पेड़ की बात - NCERT Solutions | कक्षा 6 हिंदी मल्हार पाठ 13 (निबंध) | CBSE 2025-26
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हेलो मेरे प्यारे-प्यारे विद्यार्थी गण
कैसे हैं आप सब जल्दी से हमें कमेंट
सेक्शन में बताइए कैसी चल रही है आपकी
पढ़ाई देखो बच्चों मैग्नेट ब्रस आपको
पढ़ाई में पूरी तरह से आपका साथ दे रहा है
क्यों दे रहा है कैसे दे रहा है मैं बताती
हूं देखो सबसे पहली चीज हम आपको हाई
क्वालिटी कंटेंट दे रहे हैं वो भी फ्री ऑफ
कॉस्ट वो भी किंडरगार्डन से लेके क्लास 12
तक इंग्लिश मीडियम स्टूडेंट्स के लिए पूरे
सीबीएसई बोर्ड को हम कवर कर रहे हैं और
इसके साथ-साथ अगर आप हिंदी मीडियम
स्टूडेंट्स हैं क्लास सिक्स से लेकर के 12
तक फिर वो यूपी बोर्ड एमपी बोर्ड राजस्थान
बोर्ड दिल्ली बोर्ड या फिर बिहार बोर्ड से
हो तो बिल्कुल परेशान मत होना मैग्नेट
ब्रेंस आपके लिए भी ढेर सारे हाई क्वालिटी
कंटेंट वाले वीडियोस लेकर के आते हैं देखो
पढ़ाई करनी है मुस्कुराते हुए करो और अपने
अंदर जिज्ञासा जरूर रखो जब तक खुद से
प्रश्न नहीं पूछोगे ऐसा क्यों होता है तब
तक पढ़ाई का क्या फायदा यार है कि नहीं
चलो और अगर ईबुक या फिर ई नोट्स चाहिए तो
लिंक डिस्क्रिप्शन में ओपन करके गो थ्रू
कर लो अगर आप इस चैनल पे नए हो तो बच्चों
जल्दी से सब्सक्राइब कर दो और वीडियो को
लाइक कर दो कम से कम जितने लोग देख रहे
हैं हमें पता तो चलना चाहिए कितने लोग
हमें देख रहे हैं तो वीडियो को लाइक करना
बिल्कुल मत भूलना चलो अब आज जो ये वीडियो
है हमारा क्लास सिक्सथ की जो न्यू
एनसीआरटी बुक आई है मलहार की उसका ये
आखिरी पार्ट है पेड़ की बात उसका
एनसीईआरटी सॉल्यूशन है इस पूरे वीडियो में
जल्दी से हम लोग अपना एनसीआरटी सॉल्यूशन
कर लेते हैं फिर बच्चों देखो इस वीडियो के
बाद हमारी क्लास सिक्स की जो एनसीआरटी बुक
है है वो पूरी तरह से कंप्लीट हो जाएगी अब
आपको करना क्या है पढ़ाई करनी है सारे पाठ
पढ़ लो फिर धीरे-धीरे हम आपके लिए और भी
बहुत सारे कंटेंट लेके आएंगे ताकि आपके ये
जितने पार्ट हैं उन सबका एक बार रिवीजन
होता चले चलो जल्दी से हम पहले पार्ट 13
के पेड़ की बात जो है जिसके लेखक हैं
हमारे जगदीश चंद बसू जी उनका हम लोग
एनसीआरटी सॉल्यूशन करते
हैं पहला प्रश्न मेरी समझ से नीचे दिए गए
प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन सा है उसके
साम ने सही का निशान बनाइए तो भाई ऑप्शन
दिए हैं पहला प्रश्न है देख लेते हैं क्या
है वाक्य है जैसे पौधे को भी सब भेद मालूम
हो गया हो पौधों को कौन सा भेद पता लगा हो
था जल्दी से बताओ ये वाक्य किस टाइम का है
जब स्टार्टिंग में हमारा जो पार्ट वन वाला
वीडियो था उसी में था ना कि जब हमारे लेखक
हैं वो एक परीक्षण करते हैं एक
एक्सपेरिमेंट करते हैं पौधे को क्या करते
हैं उल्टा कर लटका देते हैं ये देखने के
लिए कि क्या सच में जो जड़ है वो हमेशा
नीचे की ओर आता है और पत्ते हमेशा ऊपर की
ओर जाते हैं इस बात को सिद्ध करने के लिए
ये एक्सपेरिमेंट किया गया था तो जल्दी से
देख लेते हैं तो यहां पे वही लाइन बोले थे
उन्होंने कि ये जो भेद है यह पौधों को
मालूम हो गया तो किस भेद की बात की गई है
ऑप्शन देखते हैं उसे उल्टा लटकाया गया है
हां भाई देखो कहीं ना कहीं यह बात हमारी
सच है उसे लटकाया गया था यह बात पौधों को
पता चल गई थी तभी तो उसके जो जड़ है वो
नीचे की ओर घूम के आ गए और पत्ते घूम के
ऊपर की ओर चले गए थे और बाकी ऑप्शन भी देख
लेते हैं उसे किसी ने सजा दी थी नहीं भाई
बिल्कुल भी ऐसा नहीं था फिर बच्चों को
गमला रखना नहीं आता है यह भी बात ऐसी कोई
नहीं कही गई थी ठीक है और घ क्या है
प्रकाश ऊपर से आ रहा है देखो बच्चों यह
बात थी यह बात बताई गई थी कि प्रकाश जिस
दिशा में आता है हमारे जो पौधे हैं वो उसी
दिशा में जाते हैं लेकिन यह भी सही हो
सकता है लेकिन यह जो वाक्य था यह जो इसका
जो संदर्भ था यह स्टार्टिंग में बोला गया
था जब पौधे को उल्टा लटकाया गया था यह बात
बोली गई थी कि जैसा लगता है कि मानो पौधों
को भी पता चल गया कि उसको उल्टा उल्टा
लटकाया गया है और इसीलिए वो अप अपनी
प्रक्रिया उसने सही रखी थी तो इसीलिए इसका
जो सबसे सटीक होगा वो है हमारा ऑप्शन नंबर
पहला विकल्प क ठीक है उसे उल्टा लटकाया
गया था ये बात पौधों को पता चल गया था
लेकिन अब देखो ये वाला भी गलत नहीं है
क्योंकि पाठ के अंत में जब आप बाद में
पढ़े हो तो फिर वही बोला है कि जो हमारे
पेड़ हैं पौधे हैं उनको भली भाति पता है
पौधे की जो प्रकाश है वो किस ओर आ रहा है
और वो उसी ओर आगे बढ़ते हैं है कि नहीं तो
देखो ये दोनों को मिक्स करते हुए मैंने
इसका उत्तर आपको अभी आगे दिखाती हूं यहां
तक समझ में आ गया इसका भाई ऑप्शन क्या है
क मेरे हिसाब से बाकी आप अपना
बताना दूसरा पेड़-पौधे जीव जंतुओं के
मित्र कैसे हैं क्या आपको लगता है
पेड़-पौधे हमारे मित्र हैं हां भाई
बिल्कुल है पहले देख लेते हैं ऑप्शन फिर
हम बताते हैं पहला है हमारे जैसे ही सांस
लेते हैं हां ये बात है वो सांस हमारी तरह
लेते हैं लेकिन इस बात का मित्रता से कोई
संबंध नहीं है ठीक है तो ये तो तो भाई
मेरे हिसाब से नहीं होगा फिर हमारे हमारे
जैसे ही भोजन ग्रहण करते हैं ये बात भी सच
है लेकिन देखो वो हमारी तरह नहीं भोजन
ग्रहण करते हैं वो शिशुओं की तरह बच्चों
की तरह जिनके दांत नहीं होते उनकी तरह
भोजन ग्रहण करते हैं तो ये बात तो वैसे भी
पहले कट गई ठीक है फिर क्या है हवा को
शुद्ध करके सहायता करते हैं ये मुझे लग
रहा है थोड़ा बहुत है और ऑप्शन घ देख लेते
हैं क्या है धरती पर हमारे साथ ही जन्म
लेते हैं ये भी है बट ये इसका कहीं से
मित्रता से कोई इसका मतलब नहीं है भाई ये
जो है मित्र कौन है तो जो हमारे लिए मतलब
हमारे लिए कह लो कि हमारे लिए तत्पर रहे
हमारी मदद करें उसी प्रकार जो पेड़-पौधे
हैं वो हमारे लिए क्या करते हैं हवा को
शुद्ध करके सहायता करते हैं हमारी मदद
करते हैं सहायता करते हैं किस चीज में हवा
को शुद्ध करते कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं
ताकि हम लोग अच्छे से रह सके और वो कह लो
कि वायुमंडल से जो हमारी जो जहरीली हवा है
वो हम लोग लेकर के हमारी मृत्यु ना हो
इसलिए तो भैया पेड़-पौधे हमारे मित्र हैं
क्यों क्योंकि वो वायुमंडल से मतलब हवा को
शुद्ध करके हमारी सहायता करते हैं यहां तक
क्लियर है चलो अब देखते हैं अब अपने
मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए
कि आपने यही उत्तर क्यों चुने हैं तो भाई
देखो मैं इसी की बात कर रही थी मैंने ये
जो था ना ऑप्शन नंबर जो हमारा क वाला था
उसको मैंने जो पहला वाला था उसको दो को
मिक्स किया है देखो कैसे उसे उल्टा लटकाया
गया यह बात बताई गई है इसका कारण क्या
दिया है यस यह स्थिति पौधे के उल्टे लटक
लटके होने का संदर्भ देती है इसका संदर्भ
कब था जब उल्टा लटका हुआ था फिर जिससे
उसने यह सीखा कि प्रकाश ऊपर से आ रहा है
और उसने प्रकाश की दिशा में अपनी पत्तियों
और टहनियों को मोड़ लिया था समझ में आया
यह जो पॉइंट है यह आपका दोनों आंसर को
मिक्स करते हुए है समझ में आया लेकिन यहां
पे उपर्युक्त क्या है ज्यादा कह सकते हो
कि ज्यादातर झुकाव किसकी तरफ है भाई पहले
क वाले की तरफ था ठीक है आगे बढ़ते हैं आप
चाहो तो इसका स्क्रीनशॉट ले लो
ओके अब है प्रश्न दो का दो का क्या उत्तर
है हवा को शुद्ध करके सहायता करते हैं
कैसे इसका कारण क्या है पेड़ पौधे अंगारक
वायु अर्थात कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण
करते हैं और उसे शुद्ध करते हैं जिससे जीव
जंतुओं के लिए शुद्ध वायु उपलब्ध होती है
यही कारण है कि उन्हें जीव जंतुओं के
मित्र के रूप में देखा जाता है समझ में आ
गया बहुत ही आसान तरीके से शब्दों में
लिखा हुआ है च तो जल्दी से स्क्रीनशॉट ले
लो इसका भी
आगे बढ़ते हैं पंक्तियों पर चर्चा पाठ में
से चुनकर कुछ पंक्तियां नीचे दी गई हैं
इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार
कीजिए आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया
अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और
अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए देखते हैं
पहला क्या है क पेड़ पौधों के रेशे रेशे
में सूरज की किरणें आबद्ध है ठीक है मतलब
जो पेड़ पौधे हैं उनके ऋषे रेशे में मतलब
हर एक सेल में हर एक कोशिकाओं में सूर्य
की किरणें उसमें बंद है मतलब सूर्य जो
हमारा प्रकाश है सनलाइट जो है पूरी तरीके
से पेड़-पौधों के अंदर है ठीक है इंधन को
जलाने पर जो प्रकाश व ताप बाहर प्रकट होता
है वह सूर्य के ही ऊर्जा है देखो अगर आपने
यह व्याख्या वाला वीडियो नहीं देखा है तो
जरूर देख लेना ठीक है आपको ये सब चीजें
बहुत अच्छे से समझ आ जाएगी तो यहां पे व
बता रहे हैं इंधन को जलाना मतलब लकड़ी को
पेड़ की जो लकड़ियां है उसको जलाने जब हम
जलाते हैं तो वो जो प्रकाश जो हमें रोशनी
मिलती है और जो गर्मी मिलती है वो कैसी है
भाई जो बाहर प्रकट होती है वह सूर्य की ही
ऊर्जा है जो सनलाइट हम लेते हैं वही जब हम
जलाते हैं तो वो जो सनलाइट है जो एक
एनर्जी के फॉर्म में हमने जो प्लांट्स ने
अब्जॉर्ब की है वही उसको जलाने के बाद वो
एनर्जी चेंज करके वो बाहर निकलती है जो कि
एक तो है भाई हमारे गर्मी लगती है तो हीट
एनर्जी और लाइट एनर्जी दोनों प्रोड्यूस
होती है वहां पे ये यहां तक आपको समझ आ
गया इसको चाहो तो देखो हम यहां पॉइंट वाइज
लिखे हैं इसका अर्थ आप इजली ये बहुत आसान
शब्दों में है देख लो क्या है पेड़-पौधे
सूर्य की किरणों को अपने अंदर संग्रहित
करते हैं मतलब इकट्ठा करते हैं जब हम इंधन
जैसे लकड़ी जलाते हैं तो जो प्रकाश और
गर्मी निकलती है वह सूर्य की ऊर्जा होती
है ठीक है फिर यह ऊर्जा पेड़ पौधों ने
अपने विकास के दौरान सूर्य सेली होती है
अपने विकास मतलब उनका जो ग्रोइंग स्टेज है
जब वो बड़े हो रहे होते हैं उस दौरान वो
जो है सनलाइट जो एब्जॉर्ब करते हैं यह तब
की बात की गई है ठीक है पेड़ पौधे सूर्य
की ऊर्जा को मानव जीवन के लिए उपयोग
उपयोगी रूप में बदलते हैं जैसे कि इंधन के
रूप में यहां पर एक लाइन मैंने एक्स्ट्रा
जोड़ दिया कि मतलब जो बता रहे है कि जो
पेड़ पौधे हैं वो सूर्य की ऊर्जा को हम
लोगों के लिए मानव के डेवलपमेंट के लिए
उनके लिए क्या करते हैं उपयोग उपयोगी रूप
में बदल देते हैं मतलब एक एनर्जी से दूसरे
एनर्जी में वो ट्रांसफॉर्म कर देते हैं
समझ में आ गया चलो चाहो तो स्क्रीनशॉट ले
लो आगे पढ़ते हैं ख मधुमक्खी व तितली के
साथ वृक्ष की चीर काल से घनिष्ठता है वे
दलबल सहित फूल देखने आती हैं यह वाला जो
ये भी वाक्य था आपने वो जब हमारा पेड़
आमंत्रण देता है फूलों को जब उसके बच्चे
हो जाते हैं फूल हो जाते हैं तब तो ये
उसका संदर्भ था अब देखो इसका क्या मतलब है
मधुमक्खी व तितलियों के साथ वृक्ष के चीर
काल और घनिष्ठता है मतलब बहुत ही लंबे
टाइम से प्राचीन टाइम से उसकी जो मित्रता
है और मतलब घनिष्ठता मतलब बहुत ही गहरा
संबंध है ठीक है बहुत ही चीर काल मतलब
बहुत प्राचीन काल से और घनिष्ठता मतलब
बहुत गहरा संबंध है ठीक है वे दलबल के साथ
जो है फूल देखने के लिए आती हैं इसको भी
मैंने पॉइंट्स में लिखा हुआ है आपको ताकि
आसानी हो समझने में और लिखने में पहला
पॉइंट क्या है वृक्षों और मधुमक्खियों
तितलियों के बीच प्राचीन और गहरा संबंध है
फिर मधुमक्खियों और तितलियां अक्सर फूलों
को देखने और उनसे पराग कण ये है ना वो
वहां पे आके क्या लगती है नेक्टर लेती है
ना पराग कण और और शहद लेने के लिए आती हैं
ठीक है यहां तक समझ में आ गया फिर
मधुमक्खियां और तितलियां पेड़ों के फूलों
में पराग ले जाकर नए बीज और फल बनाने में
मदद करती हैं मतलब मधुमक्खियां और जो
तितलियां क्या करती हैं नेक्टर लेकर के वो
दूसरे प्लांट में भी डालती है जिससे सीड
जो है जो बीज है वो डेवलप होता है यहां तक
समझ में आ गया आगे बढ़ते हैं यह संबंध
पेड़ पौधे और कीटों की एक दूसरे पर
निर्भरता को दिखाता है मतलब ये जो है ये
जो हमारे सॉरी ये जो संबंध दिखाता है
किसके पेड़-पौधे और जो हमारे इंसेक्ट है
मतलब जो हमारे पेड़-पौधे हैं वह पूरी तरह
से हम इंसानों और जीव जंतुओं पर निर्भर
हैं और वहीं पर हम दोनों भी पेड़-पौधों पर
निर्भर है अगर दोनों में से कोई भी एक भी
अगर ऐसा समझ लो उसकी गाड़ी लड़ खड़ाई तो
हम लोग नहीं जीवित हो पाएंगे अगर पेड़ ऐसा
समझो कि पेड़ की जिंदगी खत्म हुई तो भाई
हमारी भी जिंदगी का कहीं ना कहीं द एंड हो
जाएगा और अगर हमारी जिंदगी खत्म हुई पूरे
धरती से अगर इंसानों को ही हटा दो या
जानवरों को ही हटा दो तो भाई पेड़ का भी
रहना मुश्किल हो जाएगा उनको कार्बन
डाइऑक्साइड नहीं मिलेगा उनका ये जो जो
मधुमक्खियां और तितलियां जो उनका
डेवलपमेंट करती है रिप्रोडक्शन करती है वो
भी खत्म हो जाएगा यहां तक समझ में मतलब
दोनों एक दूसरे पर निर्भर है यहां पे समझ
में आ गई बात आगे बढ़ते हैं स्क्रीनशॉट ले
लो जल्दी
से चलो पार्ट में से चुनकर कुछ वाक्यांश
नीचे दिए गए हैं अपने समूह में इन पर
चर्चा कीजिए और इन न्हे इनके सही अर्थ या
संदर्भ से मिलाइए भैया टेबल आ गई इसके लिए
आप अब शब्दकोश कुछ नहीं आप इसके लिए आप बस
मैग्नेट ब्रेंस की सहायता ले सकते हैं
चलिए भाई टेबल है एक तरफ वाक्य है और
दूसरी तरफ अर्थ है तो हम लोग जैसे अधिकतर
करते हैं अर्थ देखते हैं और वाक्य खुद
ढूंढ लेंगे चलो मट मेहली माटी और विषाक्त
वायु से सुंदर सुंदर फूलों में परिवर्तन
परिवर्तित होते हैं भाई यहां पर किसकी बात
की गई है मट मेहली माटी व और विशा वायु
मतलब जहरीली जो हवा है वह सुंदर-सुंदर
फूलों में परिवर्तित हो जाती है यह वाला
आपको समझ में आ रहा है कब है कब की बात
यहां पर एक शब्द था अपरूप की बात हुई थी
कि वहां प मिट्टियों को बोला गया था ना
अपरूप है तो देखो यहां पे ऑप्शन देख लेते
हैं बीज का ढक्कन रग नहीं उसे अंगारक वायु
कहते हैं नहीं पत्ते सूर्य ऊर्जा के सहारे
अंगारक यह भी नहीं प्रकाश ही जीवन का मूल
मंत्र यह भी नहीं जैसे फूल फूल के बहाने
स्वयं हंस रहे ये भी नहीं यह देखो इस
अपरूप मिल गया भाई इस अपरूप उपाद उपादान
से किसी तरह ऐसे सुंदर फूल खिलते हैं यह
प्रश्न था ये क्या है भाई इसका पहला हो
गया मतलब पहले का है हमारा छह यह वाला कट
कर दो फिर दूसरा क्या है जीवन के लिए
सूर्य का प्रकाश आधार शक्ति या
महत्त्वपूर्ण है अभी हम लोग मूल मंत्र
पढ़े थे ना क क्या ये प्रकाश ही जीवन का
मूल मंत्र है इसका यह मतलब है तो यहां आ
गया चौथा फिर क्या है इसको को भी जोड़
दिया तीसरा अपनी संपन्नता और भावी पीढ़ी
की उत्पत्ति से प्रसन्न और संतुष्ट है कौन
भाई पेड़ होगा बीज से तो वो था ना फूल को
देख कर के वो प्रसन्न हो रहे था वो भी हंस
रहे थे ऐसा करके कुछ लिखा था ना हां जैसे
फूल फूल के बहाने वह स्वयं हंस रहे हो
इसका हो जाएगा फिफ्थ कहां गया हां तीसरे
का है फिफ्थ समझ में आ रहा है मैं जल्दी
तो नहीं पढ़ा रही हूं चलो थोड़ा आराम से
बात करते हैं इस पे सांस छोड़ने पर निकलने
वाली वायु कार्बन डा ऑक्साइड इसको क्या
कहते हैं बच्चों अंगारक वायु कहां पे था
उसे अंगारक वायु कहते हैं दूसरा ठीक है
चौथे का है दूसरा और पांचवा क्या है सूर्य
के प्रकाश से पत्ते विषाक्त वायु के
प्रभाव को नष्ट कर देते हैं बच्चों अभी
स्क्रीनशॉट मत लेना इसके बाद में टेबल में
पूरा लिखा हुआ है सामने तो आप उसका ले
लेना यहां पे थोड़ा घुच मोच है तो आगे
वाला स्पष्ट रूप से उसको ले लेना क्या कह
रहा है सूर्य के प्रकाश से पत्ते विषाक्त
वायु के प्रभाव को नष्ट कर देते हैं
जो हमारे जो कह लो कि जब कार्बन
डाइऑक्साइड जब हमारे प्लांट लेते हैं
जहरीली हवा जब उस परे सूर्य की किरणें
पड़ती है तो उससे जो भी हम कह लो कि नशी
मतलब जो जहरीले पदार्थ है उसको सूर्य की
रोशनी क्या करती है नष्ट कर देती है ठीक
है तो इसके लिए कहां पर वाक्य बोला गया था
देखते हैं अ बीच के ढक्कन डरक गए यह भी
नहीं पत्ते सूर्य ऊर्जा के सहारे अंगारक
वायु से अंगार निषेश कर डालते हैं यह वाला
था ना थर्ड फिफ्थ का क्या है बच्चों थर्ड
और और बीज के दानों दोनों दले में दरार आ
गई या फट गया दोनों दलों में क्या हो गई
दरार आ गई जब बीच में दरार आ जाती है तो
उसको हम क्या बोलते हैं अंकुर फूटना तो
यहां पे क्या है बीच का यहां पर लिखा है
बीज का ढक्कन डरक गया यहां पे स्टार्टिंग
में शब्द था ना तो यहां पर इसको ऐसे किया
गया मतलब सिक्सथ का पहला अब देखो यहां पर
आपको समझ आ गया अब हम ये टेबल है सामने
सामने उत्तर लिखा है आप इसका स्क्रीनशॉट
ले लो और समझ लो ठीक
है चलो अब हम लोग बढ़ते हैं आगे आगे क्या
बोल रहा है सोच विचार के लिए आ गया देखते
हैं क्या बोलते हैं सोच विचार करना है पाठ
को एक बार फिर से पढ़िए पता लगाइए और
लिखिए क्या पता लगाना है क वाला बीज के
अंकुरित होने में किस-किस का सहयोग मिलता
है बीच के अंकुरित होने पे हमें किस-किस
चीजों की सहायता मिलती है किस-किस का
सहयोग मिलता है तो देखो सबसे पहली चीज है
पानी पानी क्या करता है बीज को नम रखने के
लिए बहुत जरूरी है जैसे अगर आप चने को भी
या फिर कोई भी राजमा को भी अगर भीगो ग तो
सबसे पहले पानी डालोगे उसमें नमी होनी
चाहिए बीज तभी पनपे जब उसमें नमी होगी फिर
ऑक्सीजन ऑक्सीजन उसमें जरूरी है बीज के
भीतर ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ऑक्सीजन
चाहिए वो ऑक्सीजन कहां से मिलता है उसको
पता है वो ऑक्सीजन क्या ये समझो कि मिट्टी
है ना मिट्टी के वो जो तत्व है वो वहां से
उसको लेता है फिर उचित तापमान उसको भाई
उसका जो टेंपरेचर है वो बहुत उसको मतलब
उचित होना चाहिए मतलब कि वो अंकुरण जो
फूटे का बीच का तापमान होना चाहिए अब ऐसा
तो हम नहीं करते ना कि अंकुरण करने के लिए
या फिर मान लो जब हमें चना अंकुरित करना
होता है तो हम उसको फ्रिज में नहीं रखते
जनरली उसको क्या करते हैं बाहर रूम
टेंपरेचर पे रखते हैं या फिर गर्म उस करके
नहीं रखते हैं तो एक उसका उचित तापमान है
उसका भी हमें ध्यान होना होता है अंकुरण
के लिए सही गर्मी होनी जरूरी है ये नहीं
बहुत ज्यादा गर्मी हो जाए और ये भी नहीं
कि एकदम ही ठंडा हो जाए उचित गर्मी होना
जरूरी है फिर मिट्टी जड़ों को सहारा देना
और तत्व प्रदान करने के लिए सबसे ज्यादा
जरूरी क्या मिट्टी भी होनी चाहिए और क्या
कहता है प्रकाश भाई अंकुरण के बाद पौधे के
विकास के लिए जरूरी है यहां तक समझ में आ
गया जल्दी से स्क्रीनशॉट ले लो फिर बढ़ते
हैं
आगे चलो फिर कह रहा है ख हमें क्या इसका
इसके बारे में क्या सोचना है सोच विचार
करना है कि पौधे अपना भोजन कैसे प्राप्त
करते हैं जल्दी से बताओ बच्चों पौधे जो है
वो अपना भोजन को कैसे प्राप्त करते
हैं चलो सबसे पह पला क्या है पौधे सूरज की
रोशनी से भोजन बनाते हैं देखो यहां पे अगर
हम इसको इंग्लिश में समझे अंग्रेजी में
समझे तो पौधे अपना भोजन कैसे प्राप्त करते
हैं तो भाई फोटोसिंथेसिस से वो जो पूरा
प्रोसेस है उसको हम क्या बोलते हैं
फोटोसिंथेसिस अब यहां पे हम उसी के
स्टेप्स अलग-अलग लिख दिए हैं सबसे पहली
चीज पौधे सूरज की रोशनी में भोजन बनाते
हैं दूसरा हवा से कार्बन डाइऑक्साइड लेते
हैं जो पत्तों पर मौजूद स्टोमेटा के अंदर
आता आती है जो यह स्टोमेटा हमारे लेखक ने
इसकी तुलना किससे की है ढेर सारे मुंह से
जो मुंह है पाठ में जो लिखा है वो हमारे
स्टोमेटा की बात हुई है फिर जड़ों से पानी
और पोषक तत्व सखते हैं और फिर इनमें इनसे
भोजन इनसे पौधे भोजन ग्लूकोज बनाते हैं
इनसे जो है क्या बनाते
हैं चेंज हो गया था चलो ग्लूकोज बनाते हैं
इनका जो भोजन बनता है वह क्या कहलाता है
ग्लूकोज कहलाता है और इस प्रक्रिया में
ऑक्सीजन भी बनती है जिसे स्टोम
से बाहर छोड़ा जाता है कुल मिलाकर जो
स्टोमेटा है बच्चों वो क्या है पूरे के
पूरे जो पेड़ है पत्ती है उसकी नाक है
जैसे हम अपने नाक से अंदर कार्बन
डाइऑक्साइड ऑक्सीजन लेते हैं और कार्बन
डाइऑक्साइड छोड़ते हैं उसी प्रकार जो
पत्ते हैं उसपे जो ये इस तरीके से जो
हमारे स्टोमेटा बने रहते
हैं थोड़ा सा गड़बड़ आ गया है समझ लो ठीक
है यह ऐसे करके इसका कुछ थोड़ा सा
स्ट्रक्चर रहता है मुझे एटली भाई मैं बायो
वाली हूं नहीं तो मेरा डायग्राम जानते ही
हो चलो यह मान लो कुछ इस तरीके से उसका
स्ट्रक्चर रहता है तो इसमें यह जो है ना
यह स्टोमेटा होता है और इसके अंदर यह उसकी
नाक होती है यहीं से क्या होता
है यहीं से सपोज समझ लो कि यहां से अरे
पूरा स्टोमेटा ही गायब हो
गया चलो यह जो है इसके अंदर में यह वाला
जो एरिया है यह इसकी नाक होती है इसी से
क्या होता है जो स्टोमेटा है वो कार्बन
डाइऑक्साइड लेता है और ऑक्सीजन को छोड़ता
है और इसी का ठीक उल्टा हमारे मानव के
शरीर में होता है समझ में आ गया ठीक है
फिर क्या बोला इस प्रक्रिया से ऑक्सीजन भी
बनती है जिसे स्टोमेटा बाहर छोड़ते हैं
मतलब यहां से ऑक्सी यहां से सपोज करो बाहर
से कार्बन डाइऑक्साइड जाता है और यहां से
ऑक्सीजन निकलता है ये जो प्रोसेस है
फोटोसिंथेसिस कहलाता है तो भाई पौधे अपना
भोजन ऐसे ही प्राप्त करते हैं आगे बढ़ते
हैं स्क्रीनशॉट ले लो जल्दी से लेना हो तो
चलो इस लेख में इस लेख में एक के बाद एक
विचार को लेखक ने सुसंगत रूप से प्रस्तुत
किया है मतलब बहुत ही खूबसूरती से मतलब एक
के बाद अपने उनके जो अनेक विचार है उसको
बहुत एक क्रम में प्रस्तुत किया है हां
किया है गमले को औंधा लटकाना या मूली काट
कर बोना जैसे उदाहरण देकर बात कहना इस
लेखक का एक तरीका है मतलब ये जो लेखक है
इनका एक तरीका है मतलब चीजों को प्रूफ
करना भाई साइंस वाले हैं तो साइंस वाले
बिना एक्सपेरिमेंट किए बिना प्रूफ किए
कैसे बात करेंगे समझ में आया आगे बढ़ो
अपने तथ्य को वास्तविकता या व्यवहारिकता
से जोड़ना भी इस लेखक की विशेषता है क्या
है भाई वास्तविकता मतलब जो हो रहा है उससे
जोड़ना मतलब जैसे उसको उल्टा किया तो वो
पौधा वैसे गया और व्यावहारिकता मतलब कि एक
रिलेशन बताया है पेड़ का होता है ना तो ये
जो ये सब कुछ विशेषता है जो हमारे लेखक की
है अब इसमें बोल क्या रहा है आगे देखते
हैं जैसे लेखक ने पेड़ की बात कही है वैसे
ही अ आप अपने आसपास की चीजें देखिए ठीक है
मान लो हमने कुछ देखा किसी और किसी एक चीज
पर लेख लिखिए जैसे गेहूं की बात अच्छा चलो
अब यह काम बच्चों आपको करना है आप क्या
करो जैसे हमारे लेखक ने पेड़ की बात लिखी
है आप अपने आसपास कोई भी चीज देखो जैसे
मान लो इसने उदाहरण के तौर पर क्या दिया
गेहूं की बात तो आप उसको देखो और उसके
पूरी स्टोरी बनाओ जैसे हमारे लेखक ने लिखा
है साइंटिफिकली उसको प्रूफ किया है
अलग-अलग चीजों से उसका कह लो कि उ
उन्होंने अपने दिमाग को बहुत क्रिएटिव
किया है और हर एंगल से उसको सोचने की
कोशिश की है अलग-अलग नजरिए से है कि नहीं
बच्चे की तरह कभी पेड़ को पिता समझ लिया
है उनके बीजों को बच्चा समझ लिया है फूल
के जो चारों और पंखुड़ी है उसको उसका घेरा
समझ लिया है घर समझ लिया है इस तरीके से
आपको भी करना है और यहां उदाहरण के तौर पे
क्या दिया गेहूं की बात तो बच्चों यहां पे
मैं आपको पॉइंट वाइज चीजें दे सकती हूं सर
में कि आप ये ये तरीके से लिख सकते हो
लेकिन लिखने का काम अब आपका है कुछ काम तो
आपको करना पड़ेगा भाई हम लोग ये हमारा
आखिरी एनसीआरटी सॉल्यूशन है क्लास सिक्स
का तो अब तक तो आपको भाई लेखन शैली अपनी
मजबूत कर लेनी चाहिए थोड़ा बहुत तो करके
देखूं जैसा होगा देखेंगे चलो यहां पे है
मैंने आपको पॉइंट्स दिए हुए हैं आपको
लिखना है तो भाई यहां पे क्या गेहूं की
कहानी बोला है ना तो देखो गेहूं की कहानी
में क्या-क्या जरूरी है सबसे पहले बीच का
बीच से अंकुर आता है गेहूं के जीवन मिट्टी
में बीज बोने से शुरू होता है पानी और
पोषक तत्व मिलने पर बीज अंकुरित होकर पौधा
बनता है बहुत कॉमन सी चीज है अभी तक सब
में यही है गेहूं को देखो ज्वार के गेहूं
होते हैं ना जो हम उसमें देख लो जो
नवरात्रि आती है तो हम लोग कलश के नीचे
रखते हैं वहीं से एक उदाहरण ले लो ना
उसमें भी तो य होता है बीज ऐसे ही फूटता
है आगे सूर्य और जल के महत्व उसमें जो
हमें पाठ में बताया गया वही चीज हमने लिखी
है सूर्य की रोशनी से पौधा भोजन बनाता है
सिंचाई से पौधे को जरूरत जरूरी पानी मिलता
है मतलब भाई सिचाई करते हैं तो हम उसे
जरूरी पानी जो हमारी मिट्टी को चाहिए वो
मिल जाता है और हमारा जो गेहूं है वो
पनपना शुरू हो जाता है आगे बढ़ने लगता है
पेड़ बनने की प्रक्रिया में पेड़ के पौधा
बनने की प्रक्रिया में आगे चलो फिर परागण
प्रक्रिया कैसे फूल आने पर हवा की मदद से
परागण होता है जिससे गेहूं के दाने बनते
हैं समझ में आया आगे बढ़ो कटाई होती है
कैसे फसल पकने पर किसान उसे काटकर गेहूं
के दाने को निकालते हैं और उन्हें सुखाते
हैं फिर जब भाई कटाई हो जाती है फाइनली जब
हमारा गेहूं बन जाता है फसल आ गई गेहूं के
दाने निकल जाते हैं उसके कटाई हो जाती है
गेहूं के अलग-अलग दाने हो जाते हैं फिर
क्या होता है आटा बनने का फिर वो गेहूं
आता है घर में अगर आप लोगों के घर में अगर
मार्केट से जो आटे मिलते हैं डायरेक्ट वो
जो हमारा जिसको हम कनक कहते हैं वो होता
है तो फिर बात अलग है नहीं तो अगर गेहूं
आता है तो आपको पता होगा आपकी मम्मी लोग
कितनी मेहनत करके उसको धोती हैं पहले
झाड़े उसमें गंदगी हटाएंगे फिर उसमें उसको
क्या करेंगी धोएंगे धोने के बाद उसका
इंतजार करेंगी देखें कोई सुखाए गी पूरे वो
गेहूं को कि कोई पक्षी ना आ जाए हर तरह से
उसकी रक्षा करेंगी फिर वो जो गेहूं है
जाता है कहां पे चक्की में और चक्की में
वो गेहूं क्या बन जाता है आटा जिसको हम
लोग कनक कहते हैं हालांकि आटा जो है वो
गूथे जाने के बाद भी कहा जाता है वैसे जो
पर्थन वाला जो होता है उसको हम लोग कनक
कहते हैं यहां तक समझ में आ गया ठीक है और
फिर क्या होता है गेहूं को चक्की में
पीसकर आटा बनाया जाता है जिससे रोटी पराठा
आदि बनते हैं यहां तक समझ में आ गया ये तो
हो गई गेहूं की बात अब क्या कह रहा है
उसका कक्षा में सबका सॉरी उस कक्षा में
सबके साथ साझा कीजिए जो आप अपनी डिस्कशन
कर रहे थे उसको सबके साथ आपको साझा करना
है देखो बच्चों यहां पे गेहूं का उदाहरण
मैंने केवल इसलिए लिया है क्योंकि यहां पे
गेहूं की बात की गई है है कि नहीं पर यहां
पे एक चीज और बोला है अपने आसपास के चीजों
को देखिए किसी एक चीज पर लेख लिखिए तो मैं
आपको एक और उदाहरण उदाहरण देती हूं कि आप
और किसका लिख सकते हैं ये तो मैंने गेहूं
का लिख दिया है एक और चीज है वो है हम
सबकी फेवरेट हम सबकी प्रिय चाय जिसके बिना
भारत में कह लो कि अधिकतर सुबह नहीं होती
है अधिकतर घरों में हर जगह नहीं आगे देखते
हैं तो भाई चाय का यहां पे हम देखते हैं
सबसे पहले चाय का पौधा होता है तो चाय की
पत्तियां पहाड़ पहाड़ी इलाके में उ उगाने
उगने वाले चाय के पौधों से मिलती है चाय
की जो हमारी टी लीफ होती है चाय पत्ती
होती है जो हम उसमें दूध में डालते हैं वो
कैसे मिलती है भाई वहां पे है चाय वा एक
मिनट वाले चाय के पौधों से मिलती है ठीक
है और ये कहां होते हैं पहाड़ में होते
हैं क्योंकि देखो चाय की पत्तियों को ना
पनपने के लिए के लिए बहुत ज्यादा पानी
नहीं चाहिए तो वहां पे ज पानी होता है तो
वहां पे डरक जाता है इसीलिए वहां पे जो है
चाय बागान हमारे जहां भी है पहाड़ में है
जैसे मुन्नार में है और चाय बागान का आसाम
में है सबसे ज्यादा समझ रहे हो तो वैसा
पहाड़ी इलाकों में इसकी जरूरत है आगे क्या
है चाय के बागानों में इन पौधों की खेती
होती है चाय के बागानों में चाय पत्तियों
की खेती होती है अब उसके बाद देखो
पत्तियां तोड़ना उसमें सबसे ज्यादा जरूरी
क्या है भाई पत्तियों को तोड़ना चाय की
ताजी पत्तियां हाथ से तोड़ी जाती हैं इसके
लिए मशीन भाई हाथ से एकएक एक-एक पत्तियों
को उसमें बहुत बारीकी से तोड़ते हैं जो
हमारी वहां की पारंगत महिलाएं हैं अधिकतर
करती हैं पुरुष भी करते हैं ऐसा नहीं है
आपने देखा होगा आसाम में अधिकतर बड़ी सी
कह लो कि एक टोकरी लेके पीठ पर सर पे बांध
करके इसको चलते हैं पत्तियां तोड़ तोड़ के
डालते जाते हैं या आसाम में ये ऐसा चित्र
हम लोगों के दिमाग में अवश्य आता है तो ये
जो है ये किसका है भाई चाय बागान से चाय
पत्तियों को तोड़ने का फिर क्या है इन
पत्तियों को समय पर तोड़ना जरूरी है ताकि
उनकी गुणवता बनी रहे इन पत्तियों को समय
पर तोड़ना भाई बहुत जरूरी है वरना उसके जो
गुणवता है वो नष्ट हो जाती है चलो आगे
देखते हैं पत्तियों का प्रोसेसिंग होता है
कैसे होता है तो तोड़ी गई पत्तियों को
सुखाया और रोल किया जाता है इसके बाद
उन्हें सुखाकर अलग-अलग तरह की चाय तैयार
की जाती है अच्छा जल्दी से यह बताओ एक चाय
तो वो होती है जो हम लोग घर में पीते हैं
और कुछ मेन्यूस में होती है इलायची चाय
उसके बाद आपकी अदरक वाली चाय स्पेशल चाय
मसाला चाय पर आपको पता है जैसे चाय
अलग-अलग है वैसे हमारी चाय पत्तियां भी
बहुत विभिन्न है अलग-अलग तरीके की चाय
पत्तियां होती हैं तो भाई आप ये बताओ कभी
आप चाय बगान गए हो कमेंट सेक्शन में जरूर
बताओ और इस चीज पे थोड़ा सा रिसर्च करो
थोड़ा सा अध्ययन करो मजा आएगा कि हमारे
भारत में जो हम लोग चाय पीते हैं वो आपको
पता है वो बहुत ही मतलब कह लो कि 100 में
उसमें जो चाय ओरिजिनल जो चाय होती है चाय
पत्ती वो बहुत ही कम मात्रा में होती है
बहुत ही कम समझो और फिर भी हम लोग उसको
इतना चाओ से पीते हैं जो ओरिजिनल जो चाय
बनती जिसमें पत्तियां बहुत होती है अधिकतर
तो वो एक्सपोर्ट हो जाती हैं जरा इस पे
अध्ययन करो कि हम लोगों के यहां कितनी
प्रकार की चाय अवेलेबल है ठीक है कितने
प्रकार की चाय मतलब चाय पत्ती से है मेरा
मार्केट वाली मेन्यू वाली चाय की बात नहीं
कर रही हूं चाय पत्तियों से है ठीक है पता
करो और यहां पे देखो फिर क्या है जैसे
काली चाय हरी चाय आपको पता है बहुत तरीके
की और भी चाय हैं ये तो भाई ग्रीन टी और
काली चाय और नॉर्मल दूध वाली चाय तो अलग
है बाकी और भी बहुत तरह के चाहे पता करो
और फिर हम इस पे बाद में एक वीडियो
बनाएंगे अगर आपको अगर बना बनवाना है तो उस
पर कमेंट सेक्शन में करो तो हम आपको इस
तरीके की चीजें भी अलग-अलग ज्ञान की बातें
करते हैं आगे फिर चाय बनाना फिर क्या होता
है भाई चाय की पत्तियों को पानी में
उबालकर उसमें दूध और चीनी मिलाई जाती है
उबलने के बाद स्वादिष्ट चाय तैयार हो जाती
है और हम लोग पीते हैं मतलब आप समझे ये
प्रोसेसिंग वगैरह होने के बाद फिर वो हम
लोगों के घर तक आती है कुल मिला के भाई ये
इसकी भी एक कहानी बन सकती है अगर आप चाहो
तो मैंने पॉइंट्स दे दिया है स्टोरी बनाना
आपका काम है आगे अब बात करते हैं आ गया
अनुमान और कल्पना से मुझे मुझे बड़ा मजा
आता है ऐसे कल्पना वाले क्वेश्चन में
क्योंकि इससे हमारे ना दिमाग की एक
एक्सरसाइज होती है क्रिएटिविटी बढ़ती है
चलो क्या दिया है अपने समूह में मिलकर
चर्चा कीजिए क्या है क इस तरह संतान के
लिए अपना जीवन न्योछावर करके वृक्ष समाप्त
हो जाता है वृक्ष के समाप्त होने के बाद
क्या होता है जल्दी से सोचो कि जब वो
वृक्ष समाप्त हो जाता है तो उसके बाद क्या
होता है जैसे मान लो कि अगर कोई इंसान है
जब उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसके बाद
क्या होता है उसको जलाया जाता है प्रो
होता है फिर जो हमारी मान लो अगर जलाया
नहीं जाता है तो कब्रिस्तान में डाला जाता
है तो वहां पे क्या होता है जो हमारी बॉडी
है वो वहां पे मिट्टी के से मिल जाती है
मतलब उसका अलग-अलग चीजों इस्तेमाल होता है
ना हमारे शरीर का अब ये सोचो इसी प्रकार
जब एक पेड़ मर जाता है पेड़ गिर जाता है
तो उसके बाद हम लोग उसका क्या-क्या उपयोग
कर सकते हैं या फिर उसके बाद क्या होता है
तो देखो बड़ा ही आसान है सबसे पहली चीज
पेड़ की जड़ मिट्टी में मिल जाती है जिससे
मिट्टी में पोषक तत्व बनते हैं भाई मतलब
जो वहां पे जड़ है वो अधिकतर क्या होता है
मिट्टी में ही वो डिसोल्व हो जाते है मतलब
जैसे पौधे वगैरह कभी देखो अगर कोई पौधा मर
गया तो वो मिट्टी में ही उसका मिल जाता है
दोबारा से पनपने के लिए फिर वृक्ष की
लकड़ी इंधन और फर्नीचर बनाने में उपयोग
होती है जो उसकी लकड़ियां है भाई उसका हम
लोग उपयोग कर लेते हैं जो उसका पेड़ का
देखो ये वाला जो पार्ट होता है ना इसका हम
लोग उपयोग कर लेते हैं जब पेड़ गिर जाता
है पर चलो जड़ है वो तो भाई अंदर है अगर
वो जड़ के सहित गिरा है तो बात अलग है ठीक
है अगर नहीं है तो वो अंदर ही अंदर क्या
होता है वो अंदर ही अंदर मिल जाता है और
जो ये ऊपर वाला यह वाला जो हिस्सा है हम
लोग इसका क्या करते हैं अपने उपयोग में ले
लेते हैं जो लकड़ियों की हमें जरूरत होती
है उसमें फिर पेड़ के बीज मिट्टी में
गिरते हैं जो पेड़ के बीज होते हैं वो
क्या हो जाते हैं मिट्टी में गिर जाते हैं
और नए पौधे उगने लगते हैं मतलब जो उनके
बच्चे हैं वह इधर उधर बिखर करके नए अपनी
जनरेशन को आगे बढ़ाते हैं फिर बीज से नए
पेड़ और पौधे उगते हैं यह भी बात ठीक है
ये दो बार आ गया है क्या चलो ठीक है कोई
बात नहीं आगे देख लेते हैं पेड़ के मरने
से से जंगल में नई वनस्पति को जगह मिलती
है देखो पेड़ जब मर जाता है गिर जाता है
तो वो जो एरिया है वो खाली हो जाता है
उसके उस जगह पे नए वनस्पति नए पेड़-पौधों
को मौका मिलता है उगने का क्योंकि हमारे
जंगल में एरिया तो लिमिटेड है पेड़-पौधे
अधिक है तो भाई जब तक एक पेड़ गिरेगा नहीं
दूसरा पेड़ कैसे आएगा ठीक उसी प्रकार जैसे
अगर मान लो मनुष्यों में अगर मरना खत्म ही
हो जाए और लोग पैदा ही होते रहे तो फिर
समझो जरा कि हमारे धरती की क्या हालत होगी
पॉपुलेशन कितनी बढ़ जाएगी क्योंकि जगह तो
हमारे पास लिमिटेड है उसी प्रकार
पेड़-पौधों के लिए भी भाई जगह लिमिटेड है
अगर एक पौधा पेड़ गिरता है तो उसको वहां
पे दूसरे पौधों को दूसरे पेड़ को पनपने की
जगह मिल जाती है आगे पेड़ का मरना अ
परिस्थिति की तंत्र के संतुलन को बनाए
रखने में मदद करता है हां मतलब यही बात ये
दोनों पॉइंट जो है कनेक्टेड है मतलब जो
पेड़ है वो उसका जो मरना है वहां पे मतलब
ऐसा समझो कि अगर वही जो जगह मिल गई मतलब
यहां पे पेड़ जैसे इंसान आता है और जाता
है उसी प्रकार हमारा पेड़ भी आता है और एक
मृत्यु होती है मतलब दोनों का एक जीवन काल
है जो कि क्योंकि देखो इंसान पेड़ पर
आधारित है और पेड़ हम लोगों पर तो कहीं ना
कहीं हम लोग दोनों का एक दूसरे पर
आत्मनिर्भरता है हम निर्भर है एक दूसरे पे
है कि नहीं आत्मनिर्भर कोई नहीं यहां पे
हम लोग दोनों एक दूसरे पर निर्भर है तो
कुल मिला के यहां पे यही बात बताई जा रही
है कि इससे क्या होता है जो हमारा
पर्यावरण है उसमें क्या होता है हमारा
संतुलन बनाए रखने में मदद करता है यहां तक
सबको चीजें क्लियर है चलो चाहो तो
स्क्रीनशॉट ले लो यहां से और ये भी ले लो
अब हम बढ़ते हैं आगे ख क्या बोल रहा है
पेड़-पौधों के बारे में लेखक की रुचि कैसे
जागृत हुई होगी जरा सोचो आपको पता है जो
हमारे लेखक हैं वो पेड़-पौधों से बहुत
उनको लगाव है वो बॉटनी बायोलॉजी फिजिक्स
इन सब के बहुत ही बड़े कह लो कि साइंटिस्ट
है रह चुके हैं बहुत सारी चीजें उन्होंने
रिसर्च किए तो उनके जो जीवन है उसमें
पेड़-पौधों से उनको लगाव क्या-क्या कारण
हो सकते हैं यह पाठ को ही पढ़ने से
अकॉर्डिंग सोचो कि वो जो जो चीजें
उन्होंने देखी हो सकता है वो उनका एक कारण
बन सकता ता है उनके लगाव का तो देखो
क्या-क्या चीजें हैं यहां से देखते हैं
सबसे पहला लेखक ने देखा कि बीज कैसे
अंकुरित होते हैं और पेड़ कैसे बनते हैं
देखो बच्चों जो साइंस वाले जो इस तरह के
साइंटिस्ट होते हैं ना उनके अंदर सबसे
ज्यादा जरूरी है जिज्ञासा तत्व वो जैसे
मान लो कि कभी हो सकता है उन्होंने देखा
हो चने खाए तो उसमें अंकुरित हुआ हो बीज
जब फूटा हो तो उनको हो सकता है देख कर के
इंटरेस्ट बढ़ाओ कि अरे ये कैसे हुआ और फिर
ये नीचे की ओर ही जड़ क्यों जा रही है
उसका जो ऊपर में जो शूट है जो पती वाला जो
तना है वो ऊपर ही क्यों जा रहा है तो यहां
से उनके मन में जिज्ञासा आई तो इस चीज का
वो सलूशन ढूंढते ढूंढते उनका इस चीज में
इंटरेस्ट बढ़ गया हो सकता है कि नहीं कारण
है ना आगे बढ़ो इसीलिए कहती हूं बार-बार
कहती हूं अपने अंदर जिज्ञासा जरूर रखो
पढ़ने का कोई फायदा नहीं है अगर आपके अंदर
जिज्ञासा नहीं है आप उस चीजों को अच्छे से
समझ नहीं पा रहे हो तो अभी आपको जब
जिज्ञासा नहीं रहेगी ना तो आपको चीजें रट
पड़ेगी और अगर आपके अंदर जिज्ञासा रहेगी
ना तो आपको चीजें समझनी पड़ेगी दोनों में
बहुत अंतर है चलो दूसरा पॉइंट क्या है
पेड़-पौधों के विकास की प्रतिक्रिया ने
लेखक की जिज्ञासा को बढ़ाया जो पेड़-पौधे
जैसे बड़े हुए वो जो एक जो उनकी प्रक्रिया
है उसको देख कर के लेखक के मन में बहुत
दिलचस्पी पहुंची कि भाई जैसे इंसान बढ़
रहा है वैसे ही उन्होंने पेड़ों से भी
तुलना की तो एक अच्छा उनको मजा आया तो
इसलिए उनके मन में जिज्ञासा जगी तो भाई
उनका लगाव बढ़ा पेड़ पौधों का पर्यावरण
में योगदान और जीवन चक्र ने लेखक को
प्रभावित किया ठीक है बहुत ही क्लियर है
जो पेड़-पौधे हैं वो जो हमारे पर्यावरण है
उन उनका जो योगदान दे रहे हैं और उनका जो
जीवन चक्र है उसे देखकर हमारे लेखक
प्रभावित हुए होंगे जिसके कारण उन्होंने
क्या किया इंटरेस्ट उनका बढ़ गया उनका इस
विषय में और रुचि बढ़ गई फिर चौथा पॉइंट
क्या है पेड़-पौधों की सुंदरता और फूलों
का फूलों का खिलना लेखक को आकर्षित करता
है भाई जब वो देखे होंगे इतने सुंदर सुंदर
फूल है तोब उनके मन में आया होगा ये फूल
कैसे आए क्या भाई कुल मिलाकर हर जगह
जिज्ञासा तत्व है जहां उनको जिज्ञासा हुई
इसीलिए उनका लगाव हुआ इसीलिए आप लोग को
बार-बार कहती हूं अपने अंदर जिज्ञासा जगाओ
समझे आगे बढ़ो लेखक के अपने अनुभव और
पर्यावरण के बदलते स्वरूप ने भी उसकी रुचि
को बढ़ाया होगा मतलब लेखक के अपने अनुभव
मतलब लेखक ने जो उनका खुद का एक्सपीरियंस
जैसे से वो पेड़ों के बारे में जानते गए
तो उनका एक्सपीरियंस बढ़ते गए अनुभव बढ़ता
गया और पर्यावरण के बदलते स्वरूप और जो
पर्यावरण है उसका जो स्वरूप बदल रहा है
उसकी जो उसकी तरफ ये सब जो देख के उनकी
रुचि बढ़ी होगी जिसके कारण हमारे जो लेखक
हैं
वो क्या किए भाई उनकी रुचि बढ़ी ठीक है
चलो अब आता है दूसरा प्रवाह चार्ट देखो
भाई चार्ट देखते हैं बीज से बीज तक की
यात्रा का आरेख पूरा कीजिए भाई ये आरेख
खींचा हुआ है मतलब रेखा से खींचा हुआ है
और यह मतलब जो है बीज से लेकर बीज तक मतलब
ये हमें इसको भरना है एक बीज जो है अंत
में जब बीज बनता है मतलब ऐसा समझो कि यह
जो बच्चा है यह बड़ा होता है और जब इसके
बच्चे हो जाते हैं तब तक की पूरी स्टोरी
लिखनी है कैसे होता है तो देखो यहां पे भी
सबसे पहले तो इसको भी बीज लिख लेते हैं है
कि नहीं चलो
अरे अब यहां पे सबसे पहले बीच के बाद क्या
होता है बच्चों अंकुर फूटता है जैसे ही
बीच हुआ बीच में दरार पड़ी दो उसके हिस्से
हुए एक ऊपर की ओ जाता है एक नीचे की ओर
जाता है मतलब अंकुर फूटे यहां पे
उसके
बाद हालाकि इसके बाद मैंने ढंग से लिखा
हुआ है उसमें देख लेना फिर क्या होता है
यहां पर अंकुर फूटने के बाद क्या बना व
पौधा बनता है तो यहां पर
इसको चलो पौधा हो गया फिर पौधा के बाद
क्या आता है बच्चों पौधा बन गया पौधा में
क्या आते है सबसे पहले पत्तिया आएंगी तो
यहां पर क्या आएगा
पत्ता फिर पत्ते के बाद क्या आती है जो व
जो बोला है ना पंखुड़ियों से उसका घर बना
देते घेर करके घेरा बनता है मतलब
कली फिर कली से क्या हुआ कली भाई खिल गई
खिल गई मतलब फूल बन
गया फूल के बाद फूल के बाद क्या होता है
भाई मधुमक्खी लोग आ कर के वो बीज को पकाती
है कैसे पकता है क्या होता है बनता है वो
फल फूल के बाद क्या बना फल और फल के बाद
फिर फल के अंदर से क्या निकला बीज मतलब
बीज से लेकर तक का सफर पूरा हो गया समझ
में आया लो यहां पे ये बना हुआ
है यहां पे आप इसका स्क्रीनशॉट ले
लो
चलो आगे बढ़ते हैं अंकुरण क्या बोल रहा है
अंकुरण क्या ये कुछ नया आया है कि नहीं
चलो मिट्टी के किसी भी पात्र में मिट्टी
भरकर मतलब मिट्टी के किसी पात्र में मतलब
मिट्टी से बना हुआ जैसे दिए होते हैं या
फिर जैसे हम लोग नवरात्रि में नीचे जो कलश
के नीचे रखते हैं वैसा किसी भी पात्र में
मिट्टी भरकर उसमें राजमा या चने चने के
चार से पांच बीज बो दीजिए ठीक है भाई चने
या फिर राजमा के कुछ बीजों को बो दीजिए
ठीक है हल्का सा पानी छिड़क दीजिए उसमें
हल्का सा पानी छिड़क दीजिए तीन से चार दिन
तक थोड़ा-थोड़ा पानी डालिए तीन से चार दिन
तक क्या करिए थोड़ा-थोड़ा पानी डालिए अब
इसमें आई परिवर्तन लेखन पुस्तिका में
लिखिए अब इसमें क्या-क्या चीजें हो रही है
मतलब कुल मिला के भाई मैं ये जो समझी कि
जो हमारे साइंटिस्ट महाशय जो हमारे लेखक
जी हैं उन्होंने क्या किया है आपको भी
एक्सपेरिमेंट करने को दे दिया है क्या
दिया है एनसीआरटी बुक ने इसको समझिए आपको
मिट्टी का बर्तन लेना है मिट्टी का बर्तन
मतलब जिस जैसा आप मैंने आपको बताया हम
नवरात्रि में कलश के नीचे रखते हैं वैसा
उसमें क्या करिए मिट्टी डालिए मिट्टी
डालने के बाद बीज लीजिए और बीज में
हल्का-हल्का पानी छिड़ किए छिड़कने के बाद
उसको क्या करिए प्रॉपर डालिए तीन से चार
दिन तक क्या करिए उसमें पानी डालते रहिए
उसके बाद क्या करना है अब इसमें आए
परिवर्तन को लेखन पुस्तिका में लिखिए
उन्होंने प्रोसेस बताया अब आपको क्या करना
है बच्चों आपको यह लिखना है कि आपने
क्या-क्या चीजें उसमें ऑब्जर्व की और
इसमें देखो संकेत क्या दिया है एक दिन में
पौधे की लंबाई कितनी बढ़ती है बढ़ती है कि
नहीं और कितनी बढ़ती है कितने पत्ते निकले
प्रकाश की तरफ पौधे मुड़े या नहीं मुड़े
मतलब जो भी चीजें आपने अभी अभी पेड़ पौधों
से रिलेटेड पढ़ा है क्या ये सच में हो रहा
है कि नहीं हमें कुल मिला के इसी चीज को
देखना है चलो मैंने यहां पे उस आपके लिए
ये कर रखा है जैसे मान लो यहां पे ये है
मिट्टी का बर्तन यहां पे इसके अंदर चने
रखें हालांकि ये मिट्टी में प्रॉपर जाएगा
तस्वीर छोड़ दो यहां पे आ जाओ बीज बोने के
बाद के तीन से चार दिन के परिवर्तन
क्या-क्या है पहला दिन दिन वाइज करोगे
देखो काम भी आसान हो गया और टीचर को भी
समझने में आसानी होगी बीज को बीज में कोई
विशेष परिवर्तन नहीं दिखा क्या हुआ बीज
में कोई विशेष परिवर्तन नहीं दिखा पहला
दिन मिट्टी नमी बनाए रखने के लिए हल्का सा
पानी छिड़क कि हमने भाई बता दिया छिड़क
दिया फिर दूसरा दिन क्या हुआ बीज में
हल्की दरार दिखाई दी बीज में मतलब कि जैसे
ये चना है ना अ किसी में दरार दिख रही है
क्या म जैसे ये चना है इसमें हल्की सी
दरार दिख रही है इसमें अभी ऐसा क्लियर
नहीं दिख रहा है चलो ऐसे में हल्की सी ये
ना दरार जैसे ये निकला है ना तो ये हल्का
सा इस एरिया को पहले ये फूटा होगा मतलब
हल्की सी दरार आई होगी फिर अंकुरण की
प्रक्रिया शुरू होने लगी मतलब जो अंकुरण
है अंकुरण बच्चों इसको कहते हैं ये जो
ऐसे-ऐसे निकल रहा है ना ये अंकुरण होता है
ये मतलब कि अब ये पौधा बनने की की ओर
अग्रसर है ये जब अंकर अंकुर अंकुरण की
प्रक्रिया शुरू होने लगी हमें दिखाई दे
गया दूसरे दिन कि भाई धीरे-धीरे दरार पड़ी
और उसमें से ये इस तरीके से रेशे निकल आए
हैं फिर क्या हुआ अभी तक कोई पत्तियां
नहीं निकली अभी तक क्या था दूसरे दिन कोई
भी प्रकार की पत्तियां नहीं निकली अब
तीसरे दिन देखते हैं छोटा-छोटा अंकुर
मिट्टी से बाहर निकलते हुए दिखाई दिए
छोटे-छोटे जो अंकुर है वो क्या मिट्टी से
बाहर निकलते हुए दिखाई दिए अंकुर का तना
थोड़ा लंबा हुआ लगभग एक से 2 सेंटीमीटर तक
जो अंकुर का ल मतलब जो ये है ना ऐसे समझो
ये वाला जो एरिया ये एक से 2 सेंटीमीटर तक
ये लंबा हुआ ठीक है ठीक है भाई समझ में आ
गया इसके बाद क्या हुआ पत्तियां अब तक
नहीं निकली तीसरे दिन क्या था पत्तियां
अभी तक नहीं निकली थी लेकिन तना प्रकाश की
ओर थोड़ा मुड़ने लगा जो तना है वो प्रकाश
की ओर थोड़ा सा मुड़ने लगा उसके चौथा दिन
क्या होता है
अंकुर की लंबाई में और वृद्धि हुई जो
अंकुर की जो लंबाई हुई थी वह और बड़ी हुई
अब लगभग तीन से चार सेमी मीटर मतलब
सेंटीमीटर लंबा हो गया था जो अंकुरण था वो
क्या था तीन से 4 सेंटीमीटर और लंबा हो
गया दो छोटे पत्ते निकलने लगे देखो यह
छोटे पत्ते कैसे चने में भी आपको दिख
जाएंगे यह देख रहे हो यह छोटे-छोटे पत्ते
रुक जाओ यह छोटे पत्ते यह छोटे पत्ते ये
जो छोटे-छोटे पत्ते हैं ना ये आपको दिखने
लगेंगे पेड़ आप के अंदर डालोगे तो भी अब
आगे बढ़ते हैं फिर क्या हुआ लंबाई में
वृद्धि हुई अब लगभग दो छोटे-छोटे पत्ते
निकलने लगे फिर क्या हुआ पौधे का तना और
पत्तियां सूर्य की रोशनी की ओर मुड़ने लगी
जिससे स्पष्ट हुआ कि पौधा प्रकाश की ओर
बढ़ रहा है मतलब भाई यह बात सिद्ध होती है
यह बात स्पष्ट होती है कि जो पौधा है वह
हमेशा प्रकाश की ओर ही मुड़ता है समझ में
आया आपको यहां तक की
स्टोरी मैं उम्मीद करती करती समझ में आ गई
होगी अब इसका हमेशा एंड में कोई भी जब आप
वो करो क्या जो भी कोई एक्सपेरिमेंट करो
उसके बारे में लिखो तो एक निष्कर्ष जरूर
दो मतलब कंक्लूजन आपने क्या निकाला इसका
जो ओवरऑल आपके इस ऑब्जर्वेशन का क्या
सलूशन निकला तो देखो ऑब्जर्वेशन क्या
निकला सॉल्यूशन नहीं ऑब्जर्वेशन क्या
निकला क्या निष्कर्ष निकला है हर दिन पौधे
की लंबाई में लगभग एक से 2 सेमी मतलब
सेंटीमीटर की वृद्धि हुई चौथे दिन तक छोटे
पत्ते निकले पौधे प्रकाश की दिशा में
मुड़ने लगे यह दर्शाता है कि पौधे को
प्रकाश की आवश्यकता है मतलब यह हमारा
निष्कर्ष है आप चाहो तो इसका स्क्रीनशॉट
ले
लो चलो अब बढ़ते हैं आगे शब्दों के रूप
नीचे दिए गए चित्र को देखिए यहां मिट्टी
से जुड़े कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं जो
उसकी विशेषता बता रहे हैं मतलब नीचे कुछ
शब्द दिए होंगे और उससे आसपास क्या है
उसके से जुड़े मिट्टी की विशेषता बताने
हुए कोई शब्द होंगे देखते हैं अब आप पेड़
सर्दी सूर्य जैसे शब्दों की भाई कौन-कौन
से पेड़ सर्दी और सूर्य जैसे शब्दों की
विशेषता बताने वाले शब्द बॉक्स बनाकर
लिखिए तो भैया बॉक्स बनाकर हमें लिखना है
क्या लिखना है ऐसे शब्द जो कि पेड़ सर्दी
और सूर्य की विशेषता बताते हैं सबसे पहले
तो ये देख लो भाई जो हमें उदाहरण के तौर
पर मिला है मिट्टी की विशेषता बताने वाले
कौन-कौन से शब्द हैं अच्छा ये ऐसे मिला है
ठीक है मिट्टी की विशेषता बताने वाले क्या
है उपजाऊ चिकनी नम अ भुरभुरी काली रेतीली
और उपजाऊ ये सब मिट्टी की विशेषता बताते
हैं हां भाई बताते हैं अब हमें ऐसे ही
क्या करने हैं किस-किस की बताने हैं पेड़
की सर्दी की और सूर्य की चलो भाई ये मैंने
तीनों को इस तरह टेबल में रखा है पेड़ की
विशेषता कैसे बता सकते हैं हरा भरा पेड़
लंबा पेड़ शाखा युक्त फलदार छायादार मजबूत
सजीव पत्तियों से ढका हुआ पेड़ ये सब उसकी
विशेषता बता रहा है फिर क्या है यहां पे
सर्दी की विशेषता सर्दी की विशेषता कैसे
होती है बच्चों ठंडी
धुंधली कड़ाके की बर्फीली सर्दी हवा ठीक
है कोहरे से ढकी हुई सर्दी जमाने वाली
सर्दी फिर शीत लहर मतलब इस तरह से हम
शब्दों का प्रयोग करते हैं क्या दिखाने के
लिए सर्दी की विशेषता ठीक है और हमारा जो
आखिरी है ये सूर्य की विशेषता कैसे दिखा
सकते हैं चमकीली गर्म तेजस्वी ऊर्जा
स्त्रोत
रोशन देने वाली जीवन दायक दिन का स्वामी
स्वर्णम तो यह सब हम लोग सूर्य की विशेषता
दिखाने के लिए कर सकते हैं जल्दी से पहले
इसका स्क्रीनशॉट ले
लो
चलो तो भैया यहां पे हमारी जो किताब है
एनसीआरटी क्लास सिक्स की नई वाली मलहार वो
होती है समाप्त आपके हमने 13 पार्ट पढ़ा
दिए हर के एनसीआरटी सॉल्यूशन करा दिए अब
अब आप मुझे यह बताइए क्या आपके प्रिपरेशन
कितनी है एग्जाम्स के लिए अभी देखो हमारे
पास वक्त बहुत है अच्छे से क्लास सिक्स के
स्टूडेंट्स हो और आप लोग मैग्नेट ब्रेंस
के स्टूडेंट हो तो इसलिए जरूर और स्पेशली
भाई टीचर मेहनत करता है मैं आपके लिए
हिंदी में मेहनत कर रही हूं तो भाई पहले
तो वीडियो को लाइक कर दो नए हो तो चैनल को
सब्सक्राइब कर दो और सबसे ज्यादा जरूरी है
बच्चों पढ़ाई पे ध्यान दे दो अब ठीक है
थोड़ा सा मस्ती अभी त्यौहार बहुत सारे
आएंगे एक काम करू थोड़ा सा पढ़ाई अभी करके
रख लो ताकि फिर अब आप सीधा एग्जाम के वक्त
निकालो ताकि एग्जाम में बस रिवाइज करो और
आपको पूरे कांसेप्ट सारे क्लियर हो जाएं
ठीक है और ये हिंदी की ही बात नहीं कर रही
हूं अगर आप क्लास सिक्सथ से लेकर 12 तक
हिंदी मीडियम के स्टूडेंट्स हैं फिर आप
चाहे दिल्ली बोर्ड बिहार बोर्ड यूपी बोर्ड
एमपी बोर्ड राजस्थान बोर्ड के हो बिल्कुल
परेशान मत हो हमारे पास आपके लिए हाई
क्वालिटी कंटेंट है वो भी फ्री में और अगर
आप इंग्लिश मीडियम स्टूडेंट्स हो सीबीएससी
बोर्ड के तो भी भाई बिल्कुल मत टेंशन लो
हमारी जो एनसीआरटी बुक हम लोग सारे
सब्जेक्ट्स की कवर करा रहे हैं आप
अगर ईबुक या फिर ई नोट्स चाहिए तो भाई
लिखित तौर पर भी हमारे पास डिस्क्रिप्शन
में लिंक है आप खोल लो हमारे पास बेहतरीन
नोट्स हैं वीडियो को अपने दोस्तों को जरूर
शेयर करो एक अच्छे मित्र हो ना तो कम से
कम शेयर करो अगर आप कहीं से पढ़ रहे हो और
उसको भी भेज दो क्या पता कल को आपको भी
मदद हो जाए है कि नहीं चलो मिलेंगे फिर हम
आपसे नेक्स्ट वीडियो में एक नए टॉपिक के
साथ चलो तब तक के लिए जय हिंद और जय हिंद
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