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Mafia's Trapped Wife 1-20 || Storywithsoumya || Pocket Fm Story

51m 9s9,789 words1,131 segmentsHindi

FULL TRANSCRIPT

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हे माय प्यारे-प्यारे लिसनर्स कैसे हैं आप

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लोग? मैं हूं आपकी नैरेटर आपकी राइटर

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सौम्या त्रिपाठी और लेकर आ चुकी हूं आपके

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लिए नई कहानी आपको एंटरटेन करने के लिए

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जिसका नाम है माफियास ट्रैप्ड वाइफ। तो

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चलिए शुरू करते हैं इसे। इसके फर्स्ट

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चैप्टर से हम करने जा रहे हैं हमारी कहानी

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की शुरुआत। इस कहानी की शुरुआत होती है

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मुंबई के सुनसान सड़क से जहां पर आसपास ना

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तो किसी के आने की उम्मीद नजर आ रही थी और

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ना ही किसी जानवर तक की आवाज आ रही थी।

0:27

ऐसा लग रहा था जैसे वह जगह बहुत ही ज्यादा

0:30

डरावना हो। मौसम भी काफी ज्यादा अपने रुख

0:33

को बदलते हुए लगातार गरजता जा रहा था। एक

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लड़की उसी सन्नाटे को चीरते हुए अपनी जान

0:39

बचाते हुए आगे की तरफ भाग रही थी। उसके

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कदम रह करके लड़खड़ा जा रहे थे। ऐसा लग

0:44

रहा था जैसे वो काफी ज्यादा कमजोरी महसूस

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कर रही है।

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यह लड़की कोई और नहीं बल्कि जिया त्रिपाठी

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थी जो बहुत सारे सपने लेकर के मुंबई की

0:54

तरफ आई थी। मगर उसे नहीं पता था कि इतनी

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जल्दी उसके सपनों के साथ उसकी जिंदगी भी

0:59

खतरे में पड़ जाएगी। वो रह करके पीछे की

1:01

तरफ मुड़-मुड़ करके देख रही थी। ऐसा लग

1:04

रहा था जैसे पीछे कुछ लोग उसका पीछा करते

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हुए उसको लगातार रोकने की कोशिश कर रहे

1:10

हैं। जिया अपने कदम को लगातार आगे की तरफ

1:12

बढ़ाए जा रही थी। लेकिन रह-रह करके उसके

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कदम उसका साथ छोड़ दे रहे थे। काफी दूर से

1:18

भागने की वजह से जिया के गले पूरी तरह सूख

1:21

चुके थे। माथे पर पसीना, आंखों में आंसू

1:24

और दिल में बेशुमार डर के साथ जिया लगातार

1:27

हिम्मत करते हुए आगे की तरफ बढ़ते जा रही

1:29

थी। उसे नहीं पता था कि कितना देर और उसकी

1:31

सांसे इसी तरह चलेंगी। मगर सामने की तरफ

1:35

देखकर उसे इतना तो समझ में आ गया था कि

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शायद ही आज वो बच पाए। उसके दिमाग ने तो

1:39

बुरी तरह से हार मान लिया था लेकिन अभी भी

1:41

उसके दिल के किसी कोने में एक छोटी सी

1:44

उम्मीद थी। वो खुद को ही समझाते हुए कहती

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है, नहीं जिया तू हार नहीं मान सकती। तू

1:51

तू बहुत ज्यादा स्ट्रांग है। तू अकेली

1:54

नहीं है। कान्हा जी है ना तेरे साथ? मगर

1:57

अब उसके बदन के साथ उसके पैर भी कांपना

1:59

शुरू कर दिए थे। ऐसा लग रहा था जैसे अब

2:02

उसके कदम और ज्यादा उसका साथ नहीं दे सकते

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और वो एकदम से अपनी जगह पर उछक जाती है।

2:07

वो अपनी थूक गटकते हुए एक बार पीछे की तरफ

2:09

देखती है। जहां पर तीन लड़के रफ्तार से

2:12

उसी की तरफ आगे बढ़ते जा रहे थे। उसमें से

2:15

एक लड़का जो कि चिल्लाते हुए जिया से कहता

2:17

है कहां भाग कर जाएगी? आखिर में आना तो

2:20

हमारे पास ही पड़ेगा। यहां पर तुझे कोई

2:22

बचाने वाला नहीं आएगा। रुक जा। वहीं वो

2:26

लड़की जो कि फिर से आगे की तरफ भागते हुए

2:29

अपने आप को बचाने की कोशिश करने लगती है।

2:32

मगर अफसोस की बात तो यह थी कि अब उन तीनों

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लड़कों के कदम की आवाज जिया के कानों में

2:36

काफी अच्छी तरह से सुनाई दे रही थी। जिसका

2:39

मतलब साफ था कि अब वो लड़के जिया के काफी

2:41

करीब आ चुके हैं। उसमें से एक लड़का जो कि

2:44

जिया के बैग को ऑलमोस्ट पकड़ने ही वाला

2:46

था। जिया की हिम्मत तो टूट रही थी मगर वो

2:49

एक गहरी सांस भरती है और अपनी मुट्ठी को

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कस के बंद करते हुए फिर से आगे की तरफ

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बढ़ते हुए अपने होठों पर सिर्फ एक नाम का

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रट शुरू कर देती है। कान्हा

3:00

कान्हा अपनी हिम्मत दी थी कि मैं मैं अपने

3:03

उस घर से भाग सकूं। तो यहां आने के बाद ये

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सब क्यों? मेरी जिंदगी में सिर्फ आप ही

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हैं। मुझे और किसी पर भरोसा नहीं है। आप

3:13

जो करेंगे अच्छा करेंगे। प्लीज प्लीज बचा

3:18

लीजिए।

3:20

और यह बोलते हुए वो एक मोड़ देखती है और

3:23

बिना कुछ सोचे समझे उसी मोड़ की तरफ मुड़

3:25

जाती है। वो पीछे की तरफ देखती है जहां पर

3:28

एक लड़का जो कि हंसते हुए उसी की तरफ अपने

3:31

हाथ को आगे बढ़ाते हुए भाग रहा था। वो बस

3:34

जिया के बैग को अपने हाथों तक पकड़ने ही

3:36

वाला था। लेकिन अचानक से वो अपनी जगह पर

3:39

खड़ा हो जाता है और पीछे आ रहे दो लड़के

3:41

भी अपनी जगह पर रुक से जाते हैं। जिया समझ

3:44

नहीं पाते कि अचानक से उन तीनों को हो

3:46

क्या गया। लेकिन तभी उसके कानों में एक नई

3:49

मुसीबत के आने की आवाज सुनाई देती है।

3:51

सामने से तीन से चार गाड़ियां जो कि

3:53

लगातार उसी की तरफ आगे बढ़ रही थी और वह

3:56

इतनी रफ्तार में थी कि जिया तक

3:58

पहुंचते-पहुंचते वैसे तो ड्राइवर ने ब्रेक

4:00

मारने की कोशिश की थी। मगर फिर भी जिया

4:04

जिसकी आंखें गाड़ी की आ रही रोशनी से एकदम

4:06

से बंद हो जाती हैं और वो गाड़ी ने जिया

4:09

को काफी जोर से टक्कर मार दी थी जिससे

4:12

जिया जाकर के सड़क के एक किनारे पर उछल

4:14

करके गिर जाती है। जिया की आंखें अब पूरी

4:18

तरह से बंद होने को आ गई थी। पहले तो उसे

4:20

धुंधलाधुंधला कुछ नजर आता है और फिर उसकी

4:24

आंखों के सामने पूरी तरह अंधेरा छा जाता

4:26

है।

4:28

वो तीनों लड़के भी अपनी जान बचा करके वहां

4:30

से भाग निकले थे। जिस गाड़ी ने जिया को

4:33

टक्कर मारी थी वो एक Mercedes कार थी और

4:36

तीन से चार पीछे Rang Rover जो कि उसी

4:39

Mercedes को फॉलो कर रही थी। अचानक से

4:42

ब्रेक मारने की वजह से सारे गाड़ियों के

4:44

टायर की काफी तेज आवाज पूरे एरिया में

4:47

गूंज जाती है।

4:52

गाड़ी के अंदर बैठा ड्राइवर जो कि घबराते

4:54

हुए बाहर की तरफ निकलने वाला होता है कि

4:57

तभी उसके ठीक बगल में बैठा एक आदमी जो

4:59

कहता है ध्यान कहां था तुम्हारा क्या तुम

5:02

ठीक से देखकर नहीं चला सकते पता नहीं

5:04

किसका एक्सीडेंट कर दिया वहीं पीछे के

5:06

साइड में एक और आदमी बैठा हुआ था और उसे

5:10

सामने हुए इंसिडेंट से जैसे कोई मतलब ही

5:12

ना हो वो अपने टैबलेट में कुछ देखे जा रहा

5:14

था वो ड्राइवर जो घबराते हुए कहता है देख

5:18

कर आओ साहब पता नहीं प्रभु मैं उम्मीद

5:20

करता हूं बच गई होगी जो भी होगी। दिखने

5:22

में तो कोई लड़की ही लग रही है। ड्राइवर

5:25

के साथ बगल में बैठा हुआ आदमी भी बाहर

5:27

निकल जाता है और तुरंत ही वो दौड़ करके

5:30

जिया के पास आता है। पीछे से एक और आदमी

5:34

जो कि हट्टाखट्टा और दिखने में काफी डशिंग

5:36

पर्सनालिटी का था। वो भी उसी लड़की की तरफ

5:39

आगे बढ़ जाता है और सारे बॉडीगार्ड्स भी

5:41

जाकर के जिया को पूरी तरह से घेर लिए थे।

5:44

अक्षित जो ड्राइवर सूरज से कहता है इसे

5:48

तुरंत ही हॉस्पिटल लेकर के चलना पड़ेगा।

5:50

कितनी प्यारी सी लड़की है और तुमने क्या

5:52

कर दिया? देखो उसके सर से खून भी आ रहा

5:54

है। वहीं पीछे कुणाल जो कि अक्षत की तरफ

5:57

देखते हुए कहता है पर क्या हमें नहीं लगता

6:00

कि सर से एक बार बात कर लेनी चाहिए। अक्षत

6:05

जो Mercedes की तरफ देखता है। जहां पर

6:07

अंदर एक आदमी आराम से बैठा हुआ था।

6:10

एक पैर पर दूसरे पैर को चढ़ाए हुए पीछे की

6:13

तरफ हल्का लीन हुए वो अपने हाथ में टेबलेट

6:16

लेकर के स्क्रोल किए जा रहा था। अक्षय जो

6:19

काफी गुस्से में उस तरफ देखता है और कुणाल

6:21

से कहता है उस आदमी को घंटा कोई फर्क

6:23

पड़ता है। उसी की गाड़ी से एक्सीडेंट हुआ

6:25

है। अगर कोई केस बनेगा तो उसी के ऊपर

6:27

बनेगा। लेकिन साहबजादे को तो कोई फर्क ही

6:29

नहीं पड़ता है। और वो तुरंत ही कुणाल से

6:31

कहता है तुम देखो इसके बैग पूरी तरह से फट

6:34

गए हैं। सारी इंपॉर्टेंट चीजें हैं ना

6:35

उसको तुरंत ही बैग में डालो। तब तक मैं इस

6:37

लड़की को उठाता हूं।

6:39

वहीं अक्षत जो तुरंत ही जिया को अपनी बाह

6:42

में उठाता है और जल्दी से गाड़ी की तरफ

6:44

आगे बढ़ जाता है। सूरज भी उसके पीछे-पीछे

6:47

दौड़ कर आ रहा था। जैसे ही अक्षत ने इशारा

6:50

किया था सूरज जो कि अपने चेहरे को हल्का

6:52

सा नीचे की तरफ करते हुए कहता है बिना सर

6:54

के परमिशन के हम अंदर अक्षत जो सूरज को

6:57

देखता है और फिर चिल्लाते हुए कहता है

6:59

दिमाग खराब है क्या? इस वक्त परमिशन की

7:01

जरूरत है तुम्हें? दिखा नहीं दे रहा उसको

7:02

कितनी ब्लीडिंग हो रही है। सूरज अक्षित की

7:05

आवाज सुनते ही थोड़ा डरते हुए गाड़ी के

7:08

दरवाजे को खोल देता है। वहीं अंदर वो अखरू

7:10

शख्स जो कि आराम से बैठा हुआ अपने टैबलेट

7:13

को ही देखे जा रहा था जैसे उसे आसपास के

7:15

एनवायरमेंट से कोई फर्क ही ना पड़ रहा हो।

7:18

अक्षय जोर-जोर से चिल्लाते हुए कहता है

7:20

रियांश तुम्हें दिखाई नहीं दे रहा एक

7:22

लड़की का एक्सीडेंट हो गया वो भी तुम्हारी

7:24

गाड़ी से। तुम्हें जरा भी फर्क पड़ रहा

7:26

है? रियांश जो कि अपने टैबलेट को साइड में

7:28

रखते हैं और उस आदमी की तरफ देखते हुए

7:31

कहते हैं तुम्हें पड़ रहा है फर्क तो जाओ

7:34

लेकर उसे हॉस्पिटल मेरा सर मत खाओ और वो

7:36

सूरज से कहते हैं तुम चलो मेरे फ्लाइट का

7:39

लेट हो रहा है अक्षय जो तेज से चिल्लाते

7:42

हुए कहता है प्राइवेट जेट है तेरी अगर 2

7:44

मिनट लेट हो गया ना तो ज्यादा दिक्कत नहीं

7:46

हो जाएगी नाटक मत कर अब जल्दी से तो शिफ्ट

7:48

उसे हॉस्पिटल लेकर चलना होगा रियांश

7:51

अक्षित को घूरते हुए कहते हैं हां तो पीछे

7:53

गाड़ियां आ तो रही है लेकर जाओ उसे

7:55

हॉस्पिटल जो मन चाहे वो करो। मेरे गाड़ी

7:57

में कोई लड़की नहीं बैठ रही है। अक्षित

8:00

अक्षय और रियांश को घूरते हुए कहता है,

8:02

तेरा दिमाग खराब हो गया है और वह तुरंत ही

8:04

दूसरी तरफ आता है और सूरज से कहता है,

8:07

दरवाजा खोल इधर का और ले जाकर के जिया को

8:10

अपनी गोद में अंदर की तरफ बैठ जाता है।

8:13

अनजाने ही रियांश की गोद में जिया का सर

8:16

जाकर के टकरा गया था। रियांश रक्षित से

8:18

कहते हैं, "यह क्या तरीका है?" अगर एक

8:21

लड़की को संभाल नहीं पा रहे तो उसे मेरी

8:23

गाड़ी में ले आने की गलती क्यों की तुमने?

8:25

अक्षय जो सूरज से कहता है इसकी बकवास मत

8:28

सुनो। तुम जल्दी से हॉस्पिटल के लिए

8:29

निकलो। अक्षय जो रिया के सर को अच्छे से

8:32

पकड़ता है और वहीं उसे रियांश के लैब पर

8:35

रखते हुए कहता है अब दिमाग मत खराब कर।

8:37

हैंकी है तेरे पास? रियांश जो अक्षत की

8:40

तरफ देखते हुए कहते हैं हम।

8:43

अक्षय जो कहता है तुरंत ही हैंकी को ले और

8:45

उसके सर पर बांध ज्यादा ब्लीडिंग हो गई तो

8:48

काफी ज्यादा प्रॉब्लम हो सकती है। रियाज

8:51

अपने कोर्ट के अंदर से हैंकी को निकालते

8:54

हैं और उसको एक बार रिया की तरफ देखते हुए

8:56

उसके सर पर रखते हुए कहते हैं मैं बैठकर

8:59

के इसकी सेवा नहीं करूंगा। तुझे करने का

9:01

शौक था तो ले जाता ना उसे दूसरी गाड़ी

9:03

में। अक्ष रयांश को देखते हुए कहता है

9:06

प्रॉब्लम क्या है तेरी? इंसानियत नहीं है

9:08

क्या तेरे अंदर? और फिर जिया के चेहरे की

9:11

तरफ देखते हुए कहता है देख तो कितनी

9:13

प्यारी सी है। अकेले सुनसान सड़क पर पता

9:16

नहीं कैसे पड़ गई। रियांश अक्षित को देखते

9:19

हुए कहते हैं तू इतना सीधा या सीधा बनने

9:21

की एक्टिंग कर रहा है। तुझे पता नहीं है।

9:24

लेकिन एक्चुअल में आजकल ऐसी लड़कियां बहुत

9:27

ज्यादा मिल जाती हैं। रात के अंधेरे में

9:29

जाकर के किसी गाड़ी के सामने टकरा जाती

9:32

हैं और फिर एक्टिंग करती हैं कि उन्हें

9:33

काफी चोट लग गई है। वैसे यह लड़की होश में

9:36

होगी। अक्षय जो रियांश की तरफ देखते हुए

9:39

कहता है वैसे मुझे नहीं पता था कि तू इतना

9:42

कमाल का स्टोरी राइटर है। खामखा मैं

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दूसरों को हायर करता फिरता हूं। इस बार की

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मूवी की कहानी ना तू ही लिखेगा मेरे लिए।

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कुछ भी बोलता है। रयांश जो चिया की तरफ एक

9:53

बार भी नहीं देख रहे थे और उन्होंने अपने

9:55

चेहरे को दूसरी तरफ किया हुआ था। उन्हें

9:56

काफी अनकंफर्टेबल महसूस हो रहा था कि किसी

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लड़की का सर उनके गोद में रखा हुआ है। वह

10:01

भी एक सूरज जो काफी तेज ड्राइविंग कर रहा

10:03

था और सूरज के बगल में इस वक्त कुणाल बैठा

10:06

हुआ था जिसने उस लड़की के बैग को पकड़ा

10:08

हुआ था। अक्षत जो कुणाल से कहता है इसके

10:11

बैग में देखो शायद उसके बारे में कुछ पता

10:13

चले और उसके फैमिली वाले को कॉल कर दो।

10:15

कुणाल जो एक बार अक्षित की तरफ देखता है

10:17

और अपने सर को हम हिलाते हुए कहता है ओके

10:19

सर। जिया का बैग पूरी तरह से फट चुका था

10:22

जिसकी वजह से उसके काफी सामान जो कि गाड़ी

10:24

में ही गिर गए थे।

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वो बैग को पूरी तरह तलाश मारता है। लेकिन

10:29

उसे कोई भी ऐसी चीज नजर नहीं आती जिसमें

10:32

जिया का कोई भी नेम या उसके फैमिली वालों

10:35

का कुछ भी पता चले। हॉस्पिटल भी अब आ चुका

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था। तुरंत ही अक्षित उसको अपनी बाहों में

10:40

भरते हुए कहता है कुणाल जल्दी से जाओ

10:43

स्ट्रेचर के अरेंजमेंट करो। कुणाल भी बैग

10:45

को वहीं गाड़ी में रखते हुए जल्दी से

10:47

दौड़ते हुए अंदर की तरफ भाग जाता है।

10:50

अक्षर जैसे ही जिया को लेकर के बाहर की

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तरफ निकला था। रियांश अपनी हैंकी की तरफ

10:55

देखते हैं जो कि पूरी तरह से खून से संज

10:57

चुका था और विंडो ग्लास को खोलते हुए उसे

11:00

एक बार देखते हैं और बाहर की तरफ फेंकते

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हुए कहते हैं मेरी हैंकी खराब कर दी

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स्टूपिड

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रयाश वो सूरज की तरफ देखते हुए कहते हैं

11:10

वो लड़की तुम्हारे चाचा की बेटी है सूरज

11:12

जो कहता है नो नो सर रेयांश आके कहते हैं

11:16

तू तुम्हारे बेटे की गर्लफ्रेंड है सूरज

11:19

फिर से कहता है नहीं सर मैं उसे नहीं

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जानता रियाश गुस्से में कहते हैं तो फिर

11:24

उसके लिए वेट क्यों कर रहे हो? चलो। वो

11:28

अपनी वॉच की तरफ देखते हुए कहते हैं आई एम

11:29

गेटिंग लेट। सूरज रियांश की तरफ देखते हुए

11:33

कहता है सर उन्हें छोड़कर जाना है।

11:36

रियांशू एक बार बस सूरज को घूरते हैं तो

11:38

सूरज रियांश की आंखों से ही उनका ऑर्डर

11:40

समझ जाता है। वो तुरंत ही अपनी गाड़ी को

11:42

आगे की तरफ बढ़ा लेता है। साथ ही दो

11:45

बॉडीगार्ड्स की कार भी। साथ ही दो

11:47

बॉडीगार्ड्स की कार भी उन्हीं के

11:49

पीछे-पीछे आ रही थी और एक गाड़ी वहीं पर

11:51

रुक गई थी। अक्षय जो तुरंत ही जिया को

11:54

इमरजेंसी वार्ड में एडमिट करवाता है। जान

11:56

पहचान अच्छी होने की वजह से तुरंत ही जिया

12:00

को एडमिट भी कर लिया जाता है बिना ज्यादा

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किसी लंबे प्रोसीजर के। अक्षय जो कुणाल की

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तरफ देखते हुए कहता है जब तक इसे होश नहीं

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आ जाता हमें इसके पास ही रहना होगा। इसके

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बारे में कुछ डिटेल्स पता चली। कुणाल जो

12:12

कहता है इसके बैग में तो ऐसा कुछ भी नहीं

12:15

मिला। एक बार मैं और चेक करके आता हूं। और

12:18

कुणाल भागते हुए हॉस्पिटल के बाहर निकल

12:20

जाता है। वो दौड़ के लगभग 3 से 4 मिनट में

12:23

बाहर पहुंचता है तो वहां पर रियांश की

12:26

गाड़ी जा चुकी थी जिसमें उस लड़की का बैग

12:28

था।

12:30

कुणाल जो दौड़ के अक्षत के पास आता है और

12:33

थोड़ा हफ्ते हुए कहता है वो गाड़ी तो निकल

12:36

गई सर जिसमें उस लड़की का बैग था। अक्षत

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जो थोड़ा फ्रस्टेट होते हुए कहता है कि

12:40

रयांश भी ना अपने काम से इंपॉर्टेंट है।

12:43

इसे कुछ भी नजर नहीं आता। दुनिया छोड़कर

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किराक हो जाएगी लेकिन इनका काम डिले नहीं

12:47

होना चाहिए। कुणाल जो अपने सर को हां

12:49

मिलाते हुए कहता है हां यह तो है। कुछ

12:52

ज्यादा ही ऑब्सेस्ड हो अपने काम को लेकर

12:53

के। लेकिन वो इनकी इंपॉर्टेंट डील थी ना

12:56

इस वजह से। अक्षय जो खड़े होते हुए कहता

12:58

है मुझे पता है तू उन्हीं का चेला है।

13:01

उन्हीं के हिसाब से बात करेगा ना।

13:03

इंपॉर्टेंट। हमारे पास तो इंपॉर्टेंट काम

13:05

ही नहीं होता। वजह से सारा इंपॉर्टेंट काम

13:06

तो वही महाशय करते हैं। अक्षय जो कुणाल के

13:10

कंधे पर हाथ रखते हुए कहता है हम ऐसे इस

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लड़की को अकेला नहीं छोड़ सकते जब तक यह

13:15

होश में नहीं आ जाती है किसी ना किसी को

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इसके साथ रहना होगा। अक्षय जो कुणाल से

13:19

कहता है अभी तो उसकी ट्रीटमेंट चल रही है।

13:22

उम्मीद करता हूं सब कुछ बेहतर होगा। एक

13:24

काम करो तुम निकलो वरना तुम्हारे रियांश

13:27

सर तुम्हारे वो खडूस बॉस कहीं कोई नया

13:29

तहलका ना मचा दे। कुणाल जो कहता है ओके सर

13:32

मैं निकलता हूं। मैं थोड़ी देर में वापस आ

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जाऊंगा। अक्षय जो कहता है जल्दी आना।

13:37

कुणाल जो रियांश के बॉडीगार्ड की गाड़ी

13:39

में बैठता है और काफी तेज गाड़ी ड्राइव

13:42

करने लगता है। रियांश जो पहले से ही

13:44

एयरपोर्ट पहुंच चुके थे और लगभग 10 मिनट

13:47

बाद कुणाल भी वहां पर पहुंचता है। रनवे पर

13:50

आकर के कुणाल की गाड़ी खड़ी हुई थी। वहीं

13:52

एक लड़की जो कि रियांश के सारे इंपॉर्टेंट

13:55

कागजात और सामान को उनकी गाड़ी से निकाल

13:58

के बाहर ब्रीफ केस में रख रही थी। कुणाल

14:00

भी रियांश के साथ पीछे-पीछे उनके जेट के

14:03

अंदर चला जाता है। रियांश जो इस वक्त अपने

14:05

हाथ में एक बुक लिए हुए थे और वो कुणाल से

14:08

कहते हैं तुम यहां कैसे हो गई क्या उस

14:10

लड़की की मरम पट्टी? कुणाल जो कहता है

14:13

नहीं सर वो हॉस्पिटल में एडमिट किया गया

14:15

है। इमरजेंसी वार्ड में है। अभी अक्षत सर

14:18

उसके साथ हैं। उसके बाद मैं चला जाऊंगा।

14:21

रियाज कहते हैं मुझे नहीं पता था कि

14:23

दुनिया के सारे अच्छे लोग मेरे आसपास हैं।

14:26

कुणाल जो हल्का सा मुस्कुराते हुए कहता है

14:28

वो तो अक्षत सर की आदत है। सबकी हेल्प

14:31

करते रहते हैं। यह सुनते ही रियाज के

14:33

चेहरे पर एक तिरछी मुस्कान आ गई थी और

14:35

वहीं पर कुणाल की तरफ देखते हैं और फिर से

14:38

अपनी नजर को बुक पर टिकाते हुए कहते हैं

14:40

उसकी यह रहमदारी सिर्फ लड़कियों के लिए

14:42

होती है। तुम नहीं समझोगे कुणाल। और फिर

14:45

वो कुणाल की तरफ देखते हुए कहते हैं

14:48

तुम्हारे ऊपर यह रिस्पांसिबिलिटी छोड़ रहा

14:50

हूं मैं जब तक उस लड़की के घर वाले नहीं

14:52

मिल जाते और वो सेफली अपने घर पर नहीं

14:54

पहुंच जाती तुम्हारी रिस्पांसिबिलिटी है

14:56

वो कुणाल जो कहता है अक्षत सर कि तभी

15:00

रियाज जो थोड़ा स्ट्रिक्ट होने में कहते

15:01

हैं अक्षत के अंडर में वो लड़की ना ही रहे

15:04

तो बेहतर होगा तुम जानते हो वो कैसा लड़का

15:08

है कुणाल जो कहता है समझ गया सर मैं कोशिश

15:11

करूंगा कि मैं उसे सेफली किसी जगह पर

15:13

पहुंचा दूं रियाज जो कहते हैं हम वही एक

15:17

बॉडीगार्ड जो कि उनके ब्रीफ केस को ले आ

15:20

के प्राइवेट जेड के अंदर रख देता है और एक

15:23

लड़की जो कि उनको टेंपरेरी असिस्ट करती थी

15:25

जब भी वो किसी फॉरेन कंट्री की तरफ जाया

15:27

करते थे तो वो एक बार कुणाल को देखती है

15:29

और हल्का सा स्माइल पास करके वहीं रियांश

15:33

के ठीक सामने जाकर के बैठ जाती है। कुणाल

15:36

भी अब जेट से बाहर की तरफ आ गया था और अब

15:38

वो लोग टेक ऑफ के लिए रेडी हो चुके थे।

15:42

रियांश के ठीक सामने जो लड़की बैठी थी

15:44

उसका नाम प्रियंका था और उसकी नजर जो कि

15:46

लगातार रियांश पर ही टिकी हुई थी। उसके

15:49

चेहरे को देखकर अच्छे से समझ में आ रहा था

15:51

कि रियांश को देखकर उसे कितना सुकून मिल

15:53

रहा है। लेकिन तभी रियांश जो बिना उस

15:56

लड़की की तरफ देखते हुए कहते हैं जाकर के

15:58

कॉर्नर में बैठो। प्रियंका जो मुंह बनाते

16:01

हुए खड़ी होती है और रियांश से कहती है पर

16:05

सर वो मुझे अकेले डर लगता है। रियांश उसे

16:09

घूरते हुए देखकर कहते हैं अगर इतना ही डर

16:11

लग रहा है तो चुपचाप से उतर जाओ। मेरे पास

16:13

वैसे भी एंप्लॉयस की कमी नहीं है। तो तुम

16:16

नहीं भी चलोगे तो कोई ज्यादा फर्क नहीं

16:18

पड़ता मेरे काम में। प्रियंका एकदम से

16:20

खड़ी होती है और चुपचाप जाकर के अपने कदम

16:22

को दबाते हुए कॉर्नर में जाकर बैठ जाती

16:24

है। वहीं कुणाल फिर से अपनी गाड़ी में

16:26

बैठने वाला होता है। लेकिन तभी उसे उस

16:29

लड़की के बैग का याद आता है और उसका बैग

16:31

अभी भी उसी पैसेंजर सीट पर पड़ा हुआ था।

16:34

कुणाल उस लड़की के बैग को उठाता है और फिर

16:37

गाड़ी में बैठ के वहां से चला जाता है।

16:40

वहीं हॉस्पिटल में जिया की ट्रीटमेंट जारी

16:42

थी। एक डॉक्टर जो कि बाहर आते हुए अक्षत

16:45

से बताते हैं। हेलो मिस्टर अक्षत। अक्षय

16:48

जब खड़े होकर के डॉक्टर से कहते हैं हम इज

16:51

शी फाइन

16:53

वो डॉक्टर जो कहता है हम शी इज़ फाइन बट

16:56

थोड़ी सी बाहर से चोट आई है अंदरूनी कोई

16:58

घाव नहीं है तक कट लगने की वजह से खून बह

17:01

चुका है कल सुबह तक उन्हें अंडर ऑब्जरवेशन

17:04

में रखना होगा उसके बाद आप उन्हें ले जा

17:06

सकते हैं व थोड़ी देर में कुणाल भी वापस

17:08

हॉस्पिटल पहुंच चुका था अक्षय जो खड़े हो

17:11

के कुणाल से कहता है ख्याल रखना उसका और

17:15

कुछ एड्रेस के बारे में पता चला कुणाल जो

17:18

कहता है हां बैग लेकर आया हूं उसका देखता

17:20

हूं कुछ मिलता है उसके बारे में तो वरना

17:22

कल तक तो शायद वो होश में आ भी जाए अक्षर

17:25

जो कहता है डॉक्टर ने बोला कि कल सुबह उसे

17:27

होश आ जाएगा और वो ठीक भी हो जाएगी अगर

17:30

उसके एड्रेस वगैरह मिलता है तो ठीक है

17:32

वरना मुझे इन्फॉर्म करना मैं उसके रहने का

17:34

बंदोबस्त कर दूंगा कुणाल जो कहता है ओके

17:37

अक्षय जो यह बोल के वहां से निकल जाता है

17:39

कुणाल जो वहीं साइड में बैठते हुए कहता है

17:42

पता नहीं क्यों रेन सर अक्षय सर के बारे

17:45

में इस तरह से बात करता है मुझे मुझे तो

17:47

वो काफी अच्छे इंसान लगते हैं। रात के ढाई

17:49

तो पहले से बज चुके थे। जिसकी वजह से सुबह

17:52

होने में ज्यादा वक्त नहीं लगता। कुणाल

17:53

वहीं बैठे-बैठे ही सो गया था। वहीं सुबह

17:56

डॉक्टर राउंड के लिए आते हैं। विहान

17:58

सक्सेना जो कुणाल को इस तरह से इमरजेंसी

18:02

वार्ड के बाहर देखते हुए कहते हैं कुणाल

18:05

कुणाल। कुणाल जो अपनी आंखें खोलते हुए

18:07

कहता है हेलो डॉक्टर। विहान जो कुणाल का

18:12

अच्छा दोस्त था और वो कुणाल के सर पर

18:14

मारते हुए कहता है क्या बात है? इतनी

18:16

इज्जत कब से देने लगा मुझे? कुणाल ने ठीक

18:19

तरीके से देखा नहीं था कि यह कौन सा

18:20

डॉक्टर है। जैसे वह विहान को देखता है, वह

18:23

अपनी आंखें ठीक से खोलते हुए कहता है,

18:25

विहान

18:27

विहान जो कुणाल से कहता है, क्या हुआ सब

18:29

ठीक तो है? कौन एडमिट है? कुणाल जो कहता

18:31

है, वो एक लड़की विहान जो कुणाल को

18:35

चिढ़ाते हुए कहता है अच्छा तू लड़की एडमिट

18:38

कर लिया तूने। कुणाल जो कहता है अरे ऐसा

18:42

कुछ सीन नहीं है वो रियांश जैसे ही विहान

18:44

रियांश का नाम सुनता है वो एकदम से चौंकते

18:47

हुए कहता है फाइनली रियांश को कोई लड़की

18:49

पसंद आ गई रियांश को भी विहान काफी अच्छे

18:52

से जानता था और वो लोग फैमिली फ्रेंड्स थे

18:55

कुणाल जो अपने सर को रब करते हुए कहता है

18:57

अरे लड़की का मतलब हमेशा यही नहीं होता कि

19:00

किसी के पार्टनर या किसी के सोलमेट या

19:02

किसी की प्रेमिका आओगे वो ऐसी कोई लड़की

19:05

है विहान जो कहता है तो फिर उसे इमरजेंसी

19:07

वॉर में क्यों रखा है प्राइवेट वॉर ने

19:09

क्यों नहीं शिफ्ट किया? अरे रियांश की

19:11

पसंद है मतलब समझ रहा है ना तू?

19:14

कुणाल जो कहता है अरे नहीं है उनकी पसंद।

19:17

क्या बोल रहा है विहान? विहान हंसते हुए

19:19

कहता है अच्छा ठीक है। अब बताएगा एक्चुअल

19:21

में कहां से उठाकर लाया इस लड़की को? और

19:23

यह बोलते हुए वो अंदर की तरफ आने लगता है।

19:26

इमरजेंसी वार्ड के 42 नंबर बेड पर।

19:30

जिया अभी भी आराम से अपनी आंखें बंद किए

19:32

हुए लेटी थी। कुणाल जो उसके ठीक बगल में

19:34

आकर खड़े होते हुए कहता है, यही है वो

19:37

लड़की। विहान जो जिया की तरफ देखते हुए

19:39

कहता है हम वैसे देखने में तो अच्छे

19:43

परिवार की लगती है। कैसे मिली तुझे? कुणाल

19:46

जो कहता है कल रात जल्दी-जल्दी में हम लोग

19:49

निकल रहे थे और रास्ता बुरी तरह सुनसान

19:52

था। दिखी नहीं और अचानक से गाड़ी जाकर के

19:55

इसको टक्कर मार दी। रियांश सर की गाड़ी से

19:59

इसका एक्सीडेंट हो गया था। इस वजह से हमने

20:02

इसे हॉस्पिटल में एडमिट कर दिया। दयांश जो

20:04

कहता है वेरी गुड। पर अफसोस की बात यह है

20:07

कि यह काफी झूठी है। ना तेरे लायक है और

20:09

ना ही रियांश के लायक। और यह बोल के वह

20:12

हंसते हुए कहता है थोड़ी देर में इसे होश

20:14

आ जाएगा। अगर तू चाहे तो मैं इसे प्राइवेट

20:16

वॉर में कुणाल जो कहता है जब होश आ ही

20:18

जाएगा तो फिर क्या फायदा? रहने दो। और वह

20:22

वहीं स्टूलर पर जाकर के बैठ जाता है। वो

20:24

जिया को काफी ध्यान से देख रहा था और फिर

20:26

उसे अक्षत की कही हुई बात याद आती है। वो

20:28

तुरंत ही बाहर की तरफ जाता है और जिया के

20:30

बैग को लेकर के अंदर आ जाता है। इस टूल पर

20:33

बैठे-बैठे वो जिया के सारे सामान का तलाशी

20:36

ले रहा था। अंदर उसे एक फोन दिखाई देता है

20:40

जिसकी बैटरी पूरी तरह से डेड थी। वो फोन

20:42

को साइड में रखते हुए कहता है इस लड़की की

20:45

आइडेंटिटी कैसे पता करूं? जब यह अपनी

20:48

आंखें खोलेगी तो खुद ही इससे पूछ लूंगा।

20:51

ना कोई आधार कार्ड, ना पैन कार्ड, कोई

20:55

डॉक्यूमेंट्स भी नहीं रखा है। हो सकता

20:58

मुंबई की रहने वाली हो। रात में भटक गई वो

21:01

रास्ता। वो यही सब सोच रहा था कि तभी

21:04

धीरे-धीरे जिया की आंखें खुलती हैं। उसके

21:06

फोरहेड पर पूरी तरह से पट्टी बंधा हुआ था।

21:09

उसके हाथ भी थोड़े छिला गए थे। जिसकी वजह

21:11

से उस पर भी डॉक्टर ने अच्छी तरह से पट्टी

21:13

लगा दिया था। कमजोरी की वजह से जिया का

21:15

बदन पूरी तरह टूट रहा था।

21:18

पहले तो जिया के सामने सब कुछ धुंधला

21:20

धुंधला सा नजर आता है। लेकिन जब फाइनली

21:23

उसकी आंखें पूरी तरह से खुलती हैं। ऊपर और

21:25

आसपास के नजारे को देख के वो चहू करके उठ

21:28

के वो चहू करके उठकर बैठ जाती है। कुणाल

21:32

जिस तरह उसे उठता हुआ देखकर उसे रिलैक्स

21:34

करते हुए कहता है आराम से। अचानक से जिया

21:38

की नजर कुणाल पर पड़ती है और वह घबराने

21:40

लगती है। उसे लगता है कि कहीं उसके घर

21:44

वालों ने किसी आदमी को तो उसका पीछा करते

21:46

हुए नहीं भेज दिया। कुणाल को देख के वो

21:49

थोड़ा घबराने लगती है और अपने हाथों को एक

21:51

दूसरे में मसलने लगती है। वो कुछ पूछना तो

21:54

चाह रही थी कुणाल से लेकिन डर और कमजोरी

21:56

ने उसे पूरी तरह से घेर रखा था और उसके

21:59

मुंह से एक भी शब्द नहीं निकलता। कुणाल जो

22:02

खड़े होते हुए उसके थोड़ा पास आता है और

22:04

उसको और उसको ध्यान से देखते हुए उससे

22:07

पूछता है क्या नाम है तुम्हारा? जैसे ही

22:10

कुणाल ने यह पूछा था जिया को तो अपने

22:13

कानों पर भरोसा ही नहीं होता। उसे तो पूरी

22:15

उम्मीद थी कि उसके डैड का ही कोई आदमी

22:17

होगा। लेकिन कुणाल को तो उसका नाम भी नहीं

22:19

पता था। जिया एक बार फिर से कुणाल की तरफ

22:22

देखती है और अपनी आंखों के इशारों से

22:24

पूछती है हां। कुणाल जो फिर से उससे कहता

22:28

है नाम क्या है तुम्हारा? नाम कुणाल की

22:32

बात सुनकर केजिया जो कि अपना नाम ऑलमोस्ट

22:34

बताने ही वाली थी लेकिन वो एकदम से रुकते

22:38

हुए खुद से ही कहती है अगर सही नाम बताएं

22:40

तो कहीं ये लोग मेरे घर वालों को ना नहीं

22:44

मेरे घर वालों को पता नहीं चलना चाहिए कि

22:46

मैं मुंबई में हूं। और वो हिम्मत करते हुए

22:49

कहती है शमा शमा नाम है। कुणाल जो उसको

22:55

देखते हुए कहता है शमा

22:58

23:00

तुम मुंबई के सड़क पर वो भी इतने सुनसान

23:03

सड़क पर रात के 1:00 बजे क्या कर रही थी?

23:06

अचानक से हमारी गाड़ी के सामने आ गई। याद

23:09

तो है ना? जिया जो कहती है हां

23:13

वो वो मैं कुणाल जो कहता है सच-सच बताओ।

23:18

आखिर कौन हो और कहां से आई हो? और इतनी

23:21

रात में अकेले रास्ते में क्या कर रही थी?

23:24

जिया जो इस तरह कुणाल को स्ट्रिक्ट होता

23:26

हुआ देखकर थोड़ा और घबराने लगती है और

23:28

उसके हंठ भी धीरे-धीरे कांपना शुरू कर दिए

23:30

थे। कुणाल जो उसकी हालत को देखते हुए कहता

23:33

है अच्छा ठीक है आराम से बताना। अभी कुछ

23:37

खा लो उसके बाद मैं थोड़ी देर में वापस

23:39

आता हूं।

23:42

वहीं एक नर्स जो कि जिया के पास आती है और

23:44

उसके लिए वो हॉस्पिटल का बना हुआ सूप लेकर

23:47

आई थी। जिया के सामने एक छोटे से स्टूल पर

23:51

ले आ के उस बाल को रख दिया जाता है और वो

23:53

नर्स वहां से चली जाती है। उस नर्स के

23:56

जाते ही जिया जल्दी-जल्दी अपना दिमाग

23:59

दौड़ाना शुरू करती है। क्या बोलूं? नाम तो

24:02

झूठ बोल दिया लेकिन अगर इन्हें मेरे बारे

24:04

में कुछ भी पता चल गया तो क्या करूंगी?

24:07

वहीं दूसरी तरफ दुबई के एक आलीशान मेंशन

24:10

में इस वक्त रियांश जो कि अपनी कॉफी को

24:13

पीते हुए सामने की तरफ देख रहे थे। जहां

24:16

आसपास के लग्जुरियस नजारे दिख रहे थे कि

24:20

तभी उनके दरवाजे पर नॉकनॉक की आवाज आती

24:22

है। वह बिना पीछे की तरफ देखे ही परमिशन

24:24

देते हुए कहते हैं कम इन प्रियंका जो काफी

24:28

टीप टॉप तरीके से तैयार होकर के अंदर की

24:30

तरफ आती है। प्रियंका जो धीरे-धीरे अंदर

24:33

की तरफ आती है। रियांश जो बिना पीछे देखे

24:36

ही कहते हैं क्या हुआ? और तुम मेरे रूम

24:38

में क्यों आई हो? प्रियंका जो धीरे और

24:40

थोड़े से एडक्टिव फ़ में कहती है गुड

24:42

मॉर्निंग सर। वो चाह रही थी कि एक बार तो

24:45

रियांश उसकी तरफ मुड़ करके देख ले। लेकिन

24:47

रियांश अभी भी सामने की तरफ ग्लास से देखे

24:50

जा रहे थे। रियांश के पूछने पर प्रियंकाल

24:53

जी जवाब देते हुए कहती है सो मुझे लगा

24:56

कहीं आपको किसी चीज की जरूरत ना हो। तो

24:59

मैं ही तो हूं ना यहां पर आपका ख्याल रखने

25:01

के लिए। रियांश काफी गुस्से में अपनी बहो

25:05

को चढ़ाते हुए पीछे की तरफ मुड़ते हैं और

25:07

उसे घूर कर देखते हुए कहते हैं व्हाट डू

25:10

यू मीन बाय दैट? मैं क्या कोई छोटा बच्चा

25:12

हूं जो तुम मेरा ख्याल रखोगी? प्रियंका जो

25:15

कहती है एक्चुअली अंकल जी ने बोला था मुझे

25:19

डैड की वजह से ही तुम मेरे साथ काम करती

25:21

हो तो हर बार पर डैड को बीच में लाने की

25:24

जरूरत नहीं है। अगर कुछ काम है तो बोलो

25:27

अदरवाइज गेट आउट। प्रियंका जो अपने हाथ

25:30

में फाइल्स लेते हुए कहती है कुणाल ने

25:32

डॉक्यूमेंट्स भेज दिए हैं सर। रियाज जो

25:35

प्रियंका से कहते हैं ओके नाउ गेट टू द

25:38

वर्क। एनी मोर अपडेट? प्रियंका जो कहती है

25:41

यस सर द वंस फॉर द Amazon फ्रंट शमट मास्क

25:45

के अंदर पैक हो चुका है और शेख खालिद के

25:48

लोग लंच तक डिलीवरी एक्सपेक्ट कर रहे हैं।

25:52

रियांशो अपनी कॉफी का एक्सेप्ट लेते हुए

25:54

कहते हैं हम टिल कुणाल मीटिंग विल गोना

25:58

स्टार्ट शार्प एट 11 am इन द सार लॉन्च

26:03

नॉट अ मिनट लेट ओके प्रियंका जो कहती है

26:06

ओके सर आई विल टेल हिम एंड वन मोर थिंग सर

26:08

एंड द फिल्म यूनिट फ्रॉम मुंबई आप उनसे

26:12

मीटिंग करना चाहेंगे रियांश जो कॉफी के

26:15

मां को साइड के कांच के टेबल पर रखते हुए

26:17

कहते हैं दे कैन वेट वैसे भी अब ये

26:20

शिपमेंट ज्यादा इंपॉर्टेंट है मेरे मेरे

26:22

लिए और यह बोल के वो तुरंत ही रूम से बाहर

26:24

की तरफ निकल जाते हैं। प्रियंका जिसके बगल

26:28

से अभी रियांश गुजरे थे वो एक गहरी सांस

26:30

भरते हुए कहती है ओ योर परफ्यूम इट स्मेल

26:34

सो गुड सो और फिर वो पीछे मुड़ के देखती

26:38

है जहां से अभी-अभी रयांश गुजरे थे और उस

26:40

तरह देखते हुए अपनी गर्दन को हल्का सा

26:42

टिल्ट करते हुए कहती है आपका ख्याल अभी भी

26:45

मैं ही रख रही हूं और आने वाले वक्त में

26:47

भी मैं ही रखूंगी। अभी आपकी टेंपरेरी

26:50

असिस्टेंट बन के और उसके बाद आपकी

26:52

परमानेंट बीवी बन करके। रियांश जैसे ही

26:56

अपने रूम से बाहर की तरफ निकले थे दो

26:58

बॉडीगार्ड्स जो कि वहीं उनके आसपास आकर के

27:01

उनके सामने झुक जाते हैं। लेकिन रियांश की

27:04

नजर एक पल के लिए भी उधर नहीं जाती। शीशे

27:07

की दीवारों के उस पार एक बड़ा सा इंडोर

27:09

गार्डन था। जिसकी वे जिसमें हल्की-हल्की

27:12

धूप छन करके आ रही थी। रियांशो उस दरवाजे

27:16

को खोल के बाहर आते हुए कहते हैं मिस्ड मी

27:20

रियांश की आवाज जैसे ही उस जगह पर पड़ी थी

27:23

दौड़ करके एक प्यारा छोटा पेट जो कि उनके

27:27

पास आता है और उनके पैर से जाकर लिपट जाता

27:30

है। रियांश जो अपने कदम को उसी की तरफ

27:32

थोड़ा बढ़ाते हैं और नीचे की तरफ बैठ करके

27:35

उसके फ को धीरे-धीरे अपने हाथों से सहलाते

27:38

हुए कहते हैं आई नो मैं कभी-कभी तुम्हें

27:40

छोड़कर चला जाता हूं। बट इट डजंट मीन कि

27:42

मैं तुम्हें मिस नहीं करता। अब घूरना बंद

27:44

करो मुझे।

27:46

और वो प्यार से उसे अपने गोद में उठाते

27:48

हुए कहते हैं, कम ऑन लुसिफर।

27:52

लुसिफर जो कि एक प्यारा खूबसूरत सा टाइगर

27:55

का बच्चा था और रियांश उसे अपने बच्चे की

27:57

तरह प्यार करते थे। वो उसे अपने साथ अंदर

28:01

की तरफ ले आते हैं और धीरे-धीरे उसके फर

28:03

को सहलाते हुए कहते हैं हम। तो कुछ ज्यादा

28:06

ही गुस्सा है मेरा बच्चा। वो उसे अपने रूम

28:09

की तरफ ले जाते हुए कहते हैं, तुम्हें पता

28:11

है तुम्हारे लिए क्या लेकर आऊं मैं इंडिया

28:12

से? लुसिफर जैसे ही रियांश की बात सुनता

28:15

है, वह धीरे से अपने चेहरे को एक बार

28:17

रियांश की तरफ देखता है जैसे वह काफी

28:19

क्यूरियस हो रहा हो जानने के लिए और

28:21

रियांश की सारी बात उसे अच्छी तरह समझ में

28:23

आ रही हो। रियांश उसे सोफा पर ले जाकर के

28:26

बैठाते हैं और उसके सामने एक ब्लैक बॉक्स

28:29

लाते हुए कहते हैं गेस करो क्या हो सकता

28:32

है इसमें? लुसिफर जो एक बार रियांश की तरफ

28:34

देखता है और धीरे-धीरे अपने हाथ को उस

28:36

बॉक्स पर रखने लगता है जैसे वो खुद ही

28:39

अपने हाथ से उस बॉक्स को खोलने की कोशिश

28:41

कर रहा हो। रियांश उसके हरकत को देखकर

28:43

हल्का सा स्माइल करते हैं और उसके बगल में

28:46

आकर के बैठते हुए उस बॉक्स को खोलते हैं।

28:49

उसमें एक खूबसूरत सा चेन था और उसके साथ

28:51

ही एक पेंडेंट था और उस पेंटेंट में काफी

28:54

खूबसूरत तरीके से लिखा गया था। लुसफर

28:57

रियाश जो धीरे से उसके गर्दन पर अपने हाथ

29:00

को फेरते हैं और उस लॉकेट को उसे पहनाते

29:02

हुए कहते हैं होप सो तुम्हें यह गिफ्ट

29:05

पसंद आया होगा। लुसिफर जो अपनी आंखों को

29:08

एक बार रियांश की तरफ देखता है। लुसिफर जो

29:11

अपनी आंखें उठा के एक बार रियांश की तरफ

29:13

देखता है और धीरे-धीरे उनके हाथों को

29:15

चाटना शुरू कर देता है। जैसे ही रियांश के

29:18

हाथ को उसने अपनी जीभ से टच किया था।

29:20

रियांश अपने हाथ को साइड में करते हुए

29:22

कहते हैं स्टॉप इट लुसिफर। अभी मुझे

29:25

मीटिंग के लिए निकलना। आई एम गेटिंग लेट।

29:27

तुम्हारे साथ अगर खेलने में बिजी हो गया

29:29

तो फिर मीटिंग कैंसिल करनी पड़ जाएगी। और

29:32

वह उसके सर पर धीरे से अपने हाथ को पेट

29:34

करते हैं और खड़े होते हुए अपने व्रोब की

29:37

तरफ चले जाते हैं। रियाजो जाकर के अपने

29:40

व्रोब के सामने खड़े होते हैं और उनके

29:42

ग्लास का व्रोब अपने आप ही खुल जाता है।

29:44

रियांजो व्रोब से शर्ट निकालते हैं और उसे

29:48

पहनते हुए शीशे के सामने आ जाते हैं।

29:50

लुसिफर फिर से सोफे से उतर करके उनके पैर

29:53

के पास आ गया था और उनके सामने जाकर के

29:55

नीचे बैठ जाता है और अपने चेहरे को ऊपर की

29:58

तरफ उठा के रियांश को ही देखने लगता है।

30:01

लगभग 10 मिनट में वह पूरी तरह से अपने

30:03

पावरफुल ओरा में वापस आ चुके थे और वह

30:07

अपने शर्ट्स के स्लीव्स को हल्का सा ऊपर

30:09

की तरह फोल्ड करते हैं और अपने कोट को हाथ

30:11

में लेते हुए लुसिफर को देख के उसके सामने

30:14

हल्का सा बेंड होते हैं और उसके सिर को

30:16

सहलाते हुए कहते हैं वापस आकर के बात करते

30:18

हैं तुमसे अभी जाने की इजाजत दीजिए मुझे

30:21

और वो अपने फोन को लेकर के बाहर निकल जाते

30:23

हैं। वहीं मुंबई में आलीशान हॉस्पिटल में

30:27

जिया जो कि अपने बेड पर आराम से बैठी हुई

30:29

थी। लेकिन वह सिर्फ फिजिकली आराम से बैठी

30:32

थी। मेंटली उसके दिमाग में पूरी तरह

30:33

उथल-पुथल मचा हुआ था। उसे समझ में नहीं आ

30:36

रहा था कि आखिर वो कुणाल से क्या-क्या झूठ

30:37

बोले और वो किस तरह से अपने बारे में

30:39

कुणाल को इंट्रोड्यूस करें। उसे कुणाल से

30:42

शायद कोई मदद भी चाहिए थी। उसे वैसे भी

30:45

मुंबई में किसी के बारे में कोई जानकारी

30:47

नहीं थी कि तभी वो देखती है कुणाल उसी की

30:49

तरफ आगे बढ़ते हुए आ रहा है। कुणाल जो इस

30:52

वक्त रिहान से ही बात करते हुए अंदर की

30:54

तरफ आगे बढ़ रहा था। जिया जैसे ही कुणाल

30:57

को आता हुआ देखती है वो और ज्यादा घबराने

30:59

लगती है। कुणाल जो रियान से बताता है हां

31:02

सर वो होश में आ गई है। हां सर सारा

31:05

प्रोसेस हो चुका है। अब बस उसका एड्रेस

31:08

पता चले तो मैं उसे घर छुड़वा दूं। जिया

31:10

ने जैसे यह सुना था वो धीरे से अपने दिल

31:12

पर हाथ रखती है और अपने मन में ही कहती है

31:15

नहीं कान्हा मैं दोबारा से उस नर्क में

31:18

वापस नहीं जा सकती क्या करूं क्या करूं

31:23

वही कुणाल फोन को रखते हुए कहता है ओके सर

31:25

हैव अ गुड डे ओके ओके सर ओके मैं करवाता

31:30

हूं सर 11:00 बजे तक हो जाएगा और वो फ़ को

31:32

रखते हुए जिया को देखते हुए कहता है हम अब

31:36

तुम ठीक हो जिया से कहता है हम तुम अपने

31:39

घर वालों का नंबर दे दो। सबसे बेहतर वही

31:41

होगा। मैं उन लोग को कॉल कर दूंगा और बता

31:43

दूंगा तुम्हारे बारे में। जी हां, जैसे ही

31:45

सुनते हैं वो करनाल की तरफ एक बार वो

31:48

करनाल की तरफ मासूमियत से देखने लगती है

31:50

और अपने आप से ही कहती है जी हां, तुझे

31:54

एक्टर बनना है ना। समझ ले आज तेरा ऑडिशन

31:57

है। अगर आज तू इन्हें अपनी बातों में

31:59

कन्विंस कर ली तो तू बच गई। और यार एक्टर

32:02

बनने का सपना भी पूरा हो जाएगा।

32:04

लेकिन अगर तू ऐसा नहीं कर पाए तो तुझे

32:07

दोबारा से वही जिंदगी मिलेगी। वही घर, वही

32:11

लोग। नहीं। कुणाल जो कहता है कौन सी सोच

32:15

में डूब जाते हो तुम हर बार? कुछ पूछ रहा

32:17

हूं तुमसे। जिया जो कुणाल को देखती है और

32:20

अपनी आंखों में आंसू ले आते हुए कहती है

32:24

मेरा कोई नहीं है। कुणाल जैसे ही जिया की

32:27

बात सुनता है वो उसकी तरफ थोड़ा आगे बढ़ते

32:29

हुए कहता है क्या? क्या क्या कहा तुमने?

32:32

जिया जो थोड़ा पीछे होते हुए कहती है जीजी

32:35

मेरा कोई नहीं है इस दुनिया में मैं अनाथ

32:39

हूं। कुणाल जैसे ही सुनता है वो एकदम से

32:42

हैरानी से जिया को देखते हुए कहता है मगर

32:45

तुम्हारे कपड़े और तुम्हारी हालत देखकर तो

32:47

ऐसा नहीं लग रहा कि तुम अनाथ हो। कोई तो

32:50

होगा ना जिसके घर पे तुम पहले रहती होगी

32:52

जहां से तुम वहां रोड पर आ रही थी और रात

32:55

के 1:00 बजे तुम कर क्या रही थी रोड पर?

32:57

जिया सारे कुणाल के सवाल को अपने ऊपर इस

33:00

तरहाता हुआ देखकर कहती है मैं वो वो मैं

33:06

मैं घर की तलाश कर रही थी कुणाल जो कहता

33:09

है तो पहले कहां रहती थी जिया कुणाल के

33:12

सवाल को सुनते हुए कहती है

33:15

मैं मैं जहां रहती थी मालकिन ने मुझे घर

33:18

से बाहर कर दिया था और वो ये भी कह रही थी

33:22

कि पैसा नहीं दोगी तो घर पर नहीं रखेंगे

33:25

तुम्हें पैसे नहीं थे मेरे पास तो घर से

33:28

बाहर कर दिया। जिया जो अपने आप से कहती है

33:31

ऐसे ही एक्टिंग कंटिन्यू रख। यह तेरी

33:33

बातों में धीरे-धीरे कन्विंस हो रहा है।

33:37

कुणाल जो कहता है तो तुम बचपन से ऐसे ही

33:40

रहती हो। जिया जो कहती है हां बचपन से ही

33:44

ऐसे ही इधर-उधर काम करके गुजारा कर लेती

33:48

हो।

33:50

कुणाल जो इस तरह जिया को घबराता रोता और

33:53

परेशान होता हुआ देखकर कहता है अच्छा कोई

33:56

बात नहीं मैं मैं कोई हेल्प कर सकता हूं

33:59

तुम्हारी जिया जो उसके सामने हाथ जोड़ते

34:02

हुए कहती है मुझे रहने का कोई ठिकाना

34:05

दिलवा देते बस मेरे पास जैसे पैसे आएंगे

34:10

मैं चुका दूंगी आपका बिल कोई भी जगह

34:13

छोटी-मोटी कहीं पर भी रह लूंगी जैसे ही

34:16

कुणालिया सुनता है वो कुछ सोचते सोचते हुए

34:19

कहता है काम करती हो क्या-क्या काम करना

34:22

आता है बर्तन वगैरह धुल सकती हो जिया जैसे

34:25

ही सुनती है वो एकदम से खुश होते हुए कहती

34:27

है हां हां बर्तन धुल सकती हूं कपड़ा धुल

34:30

सकती हूं खाना खाना भी बनाती हूं जैसे ही

34:34

कुणालया सुनता है वो कहता है ठीक है मैं

34:37

तुम्हें काम दिलवा दूंगा कोशिश करूंगा कि

34:40

तुम्हारे हिसाब से बेहतर काम हो और

34:43

तुम्हें जो भी सैलरी मिलेगी उसे तुम अपने

34:45

रहने का बंदोबस्त कर लेना जिया जो कहती है

34:48

उम पर पर अभी कहां रहूंगी? कुणाल जो कहता

34:51

है परेशान मत हो। जहां तुम्हें काम मिलेगा

34:54

वहां पर रहने की जगह भी मिल जाएगी। मैं सर

34:56

से बात कर लेता हूं। जिया जो अपने सर को

34:59

जल्दी-जल्दी हां में लाते हुए कहती है हां

35:01

हां मैं मैं सारा काम कर लूंगी। कोई

35:03

दिक्कत नहीं है। कुणाल जो उसे इस तरह

35:06

देखकर कहता है ठीक है लेकिन अभी अपने

35:08

हेल्थ का ख्याल रखो। एक दिन और हॉस्पिटल

35:11

में रहो तुम।

35:13

जिया जो तुरंत ही अपने सर को नाम हिलाते

35:15

हुए कहती है नहीं हॉस्पिटल में नहीं रह

35:18

सकती। कुणाल जो भी पीछे की तरफ मुड़ा ही

35:20

था और जिया की बात सुनते हुए वो जिया की

35:23

तरफ देखते हुए कहता है क्यों जिया जिसको

35:26

इस बात का खौफ था कि कहीं उसे हॉस्पिटल

35:29

में कोई पहचान ना ले। वैसे भी उसके मुंबई

35:32

में वैसे भी मुंबई के हॉस्पिटल में उसके

35:34

एक रिश्तेदार काम किया करते थे और जिस

35:37

फैमिली से वह बिलॉन्ग करती थी वो काफी

35:39

जानीमानी फैमिली थी। अगर उसे कोई भी यहां

35:42

पर पहचान लेता तो उसके फैमिली वालों को

35:44

तुरंत इंफॉर्मेशन मिल जाता और जिया ऐसा

35:47

बिल्कुल भी नहीं होने दे सकती थी जिसकी

35:49

वजह से वो कुणाल के बगल में आकर के खड़ी

35:51

होती है और अपने हाथ जोड़ते हुए कहती है

35:54

मेरे लिए बस इतना ही फेवर करिए बस मुझे

35:56

जहां भी आप काम दिलवा सकते हैं वहां काम

35:58

दिलवा दीजिए मैं आज से ही काम करना शुरू

36:01

कर दूंगी कुणाल जो कहता है मैंने तुम्हारे

36:05

जैसी मजबूर लड़की नहीं देखी मजबूर भी और

36:08

साथ में इतनी मजबूत भी

36:10

ठीक है मैं आज शाम तक तुम्हारा बंदोबस्त

36:12

कर देता हूं। लेकिन अभी तुम रेस्ट करो।

36:15

जैसा होगा मैं शाम को आकर तुम्हें

36:17

बताऊंगा।

36:21

कुणाल जो जिया को समझा के वार्ड से बाहर

36:23

निकल जाता है। जैसे ही उसके कदम वार्ड से

36:26

बाहर की तरफ गए थे। जिया झट से अपने हाथों

36:28

में फोन पकड़ती है और अपने फोन को ऑन करने

36:31

की कोशिश करने लगती है। मगर अफसोस उसका

36:34

फोन पूरी तरह से डर्ट हो चुका था। जिया जो

36:36

उस फोन को अपने सीने से लगाते हुए कहती है

36:39

नेहा दी तीन दिन हो गए पता नहीं घर पर

36:44

क्या माहौल होगा। उसके घर की फैमिली बहुत

36:47

ही ज्यादा स्ट्रिक्ट थी। लेकिन उस पूरे

36:50

परिवार में सिर्फ एक ही शख्सियत थी जो

36:52

जिया को हमेशा खुश करने के पीछे लगी रहती

36:55

थी और वो थी उसकी बड़ी बहन नेहा। जिया जो

36:58

अपनी आंसों को अपने गालों से साफ करती है

37:00

और इधर-उधर और इधर-उधर मदद के लिए किसी को

37:04

ढूंढने लगती है कि तभी एक नई उम्र के

37:06

स्टाफ जो कि उसी की तरफ आगे बढ़ रही थी वो

37:09

उसके ड्रिप को चेक करने के लिए आ रही थी।

37:12

जिया जो उस स्टाफ को देखते हुए धीरे से

37:14

कहती है

37:17

एक्सक्यूज मी। वो लड़की जो जिया की तरफ

37:20

देखते हुए कहती है जी मैम आपको कुछ चाहिए।

37:23

जिया जो अगल-बगल देखती है केस से। जिया

37:26

अगल-बगल एक बार देखती है और फिर उस स्टाफ

37:29

को देखते हुए रिक्वेस्ट भरी निगाहों में

37:30

से कहती है अगर आपका फोन 2 मिनट के लिए

37:34

मिल जाता तो वो स्टाफ जो कहती है नो

37:37

प्रॉब्लम मैम और वो तुरंत ही अपने फोन को

37:40

निकाल करके जिया को देते हुए कहती है आपको

37:42

किसी को कॉल करना है जिया धीरे से अपने सर

37:45

को हाथ में लाते हुए कहती है जी पर आप इस

37:48

बारे में प्लीज किसी को मत बताइएगा वो

37:50

लड़की जो कहती है ठीक है तब तक मैं दूसरे

37:53

पेशेंट के पास जा रही हूं आपकी की बात हो

37:55

जाए तो आप फोन मुझे दे देना। जिया आज अपने

37:57

सर को बस हां में हिला देती है और जल्दी

38:00

से फ़ में और जल्दी से फोन में अपनी सिस्टर

38:03

का नंबर डायल करने लगती है। उसके माथे पर

38:06

पसीने की बूंदे फिर से उभरने लगी थी। घर

38:09

का नाम सुनते ही जिया की रूह कांप जाती

38:12

थी। जैसे-जैसे घंटे की आवाज जाती है, जिया

38:15

जो अपने हाथ को अपने दिल पर रखते हुए खुद

38:17

से कहती है, किसी भी हालत में घर वालों को

38:21

पता नहीं चलना चाहिए। कान्हा प्लीज और

38:25

मेरी वजह से मेरी दी को कुछ नहीं होना। वो

38:28

भी इतना बोली थी कि तभी दूसरी तरफ से फोन

38:30

पिक हो जाता है। जिया जो कांपते हुए आवाज

38:33

में धीरे से कहती है

38:36

लेकिन उससे पहले ही दूसरी तरफ से नेहा की

38:39

आवाज आती है। हेलो कौन? हेलो। जिया जो

38:44

हिम्मत करते हुए गहरी सांस भरती है और

38:46

अपनी आंखों को बंद करते हुए कहती है जिया

38:49

बोल रही हूं थी।

38:51

नेहा जैसे ही जिया की आवाज सुनती है वो भी

38:53

एकदम से घबराते हुए कहती है जिया तू कहां

38:57

गई है कहां तू तीन दिन से घर पे सब परेशान

39:00

है तुझे कोई आईडिया भी है तो ये तू तू

39:03

मुझे सच बता तू कहां पर है जिया जो अपने

39:06

चेहरे को नाम हिलाती है और फिर धीरे से

39:08

कहती है नहीं मैं ये नहीं बता सकती नेहा

39:13

जो कहती है मुझे समझ नहीं आ रहा जिया तेरा

39:15

दिमाग खराब हो गया है क्या तुझे पता है ना

39:18

अगर घर वालों को तू मिल गई तो तेरा क्या

39:21

हाल करेंगे वो? बड़े पापा तीन दिन से बहुत

39:24

परेशान हैं। और सब लोग बातें बना रहे हैं।

39:27

सोसाइटी वाले आ कर के पूछ रहे हैं कि कहां

39:29

गई आपकी बेटी? मॉम भी बहुत परेशान है। ताई

39:33

जी भी। और तुझे पता है ना अगर चाचू को पता

39:36

चला तो? जिया जा कहती है मेरे बारे में

39:39

सोचना छोड़ तो दी। आप अपनी जिंदगी के बारे

39:43

में सोचो। आपको कुछ कहा तो नहीं उन लोगों

39:46

ने। नेहा जो कहती है

39:49

मैं मैं ठीक हूं जिया जो नेहा की आवाज

39:53

सुनते हुए कहती है झूठ मत बोलो उन लोगों

39:56

ने आपको भी कुछ किया ना मारा आपको नेहा जो

40:00

कहती है वो तो कोई नई बात नहीं है ना तू

40:04

मेरे बारे में फिक्र मत कर तू कहां पर है

40:07

तू सेफ तो है ना जिया जो रोते हुए कहती है

40:10

आई एम सो सॉरी दी मैं आपको अपनी वजह से

40:14

बहुत तकलीफ देती हूं मेरी गल गलती की वजह

40:17

से हमेशा आप डांट सुनते हो।

40:20

पर ये करना बहुत जरूरी था। आपको पता है ना

40:24

मेरे साथ क्या होने जा रहा था। मैं वो

40:26

जिंदगी नहीं जी सकती थी। नेहा जो कहती है

40:30

तू रोना बंद कर जीहा। वो इतना बोली थी कि

40:33

तभी पीछे से दरवाजे के जोर से बंद होने की

40:36

आवाज आती है जिससे नेहा एकदम से डर जाती

40:38

है और उसकी पूरी शरीर कांपना शुरू कर देती

40:41

है। नेहा जो कि कुछ बोल ही नहीं पा रही

40:44

थी। जिया इस तरफ से कहती है दी मैं यह तो

40:47

नहीं बता सकती कि मैं कहां पर हूं लेकिन

40:50

मैं जहां भी हूं ठीक हूं और मेरी कान्हा

40:52

जी है ना वो सब कि तभी दूसरी तरफ से बहुत

40:56

तेज आवाज आती है कहां हो तुम ये आवाज जैसे

41:00

ही जिया सुनती है उसके हाथ पूरी तरह कांप

41:03

उठते हैं और फोन जो कि एकदम से उसके हाथ

41:05

से गिरने वाला होता है लेकिन फिर वो अपने

41:08

होश को संभालती है और अपनी मुट्ठी को कस

41:10

के बंद करते हुए गहरी-गहरी सांस भरते हुए

41:12

कहती है मुझे चू

41:17

दूसरी तरफ से आवाज आती है मैंने पूछा कहां

41:20

है तू या तो खुद मुझे बता दे या तो फिर

41:24

मरने के लिए तैयार रहना तेरी वजह से हमारे

41:27

घर की इज्जत की कितनी नीलामी हो रही है

41:30

तुझे कोई आईडिया भी है इसीलिए इतनी छूट दी

41:33

थी मैंने तुझे हां बता जिया कहां पर है

41:37

जिया का गला पूरी तरह भारी हो गया था और

41:39

वो कांपतेकांपते रोए भी जा रही थी आसपास

41:42

के पेशेंट्स उसी को देख रहे थे जिसकी वजह

41:44

से वो खुद को संभालती है और अपने चेहरे को

41:47

एक साइड में करते हुए कहती है चाचा चाचू

41:51

मैं मैं ठीक हूं। दूसरी तरफ जिया के चाचा

41:55

फिर से स्ट्रिक्ट टोन में कहते हैं तू ठीक

41:58

सिर्फ तब तक है जब तक तू हम लोगों को मिल

42:00

नहीं रही। तुझे क्या लग रहा है? हम लोग

42:03

तुझे खोज नहीं रहे। अरे तो यूपी क्या? तू

42:06

पूरे इंडिया के किसी भी शहर में छुपी होगी

42:08

ना तो तुझे ढूंढ निकालेंगे। और जिस दिन

42:11

तुझे ढूंढ निकाले मैं कुछ नहीं कर पाऊंगा।

42:15

तुझे पता है ना तेरे बड़े पापा का गुस्सा

42:18

जिंदा जला दी जाएगी जिया। मैं कह रहा हूं

42:21

चुपचाप से खुद वापस आ जा। अभी मैं सिचुएशन

42:24

संभाल सकता हूं। जिया जो कहती है नहीं

42:28

वापस नहीं आऊंगी। भले ही मर जाऊं लेकिन

42:32

वापस नहीं आऊंगी।

42:34

आप लोग मेरी शादी करा रहे थे। वो भी इतने

42:38

बड़े लड़के से। मैं उसको जानती तक नहीं

42:41

हूं। आप लोग हमेशा अपने बारे में सोचते

42:44

हैं। अब मैं वापस नहीं आऊंगी। कि तब तक वो

42:47

सामने की तरफ देखती है। जहां पर वो स्टाफ

42:49

अभी अपने हाथ को फैला हुए अपने फोन मांग

42:52

रही थी। जिया जो तुरंत ही अपनी आंखों के

42:54

आंसुओं को पोछती है और अपने रोदे गले से

42:57

कहती है मैं फ़ रख रही हूं। दूसरी तरफ से

43:02

एक स्ट्रिक्ट टोन फिर से आती है। बता तो

43:04

जिया मैं आखिरी बार पूछ रहा हूं। जिया जो

43:08

कहती है बाय जय श्री कृष्णा और यह बोल के

43:12

वो फोन कट कर देती है और कांपते हुए हाथ

43:15

से फोन उस स्टाफ को थमाते हुए कहती है

43:18

थैंक यू वो स्टाफ जिया को इस तरह देख के

43:21

थोड़ा परेशान हो गई थी और उसके बगल में

43:23

खड़ी हो के उसके सामने थोड़ा झुकते हुए

43:25

कहती है आप ठीक तो हैं क्या बात है परेशान

43:29

नजर आ रही हैं क्या हुआ

43:33

जिया का दिल तो इतना भारी हो रहा था कि

43:35

उसका मन कर रहा था कि वो अपने सामने खड़ी

43:37

बड़ी लड़की को जोर से हग करके अपने दिल के

43:39

सारे भड़ास को निकाल दे। लेकिन इस वक्त

43:42

कुछ भी बताना उसके लिए घातक साबित हो सकता

43:45

था। जिसकी वजह से वो अपने गम को अपने दिल

43:48

में छुपाते हुए कहती है कुछ नहीं मैं ठीक

43:51

हूं। बस घर वालों से थोड़ा दूर आई थी तो

43:55

बात करना था। उन लोगों की याद आ रही है।

43:58

वो स्टाफ समझ तो गई थी कि जिया झूठ बोल

44:01

रही है। लेकिन वो जिया को इस हालत में

44:03

ज्यादा परेशान नहीं करना चाहती थी। जिसकी

44:05

वजह से वह उसके गाल पर हल्का सा हाथ

44:06

थपथपाते हुए कहती है, कुछ जरूरत होगी तो

44:09

मुझे बताइएगा। और यह बोलकर वह वहां से चली

44:12

जाती है। जिया जो अपने आप को अपनी बाहों

44:15

में समेटते हुए कहती है, वो लोग मुझे ढूंढ

44:18

रहे हैं। मतलब ज्यादा दिन तक तुम ऐसे नहीं

44:20

छुप सकती। क्या करूं?

44:24

मुझे कोई ठिकाना चाहिए होगा। पता नहीं शाम

44:27

तक वो लड़का वापस आएगा या नहीं। वो कुणाल

44:31

के बारे में बोल रही थी। वहीं दूसरी तरफ

44:33

दुबई में रियांश अग्निहोत्री जो अपने

44:36

कैबिन में बैठे हुए अपनी चेयर पर हल्का

44:39

लीन हो के कुछ कुछ डॉक्यूमेंट्स वगैरह को

44:42

चेक कर रहे थे। अभी वो अपने फाइल्स को

44:44

इधर-उधर करके देख ही रहे थे कि तभी उनकी

44:46

नजर एक डायरी पर जाती है। वो सारे फाइल्स

44:50

को साइड में रखते हैं और उस डायरी को धीरे

44:52

से खोलते हुए कहते हैं यह किसकी डायरी है?

44:57

वो जैसे ही सबसे पहला बेस देखते हैं तो

45:00

उसमें काफी खूबसूरत तरीके से सजाकर लिखा

45:02

हुआ था जिया त्रिपाठी।

45:05

दूसरा पन्ना खोलते ही उसी लड़की की फोटो

45:08

लगी हुई थी और उसके नीचे लिखा हुआ था यह

45:11

मैं हूं जिया त्रिपाठी। हां, दिखने में

45:15

खूबसूरत तो हूं। मगर मेरी किस्मत उतनी ही

45:18

ज्यादा बदसूरत है। रियाशू धीरे-धीरे उसके

45:22

एक-एक लाइन को पढ़ रहे थे। लेकिन तभी उनकी

45:25

नजर फिर से उस फोटो पर जाती है और रियांश

45:28

को कुछ याद आता है। रियांश के दिमाग में

45:30

वही पल घूमने लगता है जब अक्षत जिया को

45:33

अपनी बाहों में लेकर के अंदर की तरफ आया

45:35

था और जिया का सर जो कि उन्होंने और जिया

45:38

का सर जो कि रियांश के लैब पर रखा हुआ था।

45:41

गलती से ही सही मगर रियांश की नजर उस

45:44

लड़की पर चली ही जाती है। और जैसे ही उस

45:46

लड़की का चेहरा उन्हें याद आता है। वो

45:48

डायरी को साइड में रखते हुए कहते हैं तो

45:50

यह उस इटियट की डायरी है। खैर मुझे उससे

45:54

क्या और वो उसे साइड में डस्टबिन में और

45:57

उसे साइड के ट्रैश के में धीरे से डाल

45:59

देते हैं। लगभग अब शाम का वक्त होने ही

46:02

वाला था। अक्षित जो कुणाल को कॉल करते हुए

46:06

जिया के बारे में पूछताछ करने लगता है।

46:09

कुणाल जो अक्षित की बात को बार-बार अवॉइड

46:11

करने की कोशिश कर रहा था। मगर बार-बार फ़

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करने पर कुणाल जो अक्षय से बताता है उस

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लड़की का कोई नहीं है। अनाथ है वह और

46:19

मुंबई में ही रहती है। उसे कल रात उसके

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लैंड ने बाहर निकाल दिया था। ऐसा बोला है

46:26

उसने। अब उसे एक रहने की जगह चाहिए और साथ

46:29

में काम करने के लिए भी कोई जगह मिल जाए

46:32

तो बेहतर होगा। मैं सोच रहा था अगर सर से

46:34

पूछ करके मैं उसे रेस्टोरेंट में रख लूं

46:36

तो। अक्षर जो कहता है नहीं उसकी जरूरत

46:40

नहीं है। वैसे भी मेरे पास तो जगह खाली ही

46:43

है। मेरा पूरा फार्म हाउस पड़ा हुआ है और

46:45

उसके बाद मेरी बिल्डिंग्स के फ्लैट्स भी

46:47

तो कई खाली हैं। उसी में एक फ्लैट उसे दे

46:50

देंगे। लेकिन कुणाल को रियांश की कही हुई

46:52

बात याद आने लगती है। दादा कि वो शर्मा

46:55

जितना ज्यादा अक्षित से दूर रहेगी उतना ही

46:57

उसके लिए बेहतर होगा। कुणाल जो कहता है पर

47:00

सॉरी अक्षत सर मैंने तो रेयांश सर से बात

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कर ली है और वो मान भी गए हैं। अब आप

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जानते हैं ना अगर उनके ऑर्डर को फॉलो नहीं

47:08

किया और फिर मैं बोला कि आप अगर आपको

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प्रॉब्लम है तो आप उन्हीं से बात कर

47:13

लीजिए। वो अच्छे से जानता था कि अक्षत

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लड़कियों के बारे में कभी भी रेयांश से

47:17

कोई बात नहीं करेगा। अक्षत जो कहता है चलो

47:20

ठीक है। वैसे भी उसके रेस्टोरेंट में तो

47:23

मेरा आना जाना होता ही है। मुलाकात तो

47:25

होती रहेगी उस लड़की से। और यह बोल करके

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वही इत स्माइल पास करके फोन कट कर देता

47:30

है। कुणाल जो फोन की तरह देखते हुए कहता

47:32

है आखिर इतना क्यों डस्पिरेट हो गए यह? उस

47:35

लड़की से इनका क्या इतना लेना देना है?

47:38

कहीं सच में यह लूज़ कैरेक्टर नहीं है तो

47:42

मेरे बॉस के फ्रेंड ही ना। मैं इस तरह से

47:44

नहीं बोल सकता। फोन को अपने हाथ में लेकर

47:46

के बाहर की तरफ निकलने वाला होता है।

47:48

लेकिन तभी उसे कुछ याद आता है और वो अपने

47:50

आप के सर पर मारते हुए कहता है शिट।

47:53

अब अक्षत सर से बोल दिया है कि रेहान सर

47:55

से बात कर लें। कहीं ऐसा ना हो वो सही में

47:57

बात करें और फिर उन्हें पता चल जाएगा कि

48:00

मैं झूठ बोल रहा था। एक तरफ अक्षत सर से

48:02

पिटूंगा और उसके बाद रेहयांश सर तो जान ही

48:04

ले लेंगे और वो तुरंत ही फोन को अपने हाथ

48:07

में लेता है और रियांश को कॉल लगाने लगता

48:09

है। इस वक्त रियांश ज्यादा बिजी ना होने

48:11

की वजह से उसका फोन पिक कर लेते हैं। इस

48:13

तरफ इस तरफ से कुणाल जो रिक्वेस्ट भरी टोन

48:16

में रियांश से कहता है गुड गुड इवनिंग सर।

48:20

रियांश कहते हैं हम

48:23

क्या हुआ? कुणाल जो अपनी धूं कटकते हुए

48:25

कहता है सर वो आपने जैसा कहा था ना अब

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अक्षत सर उस लड़की के बारे में बहुत बातें

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कर रहे हैं। रियांशु कहते हैं कि इस लड़की

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के बारे में कुणाल जो कहता है अरे भाई रात

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में जिसका एक्सीडेंट हो गया शमा

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रियांश जो कुणाल को रियांश कुणाल की बात

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सुनते हैं और वहीं ट्रैश के में उस डायरी

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को देखते हुए कहते हैं जी हां राइट कुणाल

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जो कहता है नहीं नहीं सर उसका नाम शमा है

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उसने मुझे बताया है वो बेचारी अनाथ है

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उसका कोई नहीं है इस पूरी दुनिया में और

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वो अकेले अपना गुजर-बसरर करती है सर वह

49:03

उसके बारे में अक्षत सर बहुत पूछ रहे हैं।

49:05

तो मैंने उनसे झूठ बोल दिया कि मैं उस

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लड़की को रहने के लिए आपके रेस्टोरेंट में

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जगह दे रहा हूं और काम करने के लिए वो

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लड़की मान गई है। अगर उसे आप अपने

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रेस्टोरेंट में रख लेते तो रियांश पहले तो

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कुणाल की बात से कंफ्यूज हो गए थे क्योंकि

49:22

जिस तरह कुणाल इतने श्योरिटी से उसका नाम

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शमा बता रहा था उस हिसाब से तो वो डायरी

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ही गलत थी। रयांश फिर से उस ट्रेंच कैन की

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तरफ देखते हैं और उसमें से उस डायरी को

49:31

बाहर निकाल देते हैं। अक्षत का नाम सुनते

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ही वो कुणाल से कहते हैं चाहे कुछ भी हो

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जाए। मेक श्योर कि अक्षत से वो लड़की दूर

49:40

रहे। कुणाल जो कहता है हां सर इसी वजह से

49:43

तो वो तो कह रहे थे कि उन्हें अपनी ही

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बिल्डिंग के फ्लैट में रखने के लिए लेकिन

49:47

मैंने मना कर दिया। वो भोलीभाली लड़की है।

49:50

अगर कुछ रियांशु कहते हैं नो प्रॉब्लम।

49:54

उसे रख लो रेस्टोरेंट के लिए। और हां उसके

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मेडिकेशन को प्रॉपर्ली कंप्लीट करवाने के

49:59

बाद ही उसे रेस्टोरेंट में जगह देना। पता

50:01

चले मेरे रेस्टोरेंट में काम करते-करते

50:02

बेहोश हो जाए। कुणाल जो कहता है ओके सर

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मैं ध्यान रखूंगा। और यह बोल के वो फोन कट

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कर देता है। रियांश उस डायरी को फिर से

50:10

खोलते हुए कहते हैं शमा नाम है उसका।

50:15

तो फिर यहां जिया त्रिपाठी क्यों लिखा है?

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अब रियांश को भी उस लड़की के बारे में

50:21

जानने के लिए थोड़ी बहुत क्यूरियोसिटी मच

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रही थी कि तभी बाहर कुछ स्टाफ जो कि अंदर

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आने की परमिशन मांग रहे थे। रियांश अपनी

50:30

डायरी रियांश उसी डायरी की तरफ देखते हुए

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कहते हैं कम इन वहीं दो-तीन स्टाफ जो के

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अंदर आते हुए कहते हैं हेलो सर गुड

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इवनिंग। रियांश की नजर जो अभी भी उसी

50:40

लड़की के फोटो पर टिकी हुई थी। लेकिन वो

50:43

जैसे ही सामने के माहौल को नोटिस करते

50:45

हैं, वो तुरंत ही उस डायरी को बंद करके

50:47

उसे एक फाइल के नीचे रख लेते हैं। आखिर

50:50

क्या होगा जिया का और कब तक छुपा पाएगी वो

50:53

अपनी आइडेंटिटी रियांश और कुणाल से और

50:56

क्या बच पाएगी वो अपने परिवार से। आइए

50:59

जानते हैं आने वाले एपिसोड में क्या होने

51:01

वाला है और सुनते रहिए माफियास ट्रैप्ड

51:03

वाइफ सिर्फ और सिर्फ स्टोरी विमा के साथ।

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