Raja Saab Haunted Palace | सच्ची कहानी | Hindi Horror Stories | Khooni Monday E325🔥🔥🔥
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[संगीत]
राजा साहब ह्टेड पैलेस।
यह कहानी रवि नाम के एक क्रिमिनल के साथ
हुई। एक रियल स्टोरी पर बेस्ड है। आंध्र
प्रदेश में रहने वाला 34 साल का एक
हट्टाकट्टा आदमी रवि नायडू। बड़े-बड़े
बिल्डरों के कहने पर छोटे-छोटे लोगों के
घर पर कब्जा करने का काम करता था। ना वो
किसी गैंग का हिस्सा था और ना ही किसी से
दुश्मनी रखता था। सुबह उठना, अपनी पुरानी
मोटरसाइकिल स्टार्ट करना और डायरी में
लिखे नाम के पीछे निकल जाना। यही थी उसकी
जिंदगी। उस दिन शाम को जब वो अपनी डायरी
देख रहा था, तो उसको एक कंस्ट्रक्शन कंपनी
से मैसेज आया। यह मैसेज एक बहुत बड़े
बिल्डर का था जिसे पास के एक छोटे से शहर
के सबसे बड़े राजमहल पर कब्जा करना था। वो
बिल्डर इस काम के लिए मुंह मांगी कीमत दे
सकता था। रवि को लगा कि उसके लिए यह एक
लॉटरी जैसा है और अगर उसने वह राजा महल
खाली करवा दिया तो उसे फिर से यह
छोटे-छोटे कब्जे का काम करने की कोई जरूरत
नहीं होगी। पर राजा महल का नाम पढ़ते ही
उसके दिमाग में शहर की पुरानी बातें याद
आई। राजा महल शहर के बाहर जंगलों के बीच
बना शहर के राजा सांप का एक बहुत ही
शानदार पैलेस था जो उनकी मौत के बाद कई
सालों से वीरान था।
लोग कहते हैं कि उस महल का असली राजा बहुत
बुरी तरह मारा गया और आज भी उसकी आत्मा
वहां अपने बदले के लिए भटक रही है। कई
लोगों ने उस महल पर कब्जा करना चाहा पर
कोई भी वहां आज तक रात में रुक नहीं पाया
है। रवि ने खुद से कहा कि यह सब अफवाह है
और उसे यह काम करना ही चाहिए। दोपहर को
रवि अपनी मोटरसाइकिल पर राजा महल की तरफ
निकल गया। रास्ता धीरे-धीरे सुनसान होता
गया। शाम ढलने लगी। शहर के घर पीछे छूट गए
और पेड़ों के बीच से गुजरते हुए आसमान का
रंग बदलने लगा। हवा ठंडी नहीं थी लेकिन
भारी थी जैसे हर सांस के साथ कुछ और भी
उसके सीने के अंदर जा रहा हो। राजा महल का
गेट सामने आया। लोहे का बड़ा सा गेट आधा
झुक चुका था। उस पर जंख जम चुकी थी और
पेड़ की बेलों ने उसे पूरी तरह से जकड़
रखा था कि रवि ने मोटरसाइकिल बंद की। जैसे
ही इंजन की आवाज खत्म हुई आसपास की सारी
आवाजें भी जैसे दब सी गई।
कोई पंछी नहीं, कोई जानवर नहीं सिर्फ
खामोशी और एक हल्की सी हवा जो जंगल की
पेड़ पत्तियां हिला रही थी। ऐसा लग रहा था
कि शायद वो हवा रवि को कुछ बताना चाह रही
थी लेकिन रवि का उस पर ध्यान नहीं था।
रवि ने गेट के अंदर कदम रखा। राजा महल
अंदर से और भी ज्यादा भयानक लग रहा था।
ऊंची छत, लंबी कॉरिडोर्स और दीवारों पर
पुरानी पेंटिंग्स जो आधी मिट चुकी थी। कई
तस्वीरों के चेहरे घिसे हुए थे। पेंटिंग
में आंखों की जगह सिर्फ काला रंग था। जैसे
किसी ने जानबूझकर उन्हें मिटा दिया हो।
रवि पेंटिंग्स देख ही रहा था कि तभी एकदम
से उसे ऐसा लगा कि जैसे कोई उसे देख रहा
है। उसने आवाज लगाई कोई है?
कोई है यहां?
उसकी आवाज कॉरिडोर में घूम कर वापस आई।
लेकिन वो आवाज बिल्कुल वैसी नहीं थी जैसे
उसने बोली थी। वो थोड़ी धीमी थी। थोड़ी
भारी जैसे किसी और के गले से निकल कर लौट
रही हो। रवि ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं
दिया और चुपचाप राजा साहब के कमरे में चला
गया। वहां जाते ही उसे अजीब से चक्कर आने
लगे। तो वो कुछ देर राजा के पुराने से बेड
पर जाकर लेट गया। उसकी आंख कब लगी उसे पता
ही नहीं चला। लेकिन फिर कुछ ही पलों में
एक आवाज ने उसे उठा दिया। किसी के
चिल्लाने की आवाज। वो आवाज जमीन के नीचे
से आती हुई लग रही थी। शब्द साफ नहीं थे।
लेकिन उनमें एक भूख थी, एक गुस्सा था और
कुछ ऐसा था जो बहुत पुराना था। रवि के
सीने में एक अजीब सी घबराहट भरने लगी। वो
धीरे-धीरे आगे बढ़ा और एक कमरे के सामने
आकर रुक गया। दरवाजा आधा खुला था। अंदर
खून में लिपटी जंजीरें पड़ी थी और उन्हीं
के पास एक दिया जल रहा था।
दिए की लौ बिल्कुल सीधी थी। जबकि कमरे में
हवा का कोई झोंका नहीं था। रवि ने जैसे ही
कमरे के अंदर कदम रखा वो दिया बुझ गया।
अंधेरा इतना घना हो गया कि रवि को कुछ नजर
नहीं आ रहा था। उस पल रवि को पहली बार लगा
कि शायद यहां आकर उससे एक बहुत बड़ी गलती
हो गई है। कुछ ही पलों में फिर एक आवाज
आई। रवि के कान के बिल्कुल पास किसी ने
कहा, तू यहां कब्जा करने आया है। रवि ने
पीछे मुड़ना चाहा लेकिन उसके पैर जैसे जम
गए थे। उसकी सांसे तेज हो गई और दिल
जोर-जोर से धड़कने लगा। अंधेरे में
धीरे-धीरे एक अजीब सी चीज उभरी। वो आदमी
जैसी थी। लेकिन पूरी तरह नहीं। उसका शरीर
काले धुएं जैसा लग रहा था। चेहरे पर आंखों
की जगह सिर्फ गहरी खाली जगह थी। उस आदमी
के हाथ में एक पुराना यंत्र था जिसमें
सूखे बाल और छोटी-छोटी हड्डियां बंधी हुई
थी। फिर उस आदमी की परछाई से एक हंसी की
आवाज आई। बहुत धीमी सी हंसी। धीरे-धीरे वो
धुआं उस आदमी की परछाई एक भयानक तांत्रिक
में बदल गई। उस तांत्रिक ने कहा कि वह भी
कभी कर्ज में था। उसने बताया कि इस महल के
राजा ने उससे उसका हिसाब देने को कहा था।
राजा ने उसे काले तंत्र, बलि और खून के
कामों के लिए राज्य से निकाल दिया था।
और फिर अचानक से वो कमरा बदलने लगा। रवि
ने देखा कि राजा महल अपने पुराने रूप में
आ गया था। दीवारों पर रोशनी थी। सामने एक
राजा खड़ा था। लेकिन जंजीरों में जकड़ा
हुआ। वो शांत था। लेकिन उसकी आंखों में
शक्ति थी। उसके सामने वही तांत्रिक खड़ा
था जिसका चेहरा गुस्से और नफरत से भरा हुआ
था। तांत्रिक ने अपनी काली शक्तियों का
इस्तेमाल किया। मंत्रों की आवाज गूंजी।
राजा को चारों ओर से काले साों ने घेर
लिया और राजा साहब को मार दिया गया।
खून जमीन पर गिरा। बलि पूरी हुई। यह सब
देखकर रवि का गला चीख से भर गया। तांत्रिक
की फिर आवाज आई और उसने कहा अब रवि की
बारी है। तभी रवि की सांसे भारी होने लगी
और उसके सीने में एक अजीब सा दर्द होने
लगा। अचानक रवि जमीन से नीचे उड़ गया जैसे
वो हवा में तैर रहा हो। उसकी आंखें सफेद
पड़ने लगी और उसे ऐसा लगा कि जैसे कोई
उसकी आत्मा उसके शरीर से बाहर खींच रहा
है। और तभी एक और आवाज आई। वो आवाज भारी
थी लेकिन शांत थी। राजा साहब की आत्मा रवि
के सामने थी।
उसका चेहरा खूनी नहीं था। उसमें सिर्फ दुख
और कर्तव्य था। राजा ने कहा कि इस घर में
और खून नहीं होगा। तांत्रिक चीखा और बोला
कि रवि अब उसका शिकार है। तभी अचानक राजा
की आकृति बड़ी होती चली गई और तांत्रिक के
मंत्रों की आवाज टूटने लगी। दीवारें कांप
उठी। अंधेरा जैसे चीखने लगा।
तांत्रिक धीरे-धीरे घुलने लगा जैसे उसे
कोई जबरदस्ती खींच रहा हो। रवि जमीन पर
गिर गया। उस राजा का साया ठीक उसके सामने
था। वो साया अब बहुत ज्यादा डरावना लग रहा
था। चेहरे पर जैसे हजारों चोटें थी और
आंखें जो अंधेरे जैसी काली पड़ी थी। खाल
जैसे पूरी गल चुकी हो। इतनी कि राजा साहब
के शरीर की हड्डियां दिख रही थी। रवि ने
घबराते हुए बोला राजा साहब मुझे छोड़ दो
राजा साहब। तभी अचानक से उस राजा का साया
गुस्से में रवि पर चिल्लाया और उसे वो
राजा महल हमेशा हमेशा के लिए छोड़ने के
लिए कहा। रवि इतना घबरा गया कि वो बेहोश
ही पड़ गया। जब उसकी आंख खुली सुबह हो
चुकी थी। राजा महल वैसा ही था जैसा सालों
से था। टूटा हुआ खंडर खामोश जैसे रात में
कुछ भी नहीं हुआ हो। रवि बिना पीछे देखे
वहां से बाहर भागा। उसने बिल्डर को यह काम
करने से सख्त मना कर दिया। तब से वो राजा
महल आज भी खाली है। शहर के लोग आज भी कहते
हैं कि वो राजा साहब का महल रात में जिंदा
हो जाता है। आपको क्या लगता है? हमें जरूर
बताइए। और अगर आपको यह वीडियो अच्छी लगी
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