पढ़ोगे तो अपने भीतर के सन्नाटे से दो चार होंगे // SAURABH DWIVEDI @TheLallantop
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पढ़ना सिर्फ किताबें नहीं है लोगों को
पढ़ना है पर हम लोग व्यस्त हैं अपने
हिस्से के लाइक्स गिनने में हम व्यस्त
हैं गुस्से से भरे कमेंट्स करने
में क्योंकि हमें लगता है कि जो है वह
हमारा ही खेला है हमने साब बता दिया यह
जर्नलिस्ट बिक गया है हम उसका अकाउंट देख
के आए
हैं हमने बता दिया यह नेता बहुत घातक है
और इस अभिनेता को तो
राष्ट्रपति भवन में बुलाकर देशद्रोही का
तमगा दे देना चाहिए हम मैं मैंने तय कर
लिया
है हमारी जिंदगी में संशय की कमी हो गई
है हम अपने बिलीफ पर डाउट करना बंद कर
चुके हैं हमें लगता है कि जो हम सोच रहे
हैं वही सच है इकलौता सच है और जो सच को
नहीं मानेगा मैं उसका सर फोड़
दूंगा और उसके बाद में पत्थरबाजों को भी
गुस्से में कुछ लिखूंगा किय देश के विरोधी
हैं
तो इन सबके बीच जब हम पढ़ते हैं कुछ भी
पढ़े वह किसी बहुत सस्ते शायर की रप में
लुगदी पेपर में बिकने वाली शायरी भी हो
जिसको टेंपो के पीछे पेंट करने वाले खूब
इस्तेमाल करते हैं मतलब मैं आपको बताऊं एक
वाक्य है बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला
इसके आगे में इसके पहले मतलब अगर यह दूसरी
लाइन है कपलेट की तो मैं पहली लाइन में
इतनी विविधता देख चुका हूं जैसे एक कोई
पेंटर बचपन में गणता बनना चाहता होगा पर
हालात ने उसे पेंटर बना दिया तो उसने लिखा
24 के फूल और 54 की
माला बुरी नजर वाले तेरा मुह काला मैंने
कहा यह भी गुलजार है उनको 116 चांद की
रातें आ रही थी ये 24 54 में खर्च हो रहा
है तो पढ़ना बड़ा जरूरी है पर यह बात भी
देखिए कही जा रही है लिखी नहीं जा रही है
तो मुझे लगता है कि हमारी पीढ़ी जो
है वो सुनने और देखने में बड़ा यकीन करने
लगी है बजाय पढ़ने
के क्योंकि हम लोग डरते हैं पढ़ना बड़ा
अकेले का काम है लिखना
भी वहां कोई फिल्टर काम नहीं
आता पढ़ रहे हो सन्नाटा है और पढ़ते पढ़ते
तुम जो हो वह उन पन्नों में दिखने लगते हो
तुम्हें अपने भीतर की सारी कमजोरियां
क्रूरता एं और कमीनापन दिखने लगता है यहां
तो कोई फिल्टर नहीं है किससे झूठ
बोलोगे खूब तुमने तोष रहना की आवाज में रे
कबीरा वाले गाने सुन लिए वर्ल्ड मैप पर
चार झंडे लगा दिए फेवरेट कार स्लैम बुक भी
हमारे जमाने में भरते थे है ना तुमने वह
सारे तरीके अपना लिए फोटो खिंचवाने के
जिसके बाद तुम्हारा टिंडर या बंबल का
प्रोफाइल अच्छा हो जाता है पर कुछ काम
नहीं आता जब आप अकेले हो और पढ़ रहे हो
क्योंकि अचानक से बिना किसी पूर्व चेतावनी
के
आपको वह शब्द सुनाई दे गया है जो है खुल
जा सिम सिम एक गुफा खुल गई और अब आप दाखिल
होते हुए डर रहे हो क्योंकि भीतर सब तरफ
आईने और आप ही दिख रहे
हो और लिखने में भी यही होता है जैसे हम
लोग झूठ लिखते हैं ना हमें पता चल जाता है
भले हम उसको आगे सरका दे एक बार तो आता ही
होगा हम कितने शातिर है कि आज बॉस को क्या
बनाया
सर नॉट फीलिंग वेल
बिकॉज ऑफ दिस दिस दिस या घर में ऐसा हो
गया जबकि रात में जो स्कॉच पी थी वह 30 की
जगह 990 एमएल की बन रही
थी पर यह सब दुनिया के झमेले हैं सब एक
दूसरे से झूठ बोलो अरे क्या लग रहा है फिर
टपली मारो पीछे से क्या झंड की मैंने
इसकी पर अपने अकेलेपन में क्या करोगे जब
सिर्फ पढ़ रहे हो सिर्फ तुम हो और
तुम्हारे सामने लिखी हुई इबारत है या लिख
रहे
हो उस एकांत में हमें डर लगता है क्योंकि
हम धीमे-धीमे
अपने प्रति भी क्रूर हो गए हैं गुस्सैल हो
गए
हैं कुछ खांचे हैं जो हमें दे दिए गए हैं
कुछ
रंदेरिया यह वाली कार है इसके पास यह वाला
फोन है इसकी यह वाली ड्रेस है अपने पास
क्या है कुछ नहीं
है तो इस दुनिया से भी पार पाने का एक
तरीका है और वह भी पढ़ने का ही तरीका
है मुक्ति और कहीं नहीं है पढ़ने में
है अपनी दादी
की अंतर्देशीय पत्र की वह फाइल निकाल लो
जो बहुत दिनों से रद्दी में पड़ी है किसी
अखबार के संडे एडिशन का कोई टुकड़ा निकाल
लो कुछ ना हो तो दो साल पुराना वह कैलेंडर
निकाल लो जिसमें धोबी या दूध वाले का
हिसाब लिखा है पर कहीं किसी तरफ से एक
कोना पकड़कर पढ़ना शुरू कर दो पढ़ोगे तो
अपने भीतर के सन्नाटे से दो चार हो ग
पढ़ोगे तो समझ में आएगा कि दुनिया किसी
आईटी सेल का चलाया हुआ
एक टिप्पणी भर नहीं है एक वीडियो भर नहीं
है एक इग्राम की पोस्ट या रील भर नहीं है
पढ़ोगे अपने डर से दो चार होगे तो फिर डर
कम लगने लगेगा डर कम लगेगा तो किसी बूढ़े
या बच्चे का मजाक नहीं उड़ाओ ग माफ करना
सीख जाओगे दूसरों को भी और खुद को भी
क्योंकि हम सबसे ज्यादा क्रूर अपने लिए हो
रखे
हैं हमने बहुत अपने दिमाग में वजन डाल रखा
है सीटीसी इतना ना हुआ तो दुनिया नाकाम
नाकामयाब कह
देगी पेंट हाउस तो होना ही चाहिए ऑल्टो से
तो अब कौन ही चलता है और मोबाइल दो साल
लगातार इस्तेमाल करोगे तो समाज बहिष्कृत
कर देगा जबकि ऐसा कुछ नहीं है यह वह
हलफनामे हैं जिनके सबसे ऊपर झूठ लिखा होता
है पर हम इन्हें मिटाते रहते हैं पढ़ो और
पढ़ने के लिए इस तकनीक का खूब इस्तेमाल
करो राह चलते पढ़ो मोबाइल पर पढ़ो कार में
पढ़ो ट्रेन में पढ़ो सरने तकिए के साथ
किताब रखी हो तो पढ़ो पढ़ो क्योंकि यह उन
चुनिंदा कुर्बानियों में से है जो पेड़ जब
देता है तो उसे तकलीफ नहीं होती है वह
दधीच सा महसूस करते हैं जब उन्हें पता
चलता है कि यह जो मैं कतरा कतरा कट रहा
हूं इससे
एक कागज
बनेगा जिस पर नफरतों के एंटीडोट्स लिखे
जाएंगे जिसको पढ़ के आदमी क्रूरता से
करुणा का सफर तय करेगा पढ़ो क्योंकि पढ़
के ही पता चलता है कि वह जो पतंग ऊपर टंगी
हुई थी लगभग नीले रंग की जिसकी डोर
तुम्हें लगा कि तुम्हारे हाथ में है वह
पतंग नहीं वक्त का पक्षी है जो बहुत
मुलायम के साथ तुम्हें देख रहा है उसके सर
के ऊपर आसमान है जो तुमसे बहुत प्रेम करता
है
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