Is Island Se Nikal Pana Impossible Hai | Shutter Island (2010) Movie Explained In Hindi/Urdu
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साल 1954 यूएस मार्शल एडवर्ड डेनियल्स
अपने नए पार्टनर चक के साथ एक केस के
सिलसिले में शटर आइलैंड की ओर बढ़ रहा था।
शटर आइलैंड एक ऐसा सुनसान टापू था जिस पर
एक मेंटल हॉस्पिटल चलाया जाता था। उस
हॉस्पिटल का नाम था ऐशक्लिफ। ऐशक्लिफ में
देश के सबसे खतरनाक और खूंखार मेंटल
पेशेंट्स को रखा गया था। उनमें से
ज्यादातर मरीज हत्यारे, अपराधी और ऐसे लोग
थे जिन्हें काबू में रखना बहुत मुश्किल
था। उन्हीं में से एक फीमेल पेशेंट एक दिन
पहले ही हॉस्पिटल से अचानक गायब हो गई थी।
एडवर्ड और चक को यहां उसी की तहकीकात के
लिए भेजा जा रहा था। जल्द ही एडवर्ड और चक
शटर आइलैंड पहुंच गए। वहां उनकी मुलाकात
ऐश्क्लिफ हॉस्पिटल के डेप्युटी वार्डन से
हुई जो उन्हें ऐश्लिफ लेकर जाने लगा। जब
वे ऐशक्लिफ के करीब पहुंचे तो एडवर्ड ने
देखा कि हॉस्पिटल चारों तरफ से ऊंची
दीवारों से घिरा हुआ था और उन दीवारों के
ऊपर इलेक्ट्रिकल फेंसिंग की हुई थी जैसे
यह कोई हॉस्पिटल ना होकर कोई जेल हो।
हॉस्पिटल के एंट्रेंस के बाहर ही डेपटी
वार्डन ने चक और एडवर्ड से उनके हथियार
जमा करवा लिए और फिर हॉस्पिटल के बारे में
बताने लगा। यहां तीन वार्ड हैं। वार्ड ए
पुरुष मरीजों के लिए। वार्ड बी महिलाओं के
लिए और वार्ड सी में हम सबसे खतरनाक और
हिंसक मरीजों को रखते हैं। इसलिए वार्ड सी
में बिना इजाजत के जाना सख्त मना है। वहां
अगर किसी वजह से भी जाना पड़े तो मेरा या
हॉस्पिटल के चीफ साइकेट्रिस्ट डॉक्टर कोली
का साथ होना जरूरी है। इसके बाद डेपुटी
वार्डन उन्हें डॉक्टर कोली से मिलवाने ले
गया। डॉक्टर कोली बहुत ही शांत और खुशमजाज
थे। उन्होंने बड़ी गर्मजशी से एडवर्ड और
चक का स्वागत किया। फिर वह उन्हें उस मरीज
के बारे में बताने लगे जो एक दिन पहले
गायब हो गई थी। उन्होंने बताया उसका नाम
रेचल है। रेचल का पति सेकंड वर्ल्ड वॉर
में शहीद हो गया था। जिस वजह से उसकी
दिमागी हालत बहुत नाजुक हो गई थी। एक दिन
उसने अपने तीनों बच्चों को झील में डूबाकर
मार डाला। उसके बाद उसे यहां ऐशक्लिफ में
भर्ती कराया गया। हमने उसका इलाज करने की
पूरी कोशिश की। पर वह यह मानने को तैयार
ही नहीं है कि उसने अपने बच्चों को मारा
है। उसे अब भी यही लगता है कि उसके बच्चे
जिंदा है। यहां तक कि उसे यह भी लगता है
कि वह किसी मेंटल हॉस्पिटल में नहीं बल्कि
अपने घर पर है। उसने अपने ज़हन में एक पूरी
काल्पनिक दुनिया गढ़ ली है और बाकी मरीजों
और स्टाफ को भी वह उस दुनिया का हिस्सा
मानती है। उसके हिसाब से हम सभी पोस्टमैन,
डिलीवरी मैन, दूध वाले वगैरह हैं। डॉक्टर
कोली ने आगे बताया, "कल रात वह बेहद हैरान
कर देने वाले तरीके से गायब हो गई। उसके
कमरे का दरवाजा और बाहर जाने वाले सारे
रास्ते बंद थे। खिड़की पर मजबूत लोहे की
सलाखें थी। ऐसा लग रहा है जैसे वह किसी
साए की तरह कमरे के अंदर से गायब हो गई
हो। डॉक्टर कोली ने फिर एडवर्ड को रेचल की
तस्वीर दिखाई। तस्वीर देखते ही एडवर्ड को
अपने ज़हन में एक बच्ची की लाश दिखाई दी जो
और दूसरी लाशों के बीच पड़ी हुई थी। इसके
साथ ही एडवर्ड के सर में तेज दर्द होने
लगा। उसने बताया कि उसे सी सिकनेस है। जब
भी वह समंदर में सफर करता है, उसकी तबीयत
खराब हो जाती है। यह जानकर डॉक्टर कोली ने
एडवर्ड को सर दर्द की दवा दी। इसके बाद
डॉक्टर कोली एडवर्ड और चक को रेचल के कमरे
में ले गए। वहां तलाशी लेते वक्त एडवर्ड
को फर्श के नीचे छुपा हुआ एक कागज का
टुकड़ा मिला। उस पर दो लाइनें लिखी थी। द
लॉ ऑफ फोर और हु इज 67? यानी चार का नियम
और 67 कौन है? कोली ने बताया कि यह लिखावट
रेचेल की ही थी और कागज पर लिखी लाइनें एक
पहेली की तरह लग रही थी। मगर इस पहेली का
क्या मतलब था, यह उन्हें भी समझ में नहीं
आ रहा था। एडवर्ड के माथे पर शिकन आ गई।
उसे लग रहा था कि कुछ तो ऐसा था जो रेचल
इस पहेली के जरिए बताना चाह रही थी। इसके
बाद डॉक्टर कोली उन्हें हॉस्पिटल के कॉमन
रूम में लेकर गए। उन्होंने बताया कि किसी
भी मरीज को हॉस्पिटल से बाहर जाने के लिए
इसी कॉमन रूम से होकर गुजरना पड़ता है।
रेचल भी अगर हॉस्पिटल से बाहर गई होगी तो
वह इसी कॉमन रूम से होकर गई होगी। लेकिन
रात के वक्त यह हॉल कभी खाली नहीं रहता
था। स्टाफ के कुछ लोग वहीं जमा होकर ताश
खेलते थे। यानी चुपचाप वहां से भाग निकलना
नामुमकिन था। उस दिन भी यहां काफी लोग थे।
पर पता नहीं कैसे रेचेल बिना उन्हें नजर
आए यहां से गायब हो गई। यह सारी बातें
सुनकर एडवर्ड को शक हुआ कि रेचेल को भगाने
में हॉस्पिटल के ही किसी शख्स का हाथ था।
वरना बंद कमरे से किसी का गायब हो जाना
लगभग नामुमकिन था। इसलिए उसने डॉक्टर कोली
से उस रात ड्यूटी पर मौजूद हर कर्मचारी की
फाइल दिखाने को कहा। फाइल दिखाने की बात
पर डॉक्टर कोली के चेहरे पर झिझक साफ
दिखाई देने लगी। उन्होंने कहा कि वे इस
बारे में सोचेंगे। पर एडवर्ड के काफी जोर
देने के बाद डॉक्टर कोली ने कहा, "अभी
फिलहाल के लिए मैं बस हॉस्पिटल स्टाफ से
आपकी बात करवा सकता हूं। मैं रात को डिनर
के बाद सारे स्टाफ मेंबर को कॉमन रूम में
इकट्ठा करूंगा। जहां आप लोग उनसे पूछताछ
कर सकते हैं। तब तक आप जाकर रिचल को
तलाशने में डेप्यूटी वार्डन की मदद कर
सकते हैं। डेप्यूटी वार्डन उस समय बाकी
गार्ड्स के साथ पूरे आइलैंड पर रेचेल की
तलाश कर रहा था। एडवर्ड भी चक के साथ वहां
आ पहुंचा। डेप्यूटी वार्डन ने उन्हें
बताया मेरे ख्याल से रेचल को आइलैंड पर ही
होना चाहिए। क्योंकि पिछली रात समंदर में
काफी तेज तूफान आया था। अगर उसने तैर कर
भागने की कोशिश भी की होती तो तेज लहरों
की वजह से वह चट्टानों से टकराकर मारी
जाती और उसकी लाश हमें किनारे पड़ी मिलती।
इसलिए मेरे ख्याल से उसे आइलैंड पर ही
होना चाहिए। पर पूरा आइलैंड छानने के बाद
भी वह हमें कहीं नहीं मिली। तभी एडवर्ड की
निगाह दूर खड़े एक पुराने लाइट हाउस पर
पड़ी जहां दो गार्ड्स पहरा दे रहे थे।
उसने डेपटी वार्डन से उस लाइट हाउस के
बारे में पूछा। डेप्यूटी वार्डन ने जवाब
दिया वह बस एक पुराना लाइट हाउस है जिसमें
अब सीवेज ट्रीटमेंट फैसिलिटी है। वहां
गंदा पानी साफ किया जाता है। मेरे
सिपाहियों ने उस लाइट हाउस का भी
कोना-कोना छान मारा। पर रेचेल वहां भी
नहीं मिली। पर एक सीवेज ट्रीटमेंट
फैसिलिटी पर गार्ड्स का पहरा देना एडवर्ड
को अजीब लग रहा था। लेकिन फिलहाल के लिए
उसने अपना ध्यान रिचेल की खोजबीन पर लगाना
ही सही समझा। अब शाम भी ढलने लगी थी।
इसलिए एडवर्ड चक के साथ हॉस्पिटल वापस लौट
आया। रात के वक्त एडवर्ड और चक कॉमन रूम
में पहुंचे। जहां हॉस्पिटल का सारा स्टाफ
इकट्ठा था। एक-एक कर एडवर्ड ने सबसे सवाल
किए। पर काफी पूछताछ के बाद भी उन्हें ऐसा
कोई भी सुराग नहीं मिल पाया जो उन्हें
रेचल तक ले जा सके। लेकिन पूछताछ के दौरान
एडवर्ड को पता चला कि रेचल का ट्रीटमेंट
डॉक्टर शीहन कर रहे थे। एडवर्ड ने तुरंत
उनसे मिलने की इच्छा जताई। पर डॉक्टर कोली
ने बताया कि डॉक्टर शीहन आज सुबह ही
छुट्टी पर चले गए। यह सुनकर एडवर्ड और चक
दोनों झुंझुला उठे। एक इतना अहम डॉक्टर
ऐसे वक्त पर गायब था जब उसकी पेशेंट एक
दिन पहले हॉस्पिटल से लापता हो गई थी।
एडवर्ड ने कॉलेज से सख्त लहजे में कहा अभी
इसी वक्त मेरी उनसे बात करवाइए डॉक्टर पर
जब उन्होंने रेडियो के जरिए डॉक्टर शहन से
संपर्क करने की कोशिश की तो खराब मौसम की
वजह से लाख कोशिशों के बावजूद भी डॉक्टर
शहन से संपर्क नहीं हो पाया। कुछ देर बाद
डॉक्टर कोली एडवर्ड और चक को अपने घर पर
ले गए। जहां कोली के सीनियर डॉक्टर नेरिंग
भी मौजूद थे। डॉक्टर नेरिंग एक
साइकेट्रिस्ट थे जो कि जर्मनी से थे।
लेकिन पिछले कई सालों से एसी हॉस्पिटल में
काम कर रहे थे। डॉक्टर नेरिंग जर्मनी से
हैं। यह जानते ही एडवर्ड चिढ़ गया क्योंकि
सेकंड वर्ल्ड वॉर के समय एडवर्ड ने एक
सैनिक के तौर पर भी काम किया था। उसी
दौरान जर्मनी में उसने नाजियों के हाथों
जस का कत्लेआम होते देखा था। उनकी दरिंदगी
रूह कंपा देने वाली थी। इसलिए एडवर्ड को
जर्मन लोगों से खास नफरत थी। एडवर्ड ने
थोड़ी बातचीत के बाद तहकीकात के लिए फिर
से स्टाफ मेंबर्स की फाइलों की मांग की।
पर नेरिंग ने वह फाइलें देने से साफ मना
कर दिया। इस पर एडवर्ड भड़क गया। उसने कहा
मैं इसी वक्त यह जांच खत्म कर रहा हूं। आप
सभी मेरी मदद करने की बजाय मेरे काम में
अड़ंगा डाल रहे हैं। अब मैं सीधे रिपोर्ट
बनाऊंगा और उस रिपोर्ट को एफबीआई को सौंप
दूंगा। बाकी आपका काम जाने। हम कल ही शटर
आइलैंड से वापस लौट जाएंगे। इतना कहकर
एडवर्ड और चक कोली के घर से निकल गए।
एडवर्ड और चक के सोने का इंतजाम हॉस्पिटल
के क्वार्टर में ही किया गया था। रात को
एडवर्ड को एक सपना आया। उस सपने में
एडवर्ड के सामने उसकी पत्नी डोलोरस खड़ी
थी जो 2 साल पहले एक दुर्घटना में मारी गई
थी। डोलोरस ने उसकी ओर देखते हुए कहा,
एडवर्ड तुम अभी यहां से नहीं जा सकते
क्योंकि रेचेल कहीं नहीं गई है। वो अब भी
यहीं है और वह लेडीज भी। इसी के साथ
एडवर्ड की नींद एक झटके में खुल गई। उसने
खिड़की से बाहर झांका तो मौसम काफी खराब
हो चुका था। पास खड़े एक स्टाफ मेंबर ने
कहा, ऐसे तूफान में फेरी का आना नामुमकिन
है। अब जब तक मौसम ठीक नहीं होता, आपको
यहीं रुकना पड़ेगा। एडवर्ड के दिमाग में
डोलरस की बातें फिर से गूंजने लगी। शायद
डोलरस के रूप में उसका अंतर्मन उसे बताने
की कोशिश कर रहा था कि उसे रेचेल को ढूंढे
बिना यहां से नहीं जाना चाहिए। कुछ देर
बाद एडवर्ड और चक डॉक्टर कोली के पास
पहुंचे। एडवर्ड ने डॉक्टर कोली से कहा,
"मुझे उन सारे मरीजों से बात करनी है
जिनसे रिचेल की बातचीत होती थी। शायद उनसे
हमें कुछ पता चल पाए। यह सुनते ही डॉक्टर
कोली के चेहरे पर परेशानी के भाव उभर आए।
पर फिर भी उन्होंने भारी मन से इसके लिए
हामी भर दी। इसके बाद एडवर्ड और चक ने
मरीजों का इंटरव्यू लेना शुरू कर दिया।
एडवर्ड ने पाया कि सारे के सारे मरीज रेचल
के बारे में वही बातें बता रहे थे जो उसने
डॉक्टर कोली के मुंह से सुनी थी। ऐसा लग
रहा था जैसे उन्हें यह बातें रटा दी गई
हो। इसी दौरान एडवर्ड की मुलाकात मिज गर्स
नाम की पेशेंट से हुई। पूछताछ के दौरान जब
एडवर्ड ने उसे डॉक्टर शहन के बारे में
पूछा तो कर्ज के चेहरे का रंग फीका पड़
गया। उसने बस इतना बताया कि डॉक्टर शीहन
बहुत अच्छे इंसान है। इसके बाद उसने चक से
पानी मांगा। जैसे ही चक पानी लेने गया
कर्ज ने एडवर्ड की डायरी उठाई और उसमें
कुछ लिख दिया। एडवर्ड ने जब वो पढ़ा तो
उसके चेहरे का रंग उड़ गया। उसने चक के
आने से पहले डायरी को कोर्ट की जेब में
डाल लिया। तब तक चक भी पानी लेकर वापस आ
गया। एडवर्ड ने फिर मिज कर्न से एक आखिरी
सवाल पूछा। क्या आप कभी एंड्रियो लेडिस
नाम के किसी पेशेंट से मिली हैं? यह सुनकर
मिसेज करंस घबरा गई और कांपती आवाज में
कहा, नहीं, मैंने यह नाम कभी नहीं सुना।
यह कहकर वह तुरंत उठ खड़ी हुई और चुपचाप
वहां से चली गई। पूछताछ खत्म करने के बाद
एडवर्ड और चक बाहर आ गए और उस पूछताछ में
मिली जानकारी पर चर्चा करने लगे। अब तक
उन्हें कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था।
चक ने एडवर्ड से पूछा जब मिज गर्स ने मुझे
पानी लाने भेजा था तब उसने आपसे कुछ कहा
था? पहले तो एडवर्ड झिझका लेकिन फिर उसने
अपनी डायरी दिखाई। उस पर मिज गर्स ने
सिर्फ एक शब्द लिखा था। रन यानी यहां से
भाग जाओ। एडवर्ड को महसूस हो रहा था कि
मिज गंस उसे किसी खतरे के बारे में आगाह
कर रही थी। तभी चक ने एडवर्ड से एक और
सवाल किया। बॉस, यह एंड्रू लेडीज है कौन?
आपने हर एक मरीज से उसके बारे में पूछा
था। जवाब में एडवर्ड ने उससे कहा,
एंड्र्यू लेडीस वह आदमी है जिसने मेरे
फ्लैट में आग लगा दी थी। उसी की वजह से
मेरी बीवी डोलरस की जान चली गई। लेकिन
सबूतों की कमी की वजह से वह छूट गया पर
मैं उसे ऐसे ही नहीं जाने देने वाला था।
कुछ दिनों बाद मैंने पेपर में पढ़ा कि
उसने अपने पागलपन में एक स्कूल को आग के
हवाले कर दिया और दो लोगों की जान ले ली।
इसके लिए उसे जेल में डाल दिया गया और फिर
वहां से एशक्लिफ में ट्रांसफर किया गया।
उसके बाद तो वह जैसे गायब ही हो गया। उसका
अब कोई भी रिकॉर्ड नहीं है जैसे वह कभी था
ही नहीं। एडवर्ड ने आगे बताया लेडीज को
ढूंढने के लिए मैं एस्क्लिफ के बारे में
जानकारी जुटाने लगा। पर कोई भी ऐशक्लिफ के
बारे में बात करने के लिए तैयार नहीं था।
इसी छानबीन के दौरान मेरी मुलाकात जॉर्ज
नोइस नाम के एक कैदी से हुई जो डेडम जेल
में उम्र कैद की सजा काट रहा था। उसने
बताया कि लगभग एक साल पहले उसकी दिमागी
हालत खराब होने की वजह से उसे यहीं
एशक्लिफ में भर्ती किया गया था। एक साल
बाद उसे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज मिल गया।
लेकिन बाहर आते ही उसने तीन लोगों को मौत
के घाट उतार दिया। जैसे इस हॉस्पिटल ने
उसे ठीक करने की बजाय उसे और पागल कर दिया
था। कोर्ट में जॉर्ज के वकील ने उसे बचाने
के लिए उसे फिर से पागल साबित करने की
कोशिश की। पर जॉर्ज ने मेंटल हॉस्पिटल
जाने की बजाय खुद ही जज से मौत की भीख
मांगी। जज ने भी उसकी बात सुनकर उसे उम्र
कैद की सजा सुना दी। आज भी वह डेडम जेल
में सजा काट रहा है। लेकिन जो बातें उसने
मुझे बताई उससे यह साफ था कि ऐशक्लिफ में
मरीजों पर एक्सपेरिमेंट्स किए जा रहे हैं।
मुझे लगता है कि एंड्र्यू लेडीज के साथ भी
ऐसा ही कुछ किया जा रहा है। इसलिए उसके
सारे रिकॉर्ड्स मिटा दिए गए हैं। और सबसे
घटिया बात यह है कि गवर्नमेंट खुद ऐसे गैर
कानानूनी प्रयोगों के लिए एशक्लिफ को फंड
कर रही है। अगर लेडीज मिल जाए तो मैं
आसानी से इस हॉस्पिटल का पर्दाफाश कर
दूंगा। यह सुनकर चक सन रह गया। उसने 2
मिनट के लिए सोचा और कहा आपने इनका
पर्दाफाश करने का प्लान बनाया और फिर ठीक
उसी वक्त एशक्लिफ से एक पेशेंट गायब हो गई
और उसकी तहकीकात के लिए आपको ही यहां
बुलाया गया। जरा सोचिए यहां चारों तरफ
इलेक्ट्रिक फेंसिंग है। हर कोने पर
सिक्योरिटी खड़ी है। कोई पेशेंट यहां से
कैसे भाग सकता है और रिचल तो बंद कमरे से
गायब हो गई। क्या रेचल के यहां होने का
हमें अब तक एक भी सबूत मिला है? हो सकता
है कि यहां कोई रेचल हो ही ना। बॉस मुझे
लगता है कि आपको यहां लाकर फंसाने की यह
एक सोची समझी साजिश है ताकि आप उनका
पर्दाफाश ना कर सकें। एडवर्ड यह सुनकर
चौंक गया क्योंकि उसने अब तक इस तरह से
सोचा ही नहीं था। तभी उन्हें डॉक्टर कोली
की ओर से बुलावा आया और दोनों को उनसे
मिलने जाना पड़ा। एडवर्ड और चक जब मीटिंग
रूम में पहुंचे तो वहां बाकी के डॉक्टर
तूफान और बारिश से होने वाले खतरे के बारे
में चर्चा कर रहे थे। उन्हें डर था कि
बारिश की वजह से कहीं पावर कट ना हो जाए।
पावर कट होने से सारे कैदखाने खुल जाते और
वहां मौजूद पागल मरीज बाहर आ जाते।
हालांकि डॉक्टर कोली ने सबको भरोसा दिलाया
कि हॉस्पिटल में बैकअप जनरेटर है तो ऐसी
समस्या होने का खतरा ना के बराबर है। इस
पर डॉक्टर नेरिंग ने कहा पर अगर बैकअप
जनरेटर भी फेल हो गया तो अंदर बंद सारे 66
मरीज बाहर आ जाएंगे और उन्हें संभालना
बेहद मुश्किल हो जाएगा। सबसे ज्यादा खतरा
वार्ड सी के मरीजों से है जो कि हमारे लिए
जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। हॉस्पिटल
में 66 मरीज हैं। यह सुनकर एडवर्ड ठिटक
गया। उसके दिमाग में रेचल के नोट पर लिखी
हुई वह लाइन आ गई। 67 कौन है? एडवर्ड को
शक हुआ कि कहीं 67 नंबर 67 पेशेंट की तरफ
इशारा तो नहीं कर रहा। डॉक्टर्स के हिसाब
से पूरे हॉस्पिटल में 66 मरीज थे। पर रेचल
कहीं यह बताना तो नहीं चाह रही थी कि यहां
67 पेशेंट भी मौजूद है। जिसका रिकॉर्ड
यहां नहीं है। एडवर्ड ने इस पर सवाल किया।
लेकिन डॉक्टर कोली ने उसकी बात बीच में ही
काटते हुए कहा, क्या आपको वार्डन ने नहीं
बताया कि रिचेल मिल चुकी है? यह सुनकर
एडवर्ड चौंक गया। वह और चक तुरंत डॉक्टर
कोली के साथ रेचेल के सेल की तरफ चल दिए।
एडवर्ड को उसके सारे सवालों के जवाब अब
रेचेल से मिल सकते थे। सेल में पहुंचकर
एडवर्ड ने रेचेल से बात करने की कोशिश की।
शुरुआत में वह सहमी हुई थी। लेकिन डॉक्टर
कोली के यह बताने पर कि वे दोनों पुलिस
ऑफिसर हैं। उसने धीरे-धीरे बोलना शुरू
किया। एडवर्ड ने पूछा, "कल तुमने क्या
किया था?" रेचेल ने जवाब दिया, "मैंने
सुबह जिम किया। बच्चों के लिए नाश्ता
बनाया। उन्हें स्कूल भेजा। फिर मैं समंदर
में दूर तक तैरने चली गई और फिर इतना कहकर
रेचल अचानक चुप हो गई क्योंकि ठीक इसके
बाद ही उसने अपने बच्चों को मार डाला था।
अगले ही पल वह बेकाबू होकर एडवर्ड की तरफ
झपटी लेकिन तभी वहां मौजूद स्टाफ ने उसे
रोक लिया। एडवर्ड रेचल की हालत देखकर
निराश हो गया। उसे समझ आ गया था कि उसे
रेचल से कुछ भी पता नहीं चलने वाला। वो
उसी वक्त चक के साथ सेल से बाहर चला गया।
एडवर्ड और चक डॉक्टर कोली के साथ उसके
ऑफिस पहुंचे। लेकिन तभी एडवर्ड को फिर से
सिर दर्द होने लगा। कोली ने तुरंत उसे सिर
दर्द की दवा दी और उसे बेसमेंट में भेज
दिया। जहां बाकी के स्टाफ भी खराब मौसम की
वजह से रुके हुए थे। एडवर्ड को वहीं एक
बिस्तर पर आराम करने के लिए लिटाया गया।
एडवर्ड की आंख लगते ही उसकी बुरी यादें
उसे डरावने सपने के रूप में दिखने लगी।
सपने में उसने खुद को नाज़ी कैंप में पाया,
जहां जीव लोगों के लाशों के ढेर लगे थे।
उन्हीं लाशों के बीच रेचल की लाश भी पड़ी
थी। उससे एक छोटी बच्ची की लाश भी लिपटी
हुई थी। अचानक उस बच्ची ने अपनी आंखें खोल
ली और एडवर्ड की ओर देखती हुई बोली, आपने
हमें क्यों नहीं बचाया? आप वक्त पर क्यों
नहीं आए? एडवर्ड उस बच्ची के सवाल का जवाब
नहीं दे पाया। अगले ही पल उसने खुद को एक
घर के अंदर पाया। वहां रिचल भी खड़ी थी और
जमीन पर तीन बच्चे मरी हुई हालत में पड़े
थे। यह शायद रेचल के ही बच्चे थे जिन्हें
उसने मार डाला था। उन्हीं में से एक वही
बच्ची थी जिसे एडवर्ड ने थोड़ी देर पहले
लाशों के ढेर में देखा था। एडवर्ड उसके
पास गया और उसे गोद में उठा लिया। एडवर्ड
की आंखें छलक पड़ी। उसने भरराई हुई आवाज
में कहा, "मुझे माफ कर देना बच्ची। मुझे
पहुंचने में देर हो गई। तभी एडवर्ड की
आंखें खुल गई और वह उठ बैठा। वो अपने अजीब
से सपने से हैरान था। वो समझ नहीं पा रहा
था कि वह बच्ची उसके सपने में बार-बार
क्यों आ रही थी। तभी उसने देखा कि चारों
तरफ अफरातफरी मची हुई थी। चक ने उसे बताया
कि खराब मौसम की वजह से बिजली चली गई थी
और बैकअप जनरेटर भी फेल हो गया था। जिस
वजह से यहां हंगामा मचा था। एडवर्ड और चक
जब बाहर निकले तो देखा कि कई मरीज अपने
सेल से बाहर आ चुके थे। हॉस्पिटल के सारे
स्टाफ और सिक्योरिटी हालात को काबू करने
में जुटे थे। यह देखकर चक ने एडवर्ड को
सुझाव दिया कि क्यों ना इस अफरातफरी का
फायदा उठाकर वार्ड सी में घुसा जाए। हो
सकता है वहां उन्हें एंड्र्यू लेडीज मिल
जाए। एडवर्ड को भी यह आईडिया अच्छा लगा।
दोनों वार्ड सी की ओर बढ़ गए। उन्होंने
स्टाफ जैसी ही यूनिफार्म पहन रखी थी।
इसलिए किसी ने उन्हें नहीं रोका और वे
बिना शक के अंदर दाखिल हो गए। अंदर जाते
ही उन्हें एक सिक्योरिटी गार्ड मिला। उसने
उन्हें बताया कि गार्ड्स ने ज्यादातर
कैदियों को तो बंद कर दिया है लेकिन कुछ
कैदी अब भी बाहर घूम रहे हैं। अगर उनमें
से कोई दिखे तो वे उन्हें रोकने की कोशिश
ना करें। वरना वे जान से हाथ धो बैठेंगे।
इतना कहकर सिक्योरिटी गार्ड वहां से चला
गया। एडवर्ड और चक के थोड़ा आगे बढ़ते ही
अचानक एक मरीज उनके सामने आ गया। वो
एडवर्ड को देखते ही वहां से भागने लगा।
एडवर्ड को लगा कि वही एंड्र्यू लेडिस है।
इसलिए वह उसके पीछे दौड़ पड़ा। एडवर्ड
उसका पीछा करते हुए सीढ़ियों की तरफ बढ़ा।
अचानक पीछे से वही पागल मरीज उस पर झपटा
और उसका गला दबोच लिया। तभी कहीं से चक की
आवाज आई जिससे उस मरीज का ध्यान भटक गया।
एडवर्ड ने मौके का फायदा उठाया और उस मरीज
पर वार करके उसे जख्मी कर दिया। उसके बाद
उसे जमीन पर पटक कर उसका गला दबाने लगा।
एडवर्ड ने देखा कि वह मरीज लेडीज नहीं था।
तभी चक एक सिक्योरिटी गार्ड के साथ वहां आ
पहुंचा। इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड चक की
मदद से उस मरीज को उठाकर वहां से ले गया।
उनके जाने के बाद एडवर्ड अकेले ही लेडीज
की तलाश में वार्ड सी के अंधेरे और डरावने
सेल्स में घूमने लगा। एडवर्ड एक-एक सेल को
सावधानी से देखे जा रहा था। तभी उसकी नजर
एक मरीज पर पड़ी जो कि लेडीज का नाम ले
रहा था। एडवर्ड ने झिझकते हुए पूछा, "क्या
तुम लेडीस हो?" इस सवाल पर वह आदमी हंसने
लगा। जब वह उठकर एडवर्ड के करीब आया, तो
एडवर्ड सन रह गया। वो जॉर्ज नॉइस था। यह
वही शख्स था जो एडवर्ड को डेडम जेल में
मिला था और जिसने एडवर्ड को एशक्लिफ में
हो रहे एक्सपेरिमेंट्स की जानकारी दी थी।
एडवर्ड जॉर्ज को वहां देखकर दंग रह गया।
उसने देखा कि जॉर्ज के चेहरे पर चोट के
गहरे निशान थे। जैसे उसे बुरी तरह से पीटा
गया हो। जॉर्ज ने अपने जख्म दिखाते हुए
कहा, यह चोटें तुम्हारी ही देन है।
तुम्हारी वजह से ही उन्होंने वापस मुझे
यहां लाकर कैद कर दिया। वह तुम्हारे साथ
भी खेल खेल रहे हैं। तुम्हें लग रहा है कि
तुम इन्वेस्टिगेशन कर रहे हो। पर यह सब
पहले से ही प्लंड है। एडवर्ड ने कहा, नहीं
जॉर्ज तुम गलत हो? जॉर्ज ने उसकी आंखों
में झांकते हुए पूछा, "अच्छा, मैं गलत
हूं?" एक बात बताओ, जब से तुम यहां आए हो,
क्या एक पल के लिए भी तुम अकेले रहे हो?"
एडवर्ड ने जवाब दिया, नहीं। मेरे साथ
हमेशा मेरा पार्टनर चक रहता है। जॉर्ज ने
फिर उससे कहा, क्या तुमने पहले कभी उसके
साथ काम किया है? नहीं ना? तुम्हारे साथ
धोखा हो रहा है। यह एक छलावा है जो
तुम्हारे साथ खेला जा रहा है। और तुम
लेडीज को क्यों ढूंढ रहे हो? तुम अभी तक
डोलरस को भुला नहीं पाए हो। है ना? जब तक
तुम डोलरस को नहीं भुलाओगे, तुम लेडीज के
पीछे ही पड़े रहोगे और यहां से कभी नहीं
निकल पाओगे। एडवर्ड ने कहा, "मैं डोलरस को
नहीं भुला सकता जॉर्ज।" यह सुनकर जॉर्ज
निराश हो गया। उसने कहा, अगर तुम्हें
लेडीज को ही ढूंढना है, तो वह इस वार्ड
में नहीं है। वह तुम्हें लाइट हाउस में ही
मिलेगा। एडवर्ड ने जॉर्ज से वादा किया कि
वह उसे यहां से बाहर निकाल लेगा। इसके बाद
वह लेडीज की तलाश में लाइट हाउस जाने के
लिए निकल गया। लौटते वक्त रास्ते में
एडवर्ड को चक भी मिल गया। पर जॉर्ज की
बातों ने एडवर्ड के मन में चक के खिलाफ शक
का बीज बो दिया था। उसने चक से पूछा कि वह
अब तक कहां था? चक ने बताया कि जिस मरीज
को एडवर्ड ने जख्मी कर दिया था, चक उसे
हॉस्पिटल में इलाज करवाने के लिए ले गया
था, उसी दौरान उसने अंदर चुपके से मरीजों
के रिकॉर्ड चेक किए। फिर उसने एडवर्ड को
एक कागज दिखाया जो कि पेशेंट 67 का इंटेक
फॉर्म था। इंटेक फॉर्म वो होता है जिसमें
उस मरीज की सारी जानकारी होती है जिसे
एडमिट किया जा रहा हो। इस फॉर्म से यह
बिल्कुल साफ हो रहा था कि इस हॉस्पिटल में
पेशेंट 67 मौजूद था। चक ने उस फॉर्म को
एडवर्ड की तरफ पढ़ने के लिए बढ़ाया। लेकिन
एडवर्ड अभी लाइट हाउस जाने की जल्दी में
था। उसने चक से कहा कि वह यह इंटेक फॉर्म
बाद में पढ़ लेगा। इसके बाद वह लाइट हाउस
की तरफ बढ़ने लगा। यह देख चक ने उसे रोकने
की कोशिश की क्योंकि शाम हो रही थी और
लाइट हाउस तक पहुंचने के लिए उसे
पहाड़ियों को पार करना पड़ता जो कि काफी
जोखिम भरा था। लेकिन चक के रोकने पर
एडवर्ड के मन में उसके लिए शक और गहरा हो
गया। इसलिए एडवर्ड ने चक को उसके साथ चलने
से मना कर दिया। फिर वह अकेले ही जंगल के
रास्ते लाइट हाउस की तरफ बढ़ गया। लेकिन
उसने पाया कि जंगल के रास्ते लाइट हाउस तक
पहुंचना बहुत मुश्किल था। थक हारकर वो
वापस वहीं लौट आया जहां कुछ देर पहले चक
उसके साथ खड़ा था। मगर वहां पहुंचते ही
एडवर्ड ने देखा कि चक वहां नहीं था। उसने
नीचे झांक कर देखा तो उसकी आंखें दहशत से
फैल गई। नीचे एक चट्टान पर चक गिरा हुआ
था। यह देख एडवर्ड तुरंत पहाड़ी से नीचे
उतरने लगा। लेकिन जब तक वो वहां पहुंचा चक
गायब हो चुका था। इधर-उधर देखने पर उसे
ऊपर पहाड़ी की चट्टानों के बीच एक छोटी सी
गुफा नजर आई जिसके अंदर से हल्की रोशनी आ
रही थी। एडवर्ड किसी तरह उसके अंदर पहुंचा
पर वहां भी चक नहीं था बल्कि एक औरत थी जो
वहां छिप कर बैठी थी। पहले तो वह एडवर्ड
को देखकर सहम गई। लेकिन जब एडवर्ड ने
बताया कि वह एक यूएस मार्शल है तो फिर
उसने उसे अंदर आने दिया। एडवर्ड ने उस औरत
से पूछा अब कौन है? उस औरत ने बताया कि वह
रेचल सोलैंडो है। यह सुनकर एडवर्ड चौंक
गया क्योंकि जो पेशेंट हॉस्पिटल से भाग गई
थी, उसका नाम भी रेचल सोलैंडो ही था।
एडवर्ड के पूछने पर उस औरत ने बताया कि
वही असली रेचल सोलैंडो है और पहले वह खुद
एशक्लिफ में एक डॉक्टर थी। यह जानकर
एडवर्ड हैरान रह गया। इसके बाद रेचल ने
एडवर्ड को वह बातें बताई जिसका उसे पहले
से अंदाजा था। उसने बताया कि ऐशक्लिफ में
पेशेंट्स पर गैर कानानूनी एक्सपेरिमेंट्स
किए जा रहे थे। एशक्लिफ में मरीजों की
ब्रेन सर्जरी करके उन्हें एक चलता फिरता
मुर्दा बना दिया जा रहा था। यह पेशेंट्स
बिना कोई सवाल किए किसी भी आदेश पर कुछ भी
कर सकते थे। जब रेचेल ने इन
एक्सपेरिमेंट्स का विरोध किया तो हॉस्पिटल
वालों ने उसे भी पागल साबित कर दिया।
रेचेल ने आगे बताया यह तुम्हारी बीती हुई
जिंदगी के किसी हादसे को सामने लाएंगे और
सबको बताएंगे कि उस हादसे की वजह से तुम
पागल हो गए। इसी तरह उन्होंने मुझे भी
दिमागी मरीज बताकर कैद कर दिया था। पर मैं
किसी तरह हॉस्पिटल से भाग निकली। अब मैं
इन पहाड़ियों में रहती हूं और हर दिन जगह
बदलती हूं ताकि वे लोग मुझे दोबारा ना
पकड़ लें। एडवर्ड को अब जाकर समझ में आया
कि उसे हॉस्पिटल में रेचेल की जगह किसी और
से मिलवाकर उसे बेवकूफ बनाने की कोशिश की
गई थी। रेचेल ने एडवर्ड से पूछा कि क्या
उसने हॉस्पिटल से मिली किसी भी चीज का
इस्तेमाल किया है जैसे सिगरेट, कॉफी या
दवा। एडवर्ड एक पल के लिए सोच में पड़
गया। उसने बताया कि सिर दर्द होने पर
डॉक्टर कोली ने उसे दवा दी थी। रेचल के
चेहरे पर फिक्र साफ झलकने लगी। उसने
एडवर्ड की तरफ देखते हुए कहा कि उसने बहुत
बड़ी गलती कर दी है। वह सर दर्द की नहीं
वहम और हेलुसिनेशन पैदा करने वाली दवा थी।
इन दवाओं का असर आमतौर पर 36 से 48 घंटों
में शुरू होता है और इसकी शुरुआत हाथों के
कांपने से होती है। एडवर्ड ने चौंक कर
अपने हाथों की तरफ देखा। वे सचमुच कांप
रहे थे। उसके चेहरे पर चिंता की रेखाएं
उभर आई। उस रात एडवर्ड उसी गुफा में सो
गया। अगली सुबह रिचल ने उसे उठाया और कहा
कि अब उसे वहां से निकल जाना चाहिए।
एडवर्ड ने उससे कहा कि वह उसे यहां से
बाहर जरूर निकालेगा। जवाब में रिचेल ने
कहा कि इस जगह से निकलने का बस एक ही
रास्ता है वो है फेरी। लेकिन वह भी
ऐशक्लिफ वालों के काबू में है। वो यहां से
चाहकर भी बाहर नहीं जा सकते। लेकिन एडवर्ड
ने ठान लिया था कि वह यहां से बाहर निकलने
का और ऐशक्लिफ का पर्दाफाश करने का कोई ना
कोई रास्ता जरूर निकालेगा। वह उस गुफा से
निकलकर फिर सीधे ऐशक्लिफ पहुंचा। वहां
पहुंचते ही उसकी मुलाकात डॉक्टर कोली से
हुई। पास आने पर डॉक्टर कोली ने कहा, "कल
रात आप कहां थे?" वैसे रेचेल के मिलने के
बाद यहां पर आपका काम तो खत्म हो चुका है।
तो क्या आप आइलैंड छोड़कर जाने की तैयारी
कर रहे हैं? एडवर्ड के चेहरे पर घबराहट
साफ दिख रही थी। उसने बताया कि वो और चक
जल्द ही शटर आइलैंड से निकल जाएंगे। कोली
के चेहरे का भाव बदल गया। उन्होंने पूछा,
"कौन चक?" आप किस चक के बारे में बात कर
रहे हैं एडवर्ड? आप इस आइलैंड पर अकेले आए
थे। यह सुनते ही एडवर्ड के ज़हन में रेचेल
की बातें गूंज उठी। वह समझ गया कि कोली
उसके दिमाग के साथ खेलने की कोशिश कर रहा
है। एडवर्ड ने भी कोली से बहस करना सही
नहीं समझा। उसने कहा, हां, कौन चक? आपने
सही कहा। मैं अकेला ही आया था। एडवर्ड को
शक हो गया था कि इन्होंने चक को भी लेडीज
की तरह गायब कर दिया था। वे जरूर उसे लाइट
हाउस ले गए होंगे। जहां उसकी ब्रेन सर्जरी
की तैयारी चल रही होगी। उसने फैसला कर
लिया था कि वह किसी तरह लाइट हाउस
पहुंचेगा और चक को बचाएगा। एडवर्ड चुपचाप
बिल्डिंग के गलियारे से होते हुए लाइट
हाउस की तरफ बढ़ने लगा। वो अपना हर कदम
बेहद संभल कर रख रहा था। लेकिन तभी अचानक
डॉक्टर नेरिंग सामने आ गए। वो शायद उस पर
पहले से नजर रखे हुए थे। वो एडवर्ड को
अपनी बातों में उलझाने लगे और इसी दौरान
वह अपनी जेब से बेहोशी का इंजेक्शन चालाकी
से निकालने लगे। लेकिन एडवर्ड सतर्क था।
उसे नेरिंग की चाल समझ आ गई थी। उसने एक
ही झटके में नेरिंग के हाथ से इंजेक्शन
छीन लिया और वही इंजेक्शन उनके शरीर में
घुसा दिया। डॉक्टर नेरिंग वहीं बेहोश होकर
गिर पड़े। उसके बाद एडवर्ड बिना वक्त गवाए
लाइट हाउस की ओर चल दिया। उसने बिना कोई
देरी किए हॉस्पिटल की बाउंड्री पार करके
समंदर में छलांग लगा दी और तैर कर लाइट
हाउस तक पहुंच गया। एडवर्ड ने देखा कि
लाइट हाउस पर बस एक ही गार्ड तैनात था।
एडवर्ड ने उस सिक्योरिटी गार्ड पर पीछे से
हमला करके उसकी बंदूक छीन ली। फिर बिना एक
पल गवाए वो लाइट हाउस की सीढ़ियां चढ़ने
लगा। ऊपरी मंजिल पर पहुंचकर जब एडवर्ड ने
दरवाजा खोला तो सामने डॉक्टर कोली पहले से
वहां बैठे उसी का इंतजार कर रहे थे।
एडवर्ड ने डॉक्टर कोली पर बंदूक तान दी।
पर जब उसने उस कैबिन में अपनी नजरें घुमाई
तो वहां कुछ भी दिखाई नहीं दिया। वहां ना
ही चक था और ना ही सर्जरी का कोई सामान।
डॉक्टर कोली ने एडवर्ड को बताया कि उसकी
बंदूक में गोली नहीं है। फिर कोली ने उसे
अपने सामने आकर बैठने के लिए कहा। एडवर्ड
ने बंदूक की मैगजीन चेक की तो वह वाकई में
खाली थी। उसकी नजर कोली की डेस्क की ओर
गई। वहां चक की बंदूक रखी थी। एडवर्ड ने
अपनी बंदूक नीचे रखी और कोली के सामने
जाकर खड़ा हो गया। कोली ने अपने पास रखे
फोन से किसी को कॉल मिलाया और डॉक्टर शहन
को ऊपर भेजने के लिए कहा। डॉक्टर शहन का
नाम सुनकर एडवर्ड हैरान रह गया। डॉक्टर
शहन वही थे जिनके बारे में एडवर्ड को
बताया गया था कि वह रेचल का इलाज कर रहे
थे। एडवर्ड ने गुस्से में दांत पीसते हुए
कहा तो डॉक्टर शहन छुट्टी से वापस आ गए।
कोली ने बिना झिझ के जवाब दिया कि डॉक्टर
शहन इस हॉस्पिटल से बाहर गए ही नहीं थे।
डॉक्टर कोली की नजर एडवर्ड के कांपते
हाथों की ओर गई। यह देख उन्होंने उससे
कहा, तुम्हारे हाथ काफी कांप रहे हैं।
क्या तुम्हें हेलुसिनेशन भी हो रहे हैं।
एडवर्ड ने गुस्से में कहा, वह तो होंगे
ही। तुम लोग धोखे से मुझे नशीली दवाइयां
जो दे रहे थे, मुझे तुम लोगों की साजिश के
बारे में सब पता है। तुम लोग मुझे पागल
साबित करना चाहते हो। मैं कल डॉक्टर रेचल
से मिला था। उन्होंने मुझे तुम लोगों के
बारे में सब कुछ बता दिया है। तुमने
डॉक्टर रेचल को भी पागल साबित करने की
कोशिश की थी। पर वह बच निकली और तुम
उन्हें कभी ढूंढ नहीं पाओगे। कोली ने कहा,
नहीं एडवर्ड यह सारे सिम्टम्स दवाइयां
देने की वजह से नहीं बल्कि दवाइयां बंद
करने की वजह से हैं। तुम दो सालों से यहां
एडमिट थे और तुम्हारे इलाज के दौरान हम जो
दवाइयां तुम्हें दे रहे थे वो फिलहाल बंद
है। जिस वजह से तुम यह विथड्रॉल सिम्टम्स
महसूस कर रहे हो। और रही बात डॉक्टर रेचल
की तो वो सिर्फ तुम्हारे दिमाग का एक भ्रम
है एडवर्ड या मैं कहूं एंड्र्यू लेडिस।
तुम जिस पागल एंड्र्यू लेडीज को ढूंढ रहे
हो वो तुम खुद ही हो। यह सुनकर एडवर्ड का
चेहरा गुस्से से तमतमा उठा। उसे यकीन ही
नहीं हो रहा था कि डॉक्टर कोली उसे पागल
साबित करने के लिए इतनी बेतुकी बातें कर
सकते हैं। तब डॉक्टर कोली ने एडवर्ड को
पेशेंट नंबर 67 का इंटेक फॉर्म पढ़ने के
लिए दिया। एडवर्ड ने देखा कि फॉर्म में
पेशेंट का नाम एंड्र्यू लेडीज ही लिखा था।
उस फॉर्म में एंड्र्यू लेडीज के बारे में
जो भी जानकारी लिखी थी वो बिल्कुल एडवर्ड
की जिंदगी से मेल खा रही थी। उसमें लेडीज
के बारे में लिखा था कि उसने वर्ल्ड वॉर
में जंग लड़ी थी और वो यूएस मार्शल भी रह
चुका था। यह पढ़कर एडवर्ड ने गुस्से में
कहा, "यह क्या बकवास है? मैं तुम्हें
बेवकूफ दिखता हूं क्या? अब सीधे से बताओ
कि मेरा पार्टनर कहां है?" अली ने अब बिना
बहस किए सामने रखे वाइट बोर्ड से पर्दा
हटा दिया। पर्दा हटते ही एडवर्ड की नजर उस
बोर्ड पर गई जहां एडवर्ड डेनियल्स के
सामने एंड्र्यू लेडीस लिखा था और रेचल
सोलैंडो के सामने डोलरस चनाल चनाल दरअसल
डोलरस के मायके का सरनेम था। डॉक्टर कोली
ने एडवर्ड का ध्यान बोर्ड की तरफ खींचते
हुए कहा, अगर तुम यहां गौर करो तो तुम्हें
साफ दिखाई देगा कि एडवर्ड डेनियल्स में भी
वही लेटर्स हैं जो एंड्र्यू लेडीस में है।
और ठीक उसी तरह रेचल सोलैंडो में भी वही
लेटर्स हैं जो डोलरस चनाल में। इससे साफ
पता चल रहा है कि एडवर्ड डेनियल्स और रेचल
सोलैंडो यह नाम तुमने खुद के और अपनी बीवी
के नामों को तोड़ मरोड़ कर बनाए हैं। यही
है वो लॉ ऑफ फोर और तुम ही हो हमारे 67
पेशेंट एंड्र्यू लेडिस। डॉक्टर कोली ने
आगे कहा 2 साल पहले तुमने ही अपनी बीवी को
मार डाला था। इसके लिए तुम खुद को माफ
नहीं कर पाए और अपना दिमागी संतुलन खो
बैठे। तुमने अपनी एक काल्पनिक दुनिया बना
ली जिसमें तुमने एडवर्ड डेनियल्स नाम की
अपनी एक अलग शख्सियत बनाकर खुद को
एंड्रियो लेडीस से अलग कर दिया और फिर
एडवर्ड डेनियल्स के रूप में एंड्रियो
लेडीस यानी खुद की ही तलाश करने लगे। मैं
तुम्हें तुम्हारी कल्पना में जीने देता।
पर तुम इस हॉस्पिटल के सबसे खतरनाक मरीज
हो। तुमने इन 2 सालों में हॉस्पिटल स्टाफ
से लेकर मरीजों तक सब पर हमला किया है।
तुमने दो हफ्ते पहले जॉर्ज नॉइस को तो
लगभग मार ही दिया था। यह सुनकर एडवर्ड
बौखला गया। उसने चिल्लाते हुए कहा, "यह सब
सरासर झूठ है। जॉर्ज को तुम लोगों ने मारा
था। मैंने नहीं।" और आखिर मैं उसे क्यों
मारूंगा? डॉक्टर कोली ने कहा क्योंकि उसने
तुम्हें लेडीज के नाम से बुलाया था और तुम
यह बर्दाश्त नहीं कर पाए। इस हॉस्पिटल में
जॉर्ज तुम्हारा सबसे नजदीकी था। तुमने उसे
लेकर भी दिमाग में कहानी बना दी जिसमें
तुम उससे डैडम जेल में मिले थे। जबकि
तुम्हारी उससे मुलाकात यहीं हुई थी। वह
तुम्हें बार-बार सच याद दिलाने की कोशिश
करता था। पर तुम्हारा दिमाग उसकी बातों को
तोड़ मरोड़ कर एक नई कहानी बना देता था।
उसने तुम्हें समझाने की कोशिश की कि अगर
तुम ठीक नहीं हुए तो तुम्हारी लबोटमी
सर्जरी कर दी जाएगी। लेबोटमी सर्जरी उन
खतरनाक मरीजों पर की जाती है जिनका इलाज
करना नामुमकिन होता है। जिन पेशेंट्स पर
यह सर्जरी की जाती है वे जिंदा लाश बन
जाते हैं और फिर वह दूसरों को नुकसान नहीं
पहुंचा पाते हैं। पर तुमने लबोटमी सर्जरी
वाली बात को भी तोड़ मरोड़ कर इललीगल
ह्यूमन एक्सपेरिमेंट की कहानी बना ली।
डॉक्टर कोली ने आगे बताया कि वे एडवर्ड की
एक-एक हरकत पर नजर रखे हुए थे और उसकी हर
बातचीत को भी रिकॉर्ड कर रहे थे। उन्होंने
एडवर्ड को उसके और जॉर्ज की हाल ही में
हुई बातचीत की ट्रांसक्रिप्शन भी दिखाई और
कहा यह देखो तुम जब वार्ड सी में जॉर्ज से
मिले थे और उससे उसके जख्मों के बारे में
पूछा था तो उसने कहा था यह चोटें तुम्हारी
ही देन है। जॉर्ज ने तुमसे यह भी कहा था
कि जब तक तुम डोलरस को नहीं भुलाओगे तुम
लेडीज के पीछे ही पड़े रहोगे और यहां से
कभी निकल नहीं पाओगे। वो तुम्हें यह
समझाने की कोशिश कर रहा था कि तुम जब तक
डोलरस के लिए खुद को माफ नहीं करोगे। तुम
अपने इस एडवर्ड वाली शख्सियत में फंसे
रहोगे और लेडीज के पीछे भागते रहोगे। जिस
वजह से तुम्हारा पागलपन कभी ठीक नहीं होगा
और तुम यहां से कभी निकल नहीं पाओगे।
तुम्हें अपनी सच्चाई को कबूल करना ही होगा
एंड्रियो। लेकिन एडवर्ड को डॉक्टर कोली की
यह बातें सफेद झूठी ही लग रही थी। उसने
कोली की बातों को एक सिरे से नकार दिया और
फिर चक के बारे में पूछने लगा कि वो कहां
है और उन्होंने उसके साथ क्या किया। तभी
दरवाजा खुला और चक ने कमरे के अंदर कदम
रखा। वह सीधे जाकर डॉक्टर कोली के पास
खड़ा हो गया। यह देखकर एडवर्ड की आंखें
हैरानी से फैल गई। डॉक्टर कोली ने चक की
तरफ इशारा करते हुए कहा, एंड्र्यू यही
डॉक्टर शहन है। पिछले दो सालों से यही
तुम्हारा इलाज कर रहे हैं। यह सुनकर
एडवर्ड को जैसे झटका लगा, उसे विश्वास
नहीं हो रहा था कि चक भी उनके साथ मिला
हुआ था। एडवर्ड गुस्से से पागल हो गया।
उसने झपटकर डेस्क पर रखी बंदूक उठाई और
डॉक्टर कोली पर गोली चला दी। गोली कोली के
सीने को चीरती हुई आर-पार निकल गई और
चारों तरफ खून बिखर गया। पर कोली वहीं
खड़ा रहा। अगले ही पल कोली के खून और जख्म
सब गायब हो गए। एडवर्ड हैरान रह गया।
एडवर्ड ने फिर जब अपनी बंदूक की तरफ देखा
तो वह महज एक प्लास्टिक की नकली बंदूक
निकली। यानी कि अभी एडवर्ड ने जो देखा था
वह हुआ ही नहीं था। ना ही गोली चली थी और
ना ही खून बहा था। यह सब उसका दिमागी भ्रम
था। डॉक्टर कोली अपने हाथ में कुछ
तस्वीरें लेकर उसके पास आए और एडवर्ड को
दिखाने लगे। उन तस्वीरों में पानी में
डूबकर मरे तीन मासूम बच्चे दिख रहे थे।
कोली ने कहा, क्या तुम इन्हें भी नकार
दोगे? एंड्रियो अपनी बेटी के वजूद से भी
इंकार करोगे जो बार-बार तुम्हारे सपनों
में आती है। एडवर्ड की नजर तस्वीर में
मौजूद बच्ची पर ठहर गई। उसे सब कुछ याद
आने लगा था। वो बच्ची उसकी अपनी बेटी थी
और उसका नाम रिचल था। एडवर्ड की आंखें भर
आई। एडवर्ड को यह भी याद आ गया कि वो
एडवर्ड नहीं बल्कि एंड्र्यू था। 2 साल
पहले एंड्र्यू और उसकी पत्नी डोलरस के बीच
तनाव चल रहा था। सेकंड वर्ल्ड वॉर से
लौटने के बाद एंड्र्यू थोड़ा डिप्रेशन में
रहने लगा था। उसने खुद को अपने काम में
झोंक दिया और बाकी समय वह शराब में डूबा
रहने लगा। परिवार से उसका ध्यान बिल्कुल
हट गया था। उसके ऐसे बर्ताव की वजह से
डोलरस का भी मानसिक संतुलन बिगड़ गया। एक
दिन डोलरस ने अपने पागलपन में फ्लैट में
आग लगा दी। पर इसके बाद भी एंड्र्यू ने
डोलरस की बिगड़ती हालत पर कोई खास ध्यान
नहीं दिया। इसके कुछ ही दिनों बाद
एंड्रियो ने झील के किनारे अपना एक नया घर
लिया। जहां वो डोलरस और अपने बच्चों को
लेकर शिफ्ट हो गया। कई दिनों तक काम में
उलझे रहने के बाद जब एंड्र्यू घर लौटा तो
उसने डोलरस को झील के किनारे बैठा पाया।
पूरी तरह भीगी हुई चुप और खोई हुई।
एंड्र्यू की नजर जब झील की तरफ गई तो उसके
पैरों तले से जमीन खिसक गई। डोलरस ने
पागलपन में तीनों बच्चों को झील में
डूबाकर मार डाला था। एंड्र्यू बदहवासी में
दौड़ा और बच्चों की लाशों को तुरंत झील से
बाहर निकाला। फिर डोलरस एंड्र्यू के पास
आई। उसने एंड्र्यू को गले लगाते हुए कहा,
"प्लीज एंड्र्यू, मुझे इस नर्क जैसी
जिंदगी से आजाद कर दो।" एंड्र्यू समझ चुका
था कि उसने डोलरस को खो दिया है। अब वह
दोबारा कभी पहले जैसी नहीं हो सकती। उसने
कलेजे पर पत्थर रखकर डोलरस पर गोली चला
दी। यह सब याद आने के बाद एंड्रियो अपने
होश कायम नहीं रख सका और बेहोश होकर गिर
पड़ा। एंड्र्यू की जब आंखें खुली तो वह
बिस्तर पर था। कोली ने उससे पूछा, अब बताओ
एंड्र्यू तुम यहां क्यों हो? हम सारी
बातें तुम्हारे मुंह से सुनना चाहते हैं।
एंड्र्यू की आंखें भर आई। उसने कांपती
आवाज में कहा, मैंने अपनी बीवी डोलरस को
मार डाला था। उसके बाद मेरी दिमागी हालत
बिगड़ गई। इसलिए मुझे यहां भर्ती किया
गया। डोलरस बार-बार कहती थी कि उसका दिमाग
उसके काबू में नहीं है। पर मैंने कभी उसे
सीरियसली नहीं लिया। जब तक मुझे अपनी गलती
का एहसास हुआ तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मेरी वजह से ही मेरे बच्चे और बीवी मारे
गए। मैं उनका गुनहगार हूं। इतना कहकर
एंड्र्यू चुप हो गया। कुछ पलों की चुप्पी
के बाद डॉक्टर कोली ने फिर आगे बताया जब
तुम्हें ऐशक्लिफ में एडमिट कराया गया तो
तुमने अपने दिमाग में एक और कहानी गढ़ ली
जिसके मुताबिक ऐशक्लिफ से रेचल नाम की
मरीज गायब हो गई थी और तुम्हें यहां पर
उसकी इन्वेस्टिगेशन करने के लिए भेजा गया
था। तुम्हारा दिमाग इसी तरह की झूठी
कहानियां गढ़कर तुम्हें सच्चाई से दूर
रखने की कोशिश कर रहा था और जब तक तुम
सच्चाई को स्वीकार नहीं कर लेते हम
तुम्हारा इलाज नहीं कर सकते थे। इसलिए
हमने एक अलग रास्ता चुना और यह तय किया कि
हम पहले यह साबित करने की कोशिश करेंगे कि
तुम्हारी कहानियां कितनी बेबुनियादी हैं।
इसके लिए हमने तुम्हारी ही कहानियों के
मुताबिक यह सारा नाटक रचा ताकि तुम अपनी
आंखों से देखो कि जो तुम सोच रहे हो वो
मुमकिन नहीं है। जैसे कि पेशेंट नंबर 67
रिचल सोलैंडो तुम्हारे पार्टनर का गायब
होना और हॉस्पिटल में पेशेंट्स पर हो रहे
इललीगल एक्सपेरिमेंट्स यह सब तुम्हारी
कोरी कल्पनाएं हैं। डॉक्टर कोली ने आगे
बताया तुम्हारे खतरनाक बर्ताव को ध्यान
में रखते हुए एशक्लिफ के बोर्ड ऑफ
डायरेक्टर्स हम पर दबाव डाल रहे हैं कि
अगर हम तुम्हें सब कुछ याद दिलाने में सफल
नहीं रहे तो तुम्हारे दिमाग की लैबोट
सर्जरी कर दी जाए जिसके बाद तुम एक जिंदा
लाश बनकर रह जाओगे और फिर किसी को तुमसे
खतरा नहीं होगा इस पर हैरान होते हुए
एंड्र्यू ने बोला पर मैं समझा नहीं डॉक्टर
मुझे तो अब सब याद आ गया है डॉक्टर कोली
ने कहा बिल्कुल एंड्र्यू पर यह
एक्सपेरिमेंट पहली बार नहीं किया गया है
आज से 9 महीने पहले भी यही एक्सपेर मेंट
तुम पर किया गया था और तुम्हें इसी तरीके
से सब कुछ याद भी आ गया था। पर तुम दोबारा
सब कुछ भूल गए और फिर से अपनी कल्पना में
जीने लगे। पर इस बार यह तुम्हारा आखिरी
मौका है। जिसके बाद अगर तुम वापस से
एडवर्ड बने तो तुम्हारी ब्रेन सर्जरी की
जानी तय है। अगली सुबह एंड्र्यू हॉस्पिटल
की सीढ़ियों पर बैठा था। डॉक्टर कोली और
डॉक्टर नेरिंग दूर से ही उसे देख रहे थे।
उन्हें चिंता थी कि कहीं वह दोबारा से
एडवर्ड ना बन जाए। तभी डॉक्टर शीहन
एंड्र्यू के बगल में आकर बैठ गए और पूछा,
तो अब आगे क्या सोचा है? इस पर एंड्रियो
ने कहा, "हें किसी भी तरह इस आइलैंड से
निकलना होगा चक।" डॉक्टर शहन एंड्र्यू के
मुंह से एक बार फिर चक सुनकर निराश हो गए।
वह समझ गए कि एंड्र्यू का दिमाग फिर से
रिसेट हो चुका है और वह एडवर्ड बनकर वापस
अपनी कल्पनाओं की दुनिया में फंस गया है।
उन्होंने डॉक्टर कोली की तरफ देखकर इशारा
किया कि एंड्रियो फिर से एडवर्ड बन चुका
है। डॉक्टर कोली के पास अब कोई भी चारा
नहीं रह गया था। उन्होंने मजबूरी में
आखिरकार ब्रेन सर्जरी करने का फैसला ले
लिया। इसके बाद डॉक्टर कोली, डॉक्टर
नेरिंग और हॉस्पिटल स्टाफ उसकी तरफ बढ़ने
लगे ताकि उसे सर्जरी के लिए ले जा सके। यह
देखकर एंड्रियो ने उठते हुए शहन से कहा,
"जते हो चक, मेरे मन में कभी-कभी ख्याल
आता है कि ज्यादा बुरी बात क्या हो सकती
है। राक्षस बनकर जीना या फिर एक अच्छे
इंसान के रूप में मर जाना। मेरे ख्याल से
अच्छे इंसान के रूप में मर जाना ही बेहतर
है। इतना कहकर वो आगे बढ़ गया। शहन
एंड्र्यू की बातों का मतलब समझकर चौंक गए।
वह जान गए थे कि एंड्रियो कुछ भी भला नहीं
था। उसे सब याद था। पर वह ऐसी यादों के
साथ नहीं जीना चाहता था जहां अपने परिवार
की मौत का जिम्मेदार वह खुद था। इस बोझ के
साथ जीना उसके लिए मौत से भी बदतर था।
इसलिए उसने इस बार जानबूझकर यह नाटक किया
कि वह अब तक ठीक नहीं हुआ ताकि उसकी
सर्जरी की जाए और वह अपनी यादों से हमेशा
के लिए मुक्ति पा ले। एंड्र्यू को अब
लबोटमी सर्जरी के लिए ले जाया जाने लगा।
जहां वो सर्जरी के बाद हमेशा हमेशा के लिए
अपनी बुरी यादों से आजाद होने वाला था। इस
फिल्म को लेकर फैंस में अब तक बहुत ज्यादा
डिबेट हुई है। कई फैंस मानते हैं कि इस
फिल्म के आखिर में जो दिखाया गया है वह
सरासर झूठ है। उनके मुताबिक एडवर्ड पागल
नहीं था बल्कि हॉस्पिटल के लोग आखिर में
उसे पागल बनाने में सफल हो गए थे ताकि वह
हॉस्पिटल के इस राज को सामने ना ला सके कि
वहां सच में पेशेंट्स पर एक्सपेरिमेंट्स
किए जा रहे हैं। लेकिन हमारे मुताबिक यह
दूसरी थ्योरी बिल्कुल गलत है। क्योंकि
एडवर्ड जब पहली बार डॉक्टर कोली से मिला
था तब डॉक्टर कोली ने उसे नकली रेचेल की
तस्वीर दिखाई थी। उस तस्वीर को देखते ही
एडवर्ड को अपने दिमाग में बच्ची रेचेल की
झलक दिखाई दी थी। फिल्म में इस सीन से
पहले एडवर्ड ने बच्ची रेचेल की तस्वीर को
कभी नहीं देखा था। यानी कि बच्ची रेचल की
यादें पहले से उसके दिमाग में थी। जो फैंस
दूसरी थ्योरी को मानते हैं जिसमें एडवर्ड
पागल नहीं है। वो मानते हैं कि वह बच्ची
रेचेल कोई जीव लड़की थी। जिसकी लाश को
एडवर्ड ने नाजी कैंप में देखा था और वह
उसके दिमाग में छप गई थी। इसलिए एडवर्ड को
उस बच्ची की झलक बार-बार दिखाई देती थी।
लेकिन यह लॉजिक तब गलत हो जाता है जब
फिल्म के आखिर में डॉक्टर कोली एडवर्ड को
बच्ची रेचेल की तस्वीर दिखाते हैं। अगर वह
कोई आम जीव बच्ची थी जिसे एडवर्ड ने नाजी
कैंप में देखा था तो डॉक्टर कोली के पास
उसकी तस्वीर का होना मुमकिन नहीं था। इससे
यह दूसरी थ्योरी बिल्कुल गलत साबित हो
जाती है और यह साफ हो जाता है कि एडवर्ड
डेनियल्स दरअसल एंड्र्यू लेडी ही था जो
अपने परिवार को खोने के बाद पागल हो गया
था और ऐशक्लिफ के डॉक्टर्स ने उसका इलाज
करने के लिए यह सारा नाटक रचा था। दोस्तों
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