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Complete Class 12th Accountancy NCERT in ONE SHOT | MUST DO BEFORE BOARD EXAM 2026

1h 35m 1s19,979 words2,725 segmentsHindi

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0:00

हेलो स्टूडेंट्स कैसे हैं आप सब लोग? एक

0:02

चीज जो आप सब मिस करके जाते हो बोर्ड

0:04

एग्जामिनेशन में जिसकी वजह से आपके 80 आउट

0:07

ऑफ 80 नहीं आते वो है एनसीईआरटी। आप सोचते

0:10

हो अकाउंटेंसी में तो एनसीईआरटी में कुछ

0:12

नहीं है। एक-एक पॉइंट एक-एक थ्योरी एज इट

0:15

इज यहां से आती है। तो थ्योरी पेपर में

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लगभग एमसीक्यू जितने भी हैं या कोई

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थ्योरिटिकल क्वेश्चन आता है 10 नंबर तक की

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थ्योरी पूछी जाती है। आज की इस वीडियो से

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10 नंबर कवर होंगे। पेन कुछ नहीं चलाना।

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बैठे रहो और सुनते जाओ एक-एक चीज और जो

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चीज बोलूंगा मैं नोट कर लो। उसको आपने नोट

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करना है। कोई कैलकुलेशन नहीं, कुछ नहीं।

0:34

कंप्लीट एनसीईआरटी करा दूंगा। तो थ्योरी

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की टेंशन आपकी पूरी खत्म। आपको कहीं से

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कुछ भी थ्योरी पढ़ने की कोई जरूरत नहीं

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है। कोई किताब आपको नहीं उठानी। सिर्फ एक

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वीडियो आपकी पूरी थ्योरी कवर। और ये जो

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एनसीईआरटी के अंडरलाइन नोट्स हैं वो मैं

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आपको एसपीसीसी ऐप पे फ्री स्टडी मटेरियल

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के अंदर डाल दूंगा। आप वहां से अपने खुद

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के नोट्स बना सकते हो। ऑलदो कुछ करने की

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जरूरत ही नहीं है। यही मेरे साथ-साथ

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कुछ-कुछ चीजें इंपॉर्टेंट है। कुछ-कुछ

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सेक्शंस इंपॉर्टेंट है जिनको आप यहीं

1:01

लिखते चले जाना। यकीन मानो 80 आउट ऑफ 80

1:03

आएंगे। अगर आपने ये वीडियो पूरी देख ली

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कहीं थ्योरी में एमसीक्यू में नंबर आपके

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नहीं कटेंगे। राइट? तो स्टार्ट करते हैं।

1:11

सबसे पहले चैप्टर वन से लेकर मैं आपको कैश

1:13

फ्लो तक पूरा कराऊंगा। तो सबसे पहले

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चैप्टर वन पे आते हैं। तो सबसे पहले लिखा

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हुआ है ऑन मेनी इशूज़ अफेक्टिंग

1:20

डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ प्रॉफिट। यानी कि जब

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आपकी पार्टनरशिप डीड में प्रॉफिट के

1:25

बंटवारे में कुछ इशू आ रहा होगा, प्रॉफिट

1:27

आपने लिखा ही नहीं किस रेश्यो में बेटेगा

1:29

तो उस सिचुएशन में पार्टनरशिप एक्ट 1932

1:32

अप्लाई होगा। कोई भी इशू हो वहां पे अगर

1:34

डीड साइलेंट है तो पार्टनरशिप एक्ट 1932

1:36

अप्लाई होगा। आपको पूरी किताब ना पढ़नी

1:38

पड़े तो मैंने एक ही किताब पढ़ के अच्छे

1:40

से चीजों को अंडरलाइनिंग करके आप लोगों को

1:41

दे दिया है। इससे बाहर कोई थ्योरी ना

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सीईटी में पूछा जाएगा ना आपके बोर्ड्स में

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पूछा जाएगा। लिख के ले लो। सीयूईटी में

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आपको ये इतनी हेल्प देगा। मैं कॉलेज के

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अंदर जाता हूं। चाहे राम जस हो, चाहे

1:50

क्लास हंसराज हो, चाहे एसआरसीसी हो। बच्चे

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बोलते हैं सर जो एनसीईआरटी आप कराते हो

1:54

उससे पूरा का पूरा पेपर आता है। तो इसीलिए

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मैं करा रहा हूं आपको। मिस मत करना। कहीं

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नहीं मिलेगा आपको पूरे YouTube पे।

2:00

क्योंकि इसमें पढ़ने में अंडरलाइनिंग करने

2:01

में बहुत टाइम लगता है। राइट? अब यहां पे

2:03

सब लोग नोट कर लो एक चीज। सेक्शन फोर ऑफ

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इंडियन पार्टनरशिप एक्ट 1932 डिफाइन करता

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है पार्टनरशिप के बारे में कि पार्टनरशिप

2:10

क्या है? पार्टनरशिप रिलेशनशिप है कुछ

2:11

लोगों के बीच जो एग्री करते हैं शेयर

2:13

प्रॉफिट करेंगे। किसी बिजनेस का कैरी बाय

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ऑल और एनीवन एक्टिंग फॉर ऑल। ध्यान रखना।

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पर्सन हु हैव एंटर इंटू पार्टनरशिप विद वन

2:20

अनदर आर इंडिविजुअली कॉल्ड एज पार्टनर। हर

2:23

एक इंसान को क्या कहा जाता है? पार्टनर

2:24

कहा जाता है। और कलेक्टिवली उन्हें क्या

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कहा जाता है? फर्म कहा जाता है। द नेम

2:28

अंडर व्हिच जिस नाम से बिजनेस को चला रहे

2:31

होते हैं उसे बोलते हैं फर्म नेम। और अ

2:33

पार्टनरशिप फर्म हैज़ नो सेपरेट लीगल

2:35

एंटिटी। ध्यान रखना कोई सेपरेट लीगल

2:37

एंटिटी नहीं है। अपार्ट फ्रॉम द पार्टनर्स

2:39

कॉन्स्टिट्यूटिंग इट। दस द एसेंशियल फीचर

2:41

ऑफ़ पार्टनरशिप आर दो या दो से ज्यादा लोग

2:43

होने चाहिए। बहुत इंपॉर्टेंट है। इन अदर

2:45

वर्ड्स द मिनिमम नंबर ऑफ़ पार्टनर्स इन अ

2:49

फर्म कैन बी टू। कम से कम दो। देयर इज़ हाउ

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एवर अ लिमिट ऑफ़ देयर मैक्सिमम नंबर। ध्यान

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रखना। द वर्चू ऑफ़ सेक्शन 464 सेक्शन याद

2:56

कर लो। लिख लो कॉपी में जो बोलूंगा ना वो

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लिख लेना। सेक्शन 464 ऑफ़ कंपनीज़ एक्ट 2013

3:01

द सेंट्रल गवर्नमेंट इज़ एमावर्ड। किसको

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पावर मिली है? सेंट्रल गवर्नमेंट को पावर

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मिली है कि भ वो मैक्सिमम नंबर डिसाइड कर

3:08

सके। लेकिन नॉट मोर देन 100। हम तुमको

3:10

पावर देते हैं। तुम डिसाइड करो। लेकिन 100

3:12

से ज्यादा तो तुम भी डिसाइड नहीं कर सकते

3:13

हो। और सेंट्रल गवर्नमेंट ने अभी कितना

3:15

फिक्स किया? मैक्सिमम नंबर 50। कोई पूछे

3:17

तो मिनिमम दो मैक्सिमम 50। अगली बात है

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एग्रीमेंट। कोई ना कोई एग्रीमेंट होना

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चाहिए। ओरल हो चाहे रिटन हो। कोई कंपलसरी

3:23

नहीं है कि रिटन एग्रीमेंट हो। रिटन

3:24

एग्रीमेंट होगा तो भैया उसे पार्टनरशिप

3:26

डीड बोलेंगे ताकि कल को कोई अवॉइड करो।

3:28

कोई भी क्लास अवॉइड करो। कोई प्रॉब्लम हो

3:32

ओरली इंसान बात ना माने। तो इट्स बेटर कि

3:34

आप डीड बना लो रिटर्न में। लेकिन जरूरी

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नहीं है। इट इज़ नॉट कंपलसरी। कोई ना कोई

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बिजनेस होना चाहिए। इफ रोहित एंड देखो ये

3:41

पेपर में देखो ऐसा आ सकता है तो हैरानी

3:43

नहीं होगी कल को सवाल आ गया तो इफ रोहित

3:45

एंड सचिन जॉइंटली परचेस अ प्लॉट ऑफ लैंड

3:47

दे बिकम द जॉइंट ओनर ऑफ द प्रॉपर्टी नॉट द

3:50

पार्टनर वो जॉइंट ओनर है पार्टनर नहीं है

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इफ दे आर इन द बिनेस ऑफ़ परचेस ऑफ़ लैंड एंड

3:55

सेल वो रोज का यही काम करते हैं हर बार

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खरीदते हैं बेचते हैं खरीदते बेचते हैं तो

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उन्हें पार्टनर बोलेंगे अदरवाइज पार्टनर

4:00

नहीं बोलेंगे अगला म्यूचुअल एजेंसी ईच

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पार्टनर कैरी ऑन द बिनेस द प्रिंसिपल एज

4:04

वेल एज एजेंट हर कोई एक दूसरे का

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प्रिंसिपल है एक दूसरे का एजेंट है यह

4:08

ध्यान रखना

4:10

देयर वुड बी नो पार्टनरशिप इफ द एलिमेंट

4:12

ऑफ म्यूचुअल एजेंसी साइलेंट। पार्टनरशिप

4:14

में सबसेेंट क्या है? बिजनेस। बिजनेस से

4:17

होने वाला प्रॉफिट और साथ में म्यूचुअल

4:19

एजेंसी। ध्यान रखना। पार्टनरशिप एक्ट

4:22

डिस्क्राइब पार्टनरशिप एज अ रिलेशनशिप

4:24

बिटवीन पीपल हु अग्री टू शेयर प्रॉफिट ऑफ

4:26

अ बिज़नेस। द शेयरिंग ऑफ लॉस इज़ इंप्लाइड।

4:29

डेफिनेशन में तो प्रॉफिट की बात करी गई

4:30

है। लेकिन लॉस भी होता है लेकिन वो लिखा

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नहीं रहता। लॉस इंप्लाइड रहता है। लॉसेस

4:34

इज़ेंट। ठीक है? इफ सम पर्सन जॉइन हैंड फॉर

4:37

द पर्पस ऑफ सम चैरिटेबल एक्टिविटी पेपर

4:39

में सब सवाल पूछा गया। मैं दिल से बोल रहा

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हूं बेटा पेपर जहां घुमाता है वो है

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एनसीईआरटी। अगर तुमने ये वीडियो पूरी देख

4:45

ली मैं फटाफट फटाफट चीख-चीख के आपको ये

4:48

चीज करा रहा हूं। आप बैठ के आराम से देख

4:49

लो। कुछ-कुछ चीजें हैं जो बता रहा हूं नोट

4:51

कर लो। यकीन मानो आपके पेपर में 80 आउट ऑफ

4:54

80 है। तुम याद करोगे। ये सेम लाइन पूछी

4:57

जाती है। क्योंकि कई बार पेपर में पूछा जा

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चुका है कि 40 लोग हैं। एक चैरिटेबल

5:00

ट्रस्ट चला रहे हैं। तो क्या वो

5:01

पार्टनरशिप है? नहीं। वो पार्टनरशिप नहीं

5:03

है क्योंकि उनका मेन मोटिव मोटिव प्रॉफिट

5:05

कमाना नहीं है। अगर मैं लायबिलिटी की बात

5:06

करूं तो लायबिलिटी पार्टनर्स की अनलिमिटेड

5:09

होती है। दिस इंप्ल्लाईज़ दैट हज़ प्राइवेट

5:10

एसेट्स कैन आल्सो बी यूज़्ड फॉर पेइंग ऑफ़

5:12

फर्म डेप्ट। तो प्राइवेट एसेट को बेच के

5:14

हम फर्म डेप्ट की पेमेंट करेंगे। इसलिए

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हमारी लायबिलिटी क्या है? अनलिमिटेड है।

5:18

पार्टनरशिप डीड क्या है? एक एग्रीमेंट है।

5:20

वो ओरल भी हो सकता है, रिटर्न भी हो सकता

5:21

है। एंड पार्टनरशिप एक्ट डज़ंट रिक्वायर

5:24

दैट एग्रीमेंट मस्ट बी इन राइटिंग। वो कोई

5:25

लिखा नहीं होता। लेकिन राइटिंग करोगे तो

5:27

अच्छा है। उसको बोलते हैं पार्टनरशिप डी।

5:28

इसमें सारी शर्तें पार्टनरशिप की लिखी

5:30

रहती हैं। द क्लॉज़ ऑफ़ पार्टनरशिप कैन बी

5:32

ऑल्टर्ड। बिल्कुल पार्टनरशिप डीड की जो

5:34

शर्तें हैं, जो क्लॉज़ हैं, हम उनको ऑल्टर

5:36

कर सकते हैं, सुधार सकते हैं। अगर सारे

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पार्टनर्स एग्री करते हैं, तो और यहां पे

5:40

देखो काम की बात है। कोई एक भी क्वेश्चन

5:42

इससे बाहर ना कभी पूछा गया ना पूछा जाएगा।

5:44

तुम भले अलग-अलग ऑथर की बुक खरीद लो।

5:46

लेकिन जो पेपर बनाने वाला है वो पेपर

5:48

एनसीईआरटी की ही बुक से बनाते हैं और तुम

5:49

साल भर नहीं पढ़ते। इसीलिए बोल रहा हूं

5:51

इसको। देखो यहां पे ये चीज कितनीेंट है।

5:52

दी पार्टनरशिप शुड बी प्रॉपर्ली ड्राफ्टेड

5:55

एंड प्रिपयर्ड एस पर द प्रोविज़ंस स्टैंप

5:57

पैट। तुम सारे बच्चे क्या सोचते हो सर

5:59

पार्टनरशिप डीड तो पार्टनरशिप एक्ट के

6:02

अकॉर्डिंग बनता है। नहीं स्टैं्प एक्ट के

6:03

अकॉर्डिंग बनता है। अब आप बोलोगे सर तो

6:05

हमारी बुक में भी लिखा हुआ भैया पेपर में

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आया था उसके बाद बुक वालों ने उसको

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रिड्यूस किया। तो पेपर में जो पहली बार

6:10

पूछा गया था मेजरिटी बच्चों ने पार्टनरशिप

6:12

एक्ट 1932 पे टिक लगाया। जबकि आंसर क्या

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था इसका? स्टैंप एक्ट। रजिस्टर्ड ऑफ़ फर्म

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से जो रजिस्टर्ड होता है वो स्टंप एक्ट

6:17

उसके अकॉर्डिंग पार्टनरशिप डीड बनता है।

6:19

डीड में बहुत कहानियां लिखी रहती हैं।

6:21

आईओसी, सैलरी, कमीशन, रेशियो सब कुछ डीड

6:23

में लिखा रहता है। नाउ प्रोविज़न ऑफ़

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पार्टनरशिप एक्ट रेलेवेंट फॉर अकाउंटिंग।

6:28

तो पार्टनरशिप एक्ट तो बहुत मोटी है।

6:30

उसमें से कौन-कौन से प्रोविज़न काम की है?

6:31

सबसे पहला पार्ट प्रॉफिट शेयरिंग रेश्यो।

6:33

भाई प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो इक्वल होगा।

6:35

चाहे कोई ज्यादा पैसा लगा दे, कम पैसा

6:37

लगाए ना लगाए। इंटरेस्ट ऑन कैपिटल तभी

6:39

मिलेगा जब प्रॉफिट होगा और रीड में लिखा

6:40

है तभी दोगे अगर रीड साइलेंट है। तो कोई

6:42

इंटरेस्ट ऑन कैपिटल पार्टनर को नहीं

6:44

मिलेगा। नो इन कैपिटल, नो सैलरी, नो

6:46

कमीशन, नो इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग चार्ज और

6:48

इंटरेस्ट ऑन लोन। अगर किसी पार्टनर ने कोई

6:50

लोन दिया है बिजनेस को तो उस पे वो 6% का

6:53

6% पर एन का इंटरेस्ट लेगा। लेकिन अगर कोई

6:55

लोन लिया है पार्टनर ने तो भैया उसप वो

6:57

कोई इंटरेस्ट नहीं देगा। डीड साइलेंट है

6:59

तो रेमुनरेशन नो पार्टनर इज़ एंटायल्ड टू

7:02

गेट एनी सैलरी। किसी भी प्रकार का सैलरी

7:03

रेमुनरेशन पार्टनर को नहीं मिलेगा। इफ अ

7:05

पार्टनर डिराइव एनी प्रॉफिट। अगर किसी

7:07

पार्टनर ने प्रॉफिट बनाया बिजनेस से हटके

7:10

प्रॉफिट कमाया उस पैसे को लेके तो वो पैसा

7:12

पूरा का पूरा बिजनेस को लौटाना है। इफ अ

7:15

पार्टनर कैरी ऑन एनी बिनेस ऑफ़ सेम नेचर

7:17

सेम नेचर का कोई भी बिज़नेस कैरी करते हो

7:19

जो कॉम्पिटिटिव है आपके बिजनेस से तो उसको

7:21

क्लास वो सारा का सारा पैसा फर्म को देना

7:23

पड़ेगा। मतलब मैं और आप एक काम कर रहे

7:25

हैं। फिर मैं साइड में अलग से भी वो काम

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कर रहा हूं। तो मुझे वहां का पैसा भी आपके

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साथ शेयर करना पड़ेगा। भले ही आप उस काम

7:30

को नहीं कर रहे तभी मैं फायदा पहुंचाऊंगा

7:32

आपको। ऐसा पार्टनरशिप एक्ट 1932 कहता है।

7:34

ठीक है? तो देखो ये उसके बाद नेक्स्ट चलते

7:37

हैं। एक-एक चीज करेंगे। आपको टेंशन नहीं

7:40

लेनी सब कुछ। मैंने जितना अंडरलाइनिंग करा

7:42

है वही। अच्छा देयर आर टू मेथड्स बाय

7:43

व्हिच द कैपिटल अकाउंट्स आर प्रिपयर्ड। दो

7:45

मेथड्स हैं। फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट मेथड

7:46

और फ्लक्चुएटिंग कैपिटल अकाउंट मेथड।

7:48

फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट मेथड के अंदर दो

7:49

अकाउंट बनते हैं। फिक्स्ड अकाउंट करंट

7:51

अकाउंट और कैपिटल अकाउंट। करंट अकाउंट का

7:53

डेबिट क्रेडिट दोनों बैलेंस हो सकता है।

7:54

लेकिन कैपिटल अकाउंट का हमेशा क्रेडिट

7:56

बैलेंस होता है। यहां पे करंट अकाउंट का

7:58

बैलेंस जो है वो चेंज होता है। और जो

8:01

फिक्स्ड कैपिटल अकाउंट मेथड में जो कैपिटल

8:02

अकाउंट का बैलेंस है ना वो चेंज नहीं

8:04

होता। जब कोई एडिशनल कैपिटल लगाता है या

8:06

कैपिटल को विथड्रॉ करेगा तभी चेंज होगा।

8:07

अदरवाइज़ चेंज नहीं होगा। राइट? तो, यह तो

8:10

फॉर्मेट हो गया। ये सब तो आपको नहीं करना।

8:11

अच्छा, इस पे आते हैं जरा नेक्स्ट

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फ्लक्चुएटिंग कैपिटल। अंडर फ्लक्चुएटिंग

8:14

कैपिटल मेथड ओनली वन अकाउंट इज़ प्रिपेयर्ड

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दैट इज़ कैपिटल अकाउंट। और उसका डेबिट

8:18

बैलेंस भी हो सकता है, क्रेडिट बैलेंस भी

8:19

हो सकता है, कुछ भी हो सकता है। लेकिन

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फिक्स मेथड में जो कैपिटल अकाउंट है, उसका

8:22

हमेशा क्रेडिट, क्रेडिट, क्रेडिट बैलेंस

8:24

ही रहेगा। प्रॉफिट के बंटवारे के लिए हम

8:26

कौन सा अकाउंट बनाते हैं? प्रॉफिट एंड लॉस

8:27

एप्रोप्रिएशन अकाउंट। यह एक्सटेंशन है

8:29

प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट का। प्रॉफिट एंड

8:30

लॉस अकाउंट के बाद बनता है प्रॉफिट एंड

8:32

लॉस एप्रोप्रिएशन अकाउंट। इसके अंदर सारे

8:33

पार्टनर्स की कमाई और पार्टनर्स के खर्चे

8:35

ही लिखे जाते हैं। इट शोज़ हाउ द प्रॉफिट्स

8:38

आर एप्रोप्रियट और डिस्ट्रीब्यूट अमंग द

8:40

पार्टनर। ये जो प्रॉफिट है वो पार्टनर्स

8:41

में कैसे बटेगा? ध्यान रखना। अब ये सब तो

8:44

क्लियर है। अब आते हैं जर्नल एंट्रीज पे।

8:47

ठीक है? तो सबसे पहला ट्रांसफर करोगे

8:49

बैलेंस। जो प्रॉफिट लॉस अकाउंट के अंदर

8:51

बैलेंस है उसको ट्रांसफर करोगे तो एंट्री

8:53

क्या होगी? प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट डेबिट

8:54

टू पीएंडएल एप्रोप्रिएशन अकाउंट। ध्यान

8:56

रखना प्रॉफिट को और लॉस के लिए उसका उल्टा

8:58

प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रिएशन टू पीएंडएल।

9:00

इंटरेस्ट ऑन कैपिटल अलाउ करोगे तो

9:02

इंटरेस्ट ऑन कैपिटल टू पार्टनर्स कैपिटल

9:03

अकाउंट ट्रांसफर करने की एंट्री प्रॉफिट

9:05

एंड लॉस एप्रोप्रिएशन टू इंटरेस्ट ऑन

9:06

कैपिटल मैंने आपको लाइव रिवीजन के जो

9:08

रिवीजन कराया हुआ है उसके अंदर भी मैंने

9:11

लाइव रिवीजन के अंदर भी पूरा का पूरा

9:12

कांसेप्ट कवर किया है कि अगर कोई भी

9:15

इंटरेस्ट पार्टनर को दे रहे हो ट्रांसफर

9:17

कर रहे हो तो एप्रोप्रिएशन की एंट्री होगी

9:19

पीएनएल एप्रोप्रिएशन टू इंटरेस्ट ऑन

9:21

कैपिटल और फिर उसको अलऊ करने की होगी

9:23

इंटरेस्ट ऑन कैपिटल अकाउंट इंटरेस्ट ऑन

9:24

कैपिटल अकाउंट डेबिट टू पार्टनर्स कैपिटल

9:26

अकाउंट फिक्स्ड मेथड है तो करंट अकाउंट

9:28

इंटरेस्ट ऑन ड्रॉइंग की एंट्री क्या होगी

9:29

पार्टनर्स देखो सबसे पहले ड्रॉइंग को जो

9:31

चार्ज करेंगे कैपिटल से उसकी एंट्री होगी।

9:33

पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट डेबिट टू

9:34

इंटरेस्ट एंड ड्रॉइंग। और ट्रांसफर करने

9:35

की एंट्री क्या होगी? एप्रोप्रियेशन में

9:37

बाय साइड आता है ना इंटरेस्ट ड्रॉइंग। तो

9:38

इंटरेस्ट एंड ड्रॉइंग अकाउंट डेबिट टू

9:39

पीएंडएल एप्रोप्रिएशन अकाउंट। राइट? बहुत

9:42

कुछ है इसलिए फटाफट फटाफट करा रहा हूं

9:44

आपको। सैलरी देते हो तो सैलरीज टू

9:46

पार्टनर्नस कैपिटल अकाउंट। ट्रांसफर करते

9:47

हो एप्रोप्रियेशन में प्रॉफिट एंड लॉस

9:49

एप्रोप्रिएशन टू सैलरी अकाउंट। कमीशन को

9:51

आपने ट्रांसफर करते हो तो एंट्री होगी

9:52

प्रॉफिट एंड लॉस एप्रोप्रियेशन टू कमीशन।

9:54

कैपिटल में जाते हो तो कमीशन अकाउंट डेबिट

9:55

टू पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट। राइट? उसके

9:58

बाद इफ प्रॉफिट अगर आपको प्रॉफिट हो गया

10:01

लास्ट में डिविजबल प्रॉफिट तो प्रॉफिट एंड

10:02

लॉस एप्रोप्रिएशन टू पार्टनर्स कैपिटल

10:04

अकाउंट और लॉस हो गया तो पार्टनर्नस

10:06

कैपिटल अकाउंट डेबिट टू प्रॉफिट लॉस

10:07

एप्रोप्रिएशन अकाउंट तो ये हो गया आपका

10:08

एप्रोप्रिएशन का फॉर्मेट पूरा का पूरा ठीक

10:11

है तो बाकी सब थ्योरी है हटाओ जो जो

10:13

इंपॉर्टेंट चीजें हैं वो सब करा रहा हूं

10:15

इफ विथड्रॉन ऑन द फर्स्ट डे ऑफ़ एव्री मंथ

10:18

इंटरेस्ट अगर फर्स्ट डे निकालता है 6.5

10:20

एंड ऑफ़ एव्री मंथ एंड में आता है तो 5.5

10:23

बिगनिंग में निकालता और मिडिल में निकालता

10:24

है तो 6/12 एवरेज पीरियड का फार्मूला हो

10:26

गया टाइम लेफ्ट आफ्टर फर्स्ट ड्र ड्रॉइंग

10:28

प्लस टाइम लेफ्ट आफ्टर लास्ट ड्रॉइंग

10:29

डिवाइड बाय टू ओके ये सब पता है आपको

10:32

नेक्स्ट सारा एनसीआरटी हो जाएगा व्हेन

10:34

वेरिंग अमाउंट्स आर विथड्रॉन अलग-अलग डेट

10:35

पे विथड्रॉ करते हैं तो प्रोडक्ट मेथड यूज़

10:37

करते हैं इसका फार्मूला होता है टोटल

10:38

प्रोडक्ट इंटू रेट अप 100 * 1/12 ठीक है

10:41

यहां लगता है 1/12 जो अलग-अलग डेट पे

10:43

अलग-अलग अमाउंट कोई पार्टनर विथड्रॉ करता

10:45

है और हर हाफ ईयर में विथड्रॉ करेगा तो

10:46

बिगनिंग का 9/12 मिल का 6/12 एंड का 3/12

10:50

और अगर हर क्वार्टरली विथड्रॉ करता है

10:52

बिगिनिंग का 7.5/12 मिडिल का 6/12 और एंड

10:55

का 4.5 / 12 अगर अगला है एडजस्ट पास

10:58

एडजस्टमेंट। ऑल दीज़ एक्ट ऑफ ओमिशन एंड

11:02

कमीशन। ओमिशन एंड कमीशन नीड एडजस्टमेंट्स

11:06

फॉर करेक्शन ऑफ़ देयर इंपैक्ट इंस्टेड ऑफ़

11:08

ऑल्टरिंग ओल्ड अकाउंट्स नेसेसरी

11:09

एडजस्टमेंट आर मेड। तो आपने एडजस्टमेंट कर

11:11

सकते हो। एक तो प्रॉफिट लॉस एप्रोप्रिएशन

11:13

से और डायरेक्टली आप उसे कैपिटल अकाउंट के

11:15

अंदर एडजस्ट कर सकते हो। तो जनरली हम लोग

11:17

क्या करते हैं? एक एडजस्टमेंट एंट्री पास

11:19

करते हैं। खैर ये कोई थ्योरी नहीं है। तो

11:20

सिर्फ कैलकुलेशन है। तो ये सारी की सारी

11:23

चीजें थी। लेकिन इसके अलावा एक चीज और है

11:25

गारंटी ऑफ़ प्रॉफिट्स टू अ पार्टनर में।

11:27

अगर आपने किसी पार्टनर को गारंटी दी है तो

11:29

वो लॉस से बच सकता है। छोटा बच्चा बिजनेस

11:32

में सिर्फ और सिर्फ प्रॉफिट के लिए एडमिट

11:34

हो सकता है। उसको बुक्स ऑफ अकाउंट

11:36

इंस्पेक्ट नहीं करेंगे। एंड सबसेेंट चीज

11:38

अगर किसी पार्टनर को गारंटी दी गई है और

11:41

कोई कमी पड़ रही है तो वही झेलेगा जिसने

11:42

गारंटी दी है। अगर नहीं पता किसने गारंटी

11:44

दी है तो रिमेनिंग पार्टनर ने गारंटी दी

11:46

होगी वो भी अपनी ओरिजिनल रेश्यो के अंदर।

11:48

जो भी उनकी रेश्यो है उसी रेश्यो में नॉट

11:50

इक्वल। और इसकी एंड जिसको गारंटी मिली है

11:52

उसको क्रेडिट करेंगे और जिसने गारंटी दी

11:54

उसको डेबिट करेंगे। बिकॉज़ जिससे माइनस हुआ

11:56

जिसने गारंटी दी उससे माइनस हुआ उसको

11:58

डेबिट करेंगे। और जिसको मिली उसको प्लस

12:00

उसको हम क्या करेंगे? क्रेडिट करेंगे।

12:02

रिकॉन्स्टिटिशन ऑफ़ पार्टनरशिप फर्म या

12:04

एडमिशन ऑफ़ अ पार्टनर। अब एडमिशन ऑफ़

12:06

पार्टनर की बात करें। एनी चेंज इज़ द

12:08

एकिस्टिंग एग्रीमेंट्स अकाउंट्स टू

12:10

रिकॉन्स्टिट्यूशन ऑफ़ पार्टनरशिप फर्म। कोई

12:11

भी एकिस्टिंग एग्रीमेंट में अगर चेंज होता

12:13

है तो उसको बोलते हैं पार्टनरशिप फर्म का

12:15

पुन निर्माण हो गया। दिस रिजल्ट एंड ऑफ़

12:17

एग्ज़िस्टिंग एग्रीमेंट। पुराना एग्रीमेंट

12:18

खत्म होगा और नया एग्रीमेंट स्टार्ट हो

12:20

जाएगा और जहां पे सारे के सारे पार्टनर्स

12:22

को बाइंड करेंगे। हाउएवर द फर्म कंटिन्यू

12:24

फर्म चलता रहेगा। द पार्टनर्स ऑफन रिसोर्ट

12:27

टू रिकॉन्स्टिट्यूशन ऑफ द फर्म इन वेरियस

12:30

वेज़ सच एज एडमिशन। अच्छा रिकॉन्स्टिट्यूशन

12:32

कैसे-कैसे होता है? एडमिशन, रिटायरमेंट,

12:35

चेंज इन पीएसआर, डेथ इन सब से क्या होता

12:37

है? रिकॉन्स्टिट्यूशन होता है। मोड ऑफ

12:39

रिकॉन्स्टिट्यूशन मोड क्या-क्या है? किस

12:40

तरीके से हो सकता है? नया पार्टनर एडमिट

12:42

होगा, पुराना पार्टनर रिटायर होगा, किसी

12:44

की डेथ होगी। तो इन सब ये सब रीज़ंस हैं

12:46

जिसकी वजह से पुरानी पार्टनरशिप खत्म हो

12:48

के नई पार्टनरशिप बनती है। इसको बोलते हैं

12:49

मोड ऑफ रिकॉन्स्टिट्यूशन ऑफ पार्टनरशिप

12:52

फर्म। अच्छा अब कोई थ्योरी नहीं है इसके

12:54

बाद। अच्छा एडमिशन में फिर ये है नया

12:55

पार्टनर आएगा तो क्या लेगा? राइट टू शेयर

12:57

ऑफ़ एसेट। जो भी बिजनेस के अंदर एसेट्स है

13:00

वो सारा का सारा उसमें से उसको हिस्सा

13:01

मिलेगा। राइट टू शेयर द प्रॉफिट ऑफ़ द

13:03

पार्टनरशिप फर्म। जो भी फर्म प्रॉफिट

13:05

कमाएगी उसको वो भी हिस्सा मिलेगा। फॉर द

13:07

राइट ऑफ़ एक्वायर शेयर इन द एसेट्स एंड

13:09

प्रॉफिट ऑफ़ द पार्टनरशिप फर्म। द पार्टनर

13:10

ब्रिंग एन एग्रीगेट अमाउंट ऑफ़ कैपिटल इदर

13:12

इन कैश और काइंड। नया पार्टनर उसके लिए

13:14

कैपिटल लेके आता है। कैश में भी ला सकता

13:16

है, काइंड में भी। मोर एवर इन केस ऑफ़ एनी

13:18

एस्टैब्लिश्ड फर्म व्हिच मे बी अर्निंग

13:20

मोर प्रॉफिट देन द नॉर्मल रेट ऑफ रिटर्न अ

13:23

न्यू पार्टनर इज़ रिक्वायर्ड टू

13:25

कंट्रीब्यूट सम एडिशनल अमाउंट इज़ नोन ऐज़

13:27

प्रीमियम फॉर गुडविल। जब नया पार्ट जब आप

13:30

नॉर्मल प्रॉफिट से ज्यादा कमा रहे हो और

13:32

फिर किसी को एडमिट कर रहे हो, तो आप

13:34

बोलोगे भैया हम तो बहुत ज्यादा प्रॉफिट

13:35

कमा रहे हैं। तुझे कुछ ना कुछ एक्स्ट्रा

13:36

पैसे लेके आने पड़ेंगे। जिसको हम लोग क्या

13:38

बोलते हैं? प्रीमियम फॉर गुडविल।

13:40

प्राइमरली टु कंपनसेट द सैक्रिफाइजिंग

13:42

पार्टनर फॉर लॉस ऑफ़ देयर शेयर इन सुपर

13:44

प्रॉफ़िट। तो जो भी वह पार्टनर्स जो पुराने

13:46

पार्टनर नए पार्टनर के लिए सैक्रिफाइस कर

13:48

रहे हैं उसके लिए वो लेके आता है गुडविल

13:50

प्रीमियम फॉर गुडविल। और क्योंकि वो

13:52

बिजनेस में एसेट्स में भी हिस्सेदारी लेगा

13:54

वो पार्टनर बन जाएगा। तो उसके लिए वो क्या

13:56

लेके आता है एक क्लास? नया पार्टनर अपनी

13:58

कैपिटल लेके आता है। इफ नथिंग इज

13:59

स्पेसिफाइड टू हाउ डस न्यू पार्टनर

14:01

एक्वायर इज शेयर। नया पार्टनर आ रहा है।

14:03

वो अपना हिस्सा किस रेश्यो में लेगा

14:04

पुराने पार्टनर से? नहीं पता तो भैया हम

14:06

मानेंगे कि वो पुरानी रेश्यो में ही लेगा

14:08

जो उनकी पुरानी रेश्यो थी। इसीलिए सिंपल

14:10

केस में जो ओल्ड रेशो होती है उसी को हम

14:12

लोग क्या मानते हैं? सैक्रिफाइजिंग रेश्यो

14:14

मान लेते हैं। फिर ये नई रेशियो की

14:15

कैलकुलेशन ये पूरी एनसीआरटी की बुक उठा के

14:17

दे दी मैंने तुमको। बस जो जो तुम्हारे काम

14:19

का था वो मैंने अंडरलाइनिंग कर लिया। द

14:21

रेश्यो इन व्हिच ओल्ड पार्टनर आर एग्री टू

14:23

सैक्रिफाइस। ये भी एक नंबर में पूछा गया

14:25

है सीबीएसई के पेपर में। वो कौन सा रेश्यो

14:27

है जिसमें पुराने पार्टनर सैक्रिफाइस करने

14:28

के लिए अगली अग्री कर जाते हैं? नए

14:30

पार्टनर के नए पार्टनर के लिए। इसको बोलते

14:32

हैं न्यू सैक्रिफाइजिंग रेशियो। इसका

14:34

फार्मूला है ओल्ड रेशियो माइनस न्यू

14:36

रेश्यो। एज़ स्टेटेड इन अर्लियर द न्यू

14:38

पार्टनर इज़ रिक्वायर्ड टू कंपनसेेट द ओल्ड

14:40

पार्टनर्स टू फॉर देयर लॉस ऑफ शेयर इन द

14:43

सुपर प्रॉफिट ऑफ द फर्म फॉर व्हिच ही

14:44

ब्रिंग्स एन एडिशनल अमाउंट एज़ प्रीमियम

14:46

फॉर गुडविल दिस अमाउंट इज़ शेयर बाय द

14:49

एकिस्टिंग पार्टनर इन द रेशियो इन व्हिच

14:50

दे फॉरगो देयर शेयर्स इन फेवर ऑफ़ न्यू

14:52

पार्टनर व्हिच इज़ कॉल्ड सैक्रिफाइजिंग

14:54

रेशियो। इतना घुमाने की जरूरत क्या है?

14:55

सीधे-सीधे बोलो। नया पार्टनर जो भी गुडविल

14:57

लेके आएगा पुराने पार्टनर उसको बांटेंगे

14:58

आपस में। किस रेशियो में? सैक्रिफाइजिंग

15:00

रेशियो में। नया पार्टनर कैपिटल लेके

15:02

आएगा। एक एक स्पेशल वीडियो बनाऊंगा जहां

15:04

पे मैं सारी की सारी जर्नल एंट्री एक साथ

15:06

कराऊंगा। बट फिलहाल बता दूं नया पार्टनर

15:08

कैपिटल लेके आता है तो बैंक टू कैपिटल नया

15:09

पार्टनर गुडविल लाता है तो बैंक टू

15:11

प्रीमियम फॉर गुडविल लाते ही बढ़ जाएगा।

15:12

प्रीम फॉर गुड अकाउंट डेबिट टू ए और बीन

15:14

सैक्रिफाइजिंग रेशियो गुडविल नहीं लेके

15:16

आता तो न्यू पार्टनर्स करंट अकाउंट डेबिट

15:18

टू ओल्ड पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट और

15:19

गुडविल अगर बैलेंस शीट के अंदर है इट विल

15:21

बी रिटर्न ऑफ और गुडविल विथड्रॉ करेगा

15:23

ओल्ड पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट डेबिट टू

15:24

कैश अकाउंट रिटर्न ऑफ करने की एंट्री होती

15:25

है ओल्ड पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट डेबिट टू

15:26

गुडविल अकाउंट किस रेश्यो में ओल्ड रेशियो

15:28

में बाकी सारी एंट्री किसमें होगी

15:29

सैक्रिफाइजिंग रेश्यो के अंदर तो ये हो गई

15:32

सारी की सारी कैलकुलेशन हटाओ कैलकुलेशन

15:34

सारी की सारी अब आते हैं इसके बाद यह रहा

15:37

नेक्स्ट

15:39

मीनिंग ऑफ़ गुडविल इट इज़ एन इनटेंजिबल एसेट

15:41

इन अदर वर्ड वर्ड गुडविल इज़ द वैल्यू ऑफ़

15:44

रेपुटेशन ऑफ़ अ फर्म इन रेस्पेक्ट टू द

15:46

प्रॉफिट एक्सपेक्टेड इन फ्यूचर ओवर एंड

15:48

अबव द नॉर्मल प्रॉफिट। नॉर्मल प्रॉफिट से

15:51

जितना भी ज्यादा कमा रहे हो दैट इज़ कॉल्ड

15:53

गुडविल। उसको बोलते हैं सुपर प्रॉफिट। और

15:55

सुपर प्रॉफिट अगर ज़ीरो है इट मींस देयर इज़

15:57

नो गुडविल। इन सिंपल वर्ड गुडविल कैन बी

15:59

डिफाइंड ऐज़ द प्रेजेंट वैल्यू ऑफ़ फर्म

16:00

एंटीिसिपेट एक्सेस अर्निंग और द कैपिटलाइज़

16:03

वैल्यू अटैच टू डिफरेंट डिफरेंट

16:05

डिफरेंशियल प्रॉफ़िट कैपेसिटी ऑफ़ द बिज़नेस।

16:07

दस गुडविल एक्सिस्ट ओनली व्हेन द फर्म

16:09

अर्न सुपर प्रॉफ़िट। ध्यान रखना स्टेटमेंट

16:11

ट्रू फॉल्स में पूछा जा सकता है। असरशन

16:13

रीजन में पूछा जा सकता है। अगर बिजनेस

16:16

सुपर प्रॉफिट कमा रहा है तभी तुम्हारे

16:17

बिजनेस की गुडविल होगी। अदरवाइज नहीं

16:19

होगी। एनी फर्म दैट अर्न नॉर्मल प्रॉफिट

16:22

और इंक्रीिंग लॉसेस हैज़ नो गुडविल। अगर

16:24

नॉर्मल प्रॉफिट कमा रहे हो यानी सुपर

16:26

प्रॉफिट ज़ीरो है। भाई सीधी सी बात है।

16:27

नॉर्मल प्रॉफिट किसको बोलते हैं? मेरा ₹5

16:30

लाख बैंक में पड़ा हुआ है। बैंक मुझे हर

16:32

साल जो है ₹00 का ब्याज देता है। तो यह जो

16:34

₹00 का ब्याज है मेरा नॉर्मल प्रॉफ़िट है।

16:37

ठीक है? मैं उस उसको बैंक से निकाल लेता

16:38

हूं पैसे को और बिज़नेस करता हूं। हूं।

16:40

वहां 7000 कमाता हूं। तो 50 तो मुझे मिल

16:42

ही रहा था। अब मैं यहां 70 कमा रहा हूं तो

16:43

20,000 का एक्स्ट्रा प्रॉफिट कमा रहा हूं।

16:45

उसको बोलते हैं सुपर प्रॉफिट। वो होगा तभी

16:47

गुडविल होगी। फैक्टर्स अफेक्टिंग गुडविल

16:48

क्या? नेचर ऑफ़ बिज़नेस। बिज़नेस का नेचर

16:50

अच्छा है। है ना? नेचर अच्छा है मतलब प्लस

16:52

हाई वैल्यू प्रोडक्ट बना रही है तो भी

16:54

गुडविल ज्यादा होगी। अदरवाइज़ गुडविल कम

16:56

होगी। अच्छी लोकेशन में बिज़नेस है तो

16:57

गुडविल ज्यादा होगी। अदरवाइज़ कम होगी।

16:59

एफिशिएंसी ऑफ़ मैनेजमेंट अच्छा मैनेजमेंट

17:01

है तो गुडविल अच्छी होगी। खराब मैनेजमेंट

17:03

है गुडविल खराब होगी। मार्केट सिचुएशन

17:05

मोनोपोली कंडीशन। आप अकेले मालिक हो तो

17:07

गुडविल अच्छी होगी। अगर बहुत सारे माल

17:08

लेके तो शायद गुड अच्छी नहीं हो। लो

17:10

स्पेशल एडवांटेज द फर्म दैट एंजॉय स्पेशल

17:12

एडवांटेज लाइक इंपोर्ट लाइसेंस लो रेट

17:14

अशर्ड सप्लाई इलेक्ट्रिसिटी लॉन्ग टर्म

17:16

कॉन्ट्रैक्ट फॉर सप्लाई मटेरियल वेल नोन

17:18

एस कोलैबोरेटर है ना पेटेंट्स ट्रेडमार्क

17:21

तो भाई ऐसी कंपनी जिनको ये सारी चीजें

17:23

ईजीली मिल जाती हैं उनकी गुडविल ज्यादा

17:25

होगी अदरवाइज कम क्यों पड़ती है गुडविल की

17:27

जरूरत पड़ती है कोई नया पार्टनर एडमिट

17:29

होता है कोई पार्टनर रिटायर होता है किसी

17:31

की डेथ होती है रेशियो को चेंज करते हैं

17:32

बिनेस बंद कर देते हैं या फिर आप अपना

17:34

एमल्गमेशन कर रहे हो दो या दो से ज्यादा

17:36

बिज़नेस आपस में जुड़ के एक तीसरा बिज़नेस

17:38

बनाते हैं या फिर एक बड़ा बिज़नेस छोटे

17:40

बिज़नेस को पूरी तरीके से खा लेता है। उस

17:41

सिचुएशन में भी आपको गुडविल की कैलकुलेशन

17:44

की जरूरत पड़ती है। अगर मैं मेथड्स की बात

17:46

करूं तो आपको पता है तीन तरह के मेथड होते

17:48

हैं। एवरेज प्रॉफिट मेथड, सुपर प्रॉफिट

17:50

मेथड और कैपिटलाइज़ मेथड। कैपिटलाइजेशन

17:52

मेथड। ठीक है? तो एवरेज प्रॉफिट मेथड क्या

17:55

है? देखते हैं एक सेकंड। एवरेज प्रॉफिट

17:57

मेथड, सुपर प्रॉफिट मेथड और कैपिटलाइजेशन

17:59

मेथड। तो, मेथड ऑफ़ वैल्यू्यूएशन ऑफ़

18:01

गुडविल। ये रहा मेथड ऑफ़ वैल्यू्यूएशन। ये

18:03

रहा एवरेज प्रॉफ़िट, सुपर प्रॉफ़िट और

18:05

कैपिटलाइज़ेशन मेथड। एवरेज प्रॉफिट मेथड से

18:08

क्या कैसे निकालते हैं गुडविल एवरेज

18:09

प्रॉफिट्स इन नंबर ऑफ ईयर परचेस सुपर

18:11

प्रॉफिट मेथड से सुपर प्रॉफिट * नंबर ऑफ

18:14

ईयर परचेस सुपर प्रॉफिट कैसे निकलेगा

18:15

एवरेज माइनस नॉर्मल प्रॉफिट नॉर्मल

18:17

प्रॉफिट कैसे निकलेगा कैपिटल एंप्लॉयड

18:18

इंटू रेट अप 100 कैपिटल एंप्लॉयड कैसे

18:20

निकलेगा एसेट्स माइनस लायबिलिटी या कैपिटल

18:22

अकाउंट बैलेंससेस प्लस रिजर्व राइट तो ये

18:25

रहा नॉर्मल प्रॉफिट कैसे निकलेगा फर्म की

18:26

कैपिटल इंटू रेट अप 100 तो फर्म कैपिटल

18:29

इंक्लूड्स पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट बैलेंस

18:30

रिज़र्व एंड सरप्लस लेकिन फिक्टीसियस एसेट

18:33

और गुडविल को नहीं लेते जब हम कैपिटल

18:34

एंप्लॉयड की कैलकुलेट कैलकुलेशन करते

18:36

सीयूईटी का मनपसंदीदा सवाल रहता है। ये द

18:38

स्टेप्स इनवॉल्व इन द अंडर अंडर दिस मेथड।

18:41

तो भ कौन-कौन से स्टेप से कैलकुलेशन की

18:43

जाती है? तो सबसे पहले एवरेज प्रॉफिट

18:45

निकालो। फिर नॉर्मल प्रॉफिट से सुपर

18:46

प्रॉफिट फिर गुडविल। ध्यान रखना एवरेज

18:48

प्रॉफिट निकालो। नॉर्मल प्रॉफिट निकालो।

18:50

फिर सुपर प्रॉफिट निकलेगा। एवरेज माइनस

18:52

नॉर्मल फिर आपका आ जाएगा गुडविल। सुपर

18:54

प्रॉफिट नंबर ऑफ ईयर परचेस। तो ये सब तो

18:56

हो गया क्लास आपका न्यूमेरिकल पोर्शन। नाउ

18:58

तो ये तो हो गया आपका न्यूमेरिकल। अच्छा।

19:00

अगला है कैपिटलाइजेशन मेथड। अंडर दिस

19:02

मेथड। गुडविल कैन बी कैलकुलेटेड इन टू वेज़

19:04

कैपिटलाइजेशन ऑफ़ एवरेज प्रॉफिट,

19:06

कैपिटलाइज़ेशन ऑफ़ सुपर प्रॉफिट।

19:07

कैपिटलाइजेशन ऑफ़ एवरेज प्रॉफिट से स्टेप्स

19:09

क्या-क्या है? तो पहले फार्मूला बताओ क्या

19:11

होता है? कैपिटलाइज़ प्रॉफिट माइनस नेट

19:12

एसेट। नेट एसेट मतलब एसेट माइनस

19:14

लायबिलिटी। कैपिटलाइज़ प्रॉफिट मतलब क्या

19:15

होता है? एवरेज प्रॉफिट * 100 / रेट ऑफ

19:18

रिटर्न। तो, सबसे पहले एवरेज प्रॉफ़िट

19:20

निकालेंगे। फिर कैपिटलाइज़ेशन ऑफ़ एवरेज

19:22

प्रॉफ़िट निकालेंगे। फिर फर्म की जो

19:24

एक्चुअल कैपिटल है, वह निकालेंगे। और फिर

19:26

आपने क्या करना है? कंप्यूट करना है।

19:28

कैपिटल ही तो नेट एसेट होता है। फिर आपने

19:29

कंप्यूट करना है गुडविल बाय डिडक्टिंग

19:31

सेकंड और थर्ड। तो सबसे पहले आप एवरेज

19:33

प्रॉफ़िट निकालो। फिर आपने 100 एवरेज

19:36

प्रॉफिट टू 100 / रेट ऑफ रिटर्न करो।

19:38

कैपिटलाइज़ वैल्यू ऑफ़ बिज़नेस आएगा। उसके

19:41

बाद कैपिटल एंप्लॉयड निकालो। और फिर लास्ट

19:43

में जो कैपिटलाइज़ वैल्यू ऑफ़ एसेट्स से घटा

19:45

दो कैपिटल एंप्लॉयड। आपका गुडविल आ जाएगा

19:47

कैपिटाइज़ेशन ऑफ़ सुपर नॉर्मल प्रॉफ़िट से।

19:49

अगला है कैपिटलाइज़ेशन ऑफ़ सुपर प्रॉफ़िट। अब

19:50

इस सिचुएशन में सबसे पहले कैपिटल निकालो।

19:53

फिर नॉर्मल प्रॉफ़िट निकालो। फिर एवरेज

19:54

प्रॉफ़िट निकालो। फिर सुपर प्रॉफ़िट निकालो।

19:56

फिर सुपर प्रॉफिट * 100/ रेट ऑफ रिटर्न ये

19:59

आएगा सुपर प्रॉफिट मेथड से गुडविल का

20:01

फार्मूला। इन अदर वर्ड गुडविल इज़

20:03

कैपिटलाइज वैल्यू ऑफ़ सुपर प्रॉफिट। द

20:06

अमाउंट ऑफ गुडविल वर्क आउट बाय दिस मेथड

20:08

इज़ एग्जैक्टली सेम कैलकुलेट बाय

20:10

कैपिटलाइजेशन ऑफ़ एवरेज। तो कैपिटलाइजेशन

20:11

ऑफ़ सुपर प्रॉफिट मेथड और कैपिटलाइज़ेशन ऑफ़

20:13

एवरेज प्रॉफिट मेथड से जो आंसर आएगा

20:15

बिल्कुल सेम आएगा। व्हेन न्यू पार्टनर

20:17

डज़ंट ब्रिंग एनी गुडविल फॉर कैश। नया

20:19

पार्टनर गुडविल लेके नहीं आता तो न्यू

20:21

पार्टनर्स करंट अकाउंट डेबिट टू ओल्ड

20:22

पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट। लाएगा तो बैंक

20:24

अकाउंट डेबिट टू न्यू पार्टनर्स कैपिटल

20:26

अकाउंट और फिर लाते ही बढ़ जाएगा नहीं

20:28

बैंक अकाउंट डेबिट टू प्रीमियम फॉर गुडविल

20:30

नया पार्टनर गुडविल लाएगा और लाते ही बढ़

20:32

जाएगा प्रीमियम फॉर गुडविल अकाउंट डेबिट

20:33

टू ए और बी पुराने पार्टनर्स में किस

20:35

रेश्यो में सैक्रिफाइजिंग रेश्यो के अंदर

20:37

व्हेन गुडविल डज नॉट एक्सिस्ट इन द बुक्स

20:39

सैक्रिफाइजिंग पार्टनर आर क्रेडिटेड टू

20:42

देयर शेयर ऑफ गुडविल एंड न्यू पार्टनर इज़

20:44

डेबिटेड तो न्यू टू ओल्ड एंट्री पास होती

20:46

है ओल्ड को ही क्या बोलते हैं

20:47

सैक्रिफाइजिंग पार्टनर इसलिए न्यू टू

20:48

सैक्रिफाइजिंग इन्होंने यहां पे लिख रखा

20:50

है। अगला है व्हेन गुडविल एग्ज़िस्ट इन द

20:54

बुक्स अगर ओल्ड बैग ओल्ड बुक्स में गुडविल

20:55

राइट ऑफ करेंगे ऑल पार्टनर्स कैपिटल

20:57

अकाउंट डेबिट टु गुडविल ख़तम बात जन एंट्री

20:59

फॉर अंडर दिस मेथड द पार्टनर्स कैपिटल

21:02

अकाउंट डेबिट टू गुडविल गुडविल अपीयर इन द

21:03

बुक्स रिटन ऑफ नरेशन क्या है गुडविल अपीयर

21:06

इन द बुक्स रिटर्न ऑफ गुडविल को हमने राइट

21:07

ऑफ कर दिया फॉर न्यू वैल्यू ऑफ़ गुडविल नया

21:09

पार्टनर गुडविल लेके नहीं आता तो न्यू टू

21:12

ओल्ड हो जाएगा तो जो भी न्यू है इनकम

21:14

पार्टनर्स इनकमिंग पार्टनर्स करंट अकाउंट

21:16

डेबिट टू सैक्रिफाइजिंग पार्टनर्न कैपिटल

21:18

अकाउंट तो न्यू टू ओल्ड तो ओल्ड ही

21:19

सैक्रिफाइस करते हैं और जो नया है वो

21:21

डेबिट हो जाएगा। ठीक है? तो बस ये कुछ

21:23

एंट्रीज हैं। एप्लीकेबिलिटी ऑफ़ एएस 26। अब

21:25

ये चीज लिख लो। ये चीज तुम खुद बताना।

21:28

तुमने पूरे साल ये चीज कहीं नहीं पढ़ी है।

21:30

लेकिन मैं तुम्हें ये चीज भी करा के भेज

21:32

रहा हूं कि पेपर में आ गया तो कोई नहीं कर

21:34

पाएगा लेकिन तुम कर लोगे। और यही तुम्हें

21:36

सीयूईटी में सबसे आगे निकालता है। सीयूईटी

21:38

में पेपर आसान आया तो भी टेंशन है। अगर

21:41

आसान आ गया तो हर कोई कर लेगा। टफ आया तो

21:43

भी टेंशन है। कट ऑफ लो जाएगी। आसान आया तो

21:46

भी टेंशन है। कट ऑफ हाई जाएगी। तो पेपर

21:48

में वो आप तभी आप सबसे आगे निकलोगे जब वो

21:51

सब चीज किसी को नहीं आती और आपको आती है।

21:53

तो उन सबके नंबर कम आएंगे पर आपके ज्यादा

21:55

आएंगे और आपके एडमिशन हो जाएगा। तो उसमें

21:56

से ये एक बहुत जरूरी चीज है। द

21:58

एप्लीकेबिलिटी ऑफ़ एएस 26 आपको पता है एएस

22:00

26 के अकॉर्डिंग परचेस गुडविल को बुक्स

22:02

में दिखाते हैं। सेल्फ जनरेटेड गुडविल को

22:04

बुक्स में नहीं दिखाते। तो ये क्या कह रहा

22:05

है? ध्यान से समझना। ध्यान से सुनो सारे

22:08

बच्चे। एज़ पर द स्टैंडर्ड इंटेंजिबल एसेट

22:11

एएस 26 इज़ डिफाइंड ऐज़ एन आइडेंटिफिएबल नॉन

22:14

मॉनिटरी विदाउट फिजिकल एग्ज़िस्टेंस। एसेट

22:17

हेल्ड फॉर यूज इन द प्रोडक्शन और सप्लाई

22:19

गुड्स एंड सर्विज फॉर रेंटल टू अदर्स और

22:22

एडमिनिस्ट्रेटिव पर्पस। सिग्निफिकेंट

22:23

रिक्वायरमेंट्स अकॉर्डिंग टू एएस 26 विद

22:26

रिस्पेक्ट टू इंटेंजिबल एसेट। तो सबसे

22:27

पहला क्या है? इंटेंजिबल एसेट शुड बी

22:30

रेग्नाइज़ बाय फुलिंग बाय फुलफिलिंग द

22:33

क्राइटेरिया अह रिकॉग्नाइज़ एज़ अंडर एएस

22:37

26. एएस 26 कहता है कि कोई भी एसेट

22:40

इनटेंजिबल कब होगी? तो, किसी भी एसेट को

22:42

वह क्राइटेरिया पूरा करना चाहिए। तभी वह

22:44

आप क्लास इनटेंजिबल उसे कह सकते हो। इफ एन

22:47

इन एसेट डज़ंट सेटिस्फाई द रेग्नेशन

22:49

क्राइटेरिया तो उसको हम लोग खर्चा

22:51

मानेंगे। उसको हम गुडविल नहीं मानेंगे।

22:53

इंटरनली जनरेटेड गुडविल शुड नॉट बी

22:55

रेग्नाइज़। ये तो पढ़ रखा है आपने वही

22:56

गुडविल बुक्स में दिखाते हैं। जो परचेस

22:58

गुडविल है सेल्फ जनरेटेड को बुक्स में

23:00

नहीं दिखाते। अगला है इंटरनली जनरेटेड

23:03

ब्रांड क्लास मस्ट हेड्स। ठीक है? एंड

23:05

पब्लिशिंग टाइटल एंड अदर अदर सिमिलर इन

23:09

सब्सटेंस शुड नॉट बी रेग्नाइज़ एज़

23:11

इंटेंजिबल एसेट। इंटरनली जनरेटेड एसेट्स

23:14

अदर दन गुडविल ब्रांड एंड मस्ट हेड और

23:17

क्लास

23:20

मस्ट हेड्स है ना और पब्लिशिंग टाइटल मे

23:22

बी रेग्नाइज़ प्रोवाइड बाय देयर सेटिस्फाई

23:25

रेग्निशन क्राइटेरिया एज़ प्रिस्राइब बाय

23:27

एएस 26 तो देखो किस एसेट को आपने मानना है

23:31

इंटेंजिबल एसेट वो एएस 26 आपको बताएगा आप

23:34

अपने हिसाब से नहीं मानोगे भले ही अगर

23:36

आपने वह खुद बनाई है तब भी खरीदी है तब भी

23:38

इंटेंजिबल एसेट शुड बी रिटन ऑफ एज अर्ली

23:41

पॉसिबल बट नॉट एक्स एक्सीडिंग एस्टीमेट

23:43

लाइफ व्हिच इज़ नॉर्मली शुड नॉट बी बियड 10

23:45

ईयर। ध्यान रखना इंटेंजिबल एसेट जितने भी

23:48

खरीदी उसे जल्दी से जल्दी आपको राइट ऑफ

23:50

करना है बट नॉट एक्सीडिंग द एस्टीमेट

23:52

लाइफ। जो एसेट की लाइफ है उससे ज्यादा

23:53

नहीं जाना चाहिए। उसके अंदर-अंदर आपको

23:55

क्लास उसको राइट ऑफ कर देना है। लेकिन फिर

23:57

भी वो 10 साल से ज्यादा नहीं जाना चाहिए।

23:59

एएस 26 इंप्ल्लाई दैट परचेस गुडविल को हम

24:02

बुक्स में दिखाते हैं। सेल्फ जनरेटेड

24:03

गुडविल को बुक्स में नहीं दिखाते और इट

24:06

शुड बी रिटन ऑफ इन अ पीरियड नॉट एक्सीडिंग

24:08

10 इयर्स। 10 साल के अंदर-अंदर उस परचेस

24:10

गुडविल को हमें राइट ऑफ करना है। मतलब कि

24:12

बैलेंस शीट से उठा के पीएंडएल के अंदर

24:14

भेजना है। और सेल्फ जनरेटेड गुडविल इज़ नॉट

24:16

अकाउंटेड। उसको हमें बुक्स में दिखाना ही

24:19

नहीं है। जो हमारी सेल्फ जनरेटेड गुडविल

24:21

है उसको दिखाना ही नहीं है हमें बुक्स

24:22

में। ठीक है? नेक्स्ट है हिडन गुडविल।

24:24

समटाइम द वैल्यू ऑफ़ गुडविल इज़ नॉट गिवन अ

24:27

टाइम ऑफ़ एडमिशन ऑफ़ अ न्यू पार्टनर। इन सच

24:28

सिचुएशन इट हैज़ टू बी इनफर्ड। ध्यान रखना

24:31

हिडन गुडविल को ना इनफर्ड गुडविल भी कहते

24:34

हैं। इनफर्ड फ्रॉम द अरेंजमेंट ऑफ़ द

24:36

कैपिटल एंड प्रॉफ़िट शेयरिंग रेशियो। नए

24:37

पार्टनर की कैपिटल और नए पार्टनर की

24:39

प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो के मदद से हम वो

24:41

गुडविल निकालते हैं। एडजस्टमेंट्स इन

24:44

एक्यूमुलेटेड प्रॉफिट लॉसेस सम टाइम अ

24:46

फर्म मे हैव एक्यूमुलेटेड प्रॉफिट्स नॉट

24:48

गेट ट्रांसफर टू कैपिटल अकाउंट ऑफ़ पार्टनर

24:50

दीज़ आर यूजली इन फॉर्म ऑफ़ जनरल रिजर्व

24:53

पीएंडएल द न्यू पार्टनर इज़ नॉट एंटाइटल

24:56

एनी शेयर इन सच एक्यूमुलेटेड प्रॉफिट्स।

24:58

वो आज आया है तो हमारे पास जो भी हमने

25:00

पुराना शेयर इकट्ठा किया हुआ है उसमें

25:02

उसको कुछ नहीं मिलेगा। दीज़ आर

25:03

डिस्ट्रीब्यूट अमंग द पार्टनर्स इन देयर

25:05

ओल्ड प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो। कैपिटल

25:07

अकाउंट या करंट अकाउंट कहीं भी ट्रांसफर

25:08

करो लेकिन ओल्ड प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो

25:10

में उसको हम ट्रांसफर करेंगे। ये सब

25:12

क्वेश्चन बन जाएंगे बेटा जो मैंने तुमको

25:14

करा रखे हैं उस बेसिस पे। रिवैल्यूएशन एट

25:16

अ टाइम ऑफ़ एडमिशन ऑफ़ न्यू पार्टनर इज़

25:18

ऑलवेज डिस डिज़ायरेबल टू असर्टेन वेदर द

25:20

एसेट्स ऑफ़ द फर्म आर शोन इन द बुक्स और

25:22

देयर करंट वैल्यू। इन सच केस एसेट्स आर

25:25

ओवरस्टेड और अंडरस्टेड। दीज़ आर रिवैल्यूड।

25:27

अगर कभी भी कोई भी नया पार्टनर आता है,

25:29

कोई पार्टनर रिटायर होता है, किसी की डेथ

25:31

होती है या फिर अपनी रेशियो को चेंज करते

25:33

हैं। हमें ज़रूरी है हमें निकाल लेना

25:35

रिवैल्यूएशन का गेन लॉस कि एसेट और

25:37

लायबिलिटी की दोबारा वैल्यू्यूएशन करके

25:39

कोई फायदा कोई नुकसान तो नहीं हो रहा। द

25:41

गेन और लॉस ऑन रिवैल्यूएशन ऑफ़ ईच एसेट एंड

25:43

लायबिलिटी इज़ ट्रांसफरर्ड टू देयर अकाउंट

25:45

एंड फाइनली इट्स बैलेंस ट्रांसफर टू

25:47

कैपिटल अकाउंट इन ओल्ड प्रॉफिट शेयरिंग

25:49

रेशियो। कुल मिला के रिवैल्यूएशन का जो भी

25:51

गेन और जो भी लॉस है, वह पुराने पार्टनर्स

25:53

में बट जाएगा। उन्हीं की

25:56

ओल्ड रेशियो के अंदर। अगला है रिटायरमेंट

25:59

एंड डेथ। रिटायरमेंट एंड डेथ। एसेट

26:02

रिटायरमेंट के अंदर क्या-क्या? अब जो भी

26:04

पार्टनर छोड़ के जा रहा है वो क्या-क्या

26:06

लेके जाएगा और उसको एक पब्लिक नोटिस देना

26:08

है। तभी उसकी लायबिलिटी बिनेस से खत्म

26:10

होगी। जो भी पार्टनर छोड़ के जा रहा है

26:12

उसको हम कैपिटल बैलेंस देंगे। क्रेडिट

26:13

बैलेंस क्रेडिट बैलेंस ऑफ़ करंट अकाउंट

26:15

देंगे। उसके हिस्से की गुडविल देंगे।

26:16

एक्यूमुलेट प्रॉफिट देंगे। रिवैल्यूएशन का

26:18

गेन जो भी आ रहा है या लॉस आ रहा है

26:20

लेंगे। गेन आ रहा है देंगे। हिज़ शेयर ऑफ़

26:22

प्रॉफ़िट। उसके हिस्से का प्रॉफिट देना है

26:23

अप टू रिटायरमेंट या अप टू डेथ इंटरेस्ट

26:25

ऑन कैपिटल देना है सैलरी देना है करंट

26:27

अकाउंट का बैलेंस लेना है उससे उसके

26:28

हिस्से की गुडविल देनी है जो बैलेंस शीट

26:31

में गुडविल है वो लेना है एक्यूमुलेट

26:32

लॉसेस को लेना है है ना रिवैल्यूएशन का

26:34

गेन दिया था लॉस लेना है आपने और उसका

26:37

हिस्से का लॉस लेना है अप टू डेट ऑफ़

26:39

प्रॉफिट ड्रॉइंग और इंटरेस्ट ड्रॉइंग ये

26:40

सारी चीजें हमें उससे लेनी है। अगर नए

26:42

रेशियो की बात करें कंसीडर द फॉलोइंग

26:44

सिचुएशन नॉर्मली द कंटिन्यूइंग पार्टनर

26:46

एक्वायर द शेयर ऑफ रिटायरिंग पार्टनर इन

26:48

देयर ओल्ड प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो ध्यान

26:51

रखना जो रिमेनिंग पार्टनर है वो रिटायरिंग

26:54

पार्टनर को जो गुडविल देते हैं वो ओल्ड

26:56

रेश्यो में देते हैं। ठीक है? एंड देयर इज़

26:59

नो नीड टू कंप्यू्यूट द न्यू रेशियो न्यू

27:02

रेशियो एज़ इट इज़ सेम एज ओल्ड प्रॉफिट

27:04

शेयरिंग रेशियो। ए बी सी तीन पार्टनर बी

27:05

चला गया। तो A और C की जो रेश्यो है वही

27:07

न्यू रेशियो वही गेनिंग रेशियो। तो ये कह

27:09

रहा है आपको कैलकुलेट नहीं करना है। दी

27:11

कंटिन्यूइंग पार्टनर मे एक्वायर जो बचे

27:13

हुए जो पार्टनर है वो प्रॉफिट ले सकते हैं

27:16

रिटायरिंग पार्टनर से डिसीज पार्टनर से।

27:18

अगर कुछ नहीं लिखा तो अपनी ही शेयरिंग में

27:20

वो रेशियो ले लेंगे। मतलब ए बी सी की

27:22

रेशियो 3 1 है। टू वाला चला गया 3:1 में

27:25

वो रिमेन जो पार्टनर छोड़ के जा रहा है

27:26

उससे शेयर 3:1 में लेंगे। अगर क्वेश्चन

27:28

साइलेंट है तो और क्वेश्चन कह रहा है इस

27:30

रेशियो में देंगे तो फिर उस रेशियो में दे

27:32

दो। द रेशियो इन व्हिच कंटिन्यू पार्टनर

27:34

हैव एक्वायर्ड द शेयर फ्रॉम द रिटायरिंग

27:36

पार्टनर। तो रिटायरिंग पार्टनर से शेयर ले

27:38

रहा है कंटिन्यूइंग पार्टनर तो उसे क्या

27:40

बोलते हैं? उस रेश्यो को क्या बोलते हैं?

27:41

गेनिंग रेश्यो। और गेनिंग रेशियो का

27:43

फार्मूला क्या होता है? न्यू रेश्यो माइनस

27:45

ओल्ड रेश्यो।

27:47

ठीक है? तो न्यू शेयर माइनस ओल्ड शेयर आ

27:50

जाएगा आपका गेनिंग। और ओल्ड शेयर प्लस

27:52

एक्वायर शेयर करेंगे तो क्या आ जाएगा

27:53

आपका? न्यू रेश्यो। व्हेन गुडविल डज़ंट

27:56

अपीयर इन द बुक्स। गुडविल अपीयर नहीं है

27:58

बुक्स में। एडिशन पॉइंट में गुडविल है। तो

27:59

आप एंट्री क्या पास करोगे? रिमेनिंग टू

28:01

रिटायरिंग इन गेनिंग रेशियो या गेनिंग टू

28:03

सैक्रिफाइजिंग बोल सकते हैं। जो पार्टनर

28:05

गेन कर रहा है वो जो रिटायर कर रहा है वो

28:07

नीचे आ जाएगा। किस किस रेशियो में एंट्री

28:09

पास होगी? इन गेनिंग रेशियो नॉट

28:10

सैक्रिफाइजिंग इन गेनिंग रेशियो। इट मे

28:13

आल्सो हैपन दैट एज अ रिजल्ट ऑफ़ डिसीजन ऑन

28:15

द न्यू प्रॉफिट शेयरिंग रेशियो अमंग द

28:18

रिमेनिंग पार्टनर अ कंटिन्यूइंग पार्टनर

28:20

मे आल्सो सैक्रिफाइस। ऐसा भी हो सकता है

28:22

कि किसी के जाने से रिमेनिंग पार्टनर गेन

28:25

नहीं कर रहे। उसमें से एक बंदा सैक्रिफाइस

28:26

और कर रहा है। इट मे हैपन। ऐसा हो सकता है

28:29

और उस केस में मैंने समझाया था क्या करना

28:30

है? माइनस का साइन जिसका लगा है उसकी साइड

28:33

को चेंज कर दो और चेंज करने के बाद

28:35

मल्टीप्लाई पूरे फर्म की गुडविल से करो।

28:36

तो गेन की जगह कोई पार्टनर सैक्रिफाइस

28:38

करता है तो साइड को चेंज करके मल्टीप्लाई

28:40

पूरे फर्म की गुडविल से करना है। अगर कोई

28:42

पार्टनर बीच से छोड़ के चला जाता है।

28:44

नॉर्मली रिटायरमेंट ऑफ़ अ पार्टनर टेक

28:46

प्लेस एट द एंड ऑफ़ द एकाउंटिंग ईयर। बट

28:48

देयर कैन बी केस व्हेयर अ पार्टनर डिसाइड

28:50

टू रिटायर इन द मिडिल ऑफ़ द ईयर। इन सच केस

28:52

द क्लेम शैल इंक्लूड द शेयर ऑफ़ प्रॉफिट।

28:54

उसके हिस्से का प्रॉफिट देंगे, लॉस चार्ज

28:56

करेंगे, आईओसी देंगे। आईओ डी चार्ज

28:58

करेंगे, ड्रॉइंग चार्ज करेंगे फ्रॉम द डेट

29:00

ऑफ़ लास्ट बैलेंस शीट टू टिल द डेट ऑफ़

29:02

रिटायरमेंट। हियर द मेन प्रॉब्लम रिलेट द

29:04

कैलकुलेशन ऑफ़ प्रॉफिट कि भ प्रॉफिट कैसे

29:06

निकालेंगे? हमारा प्रॉफिट साल के एंड में

29:08

आने वाला था। आज आप छोड़ के चले गए तो ये

29:09

अंदाजे से प्रॉफिट कैसे निकालेंगे? वो एक

29:11

मेन प्रॉब्लम है। अदरवाइज़ कोई प्रॉब्लम

29:13

नहीं है। जो छोड़ के जाना चाहता है उसको

29:14

उसका पेमेंट कर देंगे। डिस्पोजल ऑफ़ अमाउंट

29:17

ड्यू टू रिटायरिंग पार्टनर। कैसे देंगे?

29:19

ध्यान रखना। आउटगोइंग पार्टनर अकाउंट इज़

29:21

सेटल एज़ पर द टर्म्स ऑफ़ पार्टनरशिप डीड इन

29:23

लमसम इमीडिएटली और वेरियस इंस्टॉलमेंट।

29:26

तुरंत दे देंगे या किस्तों में दे देंगे।

29:27

इसके लिए लोन अकाउंट आपने सीखा हुआ है विद

29:29

और विदाउट इंटरेस्ट दे सकते हैं। जो उनके

29:32

बीच में एग्री हुआ है वो। लेकिन इन द

29:34

एब्सेंस ऑफ़ एग्रीमेंट अगर आपने कोई भी

29:36

एग्रीमेंट नहीं बनाया तो कौन सा सेक्शन

29:38

लिख लेना। सेक्शन 37 ऑफ़ इंडियन पार्टनरशिप

29:40

एक्ट 1932 कहता है इज़ एप्लीकेबल जो कहता

29:43

है भैया 6% का इंटरेस्ट मिलेगा जो पार्टनर

29:45

छोड़ के जा रहा है उसके बैलेंस पे। ठीक है?

29:47

तो रिटायरिंग पार्टनर को पे करोगे कैश। तो

29:49

रिटायरिंग पार्टनर्स टू कैश। लोन में

29:51

डालोगे रिटायरिंग पार्टनर्स टू रिटायरिंग

29:52

पार्टनर्स लोन अकाउंट। दैट्स इट। खत्म।

29:55

नेक्स्ट है डेथ ऑफ अ पार्टनर। बिल्कुल सेम

29:58

टू सेम जो रिटायरमेंट का कांसेप्ट है सेम

29:59

टू सेम वही डेथ का कांसेप्ट है। है ना? तो

30:02

क्या लिखा है डेथ में? गेनिंग पार्टनर

30:04

कैपिटल अकाउंट टू प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट।

30:06

ध्यान रखना रिमेनिंग टू रिटायरिंग है।

30:08

इसको गेनिंग टू सैक्रिफाइजिंग भी बोलेंगे।

30:11

जो सबसे पहला एक सेकंड एक सबसे पहले

30:14

इन्होंने क्या किया? सबसे पहले डिसीज

30:16

पार्टनर का शेयर ऑफ प्रॉफिट जो है ना वो

30:18

इन्होंने ट्रांसफर किया प्रॉफिट एंड लॉस

30:20

में। देखो सबसे पहले जब कभी भी डेथ होती

30:24

है जिसकी डेथ हो रही है उसके हिस्से का

30:26

प्रॉफिट देने के लिए अभी एंट्री पास करते

30:28

हो पीएंडएल सस्पेंस अकाउंट डेबिट टू डिसीज

30:30

पार्टनर्स कैपिटल अकाउंट और लॉस हो गया तो

30:32

डिसीज पार्टनर कैपिटल अकाउंट डेबिट टू

30:33

पीएंडएल सस्पेंस तो ये वही प्रॉफिट को

30:35

कैपिटल में डालने की एंट्री है। अब

30:37

प्रॉफिट कैसे निकालेंगे? या तो पिछले साल

30:39

के बेसिस पे या एवरेज बेसिस पे या फिर

30:41

क्लास हम सेल्स बेसिस पे निकाल सकते हैं।

30:44

लेटर प्रॉफिट एंड लॉस सस्पेंस अकाउंट इज़

30:45

क्लज़। फिर यह जो पीडल सस्पेंस अकाउंट है

30:47

उसको क्लज़ करेंगे। तो गेनिंग पार्टनर्स टू

30:50

पीएंडएल सस्पेंस या फिर डायरेक्टली एंट्री

30:52

कर सकते हो गेनिंग टू डिसीज या फिर

30:55

रिमेनिंग टू डिसीज। ठीक है? और यह किसकी

30:57

एंट्री थी? जरा मुझे बताओ। किसकी एंट्री

31:00

थी? यह एंट्री थी प्रॉफिट लॉस की। ठीक है?

31:04

यह क्वेश्चन है। आप चाहो तो अपने आप बना

31:05

सकते हो। नेक्स्ट है डिसोल्यूशन। बहुत

31:08

इंपॉर्टेंट है। डिसोल्यूशन से ना थ्योरी

31:10

आती है बच्चे। तो बहुत जरूरी है।

31:15

ध्यान से समझना। दिन-रा मेहनत चल रही है

31:17

क्लास। आंखों आंखों की पलकें इतनी भारी हो

31:19

गई थोड़ा सा भी झुकाते ही ना ऐसा लगता है

31:21

कि ट्रूली बता रहा हूं अपनी रोजी पे खड़ा

31:23

हूं। ऐसा लगता है कि खड़े-खड़े यहीं पड़

31:24

जाऊं बस नीचे वीडियो बनती रहेगी बाद में

31:27

एडिट करके डाल दूंगा। इतनी थकान इतनी बॉडी

31:29

टूट चुकी है। लेकिन मैं जानता हूं पांच

31:31

दिन बहुत कम होता है अकाउंटेंसी का पूरा

31:33

सिलेबस रिवीजन कराने के लिए। स्पेशली जब

31:35

आप फिजिकल पढ़ के आए हो सब कुछ दिमाग से

31:37

जा चुका है। तो मैं बहुत तन मन धन से आप

31:39

लोगों के लिए मेहनत कर रहा हूं। तो प्लीज

31:41

थोड़ा सा अच्छे से पढ़ाई करो घर पे। कुछ

31:43

दिन और पढ़ लो। सब अच्छे से हो जाएगा। ठीक

31:44

है? डोंट वरी। डिसोल्यूशन ऑफ़ पार्टनरशिप

31:47

एज स्टेटेड अर्लियर डिसोल्यूशन ऑफ़

31:48

पार्टनरशिप चेंजज़ द एकज़िस्टिंग रिलेशनशिप

31:51

इन पार्टनर्स बट फर्म मे कंटिन्यू इट्स

31:53

बिज़नेस बिफोर। पहले फर्म चलता था अब नहीं

31:55

चलेगा। तो भैया इस सिचुएशन के अंदर

31:57

क्या-क्या होगा क्लास? इन अदर द फॉलोइंग

31:59

केसेस चेंज इन द एकज़िस्टिंग प्रॉफिट

32:01

शेयरिंग रेशियो, एडमिशन ऑफ़ अ न्यू

32:03

पार्टनर, रिटायरमेंट, डेथ है ना? ये सारी

32:06

चीजें तो रिकॉन्स्टिट्यूशन था यानी

32:07

डिसोल्यूशन ऑफ़ पार्टनरशिप था। लेकिन

32:09

डिसोल्यूशन ऑफ़ फर्म में क्या है?

32:10

पार्टनरशिप पूरी तरीके से बंद हो चुका है।

32:12

अब क्लास। ये देखो डिसोल्यूशन ऑफ अ

32:14

पार्टनरशिप फर्म मे टेक प्लेस विदाउट द

32:16

इंटरवेंशन ऑफ कोर्ट और बाय कोर्ट ऑर्डर।

32:18

ये भी देखो पेपर में सवाल आ चुका है कि भ

32:20

डिसोल्यूशन जो होगा क्या वो कोर्ट ऑर्डर

32:22

से होगा? सिर्फ नहीं बिना कोर्ट ऑर्डर के

32:24

भी हो सकता है, कोर्ट ऑर्डर से भी हो सकता

32:25

है। इट मे नोटेड दैट डिसोल्यूशन ऑफ़ फर्म

32:27

नेसली ब्रिंग अ डिज़ ऑफ़ पार्टनरशिप। अगर

32:29

फर्म बंद हो गई, तो पार्टनरशिप भी समझ लो

32:31

खत्म हो गई। हाउएवर पार्टनरशिप वुड नॉट

32:34

नेसेसरी द इनवॉल्व ऑफ़ डिसोल्यूशन ऑफ़ फर्म।

32:36

अगर पार्टनरशिप खत्म हो गई, तो फर्म खत्म

32:39

हो जाएगी। इसकी कोई गारंटी नहीं। लेकिन

32:40

फर्म खत्म हो गई तो पार्टनरशिप भी जो खत्म

32:42

हो गई।

32:44

तो डिसोल्यूशन ऑफ़ फर्म टेक प्लेस इन द

32:46

फॉलोइंग वेज़। पहला बाय एग्रीमेंट। बहुत

32:48

इंपॉर्टेंट पेज है जो मैं तुम्हें करा रहा

32:49

हूं। बाय एग्रीमेंट यानी प्रॉपर एग्रीमेंट

32:51

बना के सबकी सहमति लेके बिज़नेस को बंद कर

32:53

सकते हैं। बीच में कॉन्ट्रैक्ट बना सकते

32:55

हैं आपस में। सेकंड पॉइंट है आपका कंपलसरी

32:59

डिसोल्यूशन। जब बंद करना अनिवार्य हो जाए।

33:01

जब सारे पार्टनर को छोड़ के सारे पार्टनर

33:03

इनॉल्वेंट हो जाए एक को छोड़ के। व्हेन

33:05

बिज़नेस ऑफ़ फर्म बिकम इललीगल। इललीगल

33:06

बिज़नेस हो गया। और सम व्हेन समवन इवेंट

33:09

हैज़ टेकन प्लेस व्हिच मेक्स इट अनलॉफुल

33:11

फॉर द पार्टनर्स टू कैरी इन द बिज़नेस। कुछ

33:13

ऐसा हो गया जिस जैसे आपका बिजनेस अनलॉफुल

33:15

हो जाएगा। कोई नया नियम कानून आ गया भैया

33:17

आज के बाद आपका बिज़नेस इललीगल हो गया। ऑन

33:19

हैपनिंग ऑफ़ सर्टेन कंटिंजेंसी सर्टेन

33:22

इवेंट तो क्या-क्या हो सकता है? जब टर्म

33:24

पूरा हो गया है ना तो आप बिज़नेस को बंद कर

33:26

दोगे। इट इफ कॉन्स्टिट्यूट टू कैरी ऑन वन

33:29

और मोर वेंचर बाय कंप्लीशन देयर फॉर वन और

33:32

मोर वेंचर इफ कॉन्सट्यूट टू कैरी एक से

33:34

ज्यादा वेंचर कर रहे हो बाय कंप्लीशन देयर

33:36

ऑफ या फिर बाय डेथ ऑफ अ पार्टनर एजुकेशन

33:39

ऑफ अ पार्टनर एंड सॉल्वेंट डिसोल्यूशन बाय

33:41

नोटिस इन सब केस में क्या होता है

33:43

डिसोल्यूशन बाय हैपनिंग ऑफ सर्टेन

33:45

कंटिंजेंसीज और सर्टेन इवेंट याद है

33:47

डिसोल्यूशन बाय नोटिस आप प्रॉपर नोटिस

33:49

देके बिज़नेस को बंद कर सकते हो कोर्ट भी

33:50

तुम्हारे बिज़नेस को बंद करा सकता है जो

33:52

तुम्हारा पार्टनर दिमाग से खराब हो जाए या

33:54

परमानेंटली इनकैपेबल हो जाए कि मैं ड्यूटी

33:56

नहीं कर सकता है एज अ पार्टनर तो कोर्ट

33:57

आपको ऑर्डर देगी भैया अपना बिज़नेस जो है

33:59

वह बंद कर लो। जब पार्टनर कोई गलत काम

34:01

करेगा और पकड़ा जाएगा मिसकंडक्ट करते हुए

34:03

गिल्टी करते हुए पकड़ा जाएगा तब बिज़नेस

34:05

बंद होगा। जब क्लास कंटिन्यू कॉन्ट्रैक्ट

34:07

को तोड़ रहे हो तो भी आपका बिजनेस बंद हो

34:09

जाएगा। पार्टनर ने अपना सारा इंटरेस्ट

34:10

किसी थर्ड पार्टी को दे दिया तो भी बिज़नेस

34:12

बंद हो जाएगा। मतलब मैं कह रहा हूं भैया

34:14

मैं तो पार्टनर हूं लेकिन मैं इसको पावर

34:15

दे रहा हूं। यह तुम्हारे साथ रहेगा आज के

34:17

बाद। तो भैया ऐसे नहीं कर सकता वो। ठीक

34:18

है? व्हेन अ पार्टनर ट्रांसफर द होल ऑफ

34:21

हिज इंटरेस्ट। अपना पूरा इंटरेस्ट। आपने

34:22

सारी चीजें किसी और को दे दी कि भ यही

34:25

मालिक है। अब सब कुछ यही है। तो ऐसा आप

34:26

नहीं कर सकते। व्हेन अ बिज़नेस ऑफ़ द फर्म

34:28

कैन नॉट बी कैरी। ये कह रहा है कि भैया

34:30

अगर आपका बिज़नेस सिर्फ और सिर्फ लॉस में

34:31

ही चलेगा। चलेगा तो नहीं तो नहीं चलेगा।

34:33

तो कोर्ट कहेगी भैया एक काम करो तू भाई

34:35

बंद कर दे। बिज़नेस तेरे से ना हो पाएगा।

34:37

डिसोल्यूशन ऑफ़ पार्टनरशिप में क्या होता

34:39

है? द बिनेस इज़ नॉट टर्मिनेट। बिज़नेस

34:41

कंटिन्यू रहता है। यहां पे बिज़नेस बंद हो

34:43

जाता है। एसेट्स सेटलमेंट क्या होगा?

34:45

एसेट्स एंड लायबिलिटी रिवैल्यूएशन की जाती

34:47

है नई बैलेंस शीट बनाते वक्त। और यहां पे

34:49

एसेट्स और लायबिलिटी की पेमेंट की जाती

34:51

है। कोर्ट इंटरवेंशन डिसीजन ऑफ़ पार्टनरशिप

34:54

में कोर्ट इंटरवेंशन नहीं करता लेकिन

34:55

डिसीजन ऑफ़ फर्म में कोर्ट इंटरवेंशन करता

34:57

है। यहां पार्टनर्स के बीच किसी प्रकार का

34:59

रिलेशनशिप इस्टैब्लिश होता है। यहां पे

35:01

किसी प्रकार का कोई रिलेशनशिप पार्टनरशिप

35:02

का नहीं है। वो एंड हो गया। क्लोज़र ऑफ़

35:04

बुक्स डू नॉट रिक्वायर एनी क्लोज़र बिकॉज़

35:06

बिज़नेस टर्मिनेट नहीं हुआ। लेकिन यहां पे

35:07

बिज़नेस बंद हो गया। तो भाई बुक्स को सबसे

35:09

पहले क्लोज करोगे। बेटा ये बहुत ज्यादाेंट

35:12

था। सबसे ज्यादा इसका आप प्लीज स्क्रीनशॉट

35:14

ले लो। दिस पेज इज वेरी वेरी वेरीेंट। तो

35:17

प्लीज इसका स्क्रीनशॉट ले लो।

35:20

क्या है जरा देखते हैं। इन द कॉन्टेक्स्ट

35:23

इफ शुड बी इट शुड बी नोटेड दैट सब्जेक्ट

35:25

टू एग्रीमेंट अमंग द पार्टनर द फॉलोइंग

35:28

रूल एज प्रोवाइडेड इन सेक्शन 48 ऑफ

35:30

पार्टनरशिप एक्ट 1932 शैल अप्लाई

35:32

ट्रीटमेंट ऑफ लॉसेस

35:34

लॉसेस इंक्लूडिंग डेफिशिएंसी ऑफ़ कैपिटल

35:37

शैल बी पेड फर्स्ट आउट ऑफ प्रॉफिट नेक्स्ट

35:39

आउट ऑफ कैपिटल लास्टली क्लास क्या करेंगे

35:42

पार्टनर्स देंगे अपनी प्रॉफिट शेयरिंग

35:43

रेशियो में ध्यान रखना लॉस का ट्रीटमेंट

35:45

क्या होगा लॉस की भरपाई पहले प्रॉफिट से

35:47

की जाएगी फिर कैपिटल से फिर जो भी बचेगा

35:49

पार्टनर अपनी प्रॉफिट शेयरिंग में उसको

35:50

लॉस को बियर करेंगे। एप्लीकेशन ऑफ़ एसेट

35:53

बहुतेंट है। ध्यान रखना लिख लो कॉपी में

35:55

या कमेंट्स में सारे बच्चे लिखो। सेक्शन

35:57

48 सीयूईटी का फेवरेट सवाल था ये। अब इस

36:01

साल सैंपल पेपर में भी दे दिया। तो याद

36:03

रखना जो सीयूईटी में आ रहा है वो कहीं ना

36:04

कहीं सीबीएसई भी उसको अडॉप्ट कर रही है।

36:06

तो बी केयरफुल मैं वो सारी चीजें करा के

36:08

ही चल रहा हूं आपको। एप्लीकेशन ऑफ़ एसेट्स।

36:10

आप एसेट को बेचोगे तो कैसे-कैसे पे करोगे?

36:12

पहला इन पेइंग द डेप्ट ऑफ द फर्म टू द

36:14

थर्ड पार्टी। पहले पेमेंट थर्ड पार्टी को

36:16

होगी। फिर पेमेंट हर पार्टनर जो है उसके

36:19

लोन की की जाएगी। फिर कैपिटल की और फिर जो

36:21

बचा कुचा पार्टनर्स प्रॉफिट रेशियो में

36:23

बांट लेंगे। प्राइवेट डेप्ट और फर्म डेप्ट

36:25

के बारे में मैं सिंपल कहानी समझा देता

36:27

हूं। मेरे पास प्राइवेट डेप्ट है। ठीक है?

36:30

तुम और मैं पार्टनर है। तुम दोनों तुम और

36:31

मैं पार्टनर है। मेरे पास प्राइवेट डेप्ट

36:33

है और प्राइवेट घर है। प्राइवेट गाड़ी है।

36:35

तो मैं प्राइवेट प्रॉपर्टी को बेच के पहले

36:37

प्राइवेट डेप्ट की पेमेंट करूंगा। पड़ोसी

36:39

की पेमेंट करूंगा। रिश्तेदारों की पेमेंट

36:41

करूंगा। उसके बाद जो बचेगा वो मैं बिजनेस

36:43

के अंदर लेके आऊंगा। बोलोगे देखो मैं घर

36:45

घर बाहर बेच के इतना पैसा लेके आया हूं।

36:47

उसी तरीके से फर्म की प्रॉपर्टी को बेच के

36:49

पहले फर्म के कर्जों की पेमेंट की जाएगी।

36:51

फिर बचा कुचा पार्टनर्स के अंदर बांट दिया

36:53

जाएगा और पार्टनर उस पैसे से घर लाएगा और

36:55

अपने प्राइवेट डेप्ट की पेमेंट करेगा। तो

36:56

यह ध्यान रखना जिसका डेप्ट है उसकी पेमेंट

36:58

पहले होती है। प्राइवेट डेप्ट की पेमेंट

37:00

पहले प्राइवेट प्रॉपर्टी से करोगे। फर्म

37:02

डेप्ट की पेमेंट फिर फर्म प्रॉपर्टी से

37:04

करोगे पहले। ठीक है? अभी आधा भी नहीं हुआ

37:07

है क्लास। ये इशू ऑफ शर्स बहुत बड़ा

37:08

चैप्टर है। ध्यान से अच्छे से समझना

37:10

क्योंकि मैं वन शॉट के अंदर पूरी की पूरी

37:12

एनसीईआरटी करा रहा हूं। एक-एक चीज एंट्री

37:14

वगैरह सब कुछ ऑल द अफेयर्स ऑफ द कंपनी आर

37:18

गवर्न एस पर द प्रोविजन ऑफ़ कंपनीज़ एक्ट

37:20

2013 द कंपनी मींस अ कंपनी इनकर्पोरेट और

37:23

रजिस्टर्ड अंडर द कंपनीज़ एक्ट। 2013 के

37:26

अकॉर्डिंग जो भी रजिस्टर्ड हुई है कंपनीज़

37:28

एक्ट में उसको हम लोग बोलते हैं कंपनी। और

37:30

बेसिकली कंपनी जो बनती है कंपनी की अगर हम

37:33

बात करें यहां पे तो सबसे पहली जो चीज है

37:36

वो है बॉडी कॉर्पोरेट्स। कंपनी क्या है

37:38

क्लास? बॉडी कॉरपोरेट है। अ कंपनी इज़

37:40

फॉर्म अकॉर्डिंग टू द प्रोविज़ ऑफ़ लॉ

37:42

इनफोर्स फ्रॉम टाइम टाइम। कंपनी बनती

37:44

किससे है? लॉ से। सेपरेट लीगल एंटिटी

37:46

कानूनी की नजरों में एक अलग पहचान है। आप

37:48

मुकद मुकेश अंबानी पे मुकदमा नहीं कर

37:50

सकते। क्योंकि मुकेश अंबानी अलग है।

37:52

Reliance अलग है। तो Reliance की कानूनी

37:53

नजर में अलग पहचान है। आप Reliance के नाम

37:55

पे मुकदमा करो। कंपनी में सारे मेंबर्स की

37:57

लायबिलिटी लिमिटेड होती है। तभी हर कंपनी

37:59

के नाम की आई क्या लिखा रहता है? लिमिटेड।

38:01

अगर मैंने किसी कंपनी में ₹1 लाख लगाया तो

38:03

मेरा ₹1 लाख डूबेगा। उससे ज्यादा नहीं

38:04

जाएगा। पार्टनरशिप में जबकि लायबिलिटी

38:06

अनलिमिटेड होती है। परपचुअल सक्सेशन कंपनी

38:08

कैन बी टर्मिनेटेड ओनली थ्रू लॉ। कंपनी को

38:10

बनाया लॉ के थ्रू जाता है। कंपनी को मारा

38:12

भी लॉ के थ्रू जाता है। कंपनी बंद करना

38:14

हो, खत्म करना हो, है ना? वाइंड अप करना

38:16

हो तो भैया वो लॉ के थ्रू ही होगा। और कोई

38:18

तरीका नहीं कंपनी बंद करने का कि छोड़ो

38:20

मैं अपनी दुकान का शटर गिरा रहा हूं। मैं

38:22

जा रहा हूं। है ना? ऐसा नहीं कह सकते।

38:23

आपको प्रॉपर तरीके से एक प्रोसेस होता है।

38:25

उसको फॉलो करना पड़ेगा। तब कंपनी जाके बंद

38:27

होती है। ठीक है? और परपेचुअल सक्शन कंपनी

38:31

हमेशा चलती रहती है। ओनर मर जाए कोई फर्क

38:33

नहीं पड़ता। रतन टाटा जी नहीं रहे लेकिन

38:34

फिर भी जो टाटा एंटरप्राइजज़ है वो चल रही

38:37

है और वो आगे चलती रहेगी हमेशा कंपनी की

38:39

क्लास एक सील होती है जिसको बोलते हैं

38:40

सिग्नेचर ट्रांसफरेबिलिटी ऑफ़ शेयर्स एक

38:43

दूसरे को आप ईजीली शेयर्स को ट्रांसफर कर

38:45

सकते हो मे सू ऑड टू बी सूट आप आप एज अ

38:48

कंपनी किसी और के ऊपर मुकदमा कर सकते हो

38:50

और कंपनी आपके ऊपर भी कोई और मुकदमा कर

38:53

सकता है तो कंपनी की सेपरेट लीगल एंटिटी

38:55

है कंपनी के टाइम टाइप्स की बात करें पहला

38:57

है कंपनी लिमिटेड बाय शेयर्स अब ये सब चीज

39:00

देखो एनसीआरटी के अंदर है तो क्या पता पूछ

39:02

पूछ लिया जाए तो बिल्कुल भी मिस मत करना।

39:04

सीयूईटी तो कुछ भी निचोड़ के पूछ लेता है।

39:06

बट 12th में भी धीरे-धीरे पॉलिसी फॉलो हो

39:09

रही है। पेपर टफ आ रहे हैं। फिजिकल उसका

39:11

तो देखा ही था आपने मैथमेटिक्स का कैसा

39:12

हुआ 10थ वालों का। तो कहीं ना कहीं वो भी

39:14

सीबीएसई कंडक्ट कराती है। तो सीबीएसई पेपर

39:16

टफ भी बना सकती है। तो बी केयरफुल। ठीक

39:18

है? मैं डरा नहीं रहा। मैं करा तो सारा

39:20

कुछ दूंगा। उसके अंदर से आएगा। लेकिन आपको

39:22

पढ़ के चलना पड़ेगा। राइट? हलवा मत समझना

39:24

इसको। कंपनी लिमिटेड बाय शेयर्स। इन दिस

39:26

केस द लायबिलिटी ऑफ़ इट्स मेंबर इज़ लिमिटेड

39:28

टू द एक्सटेंट ऑफ़ नॉमिनल वैल्यू ऑफ़ शेयर्स

39:30

सेल्ड बाय देम। आपके पास जितने रुपए के

39:32

शेयर्स हैं उसकी जो फेस वैल्यू है ना वो

39:35

तो भाई लिमिटेड है वो आपका डूबेगा नहीं वो

39:37

तो आपको मिलेगा ही मिलेगा बाकी पार्ट का

39:39

क्लास कोई गारंटी नहीं है कंपनी लिमिटेड

39:41

बाय गारंटी इन दिस केस द लायबिलिटी ऑफ़ ऑल

39:43

मेंबर्स टू द अमाउंट दे अंडरटेक टू

39:45

कंट्रीब्यूट द इवेंट ऑफ द कंपनी बीइंग

39:48

वाउंड ऑफ तो भैया गारंटी है कि आपका पैसा

39:50

जो है वो डूबेगा नहीं लायबिलिटी जो भी

39:53

पार्टनर्स की है क्लास वो पार्टनर्स

39:55

कंट्रीब्यूट करेंगे जब बिज़नेस बंद होगा तब

39:57

इन केस इन दिस केस द लायबिलिटी ऑफ़ इट्स

39:59

पार्टनर इज़ लिमिटेड यहां पे पार्टनर की

40:01

लायबिलिटी लिमिटेड है। है ना? भाई आपने

40:03

जितना पैसा लगाया उतना डूबेगा। उससे

40:05

ज्यादा नहीं डूबेगा। अनलिमिटेड कंपनी

40:07

व्हेन देयर इज़ नो लिमिट ऑफ़ द लायबिलिटी।

40:09

यह अनलिमिटेड कंपनी है। तो यहां पे ये

40:11

पार्टनरशिप जैसा हो गया। जितना भी जाएगा

40:13

सब कुछ जो है डूब जाएगा। आपको प्राइवेट

40:15

प्रॉपर्टी को भी देना पड़ेगा। ऑन द बेसिस

40:18

ऑफ़ द फर्म मेंबर। कंपनीज़ आर डिवाइड इंटू

40:20

टू कैटेगरीज़। मेंबर के बेसिस पे थ्री

40:23

कैटेगरीज़ हैं। सॉरी पब्लिक कंपनी। अ

40:26

पब्लिक कंपनी मींस अ कंपनी व्हिच इज़ नॉट अ

40:28

प्राइवेट कंपनी। यह डेफिनेशन है। प्राइवेट

40:30

कंपनी नहीं है वो पब्लिक कंपनी है।

40:32

प्राइवेट कंपनी कौन सी है? जो पब्लिक

40:34

कंपनी नहीं है वो प्राइवेट कंपनी है। ऐसा

40:35

नहीं। सिर्फ पहले वाले के लिए बोला है।

40:37

पब्लिक कंपनी वो कंपनी है जो प्राइवेट

40:38

कंपनी नहीं है। और प्राइवेट कंपनी वो

40:40

कंपनी है जो शेयर्स को फ्रीली ट्रांसफर

40:42

नहीं कर सकते। अ प्राइवेट कंपनी मस्ट हैव

40:45

दो पर्सन होने चाहिए। क्लास एटलीस्ट वन

40:47

पर्सन इन केस वन पर्सन के अंदर एक पर्सन

40:50

होगा। ठीक है? वन पर्सन कंपनी मतलब जहां

40:52

पे एक ही इंसान मालिक होगा। लिमिट द नंबर

40:54

ऑफ इट्स मेंबर टू 200 एक्सक्लूडिंग

40:56

एंप्लाइजज़। तो भैया 200 लोग आपके पास

40:59

मैक्सिमम हो सकते हैं। प्राइवेट कंपनी में

41:01

मैक्सिमम की लिमिट है। अनगिनत लोग हो सकते

41:04

हैं। लेकिन पब्लिक कंपनी में मैक्सिमम

41:06

कितने मेंबर होते हैं? 200 और ये

41:07

एक्सक्लूडिंग इट्स करंट और पास्ट

41:09

एंप्लाइजज़ जो पास्ट एंप्लाइजज़ भी शेयर

41:11

होल्डर होते हैं। कंपनी के शेयर लिए होते

41:13

हैं। तो उनको काउंट नहीं करेंगे 200 के

41:14

अंदर। वन पर्सन कंपनी जहां एक ही कम एक ही

41:17

इंसान होगा। सेक्शन टू सब टू क्लॉज़ 62

41:20

बताता है कि वन पर्सन कंपनी में एक ही

41:23

मेंबर होता है। है ना? रूल थ्री ऑफ़ कंपनीज़

41:25

कॉ इनकॉर्पोरेशन रूल 2014 प्रोवाइड करता

41:28

है। ओनली अ नेचुरल पर्सन बीइंग एन इंडियन

41:31

सिटीजन एंड रेजिडेंट इन इंडिया कैन बी कैन

41:34

बी फॉर्म वन पर्सन कंपनी। तो भैया नेचुरल

41:36

पर्सन होना चाहिए। इंसान होना चाहिए।

41:38

इंडिया का रेजिडेंट होना चाहिए। सिटीजन

41:39

होना चाहिए। वही कंपनी बना सकता है। इट

41:41

कैन नॉट कैरिड आउट फॉर नॉन बैंकिंग

41:44

फाइनेंसियल इन्वेस्टमेंट एक्टिविटी। भैया

41:45

ध्यान रखना ये जो 1% कंपनी नॉन बैंकिंग

41:48

फाइनेंसियल इन्वेस्टमेंट एक्टिविटी नहीं

41:49

कर सकता। पीड अप कैपिटल 50 लाख से ज्यादा

41:51

नहीं हो सकती। एवरेज टर्नओवर पिछले 3

41:54

सालों में 2 करोड़ से ज्यादा नहीं होनी

41:55

चाहिए पर एवरेज। ठीक है? शेयर कैपिटल

41:58

कंपनी बीइंग एन आर्टिफिशियल पर्सन कैन नॉट

42:00

जनरेट इट्स ओन कैपिटल व्हिच नेसेसरी टू

42:03

कलेक्ट फ्रॉम द सेवरल पर्संस। और उन

42:05

पर्संस को बोलते हैं शेयरहोल्डर्स। और

42:07

उनको जो शेयर इशू करते हैं उसको बोलते हैं

42:09

शेयर शेयर का पैसा उनसे जो लेते हैं उसको

42:11

बोलते हैं शेयर कैपिटल।

42:13

कैटेगराइज़ ऑफ़ शेयर कैपिटल। ऑथराइज़ शेयर

42:15

कैपिटल। एक कंपनी लाइफ टाइम में कितने

42:16

शेयर इशू कर सकती है? तो ये लाइन ध्यान

42:18

रखना। एज़ इट इज़ लाइन आती है। ऑथराइज़्ड

42:19

कैपिटल इज़ द अमाउंट ऑफ़ शेयर कैपिटल व्हिच

42:22

अ कंपनी इज़ ऑथराइज़्ड टू इशू बाय इट्स

42:24

मेमोरेंडम ऑफ़ एसोसिएशन। दी कंपनी कैन नॉट

42:27

रेज़ मोर दैन द अमाउंट ऑफ़ कैपिटल। भाई

42:29

जितना मेमोरेंडम एसोसिएशन में ठप्पा लग

42:31

गया मैक्सिमम उतना ही हम फंड रेज़ कर सकते

42:33

हैं जनता से। उससे ज्यादा नहीं। इशूड शेयर

42:35

कैपिटल। ऑथराइज़्ड लाइफटाइम में कितना शेयर

42:37

इशू कर सकते हो? इशूड आपने इस साल कितने

42:39

शेयर्स इशू किए? ऑथराइज़ में से? तो ये

42:41

ऑथराइज़ से कम होगा या बराबर होगा? ज्यादा

42:43

कभी नहीं होगा। है ना? और लिखा है द

42:46

ऑथराइज कैपिटल व्हिच इज नॉट ऑफर्ड फॉर

42:48

पब्लिक सब्सक्रिप्शन अनइशू कैपिटल जो

42:50

मंगवाया ही नहीं है अभी तक उसको बोलते हैं

42:52

अनइशू कैपिटल सब्सक्राइब कैपिटल पार्ट ऑफ

42:54

इशू कैपिटल व्हिच हैज़ बीन एक्चुअली

42:56

सब्सक्राइब लोगों ने कितने शेयर्स

42:57

सब्सक्राइब कर लिया कितने शेयर्स अब बिक

42:59

गया वो अंडर सब्सक्रिप्शन भी हो सकता है

43:01

शेयर्स की एप्लीकेशन कमाई है तो बराबर आई

43:02

है तो फुल्ली सब्सक्राइब ज्यादा आई है तो

43:04

ओवर सब्सक्रिप्शन है ना अंडर सब्सक्रिप्शन

43:07

में भी मिनिमम सब्सक्रिप्शन 90% का होना

43:08

चाहिए ध्यान रखना आगे अच्छा इसके बाद है

43:11

नेक्स्ट कॉल्ड अप कैपिटल जो पैसा आपने

43:13

मंगवाया है पेड अप कैपिटल शेयर होल्डर ने

43:15

जितना पैसा अभी तक पेड कर दिया अनकॉल्ड

43:17

कैपिटल शेयर कैपिटल का वो हिस्सा जो अभी

43:18

तक मंगवाया नहीं है। ठीक है? तो यह रहा

43:21

ऑथराइज़्ड शेयर कैपिटल इसके अंदर इशू आता

43:23

है। अनइशुड्ड कैपिटल इशू के अंदर

43:24

सब्सक्राइब सब्सक्राइब के अंदर सब्सक्राइब

43:26

फुल्ली पेड अप सब्सक्राइब नॉट फुल्ली पेड

43:27

अप जो बैलेंस शीट बनाते हैं ना ये बिल्कुल

43:28

वैसा ही है। तो शेयर्स में बहुत थ्योरी है

43:32

भर-भर के। प्रेफरेंस शेयर्स सेक्शन 43।

43:35

ध्यान रखना कौन सा सेक्शन है? सेक्शन 43।

43:37

अ प्रेफरेंस शेयर्स इज़ वन। प्रेफरेंस

43:40

शेयर्स वो है

43:42

प्रेफरेंस शेयर्स इज़ वन व्हिच फुलफिल द

43:45

फॉलोइंग कंडीशन। पहली कंडीशन इट कैरीज़ अ

43:48

प्रेफरेंशियल रेट ऑफ डिविडेंड। जो यह

43:50

प्रेफरेंस शेयर्स होते हैं ना उनप एक

43:53

प्रेफरेंस रेट ऑफ डिविडेंड होता है। मतलब

43:55

फिक्स्ड रेट ऑफ डिविडेंड जिसको जिसको फेस

43:57

वैल्यू पे कैलकुलेट कैलकुलेट करके शेयर

44:00

होल्डर्स को उनका डिविडेंड उनको दिया जाता

44:02

है। दैट विद रेस्पेक्ट टू इट कैरिफाई

44:04

कैरीज़ और विल कैरी ऑन द वाइंडिंग ऑफ द

44:07

कंपनी द प्रेफरेंशियल राइट पेमेंट पेमेंट

44:10

ऑफ़ कैपिटल बिफोर। देखो यार

44:12

नाम से पता चल रहा है प्रेफरेंस शेयर्स।

44:15

तो प्रेफरेंस शेयर्स को जब धंधा बंद होगा

44:18

तो पहली पेमेंट प्रेफरेंस शेयर्स को की

44:20

जाएगी। उसके बाद इक्विटी वालों को बचती है

44:23

तो मिलेगी। नहीं बचती तो नहीं मिलेगी।

44:26

दूसरी चीज इसमें लिखा है कि प्रेफरेंस

44:28

शेयर्स वालों को ना एक फिक्स रेट ऑफ

44:30

डिविडेंड मिलता है। तो जब भी आप प्रेफरेंस

44:32

शेयर्स देखोगे तो देखोगे 9% प्रेफरेंस

44:35

शेयर्स, 7% प्रेफरेंस शेयर्स।

44:38

तो यह उनका रेट ऑफ डिविडेंड है। सेक्शन 43

44:42

इक्विटी के बारे में बताता है। इक्विटी

44:43

शेयर्स इज अ शेयर व्हिच इज नॉट अ

44:45

प्रेफरेंस शेयर्स इन अदर वर्ड्स शेयर

44:47

व्हिच डू नॉट एंजॉय द प्रेफरेंशियल पेमेंट

44:50

ऑफ डिविडेंड। इनको वोटिंग तो मिलेगी लेकिन

44:52

इनको एक्स्ट्रा डिविडेंड नहीं मिलेगा और

44:54

सबको बाद में प्रॉफिट मिलेगा। फर्म ने

44:55

अच्छा कमाया तो मिलेगा। नहीं तो नहीं

44:57

मिलेगा। और डिविडेंड ऑन इक्विटी शेयर जो

44:58

है फिक्स नहीं होता। मतलब प्रेफरेंस

44:59

शेयर्स पे ये फिक्स होता है। अगला है

45:01

डिस्ट्रीब्यूशन दी अह सॉरी द इक्विटी शेयर

45:04

कैपिटल मे बी वोटिंग राइट और विद इन

45:07

डिफरेंशियल राइट टू वोटिंग डिविडेंड

45:09

अदरवाइज़ इन अकॉर्डेंस विद सच रूल्स

45:12

सब्जेक्ट टू सच कंडीशन मे बी प्रिस्राइब

45:14

इन आर्टिकल ऑफ़ एसशन ऑफ़ द कंपनी। तो बेसिक

45:16

बातें थी। अगला इशू ऑफ़ शेयर्स में आप

45:18

प्रोस्पेक्टस इशू करोगे। ये बहुतेंट। दिस

45:20

इज़ द वेरी वेरीेंट स्टेप। ये तुम नहीं पढ़

45:22

के जाते लेकिन ये जरूरी है कि कौन-कौन से

45:24

स्टेप्स हैं शेयर इशू करने का। पहला इशू

45:27

प्रोस्पेक्टस इशू किया जाएगा। फिर

45:28

एप्लीकेशन का पैसा मिलेगा। फिर एप्लीकेशन

45:31

के पैसे को ध्यान रखना। आप शेयर्स को अलॉट

45:34

करोगे। यह चार के चार स्टेप्स हैं। अब

45:36

यहां सारे बात ध्यान रखना। दी कंपनी हैज़

45:38

टू गेट मिनिमम सब्सक्रिप्शन। कंपनी को कम

45:41

से कम सब्सक्रिप्शन मिलेगा विद इन 120 डेज

45:44

फ्रॉम द डेट ऑफ इशू ऑफ़ प्रोस्पेक्टस। ये

45:46

अलग लाइन है। इसको आप यहीं तक याद रखना कि

45:48

कंपनी को जो मिनिमम सब्सक्रिप्शन मिलना

45:51

चाहिए, वह डेट ऑफ इशू ऑफ़ प्रोस्पेक्टस से

45:53

120 दिन के अंदर मिलना चाहिए। इफ कंपनी

45:56

फेल टू रिसीव दी सेम विद इन द सेड पीरियड

46:00

द कंपनी कैन नॉट प्रोसीड फॉर द अलॉटमेंट

46:02

ऑफ शेयर एप्लीकेशन मनी शुड बी रिटर्न ऑन

46:04

30 डेज तो 130 दिन के अंदर उनके एप्लीकेशन

46:06

का पैसा उनको लौटा दोगे और उन लोगों को

46:08

शेयर्स आप नहीं इशू करोगे

46:12

ओके तो बहुत सारी थ्योरी है बेटा अभी

46:14

शेयर्स में भर-भर के थ्योरी है। ठीक है?

46:17

तो ध्यान से अच्छे से समझना इसको।

46:20

चलो नाउ मूविंग टू नेक्स्ट। नेक्स्ट पे

46:23

चलते हैं। यह है मिनिमम सब्सक्रिप्शन।

46:26

ध्यान रखना कि कम से कम 90% की एप्लीकेशन

46:29

आनी ही चाहिए। द मिनिमम अमाउंट दैट इन द

46:33

ओपिनियन ऑफ़ डायरेक्टर मस्ट बी रे टू मीट द

46:36

नीड ऑफ़ द बिनेस ऑपरेशन। भैया बिज़नेस को

46:38

चलाने के लिए इतना पैसा तो आना ही चाहिए।

46:42

ठीक है? तो ऑपरेशन ऑफ़ द कंपनी इंटू द

46:44

प्राइस ऑफ एनी प्रॉपर्टी परचेस और द परचेस

46:47

और टू बी परचेस व्हिच हैज़ टू मेट होली और

46:50

पार्टली आउट ऑफ द प्रोसीड ऑफ इशू। तो जो

46:52

भी आप इशू कर रहे हो उससे इतना पैसा आपके

46:55

पास आना चाहिए। कोई प्रॉपर्टी आपने खरीदी

46:57

है उसकी पेमेंट कर सको या खरीद सको।

46:59

प्रिलिमिनरी एक्सपेंसेस पेएबल बाय द कंपनी

47:01

एनी कमीशन पेएबल इन द कनेक्शन ऑफ़ दीज़ इशू

47:03

ऑफ़ शेयर्स। वो खर्चा बियर कर सको। कमीशन

47:06

और प्रिलरी एक्सपेंसेस। द रीपेमेंट ऑफ़ मनी

47:08

जो उधार लिया वो पैसा आप लौटा सको।

47:10

वर्किंग कैपिटल का भी और फिक्स्ड एसेट्स

47:12

का भी। ठीक है? इट इज़ टू बी नोटेड दैट

47:14

मिनिमम सब्सक्रिप्शन जो है वो 90% से कम

47:17

नहीं आना चाहिए। किसका? 90% ऑफ द इशू

47:20

अमाउंट अकॉर्डिंग टू द सेबी डिस्क्लोज़र

47:23

एंड इन्वेस्टर प्रोटेक्शन गाइडलाइन 2003

47:27

200 इफ दिस कंडीशन इज़ नॉट सेटिस्फाई द

47:30

कंपनी श कंपनी कंपनी शैल फोर्थ विद रिफंड

47:33

द एंटायर सब्सक्रिप्शन रिसीव्ड। इफ डिले

47:36

अकर बियड एट डज़ फ्रॉम द क्लोज़र ऑफ़

47:38

सब्सक्रिप्शन लिस्ट। द कंपनी शैल बी लायबल

47:40

टू पे द इंटरेस्ट 15% पर सेक्शन 32 73 सब

47:44

सेक्शन टू कहता है कि भैया अगर 90% की

47:47

एप्लीकेशन नहीं आई तो वो सारा का सारा

47:49

पैसा लौटा दो शेयर होल्डर को और नहीं

47:52

लौटाया अगर आपने 8 दिन तक नहीं लौटाया

47:55

सब्सक्रिप्शन लिस्ट जब क्लोज हुआ तब से तो

47:57

भैया 15% का ब्याज भी देना पड़ेगा शेयर ऑफ

48:00

कंपनी आर इशूड इदर इन पार तो पता है आपको

48:02

शेयर्स को पार पे इशू पे प्रीमियम पे किसी

48:04

पे भी इशू कर सकता है अकाउंटिंग ट्रीटमेंट

48:06

ऑल मनी रिसीव अलोंग द एप्लीकेशन डिपॉजिट

48:08

टू स्केेड्यूल बैंक इन अ सेपरेट अकाउंट

48:11

ओपन फॉर द पर्पस। ध्यान रखना जब तक देखो

48:13

हमें पता है कि 90% की एप्लीकेशन नहीं आई

48:15

तो सारा पैसा रिटर्न करना है तो पैसा खर्च

48:17

नहीं करेंगे। एक प्रॉपर बैंक अकाउंट में

48:19

इकट्ठा करेंगे जब तक 90% का पैसा नहीं

48:21

आता। जब सारा पैसा आ गया हमने फुलफिल कर

48:23

ली अपनी लायबिलिटी तब उसके बाद क्या

48:25

करेंगे? उस पैसे को उस अकाउंट से

48:26

निकालेंगे। उस अकाउंट को क्या बोलते हैं?

48:27

एस्क्रो अकाउंट। ध्यान रखना। एस क्रो

48:29

अकाउंट।

48:35

चलो अभी बहुत कुछ है करने के लिए। ठीक है?

48:37

अब देखते हैं इसके बाद शेयर्स में अभी और

48:39

भी होगा। ये एंट्री है बैक टू एप्लीकेशन

48:41

एप्लीकेशन टू कैपिटल एप्लीकेशन सपोर्ट बाय

48:43

ब्लॉक देखो ये फुल फॉर्म ध्यान रखना

48:45

एप्लीकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक अमाउंट

48:47

एएसबी ठीक है एप्लीकेशन सपोर्टेड बाय

48:49

ब्लॉक अमाउंट द टू पॉइंट्स आरेंट

48:51

रिगार्डिंग द कॉल्स ऑन शेयर्स कॉल्स ऑन

48:53

शेयर्स ध्यान रखना द अमाउंट ऑफ एनी कॉल

48:55

शुड नॉट बी एक्सीड 25% ऑफ़ फेस वैल्यू ऑफ़

48:57

शेयर कोई भी कॉल कोई भी किस्त शेयर वैल्यू

49:00

शेयर्स की फेस वैल्यू के 25% से ज्यादा

49:04

नहीं होनी चाहिए कॉल्स कॉल का अमाउंट ड्यू

49:07

करते हो शेयर कॉल टू शेयर शेयर शेयर कॉल

49:10

टू शेयर कैपिटल फिर है ना जो भी कॉल

49:12

अमाउंट है शेयर फर्स्ट कॉल टू शेयर कैपिटल

49:13

फिर बैंक टू शेयर फर्स्ट कॉल या स्टेयर टू

49:15

सेकंड कॉल

49:18

देखो शेयर्स अगर आप इशू करते हो कुछ बात

49:20

को आपने ध्यान रखना है द एप्लीकेशन मनी

49:22

शुड बी एटलीस्ट 5% एप्लीकेशन का मनी ना

49:25

फेस वैल्यू के 5% कम से कम होने चाहिए

49:28

बताओ पता था आपको यह आपने पढ़ा था बुक में

49:30

पता था नहीं यही चीज़ करा रहा हूं एक-एक

49:32

चीज़ काम की जो कोई नहीं कर पाएगा उसे आप

49:34

करोगे इतना ईजी है ना इसको दोबारा देखने

49:36

की जरूरत ही नहीं है यहीं पे वीडियो को

49:37

देख लो अच्छे से यही लर्न हो जाएगा को

49:39

कॉल्स आर टू बी मेड एज़ पर द प्रोविज़न ऑफ़

49:42

आर्टिकल ऑफ़ एसोसिएशन। वेयर देयर इज़ नो

49:44

आर्टिकल ऑफ़ एसोसिएशन। दो कॉल के बीच में

49:46

कम से कम 1 महीने का टाइम होना चाहिए। और

49:49

अमाउंट ऑफ कॉल शुड नॉट बी एक्सीड 25%। कॉल

49:51

का अमाउंट 25% से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

49:54

ध्यान रखना कॉल का अमाउंट 25% से ज्यादा

49:56

नहीं होना चाहिए। और 14 दिन का नोटिस देना

49:58

है शेयर्स को फॉरफिट करने से पहले। और कॉल

50:00

मस्ट बी मेड विद द यूनिफॉर्म बेसिस ऑफ़ ऑल

50:02

शेयर। एक साथ आप सबसे कॉल मंगाओगे। द

50:04

प्रोसीजर फॉर अकाउंटिंग फॉर द इशू ऑफ बोथ

50:07

इक्विटी प्रेफरेंस शेयर्स सेम है। शेयर्स

50:10

इशू करने का, इक्विटी शेयर इशू करने का,

50:11

प्रेफरेंस शेयर इशू करने का ट्रीटमेंट सेम

50:13

है। बस प्रेफरेंस शेयर्स इशू करते हो ना,

50:15

तो प्रेफरेंस शेयर कैपिटल से पहले एक

50:17

प्रेफरेंस से पहले एक परसेंटेज आती है। वो

50:18

लगा देना और नाम के आगे लगा देना 12 बैंक

50:21

टू इक्विटी शेयर एप्लीकेशन। बैंक टू

50:22

प्रेफरेंस शेयर एप्लीकेशन अह अह प्रेफरेंस

50:25

शेयर एप्लीकेशन टु शेयर कैपिटल। इक्विटी

50:27

शेयर एप्लीकेशन टू शेयर कैपिटल। तो, नाम

50:28

के आगे इक्विटी और प्रेफरेंस लगा देना। और

50:30

प्रेफरेंस में कई बार परसेंटेज भी गिवन

50:32

होता है, तो वह भी आपको लगा देना। ठीक है?

50:34

नाउ कॉल्स इन एरियर इट मे हैपन दैट

50:36

शेयरल्डर डू नॉट पे द कॉल अमाउंट ऑन ड्यू

50:39

डेट व्हेन एनी शेयर फेल टू पे द कॉल का

50:41

पैसा नहीं देगा तो कॉल्स इन एरियर का

50:42

डेबिट बैलेंस होता है। डेबिट करेंगे उसको।

50:44

बस इतनी सी बात है। इफ द आर्टिकल्स आर

50:46

साइलेंट इन दिस रिगार्ड द रूल कंटेन इन

50:49

टेबल एफ। अगर देखो इंटरेस्ट ऑन कॉल्स इन

50:52

एरियर के बारे में नहीं बोला है तो भैया

50:54

कॉल्स इन एरियर पे इंटरेस्ट जाता है। टेबल

50:56

एफ के अकॉर्डिंग ध्यान रखना टेबल एफ के

50:58

अकॉर्डिंग 10% पर एनम और कॉल्स इन एडवांस

51:01

पे इंटरेस्ट जाता है 12% पर एनम। ये आउट

51:03

ऑफ सिलेबस है बैक टू इंटरेस्ट वाला पॉइंट

51:05

है ना इंटरेस्ट एंड कॉल्स इन एरियर का जो

51:08

इंटरेस्ट का पॉइंट है वो हमारे सिलेबस से

51:09

बाहर है एडवांस क्या है आपने समय से पहले

51:12

पैसा दे दिया उस सिचुएशन में कंपनी आपको

51:14

इंटरेस्ट देगी 12% किसके अकॉर्डिंग टेबल

51:17

एफ के अकॉर्डिंग जो ये बातें आपको ध्यान

51:18

रखनी है दी बैलेंस इन कॉल्स इन एरियर

51:20

अकाउंट जो है वो सेपरेट आइटम में दिखाएंगे

51:22

इक्विटी एंड लायबिलिटी में और अह जो भी

51:25

कॉल्स इन एरियर है उसका बैलेंस हम दिखाते

51:26

हैं इक्विटी एंड लायबिलिटी में लायबिलिटी

51:28

साइड हाउएवर इफ आर्टिकल्स आर साइलेंट ऑन

51:31

दिस अकाउंट टेबल एफ इज़ एप्लीकेबल। तो

51:33

आर्टिकल साइलेंट है। टेबल एफ एप्लीकेबल

51:35

होगा जिस पे कॉल्स इन एडवांस पे इंटरेस्ट

51:37

12% ज्यादा नहीं होना चाहिए। इंटरेस्ट को

51:39

पेमेंट करेंगे तो एंट्री क्या करेंगे?

51:41

इंटरेस्ट टू बैंक। इंटरेस्ट ऑन कॉल्स इन

51:43

एडवांस टू बैंक। और रिसीव करेंगे तो बैंक

51:44

अकाउंट डेबिट टू इंटरेस्ट ऑन कॉल्स इन

51:46

एरियर अकाउंट। एरियर है तो मिलेगा। एडवांस

51:48

है तो दोगे। ओवर सब्सक्रिप्शन देयर आर

51:51

इंस्टेंसेस व्हेन एप्लीकेशनेशंस फॉर मोर

51:52

शेयर्स ऑफ़ कंपनी आर रिसीव्ड देन द नंबर ऑफ़

51:55

ऑफर्ड टू द पब्लिक फॉर सब्सक्रिप्शन।

51:56

एप्लीकेशन ज्यादा की आ गई। तो उसको बोलते

51:58

हैं ओवर सबस्क्रिप्शन। इनके पास दो रास्ते

52:00

हैं। कुछ को पूरा दे दो, कुछ को रिजेक्ट

52:02

कर दो और कुछ को प्रोराटा बेसिस पे दे दो

52:04

और कुछ को कंबाइन कर लो। प्रोराटा और उसका

52:06

कंबाइन। मतलब तीन वे हैं। फुल रिजेक्ट और

52:09

प्रोराटा यानी कि मिक्स।

52:12

नेक्स्ट है अंडर सब्सक्रिप्शन। अंडर

52:13

सब्सक्रिप्शन में सारी की सारी एंट्री जो

52:15

करोगे वो कम वाले शेयर से करो। इशू किया

52:18

इशू किया मान लो 2 लाख। एप्लीकेशन

52:19

₹1,90,000 की आई तो सारी एंट्री आप

52:21

₹1,90,000 से करोगे। इशू ऑफ शेयर्स एट

52:24

प्रीमियम इट इज क्वाइट कॉमन फॉर द शेयर्स

52:27

ऑफ फाइनेंशियली स्टोरिंग स्ट्रांग सॉरी

52:31

स्ट्रांग एंड वेल मैनेज्ड कंपनी टू बी

52:33

इशूड प्रीमियम जो स्ट्रांग कंपनी होती है

52:34

वेल मैनेज्ड कंपनी होती है तो वो अपने

52:36

शेयर्स का एक्स्ट्रा प्राइस मांगती है

52:38

चार्ज करती है उसको बोलते हैं प्रीमियम शो

52:40

द टाइटल ये प्रीमियम कहां पे आता है

52:42

इक्विटी एंड लायबिलिटीज में रिजर्व एंड

52:44

सरप्लस के अंदर यह पॉइंट बहुत इंपॉर्टेंट

52:46

है बेटा प्लीज यह पांच के पांच पॉइंट अभी

52:48

याद करो मैं शॉर्ट में आपको बताता हूं

52:50

क्या-क्या है पांच पॉइंट तो सबसे पहला है

52:54

लिख लो अपनी कॉपी में साथ-साथ बहुत

52:56

इंपॉर्टेंट है कि जो सिक्योरिटीज प्रीमियम

53:00

जनता से लिया गया है वो हम कैसे इशू

53:03

करेंगे? फुल्ली पेड अप बोनस शेयर नॉट

53:05

पार्टली फुल्ली पेड अप बोनस शेयर और वो

53:08

अनइशूड शेयर कैपिटल से ज्यादा नहीं होना

53:10

चाहिए। प्रीलिमिनेरी एक्सपेंसेस को राइट

53:12

ऑफ करना है। उसके अलावा आपको जो कमीशन पेड

53:15

है डिस्काउंट अलाउड ऑन इशू ऑफ डिबेंचर वो

53:18

राइट ऑफ करना है। आपको पता है डिस्काउंट

53:20

ऑन इशू लॉस ऑन इशू को राइट ऑफ करने की

53:21

एंट्री क्या होती है? एसपीआर अकाउंट डेबिट

53:23

टू स्टेटमेंट ऑफ सॉरी एसपीआर अकाउंट डेबिट

53:25

स्टेटमेंट ऑफ पीएनएल अकाउंट डेबिट टू

53:27

डिस्काउंट और लॉस ऑन इशू ऑफ़ डिबेंचर तो

53:29

यहीं से राइट ऑफ करते हैं। बोनस शेयर देने

53:31

के काम आता है। अपने खुद के शेयर्स खरीदते

53:33

हैं बायबैक कर करते हैं शेयर्स को तब काम

53:35

आता है प्रीमियम का पैसा। और कंपनी जब

53:39

प्रीमियम पे करती है डिबेंचर को प्रेफरेंस

53:41

शेयर्स को रिडीम करते वक्त तो वो जो लॉस

53:43

है कैपिटल लॉस है उसको हम लोग क्या करते

53:45

हैं राइट ऑफ करते हैं सिक्योरिटीज

53:46

प्रीमियम रिजर्व अकाउंट से तो ये बात आप

53:49

ध्यान रखना ठीक है इशू ऑफ़ शेयर्स ऑफ़

53:52

डिस्काउंट तो शेयर्स को डिस्काउंट पे नहीं

53:54

इशू किया जाता बहुतेंट लाइन है एज अ जनरल

53:56

रूल द कंपनी कैन नॉट ऑर्डिनरी इशू शेयर्स

53:58

डिस्काउंट इट कैन बी डू ओनली इन केस ऑफ़ सच

54:01

शेयर रीइशू रीइशू करते हुए डिस्काउंट दे

54:03

सकती है कंपनी लेकिन फॉर लेकिन इशू पे कोई

54:06

डिस्काउंट नहीं होता। नंबर ऑफ़ शेयर्स एसेट

54:08

खरीदते हो तो एंट्री क्या होती है? अमाउंट

54:09

पेएबल अपॉन इशूइंग प्राइस। एसेट खरीदने की

54:11

एंट्री। एसेट टू वेंडर कैश देते हो, वेंडर

54:13

टू कैश शेयर देते हो, वेंडर टू शेयर

54:14

कैपिटल, शेयर प्रीमियम पे दिया। टू

54:16

सिक्योरिटीज़ प्रीमियम, शेयर डिस्काउंट पे

54:18

दिया तो भी शेयर शेयर फॉरफिट अकाउंट

54:20

डेबिट। ध्यान से समझो। यह भी बच्चे पूछ

54:23

लेते हैं। तो, यह भी मैंने करा दिया आपको।

54:24

जब कंपनी कुछ खास लोगों को शेयर इशू करती

54:27

है आम जनता की जगह पे, उसको बोलते हैं

54:29

प्राइवेट प्लेसमेंट। सेक्शन 42 बताता है

54:31

इस बारे में। कंपनी एंप्लई से कहती है आप

54:33

लंबे समय तक काम करो। हम आपको 5 लाख के

54:35

स्टॉक 5000 में दे देंगे। उसके बोलते हैं

54:37

ईस्ट आप एंप्लॉय स्टॉक ऑप्शन प्लान लंबे

54:39

समय तक टिक के काम करोगे तभी आपको जो है

54:41

शेयर सस्ते रेट पे मिलेंगे और आपको वो भी

54:43

लेना नहीं लेना आपका ऑप्शन है। मर्जी आपकी

54:45

आप मत लो या ले लो। एंप्लॉय स्टॉक ऑप्शन

54:47

प्लान फॉल अंडर द ये किस कैटेगरी के अंदर

54:49

आता है एंप्लॉय स्टॉक ऑप्शन प्लान स्वेट

54:51

इक्विटी शेयर्स के अंदर। जिन लोगों ने

54:53

कंपनी के लिए पसीना बहाया है ना कंपनी

54:54

उनको फ्री में शेयर देती है। स्वेट

54:56

इक्विटी शेयर्स। कंपनी इशुइंग द फॉलोइंग

54:59

ऑप्शंस। अ कंपनी इशुइंग द फॉलोइंग ऑप्शन

55:02

है टू फुलफिल फुलफिल फॉलोइंग प्रिस्राइब

55:06

कंडीशन दी शेयर्स आर ऑफ द सेम क्लास ऑफ

55:08

शेयर्स ऑलरेडी इशू जो ईशो आप इशू कर रहे

55:11

हो ना ये वही क्लास के शेयर होने चाहिए

55:13

उसी टाइप के शेयर होने चाहिए जो आपने पहले

55:15

से इशू कर रखा है इट इज ऑथराइज्ड बाय

55:18

सेपरेट भ एक स्पेशल रेोल्यूशन में आपके

55:20

होना चाहिए ऑर्डिनरी रेोल्यूशन क्या है

55:23

क्लास भीड़ 10 में से सात लोग छह लोग बोल

55:25

रहे हैं माना जाएगा स्पेशल जो स्पेशल

55:27

रेज़ोल्यूशन मतलब मैक्सिमम लोग 75 75% भाई

55:30

100 में से 75 लोग मानेंगे तभी काम होगा।

55:32

ऑर्डिनरी में 50% होता है। स्पेशल में 75%

55:35

नॉट लेस देन वन ईयर एक साल के अंदर सॉरी

55:38

एट द डेट ऑफ इशू इलाप्सिंस डेट व्हिच द

55:42

कंपनी हैड कमेंस द बिनेस नॉट लेस दैन वन

55:44

ईयर एक साल से कम में नहीं होना चाहिए।

55:46

ठीक है? दीज़ शेयर्स आर इशू अकॉर्डिंग टू

55:48

सेबी रेगुलेशंस और सेबी रेगुलेशन के

55:51

अकॉर्डिंग क्लास शेयर्स ये कंपनी इशू

55:52

करेगी। तो टर्म्स क्या-क्या है? जिस दिन

55:55

एग्रीमेंट साइन किया कि हम आपको 5 साल काम

55:57

करोगे शेयर सस्ते में देंगे उसको बोलते

55:59

हैं ग्रांट डेट। सॉरी उसको बोलते हैं

56:02

ग्रांट। ग्रांट मतलब क्या है? एक ऑप्शन दे

56:04

रहे हो कि भ आप शेयर्स ले लेना। 10 लाख के

56:06

शेयर्स 1 लाख में ले लेना। जिस दिन पे

56:08

एग्रीमेंट बनेगा ग्रांट डेट बोलते हैं।

56:10

वेस्टिंग जब तक आपको टिक के काम करना

56:12

पड़ेगा। आपको क्यों दे रहे हैं पैसे ताकि

56:13

आप टिक के काम करो। बार-बार भागने की

56:15

नौटंकी ना करो कि मुझे वहां ज्यादा मिल

56:16

रहा है, यहां ज्यादा मिल रहा है। वेस्टिंग

56:18

पीरियड वो पीरियड जब तक उसको टिके काम

56:20

करना है। एक्साइज यानी कि वो वो डेट जब आप

56:22

उसे मान लो आज उसकी कंडीशन पूरी हो गई तो

56:25

उसको तुरंत थोड़ी बोलोगे आज शेयर ले ले

56:26

भैया टाइम दोगे 15 दिन का 10 दिन का। वो

56:28

जो पीरियड है उसको बोलते हैं एक्साइज

56:29

पीरियड। और एक्साइज प्राइस कितने रेट में

56:31

देना चाहते हो उसको? वैल्यू ऑफ़ ऑप्शन

56:33

मार्केट प्राइस में से इशूइंग प्राइस घटा

56:34

दो तो आपको पता पड़ेगा फायदा कितना है

56:36

यानी कि वैल्यू ऑफ़ ऑप्शन कितना है।

56:37

फॉरफीचर की एंट्री शेयर कैपिटल अकाउंट

56:39

डेबिट टू शेयर फॉर टू शेयर अनपेड कॉल

56:41

अकाउंट। यह ध्यान रखना। और फॉरफिट में

56:43

प्लस करना लॉट में माइनस वो मत भूलना छोटी

56:45

टेबल में द बैलेंस ऑफ़ शेयर फॉरफिट अकाउंट

56:47

जो है वह कैपिटल रिजर्व के अंदर चला जाएगा

56:48

अंडर मेन हेडिंग रिजर्व सॉरी अ रिजर्व एंड

56:53

सरप्लस सबहेड क्या है शेयर कैपिटल

56:56

अच्छा वो रिज़र्व एंड सरप्लस क्या है सब

56:58

फॉरफिटेड शेयर्स का क्या है वो शेयरहोल्डर

57:00

फंड में ही लास्ट में ऐड होता है बैलेंस

57:02

शीट के अंदर जो सब्सक्राइब शेयर कैपिटल है

57:04

ना

57:06

हां ये जो भी बैलेंस पड़ा हुआ है फॉरफिट के

57:09

अंदर उसे हम शेयर फॉरफिट में ऐड करते हैं।

57:10

पता ही है आपको? आपने एक्सट्रैक्ट ऑफ़

57:11

बैलेंस शीट पढ़ रखी है। रीइशू ऑफ़ शेयर्स।

57:13

तो कंपनी रीइशू पार, प्रीमियम डिस्काउंट

57:15

तीनों में कर सकती है। और जो भी रीशू पैसा

57:17

बचता है, वह कहां डालती है? कैपिटल रिजर्व

57:19

के अंदर। देखो, एनसीआरटी सारी करा रहा हूं

57:21

आपको। अनदरेंट पॉइंट टू बी नोटेड इन दिस

57:24

कॉन्टेक्स्ट इज़ दैट द कैपिटल प्रॉफिट

57:26

अराइज़ ओनली इन रेस्पेक्ट ऑफ़ फॉरफीचर

57:29

शेयर्स रीइशू एंड नॉट ऑल फॉरफिट शेयर्स।

57:32

हेंस व्हेन अ पार्ट ऑफ़ फॉरफिट शेयर रीइशू।

57:34

देखो अगर रीइशू सारे नहीं किया कम किया तो

57:37

प्रपोशननेट वाली कैलकुलेशन करनी है। वही

57:40

यहां पे लिखा हुआ है कि अगर आपने कम

57:42

शेयर्स रीइशू किए तो प्रपोर्शननेट वाली

57:43

कैलकुलेशन जरूर करना। इतने शेयर्स के लिए

57:45

इतना पैसा है तो उतने के लिए कितना पैसा

57:46

होगा। उस बेसिस पे एनसीआरटी में क्वेश्चन

57:48

भी दिया हुआ है। कंपनी अपने ही शेयर्स

57:50

मार्केट से खरीदती है। उसको बोलते हैं

57:51

बायबैक। उसे कुछ कंडीशन को पूरा करना

57:53

पड़ेगा। अपने शेयर्स को मार्केट से खरीदने

57:55

के लिए। पहला आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन में

57:57

लिखा हुआ होगा कंपनी कल को बायबैक कर सकती

57:59

है तभी करेगी। स्पेशल रेोल्यूशन पास किया

58:02

जाएगा। बायबैक जो है 1 साल के अंदर वो 25%

58:05

ऑफ पेड अप कैपिटल और फ्री रिजर्व से

58:07

ज्यादा नहीं होना चाहिए। मैक्सिमम बायबैक

58:09

आप 25% कर सकते हो। डेप्ट इक्विटी रेशियो

58:11

शुड नॉट बी मोर देन 2:1 आपके बायबैक से डे

58:13

इक्विटी रेशियो का आइडल रेशियो 2:1 है।

58:16

उससे नहीं बढ़ना चाहिए। ठीक है? अगला है

58:19

ऑल दी शेयर्स ऑफ़ बायबैक शुड बी फुल्ली पेड

58:22

अप। फुल्ली पेड अप शेयर्स को बायबैक

58:23

करोगे। और द बायबैक ऑफ़ द शेयर शुड बी

58:25

कंप्लीट। 12 महीने के अंदर बायबैक का

58:27

प्रोसेस कंप्लीट करना है आपने। और डेट ऑफ़

58:29

प्रोसेसिंग द स्पेशल रेोल्यूशन। द कंपनी

58:32

शुड फाइल अ सॉल्वेंसी डिक्लेरेशन इन द

58:36

रजिस्ट्रार एंड सेबी व्हेन मस्ट बी साइन

58:38

व्हिच मस्ट बी साइन एटलीस्ट टू डायरेक्टर

58:40

ऑफ़ द कंपनी। भैया आपको लिख के देना पड़ेगा।

58:43

ध्यान रखना रजिस्ट्रार ऑफ रजिस्ट्रार एंड

58:45

सेबी व्हिच जो साइन करोगे और बोलोगे भैया

58:48

हम दिवालिया नहीं होंगे। आपको डिक्लेरेशन

58:50

देना पड़ेगा कि भैया हम दिवालिया नहीं

58:52

होंगे। अगला है इशू ऑफ़ शेयर्स और रिडम्शन

58:55

ऑफ़ डिबेंचर। जान के अच्छा लगेगा। रिडम्शन

58:57

ऑफ़ डिबेंचर हमारे सिलेबस का पार्ट

59:00

नहीं है। सिर्फ हमारे सिलेबस में इशू ऑफ़

59:03

शेयर्स और इशू ऑफ़ डिबेंचर। और इसमें भी

59:04

काफी अच्छी-अच्छी थ्योरी है। डिबेंचर है

59:06

क्या? द वर्ड डिबेंचर हैज़ बीन डिराइव

59:08

फ्रॉम द लैटिन डेबरी। डेबिय से। ठीक है?

59:11

डेबियर या डेबरी कुछ भी पढ़ो। व्हिच मींस

59:13

टू बोरो। ठीक है? एक रिटन इंस्ट्रूमेंट है

59:15

जो क्लास एकनॉलेज करता है डे अंडर द सील

59:19

ऑफ़ कंपनी। कंपनी जो है पब्लिक को शेयर इश

59:21

डिबेंचर इशू करती है। उनसे पैसे ले लेती

59:23

है। अकॉर्डिंग टू सेक्शन लिख लेना। टू टू

59:26

क्लॉज़ 30 ऑफ़ कंपनीज़ एक्ट 2013 डिबेंचर

59:29

इंक्लूड्स डिबेंचर इन्वेंटरी बॉन्ड एनी

59:30

अदर सिक्योरिटी ऑफ़ द कंपनी वेदर

59:32

कॉन्स्टिट्यूटिंग अ चार्ज ऑन द एसेट्स ऑफ़

59:34

द कंपनी ऑ नॉट। तो डिबेंचर बेसिकली क्या

59:37

है? कोई भी डिबेंचर इन्वेंटरी है, बॉन्ड

59:39

है और एनी अदर डिबेंचर ऑफ़ कंपनी जो आपसे

59:42

क्लास जो व्हिच वेदर क्सटिंग अ चार्ज ऑफ़ द

59:46

एसेट ऑ नॉट गिरवी रखे चाहे ना रखे कुल

59:48

मिला के कंपनी जो पैसे उधार लेती है जनता

59:50

से ना उस कंपनी को उस वो जो कंपनी जो

59:52

डॉक्यूमेंट इशू करती है उसी को बोलते हैं

59:54

डिबेंचर्स बॉन्ड भी उसी टाइप का उसी टाइप

59:56

का है। जनरली सरकार इसको यूज़ करती हैं

59:58

आजकल। बॉन्ड है वही डिबेंचर जैसा ही।

60:01

शेयर्स और डिबेंचर का सबसे पहला है

60:03

ओनरशिप्स। तो शेयर्स जो खरीदता है वह

60:06

कंपनी का ओनर है। डिबेंचर खरीदने वाला

60:07

कंपनी का ओनर नहीं है। आरओआई शेयर्स पे

60:10

डिविडेंड मिलता है। इस पे रेट ऑफ़ इंटरेस्ट

60:12

मिलेगा। पेमेंट ऑफ प्रीफिक्स हां

60:14

प्रीफिक्स। देखो डिबेंचर होल्डर्स को पैसा

60:16

मिलेगा आप पहले और फिर जो बचेगा वो मिलेगा

60:19

शेयर होल्डर्स को। ठीक है? क्योंकि

60:21

डिबेंचर होल्डर आउटसाइडर है ना उनको पहले

60:23

हम क्या करेंगे? पेमेंट करेंगे। फिर बचा

60:25

कुछ शेयर्स को करेंगे। कन्वर्ट अच्छा उसके

60:28

बाद है

60:30

वोटिंग राइट। शेयर होल्डर के पास वोटिंग

60:32

राइट होती है। डिबेंचर होल्डर के पास

60:33

वोटिंग राइट नहीं होती है। रीपेमेंट ध्यान

60:36

रखना रीपेमेंट

60:38

नॉर्मली द अमाउंट ऑफ शेयर्स इज़ नॉट रिटर्न

60:41

ड्यूरिंग द लाइफ। कंपनी बंद होगी तो कंपनी

60:43

बायबैक करेगी शेयर्स को रिटर्न नहीं किया

60:44

था। डिबेंचर होल्डर्स का पैसा एक टाइम बाद

60:46

उनको रिटर्न कर दिया जाता है। वोटिंग राइट

60:47

डिबेंचर होल्डर के पास नहीं होती। शेयर

60:49

होल्डर्स के पास होती है सिक्योरिटी। शेयर

60:51

सिक्योर नहीं है। कोई चार्ज गिरवी नहीं

60:52

है। लेकिन डिबेंचर जो है सिक्योर है।

60:54

कन्वर्टेबल डिबेंचर कन्वर्टेबिलिटी।

60:56

शेयर्स को जब हम कन्वर्ट कर सकते हैं

60:58

डिबेंचर में तो उसको बोलते हैं क्लास

61:01

कन्वर्टेबिलिटी। लेकिन ध्यान रखना शेयर्स

61:02

कैन नॉट बी कन्वर्टेड इंटू डिबेंचर्स।

61:04

वेयर डिबेंचर्स कैन बी कन्वर्टेड इंटू

61:06

शेयर्स। इफ द टर्म ऑफ़ इशू सो नॉट प्रोवाइड

61:09

दैट इन केस दीज़ आर नोन एज़ कन्वर्टेबल

61:13

डिबेंचर। एंड इन दैट केस दीज़ आर नोन एज़

61:15

अगर कुछ नहीं लिखा है तो हम क्या मानेंगे?

61:17

वो कन्वर्टेबल डिबेंचर्स हैं। फ्रॉम अ

61:21

फ्रॉम द पॉइंट ऑफ अ सिक्योरिटी। ये

61:22

सिक्योर डिबेंचर वो डिबेंचर है जो आपने

61:25

एसेट गिरवी लिया हुआ है। मान लो मैं कंपनी

61:27

हूं। मैं जनता को बोल रहा हूं भाई तुम

61:28

मुझे ₹1 करोड़ दो। देखो मैं एक करोड़ की

61:29

एसेट को गिरवी रख रहा हूं अपने पास। कल को

61:31

बिजनेस बंद हो जाएगा, डूब जाएगा। यह पैसा

61:33

रहेगा इससे आपको पेमेंट कर देंगे। उसको

61:35

बोलते हैं सिक्यर्ड डिबेंचर। और

61:36

अनसिक्यर्ड डिबेंचर कौन से होते हैं? कोई

61:38

सिक्योरिटी नहीं है। कोई भी सिक्योरिटी

61:40

कोई सेफ्टी नहीं है। वो अनसिक्यर्ड है।

61:42

पैसा डूब गया तो कुछ नहीं कर पाओगे। फ्रॉम

61:44

द पॉइंट ऑफ व्यू टेन्योर। जो भैया रिडीम

61:46

हो सकता है वह रिडीमेबल है। जो रिडीम के

61:48

लिए मना करती है कंपनी वह नॉन रिडीमेबल

61:50

है। कन्वर्टेबिलिटी जो डिबेंचर कन्वर्ट हो

61:52

सकते हैं उसको बोलते हैं कन्वर्टेबल

61:53

डिबेंचर। जो कन्वर्ट नहीं हो सकते उसको

61:56

बोलते हैं नॉन कन्वर्टेबल डिबेंचर।

61:58

रजिस्टर्ड डिबेंचर जिनका नाम लिखा हुआ है

62:00

रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ में रजिस्टर्ड

62:02

डिबेंचर जिनका नाम नहीं लिखा हुआ है वो

62:03

बियरर डिबेंचर। टाइप ऑफ डिबेंचर ध्यान

62:06

रखना। डिबेंचर, पावर प्रीमियम, डिस्काउंट

62:07

तीनों पे इशू किया जा सकता है। और डिबेंचर

62:10

डिस्काउंट पे इशू किया जाता है। तो

62:12

डिस्काउंट इशू ऑफ़ डिबेंचर को हम क्या करते

62:13

हैं? डेबिट करते हैं।

62:15

डिस्काउंट ऑन इशू ऑफ डिबेंचर टू बी रिटन

62:18

ऑफ विद इन 12 मंथ ऑफ द बैलेंस शीट डेट और

62:21

पीरियड ऑफ ऑपरेटिंग साइकिल शोन अंडर द अदर

62:24

करंट एसेट एंड द पार्ट व्हिच इज़ कर रिटर्न

62:26

ऑफ आफ्टर 12 मंथ देखो वो जो भी जो भी

62:30

डिस्काउंट ऑन इशू डिबेंचर था 12 साल के

62:32

अंदर 12 महीने के अंदर राइट ऑफ कर दो। जो

62:34

राइट ऑफ नहीं करोगे वो बैलेंस शीट में नॉन

62:36

करंट एसेट के तरह रूप में आपको दिखता चला

62:38

जाएगा।

62:40

अगला है डिबेंचर इशू एट प्रीमियम द अमाउंट

62:43

ऑफ प्रीमियम इज क्रेडिटेड टू सिक्योरिटीज

62:45

प्रीमियम रिजर्व एंड द शोन इन द लायबिलिटी

62:48

सेट द बैलेंस शीट इन द रिजर्व सप्लाई तो

62:49

पता ही है आपको और हां डिबेंचर्स को

62:51

शेयर्स में कन्वर्ट कर सकते हो तो वो

62:53

कन्वर्टेबल डिबेंचर है कन्वर्ट नहीं कर

62:55

सकते तो वो नॉन कन्वर्टेबल डिबेंचर है ओवर

62:57

सब्सक्रिप्शन कंपनी एप्लीकेशन ज्यादा की

62:59

आती है लेकिन कंपनी उतना ही अलॉट करेगी

63:01

जितनी की एप्लीकेशन आई ज्यादा अलॉट नहीं

63:02

कर सकते कोलटरल सिक्योरिटी में दो बातें

63:05

होती है बैंक से लोन लेते हम लोग और अपनी

63:07

प्रिंसिपल सिक्योरिटी के साथ-साथ कुछ

63:09

एडिशनल सिक्योरिटी गिरवी रखते हैं बैंक

63:11

में। इसको बोलते हैं कोलटरल सिक्योरिटी।

63:12

इसमें दो एंट्री होती है। बैंक टू बैंक

63:14

लोन, डिबेंचर, सस्पेंस टू पर्सन डिबेंचर।

63:16

और अगर क्वेश्चन कहता है कि इसको नहीं

63:18

दिखाना है बुक्स में तो बैंक टू बैंक लोन

63:20

एंट्री पास करो। एक्सट्रैक्ट ऑफ़ बैलेंस

63:22

शीट बनाओ। नॉन करंट लायबिलिटी में देखो

63:24

नॉन करंट लायबिलिटी में लॉन्ग टर्म

63:26

बोरोइंग वहां पे क्लास एक बोरोइंग का

63:27

अमाउंट लिख दो। जितना भी आपने लोन लिया है

63:29

वह और जितना गिरवी रखा है डिबेंचर। 9%

63:32

डिबेंचर ऑफ़ 100 का एक इतने का गिरवी रखा

63:33

है। माइनस डिबेंचर सस्पेंस। देखो ये रहा

63:35

फर्स्ट मेथड। नो एंट्री इज़ मेड इन द बुक्स

63:37

ऑफ अकाउंट सिंस नो लायबिलिटी इज़ क्रेडिट

63:38

बाय सच इशूज़ हाउएवर ऑन द लायबिलिटी साइड

63:41

ऑफ़ द बैलेंस शीट बिलो आइटम इज़ गिवन। देखो

63:43

इस तरह से बनाना है। बैलेंस शीट बनाना है।

63:45

ये रहा फिर हो गया लॉन्ग टर्म लोन नोट्स

63:47

अकाउंट्स। लॉन्ग टर्म लोन के अंदर लिखना

63:48

है। 10 लाख यहां ये यहां पे जो भी लिखोगे

63:50

कट जाएगा। 10 लाख के ऊपर चला जाएगा। कितना

63:52

सिंपल है देखो। सेकंड मेथड के अंदर क्या

63:55

करना है? दिखाना है। तो बैंक लोन टू बैंक

63:57

लोन, बैंक टू बैंक लोन, डिबेंचर सस्पेंस

63:58

टू परसेंट डिबेंचर। दो एंट्री पास करोगे

64:01

तो यहां भी बैलेंस शीट बनेगी। नॉन करंट

64:02

लायबिलिटी लॉन्ग टर्म बोरोइंग नोट नंबर

64:04

वन। यहां आ जाओ नोट नंबर वन पे। लॉन्ग

64:05

टर्म बोरोइंग ये रहा बैंक लोन ये रहा

64:07

10,000 डिबेंचर 100 का एक और उसी से माइनस

64:09

करें डिबेंचर उसमें से ये कट जाएगा हमेशा

64:10

हमेशा कटेगा हमेशा ऑलवेज तो ये सेम आ

64:12

जाएगा जो आपने क्वेश्चन बनाया बिल्कुल सेम

64:15

वैसा ही ठीक है टर्म्स ऑफ इशू ऑफ़ डिबेंचर

64:19

इशू ऑफ़ डिबेंचर को पार प्रीमियम डिस्काउंट

64:21

तीनों में इशू कर सकते हैं रिडीम को पार

64:22

और प्रीमियम दो ही शर्तें होती हैं

64:24

डिबेंचर्स को इशू करने की एंट्री क्या

64:25

होती है बोलो फटाफट जल्दी से बताओ बैंक टू

64:27

डिबेंचर एप्लीकेशन डिबेंचर एप्लीकेशन टू

64:29

पर्सनल डिबेंचर अकाउंट खत्म प्रीमियम

64:30

क्रेडिट डिस्काउंट डेबिट रिडीम प्रीमियम

64:31

पे हो रहा है तो बैंक टू डिबेंचर

64:32

एप्लीकेशन डिबेंचर एप्लीकेशन अकाउंट डेबिट

64:34

लॉस ऑन इशू ऑडिबेंचर अकाउंट डेबिट 2%

64:36

डिबेंचर टू टू सिक्योर टू प्रीमियम ऑन

64:38

रिडमशन ऑफ डिबेंचर तो ध्यान रखना लॉस ऑन

64:41

डिबेंचर देखो डेबिट हो गया लॉस ऑन इशू और

64:43

प्रीमियम क्रेडिट हो गया प्रीमियम और

64:45

रिडम्शन ऑफ़ डिबेंचर एक कंपनी के लिए

64:46

लायबिलिटी है तो वो क्लास नॉन करंट

64:49

लायबिलिटी में दिखेगा अंडर हेड लॉन्ग टर्म

64:51

बोरोइंग्स के अंदर नॉन करंट लायबिलिटी में

64:52

दिखेगा इंटरेस्ट ऑन डिबेंचर कंपनी साल भर

64:55

में या साल में दो बार इंटरेस्ट दे सकती

64:57

है इंटरेस्ट हमेशा फेस वैल्यू पे कैलकुलेट

64:58

किया जाता है और इंटरेस्ट ऑन डिबेंचर की

65:00

एंट्री होती है इंटरेस्ट ऑन डिबेंचर

65:01

डिबेंचर होल्डर डिबेंचर होल्ड टू बैंक और

65:03

स्टेटमेंट ऑफ़ फील्ड अकाउंट डेबिट टू

65:04

इंटरेस्ट ऑन डिबेंचर्स अकाउंट ये चार्ज

65:06

अगेंस्ट प्रॉफिट है। देना ही देना है।

65:08

टीडीएस इज़ नॉट इन आवर सिलेबस। ठीक है?

65:12

नेक्स्ट नेक्स्ट। राइटिंग ऑफ लॉस ऑन इशू

65:14

ऑफ़ डिबेंचर। डिस्काउंट और लॉस ऑन इफ़

65:15

डिबेंचर्स इज़ अ कैपिटल लॉस एंड रिटर्न ऑफ

65:17

इन द ईयर व्हेन दे आर एक्चुअली इशू। जब

65:20

पहली बार ये हुआ है तभी राइट ऑफ कर देना

65:22

है डिस्काउंट और लॉस ऑन इफ़ डिबेंचर को।

65:24

जिस साल बना है। कौन किया था? सेक्शन 52

65:26

सब सेक्शन टू। राइट ऑफ करने की एंट्री

65:28

क्या होती है? फर्स्ट प्रायोरिटी

65:29

सिक्योरिटीज़ प्रीमियम रिज़र्व। तो

65:30

सिक्योरिटीज प्रीमियम रिजर्व अकाउंट डेबिट

65:32

स्टेटमेंट ऑफ पेनल अकाउंट डेबिट टू

65:33

डिस्काउंट और लॉस ऑन इशू ऑफ डिबेंचर्स

65:35

अकाउंट पहली प्रायोरिटी प्रीमियम में है।

65:37

प्रीमियम पैसा नहीं पड़ा तो हम जाएंगे

65:38

कहां पे? स्टेटमेंट ऑफ पीएंडएल के अंदर हो

65:42

गई हमारी दो बुक कंप्लीट।

65:46

10 से 15 मिनट और बैठ जाओ। हमारा जो थर्ड

65:49

बुक है ना उसमें भी काफी थ्योरी उसे कर

65:51

लेंगे। फाइनेंशियल स्टेटमेंट क्या होता

65:52

है? बेसिक एंड फॉर्मल एनुअल रिपोर्ट थ्रू

65:55

व्हिच द कॉर्पोरेट मैनेजमेंट कम्युनिकेशन

65:59

कम्युनिकेट कुल मिलाके फाइनेंसियल

66:01

स्टेटमेंट वो स्टेटमेंट है वो डॉक्यूमेंट

66:03

जैसे कंपनी एक लैंग्वेज है अकाउंटिंग क्या

66:04

है लैंग्वेज है कंपनी अपनी इनफार्मेशन को

66:06

जनता तक पहुंचा सकती है पीएंडएल बैलेंस

66:08

शीट नोट्स टू अकाउंट्स ये सारी की सारी

66:10

चीजें और कैश फ्लो स्टेटमेंट जो है वो

66:11

क्या बोलते हैं फाइनेंशियल स्टेटमेंट

66:14

नेचर क्या होता है फैक्ट्स को रिकॉर्ड

66:16

किया जाता है एकाउंटिंग कन्वेंशंस परंपरा

66:18

रिकॉर्ड की जाती है एकाउंटिंग में बहुत

66:20

सारे एजम्पशनंस होते हैं जिनको बोलते हैं

66:22

पोस्टुलेट स्टेट्स ध्यान रखना हम ना अगर

66:24

हम अकाउंटिंग करेंगे तो हम फ्यूचर में

66:25

अपने फाइनेंसियल स्टेटमेंट को किसी और

66:27

कंपनी के या खुद की फाइनेंसियल स्टेटमेंट

66:28

से कंपेयर भी कर सकते हैं। पर्सनल जजमेंट

66:31

अंडर मोर देन वन सरकमस्टेंसेस

66:33

फैक्ट एंड फिगर्स प्रेजेंटेड थ्रू द

66:35

फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स आर बेस्ड ऑन द

66:37

पर्सनल ओपिनियन एस्टीमेट्स एंड जजमेंट। तो

66:39

यहां देखो बहुत सारे लोग रहते हैं। सब

66:41

अपनी-अपनी ज्ञान देते हैं। अपनी-अपनी राय

66:42

बताते हैं। ऑब्जेक्टिव क्या है?

66:44

फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स को बनाने का?

66:45

इंफॉर्मेशन प्रोवाइड करना। बिजनेस के सारे

66:48

एसेट लायबिलिटी के बारे में। अर्निंग

66:49

कैपेसिटी को बताना। बिज़नेस की कैश फ्लो के

66:52

बारे में बताना। कितना-किस एक्टिविटी से आ

66:53

रहा है जा रहा है। कंपनी की इफेक्टिवनेस

66:55

को देखना और कंपनी की वह एक्टिविटीज़ को

66:57

चेक करना, इनेशन देना जो उसके बिज़नेस पे

66:59

इंपैक्ट डाल सकता है। अकाउंटिंग पॉलिसीज़

67:01

को डिस्क्लोज़ करना। कंपनी बनाती है बैलेंस

67:04

शीट और स्टेटमेंट ऑफ पीएंडएल। जबकि पहले

67:06

आप बैलेंस शीट और पिनल अकाउंट बनाते थे।

67:08

एव्री कंपनी रजिस्टर्ड अनदर कंपनीज़ ऑफ़

67:10

2013 शैल बी अह शैल प्रिपेयर द बैलेंस शीट

67:13

ऑफ़ स्टेटमेंट ऑफ़ पीएंडएल एंड नोट्स

67:15

अकाउंट्स। देयर इंटू अकॉर्डिंग टू द

67:17

प्रिस्राइब मैनर जो मैनर दिया गया है टू

67:20

हार्मोनाइज ताकि सब लोग एक जैसा चीजें समझ

67:23

सकें। तो यहां पे देखो दिया हुआ है ये

67:26

बैलेंस शीट का पूरा का पूरा फॉर्मेट है।

67:28

आई होप आपको बैलेंस शीट का फॉर्मेट अच्छे

67:30

से लर्न होगा। फीचर्स की बात करें सारी

67:32

कंपनीज़ पे लागू होगा। इंश्योरेंस बैंकिंग

67:34

कंपनी ध्यान रखना प्रेजेंटेशन की बात करें

67:36

तो जो भी हमने फार्मूला देखा आपने जो

67:38

फॉर्मेट देखा इट अप्लाई टू द ऑल इंडियन

67:40

कंपनी प्रिपेयरिंग फाइनेंससेस। जो भी

67:42

फाइनेंसियल स्टेटमेंट बना रहा है वो ऐसे

67:44

ही बनाएगा। इंश्योरेंस और बैंकिंग कंपनी

67:46

जो है इसको फॉलो नहीं करती। ठीक है?

67:49

क्योंकि भैया उनका अलग है। उनके पास एसेट

67:51

में जो होता है वो लोनस होता है।

67:53

लायबिलिटी में डिपॉजिट्स होता है तो उनका

67:55

अलग तरीके से बनता है और उनके ऊपर क्लास

67:58

अलग रेगुलेटरी बॉडी है बैंकों के ऊपर। ठीक

68:00

है? बैंकिंग रेगुलेशन डेवलपमेंट अथॉरिटी

68:03

या रेगुलेटरी अथॉरिटी। अकॉर्डिंग

68:05

अकाउंटिंग स्टैंडर्ड शैल प्रिवेल ओवर द

68:07

स्ेड्यूल थर्ड ऑफ़ कंपनीज़। तो देखो

68:09

एकाउंटिंग स्टैंडर्ड जो है वो भी आपको

68:11

फॉलो करना है। स्ेड्यूल थर्ड तो है ही है

68:13

लेकिन एकाउंटिंग स्टैंडर्ड को आपने पहले

68:14

फॉलो करना है। डिस्क्लोज़ करना है ऑन द फेस

68:17

ऑफ़ द फाइनेंसियल स्टेटमेंट नोट्स टू

68:19

अकाउंट्स एंड एसेंशियल्स मैंडेटरी। जो

68:21

मैंडेटरी है उसको फ्रंट में ही आपको

68:22

फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स में शो करना

68:24

पड़ेगा। द टर्म इन द रिवाइज़ स्ेड्यूल थर्ड

68:27

विल कैरी द मीनिंग डिफाइंड बाय द

68:30

एप्लीकेबल एकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स। बैलेंस

68:32

टू बी मेंटेन बिटवीन एक्सेसिव डिटेल दैट

68:34

मे नॉट बी असिस्ट यूजर। जो भी बैलेंस

68:36

मेंटेन कर रहे हो बिटवीन एक्सेसिव डिटेल

68:39

दैट मे नॉट रेसिस्ट यूजर ऑफ़ फाइनेंसियल

68:41

स्टेटमेंट एंड नॉट प्रोवाइडिंग भाई आपको

68:43

सारी इंफॉर्मेशन देनी है ताकि वो ये ना

68:45

कहे भाई मेरे को तो कुछ पता ही नहीं चल

68:46

रहा क्या है कंपनी के कंपनी के पास

68:50

करंट और नॉन करंट एसेट्स का और लायबिलिटी

68:52

का बफरकेशन करोगे आप तो बफरर्केशन करने का

68:55

मतलब अलग-अलग करना है राउंड ऑफ रूल फॉर

68:58

फिगरिंग द प्रेजेंटेशन ऑफ़ फाइनेंसियल

69:00

स्टेटमेंट 100 करोड़ से कम का टर्नओवर है

69:03

नियरेस्ट 100 थाउजेंड लाख मिलियन और

69:05

डेसिमल में जाएगा। 100 करोड़ से ऊपर का

69:08

टर्नओवर है तो नियरेस्ट लाख और मिलियंस और

69:10

डेसिमल में नियरेस्ट लाख लाइक 50 55.7 लाख

69:13

है तो 56 लाख ऐसा कर देना। राउंडिंग ऑफ

69:16

रिक्वायरमेंट इज़ मैंडेटरी। ध्यान रखना।

69:18

राउंडिंग ऑफ रिक्वायरमेंट जो है वो

69:19

मैंडेटरी है। करना ही पड़ेगा। वर्टिकल

69:22

फॉर्मेट बैलेंस शीट का मैंडेटरी है। डेबिट

69:24

बैलेंस ऑफ़ स्टेटमेंट जो है वो नेगेटिव

69:26

फिगर आएगा सरप्लस के अंदर। वैसे पीएंडएल

69:28

का डेबिट बैलेंस की ना कोई जगह नहीं है

69:30

बैलेंस शीट के अंदर। तो उसे कहां

69:31

दिखाएंगे? रिज़र्व एंड सरप्लस में नेगेटिव

69:33

बैलेंस में दिखाएंगे। मैंडेटरी एट शेयर

69:35

एप्लीकेशन मनी पेंडिंग अलॉटमेंट को

69:36

दिखाना। संड्री डेटर संड्री क्रेडिटर्स को

69:39

आज हम क्या करते हैं? ट्रेड रिसीवेबल और

69:40

ट्रेड पेएबल्स के अंदर दिखाते हैं।

69:44

डिस्क्लोज़ ऑफ़ शेयर्स इन द कंपनी हेल्ड बाय

69:47

ईच शेयर होल्डर होल्डिंग मोर देन 5% ऑफ़

69:49

शेयर्स। जिस इंसान ने कंपनी के 5% से

69:51

ज्यादा शेयर खरीदे हैं, उनका नाम अलग से

69:53

डिस्क्लोज़ करना है। डिस्क्लोज़र ऑफ द

69:55

फॉलोइंग फॉर द पीरियड ऑफ़ फाइव ईयर

69:57

इमीडिएटली प्रेजेंट डेट ऑफ़ द बैलेंस शीट।

69:59

तो 5 साल तक उसको आपने डिस्क्लोज़ करना है।

70:01

क्या-क्या डिस्क्लोज़ करना है? कितने नंबर

70:03

ऑफ क्लास और शेयर्स अलॉट हुए हैं उसको।

70:05

कितने नंबर और क्लास ऑफ शेयर्स फुल्ली पेड

70:07

अप हुआ है बोनस शेयर के रूप में और कंपनी

70:09

ने कितना बायबैक करा है शेयर वो सब तो

70:11

दिखाना है। तो यार इससे बाहर क्या आएगा?

70:13

मैंने हर एक चीज करा दिया आपको। प्रपोज्ड

70:15

डिविडेंड कंपनी की जो बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर

70:17

होते हैं वो एनुअल जनरल मीटिंग में

70:18

डिविडेंड को प्रपोज करते हैं। ठीक है? और

70:20

फिर डिक्लेअ करते हैं और फिर उसके 30 दिन

70:22

के बाद उसकी पेमेंट की जाती है। प्रपोज्ड

70:24

डिविडेंड कहां दिखाया जाता है बैलेंस शीट

70:26

में कंट्रीज एंड लायबिलिटी ये लाइन

70:27

बहुतेंट है बेटा बहुत-बहुत जरूरी है। दिस

70:29

इज़ वेरी वेरीेंट पेपर में आपको देखने को

70:32

मिलेगा देखना 24 तारीख को कौन से

70:34

अकाउंटिंग स्टैंडर्ड है? एएस फोर

70:36

कंटिंजेंसीज़ एंड इवेंट अकरिंग आफ्टर द

70:38

बैलेंस शीट डेट प्रिस्राइब दैट प्रपोज्ड

70:40

डिविडेंड जो है वो नोट्स अकाउंट्स के अंदर

70:41

दिखाएंगे। उसको हम लोग अलग से नोट्स

70:43

अकाउंट्स दिखाएंगे। बैलेंस शीट के अंदर

70:45

नहीं दिखाएंगे। इन्वेस्टमेंट आर

70:46

क्लासिफाइड नॉन करंट और करंट कैटेगरी।

70:48

इन्वेस्टमेंट एक्सपेक्टेड टू रियलाइज़ विद

70:50

इन 12 मंथ। ठीक है? आर कंसीडर्ड एस करंट

70:53

एसेट अंडर करंट एसेट अदर क्लासिफाइड नॉन

70:56

करंट इन्वेस्टमेंट जो है वो बैलेंस शीट

70:58

में नॉन करंट एसेट्स में जाएगा।

71:01

चलो अब ये पॉइंट्स क्या-क्या हैं जरा

71:03

देखते हैं ध्यान से। अच्छा ये तो एक क्लास

71:07

क्वेश्चन है। ठीक है?

71:10

हां ये मतलब बहुतेंट है। इस साल इस साल

71:13

दिस इज़ वेरी वेरीेंट। ठीक है? इस साल सारे

71:15

बच्चे देखो इस साल ये बहुत जरूरी है बेटा।

71:17

देख लेना इस साल

71:20

बहुत-बहुत जरूरी है। चेंजेस इन इन्वेंटरी

71:23

ऑफ फिनिश गुड्स, डब्ल्यूआईपी और स्टॉक एंड

71:25

ट्रेड। तो जो चेंज इन इन्वेंटरी है ना

71:27

इसके अंदर तीन चीजें आती हैं। फिनिश

71:28

गुड्स, डब्ल्यूआईपी यानी वर्क इन

71:30

प्रोग्रेस और स्टॉक इन ट्रेड। द डिफरेंस

71:32

बिटवीन ओपनिंग इन्वेंटरी ऑफ़ फिनिश गुड्स,

71:35

वर्क इन प्रोग्रेस, स्टॉक इन ट्रेड और

71:36

क्लोजिंग इन्वेंटरी ऑफ़ फिनिश गुड्स, वर्क

71:38

इन ट्रेड और अह वर्क इन स्टॉक इन ट्रेड और

71:42

वर्क इन प्रोग्रेस। एंप्लॉय बेनिफिट

71:43

एक्सपेंस, एक्सपेंसेस इंकर्ड ऑन एंप्लई

71:45

टुवर्ड्स सैलरी, वेजेस, लीव इनकैशमेंट,

71:48

स्टाफ वेलफ़ेयर आर शर्ड अंडर द हेड।

71:50

एंप्लॉय बेनिफिट एक्सपेंसेस मे बी फ्यूचर

71:52

कैटेगराइज़ इनू डायरेक्ट और इनडायरेक्ट

71:53

एक्सपेंस फर्दर कैटेगराइज़ फाइनेंस कॉस्ट

71:56

इट इज़ द एक्सपेंस टुवर्ड्स इंटरेस्ट

71:58

चार्जेस ड्यूरिंग द ईयर ऑन द बोरोइंग ओनली

72:01

द इंटरेस्ट कॉस्ट इज़ शोन बैंक का जो खर्चा

72:04

है बैंक चार्जेस इसके अंदर नहीं आएगा इसके

72:06

अंदर आएगा लोन जो लिया उस पे आपने जो

72:08

खर्चा किया है ना वो सारी की सारी चीजें

72:10

ठीक है तो बैंक चार्जेस किसके अंदर आते

72:12

हैं देखो अदर एक्सपेंस के अंदर आप मुझे

72:13

बताओ इस साल आप मुझे बताओ यहां तक देख भी

72:16

रहे हो वीडियो नहीं देख रहे हो शुरू में

72:17

ही गायब हो गए हिम्मत हार के इस साल

72:19

सीबीएसई के सैंपल वाले पेपर में क्वेश्चन

72:20

था कि नहीं था? यह देखो यहीं से आया हुआ

72:21

है। एक ही चीज़ है। देखो, अदर फाइनेंसियल

72:24

एक्सपेंस सच ऐज़ बैंक चार्जेस आर शोन अंडर

72:26

द अदर एक्सपेंस। बैंक चार्जेस फाइनेंस

72:27

कॉस्ट में नहीं आएगा। अलग तरीके से घुमा

72:29

के पूछेगा, लेकिन वो पूछेगा आपको। ठीक है?

72:35

इसके बाद आते हैं नेक्स्ट। यूजज़ ऑफ़

72:38

फाइनेंशियल

72:40

एक अच्छा, कौन-कौन सी पार्टीज़ हैं? ठीक

72:41

है। कौन-कौन सी पार्टीज़ हैं? तो, कंपनी के

72:43

फ़ाइनेंसियल स्टेटमेंट्स में इंटरेस्टेड

72:45

हैं। द वेरियस यूज़ज़। और क्या-क्या यूजज़ है

72:47

औरेंस है फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स का।

72:49

रिपोर्ट ऑन स्टेवशिप फंक्शन। ध्यान रखना

72:52

स्टेवर्डशिप फंक्शन मतलब फाइनेंसियल

72:53

स्टेटमेंट्स रिपोर्ट द परफरेंस ऑफ़ द

72:55

मैनेजमेंट टू द शेयरहोल्डर्स द गैप बिटवीन

72:58

द मैनेजमेंट परफॉर्मेंस एंड ओनरशिप

72:59

एक्सपेक्टेशन जो है वो समझा जा सकता है

73:01

फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स से। उसको बोलते

73:03

हैं स्टेवर्डशिप। बेसिस ऑफ फिस्कल पॉलिसी

73:06

बेसिस ऑफ ग्रांटिंग क्रेडिट उधार देने के

73:09

लिए आपको कितने पैसों की जरूरत पड़ेगी?

73:10

फ्यूचर में इन्वेस्टर्स प्रोस्पेक्ट कैसे

73:13

कितने इन्वेस्टर्स आएंगे हमारे पास? कैसे

73:15

पता चलेगा आपका शॉर्ट टर्म इन्वेस्टर

73:17

कितने होंगे? लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर कितने

73:19

होंगे? वैल्यू गाइड टू द वैल्यू ऑफ़ द

73:21

इन्वेस्टमेंट ऑलरेडी मेड। तो जो भी

73:23

इन्वेस्टमेंट्स हमारे पास है ऑलरेडी उसकी

73:25

क्या वैल्यू है? हेल्प्स इन ट्रेड

73:28

एसोसिएशन एंड हेल्पिंग अदर मेंबर हेल्प्स

73:30

इन स्टॉक एक्सचेंज। ये सारे के सारे जो

73:32

पॉइंट्स हैं ये बेसिकली यूजज़ है कि भ

73:36

फाइनेंसियल स्टेटमेंट का यूज़ क्या करोगे?

73:38

कंपैरिजन के लिए है ना? कंपैरिजन के लिए

73:40

भी आप इसे यूज़ कर सकते हो। लोन लेने के

73:43

लिए, टैक्सेस पे करने के लिए,

73:44

प्रॉफिटेबिलिटी जानने के लिए, वीक पॉइंट,

73:46

स्ट्रांग पॉइंट जानने के लिए। लिमिटेशन

73:48

क्या है? करंट सिचुएशन को नहीं बताता।

73:50

पास्ट को बताता है। एसेट्स कई बार होती

73:52

हैं लेकिन वो रियलाइज़ नहीं हो पाती।

73:53

बयरर्स से लड़ाई झगड़ा होता रहता है। एक

73:55

मैनेजर कहता है इस मेथड से लगाओ। दूसरा

73:56

कहता है इस मेथड से लग रहा हो। एग्रीगेटिव

73:58

इनफेशन है। यानी सिर्फ आपको इंफॉर्मेशन

74:00

देता है। एग्रीगेट इनफेशन देता है। नॉट

74:03

डिटेल इनफेशन। हेंस आप जरूरी नहीं कि

74:05

डिसीजन मेकिंग में आपकी हेल्प कर पाएंगे।

74:07

वाइटल इंफॉर्मेशन मिसिंग। तो सारी

74:11

इंफॉर्मेशन ये लोग क्लास नहीं बताते तो

74:12

बहुत सारी इंफॉर्मेशन मिसिंग होती है।

74:14

क्वालिटेटिव एलिमेंट्स को इग्नोर कर देते

74:16

हैं ये और इंटरिम रिपोर्ट होता है।

74:18

एक्चुअल रिपोर्ट नहीं होता। सिर्फ अंदाजे

74:20

से जो है रिपोर्ट्स बनाए जाते हैं। ओके?

74:24

एनालिसिस ऑफ़ फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स में

74:26

आते हैं क्या-क्या है? द प्रोसेस ऑफ़

74:27

क्रिटिकल इवैल्यूएशन ऑफ़ द फाइनेंशियल

74:30

इंफॉर्मेशनेशन कंटेनिंग द फाइनेंसियल

74:32

स्टेटमेंट इन ऑर्डर टू अंडरस्टैंड एंड मेक

74:35

डिसीजन रिगार्डिंग द ऑपरेशन ऑफ़ द ऑपरेशन

74:37

ऑफ़ फर्म इज़ कॉल्ड स्टडी करना। एनालिसिस

74:40

करना ताकि एक कंक्लूजन पे पहुंच जाए। उसको

74:42

बोलते हैं एनालिसिस। द टर्म फाइनेंसियल

74:43

एनालिसिस इंक्लूड्स बोथ एनालिसिस और देखो

74:46

ध्यान रखना। अब यह आता है पेपर में।

74:47

फाइनेंशियल एनालिसिस के अंदर दोनों चीज़

74:49

आती हैं। एनालिसिस भी और इंटरप्रिटेशन भी।

74:51

द टर्म एनालिसिस मींस सिंपलीफिकेशन ऑफ

74:54

फाइनेंसियल डेटा बाय मेथड बाय मेथोडिकल

74:57

क्लासिफिकेशन गिवन इन द फाइनेंसियल

74:59

स्टेटमेंट इंटरप्रिटेशन मींस एक्सप्लेनिंग

75:01

द मीनिंग और सिग्निफिकेंस ऑफ़ डेटा

75:03

इंटरप्रिटेशन करना डेटा बताना स्टडी करना

75:06

एनालिसिस उसका डेटा को एक्सप्लेन करना

75:08

इंटरप्रिट करना बताना उसको उसको समझ के

75:10

आपने क्या डिसाइड किया वो इंटरप्रिटेशन है

75:13

ठीक है और दीज़ टू आर कॉम्प्लीमेंट्री जो

75:15

ये फाइनेंशियल एनालिसिस के अंदर जो है दो

75:18

चीजें हैं एक तो फाइनेंसियल एनालिसिस है

75:19

और दूसरा इंटरप्रिटेशन है दो

75:21

कॉम्प्लीमेंट्री है। साथ-साथ चलेंगी। ठीक

75:23

है? आपने स्टडी किया बट आपने उसको

75:25

इंटरप्रिट नहीं किया तो कोई फायदा नहीं।

75:26

विदाउट इंटरप्रिटेशन द इंटरप्रिटेशन

75:28

विदाउट एनालिसिस इट डिफिकल्ट और इवन इवन

75:30

इंपॉसिबल।

75:32

ठीक है? डिसीजन मेकिंग इनवॉल् कंपैरिजन

75:34

विद द अदर फर्म। अदर फर्म से कंपेयर करते

75:37

हैं ना तो उसको बोलते हैं इंटरफॉर्म

75:38

कंपैरिजन। वो क्रॉस सेक्शनल एनालिसिस होता

75:40

है। और विद फर्म करते हैं अपनी

75:42

परफॉर्मेंससेस। उसको टाइम सीरीज एनालिसिस

75:43

बोलते हैं या इंट्राफर्म कंपैरिजन बोलते

75:45

हैं। बेटा यह पॉइंट बहुत इंपॉर्टेंट है।

75:47

लिख लेना। ध्यान से सुना। कंपेयर मैं आपको

75:50

24 तारीख की सुबह जो लाइव लूंगा ना पेपर

75:52

से पहले मैं आपको उसमें रिवीजन करा के

75:53

भेजूंगा। तो डिसीजन मेकिंग इनवॉल्विंग

75:55

कंपैरिजन विद अदर फर्म दूसरों से कंपेयर

75:57

करते हैं तो क्रॉस सेक्शनल खुद से कंपेयर

76:00

करते हैं तो टाइम सीरीज बेनिफिट क्या है?

76:03

फाइनेंस फाइनेंसियल एनालिसिस इज़ यूज़फुल

76:05

एंड सिग्निफिकेंट टू द डिफरेंट यूज़र्स इन

76:08

द फॉलोइंग फाइनेंस मैनेजर टॉप मैनेजमेंट

76:11

इन सबको फायदा होता है इससे। ठीक है?

76:12

ट्रेड पेएबल को, लेंडर्स को, इन्वेस्टर्स

76:15

को, लेबर यूनियन अदर इन सबको फायदा होता

76:17

है फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स एनालिसिस से।

76:19

तो, अगला पॉइंट क्या था? ये

76:22

ऑब्जेक्टिव ऑफ़ एनालिसिस। क्यों ऑब्जेक्ट?

76:24

स्टडी क्या करते हैं? तो, एनालिसिस ऑफ़

76:26

अंडरटेन टू सर्व टू सर्व द फॉलोइंग पर्पस।

76:29

ये सारे के सारे ऑब्जेक्टिव है फाइनेंसियल

76:30

स्टेटमेंट्स को एनालिसिस करने का। पहला टु

76:33

असेस द करंट प्रॉफ़िटेबिलिटी एंड ऑपरेशनल

76:35

एफिशिएंसी ऑफ़ द फ़र्म ऐज़ अ होल ऐज़ वेल ऐज़

76:38

इट्स डिफरेंट डिपार्टमेंट। सो एज़ टू जज द

76:40

फाइनेंसियल हेल्थ ऑफ़ द फर्म टू असर्टेन द

76:43

रिलेटिवेंस ऑफ़ डिफरेंट कॉमोनेंट। जो भी

76:45

फाइनेंसियल पोजीशन है उसके अलग-अलग

76:47

कॉम्पोनेंट है उनको देखना वो ठीक है नहीं

76:49

है ज्यादा है कम है कंपनी की

76:50

प्रॉफिटेबिलिटी क्या है कंपनी की एबिलिटी

76:52

क्या है शॉर्ट टर्म डेप्ट की पेमेंट करने

76:53

की लॉन्ग टर्म डेप्ट की लिक्विडिटी क्या

76:55

है कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी क्या है सारी

76:57

चीजों को एनालिसिस करना ये लाइन ऐसी है ना

76:59

आप अपने आप से बना के लिख सकते हो अगर

77:00

थ्योरी आता है तो फाइन फाइनेंसियल

77:02

स्टेटमेंट एनालिसिस के तीन टूल्स होते हैं

77:04

कंपेरेटिव कॉमन साइज स्टेटमेंट्स और दूसरा

77:07

हो गया आपका रेशियोज़ और तीसरा हो गया कैश

77:09

फ्लो स्टेटमेंट। ठीक है? ट्रेंड एनालिसिस

77:13

किसे बोलते हैं? इट इज़ द टेक्निक ऑफ़

77:15

स्टडिंग द ऑपरेशनल रिजल्ट्स फाइनेंसियल

77:17

पोजीशन ऑफ़ सेवरल ईयर। कई साल के डाटा को

77:20

उठाते हैं और उसके बेसिस पे ट्रेंड

77:22

एनालिसिस करते हैं। अगला है रेशियो

77:23

एनालिसिस और कैश फ्लो। तो पांच पॉइंट हो

77:25

गया। कंपेरेटिव कॉमन साइज, रेशियो, कैश

77:27

फ्लो और ट्रेंड। ये ध्यान रखना आप लोग।

77:29

रेश्यो भी हो गया, कंपैरेटिव कॉमन साइज भी

77:31

हो गया, ट्रेंड एनालिसिस हो गया। है ना?

77:33

ये पांच हो गया। एक एक्स्ट्रा भी है

77:35

ट्रेंड एनालिसिस जो आप नंबर ऑफ ईयर देख

77:37

देखते हो सीरियल वाइज़ और देखते हो ट्रेंड

77:39

क्या आ रहा है। ठीक है? कंपैरेटिव

77:42

स्टेटमेंट ये रहा। अब ध्यान से समझना आप

77:44

कंपैरेटिव स्टेटमेंट कैसे बनाते हो। ऑलदो

77:46

इस चैप्टर से थ्योरी नहीं आती है। सबसे

77:48

पहले आपने बनाना क्या है? आपको एब्सोल्यूट

77:51

फिगर लिखने हैं। सबसे पहले एब्सोल्यूट

77:53

चेंज बनाना है। फिर परसेंटेज चेंज बनाना

77:55

है। एब्सोल्यूट चेंज का फार्मूला है करंट

77:56

ईयर माइनस प्रीवियस ईयर। परसेंटेज चेंज का

77:58

फार्मूला है एब्सट्यूट चेंज अप प्रीवियस

77:59

ईयर इंट 100। ठीक है? तो इससे थ्योरी आती

78:02

नहीं है। इस चैप्टर को तो हटाओ आप। बट फिर

78:04

भी और कंपैरेटिव बैलेंस कंपैरेटिव इनकम

78:08

स्टेटमेंट भी सेम यही चीज है। है ना? ना

78:10

एब्सोल्यूट चेंज और परसेंटेज चेंज।

78:15

हां। अब लिमिटेशन क्या है फाइनेंसियल

78:17

एनालिसिस का? फाइनेंसियल एनालिसिस डज़ नॉट

78:19

कंसीडर द प्राइस लेवल चेंजेस। प्राइस लेवल

78:22

चेंजेस को कंसीडर नहीं करता। फाइनेंशियल

78:24

एनालिसिस जो है वो मिसलीडिंग हो सकता है।

78:27

अकाउंटिंग प्रोसीजर पॉलिसी में क्या चेंज

78:29

आया उसके अकॉर्डिंग? क्या पता आपने उस

78:31

चेंज को अडॉप्ट ही नहीं किया। पता ही नहीं

78:32

है आपको। फाइनेंसियल एनालिसिस जो है वो

78:34

रिपोर्ट्स की स्टडी बताता है। बस ये

78:35

लिमिटेशन है। आपको पेपर में कैसे आएगा?

78:37

व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ नॉट अ लिमिटेशन?

78:39

व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ अ लिमिटेशन? तो

78:40

ध्यान रखना पहला वो प्राइस लेवल चेंजेस को

78:43

अडॉप्ट नहीं करता। वो मिसलीडिंग भी हो

78:46

सकता है। फाइनेंसियल एनालिसिस जो है वो

78:48

सिर्फ रिपोर्ट्स की स्टडी करता है।

78:49

मॉनिटरी इनफेशन अलोंग इज़ कंसीडर इन

78:52

फाइनेंसियल एनालिसिस व्हाइल नॉन मॉनिटरी

78:54

क्वालिटेटिव एस्पेक्ट को इग्नोर किया जाता

78:56

है। और बेसिस ऑफ़ कॉनंसेप्ट्स और करंट

78:58

पोजीशन को नहीं बताता। हमेशा ये पास्ट के

79:00

बारे में बताता है। करंट पोजीशन के बारे

79:02

में नहीं बताता।

79:05

नेक्स्ट है अकाउंटिंग रेशियोस p/ q के

79:07

फॉर्म में आता है और इससे बहुत ज्यादा

79:08

थ्योरी नहीं आती। न्यूमेरिकल्स हैं,

79:10

फार्मूले हैं बहुत सारे। अच्छा रेशियोज़ के

79:13

ऑब्जेक्टिव क्या-क्या हैं? टू नो द एरिया

79:15

ऑफ़ द बिनेसेस व्हिच नीड मोर अटेंशन।

79:19

अकाउंटिंग रेशियोज़ में सबसे जरूरी है कि

79:22

आपको यह पता चल जाता है कहां पे आपको

79:24

ज्यादा अटेंशन देना है। टू नो अबाउट द

79:26

पोटेंशियल एरिया। कहां पे इंप्रूवमेंट के

79:28

चांसेस हैं? टू प्रोवाइड अ डीपर एनालिसिस

79:31

ऑफ द प्रॉफिटेबिलिटी, लिक्विडिटी,

79:33

सॉल्वेंसी और एफिशिएंसी। इंफॉर्मेशन दिया

79:35

जाता है क्रॉस सेक्शनल एनालिसिस का और

79:38

इंफॉर्मेशन दिया जाता है क्लास जिससे आप

79:40

फ्यूचर में अपने बिजनेस के लिए बहुत सारे

79:41

एस्टीमेट्स को बना सकते हैं। मेन एडवांटेज

79:44

रेशियोज़ के एडवांटेज क्या है? एफिकसी ऑफ़

79:47

डिसीजंस कि आपके डिसीजन कितने अच्छे हैं,

79:49

कितने बेटर हैं? सिंपलीफाई कॉम्प्लेक्स

79:51

फिगर। कॉम्प्लेक्स फिगर को सिंपलीफाई कर

79:52

सकते हैं। एक रिलेशनशिप इस्टैब्लिश कर

79:54

सकते हो दो एकाउंटिंग कॉम्पोनेंट के बीच

79:56

में। कंपैरेटिव में कंपैरिजन में आसानी

79:58

होगी। आइडेंटिफिकेशन ऑफ़ प्रॉब्लम एरियाज

80:00

कहां-कहां प्रॉब्लम है उस एरियाज को

80:02

आइडेंटिफाई कर सकते हो। स्ट्रेंथ, वीकनेस,

80:04

अपॉर्चुनिटी और थ्रेट्स को एनालिसिस कर

80:05

सकते हो। वेरियस कंपैरिजन बहुत अलग-अलग

80:08

टाइप के कंपैरिजन कर सकते हो। इंट्राफ

80:09

कंपैरिजन हो या इंटरफॉर्म। इंटरफॉर्म को

80:12

क्रॉ इसे भूलना मत बेटा। बहुतेंट है। लिख

80:14

लो कमेंट सेक्शन में। इंटरफॉर्म मतलब

80:16

क्रॉस सेक्शनल और इंट्राफ मतलब टाइम सीरीज

80:20

एनालिसिस। ठीक है? लिमिटेशन क्या है? है द

80:22

लिमिटेशन ऑफ़ रेशियो एनालिसिस व्हिच अराइज़

80:24

प्राइमरली फ्रॉम द नेचर ऑफ़ फाइनेंसियल

80:26

स्टेटमेंट्स आर अंडर लिमिटेशंस ऑफ़

80:28

एकाउंटिंग डाटा। अगर एकाउंटिंग डाटा में

80:29

प्रॉब्लम है तो फिर भैया जो रेश्यो आएगा

80:32

उसमें भी प्रॉब्लम आएगा। प्राइस लेवल

80:34

चेंजज़ को इग्नोर करते हैं। क्वालिटेटिव

80:35

एलिमेंट्स को इग्नोर करते हैं। एकाउंटिंग

80:37

प्रैक्टिस में चेंज हो सकता है। बहुत सारी

80:39

फॉरकास्टिंग करते हैं और फॉरकास्टिंग

80:40

जरूरी नहीं कि सही हो। बेटा 12th में ना

80:43

होता क्या है? 12th में भले ही न्यूमेरिकल

80:47

ज्यादा आए बट सीईटी में ज्यादातर थ्योरी

80:49

पूछता है। तो आप करके सारा कुछ चलना। मैं

80:51

आपको पूरी एनसीआरटी करा रहा हूं। उसे

80:53

फास्ट फॉरवर्ड में देख लेना। जरूर देख

80:55

लेना। अब देखो ये चीज कहीं भी आपको कोई

80:57

पढ़ाता नहीं लेकिन ये भी पेपर में अगर

80:58

पूछा गया था। दो तरह के क्लासिफिकेशन

81:00

ट्रेडिंग ट्रेडिशनल क्लासिफिकेशन और

81:02

मॉडर्न क्लास यानी कि दूसरा होता है

81:05

फंक्शनल क्लासिफिकेशन जिसको मॉडर्न

81:06

क्लासिफिकेशन भी आप कहते हो। तो ट्रेडिशनल

81:08

क्लासिफिकेशन में ये चार रेशियोज़ होते

81:10

हैं। देखो आपको पता ये तीन होते हैं। सॉरी

81:12

स्टेटमेंट ऑफ प्रॉफिट लॉस रेशियोज़, बैलेंस

81:15

शीट रेश्यो और कंपोजिट रेश्यो। ये रेशियोज़

81:17

होते थे। और आजकल रेशियोज़ क्या होते हैं?

81:19

आजकल तो सारे रेशियोज़ पता ही है आपको ना।

81:21

लिक्विडिटी रेशियो, सॉल्वेंसी रेशियो,

81:23

एक्टिविटी रेशियो और प्रॉफिटेबिलिटी

81:24

रेशियो। ये लेकिन पुराने क्या होते हैं?

81:26

बैलेंस शीट। देखो पहले जो रेश्यो होते थे

81:28

वो बहुतेंट है यहां पे। स्टेटमेंट ऑफ़

81:31

पीएंडएल, बैलेंस शीट और कंपोजिट रेशियो।

81:33

बट आज बहुत अलग-अलग टाइप के रेशियोज़ होते

81:35

हैं। करंट रेशियो, क्विक रेशियो, डेप्ट टू

81:38

इक्विटी रेशियो जो भी जो भी चार के चार

81:40

रेशियो के अंदर जितने भी रेशियो आते हैं,

81:41

प्रॉफिटेबिलिटी, सॉल्वेंसी,

81:43

एक्टिविटी एट, टर्नओवर और लिक्विडिटी अ

81:46

वेरी हाई। अच्छा ये ये भी है क्लास अ वेरी

81:49

हाई करंट रेश्यो इंप्लाइस हैवी

81:51

इन्वेस्टमेंट इन करंट एसेट व्हिच इज़ नॉट

81:53

गुड 2:1 होना चाहिए करंट रेशियो का आइडियल

81:56

अगर बहुत ज्यादा है तो भैया इसका मतलब

81:58

आपने रिसोर्सेज का प्रॉपर यूटिलाइजेशन

82:00

नहीं किया और अगर लो है वो भी डेंजर

82:02

सिचुएशन ऑफ़ द बिज़नेस पुट रिस्क ऑफ़ फेसिंग

82:04

सिचुएशन वेयर नॉट एबल टू पे शॉर्ट टर्म

82:06

डेप्ट। अगर करंट रेशियो बहुत कम है तो

82:08

इसके बाद आप शॉर्ट टर्म डेप्ट की पेमेंट

82:09

ही नहीं कर पाओगे। तो इसकी आइडल रेशियो

82:11

2:1 है। क्विक रेशियो को हम एसेट टेस्ट

82:13

रेशियो भी कहते हैं। इसके अंदर से प्रीपेड

82:15

एक्सपेंस को घटा देते हैं और इन्वेंटरी को

82:17

घटा देते हैं। तो हमारा क्विक एसेट आता

82:18

है। क्विक एसेट को लिक्विड एसेट बोलते

82:20

हैं। क्विक रेशियो को लिक्विड क्विक

82:21

रेशियो को लिक्विड रेश्यो या एसेट टेस्ट

82:24

रेशियो भी कहते हैं। इसका आइडल रेशियो जो

82:25

है वो 1 होता है। ठीक है? तो ये ध्यान

82:29

रखना। डे इक्विटी का भी 2 1 होता है। आइडल

82:32

रेशियो। डे इक्विटी रेशियो ये रहा। डेप्ट

82:34

इक्विटी रेशियो मेजर करता है रिलेशनशिप

82:37

बिटवीन लॉन्ग टर्म डेप्ट और इक्विटी। उसका

82:40

आइडल रेशियो क्या है? 2:1 डे इक्विटी

82:43

डेप्ट अपॉन इक्विटी इक्विटी मतलब शेयर

82:44

होल्डर फंड। शेयर होल्डर फंड में आता है

82:45

शेयर कैपिटल रिज़र्व एंड सरप्लस प्लस मनी

82:47

रिसीवेंशन शेयर वारेंट प्लेयर एप्लीकेशन

82:49

पेंडिंग अलॉटमेंट या इक्विटी शेयर कैपिटल

82:51

प्लस प्रेफरेंस शेयर कैपिटल। ये सब आता है

82:53

शेयर कैपिटल के अंदर। ठीक है? शेयर होल्डर

82:55

फंड आता है नॉन करंट एसेट्स प्लस वर्किंग

82:56

कैपिटल माइनस नॉन करंट लायबिलिटी। और

82:59

वर्किंग कैपिटल क्या आता है? करंट एसेट

83:00

माइनस करंट लायबिलिटी। द रेशियो मेजर्स

83:03

डिग्री ऑफ इनडे्टनेस। तो जो डेप्ट टू

83:06

इक्विटी रेशियो है वह बताता है कि भाई

83:08

कितना कर्जा है आपके पास और कितना खुद का

83:10

पैसा आपने लगाया है। ठीक है? हाउएवर फ्रॉम

83:14

द पर्सपेक्टिव ऑफ़ ओनर्स ग्रेटर यूज़ ऑफ़

83:16

डेप्ट मे हेल्प इंश्योरिंग। ये तो आपने

83:18

बीएसटी के अंदर पढ़ा होगा। जैसे-जैसे अपने

83:20

कैपिटल स्ट्रक्चर में डेप्ट को ऐड करते

83:22

चले जाओगे, तुम्हारा जो अर्निंग पर शेयर

83:24

है, वह भी बढ़ता चला जाएगा। सोचो, पूरी

83:27

एनसीआरटी की दो-दो बुक मैं कवर करा रहा

83:29

हूं। फार्मूले तो मैं आपको अलग से करा ही

83:31

दूंगा। जिस दिन पेपर होगा सुबह मैं सारे

83:34

फार्मूले रिवीजन कराऊंगा और जो की पॉइंट

83:36

है वह भी कराऊंगा। जैसे की पॉइंट क्या है

83:38

कि करंट एसेट के अंदर हम लोग इन्वेंटरी

83:41

सॉरी सॉरी करंट एसेट के अंदर लूज टूल

83:43

स्टोर स्पेयर पार्ट नहीं लेते। तो वो आएगा

83:45

आप ले लोगे। आप बोलोगे ये करंट एसेट है।

83:46

भाई नहीं लेना वो सब मैं बातें बताऊंगा

83:48

आपको। डेप्ट टू कैपिटल एंप्लॉयड लॉन्ग

83:50

टर्म डेप्ट अपॉन कैपिटल एंप्लॉयड। अब

83:51

कैपिटल एंप्लॉयड का फार्मूला बहुत सारा

83:52

होता है। कैपिटल एंप्लॉयड का फार्मूला

83:54

लाइक सबसे पहला होता है कैपिटल एंप्लॉयड

83:56

का नॉन करंट लायबिलिटी प्लस शेयरहोल्डर

83:58

फंड नॉन करंट एसेट प्लस वर्किंग कैपिटल

84:00

टोटल लायबिलिटी माइनस करंट लायबिलिटी शेयर

84:02

कैपिटल प्लस रिजर्व सरप्लस प्लस लॉन्ग

84:04

टर्म डेप्ट प्रोपराइट रेशियो शेयर होल्डर

84:06

फंड अपॉन टोटल शेयरहोल्डर फंड अपॉन टोटल

84:09

एसेट ठीक है ये हो गया प्रोपराइट रेशियो

84:10

यहां पे नेट एसेट लिखा है सॉरी नेट एसेट

84:12

ही लिखना ठीक है नेट एसेट मतलब

84:13

डेप्रिसिएशन घटाने के बाद टोटल एसेट डे

84:16

रेशियो टोटल एसेट अप लॉन्ग टर्म डे हायर

84:18

रेशियो इंडिकेट करता है एसेट्स मेनली

84:20

फाइनेंस बाय ओनर फंड तो टोटल एसेट अप

84:22

लॉन्ग टर्म डेप्ट में अगर टोटल एसेट

84:24

ज्यादा है इसका मतलब एसेट्स आपने खुद के

84:25

पैसे से खरीदा है। टोटल एसेट कम है तो

84:27

एसेट आपने उधार लेके ज्यादा खरीदा है। तो

84:29

हर रेश्यो रिलेशनशिप बताता है। इंटरेस्ट

84:31

कवर रेशियो कि आपका प्रॉफिट कितना है?

84:33

बिफोर इन टैक्स अपॉन एनुअल इंटरेस्ट कितना

84:35

है? हायर रेशियो इंश्योर सेफ्टी ऑफ़

84:38

इंटरेस्ट ऑन डे। तो ये रेशियो जितना

84:39

ज्यादा होगा डिबेंचर होल्डर को उतना ही

84:41

संतुष्टि होगा। खुश होंगे कि भ हमें तो

84:43

ब्याज हमारा मिल ही जाएगा। जाएगा। कंपनी

84:44

के पास प्रॉफिट बहुत ज्यादा है। एक्टिविटी

84:46

रेशियोज़ के अंदर ये सारे रेशियोज़ आते हैं।

84:47

इन्वेंटरी टर्नओवर रेशियो, सीओजीस अपॉन

84:49

एवरेज इन्वेंटरी, ट्रेड रिसीबल टर्नओवर

84:51

रेशियो, सेल्स अह मतलब नेट क्रेडिट सेल्स

84:52

अपॉन एवरेज ट्रेड रिसीवल, ट्रेड पेएबल

84:54

टर्नओवर यो, नेट क्रेडिट परचेस अपॉन एवरेज

84:56

ट्रेड पेएबल, नेट एसेट टर्नओवर रेशियो,

84:57

रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन अपॉन नेट एसेट।

84:59

फिक्स्ड एसेट, टर्नओवर रेशियो, रेवेन्यू

85:00

फ्रॉम ऑपरेशन अपॉन नेट फिक्स्ड एसेट्स।

85:02

वर्किंग कैपिटल टर्नओवर रेशियो, सेल्स

85:03

अपॉन वर्किंग कैपिटल। ठीक है? तो बस वही

85:05

सारा लिखा हुआ है।

85:08

हम

85:10

हां। अब जो आपने यह रेशियो पढ़ा आपने ट्रेड

85:13

रिसीवेबल टर्नओवर रेशियो वो अगर आपको

85:16

निकालना हो नंबर ऑफ डज़ कि भ कितने दिन में

85:19

आप पैसा जो है डेटर से कलेक्ट कर लेते हो

85:21

या कलेक्शन पीरियड निकालना हो तो फार्मूला

85:23

क्या लगाओगे 1 / ट्रेड रिसीव टर्नओवर

85:26

रेशियो इंटू नंबर ऑफ डज़ और मंथ मंथ में

85:28

मल्टीप्लाई कर देना 12 से डज़ में

85:29

मल्टीप्लाई कर देना 365 से ठीक है ये

85:32

ध्यान रखना इसको बोलते हैं कलेक्शन पीरियड

85:33

कितने दिन में आप उधारी को कलेक्ट कर लोगे

85:37

ठीक है ट्रेड पेएबल टर्नओवर रेशियो का

85:39

फार्मूला वही है नेट क्रेडिट परचेस अपॉन

85:40

एवरेज ट्रेड पेबल। एवरेज ट्रेड पेबल कैसे

85:42

निकलेगा? ओपनिंग क्रेडिटर, ओपनिंग बिल्स

85:43

पेबल, क्लोजिंग क्रेडिटर, क्लोजिंग बिल्स

85:45

पेबल डिवाइड बाय टू और एवरेज पेमेंट

85:47

पीरियड, नंबर ऑफ़ डज़ और मंथ अपॉन ट्रेड

85:49

पेएबल टर्नओवर रेशियो। तो नीचे आएगा ट्रेड

85:51

पेएबल टर्नओवर रेशियो 1 / ट्रेड पेएबल

85:53

टर्नओवर रेशियो इंटू 12 मंथ या 365 डज़।

85:56

इसलिए वो ऊपर लिख रखा है। ठीक है? एवरेज

85:59

ट्रेड पेएबल अपॉन और ये क्वेश्चन की

86:01

प्रैक्टिस अगर करना चाहो तो कर सकते हो।

86:03

अच्छे क्वेश्चन दे रखे हैं एनसीईआरटी के

86:05

अंदर। बट एनसीईआरटी के जो क्वेश्चंस हैं

86:07

वो सारे के सारे मैंने तुम्हें क्लास में

86:09

करा दिए हैं ऑलरेडी। रिवीजन करा दिया है।

86:11

लाइव सेशन में कवर कर लिया है। तो आपको

86:13

थ्योरी थ्योरी कवर करनी है बस। ठीक है? और

86:15

मैं एक और वीडियो लेके आऊंगा एग्जामिनेशन

86:17

से एक दिन पहले जिसके अंदर मैं छोटी सी

86:19

वीडियो बनाऊंगा 15 मिनट की 20 मिनट की

86:21

जिसके अंदर मैं पूरे सिलेबस की मोस्ट

86:23

एक्सपेक्टेड थ्योरीज जो है उसके अंदर कवर

86:24

करा दूंगा। ये तो मैं पूरी एनसीईआरटी करवा

86:26

रहा हूं आपको। ए टू जेड मैं मैं जानता हूं

86:28

मुझे 80 में से 80 देते हैं बच्चे ला के।

86:30

इसलिए मैं सब चीज कराता हूं। अगर मैं

86:32

तुम्हें पूरा ही नहीं कराऊंगा तो कैसा आधे

86:33

मन से काम करने का कोई फायदा नहीं। तो

86:35

एनसीईआरटी बहुत इंपॉर्टेंट है। ये सब ऐसे

86:37

ही लिखा नहीं है। ये पता नहीं कितने दिन

86:39

लगे हैं इसको अनलाइनिंग करने में। ठीक है?

86:42

नेट एसेट और कैपिटल एंप्लॉयड टर्नओवर

86:43

रेशियो फार्मूला क्या है? रेवेन्यू फ्रॉम

86:45

ऑपरेशन अपॉन कैपिटल एंप्लॉयड। राइट?

86:47

कैपिटल एंप्लॉयड टर्नओवर रेशियो व्हिच

86:49

स्टडीज़ टर्नओवर ऑफ कैपिटल एंप्लॉयड कि

86:52

भैया कैपिटल एंप्लॉयड कितना है और टर्नओवर

86:54

कितना है? टर्नओवर कैपिटल एंप्लॉयड कितने

86:55

परसेंटेज है? ये बताता है बस। वर्किंग

86:59

कैपिटल टर्नओवर रेशियो सेल्स अपॉन वर्किंग

87:00

कैपिटल। ठीक है? तो वर्किंग कैपिटल

87:02

टर्नओवर रेशियो में आएगा सेल्स अप वर्किंग

87:04

कैपिटल। ठीक है? ये हो गया।

87:07

हाई टर्नओवर कैपिटल एंप्लॉयड वर्किंग

87:09

कैपिटल एंड फिक्स्ड एसेट इज़ गुड साइन। अगर

87:11

आपका ज्यादा है रेशियोज़ तो ये अच्छा साइन

87:14

है। वैसे टर्नओवर रेशियो ज्यादा है तो ठीक

87:16

है। बस बहुत ज्यादा है तो गलती है। ये

87:18

सारे के सारे रेशियोज़ हैं। प्रॉफिटेबिलिटी

87:21

रेश्यो। बट ये एनसीईआरटी के अंदर है।

87:23

सीबीएसई क्या कहता है कि आपको जीपी

87:26

रेशियो, ऑपरेटिंग रेशियो, ऑपरेटिंग

87:27

प्रॉफिट रेशियो, नेट प्रॉफिट रेशियो, आर

87:29

ओआई। बस आपको इतना पढ़ना है। बाकी यह जो

87:32

रेशियोज़ हैं ना 6 7 8 9 10 यह नहीं है

87:36

आपके सिलेबस के अंदर। ठीक है? तो जीपी

87:38

रेशियो जीपी अपॉन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन *

87:40

100 एनपी रेशियो एनपी अपॉन रेवेन्यू फ्रॉम

87:42

ऑपरेशन * 100 ऑपरेटिंग रेशियो ऑपरेटिंग

87:44

कॉस्ट अपॉन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन * 100

87:46

ऑपरेटिंग कॉस्ट कैसे निकला? सीओजीएस प्लस

87:47

ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस। सीओजीएस कैसे निकलता

87:49

है? ओपनिंग स्टॉक प्लस परचेस प्लस

87:50

डायरेक्ट एक्सपेंस माइनस क्लोजिंग स्टॉक।

87:52

और ऑपरेटिंग एक्सपेंस के अंदर आता है

87:54

डेप्रिसिएशन, अनमोटाइजेशन, सेलिंग

87:56

डिस्ट्रीब्यूशन, ऑफिस एंड एडमिनिस्ट्रेशन।

87:58

और ऑपरेटिंग प्रॉफिट रेशियो का फार्मूला

87:59

ऑपरेटिंग प्रॉफिट अप रेवेन्यू फ्रॉम

88:00

ऑपरेशंस * 100 ऑपरेटिंग कॉस्ट रेशियो

88:02

ऑपरेटिंग प्रॉफिट रेशियो दोनों मिला के

88:04

क्या आता है आपको 100% तो अगर आपको 100 से

88:06

घटा दोगे दूसरा आपको मिल जाएगा। एनपी

88:08

रेशियो नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ये अकेला

88:10

एक ऐसा फार्मूला है जहां पे नेट प्रॉफिट

88:11

आफ्टर टैक्स अपॉन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस

88:13

* 100 और रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड क्या

88:15

होता है? प्रॉफिट बिफोर इंटेंट टैक्स अपॉन

88:16

कैपिटल एंप्लॉयड इंटू 100 ठीक है और

88:19

कैपिटल एंप्लॉयड पता है कैसे निकला।

88:20

प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दिया होगा तो आपने

88:21

टैक्स ऐड कर देना उसके अंदर।

88:24

इंटरेस्ट ऐड कर देना प्रॉफिट बिफोर टैक्स

88:26

निकलेगा। हमारा लास्ट चैप्टर कैश फ्लो

88:29

स्टेटमेंट। इसके अंदर भी देख लेते हैं।

88:30

सबसे पहली बात कौन से

88:34

अकाउंटिंग स्टैंडर्ड के बेसिस पे बनता है।

88:36

अकाउंटिंग स्टैंडर्ड थ्री एएस थ्री के

88:38

बेसिस पे कैश फ्लो स्टेटमेंट बनेगा। ध्यान

88:40

रखना। ठीक है? फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स आर

88:43

डिफाइंड एज कंपनीज़ कंपनीज़ एक्ट 2013

88:45

सेक्शन टू क्लॉज़ 40 एंड इंक्लूड्स कैश

88:48

फ्लो स्टेटमेंट। फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स

88:49

के अंदर कैश फ्लो स्टेटमेंट भी आता है। अ

88:52

कैश फ्लो स्टेटमेंट प्रोवाइड इनेशन अबाउट

88:55

हिस्टोरिकल चेंजज़ इन कैश एंड कैश

88:57

इक्विवेलेंट ऑफ़ द एंटरप्राइज बाय

88:59

क्लासिफाइंग कैश फ्लोस इनू ऑपरेटिंग,

89:01

इन्वेस्टिंग, फाइनेंसिंग। इसके अंदर तीन

89:02

एक्टिविटी आती हैं। ऑपरेटिंग,

89:04

इन्वेस्टिंग, फाइनेंसिंग। और इसका मेन

89:05

ऑब्जेक्टिव है कि भ ऑपरेटिंग से कितना

89:07

पैसा आ रहा है और जा रहा है। इन्वेस्टिंग

89:09

से कितना आ रहा है, जा रहा है और

89:10

फाइनेंसिंग से कितना पैसा आ रहा है, जा

89:12

रहा है, उसको चेक करना। कैश फ्लो

89:14

स्टेटमेंट शोज़ इनफ्लो, आउटफ्लो ऑफ़ कैश एंड

89:17

कैश इक्वल फ्रॉम वेरियस एक्टिविटी लाइक

89:19

ऑपरेटिंग, इन्वेस्टिंग और फाइनेंसिंग। ठीक

89:21

है? इनफ्लो आउटफ्ल् चेक करना। बेनिफिट

89:23

क्या है कैश फ्लो स्टेटमेंट का? आपको पता

89:25

रहेगा किस एक्टिविटी से कितना पैसा आ रहा

89:27

है, जा रहा है। तो लिक्विडिटी का पता

89:28

रहेगा कि भ हमारे पास कितना पैसा बचा हुआ

89:31

है। कैश फ्लो की इनेशन रहेगी जिससे क्लास

89:33

कंपनी फ्यूचर में कैश कितना जनरेट करना

89:36

है, कहां कितना खर्चा करना है, यह पता लगा

89:37

सकेगी। इट आल्सो एनहांस द कंपेरेबिलिटी ऑफ

89:40

रिपोर्टिंग है ना। आप अपनी ऑपरेटिंग

89:42

परफॉर्मेंस को कंपेयर भी कर सकते हो और इट

89:44

हेल्प्स इन बैलेंसिंग इट्स कैश फ्लो

89:46

इनफ्लो आउट फ्लो को बैलेंस भी कर सकते हो

89:47

अगर स्ट्रेंड बनाते हो तो ये लाइन देखना

89:50

बहुतेंट ध्यान से सुनो इट्स वेरी

89:51

वेरीरीेंट एज़ पर एएस3 कैश कंप्राइ कैश इन

89:55

हैंड डिमांड डिपॉजिट विद बैंक्स एंड कैश

89:57

इक्विवेलेंट मींस शॉर्ट टर्म हाई लिक्विड

89:59

इन्वेस्टमेंट्स दैट आर रेडीली कन्वर्टेबल

90:01

इंटू नोन ऐज़ द कैश नोन ऐज़ द अमाउंट ऑफ़ कैश

90:04

व्हिच आर सब्जेक्ट टू इनसिग्निफिकेंट

90:05

रिस्क ऑफ़ चेंज इन द वैल्यू एन

90:07

इन्वेस्टमेंट नॉर्मली क्ल क्लासिफाइज़ अ

90:09

कैश एंड कैश इक्विवेलेंट कोई भी इन्वेस्ट

90:11

मेंट कैश एंड कैश इक्विवेलेंट क्लासिफाई

90:12

करेगा ओनली व्हेन इट हैज़ शॉर्ट टर्म

90:14

मैच्योरिटी ऑफ़ से 3 मंथ्स और लेस फ्रॉम द

90:17

डेट ऑफ़ एक्वज़िशन। 3 महीने या तीन महीने से

90:19

कम का अगर कोई भी इन्वेस्टमेंट है वो कैश

90:21

एंड कैश इक्विवेलेंट के अंदर आएगा।

90:23

इन्वेस्टमेंट इन शेयर्स आर एक्सक्लूडेड

90:25

फ्रॉम कैश एंड कैश इक्विवेलेंट अनलेस दे

90:26

आर सब्सटैंशियल कैश इक्विवेलेंट।

90:28

इन्वेस्टमेंट्स इन शेयर्स आर एक्सक्लूडेड।

90:30

शेयर्स में आपने जो इन्वेस्टमेंट की थी

90:32

उसे एक्सक्लूड कर देंगे फ्रॉम कैश

90:36

इक्विवेलेंट्स अनलेस दे आर इन सब्सटैंशियल

90:39

कैश इक्विवेलेंट। ठीक है? तो शेयर्स को

90:41

आपने नहीं लेना है फॉर इन जनरल नहीं लेना

90:43

है। फॉर एग्जांपल प्रेफरेंसेस ऑफ़ अ कंपनी

90:45

एक्वायर्ड शॉर्टली बिफोर देयर स्पेसिफिक

90:47

रिडमशन डेट है ना तुरंत ले लिया आपने

90:49

रिडीम होने वाला है वो प्रोवाइडेड देयर इज़

90:51

ओनली सिग्निफिकेंट रिस्क ऑफ़ फेल ऑफ़ द

90:53

कंपनी टू रिपेयर अमाउंट इट्स मैच्योरिटी।

90:54

सिमिलरली शॉर्ट टर्म मार्केट सिक्योरिटी

90:56

व्हिच कैन बी रेडीली कन्वर्टेड इंटू कैश

90:58

ट्रेड एज़ कैश इक्विवेलेंट। जो 3 महीने के

91:01

अंदर कैश में कन्वर्ट हो जाए हम उसको ही

91:04

क्या बोलते हैं? कैश एंड कैश इक्विवेलेंट।

91:06

शेयर वाली लाइन कह रहा है कि इन जनरल हम

91:08

शेयर्स को नहीं मानते। कैश इक्विवेलेंट

91:10

क्यों यार? शेयर्स थोड़ी कोई 2-3 महीने के

91:12

लिए इशू होता है। लेकिन फिर भी मान लो

91:13

आपने 2-3 महीने में शेयर्स के पैसे तो

91:15

नहीं मिलेंगे तो उसको कैसे मान लें कैश

91:17

एंड कैश इक्विवेलेंट? तो अगर लेकिन अगर

91:19

आपने वो शेयर्स खरीदे जो अभी रिडीम होने

91:21

वाले हैं अगले महीने 2 महीने 3 महीने के

91:22

अंदर-अंदर तो वो कैश फ्लो कैश इक्विवेलेंट

91:25

हो जाएगा। अदरवाइज़ वो कैश इक्विवेलेंट

91:26

नहीं होगा। कौन से अकॉर्डिंग बनता है?

91:28

अकॉर्डिंग टू एस थ्री बनता है। तीन

91:30

एक्टिविटीज़ होती हैं। ऑपरेटिंग,

91:31

इन्वेस्टिंग और फाइनेंसिंग एक्टिविटी। कैश

91:33

फ्लो फ्रॉम ऑपरेटिंग के अंदर क्या आता है?

91:34

दीज़ आर द प्रिंसिपल रेवेन्यू जनरेटिंग

91:37

एक्टिविटी। ये मेन है, ऑपरेटिंग है। है

91:39

ना? ये आपका प्रिंसिपल रेवेन्यू। यहीं से

91:41

आ रहा है मेन पैसा आपका। द अमाउंट ऑफ कैश

91:43

फ्रॉम ऑपरेशंस इंडिकेट इंटरनल सॉल्वेंसी

91:46

लेवल ऑफ़ द कंपनी एंड द की इंडिकेटर ऑफ़

91:48

एक्सटेंट टू व्हिच ऑपरेशंस ऑफ़ एंटरप्राइज

91:50

हैव जनरेटेड सफिशिएंट कैश। यहां से

91:52

एक्चुअली में पैसा आ रहा है। कैश फ्लो

91:54

फ्रॉम ऑपरेटिंग एक्टिविटी इज़ प्राइमरी

91:55

डिराइव्ड फ्रॉम द मेन एक्टिविटी ऑफ़ द

91:56

एंटरप्राइज़।

91:58

कैश इनफ्लो फ्रॉम ऑपरेटिंग एक्टिविटी।

92:00

पैसा कैसे आएगा? जब आप सामान को बेचोगे,

92:02

रॉयल्टी मिलेगी, सर्विस मिलेगी। पैसा कहां

92:04

जाएगा? सप्लायर को पेमेंट करोगे, एंप्लॉइज़

92:06

को पेमेंट करोगे, जो भी आपने एक्स व जहां

92:07

भी पेमेंट करी है, उसका डिफरेंस कैश

92:10

ऑपरेटिंग के अंदर आता है। और ये सारा जो

92:12

है ना यह डायरेक्ट मेथड के अंदर आता है।

92:13

आपको पता है कैश फ्लो के दो मेथड होते

92:15

हैं। डायरेक्ट इनडायरेक्ट आपके सिलेबस में

92:16

सिर्फ इनडायरेक्ट मेथड है।

92:19

कैश आउटफ्लो फ्रॉम इन्वेस्टिंग। तो आप

92:21

एसेट्स खरीदोगे, बिल्डिंग, मशीन, फर्नीचर

92:23

खरीदोगे, पैसा जाएगा। और इनको बेचोगे तो

92:25

पैसा आएगा। है ना? सेल, रिसीप्ट ऑफ़

92:27

डिस्पोजल ऑफ़ फिक्स्ड एसेट। एसेट को

92:28

बेचोगे, बिल्डिंग मशीन, फर्नीचर बेचोगे।

92:30

फाइनेंस से पैसा कैसे आएगा? प्रोसीड फ्रॉम

92:32

इशू ऑफ़ शेयर्स, शेयर इशू किया, डिबेंचर

92:33

इशू किया, लोन लिया, बैंक ऑफ बढ़ गया। इन

92:35

सब से पैसा आएगा, जाएगा कैसे? इंटरेस्ट

92:37

पेड, डिविडेंड पेड, लोन को रिपे किया,

92:39

शेयरहोल्डर्स को पेमेंट किया, रिडमशन ऑफ़

92:41

शेयर्स। तो वो सारा का सारा आउटफ्ल् हो

92:43

गया। ट्रीटमेंट ऑफ़ सब पर्टिकुलर आइटम

92:45

एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी आइटम। ध्यान रखना

92:47

एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी आइटम आर नॉट रेगुलर

92:50

फेनोमिन एंड एग्जांपल लॉस ड्यू टू थप्ट

92:53

अर्थक्वेक, फ्लड। एक्स्ट्राऑर्डिनरी आइटम

92:55

आर नॉन रेकरिंग इन नेचर। है ना? कभी-कभी

92:57

होता है तो इसको अलग से आपने प्लस करना

92:59

है। इससे जो भी लॉस हुआ ऑपरेटिंग के अंदर

93:01

और इसको माइनस करना है। जो भी अगर

93:02

इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा उसको हम लोग क्या

93:04

करेंगे? माइनस करेंगे। इंटरेस्ट एंड

93:06

डिविडेंड फाइनेंसिंग से माइनस ऑपरेटिंग

93:08

में प्लस टैक्सेस इनकम और गेन

93:12

टैक्सेस मे बी इनकम टैक्स कैपिटल गेन

93:15

टैक्स डिविडेंड टैक्स टैक्स। एएस3

93:18

रिक्वायर्ड दैट कैश फ्लो अराइजिंग फ्रॉम

93:20

टैक्सेस ऑन इनकम शुड बी सेपरेटली

93:22

डिस्क्लोज डिस्क्लोज्ड शुड बी क्लासिफाई

93:24

एज कैश फ्लो फ्रॉम ऑपरेटिंग एक्टिविटी

93:26

अनलेस स्पेसिफाइड आइडेंटिफाई अंडर द

93:28

फाइनेंसिंग एक्टिविटी ध्यान से समझना

93:30

बहुतेंट टैक्स ऑन ऑपरेटिंग प्रॉफिट शुड बी

93:32

क्लासिफाई ऑपरेटिंग कैश फ्लो ऑपरेटिंग

93:35

प्रॉफिट पे जो टैक्स लगता है तो वो

93:36

ऑपरेटिंग एक्टिविटी में आता है डिविडेंड

93:39

टैक्स टैक्स पेड ऑन डिविडेंड जो है वह

93:41

फाइनेंसिंग एक्टिविटी में आएगा डिविडेंड

93:42

फाइनेंसिंग एक्टिविटी का पार्ट है तो

93:44

फाइनेंसिंग एक्टिविटी में आएगा कैपिटल गेन

93:46

पे जो टैक्स है वह क्लास आपका इन्वेस्टिंग

93:48

एक्टिविटी में आएगा। ये तीनों पॉइंट बहुत

93:50

इंपॉर्टेंट है। बच्चा इसे पढ़ के नहीं

93:52

जाता तो बस टैक्स को ऑपरेटिंग के अंदर लिख

93:54

के आ जाता है। लेकिन टैक्स इन्वेस्टिंग और

93:55

फाइनेंसिंग में भी हो सकता है। प्रपोज्ड

93:58

डिविडेंड हम पहले ही बात कर चुके हैं।

94:00

प्रपोज्ड डिविडेंड एएस4 के अंदर वो

94:02

कंटिंजेंसी एंड इवेंट अकरिंग आफ्टर बैलेंस

94:04

शीट डेट ये नाम है। यहां से यहां तक एएस

94:06

का नाम है। प्रपोज्ड डिविडेंड नोट्स टू

94:07

अकाउंट्स के अंदर आएगा। और इसका जो

94:09

प्रीवियस ईयर का फिगर है वही ऑपरेटिंग में

94:10

प्लस करेंगे। वही फाइनेंसिंग से माइनस

94:12

करेंगे। ये ड्रीम नहीं ध्यान। करंट ईयर का

94:14

हमें कहीं कुछ लेने की जरूरत नहीं है।

94:16

हमें इनडायरेक्ट मेथड ही पढ़ना होता है।

94:17

जहां पे हम नेट प्रॉफिट को सबसे ऊपर लिखते

94:19

हैं। फिर उसी में सारे के सारे प्लस माइनस

94:21

करते हैं। दो मेथड होते हैं। डायरेक्ट

94:24

हमें पढ़ना नहीं तो हम स्टेटमेंट ऑफ पेनल

94:26

को लेते हैं और उस बेसिस पे हम लोग कैश

94:28

फ्लो बनाते हैं। तो बस यहां से कोई थ्योरी

94:30

आती नहीं। एमसीक्यू आता है दो नंबर का। बस

94:32

खत्म। इसके साथ हमने कोशिश करा कि हम

94:35

एनसीईआरटी पूरी की पूरी ए टू जेड अच्छे से

94:39

वन शॉट में कवर कर लिया। चिंता मत करो। तो

94:41

मैं इसको बिल्कुल कंसाइज करके 15 से 20

94:45

मिनट में आपको पूरा का पूरा जितना भी ए टू

94:48

जेड थ्योरी है वो भी करा दूंगा आगे आने

94:50

वाले वीडियोस में। तो स्टे ट्यून अच्छे से

94:52

मेहनत करते रहो, पढ़ते रहो। लाइव क्लासेस

94:54

को बिल्कुल भी मिस मत करना। ठीक है? मिलते

94:56

हैं नेक्स्ट वीडियो में। ऑल द बेस्ट फॉर

94:57

बोर्ड एग्जाम। टिल देन टेक केयर। बाय बाय।

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