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What's Inside Leonardo Da Vinci's Forbidden Notebook (Part -1)

18m 43s3,069 words403 segmentsHindi

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0:00

100 साल का एक बूढ़ा आदमी अपनी मौत की

0:02

आखिरी सांसे गिन रहा है और एक सफेद दाढ़ी

0:05

वाला आदमी उसके मरने का इंतजार [संगीत]

0:07

कर रहा है। रात का अंधेरा बस एक मोमबत्ती

0:12

की रोशनी और जैसे ही वो मरता है, सफेद

0:15

दाढ़ी वाला आदमी तुरंत उसके शरीर को बीच

0:18

से काटकर अंदर के पुरजों को बाहर निकालकर

0:21

उल्टे अक्षरों में 30 पेज नोट्स बनाने

0:24

लगता है। यह इंसान था लियोनाडो डा विंची।

0:28

इतिहास का सबसे कर्स जीनियस जिसके सामने

0:32

महान से महान साइंटिस्ट जैसे न्यूटन,

0:34

आइंस्टाइन या टेस्ला भी सिर्फ ताली बजाते

0:38

दर्शक लगते हैं। क्योंकि लियोनार्डो ने

0:40

सिर्फ एक या दो फील्ड्स नहीं पीस अलग-अलग

0:43

दुनियाओं में ऐसी खोजें की जिनके राज आज

0:46

तक साइंटिस्ट समझने की कोशिश कर रहे हैं।

0:48

इनमें भगवान के डिजाइन का कोड है। आत्मा

0:51

का शरीर में लोकेशन है। खूबसूरती का

0:54

फार्मूला है। उड़ने के सीक्रेट्स हैं।

0:56

सभ्यताएं तबाह करने के हथियार हैं।

0:58

मुर्दों के हर एक अंग, ब्लड वेसल और

1:01

नर्व्स की डिटेल ड्राइंग्स हैं और यहां तक

1:03

कि अपने खुद के मौत की तारीख [संगीत] की

1:05

भविष्यवाणी तक है। और उन्होंने यह सारा

1:08

ज्ञान अपने पर्सनल नोटबुक में कैद कर लिया

1:11

और उसे पूरी दुनिया से छुपा कर रखा।

1:14

13,000 पेजेस उल्टे हाथों से लिखे गए, 500

1:17

साल पुराने। यह सिर्फ नोटबुक नहीं थी। यह

1:19

कर्ड जीनियस का कागजों पर उतारा गया दिमाग

1:22

था। जो आज इस वीडियो में हम डिकोड करेंगे।

1:28

साल 1580 लार्डो को मर के 60 साल हो चुके

1:31

हैं। एक इटालियन आर्टिस्ट पमपियो लियोनी

1:34

थोड़ी इंस्पिरेशन की तलाश में एकदम सस्ते

1:36

में कुछ पेपर्स खरीदते हैं। और जैसे ही

1:38

उन्होंने उन पेपर्स को खोला उनकी सांसे थम

1:42

और आंखें खुली रह गई। हर पेज पर उल्टे

1:45

अक्षर राइट से लेफ्ट लिखे गए। सिर्फ आईने

1:47

में ही पढ़े जा सकते थे। अंदरूनी ऑर्गन्स

1:50

की डिटेल्ड तस्वीरें जैसे किसी ने शरीर को

1:53

लेयर बाय लेयर काट कर बनाई हो। डेंजरस

1:56

हथियारों के डिज़ जो साम्राज्यों को बर्बाद

1:59

कर सकते थे। 400 साल आगे की टेक्नोलॉजीस

2:02

जैसे हेलीकॉप्टर्स, ग्लाइडर्स, मैकेनिकल

2:04

रोबोट्स, मशीन गंस जो उस समय सोच से भी

2:07

परे थी। अजीब भविष्यवाणियां, मैथमेटिकल

2:11

फार्मूले जो किसी अननोन भाषा में लिखे गए

2:14

थे। और सबसे चिलिंग बात पन्नों पर खूनी

2:17

उंगलियों के सूखे हुए निशान लगे थे। मानो

2:20

किसी ने सड़ते हुए मांस को छूकर लिखना

2:22

शुरू किया हो। लियोनी ने तुरंत इन ढाई

2:25

हजार पेजेस को दो बड़े वॉल्यूम्स में

2:27

ऑर्गेनाइज किया। 1011 पेजेस का कोडक्स

2:31

अटलांटिकस जिसमें सारे साइंटिफिक और

2:33

टेक्निकल वर्क को ऑर्गेनाइज किया और

2:36

कोडक्स एरंडेल जिसमें सारे एनाटॉमिकल

2:38

आर्टिस्टिक और फिलॉसोफिकल वर्क को कलेक्ट

2:41

किया।

2:42

मगर उन्होंने सारे डेट्स और टॉपिक्स को

2:45

आपस में मिक्स कर दिया और हमेशा के लिए

2:48

लनाडो के ऑर्डर को डिस्ट्रॉय कर दिया।

2:51

उनकी मौत के बाद उनकी फैमिली ने इन दो

2:54

वॉल्यूम्स के अलग-अलग पार्ट्स बनाकर उसे

2:57

बेच दिए। जहां से डाविची का काम बटकर इटली

3:00

से स्पेन फिर इंग्लैंड और फ्रांस तक चला

3:03

गया। 300 साल बाद 1800 का दौर आता है और

3:07

अब जाकर रिनयस स्कॉलर्स की नजरें इन

3:10

किताबों की रहस्यमय गहराइयों में जाने

3:13

लगती है और कुछ अजीब पैटर्न्स पर इनकी

3:16

नजरें अटकती है। पहला पैटर्न एनाटॉमिकल

3:19

ड्राइंग्स में ऐसे नोट्स थे जो चर्च और

3:22

बाइबल के खिलाफ जा रहे थे। न्यूबर्न बच्चे

3:25

का गर्भ में जन्म, दिल के धड़कने की

3:27

तस्वीरें, खून का शरीर में सर्कुलेशन ऐसे

3:31

कई सारे ड्राइंग्स थे। दूसरा पैटर्न इन

3:34

ड्राइंग्स में हथियारों के डिज़ को

3:36

जानबूझकर गलत बनाया गया था। टैंक के गिय्स

3:39

उल्टे रखे गए। क्रॉसबो का फायरिंग

3:42

मैकेनिज्म गलत जैसे इसके जरिए कोई सीक्रेट

3:44

मैसेज देना चाहते हो। तीसरा पैटर्न कई

3:47

सारे ड्राइंग्स, स्क्रिप्ट्स और मास्टर

3:49

पीसेस आधे-अधूरे छूट गए थे। एक नहीं, दो

3:52

नहीं बल्कि सैकड़ों और ऊपर से पेजेस पर

3:55

खून के सूखे हुए धब्बे क्या इनकी समय से

3:58

पहले मौत हो गई थी? तो स्कॉलर्स ने एक

4:01

थ्यरी बनाई। लियोनाडोडा विंची एक

4:03

रहस्यवादी जीनियस था जिसने जानबूझकर अपने

4:06

नायाब ज्ञान और रहस्यमय खोजों को उल्टे

4:10

अक्षरों में एंक्रिप्ट किया। क्यों?

4:12

क्योंकि चर्च उसे मार देता।

4:17

देखो 16वीं सदी के इटली में चर्च के पास

4:20

एब्सोल्यूट पावर हुआ करती थी। अगर तुमने

4:22

कुछ ऐसा कह दिया या लिख दिया जो बाइबल के

4:25

अगेंस्ट जाता था तो केस, टॉर्चर और मौत।

4:29

1600 में जियोडानो ब्रूनो को जिंदा जला

4:32

दिया गया था। जस्ट क्योंकि उन्होंने कहा

4:34

कि सन सूर्य मंडल के सेंटर में अर्थ नहीं।

4:37

1633 में गैलीलियो को भी जेल में डालकर

4:39

शांत कर दिया गया था। और लियोनाडो वो 1513

4:43

में तो ऑलरेडी धर्म विरोधी घोषित हो चुके

4:46

थे। लनाडो जानते थे कि अगर उनकी इंसानी

4:48

शरीर की खोजें, पृथ्वी के सूरज को चक्कर

4:51

लगाने के प्रूफ्स और इंसानी गर्भ यानी

4:53

एम्ब्रियो की रियल स्केचेस अगर पब्लिश

4:56

होती [संगीत] है तो चर्च उन्हें भी जला

4:58

देते हैं। और इसीलिए उन्होंने कोड

5:00

लैंग्वेज में लिखा। और 1900 में यह थ्यरी

5:04

इतनी पॉपुलर हो गई कि इस पर कई सारी

5:06

वर्ल्ड फेमस किताबें लिखी गई। डिकोडिंग

5:08

डार्विची, लनाडो सीक्रेट कोड, द हिडन

5:12

मैसेजेस एटसेट्रा। मगर यह सारी किताबें

5:15

सिर्फ आधी ही सच्चाई को सामने रख रही थी।

5:18

मगर पूरी सच्चाई तो इससे भी कई ज्यादा

5:22

इंटरेस्टिंग थी। लियोनाडो एक ऐसा छुपा हुआ

5:25

जीनियस था जो 100 सालों में नहीं बल्कि

5:28

10,000 सालों में एक बार आता होगा। बट अंत

5:31

में अपनी मौत के समय लियोनाडो ने खुद की

5:34

जिंदगी को एक बहुत बड़ा फेलियर बताया। सो

5:37

लियोनाडो के नोटबुक्स में क्या थे वो

5:40

सीक्रेट्स और इनमें छुपे इन अजीब पैटर्न्स

5:43

के पीछे की क्या सच्चाई थी? साल 1938 एक

5:47

किताब पब्लिश होती है जिसने फाइनली लनाडो

5:50

के छुपे हुए सारे राज खोल दिए। इसे एक ऐसे

5:53

शख्स ने लिखा था जिसने अपनी पूरी जिंदगी

5:56

आर्ट के इतिहास में दफन सच्चाइयों को

5:58

ढूंढने में लगा दी। लोडविक हेडन रीच एक

6:01

जर्मन आर्ट हिस्टोरियन और इसी के साथ

6:04

दुनिया ने पहली बार डिस्कवर किया लनाडोडा

6:07

विंची का असली [संगीत] चेहरा। 15th अप्रैल

6:10

1452 विंची गांव इटली। एक नाजायज बच्चा

6:14

पैदा होता है। एक अपर मिडिल क्लास बाप

6:16

सेरपियरो और एक गांव [संगीत] की मजदूर मां

6:19

कैटरीना को। बच्चा नाजायज था। इसीलिए नाम

6:21

मिला सिर्फ लियोनाडो और सरनेम गांव ने दान

6:24

कर दिया डवि यानी फ्रॉम विंची। उस दौर में

6:28

नाजायज बच्चों को डेविल्स चाइल्ड कहकर

6:30

ठुकरा दिया जाता था। और लनाडो पर तो एक और

6:33

एक काला निशान था लेफ्ट हैंडेड होने का।

6:36

जिसे चर्च शैतान की पहचान मानता था। स्कूल

6:39

में पढ़ने का कोई हक नहीं। समाज में कोई

6:41

पहचान नहीं। घर, जमीन, विरासत पर कोई

6:44

अधिकार नहीं। बाप ने तक साथ छोड़ा। मां

6:46

किसी और के साथ चली गई। लनाडो का बचपन एक

6:50

ऐसे गुनाह की सजा बन गई जो उसने खुद कभी

6:53

की ही नहीं थी। और ऐसे बचपन बच्चे नहीं

6:56

दृष्टिकोण पैदा करते हैं। अगर दुनिया मुझे

7:00

नहीं देखती तो मैं खुद को देखूंगा और मैं

7:02

खुद की आंखों से दुनिया को समझूंगा। जिस

7:05

बच्चे ने कभी अक्षर लिखना नहीं सीखा उसने

7:08

देखना सीख लिया। ऑब्जरर्वेशन उसकी भाषा बन

7:11

गई और पैटर्न्स उसके अक्षर। वो अजीब

7:14

नोट्स, रेशे और घास के माइक्रोस्ट्रक्चर्स

7:17

को बनाता। लोग हंस पड़ते लेकिन उसकी आंखें

7:21

दुनिया के ऊपर नहीं दुनिया के अंदर देख

7:24

रही थी पैटर्न्स को बारीकियों को। वो

7:27

प्रकृति के टेक्सचर में हिडन कोड्स को

7:30

ढूंढकर प्रकृति की भाषा को समझ रही थी।

7:33

यहां पर आर्ट का नहीं पैटर्न रिकॉग्निशन

7:36

ऑब्सेशन का जन्म हो रहा था। यह आदमी दशकों

7:39

तक एक-एक ब्रश स्ट्रोक्स को एनालाइज करता

7:41

रहा। उसका ऑब्सेशन था क्लेरिटी। मगर आज

7:44

सैकड़ों सालों बाद भी इंडियंस में

7:46

क्लेरिटी की ही बड़ी प्रॉब्लम है। आज एआई

7:48

के जमाने में भी 62% इंडियंस एडमिट करते

7:51

हैं कि उनके ईमेल्स में स्पेलिंग

7:53

मिस्टेक्स, ग्रामेटिकल एरर्स और

7:54

अनप्रोफेशनल टोन होता है। जिससे कई बार

7:56

उनका हक या ग्रोथ इफेक्ट होता है। बट इसके

7:58

लिए यू नो ब्रिलियंट एआई टूल्स अवेलेबल है

8:01

जैसे क्वल बॉट क्रोम एक्सटेंशन जो आपके

8:03

कॉम्प्लेक्स थॉट्स को क्लियर स्ट्रक्चरर्ड

8:06

लाइंस में बदल देता है। बस Google पर क्वल

8:08

बॉट सर्च करो। वेबसाइट से एक्सटेंशन

8:10

डाउनलोड करो और काम खत्म आपका। अब आप जब

8:12

भी Gmail, Google Dox पर लिखते हो, आपको

8:15

बस लिखा हुआ टेक्स्ट सेलेक्ट करना है।

8:16

पैराफ्रेज़ ऑप्शन को चूज़ करना है। जैसा टोन

8:19

चाहिए वो सेलेक्ट करना है। एंड सेकंड्स

8:21

में आपको एक पॉलिश्ड एरर फ्री ड्राफ्ट मिल

8:23

जाएगा। और अगर टोन आपको रोबोटिक लग रही हो

8:26

तो क्वल बॉट का ह्यूमनाइजर टूल उसे

8:28

सेकंड्स में फिक्स कर देगा। सिर्फ ड्राफ्ट

8:30

पेस्ट करके ह्यूमनाइज बटन पर क्लिक करो और

8:32

लो आपका एआई टेक्स्ट काफी नेचुरल बन गया।

8:35

सो चाहे आप किसी भी फील्ड में हो अगर आप

8:37

प्रोफेशनलली अपने आप को बेहतर एक्सप्रेस

8:39

करना चाहते हो। टीम्स में एफिशिएंटली काम

8:41

करना चाहते हो या बस बेहतर कम्युनिकेट

8:43

करना चाहते हो तो बस एक मेल क्वल बॉट से

8:46

लिख कर देखो। यू विल सी द डिफरेंस। लिंक

8:48

इज इन द डिस्क्रिप्शन। एंड नाउ लेट्स कम

8:50

बैक टू लनाडो और उनका पैटर्न रिकॉग्निशन

8:53

का ऑब्सेशन। एक दिन 12 साल का लनाडो एक

8:55

पेड़ को घूर रहा था और एकदम से उसके दिमाग

8:58

में एक बम फटता है। उसने देखा सभी पेड़ों

9:01

के ट्रंक्स का साइज उनके सारे ब्रांचेस के

9:04

कंबाइंड साइज के जितना है और उनके एक

9:06

ब्रांच का साइज सारे छोटे टहनियों के

9:08

कंबाइंड साइज जितना है। यह ऑब्जरवेशन आज

9:11

साइंस में लियोनार्डोज़ रूल कहलाया जाता

9:13

है। एक प्योर मैथमेटिकल प्रिंसिपल

9:15

कंजर्वेशन ऑफ नेटवर्क फ्लो। पेड़ में क्या

9:18

होता है? सैप। सो फ्लो एंटरिंग द सिस्टम

9:20

इज ऑलवेज इक्वल टू फ्लो एग्जिटिंग द

9:23

सिस्टम। इसी सिद्धांत से हमारे आर्टरीज

9:26

ब्लड डिस्ट्रीब्यूट करते हैं। शहर ट्रैफिक

9:28

डिस्ट्रीब्यूट करता है। यहां तक कि

9:29

इंटरनेट डाटा डिस्ट्रीब्यूट करता है। 13

9:32

साल का लनाडो जब विंची के पहाड़ों को

9:34

देखता तो उसे जमीन का ढेर नहीं दूरियों के

9:37

साथ घटता कंट्रास्ट दिखता। कलर्स ब्लू और

9:40

ग्रे की तरफ शिफ्ट होते दिखते और एजेस

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ब्लर होते हुए दिखते। वो ऑप्टिकल

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स्कैटरिंग को समझ रहा था। और इसी

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ऑब्जरवेशन ने जन्म दिया एक नए सिद्धांत को

9:50

कॉल्ड [संगीत] एटमॉस्फेरिक पर्सेक्टिव। यह

9:53

प्रिंसिपल आगे सारे लैंडस्केप पेंटिंग का

9:55

एक फंडामेंटल रूल बनेगा और मोनालिसा जैसी

9:58

पेंटिंग्स में भी [संगीत] यूज होगा। जहां

10:00

लोग दौड़ते घोड़ों और छलांग लगाती

10:02

बिल्लियों में सुंदरता देखते। लनाडो उनमें

10:05

फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन, टेंडन एक्सटेंशन और

10:07

रोटेशनल सिमिट्री देख रहा था। वो देख रहा

10:10

था फिजिक्स और बायोलॉजी जब दुनिया सिर्फ

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देख रही थी ब्यूटी। और यह सब गैलीलियो और

10:16

न्यूटन से पहले हो रहा था। जब साइंस के

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पास शब्द भी नहीं थे उसके ऑब्जरवेशन को

10:20

बयां करने के लिए। लेकिन लियोनाडो की

10:23

जिंदगी अब मुड़ने वाली थी। क्योंकि 14 साल

10:25

की उम्र में इसे एक अप्रेंटिस की तरह ले

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लिया फ्लोरेंस के सबसे बड़े आर्टिस्ट

10:30

एंड्रिया डेल वेरोचियो ने। [संगीत] बट यह

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कोई आर्ट स्कूल नहीं था। मेरोचियो लनाडो

10:35

से पोछे लगवाता, कपड़े धुलाता, खाना

10:37

बनवाता और फिर जाकर उसे कहीं पर नसीब होता

10:40

कलर को मिक्स करना, मिनरल्स को ग्राइंड

10:43

करना और पेंट ब्रश को हाथ लगाने वाला काम।

10:46

इस बच्चे में कोई तो प्रॉब्लम है।

10:48

वेरोचियो ने जल्द ही नोटिस किया क्योंकि

10:50

अक्सर लनाडो एक काम हाथ में लेता उसे आधा

10:53

छोड़कर दूसरे पर चला जाता। आधे स्केचेस,

10:56

आधे मॉडल्स, आधी पेंटिंग्स लनाडो के दिमाग

10:59

में एक प्रॉब्लम थी जो हम सब में भी है

11:02

जिससे वो जिंदगी भर स्ट्रगल करता रहेगा और

11:05

अंत में खुद को सबसे बड़ा फेलियर कह के

11:08

मरेगा। इस पेंटिंग को जरा देखना।

11:10

बैप्टिज्म ऑफ क्राइस्ट एक ऐसी पेंटिंग

11:13

जिसके बाद लियो के गुरु विरोचियो ने

11:16

पेंटिंग ही छोड़ दिया। यहां लेफ्ट साइड

11:18

में एक रोप पकड़े हुए एंजल दिख रहा है। बस

11:21

इस एक एंजल को लियोनाडो ने बनाया था और

11:24

इसमें इतना साइकोलॉजिकल डेप्थ है, डिमेंशन

11:27

और इमोशन है कि लियो के मास्टर ने कहा

11:30

मेरे पर लानत है कि एक बच्चे ने मेरे से

11:32

बेहतर बना के दिखा दिया। मैं आज से कभी भी

11:36

रंग नहीं छूंगा। सच्चाई सामने थी। लियो ने

11:39

आर्ट में साइंस यूज़ करके एक फ्लैट कैनवस

11:41

में डेप्थ और इमोशन भर दिया। यह एक सबूत

11:44

था कि प्योर मेहनत ने नहीं एक साइंटिफिक

11:47

नजरिए ने लियो को सक्सेस दिलाया और यही तो

11:51

है द साइको माइंडसेट। साइंस कोई सब्जेक्ट

11:54

नहीं है। यह एक नजरिया है। आप वीडियो नहीं

11:56

देख रहे। आप दृष्टिकोण डेवलप कर रहे हो।

11:59

1476 फ्लोरेंस बस एक रात लियोनाडो की पूरी

12:03

जिंदगी बदल देती है। उसके अंदर के छुपे

12:06

हुए पागलपन को आग लगा देती है। रात के

12:10

अंधेरे में किसी ने छुपके से फ्लोरेंस

12:12

कैथड्रल के पास एक स्पेशल बॉक्स में कागज

12:15

डाल दिया। लिखा था लिओनाडो डांशी ने एक 17

12:19

साल के लड़के के साथ होमोसेक्सुअल

12:21

इंटरकोर्स किया है। अब यह कोई छोटा-मोटा

12:23

इल्जाम नहीं था। इसके लिए सजा थी टॉर्चर,

12:26

सालों तक कैद और कभी कबभार तो जिंदा जला

12:29

देना। पर क्योंकि इस केस में एक बड़े

12:31

घराने के लड़के का भी नाम था। लनाडो की

12:33

किस्मत ने उसे बर्बादी के किनारे से जस्त

12:36

बचाकर मानो उसे [संगीत] नई सांसे दे दी।

12:39

पर उसकी पूरी दुनिया बर्बाद हो गई। एक

12:42

अच्छी सोच रखने वाले मासूम से लड़के को अब

12:45

फ्लोरेंस की गली-गली घिन और शक की नजर से

12:48

देखने लगी। सोचो आज गे होना तो लीगल है।

12:50

फिर भी समाज किस नजरों से देखता है। यह तो

12:53

वो दौर था जब गेह होना सबसे निचले स्तर का

12:56

अपराध माना जाता था। दर्द इतना गहरा था कि

12:59

लनाडो की खुद की पहचान ही अंदर से बिखर

13:02

गई। बट वो कहावत है ना नथिंग इज मोर

13:05

डेंजरस देन अ मैन रिबिल्डिंग हिज ब्रोकन

13:08

सेल्फ। इसी हादसे के बाद ही जन्म होता है

13:11

डाविची के सिर फिरे पागलपन का और इवन पावर

13:16

के प्यास का। चार सालों तक लनाडो ने खुद

13:18

को घर पर ही बंद रखा और अपनी जिंदगी के एक

13:22

नए साथी को जन्म दिया उसकी नोटबुक्स को।

13:25

उसकी दुनिया अब लोग नहीं उसके ख्याल, उसके

13:28

सवाल और उसके स्केचेस बन गए। उसने अपने

13:31

अस्तित्व को ही कागजों में लॉक कर दिया था

13:34

और उस नोटबुक में पेज दर पेज एक नई दुनिया

13:38

विकसित होने लगी। एक ऐसी दुनिया जो अपने

13:41

समय से 400 साल आगे चल रही थी। और अब आप

13:45

डिस्कवर करोगे एक कर्स जीनियस के दिमाग का

13:47

रियल टाइम एववोल्यूशन उसकी अपनी किताब के

13:51

सफर के जरिए। किताब खुली और डार्विनची का

13:54

नया जन्म हो रहा है। नथिंग कैन बी लव्ड और

13:56

हेटेड अनलेस इट इज फर्स्ट अंडरस्टुड। द

13:59

ग्रेटेस्ट डिसेप्शन मैन सफर फ्रॉम इज

14:02

फ्रॉम देयर ओन ओपिनियंस। आई आइसोलेट

14:05

मसेल्फ, सो दैट द फेलियर ऑफ द वर्ल्ड

14:07

[संगीत] कैन नॉट रीच मी। मैं कौन हूं?

14:11

आत्मा कहां पर रहती है? दर्द, शर्म, डर यह

14:16

जज्बात कहां पर बसते हैं? टेल मी इफ

14:19

[संगीत] एनीथिंग कैन बी मोर एडमायरेबल देन

14:21

द रीजनिंग ऑफ द सोल। सच्चाई जानना अब

14:24

लनाडो की हॉबी नहीं जिंदगी का वजूद बन गया

14:28

था। यह सिर्फ ऑब्सेशन नहीं,

14:30

ट्रांसफॉर्मेशन था। क्यूरियोसिटी का खुद

14:32

की पहचान बन जाने का। लनाडो डाविशिका द

14:35

साइको मोमेंट। अब उन्हें सिर्फ इंफॉर्मेशन

14:37

नहीं कलेक्ट करना था बल्कि रियलिटी को

14:39

डिकोड करना था। जिसकी शुरुआत होती है खुद

14:42

के ही पहचान को लेकर सवाल उठाना। कई सालों

14:45

तक किताबें पढ़कर लनाडो ने फाइनली 1489

14:48

में इन जवाबों के लिए इललीगली मुर्दे

14:51

लाशों को स्मगल करना शुरू किया और उन्हें

14:54

काटकर खोपड़ी खोलकर यह डिटेल ड्राइंग्स

14:58

बनाई। इन तस्वीरों को देखना यह ऑलमोस्ट एक

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एमआरआई मशीन का स्लाइस लगता है एमआरआई

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बनने से 500 साल पहले और उसमें डार्विनची

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ने लिटरली दिमाग को स्कूप आउट करके ये चार

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वेंट्रिकल्स को ड्रॉ किया जहां उस समय के

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फिलॉसोफर्स को लगता था आत्मा जज्बात और

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इमेजिनेशन बसते हैं। आज हम जरूर जानते हैं

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यह सच नहीं है। ब्रेन के वेंट्रिकल्स

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सिर्फ सेरीब्रोस्पाइनल फ्लूइड क्रिएट करते

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हैं जो दिमाग को खोपड़ी से इंसुलेट करता

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है। बट यह ड्राइंग्स एक्सट्रीमली एक्यूरेट

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है और यह सारे एरियाज दिखाते हैं। वो

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लिखते हैं टेल मी इफ एनीथिंग कैन बी मोर

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एडमायरेबल देन द माइंड ऑफ अ मैन। वेल शायद

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एक इंसान की पहचान उसका चेहरा। मगर लनाडो

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के लिए खूबसूरती कोई सीक्रेट नहीं बल्कि

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एक फार्मूला था। वो लिखते हैं द हेड इज

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रूल बाय ज्योमेट्री। एक अट्रैक्टिव चेहरा

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ऊपर से नीचे तक तीन इक्वल हिस्सों में

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डिवाइड होता है। फोरहेड से ब्रो, ब्रो से

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नोज बेस और नोज बेस से चिन तक। आंखों के

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बीच से दोनों साइड सिमिट्रिकल और कान लगभग

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बीच में आता है। ह्यूमन बॉडी एक सिस्टम ऑफ

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रेश्योज़ है। एक लिविंग इक्वेशन। एक एवरेज

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इंसान ब्यूटी को एक फीलिंग बोलकर छोड़

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देगा। लियोनाडो उसमें भी पैटर्न्स ढूंढ

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रहे हैं। रियलिटी में इस दुनिया में

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ब्रह्मांड में पैटर्न ढूंढना ही साइको

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माइंडसेट है जो हम मिलकर डिवेलप कर रहे

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हैं अपनी क्यूरियोसिटी से। मगर कोई चीज

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हमें दिखती ही क्यों है? यह तो रफ आर्ट

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वर्क में आपको क्या डिफरेंस दिख रहा है?

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यह काम लनाडो का है जिसमें देखना कैरेक्टर

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कैसे फोटो जैसा रियलिज्म दिखा रहा है और

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यह एक दूसरे आर्टिस्ट सैंड्रो बॉडी चेली

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का काम है। स्ट्रांग आउटलाइंस और क्लियर

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बॉर्डर्स। लनाडो ने लाइट का असली नेचर समझ

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लिया था। लाइट कभी भी रफ एजेस नहीं बनाती

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बल्कि एक स्मूथ ग्रेडियंट बनाती है फ्रॉम

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ब्राइट टू शैडो बेस्ड ऑन डिस्टेंस फ्रॉम

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सोर्स। जो कांसेप्ट बेसिकली आगे जाकर लाइट

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का इनवर्स स्क्वायर लॉ बनेगा। इस

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अंडरस्टैंडिंग से लनाडो ने रियलिस्टिक

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पेंटिंग की एक नई टेक्निक ही इजाद कर दी

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कॉल्ड स्फोटो। एक इल्लुजन जहां पर रफ एजेस

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हवा में घुल जाते हैं और कैरेक्टर का

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फॉर्म रोशनी से स्कल्प्ड होता है ना कि

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आउटलाइन से। साइंस की नजर से चीजों को

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देखना साइको माइंडसेट वंस अगेन राइट देयर।

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साल 1480 लनाडो को फ्लोरेंस में अजीब सी

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घुटन फील होने लगती है और यह पेंटिंग

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रिलीज होती है। ब्यूटीफुल जिनेवरा दे

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बेंची। कोई मुस्कुराहट नहीं, कोई प्रदर्शन

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नहीं। बस डीप थिंकिंग में वेस्टर्न आर्ट

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में पहली बार एक गहरी सोच जन्म ले चुकी

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थी। मगर फिर अचानक से नोटबुक्स में यह

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तबाही मचाने वाले हथियारों के ड्राइंग्स

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कैसे आने लगते हैं? वेपन्स ऑफ मास

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डिस्ट्रक्शन। लनाडो के अंदर की आग क्यों

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भड़कने लगती है? हिस्टोरियंस ने लनाडो के

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दो चेहरे देखे। एक तरफ एक शांतिप्रिय

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वेजिटेरियन इंसान जो जानवरों से तक इतना

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प्यार करता था कि बाजार से पंछियों को

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खरीद कर उन्हें पिंजरों से आजाद करता था

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और दूसरी तरफ जो इंसानियत को तबाह करने

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वाले वॉर मशीनंस बनाता। हिस्टोरियंस के

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लिए यह एक बड़ा पजल बन गया कि लियोनाडो के

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अंदर छुपा इंसान हीरो था या फिर विलेन। सो

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कैसे लनाडो अपने अंदर की अच्छाई और बुराई

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के इस कॉन्फ्लिक्ट को सॉल्व कर पाएगा और

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20 दुनियाओं में माइंड ब्लोइंग डिस्कवरीज

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करके सबसे बड़ा जीनियस साइंटिस्ट इन्वेंटर

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और आर्टिस्ट एक साथ बन जाएगा। उसके

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नोटबुक्स दुनिया को 200 साल आगे लेकर जा

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सकते थे। सो क्यों उसने दुनिया से इन्हें

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छुपा कर रखा? क्यों लियाडो अंत में अपनी

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मौत से पहले अपनी जिंदगी को सबसे बड़ा

18:28

फेलियर बताएगा? सब कुछ वेरी सून अगले

18:31

एपिसोड में। सो साइकोस स्टे ट्यून फॉर द

18:33

नेक्स्ट कॉलिंग एंड सेपरा विदेरे मी्स

18:37

लर्न टू नो हाउ टू सी

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