होने लगा यानी कि जिंक

237:52

जो है वो zn20 में कन्वर्ट होने लगा राइट

237:56

जैसे ही जिंक zn20 में कन्वर्ट होता जा

237:59

रहा है तो क्या हो रहा है इस पूरे प्रोसेस

238:01

के दौरान इस इलेक्ट्रोड में से जिंक जाता

238:04

जा रहा है zn20 में इलेक्ट्रोलाइट जो है

238:07

उसमें जाता जा रहा है तो इसका मतलब ये जो

238:09

इलेक्ट्रोड है ये धीरे-धीरे पतला होता जा

238:12

रहा है यानी कि इस प्रोसेस के दौरान ये जो

238:14

इलेक्ट्रोड है ये कंज्यूम होता जा रहा है

238:17

राइट यानी कि इस प्रोसेस के दौरान यह जो

238:19

एनोड है यह खुद का सैक्रिफाइस कर रहा है

238:22

इसीलिए इसको हम सैक्रिफिशियल एनोड कहते

238:24

हैं ठीक है अच्छा चलो ये तो समझ में आ गया

238:27

कि भाई zn20 में कन्वर्ट हो रहा है लेकिन

238:29

साथ में दो इलेक्ट्रॉन भी तो निकल रहे हैं

238:32

ये इलेक्ट्रॉन कहां जा रहे हैं ट्रैवल

238:33

करके पहुंच जा रहे हैं कैथोड पे ठीक है अब

238:36

कैथोड पे इन इलेक्ट्रॉन के पहुंच जाने की

238:38

वजह से क्या हो रहा है कि वहां पर जो

238:41

कैथोड है वो कैथोड कौन से मेटल का बना है

238:43

जिस मेटल को हम कोरोजन से बचाना चाहते हैं

238:47

अब इन इलेक्ट्रॉन के पहुंच जाने की वजह से

238:49

वो जो कैथोड है वो कैथोड भी अपने

238:52

सराउंडिंग एयर या वाटर के साथ रिएक्ट नहीं

238:54

कर पा रहा है और इस तरीके से जो कोरोजन है

238:57

वो प्रिवेंट हो रही है ठीक है तो ये था

239:00

हमारा तीसरा तरीका तो ये तीन कुछ ऐसे

239:03

तरीके थे जिसके हेल्प से हम कोरोजन को

239:05

प्रिवेंट कर सकते हैं लनो हब एक ऐसा फ्री

239:08

लर्निंग प्लेटफार्म जहां पर आपको मिलते

239:10

हैं वीडियोस

239:13

नोट्स एनसीआरटी सॉल्यूशंस

239:16

सैंपल पेपर्स एंड ऑनलाइन टेस्ट्स एब्सलूट

239:21

फ्री ऑफ कॉस्ट इतना ही नहीं लर्न हब क्लास

239:24

11 12

239:28

youtube1 क्लास 11थ के बच्चों के लिए

239:31

अथर्व बैच मंडे टू फ्राइडे एट 4:30 पीएम

239:35

और क्लास 12थ के बच्चों के लिए अनंत बैच

239:38

मंडे टू फ्राइडे एट 6 पए अगर आप या आपके

239:42

जान पहचान का कोई तैयारी कर रहा है नीट या

239:45

जेई का तो हमारे

239:48

youtube2 जीत जेई पे जीत का कंप्लीट कोर्स

239:52

अब्सोल्युटली फॉर फ्री इनमें चैप्टर्स की

239:54

डिटेल्स पलेनेस लाइव क्लासेस ढेर सारे

239:57

क्वेश्चंस और प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस

239:59

डिटेल में कवर्ड है और तो और यू कैन आस्क

240:03

ऑल योर डाउट्स एब्सलूट फॉर फ्री एट आस्क

240:06

क्वेश्चन सेक्शन ऑफ लर्न हब हमारा ए पप भी

240:10

है आप वन ऑन वन क्लास लेना चाहते हो तो है

240:13

लर्न हब स्वयं एट अ वेरी अफोर्डेबल प्राइस

240:17

लर्न हब फ्री है पर बेस्ट

240:22

है तो बच्चा बाटी इसी के साथ खत्म कर डाला

240:26

है हमने इलेक्ट्रो केमिस्ट्री और मुझे

240:28

पूरी उम्मीद है कि इलेक्ट्रो केमिस्ट्री

240:29

के इन दोनों वीडियोस को देखने के बाद आपके

240:32

कॉन्सेप्ट्स हुए होंगे क्रिस्टल क्लियर और

240:34

अगर ऐसा हुआ है तो कमेंट्स पे जरूर लिखें

240:36

कि कंसेप्ट हुआ क्रिस्टल क्लियर और मैं

240:39

आपको जल्दी ही मिलती हूं एक नए वीडियो के

240:41

साथ एक नए टॉपिक के साथ तब तक के लिए स्टे

240:43

होम स्टे सेफ टेक केयर बाय बाय

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