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Kaise Hua Tha Operation Sindoor | 2D Animation

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0:00

7 मई 2025 को पहलगाम में धर्म पूछकर 26

0:04

बेगुनाह लोगों की हत्या करने वाले आतंकी

0:07

जब पाकिस्तान की जमीन पर अपने ठिकानों में

0:09

आराम से सो रहे थे तब उन्हें बिल्कुल

0:11

अंदाजा नहीं था कि ये रात उनके लिए आखिरी

0:14

साबित होने वाली है। रात लगभग 1:05 से

0:17

1:30 मिनिट के बीच पाकिस्तान के सियालकोट,

0:21

मुरीद के और बहावलपुर और साथ ही पोके के

0:24

मुजफराबाद, कोटली और भिम्बर में मौजूद

0:27

आतंकी ठिकानों पर एक साथ हमला किया गया।

0:30

लाशकर ए तैबा, जाइश मोहम्मेद और हिजबुल

0:32

मुजाहदीन के कुल नौ ठिकानों पर 24

0:35

मिसाइलें और कई बम गिराए गए। रात के

0:37

सन्नाटे में चारों तरफ धुएं का गुबार फैल

0:40

गया और कुछ ही मिनटों में आतंक के यह सभी

0:42

अड्डे पूरी तरह तबाह [संगीत] हो गए। यह

0:44

कार्यवाही भारत की तरफ से उन आतंकियों और

0:47

उनके हैंडलर्स के खिलाफ थी जो पाकिस्तान

0:49

[संगीत] में छिप कर भारत में मासूम लोगों

0:52

को मारते रहे हैं। इस मिशन को ऑपरेशन

0:54

सिंदूर नाम दिया गया। यह उन मांओं और

0:56

बहनों के दर्द का जवाब था। जिनकी आंखों के

0:59

सामने पहलगाम में उनके परिवार उजाड़ दिए

1:02

गए थे। ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ

1:04

भारत की अब तक की सबसे बड़ी मिलिट्री

1:07

एक्शन माना जा रहा है। पहली बार भारत ने

1:09

इंटरनेशनल बॉर्डर से करीब 100 किलोमीटर

1:12

अंदर जाकर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।

1:15

इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकियों के

1:17

मारे जाने की जानकारी सामने आई। इनमें

1:20

जॉर्ज ए मोहमेद के चीफ मसूद अजहर के

1:23

परिवार के 10 लोग और उसके चार करीबी

1:25

[संगीत] एसोसिएट्स शामिल थे। यह हमला इतना

1:27

जोरदार था कि सैकड़ों बेगुनाह लोगों की

1:30

मौत [संगीत] का जिम्मेदार मसूद अजहर खुद

1:32

टूट गया और यह कहते हुए सुना गया कि काश

1:35

वह भी इस हमले में मारा गया होता। अब सवाल

1:38

यह था कि भारत ने पाकिस्तान के अंदर इतना

1:40

बड़ा ऑपरेशन कैसे किया? इसकी प्लानिंग

1:43

कैसे हुई? और इसके बाद हालात कैसे बदले?

1:46

आतंकी

1:46

[संगीत]

1:46

ठिकाने तबाह होने के बाद पाकिस्तान ने

1:49

घबराकर भारत के सिविलियन एरियाज और

1:52

मिलिट्री साइट्स को नुकसान [संगीत]

1:54

पहुंचाने की कोशिश की। लेकिन वो इसमें

1:56

पूरी तरह नाकाम रहा। इसके जवाब में इंडियन

1:58

आर्म्ड फोर्सेस ने [संगीत] पाकिस्तान के

2:00

11 एयरबेस पर कड़ी कार्रवाई की। इससे

2:03

पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ और उसे पीछे

2:06

हटने पर मजबूर होना पड़ा। पहलगाम हमले को

2:09

अंजाम देने वाले चार आतंकी हमले के बाद

2:12

जंगलों में भाग गए। लेकिन भारत ने साफ कहा

2:14

कि इस हमले के जिम्मेदार लोगों और इसकी

2:17

साजिश रचने वालों को उनकी सोच से भी बड़ी

2:20

सजा दी जाएगी। भारत ने ये भी साफ किया कि

2:22

ये एक बेहद प्रिसाइस और जॉइंट मिलिट्री

2:25

ऑपरेशन था। जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान

2:27

ऑक्युपाइड जम्मू एंड कश्मीर में मौजूद नौ

2:30

बड़े टेरर कैंप्स को निशाना बनाया गया।

2:33

इसका मकसद सिर्फ पहलगाम हमले के विक्टिम्स

2:36

को जस्टिस दिलाना था। हमले के बाद

2:38

पाकिस्तान की ओर से रात के अंधेरे में

2:40

ड्रोंस भेजे गए। लेकिन इंडियन आर्मी ने

2:42

तुरंत एक्शन लेते हुए करीब 50 [संगीत]

2:44

ड्रोंस को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके

2:46

साथ ही देशवासियों को भरोसा दिलाया गया कि

2:49

मातृभूमि पर किसी भी तरह का हमला सफल नहीं

2:51

होने दिया जाएगा| इसी दौरान लाहौर में

2:53

मौजूद पाकिस्तान का एयर डिफेंस रेडर और

2:56

डिफेंस सिस्टम [संगीत] भी इंडियन फोर्सेस

2:58

की कार्यवाही में पूरी तरह न्यूट्रलाइज कर

3:00

दिया गया।

3:07

इस पूरी कहानी की शुरुआत 22 अप्रैल 2025

3:10

से होती है। जब पाकिस्तान के आतंकी संगठन

3:13

लाशकर ई तबा से जुड़े उसके फ्रंट ग्रुप

3:16

टीआरएफ के पांच से छह आतंकियों ने पहलगाम

3:19

की बैसरण घाटी को पूरी तरह दहशत में बदल

3:22

दिया। आतंकियों ने वहां मौजूद लोगों को

3:24

रोका। उनसे उनका धर्म पूछा और जैसे ही

3:28

किसी ने खुद को हिंदू बताया उसे गोली मार

3:30

दी गई। वो यहीं नहीं रुकी। आतंकियों ने

3:34

पुरुषों से उनकी धार्मिक पहचान साबित करने

3:36

के लिए कलमा पढ़ने को कहा। जो लोग कलमा

3:39

नहीं पढ़ पाए उन्हें बेरहमी से मार दिया

3:41

गया। इस तरह सिर्फ धर्म के आधार पर 26

3:44

बेगुनाह पुरुषों की जान ले ली गई। यह

3:47

पाकिस्तान की तरफ से कराया गया कोई पहला

3:49

आतंकी हमला नहीं था। पिछले दो-तीन [संगीत]

3:52

दशकों में पाकिस्तान स्पों्सर्ड टेररिज्म

3:54

के तहत 2001 पार्लियामेंट अटैक, 2611

3:58

मुंबई अटैक, पथंगकोट, उरी और पुलवामा जैसे

4:02

कई बड़े हमले भारत में कराए जा चुके हैं।

4:05

साल 2024 में भी जम्मू कश्मीर के

4:08

सोनमार्ग, गुलम्ग और रियासी में हमले हुए

4:11

थे। लेकिन पहलगाम का हमला इन सबसे अलग था।

4:14

इस बार आतंकियों ने इंसानियत की हर सीमा

4:17

पार कर दी थी। धर्म के आधार पर की गई इन

4:20

हत्याओं ने भारत की सहनशक्ति की हद भी पार

4:23

कर दी। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान ने हमेशा

4:25

की तरह वही पुराना खेल शुरू कर दिया। कभी

4:28

उसने पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों को

4:31

फ्रीडम फाइटर्स बताया तो कभी भारत पर ही

4:34

आरोप लगाने लगा। इस बार भारत सरकार ने

4:36

पाकिस्तान से सिर्फ बयानबाजी करने के बजाय

4:40

ठोस कदम उठाने का फैसला किया। सबसे पहले

4:42

डिप्लोमेटिक लेवल पर ऐसे फैसले लिए गए जो

4:45

पहले कभी नहीं किए गए थे। भारत ने इंडस

4:48

वाटर ट्रीटी [संगीत] को सस्पेंड कर दिया।

4:50

पाकिस्तान की करीब 80% इति योग्य जमीन

4:53

इंडस रिवर और उसकी सहायक नदियों के पानी

4:56

पर निर्भर है जिसे वहां की लाइफ लाइन माना

4:59

जाता है। भारत के पास अब यह अधिकार था कि

5:02

वह इन नदियों के पानी को रोके या बिना

5:04

किसी वार्निंग के एक साथ पानी छोड़े। इससे

5:07

पाकिस्तान को कभी सूखे और कभी बाढ़

5:09

[संगीत] जैसी स्थिति का सामना करना पड़

5:11

सकता है। इसके अलावा अटारी चेक पोस्ट को

5:13

बंद किया गया। एसवीईएस वीजा रद्द किए गए

5:16

और पाकिस्तान के खिलाफ चार और सख्त फैसले

5:19

लिए गए। पाकिस्तान के सेलिब्रिटीज,

5:21

क्रिकेटर, मीडिया हाउस और सरकार से जुड़े

5:24

सोशल मीडिया अकाउंट्स को इंडिया में बैन

5:26

कर दिया गया। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से भी

5:28

सभी पाकिस्तानी फिल्में, शोज़ और सॉन्ग्स

5:31

हटाने का आदेश दिया गया। इस बार भारत साफ

5:33

तौर पर पाकिस्तान के आतंकवाद पर हमेशा के

5:36

लिए फुल स्टॉप लगाना चाहता था। इसलिए एक

5:38

तरफ जहां पाकिस्तान को इंटरनेशनल लेवल पर

5:41

आइसोलेट करने के लिए डिप्लोमेटिक स्टेप्स

5:44

उठाए जा रहे थे। वहीं दूसरी तरफ आतंकियों

5:46

के खिलाफ मिलिटरी ऑपरेशन की प्लानिंग को

5:49

लेकर हाई लेवल मीटिंग्स लगातार चल रही।

5:51

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही बिहार

5:54

की एक जनसभा में साफ शब्दों में कह चुके

5:56

थे कि इस हमले में शामिल आतंकियों और इसकी

5:59

प्लानिंग करने [संगीत] वालों को उनकी

6:01

कल्पना से भी कहीं बड़ी सजा दी जाएगी।

6:03

2016 में पूरी सर्जिकल स्ट्राइक और 2019

6:07

में बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद

6:08

पाकिस्तान को अच्छी तरह समझ आ चुका था कि

6:11

भारत जरूरत पड़ने [संगीत] पर सैन्य

6:13

कार्यवाही करने से पीछे नहीं हटता। इसी डर

6:16

की वजह से पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान

6:19

को आशंका थी कि इस बार भी भारत [संगीत]

6:21

जवाबी कार्यवाही करेगा। इसी बीच वो एलओसी

6:24

पर लगातार फायरिंग करके माहौल बिगाड़ने की

6:27

कोशिश करने लगा। उसका मकसद साफ था। तनाव

6:30

बढ़ाकर विदेशी ताकतों का ध्यान खींचना

6:33

ताकि न्यूक्लियर वॉर का डर दिखाकर भारत पर

6:36

दबाव बनाया जा सके और उसे किसी कार्यवाही

6:39

से रोका जा सके। लेकिन भारत ने इन चालों

6:42

की परवाह नहीं की। पहलगाम हमले के बाद

6:44

भारत पूरी गंभीरता से आतंकियों के खिलाफ

6:47

एक बड़े ऑपरेशन की तैयारी में जुट चुका

6:49

था। 19 अप्रैल को दिल्ली में एक हाई लेवल

6:53

मीटिंग हुई। इस मीटिंग में प्रधानमंत्री

6:55

नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,

6:58

नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल, चीफ

7:01

ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों

7:04

सेनाओं के प्रमुख मौजूद थे। इस बैठक में

7:07

प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि आतंकवाद

7:10

को खत्म करने के लिए सेनाएं जो जरूरी समझे

7:13

वह कदम उठाएं। उन्हें पूरी छूट दी गई।

7:16

इसके बाद भारतीय सेनाओं ने फैसला किया कि

7:19

पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले

7:22

जम्मू कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर

7:25

एक बड़ी [संगीत] एयर स्ट्राइक की जाएगी।

7:27

मकसद साफ था उन ठिकानों को खत्म करना जहां

7:30

बैठकर भारत पर हमलों की साजिश रची जाती थी

7:33

और जहां आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी।

7:35

इस काम में खुफिया एजेंसियां भी पूरी ताकत

7:38

से जुट गई। रॉ और एनएटीआरओ ने पाकिस्तान

7:40

और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों की रियल

7:43

टाइम जानकारी जुटानी शुरू कर दी। हर

7:46

एजेंसी हर अफसर अपना सबसे अच्छा देने में

7:49

लगा हुआ था। सभी के मन में एक ही बात

7:51

पहलगाम हमले के दोषियों और उनके अड्डों को

7:54

खत्म करना। ऑपरेशन से जुड़ी कोई भी

7:56

जानकारी बाहर ना जाए इसके लिए पूरी

7:57

गोपनीयता बढ़ती जा रही थी। बहुत कम समय

7:59

में रॉ और एनएटीआरओ ने कुल 21 आतंकी

8:02

ठिकानों की पूरी जानकारी इकट्ठा कर ली और

8:05

ये इनपुट्स प्लानिंग टीम को दे दिए गए। इन

8:07

21 में से नौ सबसे अहम और खतरनाक ठिकानों

8:10

को चुना गया। यही वो जगहें थी जहां से

8:13

पुलवामा, 26 नवंबर और पहलगाम जैसे बड़े

8:16

हमलों की साजिश रची गई थी। इन नौ ठिकानों

8:19

पर लगातार नजर रखी जाने लगी। उन्हें पूरी

8:21

तरह सर्िलांस में रखा गया। एनएसए अजीत

8:23

डोभाल ने इन नौ टारगेट्स को फाइनल किया और

8:26

5 [संगीत] मई तक पूरे ऑपरेशन का

8:27

ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया। इसके बाद

8:30

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर

8:32

ऑपरेशन की मंजूरी मांगी। प्रधानमंत्री

8:34

मोदी ने बिना देर किए इन नौ आतंकी ठिकानों

8:37

पर कारवाई की मंजूरी दे दी। पहलगाम में

8:39

आतंकियों [संगीत] ने हिंदू महिलाओं का

8:41

सुहाग उजाड़ा था। उसी दर्द और उसी इंसाफ

8:43

की भावना से इस मिशन का नाम रखा गया

8:46

ऑपरेशन सिंदूर। ऑपरेशन शुरू करने से पहले

8:49

हर छोटी बड़ी डिटेल को ध्यान से चेक किया

8:52

गया। हर पॉसिबल रिस्क का पूरा असेसमेंट

8:55

किया गया ताकि किसी भी तरह की मिस्टेक की

8:57

कोई गुंजाइश ना रहे। इस मिशन के लिए फाइटर

9:00

जेट्स की एक मजबूत टीम बनाई गई। इसमें

9:03

रफाल, मिराज और Sukhoi एमकेआई जैसे

9:06

एडवांस्ड और लॉन्ग रेंज स्ट्राइक करने

9:08

वाले फाइटर जेट्स शामिल थे। इन सभी

9:10

एयरक्राफ्ट को इंडियन एयर स्पेस में रहकर

9:12

ही ऑपरेशन करना था। रफाल और मिराज को

9:14

फ्रंट लाइन पर रहकर अटैक एग्जीक्यूट करने

9:17

की जिम्मेदारी दी गई थी। जबकि Sukhoi

9:19

एमकेआई जेट्स को एयर डिफेंस कवर देना था

9:22

ताकि अगर कोई खतरा सामने आए तो तुरंत उसे

9:25

हैंडल किया जा सके। ऑपरेशन में हाई

9:27

प्रिसीजन और लॉन्ग रेंज वेपन्स का

9:29

इस्तेमाल होना था। इसमें एस्केल्प,

9:30

ब्राह्मोस और हैमर जैसे मॉडर्न वेपंस

9:33

शामिल थे। एस्केल्प एक क्रूज मिसाइल है जो

9:36

करीब 550 कि.मी. दूर मौजूद टारगेट को पिन

9:39

पॉइंट एक्यूरेसी के साथ डिस्ट्रॉय कर सकती

9:41

है। यह बहुत लो एल्टीट्यूड पर उड़ती है

9:44

जिससे एनिमी रेडर इसे डिटेक्ट नहीं कर

9:46

पाते। ब्राह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज

9:48

मिसाइल है जिसे इंडिया और रशिया ने मिलकर

9:51

डेवलप किया है। इसे लैंड, सी या एयर किसी

9:54

भी प्लेटफार्म से लॉन्च किया जा सकता है।

9:56

इसकी स्पीड साउंड से करीब तीन गुना ज्यादा

9:58

होती है और यह 500 कि.मी. तक पहुंच जाती।

10:01

इसके अलावा फ्रांस की टेक्नोलॉजी से बना

10:04

हैमर बम भी इस्तेमाल किया जाना था। यह बम

10:07

250 से 1000 किलो तक का पेलोड ले जा सकता

10:11

है और बिना जीपीएस सिग्नल के भी करीब 70

10:14

कि.मी. दूर के टारगेट को पूरी तरह

10:16

डिस्ट्रॉय कर सकता है। ऑपरेशन में स्पाइस

10:18

2000 बम का इस्तेमाल भी तय था। इस मिशन

10:21

में कमी काजी ड्रोंस भी एक बहुत अहम रोल

10:24

निभा रहे थे। ऑपरेशन से पहले यह ड्रोंस

10:26

एनिमी टेरिटोरी में घुसकर लगातार

10:28

सर्वेलेंस कर रहे थे। इससे ऑपरेशन टीम को

10:30

रियल टाइम और एक्यूरेट इनपुट्स मिल रहे थे

10:33

ताकि किसी भी तरह की गलती ना हो। इंडिया

10:35

ने जिन नौ सबसे इंपॉर्टेंट टेररिस्ट

10:38

टारगेट्स को चुना था। उनमें से पांच

10:39

टारगेट पीओके मेन एलओसी से सिर्फ कुछ

10:42

किलोमीटर की दूरी पर थे। बाकी चार

10:44

टारगेट्स पाकिस्तान के अंदर इंटरनेशनल

10:46

बॉर्डर से 6 कि.मी. से लेकर करीब 100

10:49

कि.मी. तक भीतर मौजूद [संगीत] थे। इंडियन

10:51

एयरफोर्स के साथ-साथ इंडियन आर्मी और

10:53

इंडियन नेवी को भी स्टैंड बाय पर रखा गया

10:55

था। ताकि ऑपरेशन के बाद अगर लैंड या सी पर

10:58

कोई कॉन्फ्लिक्ट होता है तो तुरंत जवाब

11:00

दिया जा सके। 6 और 7 मई की दरमियानी रात

11:03

रफाल Sukhoi एमकेआई और मिराज फाइटर जेट्स

11:07

मिसाइल्स और बॉम्ब से लैस होकर इंडियन

11:09

बॉर्डर के अंदर ही अपने-अपने टारगेट से

11:12

सेफ डिस्टेंस पर पोजीशन ले चुके थे। रात

11:14

का अंधेरा फैला हुआ था। चारों तरफ कंप्लीट

11:17

साइलेंस थी। पीओके और पाकिस्तान में बैठे

11:19

आतंकवादी जो कुछ दिन पहले इंडिया के मासूम

11:22

लोगों की जान ले चुके थे, बेखबर होकर सो

11:24

रहे थे। उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था

11:26

कि यह रात उनके लिए आखिरी साबित होने वाली

11:29

है।

11:31

रात के 1:00 बजे के बाद जब चारों तरफ पूरी

11:33

तरह सन्नाटा था उसी वक्त भारत की तरफ से

11:36

पहला हमला शुरू हुआ। सबसे पहले पीओके की

11:39

राजधानी मुजफ्फरबाद में मौजूद लश्कर ए

11:41

तयबा के सवाई नला ट्रेनिंग कैंप को निशाना

11:44

बनाया गया। यही वो जगह थी जहां ट्रेनिंग

11:47

लेकर आए आतंकियों ने 2024 में सोनमर्ग और

11:51

गुलम्ग में और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम

11:55

में भारत के निर्दोष लोगों की जान ली थी।

11:57

जैसे ही सर्वेलेंस ड्रोन से ग्रीन सिग्नल

12:00

मिला, इंडियन फाइटर जेट्स ने मिसाइल्स और

12:03

बॉम्ब्स दागने शुरू कर दिए। कुछ ही सेकंड

12:05

में सवाई नाला कैंप की इमारतें आग के गोले

12:08

में बदल गई। चारों तरफ तेज धमाकों की आवाज

12:10

गूंज उठी और आसमान काले धुएं से भर गया।

12:13

कई आतंकवादी वहीं मारे गए। और जो बचने की

12:16

कोशिश कर रहे थे, वे गिरती इमारतों के

12:19

मलबे में दब गए। इसके बाद अगला टारगेट

12:21

पीओके के मुजफराबाद में ही एलओसी से करीब

12:24

15 किलोमीटर दूर मौजूद जईश ए मुहामेद का

12:27

सैयदना बिलाल कैंप था। यह जैश का रहने का

12:30

और ट्रेनिंग एरिया था। जहां नए रिक्रूट्स

12:32

को हथियार चलाना, एक्सप्लोसिव्स बनाना और

12:35

फिदाईन अटैक्स की ट्रेनिंग दी जाती थी।

12:37

तीसरा टारगेट एलओसी से करीब 30 कि.मी. दूर

12:40

पीओके के कोतली इलाके में मौजूद लश्कर ए

12:43

ताइबा का गुलपुर कैंप था। इन दोनों कैंप्स

12:46

पर भी हमला कर दिया गया। इसी कैंप से

12:48

ट्रेनिंग लेकर आए आतंकियों ने अप्रैल 2023

12:51

और जून 2024 में पूछ में तीर्थ यात्रियों

12:55

से भरी बसों पर हमला किया था। सैयदना

12:57

बिलाल कैंप और गुलपुर कैंप पर मिसाइल्स और

13:00

बॉम्ब्स की लगातार बारिश होने लगी। इस

13:02

पूरे वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

13:04

लगातार एनएसए अजीत डोभाल के संपर्क में थे

13:08

और ऑपरेशन की हर अपडेट ले रहे थे। इसके

13:11

बाद इंडियन फाइटर जेट्स का अगला निशाना भी

13:14

इलाके में लाशकर ए ताइबा का बरनाला कैंप

13:17

और कोतली में जैश ए मोहामेड का अब्बास

13:20

कैंप बना। बरनाला कैंप में लाशकर अपने

13:23

आतंकियों को हथियार चलाने, फेक आईडीज

13:25

बनाने और जंगल में सर्वाइव करने की

13:27

ट्रेनिंग देता था। वहीं अब्बास कैंप जिसकी

13:30

कैपेसिटी करीब 15 टेररिस्ट्स की थी, वह

13:32

जाइश एमए मोहामिद फिदाईन तैयार करता था।

13:36

जैसे ही फाइनल क्लीयरेंस मिला, एक के बाद

13:38

एक कई मिसाइल्स आसमान से गिरी और दोनों

13:41

आतंकी ठिकाने पूरी तरह तबाह हो गए। उसी

13:43

दौरान इंडियन फाइटर जेट्स इंडियन एयर

13:45

स्पेस में रहते हुए पाकिस्तान के अंदर भी

13:48

जाइश मोहम्मेद लश्कर ए तबा और हिजबुल

13:51

मुजाहदीन के कई ठिकानों को निशाना बना रहे

13:53

थे। ऑपरेशन पूरी प्लानिंग, स्पीड और

13:56

एक्यूरेसी के साथ अपने अगले फेज की ओर बढ़

13:58

चुका था। पाकिस्तान के अंदर भारत का पहला

14:00

टारगेट सियालकोट में मौजूद जैश ए मुहामेट

14:03

का सरजाल कैंप था। इसी कैंप में मार्च

14:06

2025 में जम्मू कश्मीर में चार इंडियन

14:09

सोल्जर्स की हत्या में शामिल आतंकियों को

14:11

तैयार किया गया था। इसी इलाके में हिजबुल

14:13

मुजाहदीन का मेहमूना जोया कैंप भी मौजूद

14:16

था। जहां पथानकोट एयरबेस अटैक की प्लानिंग

14:18

की गई थी। इंडियन एयर स्पेस में रहते हुए

14:20

फाइटर जेट्स ने सियालकोट के इन दोनों टेरर

14:23

कैंप्स पर मिसाइल्स और बॉम्ब्स दागे।

14:25

हथियार अपने तय किए गए टारगेट्स पर जाकर

14:28

इतने जोर से फटे कि कुछ ही पलों में दोनों

14:30

कैंप्स मलबे में बदल गए। इसके बाद इंडियन

14:33

फाइटर जेट्स ने बॉर्डर से करीब 18 से 25

14:36

कि.मी. दूर मुरीदके में मौजूद लश्कर ताइबा

14:39

के सबसे बड़े अड्डे मरकाजी ताइबा कैंप को

14:42

निशाना बनाया। यह वही जगह थी जहां 1990 से

14:45

आतंक की जड़े मजबूत की जा रही थी। यहीं

14:48

2008 के मुंबई अटैक के लिए अजमल कसाब और

14:51

उसके साथियों को ट्रेनिंग दी गई थी। डेविड

14:53

हेडली और तहावुर राणा जैसे कॉनस्पिरेटर्स

14:55

को भी यहीं तैयार किया गया था। जब इस कैंप

14:58

के एग्जैक्ट कोऑर्डिनेट्स सामने आए, तो

15:00

ऑपरेशन से जुड़े जवानों के अंदर सालों से

15:02

जमा गुस्सा और दर्द और ज्यादा तेज हो गया।

15:06

यह सिर्फ एक टारगेट नहीं था। बल्कि उन

15:08

लोगों का ठिकाना था, जिन्होंने पूरे देश

15:10

को दहला दिया था। बिना समय गवाए मिसाइल्स

15:13

और बॉम्ब्स ने पाकिस्तान एयर डिफेंस रेडर

15:16

से बचते हुए मरकाजी तैबा पर हमला किया।

15:19

जोरदार धमाकों से जमीन कांप उठी। आसमान

15:22

गूंज गया और कुछ ही पलों में आतंक का यह

15:24

किला पूरी तरह ढह गया। इन हमलों के साथ

15:27

भारत पाकिस्तान में चल रहे आठ बड़े आतंकी

15:30

ठिकानों को खत्म कर चुका था। लेकिन अभी एक

15:32

सबसे बड़ा और खतरनाक अड्डा बाकी था। यह

15:35

जाइश एम मुहामिड का मेन स्ट्रांग होल्ड

15:37

था। जो बॉर्डर से करीब 100 किलोमीटर दूर

15:40

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर

15:43

में मौजूद था। इस कैंप का नाम था मरकाज

15:46

सुभान अल्लाह जो जाइश मोहामेड का हेड

15:48

क्वार्टर था। यही वो जगह थी जहां जाइश का

15:51

चीफ मौलाना मसूद आहार पैदा हुआ था और यहीं

15:54

से उसने अपने टेरर ऑर्गेनाइजेशन की नींव

15:57

रखी थी। इसी ठिकाने से 2001 पार्लियामेंट

16:00

अटैक, जम्मू कश्मीर असेंबली अटैक, 2016

16:04

पथानकोट एयरबेस अटैक और 2019 पुलवामा अटैक

16:07

की प्लानिंग की गई थी। इन हमलों में मारे

16:10

गए लोगों को सच्ची श्रद्धांजलि देने के

16:12

लिए इंडिया ने इस टेरर हब पर ब्राह्मोस

16:14

मिसाइल दागी। कुछ ही मिनटों में जाइश के

16:17

हेड क्वार्टर की इमारतें पूरी तरह तबाह हो

16:19

गई। इस हमले में मसूद अजहर के कई

16:21

रिश्तेदार और [संगीत] जाइश के टॉप

16:22

कमांडर्स मारे गए। रात करीब 1:05 पर शुरू

16:26

हुआ यह ऑपरेशन सिर्फ 25 मिनट में खत्म हो

16:28

गया। इस दौरान आतंक के कुल नौ बड़े ठिकाने

16:31

पूरी तरह नष्ट कर दिए गए और 100 से ज्यादा

16:33

आतंकवादी मारे गए। इस ऑपरेशन में मसूद

16:36

अजहर का भाई और इंडियन एयरलाइंस आईसी 814

16:39

हाईजैकिंग का मास्टरमाइंड अब्दुल रफ अजहर

16:42

भी मारा गया। इसके अलावा उसके दो साले और

16:45

जाइश के सीनियर कमांडर्स मोहम्मद यूसुफ

16:47

आजार और हफीज मोहम्मद जमील भी इस हमले में

16:50

ढेर हो गए। इसके अलावा लश्कर तैबा के दो

16:53

बड़े कमांडर खालिद और मुदस्सर खादियान खास

16:56

भी मारे गए। भारत के ऑपरेशन सिंदूर का असर

16:58

इतना गहरा था कि मसूद अजहर पूरी तरह टूट

17:01

गया। इस हमले में उसके 10 रिश्तेदार और

17:04

चार करीबी लोग मारे गए। हालात ऐसे हो गए

17:07

कि उसने यह तक कह दिया कि काश वह भी उनके

17:10

साथ मारा गया होता। इस पूरे घटनाक्रम में

17:12

एक खास बात यह रही कि भारत के ऑपरेशन से

17:15

करीब 3 घंटे पहले पाकिस्तानी वायुसेना ने

17:18

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत का

17:20

मजाक उड़ाते हुए एक पोस्ट डाली थी। उसमें

17:23

लिखा था शांति से सो जाओ क्योंकि पीएफ जाग

17:26

रही है। लेकिन इसके 3 घंटे बाद ही भारत ने

17:30

पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला कर

17:32

उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया। और

17:34

पाकिस्तान को असली मायनों में जगा दिया।

17:37

ऑपरेशन की सफलता के कुछ ही घंटों बाद 7 मई

17:40

की दोपहर को भारत सरकार ने एक प्रेस

17:42

कॉन्फ्रेंस की। इस मंच पर फॉरेन सेक्रेटरी

17:44

विक्रम मिश्री, भारतीय वायुसेना की विंग

17:47

कमांडर वयोमिका सिंह और भारतीय सेना की

17:50

कर्नल सोफिया कुरैशी मौजूद थी। यह कोई

17:53

सामान्य प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं थी। बल्कि

17:55

आतंकवाद के खिलाफ भारत का एक मजबूत और

17:58

प्रतीकात्मक संदेश था। यह संदेश उन

18:00

आतंकियों के लिए था जिन्होंने पहलगाम में

18:03

लोगों से उनका धर्म पूछकर उन्हें मारा था

18:05

और उनकी महिलाओं से कहा था कि जाकर सरकार

18:08

को बता देना। उसी सोच को जवाब देने के लिए

18:11

एक हिंदू और एक मुस्लिम महिला अधिकारी को

18:13

सामने लाया गया। इससे भारत ने साफ दिखा

18:16

दिया कि वह धर्म के आधार पर बंटा हुआ देश

18:19

नहीं है बल्कि एकजुट राष्ट्र है। कर्नल

18:22

सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर वमिका सिंह

18:24

ने लाइव वीडियो सबूतों के साथ बताया कि

18:27

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पीओके में

18:30

पांच और पाकिस्तान में चार आतंकी ठिकानों

18:32

को निशाना बनाया और सभी को पूरी तरह नष्ट

18:35

कर दिया। ऑपरेशन के तुरंत बाद विदेश

18:38

मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा

18:40

सलाहकार अजीत डोभाल ने अमेरिका, ब्रिटेन,

18:44

रूस, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों को इस

18:47

कार्यवाही की जानकारी दी। दुनिया के कई

18:49

बड़े देशों ने भारत की इस कार्यवाही को

18:52

आतंकवाद के खिलाफ जरूरी कदम बताया। सबसे

18:55

अहम बात यह रही कि इस बार भारत की विपक्षी

18:58

पार्टियों ने भी कोई सवाल नहीं उठाया। सभी

19:01

ने सेना की सराहना की। सरकार का समर्थन

19:03

किया और आतंकवाद के खिलाफ देश की एकजुटता

19:06

दिखाई। इसके बाद पाकिस्तान के रक्षा

19:08

मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बयान दिया कि अगर

19:11

भारत हमले रोक देता है तो पाकिस्तान भी

19:14

कोई जवाबी कारवाई नहीं करेगा। लेकिन उनकी

19:16

बातों के उलट पाकिस्तानी सेना लगातार

19:19

एलओसी पर भारत के रिहाइशी इलाकों को

19:22

निशाना बना रही थी। पाकिस्तान की ओर से

19:25

सबसे ज्यादा गोलीबारी पुछ इलाके में हुई।

19:27

इस फायरिंग में 12 बेगुनाह लोगों की मौत

19:30

हो गई। जिनमें चार छोटे बच्चे भी शामिल

19:32

थे। इसी हमले में भारतीय सेना के लांस

19:35

नायक दिनेश कुमार भी शहीद हो गए। इतना ही

19:38

नहीं पाकिस्तान यहीं नहीं रुका। उसने भारत

19:41

के खिलाफ एक बड़े सैन्य हमले की भी कोशिश

19:43

की। 7 और 8 मई की रात के बीच पाकिस्तान ने

19:47

जम्मू कश्मीर, पंजाब और गुजरात के करीब 15

19:50

शहरों में स्थित भारतीय सैन्य ठिकानों, आम

19:53

नागरिक इलाकों और धार्मिक स्थलों को ड्रोन

19:56

और मिसाइलों से निशाना बनाने का प्रयास

19:58

किया। लेकिन भारत पहले से ही पाकिस्तान की

20:00

मंशा को समझ चुका था और पूरी तरह सतर्क

20:03

था। जैसे ही यह ड्रोन और मिसाइल भारतीय

20:06

हवाई सीमा में घुसे, भारत की मजबूत और कई

20:08

स्तरों वाली वायु रक्षा प्रणाली ने उन्हें

20:11

आसमान में ही नष्ट कर दिया। पाकिस्तान की

20:13

यह साजिश पूरी तरह नाकाम हो गई। भारत ने

20:16

पाकिस्तान को बता दिया कि वह अपने सुरक्षा

20:18

से कभी समझौता नहीं करता। अगर कोई देश या

20:21

संगठन भारत की ओर आंख उठाकर देखेगा तो

20:24

उसका जवाब उसी भाषा में [संगीत] दिया

20:26

जाएगा।

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