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Government Budget and The Economy | Class 12 Economics | Board Express

34m 51s7,035 words865 segmentsHindi

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0:00

ओ जी आ गए आ गए आ गए वेलकम टू नेक्स्ट टॉप

0:02

कॉमर्स बेटा मैं हूं सान सर आपका

0:04

इकोनॉमिक्स हैकर और हम यहां पर देश का

0:06

भविष्य बनाते हैं चलो जी ढेर सारा स्वागत

0:08

है आप लोगों का बोर्ड एक्सप्रेस सीरीज में

0:11

हमने यह सीरीज चालू करी थी तुम्हें

0:13

नेक्स्ट टॉपर बनाने के लिए और इसके अंदर

0:15

लगे रहना जुड़े रहना और यह वादा है डे वन

0:18

से 80 में से 80 लाकर ही छोड़ेंगे समझ आया

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चलो जी हमने इंडियन इकोनॉमिक डेवलपमेंट रा

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दी पूरी अगर आपने नहीं देखी है जाकर चैनल

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पर देखो 12थ क्लास की आपके नेक्स्ट टपस

0:29

कॉमर्स चैनल पर और मैक्रो इकोनॉमिक्स भी

0:31

चालू कर दिया मनी और बैंकिंग भी खत्म हो

0:33

गया अब बात करेंगे हमारे गवर्नमेंट बजट की

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सर गवर्नमेंट को साइड रखो एक बार पहले ये

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बता दो बजट क्या होता है देसी भाषा में

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समझाता हूं तुमको मैं ठीक है तुम्हारा

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बर्थडे है तुम्हें घर से मिले ₹5000000

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में पूरा निपटारा हो जाए तुम रेस्टोरेंट

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में जाने से पहले पार्टी देने से पहले तुम

0:52

हिसाब लगा रहे हो यार 500 हैं 10 लोग हैं

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50 पर पर्सन आ गया है इसने अगर ज्यादा

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मंगा लिया तो बर्तन मांजने पड़ जाएंगे

1:00

सोचते हो कि नहीं सोचते कि खर्चा कर कैसा

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खर्चा हो जाएगा उसके हिसाब से आप अनुमान

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लगाते हो इनफैक्ट घर में भी हर घर में हर

1:07

घर में ये होता है कि पापा की सैलरी के

1:10

आने से पहले घर में पहले ही अनुमान चल

1:12

जाता है खाता बन जाता है क्या यार ईएमआई

1:14

इतनी की कटेगी पेट्रोल का इतने का होगा

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बच्चों के स्कूल की और कोचिंग की फीस इतने

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का होगा पापा मम्मी के हमारे मेडिकल बिल्स

1:20

का इतना हो जाएगा सब करके एक अनुमान बनता

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है कि कितना पैसा आएगा और उसमें से कितने

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खर्चे हो जाएंगे ये सिर्फ घर में ही आपके

1:27

बर्थडे पार्टी इसमें ही नहीं और भी जगह पे

1:30

होता है बिजनेसेस करते हैं बेटा ऐसा हर

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इंसान हर बिजनेस बजट बनाता है इनफैक्ट हर

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डिपार्टमेंट बजट बनाता है जब हर कोई बजट

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बना रहा होता है ना तो हमारी सरकार भी

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हमारे देश के लिए बजट बनाती है कि हमारे

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देश में कितना पैसा सरकार को मिलेगा और वो

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सरकार कितनी जगहों पर खर्चा करेगी उसका एक

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अनुमान लगाया जाता है एस्टिमेशन सर ये

1:51

एस्टिमेशन क्यों है क्योंकि खर्चे अभी हुए

1:53

नहीं है पैसा अभी आया नहीं है लेकिन अगले

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फाइनेंशियल ईयर के अंदर कितनी इनकम आएगी

2:00

और कितने हम लोग खर्ची करेंगे उसका एक

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अनुमान लगाया जाता है जिसको अभी रिसेंटली

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हमने देखा इंडियन यूनियन बजट के थ्रू जो

2:07

कि 1 फरवरी 1 फरवरी को सुबह 11:00 बजे

2:11

प्रेजेंट होता है हमारे पार्लियामेंट के

2:13

अंदर और कौन प्रेजेंट करता है हमारी

2:15

फाइनेंस मिनिस्टर जैसे कि इस बार कौन थी

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निर्मला सीतारमन जी ठीक है इन्होंने हमारा

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क्या इंडियन यूनियन बजट प्रेजेंट किया हर

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साल प्रेजेंट होता है बेटा ये ठीक है बेटा

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अब ध्यान से सुनो एक बात मेरी कुछ मैं बजट

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के बारे में आपको बेसिक फीचर बता देता हूं

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ये 10 पन्नों का ऐसा वाइट कागज का बजट

2:30

होता है जिसमें हर एक डिपार्टमेंट के पास

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ये भेजा जाता है और हर एक डिपार्टमेंट हर

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एक मिनिस्ट्री अपने-अपने खर्चे बताती है

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और अपनी-अपनी इनकम बताती है कि साल में

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कितने खर्च करेंगे कितना पैसा आएगा ये

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सरकार को एक थोड़ा सा एस्टीमेट देती है

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ठीक है बेटा जिसको कलेक्टिवली इकट्ठा करके

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एक डॉक्यूमेंट में बना के निर्मला सीतारमन

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जी प्रेजेंट करने से पहले पता है एक हलवा

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सेरेमनी भी करती है ये हलवा सेरेमनी क्या

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है सर हलवा सेरेमनी एक ऐसी सेरेमनी होती

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है जहां पे कहीं भी अपना इंडियन ट्रेडिशनल

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ना कोई भी अच्छी चीज की शुरुआत अपन कुछ

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मीठे से करते हैं हां या ना तो बजट

3:01

प्रेजेंट होता है ना उससे पहले नॉर्थ

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ब्लॉक पार्लियामेंट के एक बजट प्रेजेंट

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करने से पहले हलवा सेरेमनी होती है लोगों

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का मुंह मीठा किया जाता है जिन लोगों ने

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भी बजट बनाने में योगदान दिया है ठीक है

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बेटा फिर जाती है हमारी निर्मल सीतारमन जी

3:14

वो जाके हमारा बजट प्रेजेंट करती हैं ये

3:16

क्या है बजट ध्यान से सुनना इट इज अ

3:19

स्टेटमेंट ऑफ एस्टिमेट्स क्या है अनुमान

3:22

है ऑफ दी गवर्नमेंट गवर्नमेंट के अनुमान

3:25

है कि कितना पैसा आएगा और गवर्नमेंट कितने

3:28

खर्चे करने वाली है ड्यूरिंग कौन से

3:30

पीरियड में 1 अप्रैल से 31 मार्च जो कि

3:33

हमारा फाइनेंशियल या फिस्कल ईयर होता है

3:35

ठीक है बेटा समझ आया सरकार भी खर्चे और

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रेवेन्यू को देखकर चलती है कितना-कितना

3:40

होने वाला एक अनुमान लगाती है फिर आता है

3:42

इसका ऑब्जेक्टिव क्या होता है क्यों बनाया

3:44

जाता है जिससे कि हम इनकम का और वेल्थ का

3:47

रीडिट्यूब कर सके ना गरीब गरीब होता जाए

3:50

ना अमीर अमीर होता जाए इस वजह से हम लोग

3:53

बजट बनाते हैं हम बजट बनाते हैं कि जिससे

3:55

कि रिसोर्सेस को हम ढंग से प्रॉपर्ली

3:58

एलोकेट कर सके

4:00

मतलब कि जिस डिपार्टमेंट को ज्यादा

4:02

रिसोर्सेस की जरूरत है उसके पास कम ना चली

4:04

जाए और जिस डिपार्टमेंट को बहुत कम

4:06

रिसोर्सेस की जरूरत है उसके पास ज्यादा ना

4:08

चली जाए जिससे कि वो वेस्ट करने लग जाए और

4:10

इनको कम पड़ जाए तो भैया सही तरीके से

4:12

रिसोर्सेस का एलोकेशन होना चाहिए ठीक है

4:14

बेटा फिर उसके बाद ग्रोथ और स्टेबिलिटी

4:16

हमारी इकोनॉमी के लिए बहुत जरूरी है कि आप

4:19

अगर ढंग से रिसोर्सेस को बांटो ग ढंग से

4:22

बजट बनाओगे तो आपकी रिसोर्सेस या

4:24

स्टेबिलिटी और ग्रोथ जो होगी इकोनॉमी की

4:26

वो काफी स्टेबल रहेगी काफी अच्छी होगी

4:29

क्योंकि हर एक डिपार्टमेंट को इनफ

4:30

रिसोर्सेस इनफ पैसा मिल रहा है इनफ फंड्स

4:32

मिल रहे हैं कि वो अपना काम ढंग से कर

4:34

सकें ठीक है बेटा फिर आता है एंप्लॉयमेंट

4:36

जनरेट करना हो तो भी आपका ये काम आएगा

4:38

इनफैक्ट मैनेजमेंट करना हो पब्लिक

4:40

एंटरप्राइजेस का तो भी बजट काफी बड़ा रोल

4:43

प्ले करता है ठीक है बेटा अब आते हैं कुछ

4:45

इंपॉर्टेंट बात इंपॉर्टेंट बात क्या है

4:48

पब्लिक गुड्स क्या होते हैं सर पब्लिक

4:50

गुड्स वो गुड्स होते हैं जो कि मार्केट

4:52

मैकेनिज्म के थ्रू नहीं आप ले सकते हैं

4:54

मतलब मार्केट में जाके खरीद बेच नहीं सकते

4:56

ये वो वाले गुड्स हैं जो कि सिर्फ घर

4:58

गवर्नमेंट से ही प्रोवाइड किए जाते हैं

4:59

कौन से गुड्स है सर वैसे जैसे कि रोड ये

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देखो रोड हो गया पब्लिक पार्क्स हो गए

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स्ट्रीट लाइट हो गई ये कोई आम जनता खरीदती

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है क्या नहीं ये कौन देता है भैया सरकार

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ही लगाकर देती है और इसका इस्तेमाल करते

5:10

हैं हम लोग इसीलिए दीज गुड्स आर नॉन

5:13

रिवलर्स एंड नॉन एक्सक्लूडेड मतलब सर ये

5:16

नॉन रिवलर्स का मतलब क्या होता है मतलब कि

5:19

एक आदमी के इस्तेमाल करने की वजह से दूसरे

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आदमी को देखना नहीं पड़ता कि यार ये खत्म

5:23

करेगा इस्तेमाल तो मैं इस पे चलूंगा मब

5:25

ऐसी ये तो वाली बात हो गई ना कि यार ये

5:27

गाड़ी चला रहा है तो मैं नहीं चलाऊंगा

5:29

ऐसे गुड्स नहीं होते ये वो गुड्स हैं

5:31

जिसमें अगर मैं रोड पे चल रहा हूं तो तुम

5:33

भी उसी रोड प चल सकते हो कोई और भी उसी

5:35

रोड प चल सकता है इसे कहते हैं नॉन

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रिवलर्स मतलब कि एक आदमी के इस्तेमाल करने

5:39

की वजह से दूसरे को वेट नहीं करना वो भी

5:41

उसको इस्तेमाल कर सकता है और नॉन

5:43

एक्सक्लूडेड मतलब क्या तुम बिना रोड़ के

5:46

चल सकते हो क्या बिना स्ट्रीट लाइट के चल

5:48

सकते हो भाई घर से बाहर निकलोगे तो इनकी

5:50

जरूरत पड़ेगी तुम्हें हां या ना तो ये

5:52

बिना एक्सक्लूड किए जाने वाले गुड्स हैं

5:54

आपको इनको इंक्लूड करना ही पड़ेगा अपनी

5:56

डेली लाइफ में प्राइवेट गुड्स कौन से होते

5:58

हैं जो कि मार्केट मैकेनिज्म के थ्रू का

6:00

आप खरीद सकते हो जैसे कि आपके

6:02

इंडिविजुअल्स जाके कंज्यूमर्स जाके आपके

6:04

प्रोड्यूसर से कोई भी सामान खरीद सकते हैं

6:07

जैसे कि जूते हो गए कपड़े हो गए फूड

6:08

आइटम्स हो गए ऐसे कोई भी चीजें आप जाकर

6:10

खरीद सकते हो ये हमारे प्राइवेट गुड्स

6:12

होते हैं ठीक है बेटा अब देखो इंपैक्ट

6:14

क्या है बजट का इंपैक्ट क्या होता है बजट

6:17

का इंपैक्ट होता है बेटा डिसिप्लिन लाना

6:19

फाइनेंशियल लेवल्स पे फिस्कल लेवल पे जैसे

6:21

कि हमारे कितने खर्चे कहां होने वाले हैं

6:24

कहां से कितनी इनकम आने वाली है अगर इसका

6:26

ऑलरेडी अनुमान लगा लोगे ना तो आपके सही

6:28

तरीके खर्चे होंगे अननेसेसरी खर्चे नहीं

6:30

होंगे जैसे कि अगर आपकी जेब में आपको पता

6:32

ही नहीं है कि पैसा कितना है तो आप

6:34

अननेसेसरीली खर्चा करते जाओगे जब तक जेब

6:36

में पैसा ही खत्म हो जाए और फिर आपको

6:37

रिलाइज होगा अरे यार पहले पता होता कितना

6:40

पैसा है तो मैं उस हिसाब से खर्च करता हां

6:43

या ना इसलिए इनका बजट बनाना बहुत जरूरी

6:46

होता है दूसरी बात एलोकेशन ऑफ रिसोर्सेस

6:49

हमारे पास रिसोर्सेस केयर है इकोनॉमिक्स

6:51

में डे वन से पढ़ रहे हैं अगर आपने बिना

6:53

सोचे समझे अगर रिसोर्सेस को एलोकेट कर

6:55

दिया वो वेस्ट हो जाएंगी खराब हो जाएंगी

6:58

और कोई भी उसका ढंग का एडवांटेज नहीं ले

7:00

पाएगा इसीलिए बजट बनाना बहुत जरूरी होता

7:02

है क्लियर है बेटा अब आते हैं इसके ना दो

7:05

कॉम्पोनेंट्स होते हैं बजट बनाने से पहले

7:07

दो कॉम्पोनेंट्स क्या होते हैं एक होता है

7:08

रेवेन्यू बजट एक होता है कैपिटल बजट ये

7:11

रेवेन्यू बजट और कैपिटल बजट क्या है ध्यान

7:13

से सुनना रेवेन्यू नेचर की जो चीजें होती

7:15

है ना ये होती है रेकरिंग बार-बार होती है

7:18

जैसे कि हमारे पास इसमें दो कंपोनेंट्स

7:20

होते हैं क्या होता है एक होता है

7:22

रेवेन्यू

7:24

रिसीप्ट ठीक है बेटा एक होती है रेवेन्यू

7:27

रिसीप्ट और एक होता है रेवेन्यू

7:30

आपके एक्सपेंडिचर ठीक है एक होता है

7:33

रेवेन्यू एक्सपेंडिचर ठीक है बेटा फिर आता

7:35

है आपके पास दूसरा ये भी कैपिटल के अंदर

7:38

भी दो चीजें होती है एक होता है कैपिटल

7:42

रिसी और दूसरा होता है कैपिटल

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