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Ancient History of India Series | Lecture 14: Gupta Empire Economy and Art & Culture | GS History

12m 39s1,658 words245 segmentsHindi

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0:00

गुप्ता एंपायर

0:01

इकॉनमी आर्ट एंड

0:04

कल्चर गुप्ता एंपायर के फर्स्ट पार्ट में

0:07

हमने गुप्ता साम्राज्य की पॉलिटिकल

0:09

हिस्ट्री एडमिनिस्ट्रेटिव जीनियस और सोशल

0:11

लाइफ को समझा था आज हम बात करेंगे उनकी

0:15

इकॉनमी आर्ट आर्किटेक्चर कॉइंस लिटरेचर और

0:19

साइंटिफिक एडवांसमेंट्स की और साथ ही

0:22

जानेंगे गुप्ता जज की कुछ कमियों के बारे

0:24

में तो चलिए शुरुआत करते हैं इकोनॉमिक

0:27

लाइफ से इकोनॉमिक लाइफ

0:31

गुप्ता एंपायर की इकॉनमी बड़ी रोबट थी

0:34

एग्रीकल्चर ट्रेड क्राफ्ट सभी में तेजी आई

0:37

थी इसी प्रोस्पेरिटी के कारण गुप्ता

0:40

पीरियड को गोल्डन एज कहा जाता है स्कॉलर्स

0:44

का मानना है कि गुप्ता पीरियड में स्टेट

0:46

ही सारे लैंड का ओरिजिनल ओनर होता था

0:49

पहाड़पुर कॉपर प्लेट इंक्रिप्शन से भी

0:52

एक्सक्लूसिव स्टेट ओनरशिप का पता चलता है

0:54

इकोनॉमिक पॉइंट ऑफ व्यू से लैंड को फाइव

0:57

टाइप्स में बांटा गया था क्षेत्र त्र भूमि

1:00

कल्ट वेशन के लिए वास्तु भूमि रेजिडेंस के

1:03

लिए चारागाह भूमि पाश्चर लैंड के लिए अप

1:07

राहता भूमि फॉरेस्ट के लिए और खिला भूमि

1:11

वेस्टलैंड होता था पुना प्लेट इंक्रिप्शन

1:14

के अनुसार रेगुलर लैंड सर्वेस भी होते थे

1:17

और पुस्त पाला नाम के ऑफिशियल डिस्ट्रिक्ट

1:20

में होने वाले सारे लैंड ट्रांजैक्शंस का

1:22

रिकॉर्ड रखते

1:24

थे ट्रेड एंड कॉमर्स में भी गुप्ता पीरियड

1:27

बहुत आगे था बंगाल के फाइन क्लोथ्स बिहार

1:30

का इंडिगो बनारस सिल्क हिमालयन सेंट्स

1:33

साउथ का सैंडल वुड और स्पाइसेज रोम से

1:36

साउथ ईस्ट एशिया तक एक्सपोर्ट होते थे

1:39

ईस्ट कोस्ट के ताम्र लिप्त घंटासाला

1:41

कंडूरा पोर्ट से साउथ ईस्ट एजिन ट्रेड

1:45

होता था वहीं वेस्ट कोस्ट के भरूच सोपारा

1:49

कैंबे पोर्ट से मेडिटरेनियन और वेस्ट

1:51

एशियन ट्रेड होता था प्रॉस्परस ट्रेड एंड

1:54

कॉमर्स के कारण गुप्ता जज अपने गोल्ड

1:57

कॉइंस के लिए बहुत फेमस है

2:00

आइए देखते हैं गुप्ता

2:03

कॉइंस गुप्ता रूलर ने प्राचीन भारतीय

2:06

इतिहास में सबसे ज्यादा गोल्ड कॉइंस इशू

2:09

किए थे पर गोल्ड कंटेंट के टर्म्स में

2:12

गुप्ता कॉइंस कुशाना कॉइन से कम प्योर थे

2:15

गुप्ता के गोल्ड कॉइंस को दिनार कहा जाता

2:18

था यह कॉइंस नूमिसमेटिक और आर्टिस्टिक

2:21

एक्सीलेंस के इनक्रेडिबल एग्जांपल्स है

2:24

गुप्ता कॉइंस उस समय के वैल्यूज बिलीव्स

2:27

सोशो इकोनॉमिक लाइफ और प्रॉप टी के

2:30

सिंबल्स भी हैं चंद्रगुप्ता द फर्स्ट के

2:33

समय हमें चंद्रगुप्ता द फर्स्ट कुमारा

2:35

देवी टाइप गोल्ड कॉइंस मिलते हैं

2:38

चंद्रगुप्ता द फर्स्ट के बाद समुद्र

2:40

गुप्ता ने बहुत तरह के कॉइंस इशू किए

2:43

उन्होंने गरुड़ा या ईगल टाइप कॉइन

2:46

धनुर्धारी या आर्चर टाइप कॉइन अश्वमेधा या

2:50

हॉर्स सैक्रिफाइस टाइप कॉइन व्या ग्रहण या

2:53

टाइगर स्लेयर टाइप कॉइन और वीणा वादन यानी

2:57

वीणा प्लेइंग टाइप कॉइंस इशू किए यह कॉइंस

3:00

उनकी आचि स्किल्स करेज और लव फॉर म्यूजिक

3:04

को भी दर्शाता है उनके बाद चंद्रगुप्ता द

3:07

सेकंड ने अश्वर रोही टाइप छत्र दारी टाइप

3:11

चक्र विक्रमा टाइप इत्यादि कॉइंस इशू किए

3:14

वही कुमारगुप्ता द फर्स्ट ने खड़क धारी

3:17

टाइप गजरो टाइप सिंह निहत टाइप खंग निहत

3:21

टाइप यानी राइनोसिलेरोमा

3:29

गुप्ता द फर्स्ट कार्तिकेय भगवान के

3:31

फॉलोअर थे कुमार गुप्ता द फर्स्ट के बाद

3:35

स्कंद गुप्ता के समय हंस के हमले से

3:38

इकॉनमी चरमरा गई थी इसीलिए उनके द्वारा कम

3:41

टाइप के कॉइंस इशू किए गए गुप्ता कॉइंस

3:44

में कुशाना इन्फ्लुएंस तो जरूर दिखता है

3:47

पर उन्होंने कई नए तरह के कॉइंस भी इशू

3:50

किए

3:51

थे उनसे पहले के कॉइंस में जहां किंग

3:54

आर्चर लायन स्लेयर हॉर्स राइडर इत्यादि

3:58

मार्शल पोज में दिखा करते थे वहीं बाद के

4:01

कॉइंस में मैरिज वीणा प्लेइंग अश्वमेधा

4:04

यज्ञ जैसे सींस भी देखे जा सकते हैं इन

4:07

कॉइंस में गॉड्स एंड गॉडेस की इमेजेस भी

4:10

खूब मात्रा में देखने को मिलती हैं ऐसे

4:12

सुपीरियर डिजाइंड कॉइंस आगे चलकर पूरे

4:15

भारत में कहीं देखने को नहीं मिलते

4:18

हैं गोल्ड के अलावा गुप्ता किंग्स ने

4:21

सिल्वर कॉइंस को भी इशू किया यह कॉइंस

4:24

लोकल एक्सचेंज में अधिक उपयोग होता था

4:27

जहां तक कॉपर कॉइंस की बात है कु ना के

4:30

कंपैरिजन में गुप्ता ने बहुत कम कॉपर

4:32

कॉइंस इशू किए कॉइंस के बाद अब हम आर्ट

4:35

एंड कल्चर की बात कर लेते हैं जो गुप्ता

4:37

पीरियड में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया था

4:40

आर्ट एंड आर्किटेक्चर अंडर

4:43

गुप्ता गुप्ता पीरियड में आर्ट एंड

4:45

आर्किटेक्चर में ट्रिमेंडस प्रोग्रेस

4:47

देखने को मिलता है कुछ स्कॉलर्स इसे

4:50

रेनेसांस पीरियड भी कहते हैं पर ध्यान

4:53

देने वाली बात यह है कि इससे पहले कोई

4:55

डार्क एज नहीं था अनलाइक यूरोप इसीलिए

4:58

गुप्ता पी पीरियड पिछले सारे इंटेलेक्चुअल

5:01

और आर्टिस्टिक ट्रेडिशनल मिने माना जा

5:04

सकता है गुप्ता आर्ट एंड आर्किटेक्चर को

5:07

हम टेंपल्स स्तूपस और स्कल्पचर के माध्यम

5:10

से बेहतर समझ सकते

5:12

हैं तो चलिए शुरुआत करते हैं स्ट्रक्चरल

5:16

टेंपल से गुप्ता पीरियड से पहले रॉक का

5:19

टेंपल्स प्रचलन में थे पर स्ट्रक्चरल

5:22

टेंपल के एवल्यूशन के कारण ब्रिक और स्टोन

5:25

ब्लॉक्स की मदद से माउंटेन से दूर भी

5:27

टेंपल बनाया जा सकता था

5:30

गौर करने वाली बात है कि नगर स्टाइल ऑफ

5:32

टेंपल आर्किटेक्चर इसी समय डेवलप हुआ था

5:36

देवगढ़ उत्तर प्रदेश का दसावतार टेंपल नगर

5:40

स्टाइल का वन ऑफ दी ओल्डेस्ट सर्वाइविंग

5:42

एग्जांपल है इसे एक रेज्ड रेक्टेंगल

5:45

प्लेटफार्म पर बनाया गया है यहां पंचायतन

5:48

प्लान का यूज किया गया है जिसमें मेन

5:51

श्राइन चार सब्सिडियरी श्राइन से सराउंडेड

5:54

होती है इसी पीरियड में भीतरगांव टेंपल का

5:57

भी कंस्ट्रक्शन हुआ था जो एंटायस से बनाया

6:01

गया है सेकंड टेंपल्स के अलावा गुप्ता

6:04

पीरियड में कई स्तूपस भी बनवाए गए थे लद

6:07

गुप्ता पीरियड में स्तूप कंस्ट्रक्शन में

6:09

डिक्लाइन देखा जाता है पर सारनाथ का धम्मक

6:12

स्तूप गुप्ता आर्किटेक्चर का इंपॉर्टेंट

6:15

एग्जांपल है इसे ओरिजनली मोरियन एंपायर

6:18

अशोका के पीरियड में बनवाया गया था पर

6:20

गुप्ता पीरियड में इसका लार्ज स्केल

6:23

रिनोवेशन करवाया गया था थर्डली गुप्ता

6:26

पीरियड अपने स्कल्पचर्स के लिए बहुत फेमस

6:29

है

6:29

इस पीरियड में इंडिजन मथुरा और सारनाथ

6:33

स्कूल ऑफ स्कल्पचर ने गांधा स्कूल को

6:35

रिप्लेस करना शुरू कर दिया था जहां गांधा

6:38

स्कूल में ग्रे सैंड स्टोन के साथ ग्रीक

6:41

इन्फ्लुएंस देखने को मिलता था वहीं मथुरा

6:43

स्कूल में रेड सैंड स्टोन के साथ इंडिजन

6:46

स्टाइल का यूज होता था एग्जांपल के लिए

6:49

मथुरा स्कूल के अंदर हमें अभय मुद्रा में

6:53

बुद्ध के बहुत सुंदर स्कल्पचर्स देखने को

6:55

मिलते हैं वहीं सारनाथ स्कूल ऑफ स्कल्पचर

6:58

को म मथुरा स्कूल से ज्यादा रिफाइंड माना

7:01

जाता है मथुरा स्कूल के कंपैरिजन में

7:04

सारनाथ स्कूल में आइडल की ड्रेपरी यानी

7:06

कपड़ों में बहुत कम फोल्ड्स देखने को

7:09

मिलते हैं उदाहरण के लिए सारनाथ का

7:11

स्टैंडिंग बुद्धा गुप्ता आर्ट का वन ऑफ द

7:14

बेस्ट

7:18

स्पेसिमेन

7:20

भगवानों की मूर्ति देखने को मिलती है

7:22

उदयगिरी केव्स के एंट्रेंस पर वराह द

7:25

ग्रेट बोर की मूर्ति भी गुप्त स्कल्पचर्स

7:28

का शानदार नमूना

7:31

आर्ट एंड आर्किटेक्चर के साथ-साथ गुप्ता

7:34

पीरियड की मेटालर्जिकल प्रास भी कमाल की

7:37

थी एग्जांपल के लिए दिल्ली के कुतुब

7:49

कॉम्प्लेक्शन तक नहीं है वहीं लिटरेचर के

7:52

फील्ड में गुप्ता पीरियड आज भी प्रॉमिनेंट

7:55

पोजीशन होल्ड करता है आइए देखते हैं

7:59

लिटरेचर इन गुप्ता पीरियड गुप्ता पीरियड

8:02

में संस्कृत वन ऑफ द मोस्ट प्रॉमिनेंट

8:05

लैंग्वेजेस बन गई थी संस्कृत पोएट्री

8:08

ड्रामा एपिक्स नई ऊंचाइयों को छूने लगी थी

8:11

इसके अलावा साइंटिफिक लिटरेचर की तो बात

8:14

ही कुछ अलग थी इसको अच्छे से समझने के लिए

8:17

हम लिटरेचर को तीन पार्ट्स में डिवाइड कर

8:19

सकते हैं पहला है रिलीजस लिटरेचर हिंदू

8:24

टेक्स्ट में आज की पुराणा की रचना इसी समय

8:27

हुई थी इनमें भागवत विष्णु वायु और मत्स्य

8:31

पुराणा मोस्ट इंपॉर्टेंट पुराणा है

8:35

महाभारत और रामायण एपिक्स को फाइनल टच इसी

8:38

पीरियड में दिया गया था इसी प्रकार कई

8:42

बुद्धिस्ट और जैन टेक्स्ट भी इसी समय लिखे

8:45

गए थे जो आज भी रेलीवेंस रखते हैं

8:47

एग्जांपल के लिए बुद्ध घोष द्वारा लिखित

8:51

विशुद्धि मग्गा और जैन ऑथर सिद्ध सेना

8:54

द्वारा रचित न्याय वतम प्रमुख

8:57

है दूसरा है सेकुलर लिटरेचर सेकुलर

9:02

लिटरेचर के फील्ड में आपने किंग

9:04

चंद्रगुप्ता द सेकंड के नवरत्नों में से

9:06

एक कालिदास का नाम तो जरूर सुना होगा

9:09

कालिदास के ब्रिलियंट कंपोजिशंस के लिए

9:12

उन्हें शेक्सपियर ऑफ इंडिया भी कहा जाता

9:14

है उनके मास्टरपीस संस्कृत ड्रामा

9:17

अभिज्ञान शाकुंतलम को वर्ल्ड के 100 बेस्ट

9:21

बुक्स में कंसीडर किया जाता है इस ड्रामा

9:23

में उन्होंने शकुंतला नाम की लेडी की लाइफ

9:26

में चल रहे ऑडील्स को बहुत ड्रामे इज्ड

9:29

तरीके से पेश किया है इसके अलावा उन्होंने

9:32

ऋतु सहरा जैसी पोयम्स मालविका अग्नि

9:35

मित्रम मेघदूतम कुमार संभवम और रघुवंशम

9:40

जैसे क्लासिकल ड्रामा लिखे वैशाख दत्ता भी

9:43

इस समय के सेलिब्रेटेड ऑथर में से एक थे

9:46

जिन्होंने संस्कृत ड्रामा मुद्रा राक्षस

9:49

और देवीचंद्रगुप्तम लिखा वहीं किरत अर्जुन

9:53

भैरवी द्वारा काव्य दर्शा दश कुमार चरिता

9:57

दंडित द्वारा पंचतंत्र विष्णु शर्मा

10:00

द्वारा कामसूत्र वात्स्यायना द्वारा और

10:04

अमर कोष नाम की डिक्शनरी बुद्धिस्ट ऑथर

10:07

अमर सिंहा द्वारा लिखे

10:09

गए तीसरा सेक्शन है साइंटिफिक

10:13

लिटरेचर गुप्ता पीरियड मैथमेटिक्स

10:16

एस्ट्रोनॉमी एस्ट्रोलॉजी मेडिसिन के

10:19

क्षेत्र में भी काफी आगे था आर्य भट्ट ने

10:22

अपनी किताब आर्य भटिया में कई

10:25

महत्त्वपूर्ण खोज के बारे में लिखा था

10:28

उनके हिसाब से अर्थ स्फेरिकल था और अपने

10:31

एक्सिस पर घूमता था और पाई की वैल्यू 3.14

10:35

थी उन्होंने ही दुनिया को जीरो का

10:38

कांसेप्ट दिया वहीं पंच सिद्धांतिका में

10:41

वर मेर ने पांच एस्ट्रोनॉमिकली सिस्टम्स

10:45

का जिक्र किया बृहद जातिका नाम की किताब

10:48

एस्ट्रोलॉजी के फील्ड में उनका

10:50

रिमार्केटिंग

10:59

जियोग्राफी आर्किटेक्चर वेदर एनिमल्स

11:02

मैरिज ओनस इत्यादि पर विस्तार से चर्चा

11:06

की मेडिसिन के फील्ड में वाघ भट्टा ने

11:10

अष्टांग सम ग्रह यानी समरी ऑफ एट ब्रांचेस

11:13

ऑफ मेडिसिन नाम की बुक लिखी जिसके कारण

11:16

उन्हें ग्रेट मेडिकल ट्रियो ऑफ एंसेट

11:19

इंडिया में गिना जाता है बाकी दो मेडिकल

11:21

जीनियस चरक और सुश्रुत को बोला जाता

11:25

है अब तक हमने गुप्ता पीरियड के डिफरेंट

11:28

अचीवमेंट की बात की पर इस वजह से क्या इसे

11:32

गोल्डन एज कहा जाना

11:34

चाहिए आइए देखते हैं गुप्ता पीरियड गोल्डन

11:39

एज ऑफ इंडिया मिथ और

11:42

रियलिटी गहराई में एनालिसिस करने पर पता

11:44

चलता है कि पैन नॉर्थ इंडियन एंपायर फॉरेन

11:49

रूल से फ्रीडम पीस एंड प्रोस्पेरिटी लोअर

11:52

टैक्स बर्डन ऑन पीपल माइल्ड पनिशमेंट

11:55

रिलीजस टोलरेंस आर्ट लिटरेचर साइंटिफिक

11:58

एडवांसमेंट के नजरिए से देखा जाए तो

12:01

गुप्ता पीरियड को बिल्कुल एक गोल्डन एज

12:03

कहा जा सकता है पर विमेन के स्टेटस में

12:07

डिक्लाइन सती और अनटचेबिलिटी की शुरुआत

12:10

फ्यूड टेंडेंसीज का डेवलपमेंट और कास्ट

12:13

रिजिंग में बढ़ोतरी की बात करें तो गुप्ता

12:16

पीरियड को सोशल इंजस्टिस और

12:22

इनविगो गुप्ता साम्राज्य एसिंट इंडिया के

12:25

ग्लोरियस एंपायर में से एक था इस समय शुरू

12:28

हुए कई इंटेलेक्चुअल ट्रेडीशंस आज भी

12:31

इंडियन सोसाइटी इकॉनमी और वैल्यूज को शेप

12:35

कर रहे हैं

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